समय के चक्र को पीछे घुमाएं और अपनी तैयारी को परखें!
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समय के चक्र को पीछे घुमाएं और अतीत की उन घटनाओं को फिर से जिएं जिन्होंने आज की दुनिया को आकार दिया। चाहे वह सिंधु घाटी की रहस्यमयी सभ्यता हो, मुगलों का वैभव हो या आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम, यह क्विज़ आपकी तैयारी को एक नई धार देगा। अपनी बौद्धिक क्षमता को चुनौती दें और देखें कि आप इतिहास के कितने बड़े महारथी हैं!
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) के साक्ष्य मिले हैं?\n
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- (A) कालीबंगन
- (B) लोथल
- (C) धोलावीरा
- (D) बनावली
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\n सही उत्तर: (B) लोथल\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल, जो वर्तमान गुजरात में स्थित है, सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक विशाल ईंटों से बनी गोदीबाड़ा (Dockyard) मिली है, जो यह सिद्ध करती है कि हड़प्पावासी समुद्री व्यापार में निपुण थे।
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अन्य विकल्प: कालीबंगन (राजस्थान) से जुते हुए खेतों के साक्ष्य मिले हैं; धोलावीरा (गुजरात) अपने जल प्रबंधन तंत्र के लिए प्रसिद्ध है; और बनावली (हरियाणा) से मिट्टी के हल के प्रमाण मिले हैं।
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- ऋग्वेद में ‘दशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) किस नदी के तट पर लड़ा गया था?\n
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- (A) वितस्ता
- (B) विपाशा
- (C) परुष्णी
- (D) शतुद्रि
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\n सही उत्तर: (C) परुष्णी\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 7वें मंडल में परुष्णी (आधुनिक रावी नदी) के तट पर हुए ‘दशराज्ञ युद्ध’ का वर्णन है। यह युद्ध भरत जन के राजा सुदास और दस अन्य राजाओं के संघ के बीच लड़ा गया था, जिसमें सुदास विजयी हुए।
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अन्य विकल्प: वितस्ता (झेलम), विपाशा (ब्यास) और शतुद्रि (सतलज) भी ऋग्वैदिक काल की महत्वपूर्ण नदियाँ थीं, लेकिन इस विशिष्ट युद्ध का संबंध परुष्णी से है।
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- किस मौर्य शासक को ‘अमित्रघात’ (शत्रुओं का विनाश करने वाला) कहा जाता था?\n
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- (A) चंद्रगुप्त मौर्य
- (B) बिंदुसार
- (C) अशोक
- (D) दशरथ मौर्य
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\n सही उत्तर: (B) बिंदुसार\n
विस्तृत व्याख्या: सम्राट बिंदुसार को यूनानी लेखकों ने ‘अमित्रोचेट्स’ और भारतीय ग्रंथों में ‘अमित्रघात’ कहा है, जिसका अर्थ है ‘शत्रुओं का नाश करने वाला’। वह चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के बीच के सेतु थे।
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अन्य विकल्प: चंद्रगुप्त मौर्य ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की; अशोक अपने ‘धम्म’ और शांति के लिए जाने जाते हैं; दशरथ मौर्य बाद के काल के एक अल्पज्ञात शासक थे।
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- गुप्त काल के दौरान ‘नालंदा विश्वविद्यालय’ की स्थापना किसने की थी?\n
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- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) कुमारगुप्त I
- (D) स्कंदगुप्त
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\n सही उत्तर: (C) कुमारगुप्त I\n
विस्तृत व्याख्या: नालंदा विश्वविद्यालय, जो प्राचीन भारत का एक महान शिक्षा केंद्र था, की स्थापना गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम द्वारा 5वीं शताब्दी में की गई थी।
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अन्य विकल्प: चंद्रगुप्त प्रथम ने गुप्त संवत शुरू किया; समुद्रगुप्त को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है; स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण को विफल किया था।
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- प्राचीन भारत में ‘संगम साहित्य’ का संबंध मुख्य रूप से किस क्षेत्र से है?\n
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- (A) मगध
- (B) अवंती
- (C) दक्षिण भारत (तमिलकम)
- (D) गांधार
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\n सही उत्तर: (C) दक्षिण भारत (तमिलकम)\n
विस्तृत व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल भाषा का साहित्य है, जिसकी रचना मदुरै के पांड्य राजाओं के संरक्षण में आयोजित ‘संगमों’ (कवियों की सभाओं) में हुई थी।
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अन्य विकल्प: मगध, अवंती और गांधार उत्तर भारत के महाजनपद थे, जहाँ प्राकृत और संस्कृत का प्रभाव अधिक था।
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- कुषाण वंश के किस राजा ने चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कश्मीर में किया था?\n
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- (A) कनिष्क
- (B) हुविष्क
- (C) वासुदेव
- (D) कडफिसेस
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\n सही उत्तर: (A) कनिष्क\n
विस्तृत व्याख्या: सम्राट कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर के कुंडलवन में चतुर्थ बौद्ध संगीति आयोजित की गई, जिसके परिणामस्वरूप बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो संप्रदायों में विभाजित हो गया।
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अन्य विकल्प: हुविष्क, वासुदेव और कडफिसेस कुषाण वंश के अन्य शासक थे, लेकिन बौद्ध धर्म के प्रसार और संगीति में कनिष्क की भूमिका सर्वोपरि थी।
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘सिजदा’ और ‘पायबोस’ की प्रथा शुरू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) गयासुद्दीन तुगलक
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\n सही उत्तर: (B) बलबन\n
विस्तृत व्याख्या: गयासुद्दीन बलबन ने सुल्तान की प्रतिष्ठा बढ़ाने और राजत्व के सिद्धांत (Divine Right of Kings) को स्थापित करने के लिए ‘सिजदा’ (घुटनों के बल झुकना) और ‘पायबोस’ (सुल्तान के पैरों को चूमना) की प्रथा शुरू की थी।
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अन्य विकल्प: इल्तुतमिश ने ‘इक्ता प्रणाली’ शुरू की; अलाउद्दीन खिलजी अपने बाजार नियंत्रण के लिए प्रसिद्ध था; तुगलक वंश ने प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान दिया।
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- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने और कब की थी?\n
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- (A) हरिहर और बुक्का (1336 ई.)
- (B) कृष्णदेव राय (1400 ई.)
- (C) देवराय I (1350 ई.)
- (D) सदाशिव राय (1500 ई.)
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\n सही उत्तर: (A) हरिहर और बुक्का (1336 ई.)\n
विस्तृत व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में तुंगभद्रा नदी के तट पर दो भाइयों, हरिहर और बुक्का द्वारा की गई थी।
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अन्य विकल्प: कृष्णदेव राय तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे; देवराय I और सदाशिव राय बाद के शासक थे।
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- मुगल सम्राट अकबर द्वारा लागू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ मुख्य रूप से किस पर आधारित थी?\n
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- (A) जाति व्यवस्था पर
- (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन के पद पर
- (C) केवल धार्मिक योग्यता पर
- (D) वंशानुगत अधिकारों पर
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\n सही उत्तर: (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन के पद पर\n
विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी प्रणाली एक श्रेणीबद्ध प्रणाली थी जिसमें ‘जात’ (पद/स्तर) और ‘सवार’ (घुड़सवारों की संख्या) का निर्धारण होता था। यह मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक और सैन्य ढांचे का आधार था।
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अन्य विकल्प: यह न तो जाति पर आधारित थी और न ही पूरी तरह वंशानुगत, क्योंकि अकबर इसे योग्यता और सम्राट की इच्छा के अनुसार बदल सकता था।
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- ‘दीवान-ए-अरिज़’ विभाग का संबंध किस कार्य से था?\n
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- (A) राजस्व संग्रह
- (B) न्याय प्रशासन
- (C) सैन्य प्रबंधन
- (D) शाही पत्राचार
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\n सही उत्तर: (C) सैन्य प्रबंधन\n
विस्तृत व्याख्या: दिल्ली सल्तनत (विशेषकर बलबन के समय) में ‘दीवान-ए-अरिज़’ सेना के भर्ती, प्रशिक्षण और भुगतान का प्रबंधन करने वाला विभाग था।
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अन्य विकल्प: राजस्व संग्रह ‘दीवान-ए-वज़ारत’ के अधीन था; न्याय का कार्य ‘काजी’ देखते थे; पत्राचार ‘दीवान-ए-इनशा’ द्वारा किया जाता था।
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- शिवाजी महाराज द्वारा अपनाई गई ‘अष्टप्रधान’ परिषद में ‘पेशवा’ का क्या कार्य था?\n
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- (A) विदेशी मामलों का प्रबंधन
- (B) सैन्य अभियान का नेतृत्व
- (C) प्रधानमंत्री के रूप में सामान्य प्रशासन
- (D) धार्मिक मामलों का संचालन
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\n सही उत्तर: (C) प्रधानमंत्री के रूप में सामान्य प्रशासन\n
विस्तृत व्याख्या: अष्टप्रधान शिवाजी महाराज की आठ मंत्रियों की परिषद थी, जिसमें ‘पेशवा’ सबसे महत्वपूर्ण पद था, जो प्रधानमंत्री के रूप में राज्य के सामान्य प्रशासन की देखरेख करता था।
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अन्य विकल्प: विदेशी मामलों के लिए ‘सुमंत’ और सैन्य मामलों के लिए ‘सर-नौबत’ जिम्मेदार थे।
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- मध्यकालीन भारत में ‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ के लेखक कौन हैं?\n
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- (A) अमीर खुसरो
- (B) जियाउद्दीन बरनी
- (C) इब्न बतूता
- (D) अल-बिरुनी
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\n सही उत्तर: (B) जियाउद्दीन बरनी\n
विस्तृत व्याख्या: जियाउद्दीन बरनी ने ‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ लिखी, जो दिल्ली सल्तनत के इतिहास (विशेषकर खिलजी और तुगलक वंश) का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
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अन्य विकल्प: अमीर खुसरो को ‘तूतिए-हिंद’ कहा जाता है; इब्न बतूता मोरक्को का यात्री था जिसने ‘रिहला’ लिखी; अल-बिरुनी ने ‘किताब-उल-हिंद’ लिखी।
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- कुतुब मीनार के निर्माण कार्य को किसने पूरा करवाया था?\n
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- (A) कुतुबुद्दीन ऐबक
- (B) इल्तुतमिश
- (C) रज़िया सुल्तान
- (D) बलबन
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\n सही उत्तर: (B) इल्तुतमिश\n
विस्तृत व्याख्या: कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने रखी थी, लेकिन इसे पूरा करने का कार्य उसके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने किया।
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अन्य विकल्प: ऐबक ने केवल पहली मंजिल बनाई थी; रज़िया और बलबन का निर्माण में सीधा योगदान नहीं था।
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- 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) नाना साहब
- (B) कुंवर सिंह
- (C) बेगम हज़रत महल
- (D) रानी लक्ष्मीबाई
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\n सही उत्तर: (C) बेगम हज़रत महल\n
विस्तृत व्याख्या: 1857 की क्रांति के दौरान लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने किया था, जिन्होंने अपने बेटे बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर शासन चलाया।
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अन्य विकल्प: नाना साहब ने कानपुर में; कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) में; और रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी में नेतृत्व किया था।
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- ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना किसने की थी?\n
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- (A) राजा राममोहन राय
- (B) ज्योतिराव फुले
- (C) स्वामी दयानंद सरस्वती
- (D) आत्माराम पांडुरंग
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\n सही उत्तर: (B) ज्योतिराव फुले\n
विस्तृत व्याख्या: महात्मा ज्योतिराव फुले ने 1873 में ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य दलितों, पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा देना और सामाजिक शोषण से मुक्त करना था।
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अन्य विकल्प: राजा राममोहन राय ने ‘ब्रह्म समाज’ बनाया; दयानंद सरस्वती ने ‘आर्य समाज’ की स्थापना की; आत्माराम पांडुरंग ब्रह्म समाज के सहयोगी थे।
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
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\n सही उत्तर: (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी\n
विस्तृत व्याख्या: 1885 में बम्बई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में कांग्रेस के पहले सत्र की अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।
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अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक थे (अध्यक्ष नहीं); दादाभाई नौरोजी ने तीसरे सत्र की अध्यक्षता की; बदरुद्दीन तैयबजी पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे।
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- गांधी-इरविन समझौते (1931) का मुख्य परिणाम क्या था?\n
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- (A) पूर्ण स्वराज की प्राप्ति
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन का स्थगित होना
- (C) भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत
- (D) पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर
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\n सही उत्तर: (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन का स्थगित होना\n
विस्तृत व्याख्या: 5 मार्च 1931 को गांधी जी और वायसराय इरविन के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर दिया और द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए सहमत हुए।
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अन्य विकल्प: पूर्ण स्वराज 1929 के लाहौर अधिवेशन का संकल्प था; भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में शुरू हुआ; पूना पैक्ट गांधी और अंबेडकर के बीच हुआ था।
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- ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ यह नारा किसने दिया था?\n
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- (A) लाला लाजपत राय
- (B) बिपिन चंद्र पाल
- (C) बाल गंगाधर तिलक
- (D) गोपाल कृष्ण गोखले
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\n सही उत्तर: (C) बाल गंगाधर तिलक\n
विस्तृत व्याख्या: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए यह शक्तिशाली नारा दिया था। वे ‘लाल-बाल-पाल’ तिकड़ी के प्रमुख सदस्य थे।
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अन्य विकल्प: लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल उनके सहयोगी थे, लेकिन यह विशिष्ट नारा तिलक का था। गोखले उदारवादी विचारधारा के थे।
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- 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में कौन सा आंदोलन शुरू किया गया था?\n
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- (A) असहयोग आंदोलन
- (B) स्वदेशी आंदोलन
- (C) खिलाफत आंदोलन
- (D) चंपारण सत्याग्रह
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\n सही उत्तर: (B) स्वदेशी आंदोलन\n
विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड कर्जन द्वारा 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में ‘स्वदेशी आंदोलन’ शुरू हुआ, जिसमें विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं के उपयोग पर बल दिया गया।
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अन्य विकल्प: असहयोग आंदोलन (1920) गांधी जी द्वारा चलाया गया था; खिलाफत आंदोलन तुर्की के खलीफा के समर्थन में था; चंपारण सत्याग्रह (1917) नील की खेती के विरुद्ध था।
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ का लक्ष्य घोषित किया गया था?\n
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- (A) कराची अधिवेशन (1931)
- (B) कलकत्ता अधिवेशन (1920)
- (C) लाहौर अधिवेशन (1929)
- (D) लखनऊ अधिवेशन (1916)
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\n सही उत्तर: (C) लाहौर अधिवेशन (1929)\n
विस्तृत व्याख्या: जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 1929 के लाहौर अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव पारित किया गया और 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
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अन्य विकल्प: कराची अधिवेशन में मौलिक अधिकारों पर चर्चा हुई; लखनऊ अधिवेशन (1916) में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता हुआ था।
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- ‘वर्नाकुलर प्रेस एक्ट’ (1878) किसने लागू किया था?\n
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- (A) लॉर्ड लिटन
- (B) लॉर्ड रिपन
- (C) लॉर्ड डफरिन
- (D) लॉर्ड कर्जन
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\n सही उत्तर: (A) लॉर्ड लिटन\n
विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड लिटन ने भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर नियंत्रण रखने और सेंसरशिप लगाने के लिए 1878 में ‘वर्नाकुलर प्रेस एक्ट’ लागू किया था।
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अन्य विकल्प: लॉर्ड रिपन ने इस एक्ट को निरस्त किया था (इसलिए उन्हें उदार माना जाता है); लॉर्ड कर्जन ने बंगाल विभाजन किया था।
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- प्राचीन रोमन इतिहास में, प्रसिद्ध वक्ता सिसेरो (Cicero) और जूलियस सीज़र के बीच वैचारिक संघर्ष का मुख्य कारण क्या था?\n
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- (A) धार्मिक मतभेद
- (B) गणतंत्र बनाम निरंकुश शासन (Republic vs Dictatorship)
- (C) व्यापारिक विवाद
- (D) विदेशी आक्रमणों का विरोध
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\n सही उत्तर: (B) गणतंत्र बनाम निरंकुश शासन (Republic vs Dictatorship)\n
विस्तृत व्याख्या: सिसेरो रोमन गणराज्य (Republic) के आदर्शों और कानून के शासन के समर्थक थे, जबकि जूलियस सीज़र ने अपनी सैन्य शक्ति के बल पर सत्ता का केंद्रीकरण किया और खुद को ‘आजीवन तानाशाह’ घोषित कर दिया, जो गणराज्य के सिद्धांतों के विरुद्ध था।
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अन्य विकल्प: उनके बीच विवाद का मूल राजनीतिक दर्शन और सत्ता की संरचना थी, न कि धर्म या व्यापार।
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- अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट (FDR) द्वारा महामंदी (Great Depression) से उबरने के लिए शुरू किए गए कार्यक्रमों के समूह को क्या कहा जाता है?\n
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- (A) द मार्शल प्लान
- (B) द न्यू डील (The New Deal)
- (C) ट्रूमैन सिद्धांत
- (D) स्क्वायर डील
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\n सही उत्तर: (B) द न्यू डील (The New Deal)\n
विस्तृत व्याख्या: 1930 के दशक की महामंदी से निपटने के लिए राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने ‘न्यू डील’ कार्यक्रमों की शुरुआत की, जिसमें बैंकिंग सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा जैसे उपाय शामिल थे।
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अन्य विकल्प: मार्शल प्लान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के पुनर्निर्माण के लिए था; ट्रूमैन सिद्धांत शीत युद्ध के दौरान साम्यवाद को रोकने के लिए था।
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) के समय फ्रांस का राजा कौन था?\n
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- (A) लुई XIV
- (B) लुई XV
- (C) लुई XVI
- (D) नेपोलियन बोनापार्ट
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\n सही उत्तर: (C) लुई XVI\n
विस्तृत व्याख्या: 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के समय लुई XVI फ्रांस का राजा था। उसकी निरंकुशता और आर्थिक संकट ने क्रांति को जन्म दिया, जिसके बाद उसे गिलोटिन पर चढ़ा दिया गया।
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अन्य विकल्प: लुई XIV ‘सूर्य राजा’ के नाम से प्रसिद्ध था; नेपोलियन ने क्रांति के बाद फ्रांस पर शासन किया और खुद को सम्राट घोषित किया।
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- प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ‘ट्रिपल एन्टेंट’ (Triple Entente) में कौन से देश शामिल थे?\n
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- (A) जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, इटली
- (B) ब्रिटेन, फ्रांस, रूस
- (C) अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस
- (D) जापान, चीन, रूस
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\n सही उत्तर: (B) ब्रिटेन, फ्रांस, रूस\n
विस्तृत व्याख्या: प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के समय दुनिया दो गुटों में बंटी थी। मित्र राष्ट्रों (Allied Powers) का मुख्य आधार ‘ट्रिपल एन्टेंट’ था, जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस और रूस शामिल थे।
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अन्य विकल्प: विकल्प (A) ‘ट्रिपल एलायंस’ (केंद्रीय शक्तियाँ) का समूह था। अमेरिका युद्ध में बाद में (1917) शामिल हुआ।
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- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) संयुक्त राज्य अमेरिका
- (C) ब्रिटेन
- (D) जर्मनी
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\n सही उत्तर: (C) ब्रिटेन\n
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में औद्योगिक क्रांति सबसे पहले ब्रिटेन में शुरू हुई। इसके कारणों में कोयले और लोहे की प्रचुरता, उपनिवेशों से कच्चा माल और तकनीकी नवाचार (जैसे स्टीम इंजन) शामिल थे।
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अन्य विकल्प: फ्रांस, अमेरिका और जर्मनी में औद्योगिक क्रांति ब्रिटेन के बाद फैली।
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