स्वागत है भविष्य के समाजशास्त्रियों!
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आज का यह अभ्यास सेट आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने और आपकी वैचारिक नींव को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसमें शास्त्रीय सिद्धांतों से लेकर समकालीन सामाजिक मुद्दों तक का समावेश है, जो आपको UGC-NET, UPSC और अन्य राज्य PSC परीक्षाओं में बढ़त दिलाएगा। क्या आप अपनी समाजशास्त्रीय दृष्टि को परखने और जटिल अवधारणाओं को सुलझाने के लिए तैयार हैं? चलिए, इस बौद्धिक यात्रा को शुरू करते हैं!
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति मुख्य रूप से किसके कारण उत्पन्न होती है?\n
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- (A) सामाजिक एकजुटता की कमी
- (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
- (C) पारंपरिक मूल्यों का ह्रास
- (D) नौकरशाही का अत्यधिक विस्तार
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-essence) से अलग हो जाता है। यह अलगाव निजी स्वामित्व और श्रम के वस्तुकरण का परिणाम है। विकल्प (A) दुर्खीम की ‘एनोमी’ से संबंधित है, (C) सामाजिक परिवर्तन से और (D) मैक्स वेबर के ‘लोहे के पिंजरे’ (Iron Cage) से संबंधित है।
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- मैक्स वेबर ने ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा क्यों विकसित की थी?\n
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- (A) समाज का एक वास्तविक और सटीक वर्णन करने के लिए
- (B) सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण बनाने के लिए
- (C) समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने के लिए
- (D) केवल धार्मिक विश्वासों का अध्ययन करने के लिए
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक प्रतिरूप नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण (Mental Construct) है जिसका उपयोग समाजशास्त्री वास्तविक सामाजिक घटनाओं की तुलना करने और उन्हें समझने के लिए एक बेंचमार्क के रूप में करते हैं। यह वेबर की व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) का हिस्सा है।
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में सामूहिक चेतना (Collective Conscience) कमजोर हो जाती है और मानक स्पष्ट नहीं रहते, तो उस स्थिति को क्या कहा जाता है?\n
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- (A) विमुखता (Alienation)
- (B) विसंगति/नियमहीनता (Anomie)
- (C) सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification)
- (D) यांत्रिक एकजुटता (Mechanical Solidarity)
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ (Anomie) वह स्थिति है जहाँ सामाजिक मानदंड टूट जाते हैं या अस्पष्ट हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। दुर्खीम ने इसे विशेष रूप से तीव्र सामाजिक परिवर्तनों या आर्थिक संकटों के समय देखा था। विकल्प (A) मार्क्स की अवधारणा है।
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- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) स्वरूप रखरखाव/प्रतिमान रखरखाव (Pattern Maintenance)
- (D) एकीकरण (Integration)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्य करने होते हैं: A (Adaptation), G (Goal Attainment), I (Integration), और L (Latency)। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि समाज की स्थिरता बनी रहे।
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- रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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- (A) प्रकट कार्य अवांछित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य वांछित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य ज्ञात और इच्छित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनजाने और अनपेक्षित होते हैं।
- (C) दोनों एक ही होते हैं, बस नाम अलग हैं।
- (D) प्रकट कार्य केवल संस्कृति से संबंधित हैं।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनका उद्देश्य स्पष्ट होता है (जैसे स्कूल का उद्देश्य शिक्षा देना है), जबकि अप्रत्यक्ष कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में होते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)। मर्टन ने इसे संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism) के दायरे में विकसित किया।
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me) के बीच क्या संबंध है?\n
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- (A) ‘मैं’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है, ‘मुझे’ सहज प्रतिक्रिया है।
- (B) ‘मैं’ व्यक्ति की सहज और रचनात्मक प्रतिक्रिया है, ‘मुझे’ समाज द्वारा आंतरिक किया गया सामाजिक दृष्टिकोण है।
- (C) दोनों एक ही मानसिक प्रक्रिया के अलग नाम हैं।
- (D) ‘मुझे’ केवल बचपन में विकसित होता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के तहत, मीड ने बताया कि ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज के नियमों को जानता है, जबकि ‘I’ वह हिस्सा है जो उन नियमों पर अपनी प्रतिक्रिया देता है। इन दोनों के बीच निरंतर संवाद से ‘स्व’ (Self) का निर्माण होता है।
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- हालिया अध्ययनों में पाया गया है कि ऐतिहासिक रूप से कुछ समुदायों (जैसे ब्लैक बोरोअर्स) को ऋण कार्यक्रमों से व्यवस्थित रूप से बाहर रखा गया। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से इसे क्या कहा जाएगा?\n
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- (A) व्यक्तिगत विफलता (Individual Failure)
- (B) संस्थागत नस्लवाद/संरचनात्मक असमानता (Institutional Racism/Structural Inequality)
- (C) सांस्कृतिक पिछड़ापन (Cultural Lag)
- (D) यादृच्छिक वितरण (Random Distribution)
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जब भेदभाव केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि कानूनों, नीतियों और संस्थागत प्रथाओं के माध्यम से होता है, तो उसे संस्थागत नस्लवाद कहा जाता है। यह दर्शाता है कि कैसे सामाजिक संरचनाएं कुछ समूहों को लाभ पहुँचाती हैं और दूसरों को हाशिए पर धकेलती हैं।
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- ग्रामीण भारत में युवाओं की आजीविका और ‘अपनेपन’ (Belonging) की भावना का अध्ययन किस समाजशास्त्रीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है?\n
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- (A) केवल शहरी समाजशास्त्र
- (B) ग्रामीण समाजशास्त्र और प्रवासन अध्ययन (Rural Sociology and Migration Studies)
- (C) औद्योगिक समाजशास्त्र
- (D) केवल राजनीतिक समाजशास्त्र
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ग्रामीण युवाओं की आजीविका, उनकी पहचान और ग्रामीण परिवेश से उनके जुड़ाव का अध्ययन ग्रामीण समाजशास्त्र का हिस्सा है। यह अक्सर ‘पुश और पुल’ कारकों (Push and Pull Factors) और ग्रामीण-शहरी विस्थापन के सिद्धांतों से जुड़ा होता है।
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- शिक्षा के क्षेत्र में AI डिटेक्शन टूल्स का उपयोग और उससे जुड़ी शैक्षणिक अखंडता (Academic Integrity) की चिंताएं किस विषय से संबंधित हैं?\n
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- (A) शिक्षा का समाजशास्त्र और प्रौद्योगिकी का प्रभाव (Sociology of Education and impact of Technology)
- (B) केवल कंप्यूटर विज्ञान
- (C) पारिवारिक समाजशास्त्र
- (D) धार्मिक समाजशास्त्र
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: यह मुद्दा इस बात पर केंद्रित है कि कैसे नई तकनीकें ज्ञान के उत्पादन, मूल्यांकन और शैक्षणिक मानदंडों को बदल रही हैं। यह डिजिटल डिवाइड और शिक्षा के संस्थागत ढांचे में आने वाले बदलावों का विश्लेषण करता है।
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- एम. एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवनशैली को अपनाना।
- (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह से समाप्त होना।
- (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का अनुवाद करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें निचली जातियां अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों को अपनाती हैं। यह सामाजिक गतिशीलता का एक रूप है, लेकिन यह जाति संरचना को नहीं बदलता।
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- लुई ड्यूमों ने भारतीय जाति व्यवस्था को किस रूप में परिभाषित किया है?\n
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- (A) केवल वर्ग आधारित संघर्ष
- (B) पदानुक्रम (Hierarchy) और शुद्धता एवं अशुद्धता के सिद्धांत पर आधारित
- (C) एक लचीली सामाजिक व्यवस्था
- (D) केवल आर्थिक विभाजन
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ड्यूमों ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में तर्क दिया कि भारतीय समाज का मूल आधार ‘पदानुक्रम’ है, जो शुद्धता (Purity) और अशुद्धता (Pollution) के धार्मिक और वैचारिक सिद्धांतों पर टिका है।
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- ‘एकविवाही’ (Monogamy) और ‘बहुविवाही’ (Polygamy) परिवार के किस पहलू से संबंधित हैं?\n
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- (A) परिवार का आकार
- (B) विवाह का स्वरूप (Form of Marriage)
- (C) परिवार का निवास स्थान
- (D) नातेदारी की वंशावली
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: एकविवाही का अर्थ है एक समय में एक जीवनसाथी रखना, जबकि बहुविवाही में एक व्यक्ति के एक से अधिक जीवनसाथी हो सकते हैं। यह विवाह के सामाजिक मानदंडों को दर्शाता है।
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- दुर्खीम के अनुसार, ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच का अंतर क्या है?\n
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- (A) पवित्र वह है जो महंगा है, अपवित्र वह जो सस्ता है।
- (B) पवित्र वह है जिसे समाज अलग और विशेष मानता है, जबकि अपवित्र रोजमर्रा की सामान्य चीजें हैं।
- (C) दोनों में कोई वास्तविक अंतर नहीं है।
- (D) यह केवल हिंदू धर्म में लागू होता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम का मानना था कि धर्म का मूल आधार वस्तुओं को पवित्र और अपवित्र में विभाजित करना है। पवित्र चीजें सामूहिक श्रद्धा और वर्जनाओं (Taboos) से जुड़ी होती हैं।
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- ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) प्रणाली का उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) आधुनिक वर्ग व्यवस्था (Class System)
- (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
- (C) योग्यता आधारित प्रणाली (Meritocracy)
- (D) इनमें से कोई नहीं
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनकाल में इसे बदला नहीं जा सकता (जैसे जाति)। इसके विपरीत, वर्ग व्यवस्था ‘खुली’ होती है जहाँ शिक्षा और धन के माध्यम से गतिशीलता संभव है।
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- ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) समाजशास्त्र में किस विचार का समर्थन करता है?\n
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- (A) समाज को केवल अंतर्ज्ञान से समझा जा सकता है।
- (B) समाज का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों की तरह वैज्ञानिक विधियों और अनुभवजन्य डेटा के आधार पर होना चाहिए।
- (C) केवल दार्शनिक चर्चाओं के माध्यम से सत्य की खोज।
- (D) समाज का अध्ययन केवल धर्म के माध्यम से संभव है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: अगस्त कॉम्टे, जिन्हें समाजशास्त्र का जनक माना जाता है, ने प्रत्यक्षवाद का समर्थन किया। इसका अर्थ है कि केवल वही ज्ञान मान्य है जिसे अवलोकन (Observation) और प्रयोग के माध्यम से सिद्ध किया जा सके।
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- ‘घटना विज्ञान’ (Phenomenology) समाजशास्त्र में किस बात पर जोर देता है?\n
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- (A) बाहरी आंकड़ों के संकलन पर
- (B) व्यक्ति के अपने अनुभवों और दुनिया के प्रति उसके व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) पर
- (C) बड़े सामाजिक कानूनों की खोज पर
- (D) केवल सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण पर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: घटना विज्ञान (जैसे अल्फ्रेड शुत्ज़ का कार्य) इस बात का अध्ययन करता है कि लोग अपनी दैनिक जीवन की दुनिया को कैसे समझते हैं और उसे क्या अर्थ देते हैं। यह मात्रात्मक डेटा के बजाय गुणात्मक समझ पर जोर देता है।
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- संयुक्त परिवार (Joint Family) के विघटन का मुख्य समाजशास्त्रीय कारण क्या माना जाता है?\n
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- (A) जनसंख्या में वृद्धि
- (B) औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और व्यक्तिवाद का उदय
- (C) धार्मिक विश्वासों में वृद्धि
- (D) कृषि का विस्तार
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जैसे-जैसे समाज कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ा, रोजगार के लिए शहरों की ओर प्रवासन बढ़ा, जिससे बड़े संयुक्त परिवार छोटे परमाणु परिवारों (Nuclear Families) में बदलने लगे।
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- अर्बन सोशियोलॉजी में ‘संकेंद्रित क्षेत्र मॉडल’ (Concentric Zone Model) किसके द्वारा दिया गया था?\n
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- (A) मैक्स वेबर
- (B) शिकागो स्कूल के बर्गेस (Burgess) द्वारा
- (C) एमिल दुर्खीम
- (D) कार्ल मार्क्स
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: अर्नेस्ट बर्गेस ने यह मॉडल दिया कि शहर एक केंद्र (CBD) से शुरू होकर गोलाकार छल्लों (Rings) के रूप में विकसित होते हैं, जहाँ प्रत्येक छल्ला एक विशिष्ट सामाजिक या आर्थिक विशेषता (जैसे ट्रांजिशन ज़ोन) को दर्शाता है।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘ग्राम समुदाय’ की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?\n
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- (A) अत्यधिक गुमनामी (Anonymity)
- (B) प्राथमिक संबंधों की प्रधानता और सामुदायिक भावना
- (C) केवल औद्योगिक गतिविधियों का होना
- (D) औपचारिक संबंधों का प्रभुत्व
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ग्रामीण क्षेत्रों में लोग एक-दूसरे को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, जिससे वहां ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Groups) और पारस्परिक निर्भरता अधिक होती है, जबकि शहरों में द्वितीयक संबंध अधिक होते हैं।
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- ‘पितृसत्ता’ (Patriarchy) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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- (A) पुरुषों और महिलाओं के बीच पूर्ण समानता
- (B) एक सामाजिक प्रणाली जिसमें शक्ति और अधिकार मुख्य रूप से पुरुषों के पास होते हैं।
- (C) केवल पिता का परिवार के प्रति प्रेम
- (D) महिलाओं द्वारा संचालित समाज
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: पितृसत्ता केवल एक पारिवारिक ढांचा नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक संरचना है जो लिंग आधारित असमानता को संस्थागत बनाती है और संसाधनों एवं निर्णय लेने की शक्ति पर पुरुषों का नियंत्रण सुनिश्चित करती है।
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- रेखीय सामाजिक परिवर्तन (Linear Social Change) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) समाज का एक ही बिंदु पर घूमना।
- (B) समाज का एक सीधी रेखा में सरल से जटिल की ओर विकसित होना।
- (C) समाज का बार-बार उन्हीं चरणों से गुजरना।
- (D) परिवर्तन का बिल्कुल न होना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: रेखीय परिवर्तन वह होता है जहाँ समाज एक निश्चित दिशा में आगे बढ़ता है (जैसे विकास का सिद्धांत)। इसके विपरीत, ‘चक्रीय परिवर्तन’ (Cyclical Change) का मानना है कि समाज जन्म, विकास और पतन के चक्रों से गुजरता है।
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- एंथनी गिडिन्स की ‘संरचनाकरण सिद्धांत’ (Structuration Theory) का मुख्य तर्क क्या है?\n
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- (A) संरचना व्यक्ति को पूरी तरह नियंत्रित करती है।
- (B) व्यक्ति संरचना को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।
- (C) संरचना और एजेंसी (व्यक्ति) एक-दूसरे के पूरक हैं और एक-दूसरे को निर्मित करते हैं।
- (D) समाज में कोई संरचना नहीं होती।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: गिडिन्स ने तर्क दिया कि सामाजिक संरचनाएं व्यक्तियों के कार्यों से बनती हैं, लेकिन वही संरचनाएं फिर व्यक्तियों के कार्यों को सीमित या सक्षम करती हैं। इसे ‘द्वैतता’ (Duality of Structure) कहा जाता है।
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- पियरे बॉर्डियू की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा क्या दर्शाती है?\n
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- (A) केवल बैंक में जमा धन
- (B) शिक्षा, भाषा, शिष्टाचार और ज्ञान जो सामाजिक लाभ और प्रतिष्ठा दिलाते हैं।
- (C) पुरानी कलाकृतियों का संग्रह
- (D) केवल शारीरिक शक्ति
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: बॉर्डियू के अनुसार, उच्च वर्ग के लोग अपनी सांस्कृतिक पूंजी (जैसे विशिष्ट भाषा या कला की समझ) के माध्यम से अपनी सामाजिक स्थिति को अगली पीढ़ी तक पहुँचाते हैं, जिससे असमानता बनी रहती है।
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- मिशेल फौकॉल्ट के अनुसार, ‘शक्ति’ (Power) और ‘ज्ञान’ (Knowledge) के बीच क्या संबंध है?\n
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- (A) शक्ति और ज्ञान एक दूसरे के विरोधी हैं।
- (B) शक्ति और ज्ञान परस्पर जुड़े हुए हैं; ज्ञान का उपयोग शक्ति के प्रयोग के लिए किया जाता है और शक्ति ज्ञान को परिभाषित करती है।
- (C) ज्ञान हमेशा शक्ति को समाप्त करता है।
- (D) शक्ति का ज्ञान से कोई संबंध नहीं है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: फौकॉल्ट ने ‘पावर-नॉलेज’ (Power-Knowledge) का सिद्धांत दिया। उन्होंने बताया कि जो लोग ‘सत्य’ या ‘ज्ञान’ को परिभाषित करते हैं, उनके पास समाज को नियंत्रित करने की शक्ति होती है (जैसे चिकित्सा या कानूनी विमर्श)।
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- गरीबी के ‘संस्कृति चक्र’ (Culture of Poverty) का सिद्धांत किसने दिया था?\n
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- (A) कार्ल मार्क्स
- (B) ऑस्कर लुईस (Oscar Lewis)
- (C) मैक्स वेबर
- (D) हर्बर्ट स्पेंसर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ऑस्कर लुईस ने तर्क दिया कि गरीबी केवल धन की कमी नहीं है, बल्कि एक जीवनशैली और मूल्यों का समूह है जिसे गरीब बच्चे अपने माता-पिता से सीखते हैं और जो उन्हें गरीबी के चक्र में फंसाए रखता है।
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- ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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- (A) बड़े सामाजिक संस्थानों का विश्लेषण।
- (B) सूक्ष्म स्तर पर व्यक्तियों के बीच संकेतों और अर्थों का आदान-प्रदान।
- (C) केवल आर्थिक उत्पादन का अध्ययन।
- (D) जैविक विकास का अध्ययन।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह एक सूक्ष्म-समाजशास्त्रीय (Micro-sociological) परिप्रेक्ष्य है जो इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि व्यक्ति प्रतीकों (जैसे भाषा, हाव-भाव) के माध्यम से सामाजिक वास्तविकता का निर्माण कैसे करते हैं। इसमें ब्लूमर और मीड प्रमुख विचारक हैं।
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टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करने के बाद, संबंधित विचारकों की मूल पुस्तकों और अवधारणाओं को पुनरीक्षित करें। याद रखें, समाजशास्त्र केवल रटने का नहीं, बल्कि अपने आस-पास की दुनिया को एक ‘समाजशास्त्रीय कल्पना’ (Sociological Imagination) के साथ देखने का विषय है!
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