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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल को परखें

समाजशास्त्र की वैचारिक गहराई: अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती दें

नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों! समाजशास्त्रीय सिद्धांतों और समकालीन सामाजिक परिवर्तनों की जटिलताओं को समझने के लिए निरंतर अभ्यास अनिवार्य है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट न केवल आपकी स्मृति का परीक्षण करेगा, बल्कि आपकी आलोचनात्मक सोच को भी निखारेगा। आइए, इस बौद्धिक यात्रा पर निकलें और अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं!


  1. एमिल दुर्खीम के अनुसार ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?
    • (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
    • (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूटने लगते हैं।
    • (C) जब व्यक्ति पूरी तरह से समाज से अलग हो जाता है।
    • (D) जब आर्थिक असमानता समाप्त हो जाती है।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ का उपयोग उस स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जहाँ समाज में व्यक्ति के व्यवहार को निर्देशित करने वाले नियम और मानदंड कमजोर हो जाते हैं, जिससे भ्रम और दिशाहीनता पैदा होती है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक या आर्थिक परिवर्तनों के दौरान होता है।
    संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘Suicide’ (1897) में प्रमुखता से आई है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) अति-नियमन (Over-regulation) है, विकल्प (C) अलगाव (Alienation) की ओर संकेत करता है।

  2. कार्ल मार्क्स के ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ (Historical Materialism) का मुख्य आधार क्या है?
    • (A) विचारों का विकास समाज को बदलता है।
    • (B) धार्मिक विश्वास सामाजिक संरचना का आधार हैं।
    • (C) उत्पादन की भौतिक स्थितियाँ और आर्थिक संबंध समाज के स्वरूप को निर्धारित करते हैं।
    • (D) महान व्यक्तियों के निर्णय इतिहास की दिशा तय करते हैं।

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का मानना था कि समाज का ‘आधार’ (Base) आर्थिक उत्पादन प्रणाली है, और इसी आधार पर ‘अधिरचना’ (Superstructure) जैसे कानून, राजनीति और धर्म टिके होते हैं।
    संदर्भ: यह मार्क्सवादी विचारधारा का केंद्र बिंदु है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) हेगेल के आदर्शवाद जैसा है, विकल्प (D) ‘महान व्यक्ति सिद्धांत’ (Great Man Theory) है।

  3. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘वेरस्टेहेन’ (Verstehen) का क्या अर्थ है?
    • (A) सांख्यिकीय आंकड़ों का विश्लेषण।
    • (B) सामाजिक क्रियाओं की सहानुभूतिपूर्ण समझ (Empathetic Understanding)।
    • (C) केवल बाहरी अवलोकन करना।
    • (D) सामाजिक नियमों का कठोर कार्यान्वयन।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: वेबर ने तर्क दिया कि समाजशास्त्रियों को केवल बाहरी व्यवहार को नहीं देखना चाहिए, बल्कि उस व्यक्ति के नजरिए से क्रिया के अर्थ को समझना चाहिए जिसने वह क्रिया की है।
    संदर्भ: यह वेबर की व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) पद्धति का हिस्सा है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) प्रत्यक्षवाद (Positivism) की विशेषता है।

  4. टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
    • (A) अनुकूलन (Adaptation)
    • (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • (C) एकीकरण (Integration)
    • (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)

    सही उत्तर: (D)
    विस्तृत व्याख्या: Latency का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से)।
    संदर्भ: यह पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural-Functionalism) का हिस्सा है।
    अन्य विकल्प: A अर्थव्यवस्था से, G राजनीति से, और I कानून/न्याय प्रणाली से संबंधित है।

  5. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट’ (Manifest) और ‘अंतर्निहित’ (Latent) कार्यों के बीच क्या अंतर बताया है?
    • (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अपेक्षित होते हैं।
    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
    • (C) दोनों एक ही हैं, बस नाम अलग हैं।
    • (D) प्रकट कार्य केवल नकारात्मक होते हैं।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, किसी सामाजिक संस्था का वह कार्य जो स्पष्ट रूप से देखा जाता है वह ‘प्रकट’ है, लेकिन उसके कुछ ऐसे प्रभाव भी होते हैं जो गुप्त होते हैं, जिन्हें ‘अंतर्निहित’ कार्य कहा जाता है।
    संदर्भ: मर्टन का कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis)।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) इनके ठीक विपरीत है।

  6. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार ‘Me’ (मैं) का क्या अर्थ है?
    • (A) व्यक्ति की सहज और रचनात्मक प्रतिक्रिया।
    • (B) समाज द्वारा थोपे गए नियमों और अपेक्षाओं का आंतरिक स्वरूप।
    • (C) केवल जैविक इच्छाएँ।
    • (D) वह हिस्सा जो कभी नहीं बदलता।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार ‘I’ व्यक्ति का सहज रूप है, जबकि ‘Me’ वह सामाजिक दर्पण है जिसमें व्यक्ति खुद को समाज की नजरों से देखता है।
    संदर्भ: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) ‘I’ (मैं) की परिभाषा है।

  7. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण क्या है?
    • (A) वर्ग प्रणाली (Class System)
    • (B) जाति प्रणाली (Caste System)
    • (C) योग्यता आधारित प्रणाली (Meritocracy)
    • (D) इनमें से कोई नहीं

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनभर नहीं बदलती, जैसे भारत की पारंपरिक जाति व्यवस्था।
    संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण के सिद्धांत।
    अन्य विकल्प: वर्ग प्रणाली ‘खुली’ (Open) होती है क्योंकि इसमें आर्थिक उन्नति से स्थिति बदली जा सकती है।

  8. ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का मुख्य विचार क्या है?
    • (A) एक संस्कृति को दूसरी संस्कृति से श्रेष्ठ मानना।
    • (B) किसी संस्कृति को उसके अपने मानदंडों और मूल्यों के संदर्भ में समझना।
    • (C) सभी संस्कृतियों को एक समान बना देना।
    • (D) केवल अपनी संस्कृति का अध्ययन करना।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण कहता है कि किसी भी संस्कृति का मूल्यांकन उसके अपने आंतरिक तर्क और इतिहास के आधार पर किया जाना चाहिए, न कि किसी बाहरी मानक (जैसे अपनी संस्कृति) से।
    संदर्भ: मानवविज्ञान और समाजशास्त्र की कार्यप्रणाली।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) ‘नृजातीय केंद्रितता’ (Ethnocentrism) है।

  9. कार्ल मार्क्स द्वारा वर्णित ‘अलगाव’ (Alienation) के चार रूपों में कौन सा शामिल नहीं है?
    • (A) उत्पाद से अलगाव
    • (B) उत्पादन की प्रक्रिया से अलगाव
    • (C) सहकर्मियों से अलगाव
    • (D) राज्य के कानूनों से अलगाव

    सही उत्तर: (D)
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स ने चार प्रकार के अलगाव बताए: उत्पाद से, प्रक्रिया से, अपनी प्रजाति (Species-being) से, और अन्य मनुष्यों/सहकर्मियों से। कानूनों से अलगाव इसमें शामिल नहीं है।
    संदर्भ: ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’।

  10. मैक्स वेबर के अनुसार ‘करिश्माई सत्ता’ (Charismatic Authority) का आधार क्या होता है?
    • (A) लिखित कानून और संविधान।
    • (B) परंपराएं और रीति-रिवाज।
    • (C) नेता के असाधारण व्यक्तिगत गुणों और आकर्षण में विश्वास।
    • (D) धन और आर्थिक शक्ति।

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: करिश्माई सत्ता तब होती है जब अनुयायी किसी नेता की विशेष शक्तियों या पवित्रता में विश्वास करते हैं, न कि किसी पद या कानून में।
    संदर्भ: वेबर का सत्ता का वर्गीकरण (Authority Types)।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) कानूनी-तार्किक सत्ता है, विकल्प (B) पारंपरिक सत्ता है।

  11. पियरे बोर्दियू (Pierre Bourdieu) की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा क्या बताती है?
    • (A) केवल बैंक में जमा धन।
    • (B) ज्ञान, कौशल और शिक्षा जो सामाजिक लाभ और प्रतिष्ठा दिलाते हैं।
    • (C) पुराने पुश्तैनी गहने और संपत्ति।
    • (D) किसी देश की कुल जीडीपी।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू के अनुसार, उच्च वर्ग के बच्चों के पास वह ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (जैसे बोलने का तरीका, कला की समझ) होती है जो उन्हें शिक्षा प्रणाली में लाभ पहुँचाती है और असमानता को बनाए रखती है।
    संदर्भ: समाजशास्त्र में शिक्षा और वर्ग का अध्ययन।

  12. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
    • (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना।
    • (B) उच्च जातियों का अपनी संस्कृति को त्यागना।
    • (C) केवल संस्कृत भाषा सीखना।
    • (D) जातियों का पूरी तरह समाप्त हो जाना।

    सही उत्तर: (A)
    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, आदर्शों और जीवन पद्धति को अपनाती हैं।
    संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र, एम.एन. श्रीनिवास।

  13. लुई ड्यूमों (Louis Dumont) ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में भारतीय जाति व्यवस्था की मुख्य विशेषता क्या बताई है?
    • (A) समानता (Equality)
    • (B) शुद्धता और अशुद्धता का पदानुक्रम (Hierarchy of Purity and Pollution)
    • (C) आर्थिक प्रतिस्पर्धा
    • (D) केवल क्षेत्रीय भिन्नता

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: ड्यूमों के अनुसार, भारतीय समाज का आधार ‘पदानुक्रम’ (Hierarchy) है, जो शुद्धता (Purity) और अशुद्धता (Pollution) के द्विभाजन पर आधारित है।
    संदर्भ: ‘Homo Hierarchicus’ पुस्तक।

  14. समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘ट्राइएंगुलेशन’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?
    • (A) केवल एक विधि का उपयोग करना।
    • (B) डेटा एकत्र करने के लिए कई अलग-अलग विधियों या स्रोतों का उपयोग करना ताकि परिणामों की सटीकता बढ़ सके।
    • (C) त्रिभुज के आकार के क्षेत्र में सर्वेक्षण करना।
    • (D) केवल गुणात्मक डेटा पर निर्भर रहना।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: जब एक शोधकर्ता एक ही समस्या का अध्ययन करने के लिए सर्वेक्षण, साक्षात्कार और अवलोकन जैसी कई विधियों का उपयोग करता है, तो इसे ट्राइएंगुलेशन कहते हैं। इससे शोध की वैधता (Validity) बढ़ती है।
    संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।

  15. समकालीन शोध के संदर्भ में, सार्वजनिक नीति अनुसंधान में ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स’ (LLMs) के उपयोग से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
    • (A) डेटा की कमी।
    • (B) गणना की गति का धीमा होना।
    • (C) एल्गोरिदम का पूर्वाग्रह (Bias) और शैक्षणिक अखंडता (Academic Integrity) का जोखिम।
    • (D) कंप्यूटर की कीमतों में वृद्धि।

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: हालिया शोध (जैसे येल विश्वविद्यालय और ASA की चर्चाओं में) यह संकेत देते हैं कि AI-आधारित उपकरण डेटा में पूर्वाग्रह ला सकते हैं और यदि इनका गलत उपयोग हो, तो यह शैक्षणिक ईमानदारी को खतरे में डाल सकते हैं।
    संदर्भ: समकालीन समाजशास्त्रीय अनुसंधान और AI का प्रभाव।

  16. ‘प्रतिदर्शरण’ (Sampling) में ‘स्तरीकृत प्रतिदर्शरण’ (Stratified Sampling) का उपयोग कब किया जाता है?
    • (A) जब जनसंख्या बहुत छोटी हो।
    • (B) जब जनसंख्या में विभिन्न उप-समूह (Strata) हों और प्रत्येक का प्रतिनिधित्व आवश्यक हो।
    • (C) जब शोधकर्ता केवल अपनी पसंद के लोगों को चुनना चाहता हो।
    • (D) जब यादृच्छिक चयन (Random Selection) संभव न हो।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: इसमें जनसंख्या को पहले समान विशेषताओं वाले समूहों (जैसे आयु, लिंग, आय) में बाँटा जाता है और फिर प्रत्येक समूह से यादृच्छिक रूप से नमूने लिए जाते हैं।
    संदर्भ: सांख्यिकीय अनुसंधान विधियाँ।

  17. लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार ‘शहरीकरण’ (Urbanism) की मुख्य विशेषता क्या है?
    • (A) घनिष्ठ सामाजिक संबंध।
    • (B) जनसंख्या का घनत्व, आकार और सामाजिक विषमता।
    • (C) कृषि आधारित अर्थव्यवस्था।
    • (D) परंपराओं का कड़ाई से पालन।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने ‘Urbanism as a Way of Life’ में तर्क दिया कि शहरों की विशाल जनसंख्या और घनत्व के कारण सामाजिक संबंध औपचारिक, सतही और खंडित (Segmented) हो जाते हैं।
    संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र।

  18. ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘जजमानी प्रथा’ का मुख्य कार्य क्या था?
    • (A) केवल धार्मिक अनुष्ठान करना।
    • (B) विभिन्न जातियों के बीच सेवाओं और वस्तुओं का पारस्परिक विनिमय।
    • (C) बाहरी दुनिया से संपर्क तोड़ना।
    • (D) केवल कृषि कर वसूलना।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: जजमानी प्रथा एक पारंपरिक आर्थिक व्यवस्था थी जिसमें ग्रामीण कारीगर और सेवा प्रदाता (जैसे नाई, लोहार) उच्च जातियों (जजमान) को सेवाएँ देते थे और बदले में उन्हें अनाज या भूमि का हिस्सा मिलता था।
    संदर्भ: भारतीय ग्रामीण समाजशास्त्र।

  19. ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?
    • (A) कंप्यूटर के अलग-अलग ब्रांडों के बीच अंतर।
    • (B) इंटरनेट और सूचना तकनीक तक पहुँच रखने वाले और उससे वंचित लोगों के बीच की सामाजिक-आर्थिक खाई।
    • (C) केवल सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का अंतर।
    • (D) डिजिटल मार्केटिंग की रणनीतियाँ।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह केवल तकनीक की कमी नहीं है, बल्कि वर्ग, जाति, लिंग और भूगोल के आधार पर सूचना तक पहुँच की असमानता को दर्शाता है, जो मौजूदा सामाजिक असमानताओं को और गहरा करता है।
    संदर्भ: समकालीन सामाजिक मुद्दे / सूचना समाज।

  20. अल्पसंख्यक राय (Minority Opinion) व्यक्त करने में ‘समूह-जुड़ाव सुरक्षा’ (Group-attachment Security) का क्या प्रभाव पड़ता है?
    • (A) व्यक्ति हमेशा अपनी राय बदल लेता है।
    • (B) समूह के साथ मजबूत जुड़ाव व्यक्ति को अपनी अलग राय व्यक्त करने में अधिक आत्मविश्वास या सुरक्षा दे सकता है।
    • (C) इससे व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है।
    • (D) इसका राय व्यक्त करने से कोई संबंध नहीं है।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: हालिया समाजशास्त्रीय अध्ययनों के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को अपने समूह के भीतर भावनात्मक सुरक्षा महसूस होती है, तो वह समूह के बहुमत से अलग राय रखने का साहस अधिक जुटा पाता है।
    संदर्भ: समूह गतिकी (Group Dynamics) और हालिया शोध।

  21. ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) के अनुसार, समाज में ‘अपराध’ (Crime) का क्या कार्य हो सकता है?
    • (A) अपराध समाज को नष्ट कर देता है, इसका कोई कार्य नहीं है।
    • (B) यह सामाजिक सीमाओं को स्पष्ट करता है और सामूहिक चेतना को मजबूत करता है।
    • (C) यह केवल आर्थिक लाभ पहुँचाता है।
    • (D) यह केवल व्यक्तिगत विफलता है।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, अपराध समाज के लिए ‘सामान्य’ (Normal) है क्योंकि जब अपराधी को दंडित किया जाता है, तो समाज के बाकी सदस्य पुनः अपने साझा मूल्यों और नैतिक सीमाओं को याद करते हैं।
    संदर्भ: एमिल दुर्खीम का अपराध सिद्धांत।

  22. मैक्स वेबर की ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा क्या है?
    • (A) एक ऐसा समाज जो पूरी तरह से आदर्श और दोषरहित हो।
    • (B) विश्लेषण के लिए बनाया गया एक मानसिक ढाँचा या मॉडल जो वास्तविक दुनिया की विशेषताओं का अतिरंजित सार होता है।
    • (C) वह स्थिति जिसमें कोई संघर्ष न हो।
    • (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ (Perfect) स्थिति नहीं है, बल्कि एक तुलनात्मक उपकरण है जिसका उपयोग समाजशास्त्री वास्तविक घटनाओं को समझने के लिए करते हैं।
    संदर्भ: वेबर की शोध पद्धति।

  23. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) मुख्य रूप से किस स्तर के विश्लेषण पर केंद्रित है?
    • (A) मैक्रो-सोशियोलॉजी (बड़े सामाजिक ढांचे)
    • (B) माइक्रो-सोशियोलॉजी (व्यक्तिगत अंतःक्रियाएं और अर्थ)
    • (C) केवल वैश्विक राजनीति
    • (D) जैविक विकास

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि समाज व्यक्तियों के बीच संकेतों, प्रतीकों और अर्थों के आदान-प्रदान से बनता है।
    संदर्भ: जी.एच. मीड और हर्बर्ट ब्लूमर।

  24. जी.एस. घुर्ये (G.S. Ghurye) ने जाति व्यवस्था को किस रूप में देखा?
    • (A) केवल एक आर्थिक व्यवस्था के रूप में।
    • (B) नस्लीय तत्वों, धार्मिक मान्यताओं और नागरिक अक्षमताओं के मिश्रण के रूप में।
    • (C) एक आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के रूप में।
    • (D) केवल एक क्षेत्रीय परंपरा के रूप में।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: घुर्ये को ‘भारतीय समाजशास्त्र का पिता’ माना जाता है। उन्होंने जाति के उद्भव में नस्लीय प्रभाव और ब्राह्मणवादी विचारधारा की भूमिका पर जोर दिया।
    संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र का प्रारंभिक इतिहास।

  25. सामाजिक परिवर्तन (Social Change) के संदर्भ में ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) का सिद्धांत किसने दिया?
    • (A) अगस्त कॉम्टे
    • (B) विलियम एफ. ऑगबर्न
    • (C) हर्बर्ट स्पेंसर
    • (D) टैलकोट पार्सन्स

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है, जबकि गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास) धीमी गति से बदलती है। इस अंतर को ही ‘सांस्कृतिक विलंबन’ कहते हैं।
    संदर्भ: सामाजिक परिवर्तन के सिद्धांत।

  26. ‘सामाजिक संरचना’ (Social Structure) का क्या अर्थ है?
    • (A) समाज की केवल भौतिक इमारतें।
    • (B) सामाजिक संबंधों, संस्थाओं और पदों का वह व्यवस्थित ढांचा जो समाज को स्थिरता प्रदान करता है।
    • (C) केवल परिवार का आंतरिक ढांचा।
    • (D) व्यक्तियों का यादृच्छिक समूह।

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: सामाजिक संरचना वह अदृश्य ढांचा है जिसमें प्रस्थिति (Status) और भूमिका (Role) जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो यह तय करते हैं कि समाज कैसे कार्य करेगा।
    संदर्भ: समाजशास्त्र की मूल अवधारणाएं।


प्रो टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय केवल सही उत्तर न देखें, बल्कि व्याख्या में दिए गए संदर्भों को गहराई से पढ़ें। यही वह बिंदु है जहाँ आप UGC-NET और UPSC जैसे एग्जाम्स में दूसरों से आगे निकलेंगे। कल फिर मिलेंगे एक नई चुनौती के साथ!

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