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UGC NET JRF Geography: उच्च स्तरीय अंतःविषय (Interdisciplinary) अभ्यास प्रश्नोत्तरी

UGC NET JRF Geography: उच्च स्तरीय अंतःविषय (Interdisciplinary) अभ्यास प्रश्नोत्तरी

नमस्ते भूगोल के भविष्य के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं! UGC NET/JRF की तैयारी केवल तथ्यों को याद करने के बारे में नहीं है, बल्कि विभिन्न भौगोलिक अवधारणाओं के बीच संबंध स्थापित करने के बारे में है। आज का यह विशेष सत्र आपके विश्लेषण कौशल को चुनौती देगा, जहाँ हमने पाठ्यक्रम की विभिन्न इकाइयों (Units) को मिश्रित करके ‘क्रॉस-कॉन्सेप्ट’ प्रश्न तैयार किए हैं। अपनी बौद्धिक क्षमता को परखें और JRF की ओर एक कदम और बढ़ाएं। चलिए, इस भौगोलिक अन्वेषण को शुरू करते हैं!

उच्च स्तरीय अभ्यास प्रश्न (Advanced Practice Questions)

निर्देश: निम्नलिखित 25 प्रश्नों को हल करें। ये प्रश्न NTA के नवीनतम पैटर्न पर आधारित हैं, जिनमें कथन, कारण और मिलान वाले प्रश्न शामिल हैं।

प्रश्न 1: (इकाई 1: भू-आकृति विज्ञान + इकाई 10: भारत का भूगोल)
कथन (A): हिमालय क्षेत्र में भूकंपों की आवृत्ति अत्यधिक है।
कारण (R): भारतीय प्लेट का यूरेशियन प्लेट के नीचे निरंतर अधोगमन (Subduction) जारी है।

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  4. (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।

उत्तर: (a)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह प्रश्न प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) और भारतीय भौतिक भूगोल का मिश्रण है। हिमालय एक ‘कनवर्जेंट बाउंड्री’ (Convergent Boundary) पर स्थित है।
  • संदर्भ: भारतीय प्लेट उत्तर की ओर खिसक कर यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। इस निरंतर दबाव और टकराव के कारण चट्टानों में तनाव पैदा होता है, जो भूकंप के रूप में मुक्त होता है।
  • विकल्प विश्लेषण: चूंकि कारण सीधे तौर पर कथन की घटना (भूकंप) को स्पष्ट करता है, इसलिए विकल्प (a) सही है।

प्रश्न 2: (इकाई 2: जलवायु विज्ञान + इकाई 10: भारत का भूगोल)
कथन I: उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet) का भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की तीव्रता से गहरा संबंध है।
कथन II: यह जेट स्ट्रीम ऊपरी क्षोभमंडल (Upper Troposphere) में पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है।

  1. कथन I और II दोनों सही हैं।
  2. कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
  3. कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
  4. दोनों कथन गलत हैं।

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह प्रश्न वैश्विक वायु परिसंचरण और भारतीय मानसून के अंतर्संबंधों पर आधारित है।
  • संदर्भ: कथन I सही है क्योंकि TEJ का निर्माण तिब्बत के पठार के गर्म होने से होता है, जो मानसून की शुरुआत में मदद करता है। हालाँकि, कथन II गलत है क्योंकि ‘पूर्वी जेट स्ट्रीम’ नाम से ही स्पष्ट है कि यह पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है, न कि पश्चिम से पूर्व।
  • विकल्प विश्लेषण: पश्चिम से पूर्व बहने वाली जेट स्ट्रीम ‘पश्चिमी जेट स्ट्रीम’ (Westerly Jet Stream) होती है।

प्रश्न 3: (इकाई 3: समुद्र विज्ञान + इकाई 2: जलवायु विज्ञान)
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (समुद्री धारा) | सूची-II (प्रभाव/विशेषता)
A. हम्बोल्ट धारा | 1. जापान के तट पर गर्म जल

  1. B. कुरोशियो धारा | 2. पेरू तट पर शुष्कता/मरुस्थलीकरण
  2. C. गल्फ स्ट्रीम | 3. उत्तर-पश्चिमी यूरोप का मध्यम तापमान
  3. D. कैनरी धारा | 4. उत्तरी अफ्रीका के तट पर ठंडी धारा

सही मिलान विकल्प:

  1. A-2, B-1, C-3, D-4
  2. A-1, B-2, C-4, D-3
  3. A-3, B-4, C-1, D-2
  4. A-4, B-3, C-2, D-1

उत्तर: (a)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह प्रश्न महासागरीय धाराओं के जलवायु पर प्रभाव को दर्शाता है।
  • संदर्भ: हम्बोल्ट (ठंडी) धारा पेरू के तट पर नमी कम करती है जिससे अटाकामा मरुस्थल बनता है। कुरोशियो (गर्म) जापान को गर्म करती है। गल्फ स्ट्रीम यूरोप के तापमान को नियंत्रित करती है और कैनरी धारा ठंडी होकर अफ्रीका के तट को प्रभावित करती है।
  • विकल्प विश्लेषण: केवल विकल्प (a) सभी धाराओं के उनके तापीय गुणों और भौगोलिक प्रभाव के साथ सही मेल खाता है।

प्रश्न 4: (इकाई 8: भौगोलिक चिंतन + इकाई 9: भौगोलिक तकनीकें)
‘मात्रात्मक क्रांति’ (Quantitative Revolution) ने भूगोल में किस प्रकार के बदलाव को जन्म दिया जिसने आधुनिक GIS और रिमोट सेंसिंग का आधार तैयार किया?

  1. क्षेत्रीय विभेदीकरण (Regional Differentiation) पर जोर दिया।
  2. भूगोल को विवरणात्मक से विश्लेषणात्मक और नियम-आधारित बनाया।
  3. मानवतावादी भूगोल (Humanistic Geography) को प्राथमिकता दी।
  4. केवल स्थानीय विवरणों के संकलन पर ध्यान केंद्रित किया।

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह भौगोलिक विचारधारा और तकनीकी विकास का मिश्रण है।
  • संदर्भ: 1950-60 के दशक में मात्रात्मक क्रांति ने सांख्यिकीय विधियों और गणितीय मॉडलों को पेश किया। इसी ‘स्थानिक विश्लेषण’ (Spatial Analysis) की आवश्यकता ने आगे चलकर कंप्यूटर आधारित GIS और डेटा विश्लेषण तकनीकों का मार्ग प्रशस्त किया।
  • विकल्प विश्लेषण: विकल्प (a) और (c) मात्रात्मक क्रांति के विपरीत विचारधाराएं (जैसे क्षेत्रीय भूगोल या मानवतावाद) हैं। विकल्प (d) पारंपरिक भूगोल की विशेषता थी।

प्रश्न 5: (इकाई 5: जनसंख्या भूगोल + इकाई 6: आर्थिक भूगोल)
जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धांत (Demographic Transition Theory) के किस चरण में ‘औद्योगिकरण’ और ‘शहरीकरण’ के कारण जन्म दर में तीव्र गिरावट देखी जाती है?

  1. प्रथम चरण
  2. द्वितीय चरण
  3. तृतीय चरण
  4. चतुर्थ चरण

उत्तर: (c)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: जनसंख्या परिवर्तन और आर्थिक विकास का संबंध।
  • संदर्भ: तृतीय चरण में समाज कृषि से औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता है। परिवार नियोजन, महिलाओं की शिक्षा और शहरी जीवन की उच्च लागत के कारण जन्म दर तेजी से गिरती है।
  • विकल्प विश्लेषण: प्रथम चरण में उच्च जन्म और मृत्यु दर होती है। द्वितीय चरण में मृत्यु दर गिरती है (जनसंख्या विस्फोट)। चतुर्थ चरण में जन्म और मृत्यु दर दोनों निम्न और संतुलित हो जाते हैं।

प्रश्न 6: (इकाई 4: पर्यावरण भूगोल + इकाई 10: भारत का भूगोल)
कथन I: भारत के पश्चिमी घाट ‘जैव विविधता हॉटस्पॉट’ (Biodiversity Hotspot) के रूप में वर्गीकृत हैं।
कथन II: यहाँ की उच्च स्थानिक प्रजातििकता (Endemism) मुख्य रूप से इसके जटिल स्थलाकृतिक विन्यास और वर्षा के वितरण के कारण है।

  1. कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
  2. कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
  3. दोनों कथन सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है।
  4. दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन II, कथन I की व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर: (c)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह प्रश्न पारिस्थितिकी और भारतीय भौतिक भूगोल के संगम पर है।
  • संदर्भ: पश्चिमी घाट अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण भारी मानसूनी वर्षा प्राप्त करते हैं और यहाँ की अलग-अलग ऊँचाइयों पर भिन्न-भिन्न सूक्ष्म-जलवायु (Micro-climate) पाई जाती है, जिससे ऐसी प्रजातियाँ विकसित हुईं जो दुनिया में और कहीं नहीं मिलतीं (Endemic species)।
  • विकल्प विश्लेषण: चूंकि स्थलाकृति और जलवायु ही उस जैव विविधता का कारण है, इसलिए व्याख्या सही है।

प्रश्न 7: (इकाई 1: भू-आकृति विज्ञान + इकाई 3: समुद्र विज्ञान)
मध्य-महासागरीय कटक (Mid-Oceanic Ridges) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  1. यह महाद्वीपीय प्लेटों के अभिसरण (Convergence) से बनती हैं।
  2. यहाँ मैग्मा ऊपर आता है, जिससे नई समुद्री पर्पटी (Oceanic Crust) का निर्माण होता है।
  3. यह केवल प्रशांत महासागर में पाई जाती हैं।
  4. यहाँ समुद्री खाइयां (Trenches) सबसे अधिक गहराई पर पाई जाती हैं।

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह प्लेट विवर्तनिकी और महासागरीय नितल के स्थलाकृति का मिश्रण है।
  • संदर्भ: मध्य-महासागरीय कटक ‘अपसारी सीमा’ (Divergent Boundary) पर स्थित होते हैं। जब प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं, तो नीचे से मैग्मा ऊपर आता है और ठंडा होकर नई सतह बनाता है (Sea Floor Spreading)।
  • विकल्प विश्लेषण: अभिसरण से खाइयां (Trenches) बनती हैं, कटक नहीं। ये सभी महासागरों में पाए जाते हैं, केवल प्रशांत में नहीं।

प्रश्न 8: (इकाई 7: राजनीतिक भूगोल + इकाई 10: भारत का भूगोल)
मैकिन्डर के ‘हार्टलैंड सिद्धांत’ (Heartland Theory) के संदर्भ में, भारत की रणनीतिक स्थिति को ‘रिमलैंड’ (Rimland) के दृष्टिकोण से कैसे देखा जा सकता है?

  1. भारत हार्टलैंड का मुख्य केंद्र है।
  2. भारत उस बाहरी घेरे (Rimland) का हिस्सा है जो हार्टलैंड तक पहुँच को नियंत्रित करता है।
  3. भारत केवल एक तटस्थ क्षेत्र है जिसका कोई भू-राजनीतिक महत्व नहीं है।
  4. रिमलैंड सिद्धांत केवल उत्तरी अमेरिका पर लागू होता है।

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह राजनीतिक भूगोल की शास्त्रीय विचारधारा और भारतीय भू-राजनीति का मिश्रण है।
  • संदर्भ: निकोलस स्पाइकमैन ने रिमलैंड सिद्धांत दिया था। उनके अनुसार, यूरेशिया का तटीय क्षेत्र (जिसमें भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया शामिल हैं) सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि जो इस रिमलैंड को नियंत्रित करेगा, वह दुनिया पर नियंत्रण रखेगा।
  • विकल्प विश्लेषण: हार्टलैंड (केंद्रीय एशिया) मैकिन्डर का सिद्धांत था। भारत भौगोलिक रूप से रिमलैंड का हिस्सा है।

प्रश्न 9: (इकाई 2: जलवायु विज्ञान + इकाई 4: पर्यावरण भूगोल)
कोपेन (Koppen) के जलवायु वर्गीकरण में ‘Af’ प्रतीक किस प्रकार के बायोम (Biome) को दर्शाता है?

  1. उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforest)
  2. सवाना घास के मैदान (Savanna)
  3. मरुस्थलीय जलवायु (Desert)
  4. भूमध्यसागरीय वनस्पति (Mediterranean)

उत्तर: (a)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: जलवायु वर्गीकरण और वनस्पति बायोम का संबंध।
  • संदर्भ: कोपेन ने ‘A’ का उपयोग उष्णकटिबंधीय जलवायु के लिए किया और ‘f’ का अर्थ है ‘fully humid’ (पूरे वर्ष वर्षा)। इस प्रकार की जलवायु में सदाबहार वर्षावन पाए जाते हैं।
  • विकल्प विश्लेषण: ‘Aw’ सवाना को दर्शाता है, ‘B’ मरुस्थलों को और ‘Cs’ भूमध्यसागरीय जलवायु को।

प्रश्न 10: (इकाई 9: भौगोलिक तकनीकें + इकाई 1: भू-आकृति विज्ञान)
अपवाह बेसिन के ‘मॉर्फोमेट्रिक विश्लेषण’ (Morphometric Analysis) में ‘बाइफर्केशन रेशियो’ (Bifurcation Ratio) का उपयोग मुख्य रूप से क्या निर्धारित करने के लिए किया जाता है?

  1. नदी की कुल लंबाई
  2. अपवाह तंत्र की शाखाओं की क्रमबद्धता और भू-वैज्ञानिक नियंत्रण
  3. केवल वर्षा की मात्रा
  4. मिट्टी की उर्वरता

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: यह मात्रात्मक भू-आकृति विज्ञान (Quantitative Geomorphology) का प्रश्न है।
  • संदर्भ: बाइफर्केशन रेशियो दो क्रमागत धाराओं की संख्या का अनुपात होता है। यह बताता है कि नदी तंत्र कितना विकसित है और क्या वहां चट्टानों की संरचना (Geological control) ने नदी के मार्ग को प्रभावित किया है।
  • विकल्प विश्लेषण: नदी की लंबाई या वर्षा इस अनुपात से सीधे निर्धारित नहीं होते।

प्रश्न 11: (इकाई 6: आर्थिक भूगोल + इकाई 5: जनसंख्या भूगोल)
वेबर के औद्योगिक अवस्थिति सिद्धांत (Weber’s Industrial Location Theory) के अनुसार, ‘भार-ह्रास’ (Weight-losing) उद्योग कहाँ स्थापित होने की प्रवृत्ति रखते हैं?

  1. बाजार के निकट (Market-oriented)
  2. कच्चे माल के स्रोत के निकट (Raw material-oriented)
  3. श्रम उपलब्धता के केंद्र में (Labour-oriented)
  4. किसी भी स्थान पर, क्योंकि परिवहन लागत अब शून्य है

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: परिवहन लागत और औद्योगिक स्थान का संबंध।
  • संदर्भ: यदि कच्चे माल का वजन अंतिम उत्पाद से बहुत अधिक है (जैसे गन्ना या लोहा), तो परिवहन लागत कम करने के लिए कारखाने कच्चे माल के स्रोत के पास लगाए जाते हैं।
  • विकल्प विश्लेषण: यदि उत्पाद वजन घटाने वाला नहीं है या नाजुक है, तो वह बाजार के निकट होगा।

प्रश्न 12: (इकाई 10: भारत का भूगोल + इकाई 1: भू-आकृति विज्ञान)
भारत के प्रायद्वीपीय पठार (Peninsular Plateau) की संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है?
A. धारवाड़ क्रम – धात्विक खनिज
B. गोंडवाना क्रम – कोयला भंडार
C. विंध्यन क्रम – भवन निर्माण सामग्री (बलुआ पत्थर)
D. दक्कन ट्रैप – बेसाल्टिक लावा

  1. केवल A और B
  2. केवल B और C
  3. केवल D
  4. उपरोक्त सभी सही सुमेलित हैं

उत्तर: (d)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: भारत की भू-वैज्ञानिक संरचना और खनिज संसाधनों का संबंध।
  • संदर्भ: धारवाड़ चट्टानें स्वर्ण, लोहा और मैंगनीज के लिए प्रसिद्ध हैं। गोंडवाना चट्टानों में भारत का अधिकांश कोयला पाया जाता है। विंध्यन चट्टानें निर्माण सामग्री देती हैं और दक्कन ट्रैप ज्वालामुखी लावा से बना है।
  • विकल्प विश्लेषण: सभी चारों युग्म भारत की भू-आकृति और आर्थिक संसाधनों के बीच सटीक संबंध दर्शाते हैं।

प्रश्न 13: (इकाई 2: जलवायु विज्ञान + इकाई 3: समुद्र विज्ञान)
‘एल नीनो’ (El Niño) घटना का भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का मुख्य कारण क्या है?

  1. पश्चिमी प्रशांत महासागर में जल के तापमान में वृद्धि
  2. पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू तट) के पास सतही जल का असामान्य रूप से गर्म होना
  3. हिंद महासागर में चक्रवातों की संख्या में कमी
  4. आर्कटिक हवाओं का दक्षिण की ओर खिसकना

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: महासागर-वायुमंडल अंतःक्रिया (Ocean-Atmosphere Interaction)।
  • संदर्भ: एल नीनो के दौरान, व्यापारिक पवनें कमजोर हो जाती हैं और गर्म जल पेरू तट (पूर्वी प्रशांत) की ओर जमा हो जाता है। इससे ‘वॉकर सर्कुलेशन’ बाधित होता है और भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर उच्च वायुदाब बनता है, जिससे मानसून कमजोर हो जाता है।
  • विकल्प विश्लेषण: पश्चिमी प्रशांत में तापमान वृद्धि ‘ला नीना’ (La Niña) के समय होती है, जो भारत के लिए लाभदायक है।

प्रश्न 14: (इकाई 8: भौगोलिक चिंतन + इकाई 5: जनसंख्या भूगोल)
‘केंद्र स्थान सिद्धांत’ (Central Place Theory) के प्रणेता वाल्टर क्रिस्टालर ने किस अवधारणा का उपयोग शहरी पदानुक्रम को समझाने के लिए किया था?

  1. दूरी का क्षय (Distance Decay)
  2. थ्रेशोल्ड और रेंज (Threshold and Range)
  3. प्राइमेट सिटी (Primate City)
  4. रैंक-साइज नियम (Rank-Size Rule)

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: शहरी भूगोल और स्थानिक संगठन।
  • संदर्भ: ‘थ्रेशोल्ड’ वह न्यूनतम जनसंख्या है जो किसी सेवा को जीवित रखने के लिए आवश्यक है। ‘रेंज’ वह अधिकतम दूरी है जो एक उपभोक्ता सेवा प्राप्त करने के लिए तय करने को तैयार है। इन दोनों के आधार पर क्रिस्टालर ने षट्कोणीय (Hexagonal) मॉडल दिया।
  • विकल्प विश्लेषण: प्राइमेट सिटी और रैंक-साइज नियम शहरों के वितरण के अलग मॉडल हैं, जबकि थ्रेशोल्ड/रेंज केंद्र स्थान सिद्धांत के मूल आधार हैं।

प्रश्न 15: (इकाई 9: भौगोलिक तकनीकें + इकाई 10: भारत का भूगोल)
भारत में ‘बदलते भूमि उपयोग’ (Land Use Change) की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग (Remote Sensing) का उपयोग करते समय, कौन सा स्पेक्ट्रल सिग्नेचर (Spectral Signature) वन क्षेत्र की पहचान करने में सबसे सहायक होता है?

  1. अत्यधिक नीले प्रकाश का परावर्तन
  2. निकट-अवरक्त (Near-Infrared – NIR) क्षेत्र में उच्च परावर्तन
  3. केवल तापीय अवरक्त (Thermal Infrared) विकिरण
  4. दृश्य प्रकाश क्षेत्र में शून्य परावर्तन

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: रिमोट सेंसिंग के सिद्धांत और वनस्पति विश्लेषण।
  • संदर्भ: स्वस्थ वनस्पतियों की आंतरिक कोशिकीय संरचना (Mesophyll cells) निकट-अवरक्त (NIR) प्रकाश को बहुत अधिक परावर्तित करती है, जबकि क्लोरोफिल लाल प्रकाश को अवशोषित करता है। इसी अंतर का उपयोग NDVI (Normalized Difference Vegetation Index) निकालने में किया जाता है।
  • विकल्प विश्लेषण: नीला प्रकाश जल निकायों की पहचान में मदद करता है, तापीय विकिरण तापमान मापने के लिए होता है।

प्रश्न 16: (इकाई 1: भू-आकृति विज्ञान + इकाई 2: जलवायु विज्ञान)
‘पर्लुस्ट्रेशन’ (Periglacial) भू-आकृतियों का निर्माण मुख्य रूप से किस प्रक्रिया के कारण होता है?

  1. वायु द्वारा अपरदन
  2. हिमनद (Glacier) का क्षरण
  3. पाला-अपघटन (Frost-wedging/Freeze-Thaw cycle)
  4. समुद्री लहरों का प्रभाव

उत्तर: (c)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: ठंडे प्रदेशों की भू-आकृतियां।
  • संदर्भ: पेरिग्लेशियल (हिम-परिधीय) क्षेत्र वे होते हैं जहाँ तापमान बार-बार हिमांक (0°C) के ऊपर और नीचे जाता है। पानी दरारों में घुसकर जम जाता है और फैलता है, जिससे चट्टानें टूट जाती हैं। इसे ‘फ्रीज-थॉ’ चक्र कहते हैं।
  • विकल्प विश्लेषण: हिमनद द्वारा निर्मित आकृतियां ‘ग्लेशियल’ कहलाती हैं, जबकि ‘पेरिग्लेशियल’ उन क्षेत्रों की होती हैं जो ग्लेशियर के पास हैं लेकिन पूरी तरह ढके नहीं हैं।

प्रश्न 17: (इकाई 7: राजनीतिक भूगोल + इकाई 6: आर्थिक भूगोल)
किसी देश की ‘सीमा’ (Boundary) और ‘फ्रंटियर’ (Frontier) के बीच मुख्य अंतर क्या है?

  1. सीमा एक काल्पनिक रेखा है, जबकि फ्रंटियर एक संक्रमणकालीन क्षेत्र (Zone) है।
  2. सीमा केवल प्राकृतिक होती है, फ्रंटियर केवल मानव निर्मित।
  3. सीमा एक क्षेत्र है, जबकि फ्रंटियर एक सटीक रेखा है।
  4. दोनों शब्द एक ही अर्थ में उपयोग किए जाते हैं।

उत्तर: (a)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: राजनीतिक भूगोल की शब्दावली।
  • संदर्भ: ‘Boundary’ एक कानूनी रूप से परिभाषित रेखा होती है जो दो राज्यों को अलग करती है। ‘Frontier’ एक ऐसा क्षेत्र होता है जहाँ राजनीतिक नियंत्रण कम होता है या जो दो राज्यों के बीच का बफर जोन होता है।
  • विकल्प विश्लेषण: विकल्प (c) शब्दों को उलट देता है, और (b) गलत है क्योंकि सीमाएं प्राकृतिक (नदी/पर्वत) और कृत्रिम दोनों हो सकती हैं।

प्रश्न 18: (इकाई 4: पर्यावरण भूगोल + इकाई 3: समुद्र विज्ञान)
‘कोरल ब्लीचिंग’ (Coral Bleaching) का मुख्य कारण निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. समुद्री जल की लवणता में वृद्धि
  2. समुद्री जल के तापमान में वृद्धि के कारण ज़ूक्सैन्थेले (Zooxanthellae) का निष्कासन
  3. महासागरीय धाराओं की गति में कमी
  4. समुद्र तल में अत्यधिक वृद्धि

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: समुद्री पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन।
  • संदर्भ: मूंगे (Corals) और ज़ूक्सैन्थेले शैवाल के बीच सहजीवी संबंध होता है। जब पानी का तापमान बढ़ता है, तो मूंगे तनाव में आकर इन शैवालों को बाहर निकाल देते हैं, जिससे उनका रंग सफेद हो जाता है।
  • विकल्प विश्लेषण: हालांकि लवणता और अन्य कारक प्रभाव डालते हैं, लेकिन ‘ब्लीचिंग’ का प्राथमिक कारण तापीय तनाव (Thermal Stress) है।

प्रश्न 19: (इकाई 10: भारत का भूगोल + इकाई 6: आर्थिक भूगोल)
भारत में ‘सूती वस्त्र उद्योग’ का विस्थापन पारंपरिक केंद्रों (जैसे मुंबई) से नए केंद्रों (जैसे कोयंबटूर, लुधियाना) की ओर होने का मुख्य कारण क्या है?

  1. कच्चे माल की अनुपलब्धता
  2. श्रम लागत में वृद्धि और सख्त श्रम कानून
  3. परिवहन साधनों का अभाव
  4. बिजली की कमी

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: औद्योगिक अवस्थिति के बदलते कारक।
  • संदर्भ: आधुनिक समय में परिवहन इतना विकसित हो गया है कि कच्चा माल कहीं से भी मंगाया जा सकता है। अब उद्योग उन क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं जहाँ श्रम सस्ता है, यूनियन का प्रभाव कम है और सरकारी प्रोत्साहन अधिक है।
  • विकल्प विश्लेषण: मुंबई में अभी भी कपास उपलब्ध है, लेकिन वहां की उच्च लागत ने उद्योगों को विकेंद्रीकृत कर दिया है।

प्रश्न 20: (इकाई 2: जलवायु विज्ञान + इकाई 10: भारत का भूगोल)
‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbances) का प्रभाव भारत के किस क्षेत्र में सबसे अधिक होता है और इसका कृषि महत्व क्या है?

  1. दक्षिण भारत – धान की खेती के लिए
  2. उत्तर-पश्चिम भारत – रबी फसल (विशेषकर गेहूं) के लिए
  3. पूर्वी तट – जूट की खेती के लिए
  4. मध्य भारत – कपास की खेती के लिए

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: सर्दियों की जलवायु और कृषि।
  • संदर्भ: पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से उठने वाले चक्रवाती तूफान हैं जो जेट स्ट्रीम के साथ भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में पहुँचते हैं। यहाँ सर्दियों में होने वाली हल्की बारिश गेहूं की फसल के लिए ‘गोल्डन शावर’ मानी जाती है।
  • विकल्प विश्लेषण: दक्षिण भारत में सर्दियों की वर्षा मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है।

प्रश्न 21: (इकाई 8: भौगोलिक चिंतन + इकाई 1: भू-आकृति विज्ञान)
‘डेविसेज’ (Davis) के अपरदन चक्र (Cycle of Erosion) में ‘युवावस्था’ (Youth Stage) की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. विस्तृत बाढ़ के मैदानों का निर्माण
  2. तीव्र ऊर्ध्वाधर अपरदन और V-आकार की घाटियाँ
  3. पेनिप्लेन (Peneplain) का निर्माण
  4. नदी का मंद वेग और विसर्पण (Meandering)

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: भू-आकृति विज्ञान की विकासवादी विचारधारा।
  • संदर्भ: विलियम मॉरिस डेविस के अनुसार, युवावस्था में नदी की ऊर्जा अधिक होती है, जिससे वह गहराई में काटती है (Vertical Erosion) और गहरी V-आकार की घाटियाँ बनाती है।
  • विकल्प विश्लेषण: पेनिप्लेन और बाढ़ के मैदान ‘प्रौढ़ावस्था’ और ‘वृद्धावस्था’ की विशेषताएं हैं।

प्रश्न 22: (इकाई 5: जनसंख्या भूगोल + इकाई 7: राजनीतिक भूगोल)
‘प्रवासन’ (Migration) के ‘पुश’ (Push) और ‘पुल’ (Pull) कारकों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन सा एक ‘पुल कारक’ (Pull Factor) है?

  1. जन्म स्थान पर राजनीतिक अस्थिरता
  2. गंतव्य स्थान पर बेहतर रोजगार के अवसर
  3. ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि का विखंडन
  4. प्राकृतिक आपदाएं (जैसे सूखा या बाढ़)

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: जनसंख्या गतिशीलता के कारक।
  • संदर्भ: ‘पुश कारक’ वे नकारात्मक परिस्थितियाँ हैं जो व्यक्ति को अपना घर छोड़ने पर मजबूर करती हैं (जैसे युद्ध, गरीबी)। ‘पुल कारक’ वे सकारात्मक आकर्षण हैं जो व्यक्ति को किसी नए स्थान की ओर खींचते हैं (जैसे अच्छी शिक्षा, उच्च वेतन)।
  • विकल्प विश्लेषण: विकल्प (a), (c) और (d) सभी ‘पुश कारक’ हैं।

प्रश्न 23: (इकाई 9: भौगोलिक तकनीकें + इकाई 3: समुद्र विज्ञान)
समुद्र तल की गहराई मापने के लिए ‘सोनार’ (SONAR) तकनीक किस भौतिक सिद्धांत पर कार्य करती है?

  1. प्रकाश के अपवर्तन (Refraction) पर
  2. ध्वनि तरंगों के परावर्तन (Echo) पर
  3. चुंबकीय विसंगतियों के मापन पर
  4. गुरुत्वाकर्षण खिंचाव पर

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: समुद्र विज्ञान में प्रयुक्त तकनीक।
  • संदर्भ: SONAR (Sound Navigation and Ranging) अल्ट्रासोनिक तरंगों को भेजता है। जब ये तरंगें समुद्र तल से टकराकर वापस आती हैं, तो समय के अंतर के आधार पर गहराई की गणना की जाती है।
  • विकल्प विश्लेषण: चुंबकीय विसंगतियाँ प्लेट विवर्तनिकी के प्रमाण देती हैं, लेकिन गहराई मापने के लिए ध्वनि तरंगों का ही प्रयोग होता है।

प्रश्न 24: (इकाई 4: पर्यावरण भूगोल + इकाई 6: आर्थिक भूगोल)
‘सतत विकास’ (Sustainable Development) की अवधारणा के संदर्भ में, ‘पारिस्थितिक पदचिह्न’ (Ecological Footprint) का क्या अर्थ है?

  1. किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले कुल वन्यजीवों की संख्या
  2. मानवीय उपभोग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक जैविक उत्पादक क्षेत्र का माप
  3. मिट्टी में कार्बन की मात्रा का प्रतिशत
  4. किसी देश की कुल जीडीपी और पर्यावरण का अनुपात

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: पर्यावरण प्रबंधन और संसाधन भूगोल।
  • संदर्भ: पारिस्थितिक पदचिह्न यह मापता है कि हम पृथ्वी के संसाधनों का कितना उपयोग कर रहे हैं और क्या पृथ्वी उस गति से संसाधनों को पुनः उत्पन्न कर पा रही है। यह वैश्विक क्षमता (Global Capacity) और उपभोग के बीच के अंतर को दर्शाता है।
  • विकल्प विश्लेषण: यह केवल जीडीपी या वन्यजीवों की संख्या नहीं, बल्कि संसाधनों के उपयोग की एक व्यापक माप है।

प्रश्न 25: (इकाई 10: भारत का भूगोल + इकाई 2: जलवायु विज्ञान)
भारत में ‘मानसून विस्फोट’ (Monsoon Burst) की घटना मुख्य रूप से किसके कारण होती है?

  1. हिमालय की ऊंचाई के कारण हवाओं का रुकना
  2. आईटीसीजेड (ITCZ) का उत्तर की ओर खिसकना और तीव्र निम्न दाब का बनना
  3. प्रशांत महासागर में चक्रवातों का आना
  4. दक्षिण-पश्चिम मानसून का सीधे तौर पर बर्फ पिघलने से शुरू होना

उत्तर: (b)

विस्तृत व्याख्या:

  • सही अवधारणा: भारतीय मानसून की गतिकी।
  • संदर्भ: जब ITCZ (Inter Tropical Convergence Zone) उत्तर की ओर खिसककर गंगा के मैदानों के ऊपर आ जाता है, तो यहाँ अत्यधिक निम्न दाब विकसित होता है। इसके कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाएं बहुत तीव्र वेग के साथ भारत में प्रवेश करती हैं, जिससे अचानक भारी वर्षा होती है, जिसे ‘मानसून विस्फोट’ कहते हैं।
  • विकल्प विश्लेषण: हिमालय हवाओं को रोकता जरूर है, लेकिन ‘विस्फोट’ का मुख्य कारण दाब प्रवणता (Pressure Gradient) और ITCZ का स्थानांतरण है।

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