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समाजशास्त्र वैचारिक चुनौती: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मास्टर क्लास

समाजशास्त्र वैचारिक चुनौती: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मास्टर क्लास

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क्या आप समाजशास्त्र की जटिल अवधारणाओं और सिद्धांतों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए तैयार हैं? यह दैनिक अभ्यास सेट विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को निखारना चाहते हैं और समाजशास्त्रीय विचारकों के दृष्टिकोण को गहराई से समझना चाहते हैं। आइए, इस बौद्धिक चुनौती का सामना करें और अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं!

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  1. ‘अलगाव’ (Alienation) की अवधारणा कार्ल मार्क्स के अनुसार किस प्रक्रिया का परिणाम है?\n
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    • (A) सामाजिक एकजुटता का अभाव
    • \n

    • (B) पूंजीवादी उत्पादन पद्धति और निजी स्वामित्व
    • \n

    • (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
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    • (D) पारंपरिक पारिवारिक संरचनाओं का टूटना
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन पद्धति और निजी स्वामित्व\n
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने द्वारा उत्पादित वस्तु, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है। यह अलगाव निजी स्वामित्व और श्रम के विभाजन के कारण होता है। विकल्प (A) दुर्खीम की ‘एनोमी’ के करीब है, और (C) व (D) अलगाव के प्राथमिक कारण नहीं हैं।\n

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  2. \n\n

  3. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?\n
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    • (A) समाज का एक नैतिक और पूर्ण रूप
    • \n

    • (B) एक सांख्यिकीय औसत
    • \n

    • (C) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो वास्तविकता की तुलना के लिए बनाया गया है
    • \n

    • (D) समाज का एक काल्पनिक भविष्य
    • \n

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    \n सही उत्तर: (C) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो वास्तविकता की तुलना के लिए बनाया गया है\n
    विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ (Perfect) स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक निर्माण है जिसमें किसी सामाजिक घटना की विशिष्ट विशेषताओं को अतिरंजित (Exaggerate) किया जाता है ताकि वास्तविकता का विश्लेषण किया जा सके। यह तुलनात्मक समाजशास्त्र का एक प्रमुख उपकरण है।\n

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  5. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Facts) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) वे व्यक्ति के आंतरिक विचारों पर आधारित होते हैं
    • \n

    • (B) वे केवल लिखित कानूनों के रूप में होते हैं
    • \n

    • (C) वे व्यक्ति के बाहर होते हैं और उस पर दबाव (Constraint) डालते हैं
    • \n

    • (D) वे केवल जैविक प्रवृत्तियों का परिणाम हैं
    • \n

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    \n सही उत्तर: (C) वे व्यक्ति के बाहर होते हैं और उस पर दबाव (Constraint) डालते हैं\n
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘द रूल्स ऑफ सोशियोलॉजिकल मेथड’ में तर्क दिया कि सामाजिक तथ्य (जैसे रीति-रिवाज, कानून, नैतिकता) व्यक्ति से स्वतंत्र होते हैं और व्यक्ति के व्यवहार को नियंत्रित करते हैं। विकल्प (A) वेबर के व्यक्तिपरक दृष्टिकोण (Verstehen) जैसा है।\n

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  6. \n\n

  7. टैल्कॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का अर्थ क्या है?\n
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    • (A) कानून बनाना (Legislation)
    • \n

    • (B) सांस्कृतिक पैटर्न का रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)
    • \n

    • (C) संसाधनों का संग्रहण (Latency of Resources)
    • \n

    • (D) लक्ष्य निर्धारण (Linearity)
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) सांस्कृतिक पैटर्न का रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)\n
    विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में ‘L’ का अर्थ है कि समाज को अपनी बुनियादी मूल्य प्रणालियों और सांस्कृतिक मानदंडों को बनाए रखना होगा (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से), ताकि सामाजिक स्थिरता बनी रहे।\n

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  8. \n\n

  9. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य नकारात्मक होते हैं, अंतर्निहित सकारात्मक
    • \n

    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं
    • \n

    • (C) अंतर्निहित कार्य केवल धर्म में पाए जाते हैं
    • \n

    • (D) दोनों में कोई वास्तविक अंतर नहीं है
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं\n
    विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय का प्रकट कार्य शिक्षा देना है, लेकिन इसका अंतर्निहित कार्य सामाजिक नेटवर्किंग या जीवनसाथी की खोज करना हो सकता है। मर्टन ने यह अवधारणा कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis) को अधिक सटीक बनाने के लिए दी थी।\n

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  11. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘Me’ का क्या कार्य है?\n
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    • (A) यह व्यक्ति की सहज और आवेगपूर्ण प्रतिक्रिया है
    • \n

    • (B) यह समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों का आंतरिक रूप है
    • \n

    • (C) यह केवल जन्मजात होता है
    • \n

    • (D) यह ‘I’ का पूर्णतः अभाव है
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) यह समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों का आंतरिक रूप है\n
    विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक और सहज पक्ष है, जबकि ‘Me’ वह पक्ष है जो समाज के नजरिए से खुद को देखता है (Generalized Other)। ‘स्व’ इन दोनों के बीच की बातचीत का परिणाम है।\n

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  12. \n\n

  13. इरविंग गोफमैन की ‘नाट्यशास्त्र’ (Dramaturgy) अवधारणा के अनुसार, ‘अग्रभाग’ (Front Stage) क्या है?\n
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    • (A) जहाँ व्यक्ति अपनी वास्तविक भावनाओं को व्यक्त करता है
    • \n

    • (B) वह स्थान जहाँ व्यक्ति दूसरों के सामने एक विशिष्ट छवि प्रस्तुत करता है
    • \n

    • (C) वह स्थान जहाँ व्यक्ति विश्राम करता है
    • \n

    • (D) केवल थिएटर या रंगमंच का मंच
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) वह स्थान जहाँ व्यक्ति दूसरों के सामने एक विशिष्ट छवि प्रस्तुत करता है\n
    विस्तृत व्याख्या: गोफमैन के अनुसार, सामाजिक जीवन एक नाटक की तरह है। ‘Front Stage’ वह है जहाँ हम अपनी भूमिका (Role) निभाते हैं और ‘Impression Management’ करते हैं, जबकि ‘Back Stage’ वह है जहाँ हम बिना किसी दबाव के स्वाभाविक होते हैं।\n

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  15. समकालीन समाजशास्त्र में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) का विश्लेषण किसके द्वारा किया गया था, जो आज भी आधुनिक धर्मनिरपेक्ष समाज में भी प्रासंगिक है?\n
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    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (D) अगस्त कॉम्टे
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम\n
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार पवित्र और अपवित्र के बीच का विभाजन है। हालिया शोध (जैसे फिल गोर्की की पुस्तक) इसी विचार को आधुनिक संदर्भों (जैसे संगीत या पॉप कल्चर) में विस्तारित करते हैं।\n

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  16. \n\n

  17. सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के एकीकरण से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता क्या है?\n
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    • (A) डेटा प्रसंस्करण की गति का कम होना
    • \n

    • (B) गुणात्मक विश्लेषण में मानवीय अंतर्दृष्टि (Human Insight) और संदर्भ की हानि
    • \n

    • (C) सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर की कमी
    • \n

    • (D) पुस्तकालयों की अनुपयोगिता
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) गुणात्मक विश्लेषण में मानवीय अंतर्दृष्टि (Human Insight) और संदर्भ की हानि\n
    विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्र केवल डेटा नहीं, बल्कि अर्थों (Meanings) का अध्ययन है। AI पैटर्न तो पहचान सकता है, लेकिन वह सामाजिक संदर्भों, भावनाओं और सूक्ष्म मानवीय अनुभवों (Nuances) को समझने में अक्षम हो सकता है, जो समाजशास्त्रीय अनुसंधान की आत्मा है।\n

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  18. \n\n

  19. डिजिटल प्रौद्योगिकियों द्वारा सुगम ‘बाल यौन शोषण’ (Child Sexual Abuse) समाजशास्त्र के किस क्षेत्र के अंतर्गत एक गंभीर समस्या है?\n
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    • (A) केवल शहरी समाजशास्त्र
    • \n

    • (B) अपराध शास्त्र और डिजिटल समाजशास्त्र (Digital Sociology)
    • \n

    • (C) केवल ग्रामीण समाजशास्त्र
    • \n

    • (D) केवल आर्थिक समाजशास्त्र
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) अपराध शास्त्र और डिजिटल समाजशास्त्र (Digital Sociology)\n
    विस्तृत व्याख्या: यह मुद्दा दिखाता है कि कैसे तकनीक ने अपराध के नए माध्यम पैदा किए हैं। डिजिटल समाजशास्त्र इस बात का अध्ययन करता है कि तकनीक सामाजिक संबंधों और व्यवहारों (यहाँ नकारात्मक व्यवहारों) को कैसे बदल रही है।\n

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  20. \n\n

  21. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में, ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?\n
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    • (A) वर्ग प्रणाली (Class System)
    • \n

    • (B) जाति प्रणाली (Caste System)
    • \n

    • (C) योग्यता आधारित प्रणाली (Meritocracy)
    • \n

    • (D) पेशेवर श्रेणी (Professional Category)
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) जाति प्रणाली (Caste System)\n
    विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और उसमें गतिशीलता (Mobility) की संभावना बहुत कम या शून्य होती है। जाति इसका सटीक उदाहरण है, जबकि वर्ग एक ‘खुली’ प्रणाली है।\n

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  23. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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    • (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का उत्पीड़न
    • \n

    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना
    • \n

    • (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य अध्ययन
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का अनुवाद करना
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना\n
    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोई निम्न जाति या जनजाति किसी उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती है।\n

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  24. \n\n

  25. जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जाति व्यवस्था के बारे में क्या विचार व्यक्त किए थे?\n
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    • (A) जाति केवल एक आर्थिक श्रेणी है
    • \n

    • (B) जाति एक बंद वर्ग है जिसकी विशेषताएं पदानुक्रम और शुद्धता/अशुद्धता हैं
    • \n

    • (C) जाति का धर्म से कोई संबंध नहीं है
    • \n

    • (D) जाति केवल दक्षिण भारत तक सीमित है
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) जाति एक बंद वर्ग है जिसकी विशेषताएं पदानुक्रम और शुद्धता/अशुद्धता हैं\n
    विस्तृत व्याख्या: घुर्여 ने जाति को भारतीय समाज की एक मौलिक विशेषता माना और इसके विभिन्न लक्षणों जैसे अंतर्विवाह (Endogamy) और पदानुक्रमित व्यवस्था का विस्तृत विश्लेषण किया।\n

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  26. \n\n

  27. नातेदारी (Kinship) के संदर्भ में ‘वंश’ (Lineage) और ‘कुल’ (Clan) में क्या मुख्य अंतर है?\n
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    • (A) वंश बड़ा होता है और कुल छोटा
    • \n

    • (B) वंश में पूर्वज ज्ञात होते हैं, जबकि कुल में पूर्वज काल्पनिक या अज्ञात हो सकते हैं
    • \n

    • (C) कुल केवल मातृवंशीय होता है
    • \n

    • (D) दोनों के बीच कोई अंतर नहीं है
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) वंश में पूर्वज ज्ञात होते हैं, जबकि कुल में पूर्वज काल्पनिक या अज्ञात हो सकते हैं\n
    विस्तृत व्याख्या: वंश (Lineage) एक ऐसा समूह है जिसके सदस्य वास्तव में एक साझा पूर्वज से जुड़े होते हैं और इसे साबित किया जा सकता है। कुल (Clan) एक व्यापक समूह है जो एक साझा पूर्वज (जो अक्सर मिथकीय होता है) के दावे पर आधारित होता है।\n

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  28. \n\n

  29. ‘मातृवंशीय’ (Matrilineal) समाज की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) परिवार का नेतृत्व केवल माता करती है और पिता का कोई अस्तित्व नहीं होता
    • \n

    • (B) वंश और विरासत का निर्धारण माता की रेखा से होता है
    • \n

    • (C) इसमें विवाह वर्जित होता है
    • \n

    • (D) यह केवल आधुनिक शहरों में पाया जाता है
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) वंश और विरासत का निर्धारण माता की रेखा से होता है\n
    विस्तृत व्याख्या: मातृवंशीय समाज में नाम, संपत्ति और वंश माता से बच्चों तक पहुँचते हैं। उदाहरण के लिए, मेघालय की खासी जनजाति। विकल्प (A) गलत है क्योंकि नेतृत्व और अधिकार अलग बातें हैं (Matriarchy vs Matrilineal)।\n

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  30. \n\n

  31. शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) झुग्गी-बस्तियों का विस्तार होना
    • \n

    • (B) निम्न आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और उच्च आय वाले लोगों का वहां बसना
    • \n

    • (C) शहरों से गांवों की ओर पलायन
    • \n

    • (D) शहरी क्षेत्रों में गरीबी का बढ़ना
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) निम्न आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और उच्च आय वाले लोगों का वहां बसना\n
    विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें पुराने या उपेक्षित शहरी इलाकों का सौंदर्यीकरण किया जाता है, जिससे संपत्ति की कीमतें बढ़ती हैं और वहां के मूल गरीब निवासी विस्थापित हो जाते हैं।\n

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  32. \n\n

  33. ग्रामीण भारत में ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) का मुख्य आधार क्या था?\n
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    • (A) केवल नकद भुगतान
    • \n

    • (B) वस्तुओं और सेवाओं का पारंपरिक आदान-प्रदान और पारस्परिक निर्भरता
    • \n

    • (C) आधुनिक बैंकिंग प्रणाली
    • \n

    • (D) सरकारी अनुबंध (Government Contracts)
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) वस्तुओं और सेवाओं का पारंपरिक आदान-प्रदान और पारस्परिक निर्भरता\n
    विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था एक सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था थी जहाँ सेवा प्रदाता जातियां (जैसे नाई, लोहार) संरक्षक जातियों (जजमान) को सेवाएँ देती थीं और बदले में उन्हें अनाज या भूमि का हिस्सा मिलता था।\n

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  34. \n\n

  35. अनुसंधान पद्धति में ‘ट्राइएंगुलेशन’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) केवल एक विधि का उपयोग करना
    • \n

    • (B) डेटा एकत्र करने के लिए कई विधियों या स्रोतों का उपयोग करना ताकि सटीकता बढ़े
    • \n

    • (C) त्रिभुजाकार डेटा चार्ट बनाना
    • \n

    • (D) केवल साक्षात्कार (Interview) विधि का उपयोग करना
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) डेटा एकत्र करने के लिए कई विधियों या स्रोतों का उपयोग करना ताकि सटीकता बढ़े\n
    विस्तृत व्याख्या: जब एक शोधकर्ता एक ही घटना का अध्ययन करने के लिए मात्रात्मक (Quantitative) और गुणात्मक (Qualitative) दोनों तरीकों का उपयोग करता है, तो इसे ट्राइएंगुलेशन कहते हैं। इससे निष्कर्षों की वैधता (Validity) बढ़ती है।\n

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  36. \n\n

  37. एक ‘परिकल्पना’ (Hypothesis) क्या होती है?\n
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    • (A) अनुसंधान का अंतिम निष्कर्ष
    • \n

    • (B) एक परीक्षण योग्य अस्थायी कथन या अनुमान
    • \n

    • (C) डेटा का संकलन
    • \n

    • (D) एक सिद्ध वैज्ञानिक कानून
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) एक परीक्षण योग्य अस्थायी कथन या अनुमान\n
    विस्तृत व्याख्या: परिकल्पना वह प्रारंभिक अनुमान है जिसे शोधकर्ता अपने डेटा के माध्यम से सिद्ध या असिद्ध (Prove or Disprove) करने का प्रयास करता है।\n

    \n

  38. \n\n

  39. दुर्खीम के अनुसार ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
      \n

    • (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं
    • \n

    • (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे स्पष्ट नहीं होते (नियमहीनता)
    • \n

    • (C) जब व्यक्ति अत्यधिक धार्मिक होता है
    • \n

    • (D) जब अर्थव्यवस्था बहुत स्थिर होती है
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे स्पष्ट नहीं होते (नियमहीनता)\n
    विस्तृत व्याख्या: एनोमी तब होती है जब तेजी से सामाजिक परिवर्तन (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि) के कारण पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम अभी बने नहीं होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।\n

    \n

  40. \n\n

  41. मैक्स वेबर के अनुसार, आधुनिक समाज की सबसे प्रमुख विशेषता ‘तार्किकता’ (Rationalization) है। इसका अर्थ है:\n
      \n

    • (A) केवल गणितीय गणना करना
    • \n

    • (B) परंपराओं और भावनाओं के स्थान पर दक्षता, गणना और नियंत्रण को प्राथमिकता देना
    • \n

    • (C) सभी धार्मिक विश्वासों को त्याग देना
    • \n

    • (D) समाज का पूरी तरह से लोकतांत्रिक होना
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) परंपराओं और भावनाओं के स्थान पर दक्षता, गणना और नियंत्रण को प्राथमिकता देना\n
    विस्तृत व्याख्या: वेबर ने तर्क दिया कि आधुनिक समाज ‘लोहे के पिंजरे’ (Iron Cage) की ओर बढ़ रहा है, जहाँ नौकरशाही और दक्षता (Efficiency) मानवीय मूल्यों और भावनाओं पर हावी हो रही हैं।\n

    \n

  42. \n\n

  43. ‘सामाजिक परिवर्तन’ (Social Change) के संदर्भ में ‘विकास’ (Development) और ‘प्रगति’ (Progress) में क्या अंतर है?\n
      \n

    • (A) विकास हमेशा सकारात्मक होता है, प्रगति नकारात्मक
    • \n

    • (B) विकास एक तटस्थ परिवर्तन है, जबकि प्रगति एक मूल्य-आधारित सकारात्मक परिवर्तन है
    • \n

    • (C) दोनों शब्द पूरी तरह समान हैं
    • \n

    • (D) प्रगति केवल आर्थिक होती है, विकास केवल सामाजिक
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) विकास एक तटस्थ परिवर्तन है, जबकि प्रगति एक मूल्य-आधारित सकारात्मक परिवर्तन है\n
    विस्तृत व्याख्या: विकास (Development) का अर्थ है किसी चीज का बढ़ना या बदलना (जो अच्छा या बुरा हो सकता है), लेकिन प्रगति (Progress) का अर्थ है एक बेहतर स्थिति की ओर बढ़ना।\n

    \n

  44. \n\n

  45. ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) समाजशास्त्रीय दृष्टि से क्या दर्शाता है?\n
      \n

    • (A) कंप्यूटर की कीमतों में गिरावट
    • \n

    • (B) सूचना प्रौद्योगिकी तक पहुंच और उपयोग में सामाजिक-आर्थिक असमानता
    • \n

    • (C) इंटरनेट की गति में अंतर
    • \n

    • (D) केवल उम्र के आधार पर तकनीक का उपयोग
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) सूचना प्रौद्योगिकी तक पहुंच और उपयोग में सामाजिक-आर्थिक असमानता\n
    विस्तृत व्याख्या: डिजिटल डिवाइड यह दिखाता है कि कैसे वर्ग, जाति और क्षेत्र के आधार पर कुछ लोगों के पास डिजिटल संसाधनों की पहुंच है और कुछ के पास नहीं, जो मौजूदा सामाजिक असमानताओं को और गहरा करता है।\n

    \n

  46. \n\n

  47. शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) क्या है?\n
      \n

    • (A) वह पाठ्यक्रम जो गुप्त रूप से पढ़ाया जाता है और प्रतिबंधित है
    • \n

    • (B) वे अनौपचारिक मूल्य, व्यवहार और दृष्टिकोण जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं
    • \n

    • (C) वह सिलेबस जो शिक्षक नहीं पढ़ाते
    • \n

    • (D) केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) वे अनौपचारिक मूल्य, व्यवहार और दृष्टिकोण जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं\n
    विस्तृत व्याख्या: हिडन करिकुलम में अनुशासन, समय की पाबंदी और सत्ता के प्रति सम्मान जैसे गुण शामिल होते हैं, जो आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं लिखे होते लेकिन सामाजिकरण का हिस्सा होते हैं।\n

    \n

  48. \n\n

  49. प्राथमिक सामाजिकरण (Primary Socialization) का मुख्य स्रोत क्या है?\n
      \n

    • (A) स्कूल और कॉलेज
    • \n

    • (B) परिवार और करीबी रिश्तेदार
    • \n

    • (C) मीडिया और इंटरनेट
    • \n

    • (D) कार्यस्थल और सहकर्मी
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) परिवार और करीबी रिश्तेदार\n
    विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक सामाजिकरण जीवन के शुरुआती वर्षों में होता है, जहाँ बच्चा भाषा, बुनियादी व्यवहार और पहचान सीखता है। स्कूल और मीडिया ‘द्वितीयक सामाजिकरण’ (Secondary Socialization) के स्रोत हैं।\n

    \n

  50. \n\n

  51. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के अनुसार, समाज का निर्माण कैसे होता है?\n
      \n

    • (A) बड़े सामाजिक ढांचों और कानूनों द्वारा
    • \n

    • (B) व्यक्तियों के बीच प्रतीकों और अर्थों के निरंतर आदान-प्रदान द्वारा
    • \n

    • (C) केवल आर्थिक हितों के संघर्ष द्वारा
    • \n

    • (D) जैविक प्रवृत्तियों के कारण
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) व्यक्तियों के बीच प्रतीकों और अर्थों के निरंतर आदान-प्रदान द्वारा\n
    विस्तृत व्याख्या: यह सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Micro-Sociology) का दृष्टिकोण है। इसके अनुसार, समाज स्थिर नहीं है, बल्कि यह व्यक्तियों द्वारा एक-दूसरे को दिए गए अर्थों और उनके बीच होने वाली बातचीत (Interaction) से हर पल निर्मित होता है।\n

    \n

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टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय केवल सही उत्तर न देखें, बल्कि विस्तृत व्याख्या को पढ़ें ताकि आपकी वैचारिक स्पष्टता (Conceptual Clarity) बढ़े। अगले सेट के लिए तैयार रहें!

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