नमस्कार भविष्य के विद्वानों!
समाजशास्त्र केवल एक विषय नहीं, बल्कि समाज को देखने और समझने का एक वैज्ञानिक नजरिया है। आज का यह विशेष क्विज़ आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने और आपकी वैचारिक स्पष्टता को निखारने के लिए तैयार किया गया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC/State PSC की, यह अभ्यास सेट आपको समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की गहराई तक ले जाएगा। अपनी एकाग्रता बढ़ाएं और अपनी तैयारी को परखें!
- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर समाजशास्त्र में किस अवधारणा को समझने के लिए मौलिक है?
- (A) सामाजिक स्तरीकरण
- (B) धर्म का समाजशास्त्र
- (C) सामाजिक नियंत्रण
- (D) श्रम विभाजन
सही उत्तर: (B) धर्म का समाजशास्त्र
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार ‘पवित्र’ और ‘अपवित्र’ का द्विभाजन है। पवित्र वे चीजें हैं जिन्हें समाज विशेष सम्मान देता है और अलग रखता है, जबकि अपवित्र सांसारिक और नियमित चीजें होती हैं। हालिया चर्चाओं (जैसे फिल गोर्स्की का कार्य) में भी यह देखा गया है कि कैसे ‘पवित्रता’ की अवधारणा आधुनिक लोकप्रिय संस्कृति में विकसित हो रही है।
अन्य विकल्प: विकल्प (A), (C) और (D) समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण हिस्से हैं, लेकिन वे पवित्र/अपवित्र के द्विभाजन पर आधारित नहीं हैं। - ‘गिग इकोनॉमी’ (Gig Economy) में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति को मार्क्सवादी परिप्रेक्ष्य से कैसे देखा जा सकता है?
- (A) कार्य संतुष्टि में वृद्धि के रूप में
- (B) डिजिटल युग में ‘अलगाव’ (Alienation) के नए रूप के रूप में
- (C) सामाजिक गतिशीलता के अवसर के रूप में
- (D) पेशेवर स्वायत्तता के रूप में
सही उत्तर: (B) डिजिटल युग में ‘अलगाव’ (Alienation) के नए रूप के रूप में
विस्तृत व्याख्या: कार्ल मार्क्स के अनुसार, जब श्रमिक का अपने उत्पादन के साधनों और उत्पाद पर नियंत्रण नहीं रहता, तो वह ‘अलग’ (Alienated) हो जाता है। गिग इकोनॉमी (जैसे फ्रीलांसिंग, ऐप-आधारित कार्य) में श्रमिक अक्सर एल्गोरिदम द्वारा नियंत्रित होते हैं, जिससे उनका अपने काम और सहकर्मियों से संबंध टूट जाता है, जो मार्क्स के अलगाव सिद्धांत का आधुनिक प्रतिबिंब है।
अन्य विकल्प: विकल्प (A), (C) और (D) इस व्यवस्था के सकारात्मक पहलुओं को दिखाते हैं, लेकिन मार्क्सवादी विश्लेषण शोषण और अलगाव पर केंद्रित होता है। - एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) निचली जातियों द्वारा अपनी संस्कृति का त्याग करना
- (B) उच्च जातियों द्वारा अपनी स्थिति को और मजबूत करना
- (C) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाकर सामाजिक स्थिति सुधारना
- (D) जाति व्यवस्था का पूर्ण उन्मूलन करना
सही उत्तर: (C) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाकर सामाजिक स्थिति सुधारना
विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास ने पाया कि भारत में कुछ निम्न जातियां उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवनशैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाने का प्रयास करती हैं। यह एक ‘स्थितिक गतिशीलता’ (Positional Change) है, न कि ‘संरचनात्मक परिवर्तन’।
अन्य विकल्प: यह केवल संस्कृति का त्याग नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक बदलाव है। यह जाति व्यवस्था को खत्म नहीं करता, बल्कि उसके भीतर स्थिति बदलता है। - टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) अनुकूलन (Adaptation)
- (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
सही उत्तर: (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक व्यवस्था को जीवित रहने के लिए चार कार्यों की आवश्यकता होती है: Adaptation (अर्थव्यवस्था), Goal Attainment (राजनीति), Integration (कानून/धर्म), और Latency (परिवार/शिक्षा)। ‘Latency’ का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना ताकि सामाजिक स्थिरता बनी रहे।
अन्य विकल्प: (A) अर्थव्यवस्था से, (B) राजनीतिक प्रणाली से और (C) सामाजिक समन्वय से संबंधित है। - जब समाज में पुराने मानदंड टूट जाते हैं और नए मानदंड अभी विकसित नहीं हुए होते, तो दुर्खीम इस स्थिति को क्या कहते हैं?
- (A) एनोमी (Anomie)
- (B) अलगाव (Alienation)
- (C) विसंगति (Dysfunction)
- (D) सामाजिक विघटन (Social Disorganization)
सही उत्तर: (A) एनोमी (Anomie)
विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ का अर्थ है ‘मानदंडहीनता’। दुर्खीम के अनुसार, तीव्र सामाजिक परिवर्तन (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि) के समय व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है क्योंकि समाज के नियम उसे नियंत्रित करने में विफल रहते हैं।
अन्य विकल्प: अलगाव (Alienation) मार्क्स की अवधारणा है। विसंगति (Dysfunction) मर्टन से संबंधित है। - मैक्स वेबर के ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की मुख्य विशेषता क्या है?
- (A) यह वास्तविकता का सटीक चित्रण है
- (B) यह एक मानसिक निर्माण (Conceptual Tool) है जिसका उपयोग तुलना के लिए किया जाता है
- (C) यह केवल नैतिक मूल्यों पर आधारित होता है
- (D) यह एक सांख्यिकीय औसत है
सही उत्तर: (B) यह एक मानसिक निर्माण (Conceptual Tool) है जिसका उपयोग तुलना के लिए किया जाता है
विस्तृत व्याख्या: वेबर का ‘आदर्श प्रारूप’ कोई ‘आदर्श’ (Ideal) स्थिति नहीं है जिसे प्राप्त करना हो, बल्कि यह एक विश्लेषणात्मक उपकरण है। इसमें किसी घटना के सबसे महत्वपूर्ण लक्षणों को बढ़ाकर एक मॉडल बनाया जाता है ताकि वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना उससे की जा सके।
अन्य विकल्प: यह वास्तविकता का हूबहू चित्रण नहीं है, बल्कि एक सरलीकृत मॉडल है। - रॉबर्ट मर्टन के ‘प्रकट’ (Manifest) और ‘अप्रत्यक्ष’ (Latent) कार्यों में क्या अंतर है?
- (A) प्रकट कार्य अनजाने में होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य जानबूझकर
- (B) प्रकट कार्य वांछित होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं
- (C) प्रकट कार्य नकारात्मक होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य सकारात्मक
- (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है
सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य वांछित होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं
विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ वे परिणाम हैं जिनके लिए कोई संस्था बनाई जाती है (जैसे शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान देना है)। ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ वे परिणाम हैं जो अनपेक्षित होते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनना)।
अन्य विकल्प: विकल्प (A) ठीक इसका उल्टा है। - जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
- (A) केवल आनुवंशिक गुणों से
- (B) सामाजिक अंतःक्रियाओं और दूसरों के नजरिए को अपनाने से
- (C) केवल आंतरिक चिंतन से
- (D) सख्त सामाजिक नियमों के पालन से
सही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रियाओं और दूसरों के नजरिए को अपनाने से
विस्तृत व्याख्या: मीड ने ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के माध्यम से बताया कि मनुष्य दूसरों की भूमिका निभाकर (Role-taking) और समाज के सामान्य दृष्टिकोण (‘Generalized Other’) को समझकर अपने ‘स्व’ का निर्माण करता है।
अन्य विकल्प: समाजशास्त्र जैविक नियतिवाद (A) को नकारता है। - निम्नलिखित में से कौन सा विचारक ‘पॉजिटिविज्म’ (Positivism) का जनक माना जाता है?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) अगस्त कॉम्टे
- (C) हरबर्ट स्पेंसर
- (D) कार्ल मार्क्स
सही उत्तर: (B) अगस्त कॉम्टे
विस्तृत व्याख्या: अगस्त कॉम्टे ने समाजशास्त्र की स्थापना की और ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का समर्थन किया। उनका मानना था कि समाज का अध्ययन भी प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की तरह अवलोकन, प्रयोग और तुलना के माध्यम से किया जाना चाहिए।
अन्य विकल्प: वेबर ने ‘Verstehen’ (व्याख्यात्मक समझ) पर जोर दिया, जो प्रत्यक्षवाद के विपरीत है। - ‘डिजिटल जाति प्रणाली’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य है?
- (A) इंटरनेट का उपयोग करने वाली जातियों की सूची
- (B) डिजिटल संसाधनों तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता और भेदभाव
- (C) ऑनलाइन जाति आधारित विवाह पोर्टल
- (D) डिजिटल साक्षरता का पूर्ण अभाव
सही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता और भेदभाव
विस्तृत व्याख्या: यह एक समकालीन अवधारणा है जो बताती है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएं (जैसे जाति) डिजिटल युग में भी जारी हैं। स्मार्टफोन, इंटरनेट और तकनीकी शिक्षा तक पहुँच में सामाजिक स्तरीकरण की भूमिका अभी भी प्रभावी है, जिसे ‘डिजिटल डिवाइड’ का सामाजिक रूप कहा जा सकता है।
अन्य विकल्प: यह केवल पोर्टल या सूची तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संरचनात्मक असमानता है। - प्रतिभागी अवलोकन (Participant Observation) किस प्रकार की अनुसंधान विधि है?
- (A) मात्रात्मक (Quantitative)
- (B) गुणात्मक (Qualitative)
- (C) प्रयोगात्मक (Experimental)
- (D) सांख्यिकीय (Statistical)
सही उत्तर: (B) गुणात्मक (Qualitative)
विस्तृत व्याख्या: प्रतिभागी अवलोकन में शोधकर्ता स्वयं अध्ययन समूह का हिस्सा बन जाता है ताकि वह उनके व्यवहार, संस्कृति और अनुभवों को गहराई से समझ सके। यह अर्थ और संदर्भ (Meaning and Context) खोजने की विधि है, न कि संख्याएं गिनने की।
अन्य विकल्प: मात्रात्मक विधियां सर्वे और सांख्यिकी का उपयोग करती हैं। - मैक्स वेबर के अनुसार ‘सत्ता’ (Authority) का वह प्रकार क्या है जो परंपराओं और रीति-रिवाजों पर आधारित होता है?
- (A) कानूनी-तर्कसंगत सत्ता
- (B) करिश्माई सत्ता
- (C) पारंपरिक सत्ता
- (D) लोकतांत्रिक सत्ता
सही उत्तर: (C) पारंपरिक सत्ता
विस्तृत व्याख्या: वेबर ने सत्ता के तीन प्रकार बताए: पारंपरिक (जैसे राजशाही), करिश्माई (जैसे कोई महान नेता), और कानूनी-तर्कसंगत (जैसे नौकरशाही)। पारंपरिक सत्ता इस विश्वास पर आधारित होती है कि ‘चीजें हमेशा से ऐसे ही होती आई हैं’।
अन्य विकल्प: कानूनी सत्ता नियमों पर और करिश्माई सत्ता व्यक्ति के असाधारण गुणों पर आधारित होती है। - ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) के अनुसार, समाज एक प्रणाली है जिसमें:
- (A) विभिन्न अंग आपस में संघर्ष करते हैं
- (B) सभी भाग एक साथ मिलकर स्थिरता और संतुलन बनाए रखते हैं
- (C) केवल आर्थिक कारक ही समाज को चलाते हैं
- (D) सत्ता का केंद्रीकरण ही एकमात्र लक्ष्य है
सही उत्तर: (B) सभी भाग एक साथ मिलकर स्थिरता और संतुलन बनाए रखते हैं
विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवाद (Durkheim, Parsons) समाज की तुलना एक जीव (Organism) से करता है। जैसे शरीर के अंग मिलकर जीवन चलाते हैं, वैसे ही परिवार, शिक्षा, धर्म और अर्थव्यवस्था मिलकर सामाजिक संतुलन (Equilibrium) बनाए रखते हैं।
अन्य विकल्प: विकल्प (A) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) की विशेषता है। - ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) का अर्थ क्या है?
- (A) समाज का भौगोलिक विभाजन
- (B) समाज का विभिन्न स्तरों या श्रेणियों में विभाजन (जैसे वर्ग, जाति)
- (C) केवल अमीरों और गरीबों का अंतर
- (D) विभिन्न संस्कृतियों का मिलन
सही उत्तर: (B) समाज का विभिन्न स्तरों या श्रेणियों में विभाजन (जैसे वर्ग, जाति)
विस्तृत व्याख्या: स्तरीकरण समाज की वह व्यवस्था है जिसमें लोगों को उनकी शक्ति, प्रतिष्ठा, धन या अन्य गुणों के आधार पर ऊंच-नीच के पदानुक्रम (Hierarchy) में बांटा जाता है।
अन्य विकल्प: यह केवल आर्थिक (C) नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भी होता है। - पियरे बोर्दियु (Pierre Bourdieu) की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा क्या बताती है?
- (A) केवल बैंक में जमा धन
- (B) शिक्षा, भाषा और शिष्टाचार जैसे गैर-आर्थिक संसाधन जो सामाजिक लाभ दिलाते हैं
- (C) प्राचीन स्मारकों का संरक्षण
- (D) केवल पारिवारिक संपत्ति का उत्तराधिकार
सही उत्तर: (B) शिक्षा, भाषा और शिष्टाचार जैसे गैर-आर्थिक संसाधन जो सामाजिक लाभ दिलाते हैं
विस्तृत व्याख्या: बोर्दियु के अनुसार, ज्ञान, बोलने का तरीका और सांस्कृतिक अभिरुचियां एक प्रकार की ‘पूंजी’ हैं। उच्च वर्ग के बच्चे इस पूंजी के साथ पैदा होते हैं, जिससे उन्हें शिक्षा और करियर में लाभ मिलता है, जिससे असमानता बनी रहती है।
अन्य विकल्प: यह आर्थिक पूंजी (A) से अलग है। - निम्नलिखित में से कौन सी एक ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) की विशेषता है?
- (A) औपचारिक संबंध
- (B) अल्पकालिक संबंध
- (C) आमने-सामने के घनिष्ठ और भावनात्मक संबंध
- (D) केवल पेशेवर लाभ के लिए गठन
सही उत्तर: (C) आमने-सामने के घनिष्ठ और भावनात्मक संबंध
विस्तृत व्याख्या: सी.एच. कूले (C.H. Cooley) ने प्राथमिक समूह (जैसे परिवार, मित्र) की अवधारणा दी। इनकी विशेषता घनिष्ठता, भावनात्मक जुड़ाव और स्थायी संबंध होते हैं।
अन्य विकल्प: औपचारिक और पेशेवर संबंध ‘द्वितीयक समूहों’ (Secondary Groups) की विशेषता हैं। - ‘जनसंख्या विस्फोट’ और ‘शहरीकरण’ का ग्रामीण समाजशास्त्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (A) ग्रामीण क्षेत्रों का पूर्ण विकास होता है
- (B) ग्रामीण-शहरी सातत्य (Rural-Urban Continuum) का निर्माण होता है
- (C) ग्रामीण संस्कृति पूरी तरह समाप्त हो जाती है
- (D) कृषि उत्पादन में स्वतः वृद्धि होती है
सही उत्तर: (B) ग्रामीण-शहरी सातत्य (Rural-Urban Continuum) का निर्माण होता है
विस्तृत व्याख्या: जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ता है, गांव और शहर के बीच की सीमा धुंधली होने लगती है। कई क्षेत्र ऐसे बन जाते हैं जो न तो पूरी तरह ग्रामीण होते हैं और न ही पूरी तरह शहरी। इसे ‘अर्ध-शहरी’ या सातत्य कहा जाता है।
अन्य विकल्प: संस्कृति पूरी तरह समाप्त नहीं होती, बल्कि परिवर्तित होती है। - ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) किस स्तर के विश्लेषण पर केंद्रित है?
- (A) मैक्रो-लेवल (Macro-level) – व्यापक सामाजिक संरचना
- (B) माइक्रो-लेवल (Micro-level) – व्यक्तिगत अंतःक्रियाएं
- (C) केवल वैश्विक स्तर पर
- (D) केवल ऐतिहासिक स्तर पर
सही उत्तर: (B) माइक्रो-लेवल (Micro-level) – व्यक्तिगत अंतःक्रियाएं
विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत (जैसे मीड और ब्लूमर) इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि लोग प्रतीकों (जैसे भाषा, इशारे) के माध्यम से एक-दूसरे के साथ कैसे बातचीत करते हैं और दुनिया को कैसे अर्थ देते हैं।
अन्य विकल्प: मैक्रो-लेवल विश्लेषण प्रकार्यवाद और मार्क्सवाद करते हैं। - G.S. घुरये ने भारतीय जाति व्यवस्था का अध्ययन किस दृष्टिकोण से किया?
- (A) केवल मार्क्सवादी दृष्टिकोण
- (B) ऐतिहासिक और मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण
- (C) केवल मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
- (D) केवल विदेशी दृष्टिकोण
सही उत्तर: (B) ऐतिहासिक और मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण
विस्तृत व्याख्या: घुरये को ‘भारतीय समाजशास्त्र का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने जाति व्यवस्था को उसके ऐतिहासिक विकास और विभिन्न सांस्कृतिक तत्वों के आधार पर विश्लेषित किया।
अन्य विकल्प: उन्होंने केवल एक आयाम पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि एक व्यापक अध्ययन किया। - ‘सामाजिक गतिशीलता’ (Social Mobility) का क्या अर्थ है?
- (A) एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करना
- (B) सामाजिक पदानुक्रम में व्यक्ति या समूह की स्थिति में परिवर्तन
- (C) केवल शारीरिक व्यायाम करना
- (D) जनसंख्या का बढ़ना
सही उत्तर: (B) सामाजिक पदानुक्रम में व्यक्ति या समूह की स्थिति में परिवर्तन
विस्तृत व्याख्या: जब कोई व्यक्ति अपनी सामाजिक स्थिति बदलता है (जैसे एक मजदूर का बेटा डॉक्टर बनना), तो इसे ‘ऊर्ध्वमुखी गतिशीलता’ (Upward Mobility) कहते हैं। यह क्षैतिज (Horizontal) या लंबवत (Vertical) हो सकती है।
अन्य विकल्प: स्थान परिवर्तन को ‘प्रवास’ (Migration) कहते हैं। - ‘पैट्रिआर्की’ (Patriarchy) या पितृसत्ता का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?
- (A) पुरुषों और महिलाओं की पूर्ण समानता
- (B) एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था जहाँ शक्ति और अधिकार मुख्य रूप से पुरुषों के पास होते हैं
- (C) परिवार में केवल पिता का होना
- (D) महिलाओं का पुरुषों पर शासन करना
सही उत्तर: (B) एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था जहाँ शक्ति और अधिकार मुख्य रूप से पुरुषों के पास होते हैं
विस्तृत व्याख्या: पितृसत्ता केवल व्यक्तिगत व्यवहार नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक व्यवस्था है जो संसाधनों, निर्णय लेने की प्रक्रिया और सामाजिक प्रतिष्ठा में पुरुषों को प्राथमिकता देती है।
अन्य विकल्प: यह समानता (A) के विपरीत है। - मैक्स वेबर के अनुसार, ‘नौकरशाही’ (Bureaucracy) की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?
- (A) व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित कार्य
- (B) नियमों और प्रक्रियाओं का लिखित एवं औपचारिक पालन
- (C) अनौपचारिक निर्णय लेना
- (D) केवल करिश्माई नेतृत्व
सही उत्तर: (B) नियमों और प्रक्रियाओं का लिखित एवं औपचारिक पालन
विस्तृत व्याख्या: वेबर ने नौकरशाही को ‘तर्कसंगतता’ (Rationality) का चरम रूप माना। इसमें स्पष्ट कार्य विभाजन, पदानुक्रम और लिखित नियमों का पालन होता है ताकि कार्यकुशलता बढ़ सके।
अन्य विकल्प: नौकरशाही व्यक्तिगत संबंधों (A) को नकारती है ताकि निष्पक्षता बनी रहे। - ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी?
- (A) ऑगस्ट कॉम्टे
- (B) विलियम ऑगबर्न (William Ogburn)
- (C) हर्बर्ट स्पेंसर
- (D) एमिल दुर्खीम
सही उत्तर: (B) विलियम ऑगबर्न (William Ogburn)
विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (तकनीक, मशीनें) तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मान्यताएं, मूल्य, कानून) धीमी गति से बदलती है। इन दोनों के बीच के अंतर को ‘सांस्कृतिक विलंबन’ कहा जाता है।
अन्य विकल्प: यह विकासवादी समाजशास्त्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। - ‘पॉलिटिकल पोलराइज़ेशन’ (राजनीतिक ध्रुवीकरण) में सोशल मीडिया की भूमिका को समाजशास्त्रीय रूप से कैसे समझा जा सकता है?
- (A) यह केवल तकनीकी खराबी है
- (B) ‘इको चैम्बर्स’ (Echo Chambers) के माध्यम से केवल समान विचारधारा वाले विचारों का सुदृढ़ीकरण
- (C) इससे समाज में पूर्ण सहमति बढ़ती है
- (D) यह सामाजिक एकीकरण का साधन है
सही उत्तर: (B) ‘इको चैम्बर्स’ (Echo Chambers) के माध्यम से केवल समान विचारधारा वाले विचारों का सुदृढ़ीकरण
विस्तृत व्याख्या: सोशल मीडिया एल्गोरिदम हमें वही सामग्री दिखाते हैं जो हमारी पसंद की होती है। इससे हम केवल अपनी विचारधारा वाले लोगों से जुड़ते हैं और विरोधी विचारों से कट जाते हैं, जिससे समाज में वैचारिक खाई (Polarization) बढ़ जाती है।
अन्य विकल्प: यह एकीकरण (D) के बजाय विभाजन पैदा करता है। - ‘एथ्नोग्राफी’ (Ethnography) अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
- (A) डेटा का सांख्यिकीय विश्लेषण करना
- (B) किसी विशिष्ट संस्कृति या समूह के जीवन का गहन और विस्तृत वर्णन करना
- (C) केवल प्रयोगशाला में प्रयोग करना
- (D) प्रश्नावली के माध्यम से उत्तर प्राप्त करना
सही उत्तर: (B) किसी विशिष्ट संस्कृति या समूह के जीवन का गहन और विस्तृत वर्णन करना
विस्तृत व्याख्या: एथ्नोग्राफी एक गुणात्मक विधि है जिसमें शोधकर्ता लंबे समय तक अध्ययन समूह के साथ रहकर उनके दैनिक जीवन, रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना का गहराई से अध्ययन करता है।
अन्य विकल्प: सांख्यिकी (A) और प्रश्नावली (D) मात्रात्मक विधियां हैं।
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