समय की यात्रा: इतिहास के अनसुलझे पन्नों को पलटें
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इतिहास केवल तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे वर्तमान को समझने की एक कुंजी है। आइए, समय के गलियारों में एक रोमांचक यात्रा करें और प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक क्रांतियों तक के अपने ज्ञान का परीक्षण करें। यदि आप UPSC, SSC या किसी भी राज्य PSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह अभ्यास सेट आपकी तैयारी को धार देने के लिए तैयार किया गया है। अपनी कलम उठाएं और अतीत के रहस्यों को सुलझाएं!
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- सिंधु घाटी सभ्यता का वह कौन सा स्थल है जहाँ एक विशाल गोदीबाड़ा (Dockyard) पाया गया था?\n
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- (A) कालीबंगा
- (B) लोथल
- (C) धोलावीरा
- (D) बनावली
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\nसही उत्तर: (B) लोथल
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था, जहाँ से समुद्री व्यापार होता था। यहाँ एक कृत्रिम गोदीबाड़ा मिला है, जो उस समय के उन्नत इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाता है।
- संदर्भ: लोथल का अर्थ ‘मृतकों का टीला’ माना जाता है और यह भोगवा नदी के किनारे स्थित था।
- गलत विकल्प: कालीबंगा (राजस्थान) में जूते हुए खेतों के प्रमाण मिले हैं; धोलावीरा (गुजरात) अपनी जल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है; और बनावली (हरियाणा) में मिट्टी के हल के प्रमाण मिले हैं।
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- चौथी बौद्ध संगीति किसके शासनकाल के दौरान आयोजित की गई थी?\n
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- (A) अशोक
- (B) कालशोक
- (C) कनिष्क
- (D) अजातशत्रु
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\nसही उत्तर: (C) कनिष्क
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण शासक कनिष्क के समय कुंडलवन (कश्मीर) में हुई थी। इसी संगीति में बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो भागों में विभाजित हो गया।
- संदर्भ: कनिष्क ने बौद्ध धर्म के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसका संरक्षण किया।
- गलत विकल्प: पहली संगीति अजातशत्रु के समय, दूसरी कालशोक के समय और तीसरी अशोक के समय आयोजित की गई थी।
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- मेगस्थनीज, जिसने ‘इंडिका’ नामक पुस्तक लिखी, किसके दरबार में यूनानी राजदूत था?\n
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- (A) बिंदुसार
- (B) चंद्रगुप्त मौर्य
- (C) अशोक
- (D) दशरथ मौर्य
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\nसही उत्तर: (B) चंद्रगुप्त मौर्य
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: मेगस्थनीज को सेल्युकस निकेटर ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में राजदूत के रूप में भेजा था। उसकी पुस्तक ‘इंडिका’ मौर्यकालीन प्रशासन और समाज का विस्तृत विवरण प्रदान करती है।
- संदर्भ: इंडिका अब मूल रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन बाद के इतिहासकारों के उद्धरणों के माध्यम से हमें इसकी जानकारी मिलती है।
- गलत विकल्प: बिंदुसार और अशोक चंद्रगुप्त के उत्तराधिकारी थे, जबकि दशरथ मौर्य मौर्य वंश के बाद का शासक था।
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- गुप्त काल के दौरान ‘नवरत्नों’ में शामिल प्रसिद्ध कवि और नाटककार कौन थे?\n
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- (A) बाणभट्ट
- (B) कालिदास
- (C) हरिषेण
- (D) विशाखदत्त
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\nसही उत्तर: (B) कालिदास
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: कालिदास चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के दरबार के नौ रत्नों में से एक थे। उन्होंने ‘अभिज्ञानशाकुंतलम’ और ‘मेघदूतम’ जैसी कालजयी रचनाएं लिखीं।
- संदर्भ: गुप्त काल को भारतीय इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है क्योंकि इस दौरान कला, साहित्य और विज्ञान में अभूतपूर्व प्रगति हुई।
- गलत विकल्प: बाणभट्ट हर्षवर्द्धन के दरबारी कवि थे; हरिषेण ने प्रयाग प्रशस्ति लिखी थी।
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- सम्राट अशोक के शिलालेखों में मुख्य रूप से किस भाषा और लिपि का प्रयोग किया गया था?\n
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- (A) संस्कृत – देवनागरी
- (B) प्राकृत – ब्राह्मी
- (C) पाली – खरोष्ठी
- (D) हिंदी – ब्राह्मी
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\nसही उत्तर: (B) प्राकृत – ब्राह्मी
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: अशोक ने अपने संदेशों को आम जनता तक पहुँचाने के लिए लोकभाषा ‘प्राकृत’ का चयन किया और अधिकांश शिलालेख ‘ब्राह्मी’ लिपि में लिखे गए।
- संदर्भ: उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में खरोष्ठी लिपि का भी प्रयोग किया गया था, लेकिन ब्राह्मी सबसे व्यापक थी।
- गलत विकल्प: संस्कृत उस समय विद्वानों की भाषा थी, आम जनता की नहीं। हिंदी का विकास बहुत बाद में हुआ।
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- ऋग्वेद में सबसे अधिक बार किस देवता का उल्लेख किया गया है?\n
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- (A) अग्नि
- (B) वरुण
- (C) इंद्र
- (D) सोम
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\nसही उत्तर: (C) इंद्र
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: इंद्र को ‘पुरंदर’ (किलों को तोड़ने वाला) कहा गया है और ऋग्वेद के सबसे अधिक सूक्त (लगभग 250) इंद्र को समर्पित हैं।
- संदर्भ: इंद्र युद्ध और वर्षा के देवता माने जाते थे, जो आर्यों के विस्तार में सहायक थे।
- गलत विकल्प: अग्नि दूसरे सबसे महत्वपूर्ण देवता थे (लगभग 200 सूक्त), जबकि वरुण नैतिकता और व्यवस्था के देवता थे।
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘तुर्कान-ए-चहलगाणी’ (चालीस गुलामों का समूह) की स्थापना की थी?\n
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- (A) कुतुबुद्दीन ऐबक
- (B) इल्तुतमिश
- (C) बलबन
- (D) अलाउद्दीन खिलजी
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\nसही उत्तर: (B) इल्तुतमिश
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: इल्तुतमिश ने प्रशासन को मजबूत करने के लिए अपने वफादार 40 गुलाम सरदारों का एक समूह बनाया, जिसे ‘तुर्कान-ए-चहलगाणी’ कहा गया।
- संदर्भ: बाद में बलबन ने इसी समूह के सदस्य के रूप में शासन किया और फिर सत्ता पाने के बाद इसे नष्ट कर दिया।
- गलत विकल्प: ऐबक ने सल्तनत की नींव रखी लेकिन संगठन नहीं बनाया; खिलजी ने बाजार नियंत्रण के लिए जाना जाता है।
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- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लागू की गई ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) व्यापारियों को लाभ पहुँचाना
- (B) राजस्व बढ़ाना
- (C) एक विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- (D) कृषि उत्पादन बढ़ाना
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\nसही उत्तर: (C) एक विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: मंगोल आक्रमणों से बचने के लिए अलाउद्दीन को एक बड़ी सेना की जरूरत थी। सैनिकों को कम वेतन में गुजारा कराने के लिए उसने वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कर दीं।
- संदर्भ: उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी जो बाजार की निगरानी करते थे।
- गलत विकल्प: इस प्रणाली से व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ, इसलिए विकल्प (A) गलत है।
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- किस सुल्तान ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की थी?\n
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- (A) गयासुद्दीन तुगलक
- (B) फिरोज शाह तुगलक
- (C) मोहम्मद बिन तुगलक
- (D) बलबन
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\nसही उत्तर: (C) मोहम्मद बिन तुगलक
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: मोहम्मद बिन तुगलक ने दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण रखने के लिए 1327 में राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद (महाराष्ट्र) स्थानांतरित किया, जो एक विफल प्रयोग साबित हुआ।
- संदर्भ: उसे उसकी महत्वाकांक्षी लेकिन अव्यावहारिक योजनाओं के कारण ‘पागल राजा’ भी कहा गया।
- गलत विकल्प: गयासुद्दीन तुगलक ने तुगलक वंश की स्थापना की और फिरोज शाह ने नहरों के निर्माण के लिए जाना जाता है।
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- अकबर द्वारा प्रतिपादित ‘दीन-ए-इलाही’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) एक नया धर्म स्थापित करना
- (B) इस्लाम का प्रसार करना
- (C) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक संहिता बनाना
- (D) हिंदू धर्म को समाप्त करना
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\nसही उत्तर: (C) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक संहिता बनाना
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: अकबर एक उदारवादी शासक था। उसने विभिन्न धर्मों के बीच सामंजस्य बिठाने और साम्राज्य में एकता लाने के लिए ‘दीन-ए-इलाही’ (ईश्वर का धर्म) शुरू किया।
- संदर्भ: इसे किसी धर्म के बजाय एक दार्शनिक विचारधारा के रूप में देखा जाना चाहिए।
- गलत विकल्प: इसका उद्देश्य किसी धर्म का विनाश या जबरन प्रसार करना नहीं था।
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- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किन दो भाइयों ने की थी?\n
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- (A) हरिहर और बुक्का
- (B) कृष्णदेव राय और अच्युत राय
- (C) देवराय प्रथम और द्वितीय
- (D) राम राय और सदाशिव राय
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\nसही उत्तर: (A) हरिहर और बुक्का
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: 1336 ईस्वी में हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने तुंगभद्रा नदी के तट पर विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की।
- संदर्भ: यह साम्राज्य दक्षिण भारत में हिंदू संस्कृति और कला का एक महान केंद्र बना।
- गलत विकल्प: कृष्णदेव राय इस साम्राज्य के सबसे महान शासक थे, संस्थापक नहीं।
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- छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रशासन में ‘अष्ट प्रधान’ क्या था?\n
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- (A) आठ सैन्य टुकड़ियाँ
- (B) आठ प्रमुख किलों का समूह
- (C) आठ मंत्रियों की एक परिषद
- (D) आठ करों की सूची
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\nसही उत्तर: (C) आठ मंत्रियों की एक परिषद
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: शिवाजी ने शासन चलाने के लिए आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी, जिसे ‘अष्ट प्रधान’ कहा जाता था। इसमें पेशवा (प्रधानमंत्री) का पद सबसे महत्वपूर्ण था।
- संदर्भ: यह प्रणाली शासन में विकेंद्रीकरण और दक्षता सुनिश्चित करती थी।
- गलत विकल्प: यह कोई सैन्य बल या कर प्रणाली नहीं थी।
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- भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘बीजक’ की रचना की और मूर्ति पूजा का विरोध किया?\n
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- (A) संत तुकाराम
- (B) संत कबीर
- (C) गुरु नानक देव
- (D) मीराबाई
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\nसही उत्तर: (B) संत कबीर
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: कबीर दास ने बाहरी आडंबरों, जातिवाद और मूर्ति पूजा का कड़ा विरोध किया। उनकी शिक्षाओं का संग्रह ‘बीजक’ के रूप में मिलता है।
- संदर्भ: वे हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों की कुरीतियों पर प्रहार करते थे और एक ईश्वर (निराकार) में विश्वास रखते थे।
- गलत विकल्प: मीराबाई कृष्ण की परम भक्त थीं और मूर्ति पूजा में विश्वास रखती थीं।
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- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य लक्ष्य क्या था?\n
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- (A) अंग्रेजी शिक्षा का विरोध करना
- (B) सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करना
- (C) केवल हिंदू धर्म का प्रचार करना
- (D) ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना
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\nसही उत्तर: (B) सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करना
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: ब्रह्म समाज (1828) ने एकेश्वरवाद का प्रचार किया और सती प्रथा, बाल विवाह तथा जातिवाद जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया।
- संदर्भ: राममोहन राय के प्रयासों के कारण ही 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा को अवैध घोषित किया।
- गलत विकल्प: राममोहन राय अंग्रेजी शिक्षा के समर्थक थे क्योंकि वे विज्ञान और तर्क को अपनाना चाहते थे।
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- 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?\n
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- (A) लॉर्ड डलहौजी
- (B) लॉर्ड कैनिंग
- (C) लॉर्ड विलियम बेंटिक
- (D) लॉर्ड लिटन
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\nसही उत्तर: (B) लॉर्ड कैनिंग
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: 1857 के विद्रोह के दौरान लॉर्ड कैनिंग भारत के गवर्नर जनरल थे। विद्रोह के बाद, भारत का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से छीनकर सीधे ब्रिटिश क्राउन को सौंप दिया गया और कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने।
- संदर्भ: विद्रोह की शुरुआत मेरठ से हुई थी।
- गलत विकल्प: लॉर्ड डलहौजी ने ‘व्यपगत सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) लागू किया था, जो विद्रोह का एक प्रमुख कारण बना, लेकिन विद्रोह के समय वे वहां नहीं थे।
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- 1905 के ‘बंगाल विभाजन’ के विरोध में कौन सा आंदोलन शुरू किया गया था?\n
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- (A) असहयोग आंदोलन
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (C) स्वदेशी आंदोलन
- (D) भारत छोड़ो आंदोलन
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\nसही उत्तर: (C) स्वदेशी आंदोलन
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: लॉर्ड कर्जन द्वारा 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में ‘स्वदेशी आंदोलन’ शुरू हुआ, जिसमें विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया गया।
- संदर्भ: यह आंदोलन भारतीय राष्ट्रवाद की एक महत्वपूर्ण लहर थी।
- गलत विकल्प: असहयोग आंदोलन (1920) और सविनय अवज्ञा (1930) गांधी जी के नेतृत्व में बाद में शुरू हुए।
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- ‘लखनऊ समझौता’ (1916) किनके बीच हुआ था?\n
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- (A) कांग्रेस और ब्रिटिश सरकार
- (B) नरम दल और गरम दल
- (C) कांग्रेस और मुस्लिम लीग
- (D) (B) और (C) दोनों
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\nसही उत्तर: (D) (B) और (C) दोनों
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: 1916 के लखनऊ अधिवेशन में दो महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं: पहला, कांग्रेस के नरम दल और गरम दल का पुनर्मिलन हुआ; दूसरा, कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच एक समझौता हुआ ताकि वे अंग्रेजों के खिलाफ एक साझा मंच पर आ सकें।
- संदर्भ: इस समझौते में बाल गंगाधर तिलक और मोहम्मद अली जिन्ना की मुख्य भूमिका थी।
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- जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) के विरोध में किसने अपनी ‘नाइटहुड’ (Knight-hood) की उपाधि त्याग दी थी?\n
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- (A) महात्मा गांधी
- (B) रवींद्रनाथ टैगोर
- (C) गोपाल कृष्ण गोखले
- (D) बाल गंगाधर तिलक
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\nसही उत्तर: (B) रवींद्रनाथ टैगोर
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: जनरल डायर द्वारा किए गए निर्दोष लोगों के कत्लेआम से क्षुब्ध होकर रवींद्रनाथ टैगोर ने ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘नाइटहुड’ की उपाधि लौटा दी।
- संदर्भ: यह घटना अमृतसर, पंजाब में हुई थी।
- गलत विकल्प: गांधी जी ने बाद में कई आंदोलनों का नेतृत्व किया, लेकिन उपाधि त्यागने का यह विशिष्ट कार्य टैगोर ने किया था।
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- महात्मा गांधी ने ‘दांडी यात्रा’ (1930) किस कानून के विरोध में शुरू की थी?\n
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- (A) रौलट एक्ट
- (B) नमक कानून
- (C) वर्नाकुलर प्रेस एक्ट
- (D) इल्बर्ट बिल
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\nसही उत्तर: (B) नमक कानून
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: ब्रिटिश सरकार ने नमक पर भारी कर लगाया था और इसके उत्पादन पर एकाधिकार कर लिया था। गांधी जी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक यात्रा कर नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की।
- संदर्भ: यह यात्रा 12 मार्च 1930 को शुरू हुई थी।
- गलत विकल्प: रौलट एक्ट (1919) के खिलाफ गांधी जी ने सत्याग्रह किया था, लेकिन दांडी यात्रा नमक कर के लिए थी।
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- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (1942) के दौरान गांधी जी ने कौन सा प्रसिद्ध नारा दिया था?\n
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- (A) इंकलाब जिंदाबाद
- (B) स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
- (C) करो या मरो (Do or Die)
- (D) जय हिन्द
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\nसही उत्तर: (C) करो या मरो (Do or Die)
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान से आंदोलन शुरू करते हुए गांधी जी ने भारतीयों को ‘करो या मरो’ का नारा दिया, जिसका अर्थ था कि या तो हम भारत को आजाद कराएंगे या इस प्रयास में अपने प्राण दे देंगे।
- संदर्भ: यह आंदोलन ब्रिटिश शासन के खिलाफ अंतिम सबसे बड़ा जन-आंदोलन था।
- गलत विकल्प: ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगत सिंह ने लोकप्रिय बनाया और ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ तिलक का नारा था।
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- भारत शासन अधिनियम 1935 की कौन सी विशेषता वर्तमान भारतीय संविधान में सबसे अधिक प्रभावित है?\n
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- (A) द्वैध शासन (Dyarchy)
- (B) संघीय संरचना (Federal Structure)
- (C) सांप्रदायिक निर्वाचन
- (D) इनमें से कोई नहीं
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\nसही उत्तर: (B) संघीय संरचना (Federal Structure)
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: 1935 के अधिनियम ने केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन (संघीय सूची, प्रांतीय सूची, समवर्ती सूची) का प्रावधान किया था, जिसे भारतीय संविधान ने काफी हद तक अपनाया।
- संदर्भ: भारतीय संविधान का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 60-70%) इसी अधिनियम से प्रेरित है।
- गलत विकल्प: द्वैध शासन को प्रांतों में समाप्त कर दिया गया था।
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का मुख्य नारा क्या था?\n
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- (A) शांति, प्रगति और समृद्धि
- (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व
- (C) लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और न्याय
- (D) राष्ट्रवाद, एकता और शक्ति
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\nसही उत्तर: (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: फ्रांसीसी क्रांति ने निरंकुश राजशाही को समाप्त कर दुनिया को स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के विचार दिए, जो आज भी कई लोकतांत्रिक देशों के संविधान का आधार हैं।
- संदर्भ: क्रांति की शुरुआत ‘बास्तील के किले’ के पतन से हुई थी।
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- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) अमेरिका
- (C) ब्रिटेन
- (D) जर्मनी
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\nसही उत्तर: (C) ब्रिटेन
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में कोयले और लोहे की उपलब्धता, उपनिवेशों से कच्चे माल की आपूर्ति और तकनीकी आविष्कारों (जैसे स्टीम इंजन) के कारण औद्योगिक क्रांति शुरू हुई।
- संदर्भ: सूती वस्त्र उद्योग इस क्रांति का पहला केंद्र था।
- गलत विकल्प: फ्रांस और अमेरिका में यह क्रांति ब्रिटेन के बाद पहुँची।
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- प्रथम विश्व युद्ध के बाद किस संधि के द्वारा जर्मनी पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे?\n
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- (A) वियना की संधि
- (B) वर्साय की संधि
- (C) पेरिस की संधि
- (D) पोट्सडैम की संधि
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\nसही उत्तर: (B) वर्साय की संधि (Treaty of Versailles)
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: 1919 में हुई वर्साय की संधि ने जर्मनी को युद्ध का जिम्मेदार ठहराया, उस पर भारी जुर्माना लगाया और उसके कई क्षेत्र छीन लिए।
- संदर्भ: इस संधि की अपमानजनक शर्तों को द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों में से एक माना जाता है।
- गलत विकल्प: वियना कांग्रेस ने नेपोलियन के बाद यूरोप का पुनर्गठन किया था।
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- 1917 की रूसी क्रांति का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) निकोलस II
- (D) कार्ल मार्क्स
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\nसही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन
\nविस्तृत व्याख्या:\n- \n
- सही होने का कारण: व्लादिमीर लेनिन के नेतृत्व में ‘बोल्शेविक’ पार्टी ने अक्टूबर क्रांति (1917) के माध्यम से रूस के जार शासन को समाप्त कर दुनिया का पहला समाजवादी राज्य स्थापित किया।
- संदर्भ: इस क्रांति ने मार्क्सवादी विचारधारा को व्यावहारिक रूप दिया।
- गलत विकल्प: स्टालिन लेनिन के बाद सत्ता में आए; निकोलस II अंतिम जार थे जिन्हें हटा दिया गया था; कार्ल मार्क्स ने विचारधारा दी थी, लेकिन वे क्रांति के समय जीवित नहीं थे।
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