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इतिहास के पन्नों से: अपनी तैयारी को दें नई उड़ान

इतिहास के पन्नों से: अपनी तैयारी को दें नई उड़ान

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समय की धूल झाड़कर अतीत के उन गलियारों में चलें, जहाँ साम्राज्यों का उदय हुआ और महान सभ्यताओं का पतन। यह केवल एक क्विज़ नहीं, बल्कि आपके ज्ञान की अग्निपरीक्षा है जो आपको इतिहास के रहस्यों से रूबरू कराएगी। तैयार हो जाइए एक ऐसी बौद्धिक यात्रा के लिए जो आपकी तैयारी को शिखर तक ले जाएगी और आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़त दिलाएगी।

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  1. सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में, ‘लोथल’ शहर मुख्य रूप से किसके लिए जाना जाता था?\n
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    • A) कृषि केंद्र
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    • B) गोदीवाड़ा (Dockyard)
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    • C) धार्मिक अनुष्ठान स्थल
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    • D) प्रशासनिक राजधानी
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    \nसही उत्तर: B) गोदीवाड़ा (Dockyard)
    \nविस्तृत व्याख्या: लोथल, गुजरात के भाल क्षेत्र में स्थित था और यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ एक विशाल ईंटों से बना गोदीवाड़ा मिला है, जो यह सिद्ध करता है कि हड़प्पावासी मेसोपोटामिया और अन्य विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि लोथल केवल कृषि तक सीमित नहीं था; विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि लोथल का मुख्य महत्व इसके व्यापारिक और समुद्री बुनियादी ढांचे में था।\n

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  2. \n\n

  3. ऋग्वैदिक काल में ‘गोविष्टि’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
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    • A) गायों की रक्षा
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    • B) गायों के लिए युद्ध
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    • C) गायों का दान
    • \n

    • D) गायों का व्यापार
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    \nसही उत्तर: B) गायों के लिए युद्ध
    \nविस्तृत व्याख्या: ऋग्वैदिक समाज में गाय सबसे मूल्यवान संपत्ति थी। ‘गोविष्टि’ का शाब्दिक अर्थ है ‘गायों की खोज’, लेकिन वास्तव में यह गायों को लूटने या प्राप्त करने के लिए किए गए युद्धों को संदर्भित करता था। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि वे ‘गोविष्टि’ के युद्ध-संबंधी संदर्भ को स्पष्ट नहीं करते।\n

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  4. \n\n

  5. मौर्य सम्राट अशोक के ‘धम्म’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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    • A) एक नए धर्म की स्थापना करना
    • \n

    • B) बौद्ध धर्म को अनिवार्य बनाना
    • \n

    • C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना
    • \n

    • D) सैन्य विजय के माध्यम से साम्राज्य का विस्तार करना
    • \n

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    \nसही उत्तर: C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना
    \nविस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई औपचारिक धर्म नहीं था, बल्कि यह जीवन जीने की एक संहिता थी जिसमें बड़ों का सम्मान, अहिंसा, सहिष्णुता और करुणा जैसे नैतिक मूल्य शामिल थे। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि धम्म किसी विशिष्ट धर्म का प्रचार नहीं था, बल्कि एक सार्वभौमिक नैतिक मार्ग था। विकल्प D गलत है क्योंकि कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने ‘भेरीघोष’ को ‘धम्मघोष’ में बदल दिया था।\n

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  7. गुप्त काल के दौरान ‘नवरत्न’ किस शासक के दरबार की शोभा बढ़ाते थे?\n
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    • A) श्रीगुप्त
    • \n

    • B) समुद्रगुप्त
    • \n

    • C) चंद्रगुप्त प्रथम
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    • D) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
    • \n

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    \nसही उत्तर: D) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
    \nविस्तृत व्याख्या: चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में नौ विद्वानों का समूह था जिन्हें ‘नवरत्न’ कहा जाता था, जिनमें महान कवि कालिदास और खगोलशास्त्री वराहमिहिर शामिल थे। विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि यह विशिष्ट परंपरा चंद्रगुप्त द्वितीय के स्वर्ण युग से जुड़ी है।\n

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  8. \n\n

  9. दक्षिण भारत के चोल साम्राज्य में ‘उर’ (Ur) का क्या अर्थ था?\n
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    • A) व्यापारियों का संघ
    • \n

    • B) ब्राह्मणों की बस्ती
    • \n

    • C) सामान्य ग्रामीणों की सभा
    • \n

    • D) शाही दरबार
    • \n

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    \nसही उत्तर: C) सामान्य ग्रामीणों की सभा
    \nविस्तृत व्याख्या: चोल प्रशासन में स्थानीय स्वशासन अत्यंत विकसित था। ‘उर’ सामान्य ग्रामीणों की सभा थी, जबकि ‘अग्रहार’ या ‘सभा’ ब्राह्मणों की बस्तियों की सभा थी। विकल्प A गलत है क्योंकि व्यापारियों के संघ को ‘नगरम’ कहा जाता था। विकल्प B गलत है क्योंकि वह ‘सभा’ के अंतर्गत आता था।\n

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  10. \n\n

  11. कनिष्क के शासनकाल में आयोजित चौथी बौद्ध संगीति कहाँ संपन्न हुई थी?\n
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    • A) राजगृह
    • \n

    • B) वैशाली
    • \n

    • C) पाटलिपुत्र
    • \n

    • D) कुंडलवन (कश्मीर)
    • \n

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    \nसही उत्तर: D) कुंडलवन (कश्मीर)
    \nविस्तृत व्याख्या: कुषाण राजा कनिष्क के संरक्षण में चौथी बौद्ध संगीति कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी, जहाँ बौद्ध धर्म हीनयान और महायान दो शाखाओं में विभाजित हो गया। विकल्प A (प्रथम), B (द्वितीय) और C (तृतीय) संगीति के स्थान थे।\n

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  13. दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाज़ार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?\n
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    • A) गयासुद्दीन तुगलक
    • \n

    • B) अलाउद्दीन खिलजी
    • \n

    • C) मोहम्मद बिन तुगलक
    • \n

    • D) बलबन
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) अलाउद्दीन खिलजी
    \nविस्तृत व्याख्या: अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और एक सख्त बाज़ार नियंत्रण प्रणाली लागू की। विकल्प A और C गलत हैं क्योंकि तुगुलकों की नीतियां अलग थीं। बलबन (विकल्प D) ने सैन्य सुधार किए थे, लेकिन बाज़ार नियंत्रण नहीं।\n

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  15. मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ मूल रूप से कहाँ से प्रेरित थी?\n
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    • A) फारस (Persia)
    • \n

    • B) तुर्की (Turkey)
    • \n

    • C) मंगोलिया (Mongolia)
    • \n

    • D) अरब (Arabia)
    • \n

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    \nसही उत्तर: A) फारस (Persia)
    \nविस्तृत व्याख्या: मनसबदारी प्रणाली मुगल प्रशासन का आधार थी, जो फारसी प्रशासनिक मॉडल से ली गई थी। इसमें ‘जात’ (पद) और ‘सवार’ (घुड़सवारों की संख्या) का प्रावधान था। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि यह प्रणाली विशेष रूप से ईरानी प्रशासनिक ढांचे पर आधारित थी।\n

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  17. विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘कृष्णदेव राय’ के नाम से जाना जाता है और उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की थी?\n
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    • A) हरिहर I
    • \n

    • B) देवराय II
    • \n

    • C) कृष्णदेव राय
    • \n

    • D) अच्युत राय
    • \n

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    \nसही उत्तर: C) कृष्णदेव राय
    \nविस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय तुलुव राजवंश के सबसे महान शासक थे। उन्होंने तेलुगु भाषा में ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक ग्रंथ लिखा और उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) थे। विकल्प A और B प्रारंभिक शासक थे जिन्होंने साम्राज्य की नींव रखी या उसे संभाला।\n

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  19. शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित ‘अष्टप्रधान’ परिषद में ‘पेशवा’ का क्या मुख्य कार्य था?\n
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    • A) विदेश मंत्री
    • \n

    • B) मुख्य न्यायाधीश
    • \n

    • C) प्रधानमंत्री / मुख्य कार्यकारी अधिकारी
    • \n

    • D) धार्मिक मामलों का प्रमुख
    • \n

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    \nसही उत्तर: C) प्रधानमंत्री / मुख्य कार्यकारी अधिकारी
    \nविस्तृत व्याख्या: अष्टप्रधान परिषद में पेशवा का पद सर्वोच्च था, जो प्रशासन के सामान्य कार्यों का संचालन करता था। विदेश मंत्री को ‘सुमंत’ और न्यायाधीश को ‘न्यायाधीश’ कहा जाता था। विकल्प B और D विशिष्ट पदों (न्यायाधीश और पंडित राव) से संबंधित थे।\n

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  21. दिल्ली सल्तनत के किस वंश ने सबसे कम समय तक शासन किया?\n
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    • A) खिलजी वंश
    • \n

    • B) तुगलक वंश
    • \n

    • C) लोधी वंश
    • \n

    • D) गुलाम वंश
    • \n

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    \nसही उत्तर: A) खिलजी वंश
    \nविस्तृत व्याख्या: खिलजी वंश ने लगभग 30 वर्षों (1290-1320) तक शासन किया, जो अन्य सल्तनत वंशों की तुलना में सबसे कम अवधि है। गुलाम वंश (लगभग 80 वर्ष), तुगलक (लगभग 90 वर्ष) और लोधी (लगभग 85 वर्ष) ने अधिक समय तक शासन किया।\n

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  22. \n\n

  23. मुगल वास्तुकला का ‘स्वर्ण युग’ किस सम्राट के काल को माना जाता है?\n
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    • A) अकबर
    • \n

    • B) जहाँगीर
    • \n

    • C) शाहजहाँ
    • \n

    • D) औरंगज़ेब
    • \n

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    \nसही उत्तर: C) शाहजहाँ
    \nविस्तृत व्याख्या: शाहजहाँ के काल को मुगल वास्तुकला का स्वर्ण युग कहा जाता है क्योंकि उन्होंने ताजमहल, लाल किला और जामा मस्जिद जैसी कालजयी इमारतों का निर्माण कराया। विकल्प A ने इमारतों की शुरुआत की, जहाँगीर (विकल्प B) चित्रकला के शौकीन थे, और औरंगज़ेब (विकल्प D) ने वास्तुकला पर कम ध्यान दिया।\n

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  24. \n\n

  25. भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘अद्वैतवाद’ (Advaita) का सिद्धांत दिया था?\n
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    • A) रामानुजाचार्य
    • \n

    • B) आदि शंकराचार्य
    • \n

    • C) मध्वाचार्य
    • \n

    • D) निंबार्काचार्य
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) आदि शंकराचार्य
    \nविस्तृत व्याख्या: आदि शंकराचार्य ने अद्वैतवाद का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार आत्मा और ब्रह्म एक ही हैं। विकल्प A (विशिष्टाद्वैत), C (द्वैत) और D (द्विमोक्ष) अलग-अलग दर्शनों के प्रणेता थे।\n

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  26. \n\n

  27. ब्रिटिश शासन के दौरान ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) किसके द्वारा लागू किया गया था?\n
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    • A) लॉर्ड डलहौजी
    • \n

    • B) लॉर्ड कर्जन
    • \n

    • C) लॉर्ड कॉर्नवॉलिस
    • \n

    • D) लॉर्ड वेलेस्ली
    • \n

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    \nसही उत्तर: C) लॉर्ड कॉर्नवॉलिस
    \nविस्तृत व्याख्या: 1793 में लॉर्ड कॉर्नवॉलिस ने बंगाल, बिहार और ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया, जिसने जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बना दिया। विकल्प A (व्यपगत सिद्धांत), B (बंगाल विभाजन) और D (सहायक संधि) के लिए जाने जाते हैं।\n

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  28. \n\n

  29. 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?\n
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    • A) रानी लक्ष्मीबाई
    • \n

    • B) बेगम हजरत महल
    • \n

    • C) कुंवर सिंह
    • \n

    • D) नाना साहिब
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) बेगम हजरत महल
    \nविस्तृत व्याख्या: लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हजरत महल ने किया था। विकल्प A ने झाँसी में, C ने बिहार (जगदीशपुर) में और D ने कानपुर में नेतृत्व किया था।\n

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  30. \n\n

  31. ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना 1873 में किसके द्वारा की गई थी?\n
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    • A) राजा राममोहन राय
    • \n

    • B) ज्योतिराव फुले
    • \n

    • C) दयानंद सरस्वती
    • \n

    • D) स्वामी विवेकानंद
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) ज्योतिराव फुले
    \nविस्तृत व्याख्या: ज्योतिराव फुले ने दलितों और पिछड़ों के उत्थान तथा जातिवाद के विरोध के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना की। विकल्प A ने ब्रह्म समाज की, C ने आर्य समाज की स्थापना की, और विकल्प D ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।\n

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  32. \n\n

  33. महात्मा गांधी ने किस घटना के बाद ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को वापस ले लिया था?\n
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    • A) जलियाँवाला बाग हत्याकांड
    • \n

    • B) चौरी-चौरा कांड
    • \n

    • C) रॉलेट एक्ट
    • \n

    • D) काकोरी कांड
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) चौरी-चौरा कांड
    \nविस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में एक हिंसक भीड़ ने पुलिस थाने को जला दिया, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। अहिंसा के पुजारी गांधीजी ने इस हिंसा के विरोध में आंदोलन वापस ले लिया। विकल्प A और C आंदोलन की शुरुआत के कारण थे, जबकि D एक क्रांतिकारी घटना थी।\n

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  34. \n\n

  35. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ का लक्ष्य घोषित किया गया था?\n
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    • A) 1924 बेलगाम अधिवेशन
    • \n

    • B) 1929 लाहौर अधिवेशन
    • \n

    • C) 1931 कराची अधिवेशन
    • \n

    • D) 1907 सूरत अधिवेशन
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) 1929 लाहौर अधिवेशन
    \nविस्तृत व्याख्या: जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 1929 के लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव पारित किया और 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। विकल्प A गांधीजी की अध्यक्षता का एकमात्र अधिवेशन था; C बुनियादी अधिकारों से संबंधित था; D नरम दल और गरम दल के विभाजन का अधिवेशन था।\n

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  36. \n\n

  37. सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित ‘आजाद हिंद फौज’ (INA) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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    • A) ब्रिटिश शासन के साथ बातचीत करना
    • \n

    • B) भारत को सैन्य बल के माध्यम से स्वतंत्र कराना
    • \n

    • C) केवल बंगाल में स्वतंत्रता लाना
    • \n

    • D) गांधीवादी सिद्धांतों का प्रसार करना
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) भारत को सैन्य बल के माध्यम से स्वतंत्र कराना
    \nविस्तृत व्याख्या: आजाद हिंद फौज का लक्ष्य बाहरी सहायता (जापान) और सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से ब्रिटिश शासन को भारत से उखाड़ फेंकना था। विकल्प A गलत है क्योंकि INA का दृष्टिकोण संघर्षपूर्ण था; विकल्प C और D पूरी तरह अप्रासंगिक हैं।\n

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  39. 1946 के ‘कैबिनेट मिशन’ (Cabinet Mission) के सदस्य कौन नहीं थे?\n
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    • A) लॉर्ड पैथिक लॉरेंस
    • \n

    • B) सर स्टेफोर्ड क्रिप्स
    • \n

    • C) ए.वी. अलेक्जेंडर
    • \n

    • D) लॉर्ड माउंटबेटन
    • \n

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    \nसही उत्तर: D) लॉर्ड माउंटबेटन
    \nविस्तृत व्याख्या: कैबिनेट मिशन में पैथिक लॉरेंस, स्टेफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. अलेक्जेंडर शामिल थे। लॉर्ड माउंटबेटन को बाद में भारत के अंतिम वायसराय के रूप में भेजा गया था ताकि विभाजन की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।\n

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  40. \n\n

  41. फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
      \n

    • A) नेपोलियन का उदय
    • \n

    • B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और वित्तीय संकट
    • \n

    • C) औद्योगिक क्रांति
    • \n

    • D) बाहरी आक्रमण
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और वित्तीय संकट
    \nविस्तृत व्याख्या: फ्रांस की अर्थव्यवस्था कर्ज में डूबी थी और लुई XVI ने तीसरे एस्टेट (आम जनता) पर कर बढ़ाने का प्रयास किया, जिससे भारी असंतोष फैला और क्रांति भड़की। विकल्प A क्रांति का परिणाम था; C और D मुख्य कारण नहीं थे।\n

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  42. \n\n

  43. प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के बाद ‘वर्साय की संधि’ (Treaty of Versailles) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
      \n

    • A) जर्मनी को आर्थिक मदद देना
    • \n

    • B) जर्मनी पर कठोर शर्तें थोपना और उसे युद्ध का जिम्मेदार ठहराना
    • \n

    • C) रूस को युद्ध में शामिल करना
    • \n

    • D) लीग ऑफ नेशंस को समाप्त करना
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) जर्मनी पर कठोर शर्तें थोपना और उसे युद्ध का जिम्मेदार ठहराना
    \nविस्तृत व्याख्या: वर्साय की संधि ने जर्मनी पर भारी जुर्माना लगाया, उसकी सेना को सीमित किया और उसके कई क्षेत्रों को छीन लिया, जिसने अंततः द्वितीय विश्व युद्ध के बीज बोए। विकल्प A गलत है क्योंकि जर्मनी को दंडित किया गया था; C और D ऐतिहासिक रूप से गलत हैं।\n

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  44. \n\n

  45. रूसी क्रांति (1917) का नेतृत्व किसने किया था?\n
      \n

    • A) जोसेफ स्टालिन
    • \n

    • B) व्लादिमीर लेनिन
    • \n

    • C) निकोलस II
    • \n

    • D) लियोन ट्रॉटस्की
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) व्लादिमीर लेनिन
    \nविस्तृत व्याख्या: व्लादिमीर लेनिन ने बोल्शेविक पार्टी का नेतृत्व किया और अक्टूबर क्रांति के माध्यम से रूस में पहली समाजवादी सरकार की स्थापना की। विकल्प A बाद में सत्ता में आया; C वह जार था जिसे हटाया गया था; D लेनिन का सहयोगी था लेकिन मुख्य नेतृत्व लेनिन का था।\n

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  46. \n\n

  47. हालिया पुरातात्विक खोजों के अनुसार, इटली के तट पर मिले रोमन कार्गो शिप (Roman Cargo Ship) से भूमध्यसागरीय व्यापार के बारे में क्या पता चलता है?\n
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    • A) रोमन लोग केवल स्थानीय व्यापार करते थे
    • \n

    • B) काला सागर और उत्तरी अफ्रीका के साथ व्यापक व्यापार नेटवर्क मौजूद था
    • \n

    • C) रोमन व्यापार पूरी तरह से रेशम मार्ग (Silk Route) पर निर्भर था
    • \n

    • D) उस समय समुद्री व्यापार प्रतिबंधित था
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) काला सागर और उत्तरी अफ्रीका के व्यापक व्यापार नेटवर्क का प्रमाण
    \nविस्तृत व्याख्या: हाल ही में खोजे गए रोमन जहाज में मिले ‘एम्फोरा’ (मिट्टी के बर्तन) पर लगे स्टैम्प यह दर्शाते हैं कि रोमन साम्राज्य का व्यापार काला सागर और उत्तरी अफ्रीका तक फैला हुआ था, जो उनके जटिल और विस्तृत समुद्री व्यापार नेटवर्क की पुष्टि करता है। विकल्प A, C और D ऐतिहासिक तथ्यों और हालिया खोजों के विपरीत हैं।\n

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  48. \n\n

  49. 2025 के एक अध्ययन के अनुसार, निकट पूर्व (Near East) में ‘कांस्य युग के समाजों’ (Bronze-Age Societies) के पतन का एक प्रमुख कारण क्या माना गया है?\n
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    • A) केवल बाहरी आक्रमण
    • \n

    • B) लंबी अवधि का सूखा और जलवायु परिवर्तन
    • \n

    • C) सोने की कमी
    • \n

    • D) आंतरिक राजनीतिक विद्रोह
    • \n

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    \nसही उत्तर: B) लंबी अवधि का सूखा और जलवायु परिवर्तन
    \nविस्तृत व्याख्या: नवीनतम शोधों से पता चलता है कि कांस्य युग की कई महान सभ्यताओं का पतन केवल युद्धों से नहीं, बल्कि लंबे समय तक चले सूखे और जलवायु परिवर्तन के कारण हुआ, जिससे कृषि व्यवस्था ध्वस्त हो गई। विकल्प A एक पारंपरिक कारण था, लेकिन नया शोध जलवायु परिवर्तन (विकल्प B) को अधिक महत्वपूर्ण मानता है।\n

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रणनीति टिप: इतिहास केवल तारीखों का खेल नहीं है, बल्कि घटनाओं के बीच संबंध खोजने की कला है। अपनी तैयारी को और मजबूत करने के लिए नियमित अभ्यास जारी रखें!

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