नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!
क्या आप अपनी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने और समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की गहराई को मापने के लिए तैयार हैं? आज का यह अभ्यास सेट न केवल आपके ज्ञान का परीक्षण करेगा, बल्कि आपको जटिल सिद्धांतों और समकालीन सामाजिक मुद्दों के बीच संबंध स्थापित करने में मदद करेगा। अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को धार देने के लिए इस बौद्धिक चुनौती में कूद पड़ें!
- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:
- (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
- (B) सामाजिक मानदंडों का पतन हो जाता है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं।
- (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है।
- (D) आर्थिक असमानता अपने चरम पर होती है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ का उपयोग उस स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जहाँ समाज में नियामक मानदंडों का अभाव होता है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह विशेष रूप से तीव्र सामाजिक परिवर्तनों (जैसे आर्थिक संकट) के दौरान होता है।
संदर्भ: यह अवधारणा उनकी प्रसिद्ध कृति ‘Suicide’ (1897) में विस्तार से दी गई है।
अन्य विकल्प: (A) अति-नियमन को ‘Fatalism’ कहते हैं। (C) यह मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) के करीब है। (D) यह एक कारक हो सकता है, लेकिन परिभाषा नहीं। - मैक्स वेबर के ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) समाज के लिए एक आदर्श दुनिया का निर्माण करना।
- (B) सामाजिक वास्तविकता की तुलना के लिए एक मानसिक निर्माण या बेंचमार्क बनाना।
- (C) यह बताना कि समाज को कैसा होना चाहिए।
- (D) केवल सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप एक विश्लेषणात्मक उपकरण है जिसका उपयोग वेबर ने सामाजिक घटनाओं की तुलना करने के लिए किया। यह वास्तविकता का सटीक विवरण नहीं है, बल्कि एक ‘शुद्ध रूप’ है जिससे वास्तविक मामलों की तुलना की जा सकती है।
संदर्भ: वेबर का व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology)।
अन्य विकल्प: (A) और (C) इसे एक नैतिक आदर्श मानते हैं, जबकि यह एक पद्धतिगत उपकरण (Methodological tool) है। (D) यह गुणात्मक विश्लेषण है, न कि केवल सांख्यिकीय। - कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का सबसे बुनियादी कारण क्या है?
- (A) धार्मिक अंधविश्वास।
- (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में निजी स्वामित्व।
- (C) शिक्षा का अभाव।
- (D) परिवार का विघटन।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क था कि जब उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व होता है, तो श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है।
संदर्भ: ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’।
अन्य विकल्प: (A), (C) और (D) सामाजिक समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन मार्क्स के लिए अलगाव का मूल कारण आर्थिक संरचना (Base) है। - टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) अनुकूलन (Adaptation)
- (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)
सही उत्तर: (D)
विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्यों की आवश्यकता होती है। ‘Latency’ का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि समाज की स्थिरता बनी रहे।
संदर्भ: संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural-Functionalism)।
अन्य विकल्प: (A) अर्थव्यवस्था से संबंधित है, (B) राजनीति से, और (C) कानून/समुदाय से। - जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
- (A) यह जन्मजात होता है।
- (B) केवल जैविक विकास के माध्यम से।
- (C) सामाजिक अंतःक्रिया और दूसरों के नजरिए को अपनाने (Role-taking) के माध्यम से।
- (D) केवल दंड और पुरस्कार के माध्यम से।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: मीड ने तर्क दिया कि ‘स्व’ सामाजिक अनुभवों का परिणाम है। जब व्यक्ति दूसरों की भूमिका निभाता है और खुद को उनकी नजरों से देखता है, तब ‘I’ और ‘Me’ का विकास होता है।
संदर्भ: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)।
अन्य विकल्प: (A) और (B) प्रकृति (Nature) पर जोर देते हैं, जबकि मीड पोषण (Nurture) और समाज पर। (D) यह व्यवहारवाद (Behaviorism) का दृष्टिकोण है। - ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी थी?
- (A) अगस्त कॉम्टे
- (B) विलियम एफ. ऑगबर्न
- (C) हरबर्ट स्पेंसर
- (D) रॉबर्ट मर्टन
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है, जबकि गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास) धीमी गति से बदलती है। इस अंतराल को ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ कहा जाता है।
संदर्भ: सामाजिक परिवर्तन का सिद्धांत।
अन्य विकल्प: (A) समाजशास्त्र के जनक हैं, (C) सामाजिक डार्विनवाद के लिए जाने जाते हैं, (D) प्रकटीकरण और प्रच्छन्न कार्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। - सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) का मुख्य लक्षण क्या है?
- (A) यह केवल व्यक्तिगत भिन्नता पर आधारित है।
- (B) यह समाज में संसाधनों का असमान वितरण और श्रेणीबद्ध विभाजन है।
- (C) यह केवल आर्थिक स्थिति से निर्धारित होता है।
- (D) यह पूरी तरह से अस्थिर और परिवर्तनशील होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा समाज को विभिन्न स्तरों (जैसे जाति, वर्ग, लिंग) में विभाजित किया जाता है, जहाँ कुछ समूहों के पास दूसरों की तुलना में अधिक शक्ति और संसाधन होते हैं।
संदर्भ: समाजशास्त्रीय मूल अवधारणाएं।
अन्य विकल्प: (A) यह सामूहिक है, व्यक्तिगत नहीं। (C) इसमें प्रतिष्ठा और शक्ति भी शामिल हैं। (D) स्तरीकरण अक्सर संस्थागत और स्थिर होता है। - रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार ‘प्रकटीकरण कार्य’ (Manifest Function) क्या है?
- (A) वह परिणाम जो अनपेक्षित और अज्ञात होता है।
- (B) वह परिणाम जो जानबूझकर लाया गया और मान्यता प्राप्त होता है।
- (C) वह कार्य जो समाज के लिए हानिकारक होता है।
- (D) वह कार्य जो केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मर्टन ने कार्यों को दो भागों में बांटा। प्रकटीकरण कार्य वे होते हैं जिनके बारे में लोग जानते हैं और जो इच्छित होते हैं (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना है)।
संदर्भ: मर्टन का कार्यात्मक विश्लेषण।
अन्य विकल्प: (A) यह ‘प्रच्छन्न कार्य’ (Latent Function) है। (C) यह ‘दुष्कार्य’ (Dysfunction) है। - सामाजिक संरचना (Social Structure) का अर्थ है:
- (A) केवल इमारतों और भौतिक बुनियादी ढांचे का समूह।
- (B) सामाजिक संबंधों और संस्थाओं का एक स्थिर और व्यवस्थित पैटर्न।
- (C) समाज में होने वाले आकस्मिक परिवर्तन।
- (D) केवल सरकार और प्रशासन का ढांचा।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: सामाजिक संरचना समाज के उन स्थायी तत्वों (जैसे परिवार, धर्म, वर्ग) का समूह है जो व्यक्ति के व्यवहार को दिशा देते हैं और समाज को स्थिरता प्रदान करते हैं।
संदर्भ: समाजशास्त्रीय सिद्धांत।
अन्य विकल्प: (A) यह भौतिक संरचना है। (C) संरचना स्थिरता की बात करती है, परिवर्तन की नहीं। (D) यह संरचना का केवल एक छोटा हिस्सा (राजनीतिक) है। - ‘स्टेटस’ (Status) और ‘रोल’ (Role) के बीच क्या संबंध है?
- (A) दोनों एक ही बात हैं।
- (B) स्टेटस एक सामाजिक स्थिति है, जबकि रोल उस स्थिति से जुड़ी अपेक्षित भूमिका है।
- (C) रोल पहले आता है, उसके बाद स्टेटस मिलता है।
- (D) स्टेटस केवल अर्जित किया जाता है, जबकि रोल जन्मजात होता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: स्टेटस समाज में व्यक्ति का स्थान है (जैसे ‘डॉक्टर’), और रोल वह व्यवहार है जिसकी उस स्थान से अपेक्षा की जाती है (जैसे ‘मरीजों का इलाज करना’)।
संदर्भ: सामाजिक अंतःक्रिया।
अन्य विकल्प: (A) गलत है क्योंकि एक स्थिति है और दूसरा व्यवहार। (C) स्टेटस के बिना रोल की कल्पना नहीं की जा सकती। (D) स्टेटस ascribed (प्रदत्त) और achieved (अर्जित) दोनों हो सकते हैं। - ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर किस विचारक ने धर्म के विश्लेषण में उपयोग किया?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) कार्ल मार्क्स
- (C) एमिल दुर्खीम
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का मूल आधार चीजों को दो श्रेणियों में बांटना है: पवित्र (जो विशेष सम्मान प्राप्त है) और अपवित्र (जो दैनिक जीवन की सामान्य चीजें हैं)।
संदर्भ: ‘The Elementary Forms of the Religious Life’।
अन्य विकल्प: (A) वेबर ने धर्म के आर्थिक प्रभावों (Protestant Ethic) पर ध्यान दिया। (B) मार्क्स ने धर्म को ‘अफीम’ कहा। - हिंदू विवाह प्रणाली में ‘अंतर्विवाह’ (Endogamy) का अर्थ है:
- (A) अपने ही समूह या जाति के भीतर विवाह करना।
- (B) अपने समूह के बाहर विवाह करना।
- (C) एक साथ कई विवाह करना।
- (D) बिना किसी रीति-रिवाज के विवाह करना।
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: अंतर्विवाह वह नियम है जिसके अनुसार व्यक्ति को अपनी ही जाति, उपजाति या सामाजिक समूह के भीतर जीवनसाथी चुनना होता है। यह सामाजिक स्तरीकरण को बनाए रखने में मदद करता है।
संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र/नातेदारी।
अन्य विकल्प: (B) इसे ‘बहिर्विवाह’ (Exogamy) कहते हैं। (C) यह ‘बहुविवाह’ (Polygamy) है। - शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?
- (A) वह पाठ्यक्रम जो गुप्त रूप से सरकार द्वारा बनाया गया हो।
- (B) वह अनौपचारिक मूल्य, व्यवहार और मानदंड जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं।
- (C) केवल तकनीकी शिक्षा जो किताबों में नहीं होती।
- (D) वह पाठ्यक्रम जिसे शिक्षक पढ़ाना भूल जाते हैं।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: हिडन करिकुलम वह अनकहा पाठ है जो छात्रों को सत्ता के प्रति आज्ञाकारिता, समय की पाबंदी और सामाजिक पदानुक्रम सिखाता है, जो आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं होता।
संदर्भ: शिक्षा का समाजशास्त्र।
अन्य विकल्प: (A), (C) और (D) शब्द के शाब्दिक अर्थ पर आधारित हैं, समाजशास्त्रीय अर्थ पर नहीं। - ‘नातेदारी’ (Kinship) का वह रूप जिसमें वंश पिता की ओर से चलता है, क्या कहलाता है?
- (A) मातृवंशीय (Matrilineal)
- (B) पितृवंशीय (Patrilineal)
- (C) द्विपक्षीय (Bilateral)
- (D) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: पितृवंशीय प्रणाली में नाम, संपत्ति और वंश पिता से पुत्र की ओर स्थानांतरित होते हैं। यह भारतीय समाज के अधिकांश हिस्सों में प्रचलित है।
संदर्भ: नातेदारी और परिवार।
अन्य विकल्प: (A) में वंश माता की ओर से चलता है (जैसे मेघालय की खासी जनजाति)। (C) में दोनों पक्षों को समान महत्व दिया जाता है। - धर्म का ‘सामाजिक एकीकरण’ (Social Integration) में योगदान किस परिप्रेक्ष्य का मुख्य तर्क है?
- (A) संघर्ष परिप्रेक्ष्य (Conflict Perspective)
- (B) प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)
- (C) प्रकार्यवादी परिप्रेक्ष्य (Functionalist Perspective)
- (D) नारीवादी परिप्रेक्ष्य (Feminist Perspective)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवादियों (जैसे दुर्खीम) का मानना है कि धर्म साझा मूल्यों और अनुष्ठानों के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधता है और सामाजिक एकजुटता बढ़ाता है।
संदर्भ: समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य।
अन्य विकल्प: (A) धर्म को शोषण का साधन मानता है। (B) यह व्यक्तिगत अर्थों पर ध्यान देता है। (D) यह धर्म को पितृसत्ता के उपकरण के रूप में देखता है। - एक ‘अनुदैर्ध्य अध्ययन’ (Longitudinal Study) की मुख्य विशेषता क्या है?
- (A) एक ही समय पर बहुत सारे लोगों का अध्ययन करना।
- (B) एक ही समूह के लोगों का लंबे समय तक, अलग-अलग समय अंतरालों पर अध्ययन करना।
- (C) केवल पुस्तकालयों में बैठकर डेटा एकत्र करना।
- (D) केवल एक व्यक्ति का गहन अध्ययन करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुदैर्ध्य अध्ययन समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को ट्रैक करते हैं। (उदाहरण के लिए, हालिया इतालवी अध्ययन जिसने यह देखा कि शुरुआती सोशल मीडिया उपयोग का छात्रों के दीर्घकालिक शैक्षणिक परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ा)।
संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।
अन्य विकल्प: (A) ‘क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन’ है। (D) ‘केस स्टडी’ है। - समाजशास्त्र में ‘क्षेत्र कार्य’ (Fieldwork) या नृवंशविज्ञान (Ethnography) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) प्रयोगशाला में प्रयोग करना।
- (B) लोगों के स्वाभाविक परिवेश में उनके साथ रहकर उनके व्यवहार और संस्कृति को समझना।
- (C) केवल सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण करना।
- (D) सर्वेक्षण के माध्यम से快速 डेटा प्राप्त करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: फील्डवर्क में शोधकर्ता स्वयं उस परिवेश में जाता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है। (जैसे हाल ही में एक समाजशास्त्र छात्रा द्वारा पुराने माइनिंग-टाउन के केबिन की खुदाई कर वहां के जीवन को समझना)।
संदर्भ: गुणात्मक अनुसंधान विधियाँ।
अन्य विकल्प: (A) यह प्राकृतिक विज्ञान की विधि है। (C) यह द्वितीयक डेटा विश्लेषण है। (D) यह मात्रात्मक (Quantitative) विधि है। - ‘ट्राइएंगुलेशन’ (Triangulation) विधि का उपयोग शोध में क्यों किया जाता है?
- (A) डेटा को कम करने के लिए।
- (B) शोध की वैधता (Validity) और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए कई विधियों का उपयोग करना।
- (C) केवल एक ही स्रोत पर निर्भर रहने के लिए।
- (D) शोध की लागत घटाने के लिए।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब एक ही घटना का अध्ययन करने के लिए साक्षात्कार, सर्वेक्षण और अवलोकन जैसी विभिन्न विधियों का उपयोग किया जाता है, तो उसे ट्राइएंगुलेशन कहते हैं, जिससे निष्कर्ष अधिक सटीक होते हैं।
संदर्भ: अनुसंधान डिजाइन।
अन्य विकल्प: (A), (C), (D) शोध की गुणवत्ता को कम करते हैं या उससे संबंधित नहीं हैं। - एक शोध में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?
- (A) यह कि शोध वास्तव में वही माप रहा है जिसे मापने का उसने दावा किया है।
- (B) यह कि यदि वही शोध दोबारा किया जाए, तो परिणाम समान या स्थिर आएंगे।
- (C) शोध का नैतिक होना।
- (D) शोध का बहुत महंगा होना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता स्थिरता (Consistency) से जुड़ी है। यदि एक ही उपकरण का उपयोग अलग-अलग समय पर किया जाए और परिणाम समान आएं, तो वह विश्वसनीय है।
संदर्भ: माप और मूल्यांकन।
अन्य विकल्प: (A) यह ‘वैधता’ (Validity) की परिभाषा है। - एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
- (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण करना।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास।
- (C) पश्चिमी संस्कृति को पूरी तरह अपना लेना।
- (D) जाति व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर देना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति उच्च जाति (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों, आहार और अनुष्ठानों को अपनाकर सामाजिक पदानुक्रम में ऊपर उठने की कोशिश करती है।
संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र – एम.एन. श्रीनिवास।
अन्य विकल्प: (A) यह उत्पीड़न है। (C) यह ‘पश्चिमीकरण’ (Westernization) है। (D) यह जाति उन्मूलन है। - ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त आवश्यक है?
- (A) केवल संख्यात्मक बहुलता।
- (B) केवल उच्च अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status)।
- (C) संख्यात्मक बहुलता, आर्थिक शक्ति (भूमि स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन।
- (D) केवल शहरी क्षेत्रों में प्रभाव।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति तब प्रभावी होती है जब उसके पास पर्याप्त संख्या हो, वह गांव की अधिकांश भूमि का स्वामी हो और राजनीतिक रूप से शक्तिशाली हो, भले ही उसकी अनुष्ठानिक स्थिति सबसे ऊपर न हो।
संदर्भ: ग्रामीण समाजशास्त्र – भारत।
अन्य विकल्प: (A) और (B) पर्याप्त नहीं हैं; तीनों का संयोजन आवश्यक है। - भारतीय समाज में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य है?
- (A) केवल ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनाना।
- (B) डिजिटल संसाधनों और तकनीक तक पहुंच में जाति आधारित असमानता का बने रहना।
- (C) इंटरनेट पर जाति विरोधी अभियान चलाना।
- (D) सभी जातियों का तकनीक के माध्यम से समान होना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह समकालीन अवधारणा है जो बताती है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएं (जैसे जाति) डिजिटल विभाजन (Digital Divide) के रूप में प्रकट होती हैं, जहाँ हाशिए के समूहों की तकनीक और सूचना तक पहुंच कम होती है।
संदर्भ: समकालीन भारतीय समाज।
अन्य विकल्प: (A) यह एक प्रशासनिक कार्य है। (D) यह एक आदर्श स्थिति है, वास्तविकता नहीं। - भारत की जनजातियों के संदर्भ में ‘एकीकरण’ (Integration) और ‘आत्मसातीकरण’ (Assimilation) में क्या अंतर है?
- (A) दोनों एक ही हैं।
- (B) एकीकरण में अपनी पहचान बनाए रखते हुए मुख्यधारा से जुड़ना शामिल है, जबकि आत्मसातीकरण में अपनी मूल पहचान खोकर दूसरी संस्कृति में घुलमिल जाना शामिल है।
- (C) आत्मसातीकरण अधिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
- (D) एकीकरण केवल जबरन किया जाता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: एकीकरण (Integration) बहुलवाद को स्वीकार करता है, जबकि आत्मसातीकरण (Assimilation) एकरूपता पर जोर देता है जहाँ अल्पसंख्यक समूह अपनी विशिष्टता खो देता है।
संदर्भ: जनजातीय समाजशास्त्र।
अन्य विकल्प: (C) एकीकरण अधिक सम्मानजनक है। (D) आत्मसातीकरण अक्सर जबरन थोपा जाता है। - शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) क्या है?
- (A) झुग्गी-बस्तियों का विस्तार होना।
- (B) शहर के पुराने या गरीब इलाकों का पुनर्विकास, जिससे वहां अमीर लोग बसते हैं और गरीब विस्थापित हो जाते हैं।
- (C) ग्रामीण लोगों का शहर की ओर पलायन।
- (D) शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन एक शहरी प्रक्रिया है जिसमें निम्न-आय वाले क्षेत्रों का नवीनीकरण किया जाता है, जिससे संपत्ति की कीमतें बढ़ती हैं और वहां के मूल गरीब निवासी वहां से हटने को मजबूर हो जाते हैं।
संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र।
अन्य विकल्प: (A) यह शहरी क्षरण (Urban Decay) है। (C) यह शहरीकरण (Urbanization) है। - स्वास्थ्य के समाजशास्त्र (Sociology of Health) के अनुसार, विकलांगता और जीवन प्रत्याशा (Longevity) को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक क्या है?
- (A) केवल आनुवंशिक कारण।
- (B) सामाजिक-आर्थिक स्थिति, कार्यस्थल की स्थितियां और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच।
- (C) केवल व्यक्तिगत इच्छाशक्ति।
- (D) केवल व्यायाम और आहार।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: स्वास्थ्य केवल जैविक नहीं, बल्कि सामाजिक होता है। (जैसे हालिया शोध में पाया गया कि मध्य जीवन के लातीनो श्रमिकों में विकलांगता और जीवन प्रत्याशा के जोखिम उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और काम की परिस्थितियों से जुड़े हैं)।
संदर्भ: स्वास्थ्य और समाज।
अन्य विकल्प: (A), (C) और (D) स्वास्थ्य के केवल सूक्ष्म पहलुओं को देखते हैं, जबकि समाजशास्त्र व्यापक संरचनात्मक कारकों पर जोर देता है। - ‘मानव-प्रकृति धारणाएं’ (Human-Nature Assumptions) गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को कैसे प्रभावित करती हैं?
- (A) वे बिल्कुल प्रभाव नहीं डालतीं।
- (B) यदि कार्यक्रम लोगों की प्रकृति और पर्यावरण के साथ उनके संबंध की गलत धारणा पर आधारित हैं, तो वे विफल हो सकते हैं।
- (C) वे केवल विकसित देशों में महत्वपूर्ण हैं।
- (D) वे केवल आर्थिक गणनाओं तक सीमित हैं।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: गरीबी उन्मूलन के लिए अपनाए गए दृष्टिकोण (जैसे सशक्तिकरण आधारित मॉडल) इस बात पर निर्भर करते हैं कि हम मनुष्य और प्रकृति के संबंध को कैसे देखते हैं। गलत धारणाएं लोगों की प्रेरणा (Motivation) को कम कर सकती हैं।
संदर्भ: पर्यावरण समाजशास्त्र और विकास।
अन्य विकल्प: (A) धारणाएं व्यवहार को निर्देशित करती हैं, इसलिए वे प्रभाव डालती हैं। (C) यह वैश्विक मुद्दा है। - शहरीकरण के कारण ‘सामुदायिक भावना’ (Sense of Community) में आने वाली कमी को किस शब्द से जाना जाता है?
- (A) शहरीकरण (Urbanization)
- (B) विसंस्कृतिकरण (Deculturation)
- (C) विसंगठन या सामाजिक विखंडन (Social Fragmentation)
- (D) महानगरीयवाद (Metropolitanism)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: ग्रामीण समाज ‘गेमशानशाफ्ट’ (Gemeinschaft – घनिष्ठ समुदाय) होता है, जबकि शहरी समाज ‘गेसेलशाफ्ट’ (Gesellschaft – औपचारिक समाज) बन जाता है, जिससे सामुदायिक जुड़ाव कम हो जाता है।
संदर्भ: फर्डिनेंड टोनीज़ (Ferdinand Tönnies) का सिद्धांत।
अन्य विकल्प: (A) प्रक्रिया है, परिणाम नहीं। (D) यह केवल शहर के आकार को दर्शाता है। - समाजशास्त्र में ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का अर्थ क्या है?
- (A) कंप्यूटर का अलग-अलग ब्रांडों में विभाजित होना।
- (B) सूचना और संचार तकनीक (ICT) तक पहुंच रखने वाले और न रखने वाले लोगों के बीच की खाई।
- (C) इंटरनेट की धीमी गति।
- (D) सोशल मीडिया का उपयोग न करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: डिजिटल डिवाइड केवल तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि उसके उपयोग के कौशल और सामाजिक-आर्थिक क्षमता में अंतर को भी दर्शाता है।
संदर्भ: समकालीन सामाजिक मुद्दे।
अन्य विकल्प: (A) यह तकनीकी विवरण है। (C) यह नेटवर्क की समस्या है। - पूंजीवादी समाज में ‘वस्तुकरण’ (Commodification) का क्या अर्थ है?
- (A) वस्तुओं का अधिक उत्पादन करना।
- (B) उन चीजों को बाजार की वस्तु बनाना जिनका पहले आर्थिक मूल्य नहीं था (जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, या मानवीय भावनाएं)।
- (C) केवल विलासिता की वस्तुओं का व्यापार करना।
- (D) वस्तुओं का मुफ्त वितरण करना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: वस्तुकरण वह प्रक्रिया है जिसमें सामाजिक संबंध या सेवाएं ‘वस्तुओं’ में बदल जाती हैं जिन्हें खरीदा और बेचा जा सकता है।
संदर्भ: मार्क्सवादी समाजशास्त्र।
अन्य विकल्प: (A) यह उत्पादन (Production) है। (C) यह विशिष्ट व्यापार है। (D) यह वि-वस्तुकरण (De-commodification) की ओर कदम है। - ‘सोशल कैपिटल’ (Social Capital) की अवधारणा का मुख्य केंद्र क्या है?
- (A) बैंक में जमा पैसा।
- (B) व्यक्ति की शैक्षणिक डिग्रियां।
- (C) सामाजिक नेटवर्क, विश्वास और आपसी सहयोग से प्राप्त लाभ।
- (D) केवल राजनीतिक प्रभाव।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: पियरे बोर्दियू और रॉबर्ट पुटनम जैसे विचारकों के अनुसार, सामाजिक पूंजी वह संसाधन है जो हमें हमारे सामाजिक संबंधों और नेटवर्क के माध्यम से मिलता है।
संदर्भ: समाजशास्त्रीय सिद्धांत – संसाधन और शक्ति।
अन्य विकल्प: (A) यह आर्थिक पूंजी है। (B) यह सांस्कृतिक पूंजी (Cultural Capital) है। (D) यह राजनीतिक पूंजी का हिस्सा है।
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