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समाजशास्त्र की वैचारिक स्पष्टता: अपनी तैयारी को दें एक नई दिशा

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नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों! क्या आप अपनी वैचारिक समझ को चुनौती देने और प्रतियोगी परीक्षाओं (UGC-NET, UPSC, PSC) में अपनी बढ़त बनाने के लिए तैयार हैं? समाजशास्त्र केवल सिद्धांतों को पढ़ने का नाम नहीं है, बल्कि समाज की जटिल परतों को विश्लेषणात्मक दृष्टि से देखने की कला है। आज का यह अभ्यास सेट आपको बुनियादी अवधारणाओं से लेकर समकालीन चर्चाओं तक ले जाएगा। अपनी एकाग्रता बढ़ाएं और शुरू करें यह बौद्धिक यात्रा!

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  1. ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Facts) की अवधारणा का प्रतिपादन किसने किया, जिन्होंने समाजशास्त्र को एक स्वतंत्र विज्ञान के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया?\n
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    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
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    • (C) कार्ल मार्क्स
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    • (D) हरबर्ट स्पेंसर
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    \n सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम
    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Rules of Sociological Method’ में सामाजिक तथ्यों को परिभाषित किया। उनके अनुसार, सामाजिक तथ्य वे तरीके, सोचने और व्यवहार करने के तौर-तरीके हैं जो व्यक्ति के बाहर होते हैं और उस पर दबाव डालते हैं।\n
    अन्य विकल्प क्यों गलत हैं? वेबर ‘सामाजिक क्रिया’ (Social Action) पर केंद्रित थे, मार्क्स ‘वर्ग संघर्ष’ पर और स्पेंसर ‘सामाजिक विकासवाद’ (Social Evolution) पर।\n

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  3. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति में श्रमिक सबसे पहले किससे अलग होता है?\n
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    • (A) अन्य श्रमिकों से
    • \n

    • (B) समाज से
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    • (C) उत्पादित वस्तु से
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    • (D) स्वयं के मानवीय स्वभाव से
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    \n सही उत्तर: (C) उत्पादित वस्तु से
    \n विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक अपनी बनाई हुई वस्तु पर नियंत्रण खो देता है, जिससे वह उत्पाद से अलग हो जाता है। इसके बाद वह उत्पादन की प्रक्रिया, साथी श्रमिकों और अंततः अपने ‘प्रजाति-essence’ (Species-essence) से अलग हो जाता है।\n
    संदर्भ: यह विचार मार्क्स के आर्थिक और भौतिकवादी दृष्टिकोण से संबंधित है।\n

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  4. \n\n

  5. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘वेरस्टहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करना
    • \n

    • (B) सामाजिक क्रियाओं का व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) समझना
    • \n

    • (C) वर्ग संघर्ष के माध्यम से इतिहास की व्याख्या करना
    • \n

    • (D) समाज की संरचनात्मक कार्यात्मकता की जाँच करना
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) सामाजिक क्रियाओं का व्यक्तिपरक अर्थ समझना
    \n विस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्री को उस व्यक्ति के नजरिए से दुनिया को देखना चाहिए जिसकी वह अध्ययन कर रहा है ताकि क्रिया के पीछे के वास्तविक अर्थ को समझा जा सके।\n

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  6. \n\n

  7. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) अनुकूलन (Adaptation)
    • \n

    • (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • \n

    • (C) एकीकरण (Integration)
    • \n

    • (D) पैटर्न रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)
    • \n

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    \n सही उत्तर: (D) पैटर्न रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)
    \n विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में Latency का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से), ताकि सामाजिक स्थिरता बनी रहे।\n
    संदर्भ: यह संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural-Functionalism) का हिस्सा है।\n

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  8. \n\n

  9. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Functions) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Functions) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अप्रत्यक्ष लाभदायक।
    • \n

    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
    • \n

    • (C) दोनों एक ही होते हैं।
    • \n

    • (D) प्रकट कार्य केवल धर्म से संबंधित होते हैं।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
    \n विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय जाने का प्रकट कार्य डिग्री प्राप्त करना है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष कार्य नए सामाजिक नेटवर्क बनाना या जीवनसाथी ढूँढना हो सकता है।\n

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  10. \n\n

  11. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘I’ और ‘Me’ का क्या संबंध है?\n
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    • (A) ‘I’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है और ‘Me’ व्यक्ति की सहज प्रतिक्रिया है।
    • \n

    • (B) ‘I’ व्यक्ति की सहज, रचनात्मक प्रतिक्रिया है और ‘Me’ समाज द्वारा आरोपित पहचान है।
    • \n

    • (C) ‘I’ और ‘Me’ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और उनमें कोई अंतर नहीं है।
    • \n

    • (D) ‘Me’ केवल बचपन में विकसित होता है।
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    \n सही उत्तर: (B) ‘I’ व्यक्ति की सहज, रचनात्मक प्रतिक्रिया है और ‘Me’ समाज द्वारा आरोपित पहचान है।
    \n विस्तृत व्याख्या: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के तहत, ‘Me’ वह है जो हम दूसरों की नजरों में होते हैं, जबकि ‘I’ वह है जो उन सामाजिक मानदंडों पर अपनी प्रतिक्रिया देता है।\n

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  13. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) की ‘खुली प्रणाली’ (Open System) का उदाहरण कौन सा है?\n
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    • (A) जाति व्यवस्था
    • \n

    • (B) वर्ग व्यवस्था
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    • (C) दास प्रथा
    • \n

    • (D) इनमें से कोई नहीं
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    \n सही उत्तर: (B) वर्ग व्यवस्था
    \n विस्तृत व्याख्या: वर्ग व्यवस्था एक खुली प्रणाली है क्योंकि इसमें व्यक्ति अपनी योग्यता, शिक्षा और आर्थिक उपलब्धि के आधार पर अपना स्तर बदल सकता है (Social Mobility)। इसके विपरीत, जाति एक बंद प्रणाली (Closed System) है।\n

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  14. \n\n

  15. ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का वर्णन सबसे पहले किसने किया था, जिसे उन्होंने ‘नियमहीनता’ की स्थिति कहा?\n
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    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) रॉबर्ट मर्टन
    • \n

    • (D) कार्ल मार्क्स
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम
    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में एनोमी की चर्चा की। यह वह स्थिति है जब समाज के पुराने नियम टूट जाते हैं और नए नियम अभी स्थापित नहीं हुए होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।\n

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  16. \n\n

  17. भारतीय समाज में ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा किसने दी?\n
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    • (A) जी.एस. घुरिये
    • \n

    • (B) एम.एन. श्रीनिवास
    • \n

    • (C) लुई ड्यूमों
    • \n

    • (D) एस.सी. दुबे
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    \n सही उत्तर: (B) एम.एन. श्रीनिवास
    \n विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जाति के लोग या समूह उच्च जाति (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, विचारधाराओं और जीवनशैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने का प्रयास करते हैं।\n

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  18. \n\n

  19. ‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) वह जाति जो केवल संख्या में अधिक हो।
    • \n

    • (B) वह जाति जिसके पास आर्थिक संसाधन (भूमि), राजनीतिक शक्ति और उच्च सामाजिक स्थिति हो।
    • \n

    • (C) वह जाति जो केवल धार्मिक रूप से उच्च हो।
    • \n

    • (D) वह जाति जो केवल शहरी क्षेत्रों में प्रभावी हो।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) वह जाति जिसके पास आर्थिक संसाधन (भूमि), राजनीतिक शक्ति और उच्च सामाजिक स्थिति हो।
    \n विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, प्रभु जाति वह है जो स्थानीय स्तर पर प्रभावी होती है, चाहे वह औपचारिक जाति पदानुक्रम में शीर्ष पर हो या न हो।\n

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  20. \n\n

  21. निम्नलिखित में से कौन सी एक ‘गुणात्मक अनुसंधान विधि’ (Qualitative Research Method) है?\n
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    • (A) सर्वेक्षण (Survey)
    • \n

    • (B) प्रयोगात्मक विधि (Experimental Method)
    • \n

    • (C) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
    • \n

    • (D) सांख्यिकीय विश्लेषण
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    \n सही उत्तर: (C) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
    \n विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता किसी समूह के साथ रहकर उनके जीवन का गहन और विस्तृत अध्ययन करता है। सर्वेक्षण और प्रयोग मात्रात्मक (Quantitative) विधियाँ हैं।\n

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  23. ‘पब्लिक सोशियोलॉजी’ (Public Sociology) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) केवल अकादमिक पत्रिकाओं में शोध प्रकाशित करना।
    • \n

    • (B) समाजशास्त्रीय ज्ञान को आम जनता तक पहुँचाना और सामाजिक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाना।
    • \n

    • (C) समाजशास्त्र को केवल सरकारी नीतियों तक सीमित रखना।
    • \n

    • (D) समाजशास्त्र को एक रहस्यमय विज्ञान बनाना।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) समाजशास्त्रीय ज्ञान को आम जनता तक पहुँचाना और सामाजिक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाना।
    \n विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण (जैसा कि हालिया ‘Undisciplining II’ सम्मेलन में चर्चा की गई) इस बात पर जोर देता है कि \”समाजशास्त्र किसके लिए है?\”। यह अकादमिक ज्ञान और सार्वजनिक जीवन के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करता है।\n

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  25. डिजिटल समाजशास्त्र (Digital Sociology) के संदर्भ में, सोशल मीडिया का शिक्षा पर प्रभाव किस प्रकार देखा जा रहा है?\n
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    • (A) यह केवल सकारात्मक प्रभाव डालता है।
    • \n

    • (B) यह सभी छात्रों के लिए समान रूप से लाभदायक है।
    • \n

    • (C) शुरुआती अत्यधिक उपयोग कुछ मामलों में गणित और भाषा उपलब्धि को प्रभावित कर सकता है।
    • \n

    • (D) इसका शिक्षा से कोई संबंध नहीं है।
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    \n सही उत्तर: (C) शुरुआती अत्यधिक उपयोग कुछ मामलों में गणित और भाषा उपलब्धि को प्रभावित कर सकता है।
    \n विस्तृत व्याख्या: हालिया शोध (जैसे इटली के देशांतर अध्ययन) संकेत देते हैं कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग संज्ञानात्मक विकास और शैक्षणिक प्रदर्शन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।\n

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  27. पियरे बोर्दियू (Pierre Bourdieu) द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) से क्या तात्पर्य है?\n
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    • (A) बैंक में जमा धन।
    • \n

    • (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषाई क्षमताएं जो सामाजिक प्रतिष्ठा और लाभ दिलाती हैं।
    • \n

    • (C) केवल प्राचीन स्मारकों का संग्रह।
    • \n

    • (D) विदेशी मुद्रा भंडार।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषाई क्षमताएं जो सामाजिक प्रतिष्ठा और लाभ दिलाती हैं।
    \n विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू का तर्क है कि उच्च वर्ग अपने बच्चों को ऐसी सांस्कृतिक पूंजी प्रदान करते हैं जो उन्हें शिक्षा प्रणाली में अधिक सफल बनाती है, जिससे सामाजिक असमानता बनी रहती है।\n

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  29. ‘पैनऑप्टिकॉन’ (Panopticon) की अवधारणा, जिसका उपयोग आधुनिक निगरानी समाज (Surveillance Society) को समझाने के लिए किया जाता है, किसने दी थी?\n
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    • (A) मिशेल फूको
    • \n

    • (B) जर्गेन हेबरमास
    • \n

    • (C) एंथनी गिडिंग्स
    • \n

    • (D) ज़िगमुंट बॉमन
    • \n

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    \n सही उत्तर: (A) मिशेल फूको
    \n विस्तृत व्याख्या: फूको ने जेरेमी बेंथम के पैनऑप्टिकॉन (एक जेल डिजाइन) का उपयोग यह दिखाने के लिए किया कि कैसे आधुनिक समाज में ‘निगरानी’ के माध्यम से लोगों के व्यवहार को नियंत्रित और अनुशासित किया जाता है।\n

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  30. \n\n

  31. ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) का सिद्धांत किसने दिया था?\n
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    • (A) ऑगस्ट कॉम्टे
    • \n

    • (B) विलियम एफ. ओगबर्न
    • \n

    • (C) हर्बर्ट स्पेंसर
    • \n

    • (D) कार्ल मार्क्स
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) विलियम एफ. ओगबर्न
    \n विस्तृत व्याख्या: ओगबर्न के अनुसार, जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मान्यताएं, मूल्य) धीमी गति से बदलती है, तो उनके बीच एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक विलंबन’ कहते हैं।\n

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  33. निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?\n
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    • (A) राजनीतिक दल
    • \n

    • (B) पेशेवर संघ (Professional Association)
    • \n

    • (C) परिवार
    • \n

    • (D) एक बड़ी कंपनी के कर्मचारी
    • \n

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    \n सही उत्तर: (C) परिवार
    \n विस्तृत व्याख्या: सी.एच. कूले ने प्राथमिक समूह की अवधारणा दी थी। परिवार एक प्राथमिक समूह है क्योंकि यहाँ संबंध घनिष्ठ, व्यक्तिगत और आमने-सामने के होते हैं।\n

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  35. ‘धर्म’ को ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच विभाजन के रूप में किसने परिभाषित किया?\n
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    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (D) लुई ड्यूमों
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम
    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म केवल ईश्वर की पूजा नहीं है, बल्कि वह सब कुछ है जिसे समाज ‘पवित्र’ मानकर अलग रखता है और ‘अपवित्र’ (साधारण दुनिया) से अलग करता है।\n

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  37. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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    • (A) व्यापक सामाजिक संरचनाएं
    • \n

    • (B) व्यक्तियों के बीच सूक्ष्म स्तर पर होने वाली बातचीत और प्रतीकों का अर्थ
    • \n

    • (C) आर्थिक उत्पादन के साधन
    • \n

    • (D) जैविक विकास की प्रक्रिया
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) व्यक्तियों के बीच सूक्ष्म स्तर पर होने वाली बातचीत और प्रतीकों का अर्थ
    \n विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत (मीड, ब्लूमर) मानता है कि समाज व्यक्तियों के बीच निरंतर होने वाली अंतःक्रियाओं का परिणाम है, जहाँ लोग प्रतीकों के आधार पर अर्थ निकालते हैं।\n

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  38. \n\n

  39. ‘शहरीकरण’ (Urbanization) और ‘शहरीवाद’ (Urbanism) में क्या अंतर है?\n
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    • (A) दोनों एक ही हैं।
    • \n

    • (B) शहरीकरण जनसंख्या की भौतिक वृद्धि है, जबकि शहरीवाद शहरी जीवन का एक विशिष्ट तरीका/जीवनशैली है।
    • \n

    • (C) शहरीवाद भौतिक वृद्धि है और शहरीकरण जीवनशैली है।
    • \n

    • (D) शहरीकरण केवल ग्रामीण क्षेत्रों में होता है।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) शहरीकरण जनसंख्या की भौतिक वृद्धि है, जबकि शहरीवाद शहरी जीवन का एक विशिष्ट तरीका/जीवनशैली है।
    \n विस्तृत व्याख्या: लुई वर्थ ने ‘Urbanism as a Way of Life’ में बताया कि कैसे शहर का घनत्व और विविधता लोगों के मनोविज्ञान और व्यवहार को बदल देती है।\n

    \n

  40. \n\n

  41. ‘जाति’ (Caste) और ‘वर्ग’ (Class) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
      \n

    • (A) जाति अर्जित होती है, वर्ग जन्मजात होता है।
    • \n

    • (B) जाति एक बंद स्तरीकरण है, जबकि वर्ग एक खुला स्तरीकरण है।
    • \n

    • (C) वर्ग में विवाह केवल अपने समूह में होता है, जाति में नहीं।
    • \n

    • (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) जाति एक बंद स्तरीकरण है, जबकि वर्ग एक खुला स्तरीकरण है।
    \n विस्तृत व्याख्या: जाति जन्म पर आधारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता (Ascribed Status), जबकि वर्ग आर्थिक उपलब्धि और योग्यता पर आधारित होता है (Achieved Status)।\n

    \n

  42. \n\n

  43. ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) का संबंध किससे है?\n
      \n

    • (A) धार्मिक शिक्षा
    • \n

    • (B) औपचारिक स्कूली पाठ्यक्रम
    • \n

    • (C) स्कूल में अनौपचारिक रूप से सिखाए गए मूल्य, व्यवहार और सामाजिक मानदंड
    • \n

    • (D) केवल गणित और विज्ञान की पढ़ाई
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (C) स्कूल में अनौपचारिक रूप से सिखाए गए मूल्य, व्यवहार और सामाजिक मानदंड
    \n विस्तृत व्याख्या: शिक्षा के समाजशास्त्र में, हिडन करिकुलम उन चीजों को संदर्भित करता है जो छात्र अनजाने में सीखते हैं, जैसे सत्ता के प्रति आज्ञाकारिता और सामाजिक पदानुक्रम को स्वीकार करना।\n

    \n

  44. \n\n

  45. ‘गेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) की प्रक्रिया क्या है?\n
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    • (A) ग्रामीण क्षेत्रों का धीरे-धीरे जंगल में बदलना।
    • \n

    • (B) शहरी निम्न-आय वाले क्षेत्रों का पुनर्विकास और वहां उच्च-आय वाले लोगों का बसना।
    • \n

    • (C) शहरों का ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन।
    • \n

    • (D) झुग्गी-बस्तियों का पूरी तरह से उन्मूलन।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) शहरी निम्न-आय वाले क्षेत्रों का पुनर्विकास और वहां उच्च-आय वाले लोगों का बसना।
    \n विस्तृत व्याख्या: यह शहरी समाजशास्त्र की एक प्रक्रिया है जिसमें पुराने या उपेक्षित शहरी इलाकों का नवीनीकरण होता है, जिससे वहां किराया बढ़ जाता है और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।\n

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  46. \n\n

  47. ‘संरचनात्मक क्रिया’ (Structuration Theory) का प्रतिपादन किसने किया, जिसमें उन्होंने एजेंसी और संरचना के बीच के द्वंद्व को समाप्त किया?\n
      \n

    • (A) एंथनी गिडिंग्स
    • \n

    • (B) निकोलस लुमान
    • \n

    • (C) जर्गेन हेबरमास
    • \n

    • (D) पियरे बोर्दियू
    • \n

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    \n सही उत्तर: (A) एंथनी गिडिंग्स
    \n विस्तृत व्याख्या: गिडिंग्स ने तर्क दिया कि संरचना और एजेंसी (व्यक्ति की इच्छाशक्ति) एक-दूसरे के विपरीत नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे को बनाते हैं। संरचना क्रिया को संभव बनाती है, और क्रिया संरचना को बदलती है।\n

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  48. \n\n

  49. ‘रिलेटिव डिप्रिवेशन’ (Relative Deprivation) या सापेक्षिक वंचना का सिद्धांत मुख्य रूप से क्या समझाता है?\n
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    • (A) जब व्यक्ति के पास बुनियादी भोजन और कपड़ों का अभाव होता है।
    • \n

    • (B) जब व्यक्ति अपनी तुलना दूसरों से करता है और महसूस करता है कि वह दूसरों की तुलना में कम समृद्ध है।
    • \n

    • (C) जब समाज में सभी लोग समान रूप से गरीब होते हैं।
    • \n

    • (D) केवल आर्थिक गरीबी का माप।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) जब व्यक्ति अपनी तुलना दूसरों से करता है और महसूस करता है कि वह दूसरों की तुलना में कम समृद्ध है।
    \n विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा समझाती है कि असंतोष और विद्रोह केवल गरीबी से नहीं, बल्कि इस अहसास से पैदा होते हैं कि हमें वह नहीं मिला जो दूसरों को मिला है। यह सामाजिक आंदोलनों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।\n

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  50. \n

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टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय केवल सही उत्तर पर ध्यान न दें, बल्कि व्याख्या में दिए गए सिद्धांतों को दोबारा पढ़ें। समाजशास्त्र में ‘क्यों’ और ‘कैसे’ का उत्तर देना ही आपकी सफलता की कुंजी है!

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सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

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