नमस्ते समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों!
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समाजशास्त्रीय चिंतन केवल तथ्यों को याद रखना नहीं है, बल्कि समाज की जटिल संरचनाओं को विश्लेषणात्मक दृष्टि से देखने की कला है। आज का यह अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने और आपको UGC-NET, UPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। क्या आप अपनी तैयारी के स्तर को परखने के लिए तैयार हैं? चलिए, इस बौद्धिक यात्रा को शुरू करते हैं!
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति का मुख्य कारण क्या है?\n
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- (A) सामाजिक संबंधों की कमी
- (B) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व और पूंजीवादी श्रम विभाजन
- (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
- (D) व्यक्तिगत इच्छाशक्ति का अभाव
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क है कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने ‘मानवीय स्वभाव’ (Species-being) से अलग हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है और श्रमिक केवल एक मशीन के पुर्जे की तरह काम करता है।
\n संदर्भ: यह अवधारणा उनकी कृति ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तृत है।
\n गलत विकल्प: (A) सामाजिक संबंधों की कमी एक परिणाम हो सकती है, मुख्य कारण नहीं। (C) और (D) मार्क्स के आर्थिक नियतवाद (Economic Determinism) के विपरीत हैं।\n
- मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?\n
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- (A) एक पूर्ण समाज का नैतिक मॉडल
- (B) एक सांख्यिकीय औसत
- (C) एक मानसिक निर्माण जो सामाजिक वास्तविकता की तुलना के लिए उपयोग किया जाता है
- (D) एक ऐसा समाज जहाँ कोई संघर्ष न हो
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सही उत्तर: (C)
\n विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक समाज या व्यक्ति नहीं है, बल्कि एक वैचारिक उपकरण (Conceptual Tool) है। समाजशास्त्री इसके माध्यम से वास्तविक घटनाओं की तुलना करते हैं ताकि उनकी विशिष्टताओं और विचलनों को समझा जा सके।
\n संदर्भ: वेबर की ‘ Economy and Society’ में इस पद्धति का उपयोग किया गया है।
\n गलत विकल्प: (A) यह नैतिक आदर्श नहीं, बल्कि विश्लेषणात्मक उपकरण है। (B) यह औसत नहीं, बल्कि विशिष्ट गुणों का संचय है।\n
- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की विशेषता क्या है?\n
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- (A) श्रम विभाजन की उच्च डिग्री
- (B) पारस्परिक निर्भरता
- (C) समान विश्वास और मूल्य (सामूहिक चेतना)
- (D) जटिल कानूनी प्रणालियाँ
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सही उत्तर: (C)
\n विस्तृत व्याख्या: यांत्रिक एकजुटता आदिम या सरल समाजों में पाई जाती है जहाँ लोग एक जैसे काम करते हैं और उनकी सोच, विश्वास और मूल्य समान होते हैं। यहाँ ‘दमनकारी कानून’ (Repressive Law) प्रभावी होते हैं।
\n संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में दी गई है।
\n गलत विकल्प: (A) और (B) ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएँ हैं जो आधुनिक समाजों में मिलती हैं।\n
- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
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सही उत्तर: (D)
\n विस्तृत व्याख्या: Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से), ताकि सामाजिक व्यवस्था स्थिर रहे।
\n संदर्भ: पार्सन्स का ‘स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म’ (Structural Functionalism) सिद्धांत।
\n गलत विकल्प: (A) G से संबंधित है, (B) A से और (C) I से संबंधित है।\n
- रॉबर्ट के. मर्टन के ‘विचलन सिद्धांत’ (Strain Theory) के अनुसार, जब व्यक्ति समाज द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को स्वीकार करता है लेकिन वैध साधनों को अस्वीकार कर देता है, तो उसे क्या कहा जाता है?\n
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- (A) अनुरूपता (Conformity)
- (B) नवाचार (Innovation)
- (C) अनुष्ठानवाद (Ritualism)
- (D) विद्रोह (Rebellion)
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: ‘Innovation’ तब होता है जब व्यक्ति सफलता (जैसे धन) तो चाहता है, लेकिन उसे पाने के लिए अवैध रास्तों (जैसे चोरी या भ्रष्टाचार) का उपयोग करता है।
\n संदर्भ: मर्टन का ‘Social Structure and Anomie’ सिद्धांत।
\n गलत विकल्प: (A) में लक्ष्य और साधन दोनों स्वीकार होते हैं। (C) में लक्ष्य को छोड़ दिया जाता है लेकिन साधनों का पालन किया जाता है।\n
- जी.एच. मीड के अनुसार, ‘I’ (मैं) और ‘Me’ (मुझे) के बीच क्या अंतर है?\n
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- (A) ‘I’ सामाजिक है और ‘Me’ जैविक है
- (B) ‘I’ प्रतिक्रियात्मक/रचनात्मक है और ‘Me’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है
- (C) ‘I’ और ‘Me’ एक ही चीज हैं
- (D) ‘Me’ जन्मजात होता है और ‘I’ सीखा जाता है
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: ‘Me’ समाज द्वारा थोपे गए नियमों और अपेक्षाओं का आंतरिक रूप है, जबकि ‘I’ उस ‘Me’ के प्रति व्यक्ति की सहज, रचनात्मक और अनिश्चित प्रतिक्रिया है।
\n संदर्भ: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)।
\n गलत विकल्प: (A) वास्तव में ‘Me’ सामाजिक है। (D) ‘Me’ सामाजिककरण की प्रक्रिया से विकसित होता है।\n
- पियरे बोर्दियू की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा क्या स्पष्ट करती है?\n
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- (A) केवल बैंक में जमा धन
- (B) ज्ञान, कौशल और शिक्षा जो सामाजिक लाभ प्रदान करती है
- (C) केवल पारंपरिक रीति-रिवाज
- (D) औद्योगिक उत्पादन की क्षमता
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू के अनुसार, उच्च वर्ग के बच्चों के पास विशिष्ट भाषा, शिष्टाचार और ज्ञान होता है जो उन्हें शिक्षा प्रणाली में लाभ पहुँचाता है, जिससे सामाजिक असमानता बनी रहती है।
\n संदर्भ: बोर्दियू का ‘Reproduction in Education, Society and Culture’ सिद्धांत।
\n गलत विकल्प: (A) यह आर्थिक पूंजी है। (C) यह सांस्कृतिक पूंजी का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन संपूर्ण परिभाषा नहीं।\n
- एंथोनी गिडेंस के ‘संरचनाकरण सिद्धांत’ (Structuration Theory) का मूल मंत्र क्या है?\n
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- (A) संरचना व्यक्ति को पूरी तरह नियंत्रित करती है
- (B) व्यक्ति संरचना से पूरी तरह स्वतंत्र है
- (C) संरचना और एजेंसी (व्यक्ति) एक-दूसरे को परस्पर निर्मित करते हैं
- (D) केवल आर्थिक कारक समाज को चलाते हैं
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सही उत्तर: (C)
\n विस्तृत व्याख्या: गिडेंस कहते हैं कि सामाजिक संरचनाएं मनुष्यों के कार्यों द्वारा बनाई जाती हैं, लेकिन वही संरचनाएं बाद में उन कार्यों को प्रभावित और सीमित करती हैं। इसे ‘द्वैतता’ (Duality of Structure) कहा जाता है।
\n संदर्भ: ‘The Constitution of Society’ (1984)।
\n गलत विकल्प: (A) संरचनावाद का चरम रूप है। (B) व्यक्तिवाद का चरम रूप है।\n
- ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) प्रणाली का सबसे सटीक उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) आधुनिक वर्ग प्रणाली (Class System)
- (B) जाति प्रणाली (Caste System)
- (C) पेशेवर श्रेणी (Professional Category)
- (D) आय आधारित विभाजन
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: बंद प्रणाली वह है जहाँ सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) अत्यंत कठिन या असंभव होती है। जाति जन्म आधारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता।
\n संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण के सिद्धांत।
\n गलत विकल्प: (A) वर्ग प्रणाली ‘खुली’ होती है क्योंकि शिक्षा और धन से वर्ग बदला जा सकता है।\n
- दुर्खीम के अनुसार ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम हों
- (B) जब सामाजिक मानदंडों में अचानक गिरावट या अस्थिरता आए
- (C) जब व्यक्ति अत्यधिक धार्मिक हो जाए
- (D) जब आर्थिक समानता स्थापित हो जाए
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: एनोमी वह स्थिति है जहाँ समाज के नियम और मानदंड व्यक्ति के व्यवहार को नियंत्रित करने में विफल रहते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है (जैसे आर्थिक मंदी या अचानक आई समृद्धि के दौरान)।
\n संदर्भ: ‘Suicide’ (1897)।
\n गलत विकल्प: (A) यह अत्यधिक नियंत्रण है, एनोमी नहीं।\n
- ‘मातृवंशीय’ (Matrilineal) समाज के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?\n
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- (A) इसमें संपत्ति केवल पिता से पुत्र को जाती है
- (B) इसमें वंश और विरासत माता के माध्यम से चलती है
- (C) इसमें महिलाएँ परिवार की निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं होतीं
- (D) यह केवल भारत के उत्तर भारतीय राज्यों में पाया जाता है
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: मातृवंशीय प्रणाली में वंश का निर्धारण माता के नाम से होता है और संपत्ति का हस्तांतरण भी महिला वंश के माध्यम से होता है (जैसे मेघालय की खासी जनजाति)।
\n संदर्भ: नातेदारी (Kinship) के प्रकार।
\n गलत विकल्प: (A) यह पितृवंशीय (Patrilineal) है। (D) यह मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत और कुछ अन्य वैश्विक संस्कृतियों में है।\n
- मैक्स वेबर ने अपनी पुस्तक ‘The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism’ में किस विचार पर जोर दिया है?\n
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- (A) धर्म समाज में केवल संघर्ष पैदा करता है
- (B) धार्मिक विश्वास (जैसे केल्विनवाद) आर्थिक व्यवहार और पूंजीवाद को प्रेरित कर सकते हैं
- (C) पूंजीवाद ने धर्म को पूरी तरह समाप्त कर दिया है
- (D) केवल गरीबी ही मोक्ष का मार्ग है
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: वेबर ने तर्क दिया कि प्रोटेस्टेंट धर्म की ‘पूर्व-निर्धारण’ (Predestination) की अवधारणा ने लोगों को कड़ी मेहनत और मितव्ययिता के लिए प्रेरित किया, जिससे पूंजीवाद के उदय में मदद मिली।
\n संदर्भ: वेबर का समाजशास्त्र।
\n गलत विकल्प: (A) यह मार्क्स का विचार है। (C) धर्म बदला है, समाप्त नहीं हुआ।\n
- शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘गुप्त पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो शिक्षकों ने गुप्त रखा हो
- (B) वह अनौपचारिक मूल्य और व्यवहार जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं
- (C) केवल तकनीकी कौशल सिखाना
- (D) वह पाठ्यक्रम जो केवल उच्च वर्ग के लिए हो
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: गुप्त पाठ्यक्रम में वे बातें शामिल हैं जो आधिकारिक किताबों में नहीं लिखी होतीं, जैसे अनुशासन, आज्ञाकारिता, समय की पाबंदी और सामाजिक पदानुक्रम का सम्मान करना।
\n संदर्भ: शिक्षा का समाजशास्त्र (Sociology of Education)।
\n गलत विकल्प: (A) यह ‘गुप्त’ रहने वाला रहस्य नहीं, बल्कि एक समाजशास्त्रीय अवधारणा है।\n
- ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) किस अनुसंधान पद्धति का मुख्य हिस्सा है?\n
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- (A) मात्रात्मक शोध (Quantitative Research)
- (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
- (C) प्रयोगात्मक शोध (Experimental Research)
- (D) सर्वेक्षण पद्धति (Survey Method)
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: सहभागी अवलोकन में शोधकर्ता उस समूह का हिस्सा बनकर रहता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है, ताकि उनके जीवन के वास्तविक अनुभवों को गहराई से समझा जा सके।
\n संदर्भ: गुणात्मक अनुसंधान विधियाँ।
\n गलत विकल्प: (A), (C) और (D) मुख्य रूप से मात्रात्मक और डेटा-आधारित होते हैं।\n
- अनुसंधान में ‘त्रिकोणीकरण’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) तीन अलग-अलग शोधकर्ताओं का एक साथ काम करना
- (B) डेटा की वैधता बढ़ाने के लिए एक ही समस्या के अध्ययन हेतु विभिन्न विधियों का उपयोग करना
- (C) केवल तीन नमूनों (Samples) का अध्ययन करना
- (D) आंकड़ों को त्रिभुज के आकार में प्रस्तुत करना
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: जब शोधकर्ता एक ही घटना को समझने के लिए साक्षात्कार, सर्वेक्षण और अवलोकन जैसे विभिन्न तरीकों का उपयोग करता है, तो इसे त्रिकोणीकरण कहते हैं। इससे परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ती है।
\n संदर्भ: समाजशास्त्रीय शोध पद्धति।
\n गलत विकल्प: (A) और (C) केवल संख्यात्मक विवरण हैं, पद्धति नहीं।\n
- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) उच्च जातियों द्वारा निचली जातियों का शोषण
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना
- (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य शिक्षण
- (D) जातियों का पूर्णतः समाप्त हो जाना
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए ‘द्विज’ या उच्च जातियों के अनुष्ठानों, शाकाहार और जीवन पद्धति को अपनाती हैं।
\n संदर्भ: श्रीनिवास की पुस्तक ‘Religion and Society among the Coorgs of South India’।
\n गलत विकल्प: (A) यह शोषण नहीं, बल्कि गतिशीलता का प्रयास है।\n
- ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) के लिए श्रीनिवास ने कौन सी शर्तें बताई हैं?\n
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- (A) केवल उच्च धार्मिक स्थिति
- (B) केवल बड़ी जनसंख्या
- (C) भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव
- (D) केवल शहरी क्षेत्रों में निवास
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सही उत्तर: (C)
\n विस्तृत व्याख्या: एक जाति तब प्रभावी मानी जाती है जब उसके पास जमीन का बड़ा हिस्सा हो, उसकी जनसंख्या पर्याप्त हो और वह स्थानीय राजनीति व प्रशासन पर प्रभाव डाल सके।
\n संदर्भ: ग्रामीण समाजशास्त्र और भारतीय समाज।
\n गलत विकल्प: (A) धार्मिक स्थिति (Ritual Status) प्रभावी होने के लिए पर्याप्त नहीं है यदि उसके पास आर्थिक शक्ति न हो।\n
- जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जनजातियों के बारे में क्या दृष्टिकोण रखा था?\n
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- (A) जनजातियाँ पूरी तरह से अलग और पृथक समाज हैं
- (B) जनजातियाँ ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus) हैं
- (C) जनजातियों को मुख्यधारा से पूरी तरह अलग रखना चाहिए
- (D) जनजातियों का कोई सामाजिक ढांचा नहीं होता
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि भारतीय जनजातियाँ हिंदू समाज का ही एक हिस्सा रही हैं, बस वे विकास की दौड़ में पीछे रह गईं। यह दृष्टिकोण वर्जील एल्विन के ‘पृथक्करण’ (Isolation) के विचार के विपरीत था।
\n संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र (Tribal Studies)।
\n गलत विकल्प: (A) यह एल्विन का दृष्टिकोण था।\n
- अर्नेस्ट बर्गेस का ‘संकेंद्रित क्षेत्र मॉडल’ (Concentric Zone Model) शहरी विकास के बारे में क्या बताता है?\n
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- (A) शहर बेतरतीब ढंग से विकसित होते हैं
- (B) शहर वृत्ताकार छल्लों (Rings) के रूप में विकसित होते हैं, जहाँ केंद्र में CBD होता है
- (C) केवल सड़कें शहरी विकास तय करती हैं
- (D) शहर केवल नदियों के किनारे विकसित होते हैं
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: बर्गेस के अनुसार, शहर एक केंद्र (Central Business District – CBD) से शुरू होकर बाहर की ओर पाँच वृत्ताकार क्षेत्रों में फैलता है (जैसे संक्रमण क्षेत्र, श्रमिक आवास क्षेत्र आदि)।
\n संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology)।
\n गलत विकल्प: (A) यह मॉडल एक व्यवस्थित पैटर्न का सुझाव देता है।\n
- ग्रामीण भारत में ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) का मुख्य आधार क्या था?\n
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- (A) केवल नकद लेनदेन
- (B) जातियों के बीच सेवाओं का पारस्परिक विनिमय और पारंपरिक संबंध
- (C) सरकारी अनुबंध
- (D) शहरी बाजारों पर निर्भरता
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था एक सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था थी जहाँ सेवा प्रदाता जातियाँ (जैसे नाई, लोहार) सेवा प्राप्त करने वाली जातियों (जजमान) को सेवाएँ देती थीं और बदले में उन्हें अनाज या भूमि का हिस्सा मिलता था।
\n संदर्भ: ग्रामीण समाजशास्त्र।
\n गलत विकल्प: (A) यह मुख्य रूप से वस्तु-विनिमय (Barter) पर आधारित थी, न कि नकद पर।\n
- समकालीन समाजशास्त्रीय बहस के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का सामाजिक विज्ञानों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?\n
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- (A) यह केवल गणितीय गणनाओं तक सीमित रहेगा
- (B) यह अनुसंधान विधियों में क्रांति ला सकता है लेकिन सामाजिक बारीकियों और सहानुभूति की कमी का जोखिम भी पैदा करता है
- (C) यह समाजशास्त्र को पूरी तरह समाप्त कर देगा
- (D) AI का सामाजिक व्यवहार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: वर्तमान बहस यह है कि AI बड़े डेटा (Big Data) का विश्लेषण तो कर सकता है, लेकिन मानव भावनाओं, संस्कृति और संदर्भ की गहरी समझ (Thick Description) केवल एक मानव समाजशास्त्री ही कर सकता है।
\n संदर्भ: डिजिटल समाजशास्त्र (Digital Sociology) और वर्तमान तकनीकी बहस।
\n गलत विकल्प: (C) AI एक उपकरण है, प्रतिस्थापन नहीं। (D) एल्गोरिदम अब सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर रहे हैं।\n
- घरेलू श्रम के समाजशास्त्रीय अध्ययन (जैसे हालिया रिपोर्ट्स) के अनुसार, महिलाओं द्वारा ‘मल्टीटास्किंग’ (Multitasking) करना क्या दर्शाता है?\n
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- (A) महिलाओं की स्वाभाविक जैविक क्षमता
- (B) घरेलू श्रम के लैंगिक विभाजन और ‘अदृश्य श्रम’ (Invisible Labor) का बोझ
- (C) पुरुषों की तुलना में महिलाओं का अधिक खाली समय
- (D) आधुनिक परिवारों में पूर्ण समानता
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय दृष्टि से, घर के कामों के दौरान मल्टीटास्किंग यह दिखाती है कि महिलाओं पर ‘मानसिक बोझ’ (Mental Load) अधिक होता है, जहाँ उन्हें एक साथ कई जिम्मेदारियों को संभालना पड़ता है, जबकि पुरुषों के कार्य अक्सर एकल (Solo chores) होते हैं।
\n संदर्भ: लैंगिक अध्ययन (Gender Studies) और घरेलू श्रम का समाजशास्त्र।
\n गलत विकल्प: (A) यह जैविक नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से निर्मित भूमिका है।\n
- डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से बढ़ते बाल यौन शोषण (Child Sexual Abuse) के मामलों को समाजशास्त्रीय रूप से कैसे देखा जा सकता है?\n
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- (A) केवल एक तकनीकी समस्या के रूप में
- (B) डिजिटल निगरानी की कमी और नई प्रकार की ‘डिजिटल विचलन’ (Digital Deviance) के रूप में
- (C) इंटरनेट के पूरी तरह बंद होने के समाधान के रूप में
- (D) यह एक व्यक्तिगत समस्या है, सामाजिक नहीं
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: जब तकनीक का उपयोग अपराध के लिए किया जाता है, तो यह ‘डिजिटल विचलन’ का उदाहरण है। यह दर्शाता है कि कैसे सामाजिक नियंत्रण के पुराने तरीके डिजिटल स्पेस में विफल हो रहे हैं।
\n संदर्भ: अपराधशास्त्र और डिजिटल समाजशास्त्र।
\n गलत विकल्प: (A) तकनीक केवल माध्यम है, कारण सामाजिक और मनोवैज्ञानिक होते हैं।\n
- उच्च शैक्षणिक परिणामों (जैसे A-Level results) और सामाजिक स्तरीकरण के बीच क्या संबंध हो सकता है?\n
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- (A) शिक्षा हमेशा पूर्ण समानता लाती है
- (B) उच्च परिणाम अक्सर सांस्कृतिक पूंजी और संसाधनों तक पहुंच का प्रतिबिंब होते हैं, न कि केवल योग्यता (Merit) का
- (C) ग्रेड्स का सामाजिक स्थिति से कोई लेना-देना नहीं होता
- (D) केवल बुद्धिमान छात्र ही अच्छे ग्रेड लाते हैं, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्री तर्क देते हैं कि ‘योग्यता’ (Merit) एक निष्पक्ष अवधारणा नहीं है। जिनके पास बेहतर कोचिंग, स्थिर घर और माता-पिता का समर्थन (सांस्कृतिक पूंजी) होता है, उनके उच्च परिणाम लाने की संभावना अधिक होती है।
\n संदर्भ: शिक्षा का समाजशास्त्र और योग्यतावाद (Meritocracy) की आलोचना।
\n गलत विकल्प: (D) यह केवल ‘योग्यता’ के भ्रम पर आधारित है, सामाजिक वास्तविकताओं को नजरअंदाज करता है।\n
- ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Fact) की अवधारणा किसने दी और इसका अर्थ क्या है?\n
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- (A) मैक्स वेबर; व्यक्तिगत क्रिया
- (B) एमिल दुर्खीम; वे तरीके सोचने और कार्य करने के जो व्यक्ति के बाहर होते हैं और उस पर दबाव डालते हैं
- (C) कार्ल मार्क्स; वर्ग संघर्ष
- (D) हरबर्ट स्पेंसर; सामाजिक विकास
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सही उत्तर: (B)
\n विस्तृत व्याख्या: सामाजिक तथ्य वे नियम, कानून, नैतिकता और परंपराएं हैं जो व्यक्ति के जन्म से पहले मौजूद होती हैं और उसे एक निश्चित तरीके से व्यवहार करने के लिए मजबूर करती हैं (जैसे भाषा या विवाह के नियम)।
\n संदर्भ: ‘The Rules of Sociological Method’ (1895)।
\n गलत विकल्प: (A) वेबर ‘सामाजिक क्रिया’ (Social Action) पर केंद्रित थे, न कि तथ्यों पर।\n
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निष्कर्ष: यदि आपने 20 से अधिक प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं, तो आपकी वैचारिक पकड़ उत्कृष्ट है। यदि उत्तर कम हैं, तो विचारकों की मूल पुस्तकों और अवधारणाओं का पुनः अध्ययन करें। याद रखें, समाजशास्त्र रटने का नहीं, समझने का विषय है। कल फिर मिलेंगे एक नई चुनौती के साथ!
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।