भारतीय राजव्यवस्था: संवैधानिक ज्ञान और वैचारिक स्पष्टता की कसौटी
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। एक प्रतियोगी परीक्षार्थी के लिए संवैधानिक बारीकियों, अनुच्छेदों और न्यायिक व्याख्याओं की गहरी समझ होना अनिवार्य है। यह अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और आपको परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई दें!
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- ‘मूल संरचना’ (Basic Structure) का सिद्धांत सुप्रीम कोर्ट ने किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया था?\n
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- (A) गोलकनाथ मामला
- (B) केशवानंद भारती मामला
- (C) मिनर्वा मिल्स मामला
- (D) मेनका गांधी मामला
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\n सही उत्तर: (B) केशवानंद भारती मामला\n
विस्तृत व्याख्या: 1973 के केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन वह संविधान की ‘मूल संरचना’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती। यह निर्णय न्यायिक समीक्षा की शक्ति को पुख्ता करता है।\n
अन्य विकल्प: गोलकनाथ मामले (1967) में कहा गया था कि मौलिक अधिकारों को संशोधित नहीं किया जा सकता। मिनर्वा मिल्स (1980) ने मूल संरचना के सिद्धांत की पुष्टि की, जबकि मेनका गांधी मामला (1978) अनुच्छेद 21 की व्यापक व्याख्या से संबंधित है।\n
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- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़े गए थे?\n
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- (A) 44वां संशोधन
- (B) 42वां संशोधन
- (C) 24वां संशोधन
- (D) 86वां संशोधन
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\n सही उत्तर: (B) 42वां संशोधन\n
विस्तृत व्याख्या: 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए: ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’। इसे ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) भी कहा जाता है।\n
अन्य विकल्प: 44वां संशोधन (1978) ने संपत्ति के अधिकार को कानूनी अधिकार बनाया। 86वां संशोधन (2002) शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।\n
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- संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘विधि के समक्ष समानता’ (Equality before Law) का अधिकार प्रदान करता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 14
- (B) अनुच्छेद 15
- (C) अनुच्छेद 16
- (D) अनुच्छेद 17
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\n सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 14\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 14 राज्य को यह निर्देश देता है कि वह भारत के राज्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समानता या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है। अनुच्छेद 16 लोक नियोजन में अवसर की समानता देता है और अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है।\n
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- अनुच्छेद 21 के तहत ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार’ की व्यापक व्याख्या किस मामले में की गई थी?\n
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- (A) ए.के. गोपालन मामला
- (B) मेनका गांधी मामला
- (C) इंदिरा गांधी मामला
- (D) एस.आर. बोम्मई मामला
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\n सही उत्तर: (B) मेनका गांधी मामला\n
विस्तृत व्याख्या: 1978 के मेनका गांधी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ (Procedure Established by Law) को ‘विधि की उचित प्रक्रिया’ (Due Process of Law) के करीब लाकर अनुच्छेद 21 का विस्तार किया और कहा कि जीवन के अधिकार में ‘गरिमा के साथ जीने का अधिकार’ शामिल है।\n
अन्य विकल्प: ए.के. गोपालन मामले में संकीर्ण व्याख्या की गई थी। एस.आर. बोम्मई मामला राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) के दुरुपयोग से संबंधित है।\n
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- संवैधानिक उपचारों का अधिकार (Right to Constitutional Remedies) किस अनुच्छेद में वर्णित है, जिसे डॉ. अंबेडकर ने ‘संविधान का हृदय और आत्मा’ कहा था?\n
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- (A) अनुच्छेद 226
- (B) अनुच्छेद 13
- (C) अनुच्छेद 32
- (D) अनुच्छेद 20
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\n सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 32\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है। कोर्ट पांच प्रकार की रिट (बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार-पृच्छा) जारी कर सकता है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 226 हाई कोर्ट को रिट जारी करने की शक्ति देता है। अनुच्छेद 13 उन कानूनों को शून्य घोषित करता है जो मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।\n
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- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) कानूनी राज्य की स्थापना करना
- (B) पुलिस राज्य की स्थापना करना
- (C) कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की स्थापना करना
- (D) निरंकुश राज्य की स्थापना करना
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\n सही उत्तर: (C) कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की स्थापना करना\n
विस्तृत व्याख्या: भाग IV (अनुच्छेद 36-51) में वर्णित DPSP राज्य को सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हैं ताकि एक कल्याणकारी समाज का निर्माण हो सके। ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Non-justiciable) नहीं हैं।\n
अन्य विकल्प: कानूनी राज्य का अर्थ नियमों का शासन है, जबकि DPSP का लक्ष्य व्यापक सामाजिक-आर्थिक उत्थान है।\n
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- ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 44
- (C) अनुच्छेद 48
- (D) अनुच्छेद 50
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\n सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 44\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य को यह प्रयास करने का निर्देश देता है कि वह भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करे।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है। अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन से और अनुच्छेद 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका के पृथक्करण से संबंधित है।\n
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- मौलिक कर्तव्यों को किस समिति की सिफारिश पर संविधान में जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) सरकारिया आयोग
- (C) स्वर्ण सिंह समिति
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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\n सही उत्तर: (C) स्वर्ण सिंह समिति\n
विस्तृत व्याख्या: स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया। प्रारंभ में 10 कर्तव्य थे, 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया।\n
अन्य विकल्प: सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था। बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज व्यवस्था पर थी।\n
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- भारत के राष्ट्रपति के पास कौन सी वीटो शक्ति (Veto Power) नहीं होती है?\n
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- (A) आत्यंतिक वीटो (Absolute Veto)
- (B) निलंबनकारी वीटो (Suspensive Veto)
- (C) पॉकेट वीटो (Pocket Veto)
- (D) न्यायिक वीटो (Judicial Veto)
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\n सही उत्तर: (D) न्यायिक वीटो (Judicial Veto)\n
विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रपति के पास तीन प्रकार की वीटो शक्तियाँ होती हैं: आत्यंतिक, निलंबनकारी और पॉकेट वीटो। ‘न्यायिक वीटो’ जैसा कोई संवैधानिक प्रावधान राष्ट्रपति के लिए नहीं है; न्यायिक समीक्षा न्यायालय का कार्य है।\n
अन्य विकल्प: पॉकेट वीटो का अर्थ है विधेयक पर अनिश्चित काल तक कोई निर्णय न लेना। निलंबनकारी वीटो का अर्थ है विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस भेजना।\n
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- राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) का वर्णन किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 74
- (D) अनुच्छेद 75
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\n सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 72\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति देता है। इसमें मृत्युदंड को क्षमा करने की शक्ति भी शामिल है।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने से संबंधित है। अनुच्छेद 75 मंत्रियों की नियुक्ति से संबंधित है।\n
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- भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?\n
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- (A) लोकसभा का अध्यक्ष
- (B) राष्ट्रपति
- (C) भारत के मुख्य न्यायाधीश
- (D) राज्यसभा का उपसभापति
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\n सही उत्तर: (B) राष्ट्रपति\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 75 के अनुसार, प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। सामान्यतः राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है।\n
अन्य विकल्प: अन्य पदों की कोई भूमिका प्रधानमंत्री की नियुक्ति में नहीं होती है।\n
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- मंत्रिपरिषद का सामूहिक उत्तरदायित्व (Collective Responsibility) किस सदन के प्रति होता है?\n
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- (A) राज्यसभा
- (B) लोकसभा
- (C) संसद के दोनों सदनों के प्रति
- (D) राष्ट्रपति के प्रति
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\n सही उत्तर: (B) लोकसभा\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 75(3) स्पष्ट करता है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी। यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।\n
अन्य विकल्प: राष्ट्रपति केवल औपचारिक प्रमुख है। राज्यसभा के प्रति उत्तरदायित्व का प्रावधान नहीं है।\n
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- धन विधेयक (Money Bill) को केवल कहाँ पेश किया जा सकता है?\n
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- (A) केवल राज्यसभा में
- (B) केवल लोकसभा में
- (C) किसी भी सदन में
- (D) संयुक्त बैठक में
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\n सही उत्तर: (B) केवल लोकसभा में\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और इसे राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जा सकता। राज्यसभा इसे केवल 14 दिनों तक रोक सकती है।\n
अन्य विकल्प: राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती, केवल सुझाव दे सकती है।\n
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- राज्यसभा के पास कौन सी विशेष शक्ति है जो लोकसभा के पास नहीं है?\n
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- (A) बजट पारित करना
- (B) धन विधेयक पेश करना
- (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना
- (D) मंत्रिपरिषद को हटाना
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\n सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत राज्यसभा एक विशेष संकल्प पारित कर संसद को राज्य सूची के किसी विषय पर कानून बनाने का अधिकार दे सकती है, बशर्ते वह राष्ट्रहित में हो।\n
अन्य विकल्प: बजट और धन विधेयक पर लोकसभा का वर्चस्व होता है। मंत्रिपरिषद केवल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है।\n
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- संसद की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की अध्यक्षता कौन करता है?\n
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- (A) भारत का राष्ट्रपति
- (B) भारत का उपराष्ट्रपति
- (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)
- (D) राज्यसभा का सभापति
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\n सही उत्तर: (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 108 के तहत गतिरोध की स्थिति में राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाता है, लेकिन इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हो, तो उपाध्यक्ष और उसके बाद राज्यसभा का उपसभापति अध्यक्षता करता है।\n
अन्य विकल्प: राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता है।\n
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- ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की अवधारणा भारतीय संविधान ने किस देश से ली है?\n
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- (A) ब्रिटेन
- (B) कनाडा
- (C) अमेरिका (USA)
- (D) आयरलैंड
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\n सही उत्तर: (C) अमेरिका (USA)\n
विस्तृत व्याख्या: न्यायिक समीक्षा की शक्ति न्यायालयों को यह अनुमति देती है कि वे विधायी अधिनियमों और कार्यकारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच करें। यह अमेरिकी संविधान से प्रेरित है।\n
अन्य विकल्प: ब्रिटेन में संसदीय संप्रभुता है। आयरलैंड से हमने DPSP लिया है।\n
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- उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के न्यायाधीशों की नियुक्ति की ‘कॉलेजियम प्रणाली’ का आधार क्या है?\n
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- (A) संवैधानिक प्रावधान
- (B) संसदीय अधिनियम
- (C) न्यायिक निर्णय (Judgments)
- (D) राष्ट्रपति का आदेश
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\n सही उत्तर: (C) न्यायिक निर्णय (Judgments)\n
विस्तृत व्याख्या: कॉलेजियम प्रणाली का उल्लेख न तो संविधान में है और न ही किसी कानून में। इसे सुप्रीम कोर्ट ने ‘सेकंड’ और ‘थर्ड जजेस केस’ के माध्यम से विकसित किया है ताकि न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनी रहे।\n
अन्य विकल्प: संविधान केवल राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति का उल्लेख करता है, लेकिन प्रक्रिया कॉलेजियम द्वारा तय होती है।\n
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- सुप्रीम कोर्ट का ‘मूल क्षेत्राधिकार’ (Original Jurisdiction) निम्नलिखित में से किस मामले में होता है?\n
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- (A) जब कोई मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो
- (B) केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच विवाद होने पर
- (C) जब हाई कोर्ट किसी मामले को प्रमाणित करे
- (D) राष्ट्रपति को कानूनी सलाह देने के मामले में
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\n सही उत्तर: (B) केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच विवाद होने पर\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 131 के तहत, यदि विवाद केंद्र और राज्यों के बीच या दो या दो से अधिक राज्यों के बीच हो, तो मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट जाता है।\n
अन्य विकल्प: मौलिक अधिकारों के लिए अनुच्छेद 32 (रिट क्षेत्राधिकार) है। राष्ट्रपति को सलाह देना ‘सलाहकारी क्षेत्राधिकार’ (अनुच्छेद 143) है।\n
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- संविधान की ‘सातवीं अनुसूची’ का संबंध किससे है?\n
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- (A) दल-बदल कानून
- (B) केंद्र-राज्य शक्तियों का विभाजन (सूचियां)
- (C) भाषाएं
- (D) पंचायतें
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\n सही उत्तर: (B) केंद्र-राज्य शक्तियों का विभाजन (सूचियां)\n
विस्तृत व्याख्या: सातवीं अनुसूची में तीन सूचियां हैं: संघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List), जो केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का बंटवारा करती हैं।\n
अन्य विकल्प: 10वीं अनुसूची दल-बदल से संबंधित है। 8वीं अनुसूची भाषाओं से और 11वीं/12वीं पंचायतों और नगरपालिकाओं से संबंधित है।\n
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- ‘अंतर-राज्य परिषद’ (Inter-State Council) की स्थापना किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 263
- (B) अनुच्छेद 280
- (C) अनुच्छेद 256
- (D) अनुच्छेद 300
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\n सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 263\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को अंतर-राज्य परिषद स्थापित करने की शक्ति देता है ताकि राज्यों के बीच समन्वय बना रहे और विवादों का समाधान हो सके।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है।\n
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- भारत के चुनाव आयोग (ECI) की संवैधानिक स्थिति क्या है?\n
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- (A) वैधानिक निकाय (Statutory Body)
- (B) गैर-संवैधानिक निकाय
- (C) संवैधानिक निकाय (Constitutional Body)
- (D) कार्यकारी निकाय
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\n सही उत्तर: (C) संवैधानिक निकाय (Constitutional Body)\n
विस्तृत व्याख्या: चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है क्योंकि इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 324 में किया गया है। यह भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है।\n
अन्य विकल्प: वैधानिक निकाय वे होते हैं जिन्हें संसद के कानून द्वारा बनाया जाता है (जैसे NHRC)।\n
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- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?\n
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- (A) प्रधानमंत्री
- (B) संसद
- (C) राष्ट्रपति
- (D) मुख्य न्यायाधीश
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\n सही उत्तर: (C) राष्ट्रपति\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 के तहत CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ (Guardian of Public Purse) कहा जाता है।\n
अन्य विकल्प: नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, लेकिन हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के समान संसद द्वारा होती है।\n
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- 73वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) ने संविधान में किस नए भाग को जोड़ा?\n
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- (A) भाग IX
- (B) भाग IX-A
- (C) भाग X
- (D) भाग IV-A
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\n सही उत्तर: (A) भाग IX\n
विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन द्वारा भाग IX जोड़ा गया, जिसने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया। इसके साथ ही 11वीं अनुसूची जोड़ी गई जिसमें पंचायतों के लिए 29 विषय हैं।\n
अन्य विकल्प: भाग IX-A नगरपालिकाओं (74वां संशोधन) से संबंधित है। भाग IV-A मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है।\n
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- राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 365
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\n सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं।\n
अन्य विकल्प: अनुच्छेद 356 ‘राष्ट्रपति शासन’ (राज्य आपातकाल) से और अनुच्छेद 360 ‘वित्तीय आपातकाल’ से संबंधित है।\n
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- ‘दल-बदल विरोधी कानून’ (Anti-Defection Law) संविधान की किस अनुसूची में शामिल है?\n
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- (A) 8वीं अनुसूची
- (B) 9वीं अनुसूची
- (C) 10वीं अनुसूची
- (D) 12वीं अनुसूची
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\n सही उत्तर: (C) 10वीं अनुसूची\n
विस्तृत व्याख्या: 52वें संविधान संशोधन (1985) द्वारा 10वीं अनुसूची जोड़ी गई ताकि राजनीतिक अस्थिरता को रोका जा सके। इसके तहत निर्वाचित सदस्यों की अयोग्यता के नियम दिए गए हैं।\n
अन्य विकल्प: 9वीं अनुसूची भूमि सुधारों से संबंधित है (प्रथम संशोधन, 1951)। 12वीं अनुसूची शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित है।\n
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टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करने के बाद, संबंधित अनुच्छेदों को अपनी मूल संविधान की किताब (Bare Act) से जरूर पढ़ें ताकि आपकी समझ और गहरी हो सके। शुभकामनाएं!
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