समय की यात्रा: इतिहास के महत्वपूर्ण मोड़ों का अभ्यास
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समय की धूल झाड़कर अतीत के झरोखे से झाँकने का समय आ गया है। चाहे वह सिंधु घाटी की रहस्यमयी गलियां हों, मुगलों का भव्य साम्राज्य हो या आधुनिक भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गूँज, इतिहास हमें वर्तमान को समझने की दृष्टि देता है। यदि आप UPSC, SSC या किसी राज्य लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे हैं, तो यह अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और उसे मजबूत करने का एक बेहतरीन अवसर है। आइए, अतीत की इस रोमांचक यात्रा पर निकलें!
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- सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में, ‘लोथल’ स्थल के बारे में क्या सत्य है?\n
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- (A) यह एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र था।
- (B) यहाँ से दुनिया का पहला कृत्रिम गोदीवाड़ा (Dockyard) मिला है।
- (C) यह केवल एक कृषि प्रधान बस्ती थी।
- (D) यह स्थल सरस्वती नदी के तट पर स्थित था।
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ एक विशाल ईंटों से बना गोदीवाड़ा मिला है, जो यह सिद्ध करता है कि हड़प्पावासी मेसोपोटामिया और अन्य विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।\n
अन्य विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि लोथल मुख्य रूप से व्यापारिक केंद्र था। विकल्प (D) गलत है क्योंकि लोथल भोगवा नदी के तट पर स्थित था, न कि सरस्वती के तट पर।\n
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- ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का वर्णन है, जिसमें चार वर्णों की उत्पत्ति बताई गई है?\n
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- (A) तीसरे मंडल
- (B) सातवें मंडल
- (C) नौवें मंडल
- (D) दसवें मंडल
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\nसही उत्तर: (D)\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र नामक चार वर्णों का उल्लेख मिलता है। इसमें कहा गया है कि इन चारों की उत्पत्ति एक विराट पुरुष के विभिन्न अंगों से हुई है।\n
अन्य विकल्प: तीसरा मंडल ‘गायत्री मंत्र’ के लिए प्रसिद्ध है। नौवां मंडल पूरी तरह से ‘सोम’ देव को समर्पित है।\n
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- सम्राट अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त ‘धम्म’ शब्द का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) एक नया धर्म स्थापित करना।
- (B) बौद्ध धर्म का अनिवार्य प्रचार करना।
- (C) सामाजिक नैतिकता और सहिष्णुता को बढ़ावा देना।
- (D) केवल ब्राह्मणवादी परंपराओं का विरोध करना।
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई औपचारिक धर्म नहीं था, बल्कि जीवन जीने की एक संहिता (Code of Conduct) थी। इसमें बड़ों का सम्मान, अहिंसा, सहिष्णुता और जीवों के प्रति दया जैसे नैतिक मूल्यों पर जोर दिया गया था ताकि एक विविध साम्राज्य में शांति बनी रहे।\n
अन्य विकल्प: अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया था, लेकिन धम्म सार्वभौमिक था, किसी एक संप्रदाय तक सीमित नहीं था।\n
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- गुप्त काल के दौरान ‘नवरत्न’ किस शासक के दरबार की शोभा बढ़ाते थे?\n
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- (A) श्रीगुप्त
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
- (D) कुमारगुप्त
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: चंद्रगुप्त द्वितीय, जिन्हें विक्रमादित्य के नाम से भी जाना जाता है, के दरबार में नौ विद्वान (नवरत्न) थे, जिनमें महाकवि कालिदास और वराहमिहिर जैसे महान व्यक्तित्व शामिल थे। यह काल भारतीय साहित्य और विज्ञान का स्वर्ण युग माना जाता है।\n
अन्य विकल्प: समुद्रगुप्त को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है, जबकि श्रीगुप्त गुप्त वंश के संस्थापक थे।\n
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- चौथी बौद्ध संगीति का आयोजन किसके शासनकाल में और कहाँ हुआ था?\n
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- (A) अशोक – पाटलिपुत्र
- (B) कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)
- (C) कालाशोक – पाटलिपुत्र
- (D) अजातशत्रु – राजगृह
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण शासक कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी। इसी संगीति के बाद बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ नामक दो प्रमुख शाखाओं में विभाजित हो गया।\n
अन्य विकल्प: पहली संगीति अजातशत्रु के समय राजगृह में और तीसरी अशोक के समय पाटलिपुत्र में हुई थी।\n
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- संगम साहित्य मुख्य रूप से किस भाषा में लिखा गया था और यह किस क्षेत्र से संबंधित है?\n
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- (A) संस्कृत – उत्तर भारत
- (B) प्राकृत – मध्य भारत
- (C) तमिल – दक्षिण भारत
- (D) तेलुगु – आंध्र क्षेत्र
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल भाषा का साहित्य है। ‘संगम’ का अर्थ है विद्वानों की गोष्ठी। यह साहित्य दक्षिण भारत के चेर, चोल और पांड्य राजवंशों के सामाजिक और राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालता है।\n
अन्य विकल्प: संस्कृत और प्राकृत उत्तर और मध्य भारत की प्रमुख भाषाएं थीं, लेकिन संगम साहित्य विशेष रूप से तमिल संस्कृति का दर्पण है।\n
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाज़ार नियंत्रण प्रणाली’ (Market Control System) लागू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मुहम्मद बिन तुगलक
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना को कम वेतन में बनाए रखने के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और सख्त बाज़ार नियंत्रण लागू किया। इसके लिए उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी नियुक्त किया था।\n
अन्य विकल्प: बलबन ने ‘सिजदा’ और ‘पाइबोस’ जैसी प्रथाएं शुरू की थीं, जबकि इल्तुतमिश ने ‘इक्ता प्रणाली’ की शुरुआत की थी।\n
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- मुगल काल में ‘मनसबदारी प्रथा’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) केवल धार्मिक प्रचार करना।
- (B) सैन्य और नागरिक प्रशासन को व्यवस्थित करना।
- (C) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना।
- (D) कृषि उत्पादन को दोगुना करना।
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी प्रथा एक श्रेणीबद्ध व्यवस्था थी जिसमें ‘जात’ (पद/दर्जा) और ‘सवार’ (घुड़सवारों की संख्या) निर्धारित की जाती थी। इससे मुगल साम्राज्य को एक संगठित सैन्य और प्रशासनिक ढांचा मिला।\n
अन्य विकल्प: यह व्यवस्था राजस्व संग्रह और सैन्य प्रबंधन से जुड़ी थी, न कि केवल धार्मिक या व्यापारिक उद्देश्यों से।\n
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- विजयनगर साम्राज्य के सबसे प्रतापी राजा ‘कृष्णदेव राय’ किस वंश से संबंधित थे?\n
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- (A) संगम वंश
- (B) सालुव वंश
- (C) तुलुव वंश
- (D) अरविदु वंश
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे। उनके शासनकाल में कला, साहित्य और स्थापत्य का अभूतपूर्व विकास हुआ। उनके दरबार को ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) की शोभा प्राप्त थी।\n
अन्य विकल्प: संगम वंश विजयनगर का संस्थापक वंश था, जबकि अरविदु अंतिम वंश था।\n
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- शिवाजी महाराज के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ परिषद का क्या कार्य था?\n
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- (A) केवल धार्मिक अनुष्ठान करना।
- (B) विदेशी आक्रमणों को रोकना।
- (C) शासन के विभिन्न विभागों का प्रबंधन और परामर्श देना।
- (D) केवल कर संग्रह करना।
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज ने प्रशासन को सुचारू बनाने के लिए आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी, जिसे ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था। इसमें पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त मंत्री) जैसे पद शामिल थे।\n
अन्य विकल्प: अष्टप्रधान केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं थे, बल्कि नीति निर्धारण और न्याय व्यवस्था में भी शामिल थे।\n
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- मुगल बादशाह अकबर द्वारा शुरू की गई ‘दीन-ए-इलाही’ का मूल दर्शन क्या था?\n
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- (A) कट्टर इस्लामी कानूनों का पालन।
- (B) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों का मिश्रण और एकेश्वरवाद।
- (C) हिंदू धर्म का पूर्ण त्याग।
- (D) केवल सूफी संतों का अनुसरण।
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने विभिन्न धर्मों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए ‘दीन-ए-इलाही’ (ईश्वरीय धर्म) की शुरुआत की। इसका उद्देश्य एक ऐसी साझा विचारधारा बनाना था जो सहिष्णुता और नैतिकता पर आधारित हो।\n
अन्य विकल्प: यह कोई औपचारिक धर्म नहीं था और न ही इसका उद्देश्य किसी विशेष धर्म का विरोध करना था।\n
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की थी?\n
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- (A) गयासुद्दीन तुगलक
- (B) मुहम्मद बिन तुगलक
- (C) फिरोज शाह तुगलक
- (D) बलबन
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: मुहम्मद बिन तुगलक ने साम्राज्य के केंद्र को दक्षिण भारत की ओर ले जाने के लिए राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद (महाराष्ट्र) स्थानांतरित किया। यह प्रयोग असफल रहा क्योंकि दिल्ली की सुरक्षा खतरे में पड़ गई और जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।\n
अन्य विकल्प: फिरोज शाह तुगलक ने हिसार और फिरोजाबाद जैसे नए शहर बसाए थे, लेकिन राजधानी स्थायी रूप से नहीं बदली थी।\n
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- 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?\n
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- (A) लॉर्ड डलहौजी
- (B) लॉर्ड कैनिंग
- (C) लॉर्ड विलियम बेंटिक
- (D) लॉर्ड कर्जन
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समय लॉर्ड कैनिंग भारत के गवर्नर जनरल थे। विद्रोह के बाद, 1858 के अधिनियम के तहत भारत का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से सीधे ब्रिटिश क्राउन के पास चला गया और कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने।\n
अन्य विकल्प: लॉर्ड डलहौजी ने ‘व्यपगत सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) लागू किया था, जो विद्रोह के कारणों में से एक था।\n
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- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का प्राथमिक लक्ष्य क्या था?\n
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- (A) हिंदू धर्म को पूरी तरह समाप्त करना।
- (B) सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों का अंत और एकेश्वरवाद का प्रचार।
- (C) केवल अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देना।
- (D) राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र विद्रोह करना।
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को ‘आधुनिक भारत का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने ब्रह्म समाज के माध्यम से मूर्ति पूजा का विरोध किया, सती प्रथा के खिलाफ अभियान चलाया और महिलाओं के अधिकारों की वकालत की।\n
अन्य विकल्प: उनका उद्देश्य हिंदू धर्म को नष्ट करना नहीं, बल्कि उसे शुद्ध करना और कुरीतियों को दूर करना था।\n
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- 1905 के ‘बंगाल विभाजन’ के विरोध में शुरू हुए ‘स्वदेशी आंदोलन’ की मुख्य विशेषता क्या थी?\n
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- (A) ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं का उपयोग।
- (B) केवल शांतिपूर्ण प्रार्थना करना।
- (C) ब्रिटिश सरकार के साथ समझौता करना।
- (D) पूर्णतः हिंसा का सहारा लेना।
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\nसही उत्तर: (A)\n
विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड कर्जन द्वारा किए गए बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। इसका उद्देश्य विदेशी कपड़ों की होली जलाना और स्वदेशी उद्योगों (जैसे कपड़ा मिलों) को बढ़ावा देना था ताकि आर्थिक रूप से अंग्रेजों पर निर्भरता कम हो।\n
अन्य विकल्प: यह आंदोलन केवल प्रार्थना तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें आर्थिक बहिष्कार का एक सशक्त हथियार इस्तेमाल किया गया था।\n
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- महात्मा गांधी ने ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को किस घटना के बाद वापस ले लिया था?\n
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- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (B) चौरी-चौरा कांड
- (C) काकोरी कांड
- (D) दांडी मार्च
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा नामक स्थान पर एक हिंसक भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा के प्रबल समर्थक थे, इसलिए इस हिंसा से दुखी होकर उन्होंने तुरंत आंदोलन वापस ले लिया।\n
अन्य विकल्प: जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के विरोध में ही असहयोग आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार हुई थी।\n
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- ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत किस ऐतिहासिक घटना से हुई थी?\n
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- (A) चंपारण सत्याग्रह
- (B) खेड़ा सत्याग्रह
- (C) दांडी नमक यात्रा
- (D) भारत छोड़ो आंदोलन
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: 12 मार्च 1930 को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक की यात्रा की और 6 अप्रैल को नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की। यह अंग्रेजों के अन्यायपूर्ण कर कानूनों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध था।\n
अन्य विकल्प: चंपारण और खेड़ा गांधीजी के शुरुआती स्थानीय प्रयोग थे, जबकि दांडी यात्रा ने इसे एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बना दिया।\n
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- 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान गांधीजी ने कौन सा प्रसिद्ध नारा दिया था?\n
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- (A) स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।
- (B) इंकलाब जिंदाबाद।
- (C) करो या मरो (Do or Die)।
- (D) तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया। यह आंदोलन ब्रिटिश शासन को समाप्त करने का अंतिम और सबसे तीव्र प्रयास था, जिसमें जनता ने स्वतः स्फूर्त भागीदारी की।\n
अन्य विकल्प: ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ बाल गंगाधर तिलक ने और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगत सिंह ने लोकप्रिय बनाया था।\n
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे और प्रथम अधिवेशन कहाँ हुआ था?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम – कलकत्ता
- (B) डब्ल्यू.सी. बनर्जी – बंबई
- (C) दादाभाई नौरोजी – मद्रास
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी – कलकत्ता
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम द्वारा की गई थी, लेकिन इसके पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) थे। प्रथम अधिवेशन बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था।\n
अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक थे, अध्यक्ष नहीं। बदरुद्दीन तैयबजी कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे।\n
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- सुभाष चंद्र बोस ने ‘आजाद हिंद फौज’ (INA) के नेतृत्व में किस नारे के माध्यम से सैनिकों को प्रेरित किया?\n
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- (A) जय हिंद
- (B) दिल्ली चलो
- (C) वंदे मातरम
- (D) उपर्युक्त में से (A) और (B) दोनों
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\nसही उत्तर: (D)\n
विस्तृत व्याख्या: सुभाष चंद्र बोस ने ‘जय हिंद’ और ‘दिल्ली चलो’ जैसे नारों के माध्यम से आजाद हिंद फौज के सैनिकों में देशभक्ति का संचार किया। उनका लक्ष्य सैन्य बल के माध्यम से भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराना था।\n
अन्य विकल्प: ‘वंदे मातरम’ बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंदमठ से लिया गया था, जो पूरे स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र बना रहा।\n
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था और इसका मुख्य नारा क्या था?\n
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- (A) औद्योगिक क्रांति – शांति और समृद्धि
- (B) आर्थिक संकट और करों का बोझ – स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व
- (C) धार्मिक युद्ध – एक राष्ट्र, एक धर्म
- (D) उपनिवेशवाद का विरोध – आजादी और लोकतंत्र
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: फ्रांस में अत्यधिक कर्ज, अकाल और केवल तीसरे वर्ग (आम जनता) पर भारी करों के बोझ ने क्रांति को जन्म दिया। इस क्रांति ने दुनिया को ‘स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व’ (Liberty, Equality, Fraternity) का महान विचार दिया।\n
अन्य विकल्प: औद्योगिक क्रांति एक आर्थिक प्रक्रिया थी, न कि राजनीतिक क्रांति का तात्कालिक कारण।\n
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- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) की शुरुआत का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण।
- (B) ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिस्फरेंड की हत्या।
- (C) रूस की क्रांति।
- (D) अमेरिका का युद्ध में प्रवेश।
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: 28 जून 1914 को साराजेवो में ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार की हत्या ने एक ऐसी चिंगारी सुलगाई जिसने गुप्त संधियों के जाल के कारण पूरी दुनिया को युद्ध में झोंक दिया।\n
अन्य विकल्प: जर्मनी के पोलैंड पर आक्रमण से द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हुई थी, न कि प्रथम की।\n
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- 20वीं सदी के शीत युद्ध (Cold War) के दौरान क्यूबा और अमेरिका के संबंधों में तनाव का मुख्य कारण क्या था?\n
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- (A) क्यूबा का भारत के साथ व्यापारिक समझौता।
- (B) क्यूबा में साम्यवादी शासन की स्थापना और सोवियत संघ के साथ निकटता।
- (C) अमेरिका का क्यूबा की संस्कृति में हस्तक्षेप।
- (D) क्यूबा द्वारा अमेरिका के खिलाफ युद्ध की घोषणा।
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में क्यूबा में साम्यवादी क्रांति हुई, जिसके बाद क्यूबा सोवियत संघ (USSR) के करीब आ गया। अमेरिका के ठीक बगल में एक साम्यवादी राज्य का होना अमेरिका के लिए सुरक्षा खतरा था, जिसके कारण ‘क्यूबन मिसाइल संकट’ जैसी घटनाएं घटीं।\n
अन्य विकल्प: यह तनाव मुख्य रूप से विचारधारा (पूंजीवाद बनाम साम्यवाद) और भू-राजनीतिक प्रभाव का परिणाम था।\n
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- 1913 में अमेरिका में ‘फेडरल रिजर्व’ (Federal Reserve) की स्थापना का प्राथमिक उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) केवल सोने के भंडार को सुरक्षित रखना।
- (B) वित्तीय प्रणाली को स्थिरता प्रदान करना और आर्थिक संकटों को रोकना।
- (C) अन्य देशों के साथ व्यापारिक युद्ध जीतना।
- (D) निजी बैंकों को पूरी तरह बंद करना।
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\nसही उत्तर: (B)\n
विस्तृत व्याख्या: 1907 के बैंकिंग संकट के बाद, अमेरिका को एक केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली की आवश्यकता महसूस हुई। फेडरल रिजर्व की स्थापना का उद्देश्य मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करना, ऋण बाजार को स्थिर करना और वित्तीय अस्थिरता को कम करना था।\n
अन्य विकल्प: फेडरल रिजर्व ने निजी बैंकों को बंद नहीं किया, बल्कि उनके लिए एक नियामक (Regulator) के रूप में कार्य किया।\n
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- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई और किस उद्योग से हुई?\n
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- (A) फ्रांस – लोहा उद्योग
- (B) जर्मनी – रसायन उद्योग
- (C) इंग्लैंड – कपड़ा उद्योग
- (D) अमेरिका – ऑटोमोबाइल उद्योग
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\nसही उत्तर: (C)\n
विस्तृत व्याख्या: औद्योगिक क्रांति 18वीं शताब्दी के मध्य में इंग्लैंड में शुरू हुई। यहाँ सूती वस्त्र उद्योग (Textile Industry) में मशीनीकरण (जैसे स्पिनिंग जेनी और स्टीम इंजन) के कारण उत्पादन में भारी वृद्धि हुई, जिसने पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया।\n
अन्य विकल्प: फ्रांस और जर्मनी ने बाद में औद्योगिकीकरण अपनाया, लेकिन इसकी शुरुआत इंग्लैंड के कपड़ा उद्योग से ही हुई थी।\n
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रणनीतिकार की टिप: इतिहास केवल तारीखों को याद करना नहीं है, बल्कि घटनाओं के बीच के ‘कार्य-कारण संबंध’ (Cause-Effect Relationship) को समझना है। अपनी तैयारी को और पुख्ता करने के लिए इन प्रश्नों के संदर्भों को एनसीईआरटी (NCERT) पुस्तकों से दोबारा पढ़ें।
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