नमस्ते समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों!
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आज का यह अभ्यास सेट आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने और समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की आपकी समझ को और गहरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, ये प्रश्न आपको परीक्षा के वास्तविक स्तर का अनुभव कराएंगे। आइए, अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएं और अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें!
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- एमिल दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का अर्थ क्या है?\n
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- (A) सामाजिक एकजुटता की अधिकता
- (B) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों का टूटना या अभाव
- (C) व्यक्ति का समाज से पूर्ण अलगाव
- (D) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
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\n सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों का टूटना या अभाव\n
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जहाँ समाज में नियमों या मानदंडों का अभाव होता है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तन या आर्थिक संकट के दौरान होता है। विकल्प (C) ‘अलगाव’ मार्क्स की अवधारणा है, जबकि विकल्प (A) इसके ठीक विपरीत स्थिति है।
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- मैक्स वेबर के अनुसार, ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?\n
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- (A) एक नैतिक रूप से सही समाज का मॉडल
- (B) वास्तविकता का सटीक और पूर्ण विवरण
- (C) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो विशिष्ट विशेषताओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है
- (D) समाज का एक काल्पनिक और यूटोपियन स्वरूप
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\n सही उत्तर: (C) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो विशिष्ट विशेषताओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है\n
विस्तृत व्याख्या: वेबर के लिए, ‘आदर्श प्रारूप’ कोई ‘आदर्श’ (Perfect) स्थिति नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जिसका उपयोग सामाजिक घटनाओं की तुलना और विश्लेषण करने के लिए एक बेंचमार्क के रूप में किया जाता है। विकल्प (A) और (D) इसे नैतिक या काल्पनिक मान लेते हैं, जो गलत है।
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- कार्ल मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) के सिद्धांत में, श्रमिक मुख्य रूप से किससे अलग हो जाता है?\n
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- (A) केवल अपने सहकर्मियों से
- (B) अपने उत्पादन के उत्पाद, प्रक्रिया, स्वयं से और अन्य मनुष्यों से
- (C) केवल पूंजीपति वर्ग से
- (D) समाज के धार्मिक मूल्यों से
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\n सही उत्तर: (B) अपने उत्पादन के उत्पाद, प्रक्रिया, स्वयं से और अन्य मनुष्यों से\n
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपनी श्रम प्रक्रिया पर नियंत्रण खो देता है, जिससे वह उत्पाद, कार्य की प्रकृति, अपनी मानवीय क्षमता (Species-being) और अन्य लोगों से अलग हो जाता है। विकल्प (C) अधूरा है क्योंकि अलगाव केवल वर्ग संघर्ष तक सीमित नहीं है।
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- टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?\n
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- (A) Legitimacy (वैधता)
- (B) Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)
- (C) Leadership (नेतृत्व)
- (D) Law (कानून)
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\n सही उत्तर: (B) Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)\n
विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स का AGIL मॉडल (Adaptation, Goal Attainment, Integration, Latency) सामाजिक प्रणालियों की आवश्यकताओं को बताता है। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और तनाव को प्रबंधित करना ताकि प्रणाली स्थिर रहे। विकल्प (A) राजनीति विज्ञान से अधिक संबंधित है।
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- रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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- (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं और अप्रत्यक्ष कार्य लाभकारी
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं
- (C) दोनों एक ही हैं, केवल शब्दों का अंतर है
- (D) प्रकट कार्य केवल धर्म से संबंधित हैं और अप्रत्यक्ष कार्य राजनीति से
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\n सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं\n
विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, किसी भी सामाजिक संस्था का एक घोषित उद्देश्य होता है (Manifest), लेकिन उसके कुछ ऐसे प्रभाव भी होते हैं जिनके बारे में लोग जागरूक नहीं होते या जो अनजाने में होते हैं (Latent)। उदाहरण के लिए, स्कूल का प्रकट कार्य शिक्षा देना है, लेकिन अप्रत्यक्ष कार्य बच्चों का सामाजिक मेलजोल बढ़ाना है।
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- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) की ‘बंद प्रणाली’ (Closed System) का उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) वर्ग प्रणाली (Class System)
- (B) जाति प्रणाली (Caste System)
- (C) योग्यता आधारित प्रणाली (Meritocracy)
- (D) आधुनिक व्यावसायिक स्तर
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\n सही उत्तर: (B) जाति प्रणाली (Caste System)\n
विस्तृत व्याख्या: बंद प्रणाली वह होती है जिसमें व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और इसमें गतिशीलता (Mobility) की संभावना बहुत कम या शून्य होती है। जाति इसका सटीक उदाहरण है, जबकि वर्ग (Class) एक खुली प्रणाली है जहाँ शिक्षा और धन से स्थिति बदली जा सकती है।
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- ‘नृजातीयता’ (Ethnocentrism) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) अन्य संस्कृतियों का सम्मान करना
- (B) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना और दूसरों को उसी के पैमाने पर आंकना
- (C) सभी संस्कृतियों को समान मानना
- (D) अपनी संस्कृति को पूरी तरह त्याग देना
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\n सही उत्तर: (B) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना और दूसरों को उसी के पैमाने पर आंकना\n
विस्तृत व्याख्या: जब कोई व्यक्ति या समूह अपनी संस्कृति को केंद्र मानकर अन्य संस्कृतियों को ‘कमतर’ या ‘गलत’ मानता है, तो इसे नृजातीयता कहते हैं। विकल्प (A) सांस्कृतिक सापेक्षवाद (Cultural Relativism) की ओर इशारा करता है।
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- सामाजिक नियंत्रण (Social Control) का ‘अनौपचारिक’ साधन कौन सा है?\n
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- (A) कानून और पुलिस
- (B) अदालत के आदेश
- (C) सामाजिक बहिष्कार और उपहास
- (D) जेल की सजा
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\n सही उत्तर: (C) सामाजिक बहिष्कार और उपहास\n
विस्तृत व्याख्या: अनौपचारिक नियंत्रण वे तरीके हैं जो समाज के सदस्यों द्वारा सहज रूप से अपनाए जाते हैं (जैसे प्रशंसा, आलोचना, उपहास)। विकल्प (A), (B) और (D) औपचारिक नियंत्रण हैं क्योंकि वे लिखित नियमों और आधिकारिक संस्थाओं द्वारा लागू किए जाते हैं।
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- ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी थी?\n
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- (A) अगस्त कॉम्टे
- (B) विलियम एफ. ऑग्बर्न
- (C) हर्बर्ट स्पेंसर
- (D) जॉर्ज सिमेल
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\n सही उत्तर: (B) विलियम एफ. ऑग्बर्न\n
विस्तृत व्याख्या: ऑग्बर्न के अनुसार, जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मान्यताएं, मूल्य) धीमी गति से बदलती हैं, तो उनके बीच एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक विलंबन’ कहते हैं।
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- ‘पितृवंशीय’ (Patrilineal) नातेदारी व्यवस्था में वंश का निर्धारण कैसे होता है?\n
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- (A) माता के वंश से
- (B) पिता के वंश से
- (C) दोनों माता और पिता से
- (D) केवल गोद लिए बच्चों से
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\n सही उत्तर: (B) पिता के वंश से\n
विस्तृत व्याख्या: पितृवंशीय व्यवस्था में उत्तराधिकार, नाम और संपत्ति का प्रवाह पिता से पुत्र की ओर होता है। विकल्प (A) मातृवंशीय (Matrilineal) व्यवस्था का लक्षण है।
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- धर्म के संदर्भ में, ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर किसने स्पष्ट किया?\n
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- (A) मैक्स वेबर
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) साल्टर
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\n सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम\n
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार पवित्र और अपवित्र चीजों के बीच का विभाजन है। पवित्र चीजें वे हैं जिन्हें समाज द्वारा विशेष सम्मान और सुरक्षा दी जाती है।
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- ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) शिक्षा के समाजशास्त्र में क्या दर्शाता है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो छात्रों से गुप्त रखा जाता है
- (B) वे अनौपचारिक मूल्य और व्यवहार जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं
- (C) केवल तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण
- (D) सरकारी नियमों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम
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\n सही उत्तर: (B) वे अनौपचारिक मूल्य और व्यवहार जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं\n
विस्तृत व्याख्या: यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से छात्र अनुशासन, आज्ञाकारिता और सामाजिक पदानुक्रम जैसे मूल्य सीखते हैं, जो आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं लिखे होते।
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- एक ‘विस्तारित परिवार’ (Extended Family) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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- (A) इसमें केवल पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं।
- (B) इसमें दो या तीन पीढ़ियों के सदस्य एक ही छत के नीचे रहते हैं।
- (C) यह केवल शहरी क्षेत्रों में पाया जाता है।
- (D) इसमें रक्त संबंधों का कोई महत्व नहीं होता।
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\n सही उत्तर: (B) इसमें दो या तीन पीढ़ियों के सदस्य एक ही छत के नीचे रहते हैं।\n
विस्तृत व्याख्या: विस्तारित परिवार में माता-पिता के साथ दादा-दादी, चाचा-चाची आदि शामिल होते हैं। विकल्प (A) ‘एकल परिवार’ (Nuclear Family) की परिभाषा है।
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- ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) किस प्रकार की शोध पद्धति का हिस्सा है?\n
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- (A) मात्रात्मक शोध (Quantitative Research)
- (B) गुणात्मक शोध (Qualitative Research)
- (C) प्रयोगात्मक शोध (Experimental Research)
- (D) सांख्यिकीय सर्वेक्षण
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\n सही उत्तर: (B) गुणात्मक शोध (Qualitative Research)\n
विस्तृत व्याख्या: सहभागी अवलोकन में शोधकर्ता स्वयं अध्ययन समूह का हिस्सा बनकर उनके व्यवहार और अनुभवों को गहराई से समझता है। यह संख्या के बजाय अर्थ और गहराई पर केंद्रित होता है, इसलिए यह गुणात्मक है।
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- शोध में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) यह कि शोध वास्तव में वही माप रहा है जिसे मापने का दावा किया गया है।
- (B) यह कि यदि शोध को समान परिस्थितियों में दोहराया जाए, तो परिणाम समान आएंगे।
- (C) शोध का नैतिक रूप से सही होना।
- (D) शोध में बहुत अधिक डेटा का होना।
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\n सही उत्तर: (B) यह कि यदि शोध को समान परिस्थितियों में दोहराया जाए, तो परिणाम समान आएंगे।\n
विस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता का अर्थ है स्थिरता (Consistency)। यदि परिणाम बार-बार एक जैसे आते हैं, तो वह विश्वसनीय है। विकल्प (A) ‘वैधता’ (Validity) की परिभाषा है।
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- नृवंशविज्ञान (Ethnography) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) केवल जनसंख्या की गणना करना
- (B) किसी विशेष संस्कृति या समूह के जीवन का विस्तृत विवरण प्रदान करना
- (C) प्रयोगशाला में प्रयोग करना
- (D) केवल ऐतिहासिक दस्तावेजों का विश्लेषण करना
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\n सही उत्तर: (B) किसी विशेष संस्कृति या समूह के जीवन का विस्तृत विवरण प्रदान करना\n
विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता गहन क्षेत्र कार्य (Field work) के माध्यम से लोगों के दैनिक जीवन, रीति-रिवाजों और सामाजिक अंतःक्रियाओं का विवरण दर्ज करता है।
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- एम.एन. श्रीनिवास ने ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया को कैसे परिभाषित किया?\n
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- (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण करना
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
- (C) जातियों का पूरी तरह समाप्त हो जाना
- (D) केवल संस्कृत भाषा का सीखना
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\n सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना\n
विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक ‘निम्न’ जाति या जनजाति उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और विचारधारा को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती है।
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- लुई ड्यूमोंट ने अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में भारतीय जाति व्यवस्था का मुख्य आधार क्या बताया है?\n
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- (A) आर्थिक शक्ति
- (B) राजनीतिक प्रभुत्व
- (C) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
- (D) केवल क्षेत्रीय पहचान
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\n सही उत्तर: (C) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)\n
विस्तृत व्याख्या: ड्यूमोंट का तर्क था कि जाति व्यवस्था केवल वर्ग या शक्ति पर आधारित नहीं है, बल्कि यह ‘शुद्धता’ और ‘अशुद्धता’ के धार्मिक और वैचारिक पदानुक्रम पर आधारित है।
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- जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जनजातियों को समाज के किस रूप में देखा?\n
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- (A) पूरी तरह बाहरी समूह के रूप में
- (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus) के रूप में
- (C) एक अलग जातीय प्रजाति के रूप में
- (D) केवल घुमंतू समूहों के रूप में
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\n सही उत्तर: (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus) के रूप में\n
विस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि भारतीय जनजातियाँ हिंदू समाज का ही एक हिस्सा रही हैं और समय के साथ वे मुख्यधारा के हिंदू समाज में एकीकृत हो गई हैं।
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- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का संदर्भ आधुनिक समाज में किससे है?\n
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- (A) केवल कंप्यूटर का उपयोग करना
- (B) डिजिटल संसाधनों तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना
- (C) इंटरनेट पर जातियों का वर्गीकरण करना
- (D) सोशल मीडिया पर जाति विरोधी अभियान चलाना
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\n सही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना\n
विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएं (जैसे जाति) अब डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) के रूप में प्रकट हो रही हैं, जहाँ हाशिए के समूहों के पास तकनीक और सूचना तक पहुँच कम है।
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- लुई विर्थ के अनुसार, ‘नगरीकरण’ (Urbanism) केवल जनसंख्या का जमाव नहीं है, बल्कि:\n
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- (A) केवल ऊंची इमारतों का निर्माण है
- (B) जीवन जीने का एक तरीका (A way of life) है
- (C) ग्रामीण क्षेत्रों का विनाश है
- (D) केवल औद्योगिक विकास है
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\n सही उत्तर: (B) जीवन जीने का एक तरीका (A way of life) है\n
विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि शहर की सघनता और विविधता लोगों के मनोविज्ञान और सामाजिक संबंधों को बदल देती है, जिससे संबंध अधिक औपचारिक और गौण (Secondary) हो जाते हैं।
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- ‘ग्रामीण-शहरी सातत्य’ (Rural-Urban Continuum) का विचार क्या बताता है?\n
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- (A) गाँव और शहर पूरी तरह अलग और स्वतंत्र हैं।
- (B) गाँव और शहर के बीच एक स्पष्ट रेखा है।
- (C) गाँव और शहर के बीच कोई सख्त विभाजन नहीं है, बल्कि वे एक-दूसरे में विलीन होते हैं।
- (D) शहर हमेशा गाँवों को निगल जाते हैं।
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\n सही उत्तर: (C) गाँव और शहर के बीच कोई सख्त विभाजन नहीं है, बल्कि वे एक-दूसरे में विलीन होते हैं।\n
विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा मानती है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संक्रमण क्रमिक होता है। जैसे-जैसे हम गाँव से शहर की ओर बढ़ते हैं, शहरी विशेषताएं धीरे-धीरे बढ़ती जाती हैं।
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- हालिया शोध (जैसे ड्रेक्सल यूनिवर्सिटी अध्ययन) के अनुसार, आय असमानता (Income Inequality) और कार्बन उत्सर्जन (CO2 Emissions) के बीच क्या संबंध पाया गया है?\n
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- (A) कोई संबंध नहीं है।
- (B) आय असमानता बढ़ने से कार्बन उत्सर्जन हमेशा घटता है।
- (C) असमानता और उत्सर्जन के बीच एक जटिल संबंध है, जहाँ उच्च असमानता अक्सर पर्यावरणीय गिरावट को बढ़ाती है।
- (D) केवल गरीब लोग कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं।
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\n सही उत्तर: (C) असमानता और उत्सर्जन के बीच एक जटिल संबंध है, जहाँ उच्च असमानता अक्सर पर्यावरणीय गिरावट को बढ़ाती है।\n
विस्तृत व्याख्या: पर्यावरणीय समाजशास्त्र यह अध्ययन करता है कि सामाजिक संरचनाएं प्रकृति को कैसे प्रभावित करती हैं। उच्च आय वाले समूहों का उपभोग पैटर्न अधिक कार्बन उत्सर्जन करता है, जबकि असमानता समाज की सामूहिक पर्यावरणीय प्रतिक्रिया क्षमता को कम करती है।
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- ‘नये सामाजिक आंदोलन’ (New Social Movements) पारंपरिक आंदोलनों (जैसे श्रमिक आंदोलन) से कैसे भिन्न हैं?\n
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- (A) ये केवल आर्थिक लाभ के लिए होते हैं।
- (B) ये पहचान, जीवन की गुणवत्ता और मानवाधिकारों जैसे सांस्कृतिक मुद्दों पर केंद्रित होते हैं।
- (C) इनका कोई नेतृत्व नहीं होता।
- (D) ये केवल ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं।
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\n सही उत्तर: (B) ये पहचान, जीवन की गुणवत्ता और मानवाधिकारों जैसे सांस्कृतिक मुद्दों पर केंद्रित होते हैं।\n
विस्तृत व्याख्या: पुराने आंदोलन (जैसे मार्क्सवादी ट्रेड यूनियन) वर्ग और आर्थिक वितरण पर केंद्रित थे, जबकि नये आंदोलन (जैसे पर्यावरण आंदोलन, LGBTQ+ अधिकार) पहचान और जीवन मूल्यों (Post-materialist values) पर केंद्रित हैं।
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- ‘वैश्वीकरण’ (Globalization) के कारण होने वाले ‘सांस्कृतिक समरूपीकरण’ (Cultural Homogenization) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) स्थानीय संस्कृतियों का और अधिक मजबूत होना
- (B) पूरी दुनिया में एक जैसी वैश्विक संस्कृति (अक्सर पश्चिमी) का प्रसार होना
- (C) विभिन्न संस्कृतियों का आपस में मिलकर नई संस्कृति बनाना
- (D) संस्कृति का पूरी तरह समाप्त हो जाना
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\n सही उत्तर: (B) पूरी दुनिया में एक जैसी वैश्विक संस्कृति (अक्सर पश्चिमी) का प्रसार होना\n
विस्तृत व्याख्या: इसे अक्सर ‘मैकडोनाल्डीकरण’ (McDonaldization) भी कहा जाता है, जहाँ स्थानीय विविधता समाप्त हो जाती है और वैश्विक मानक (जैसे फास्ट फूड, अंग्रेजी भाषा) हावी हो जाते हैं। विकल्प (C) ‘सांस्कृतिक संकरण’ (Cultural Hybridization) है।
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टिप: यदि आपने 18 से अधिक प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं, तो आपकी वैचारिक पकड़ बहुत मजबूत है। यदि 12-17 के बीच हैं, तो आपको मुख्य विचारकों और अवधारणाओं का पुनरीक्षण करने की आवश्यकता है। निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है!
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।