समाजशास्त्र की गहराइयों को समझें: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें
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समाजशास्त्र केवल समाज का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह उन अदृश्य ताने-बाने को समझने की कला है जो हमारे व्यवहार, संस्थाओं और सामाजिक संरचनाओं को आकार देते हैं। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की गहरी समझ ही आपको अन्य उम्मीदवारों से अलग बनाती है। आज का यह विशेष मॉक टेस्ट आपकी वैचारिक स्पष्टता को चुनौती देने और आपकी तैयारी को एक नई दिशा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चलिए, अपनी बौद्धिक क्षमता का परीक्षण करें!
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘अनैमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में अत्यधिक नियम होते हैं।
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं।
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है।
- (D) जब आर्थिक असमानता समाप्त हो जाती है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: दुर्खीम ने ‘अनैमी’ का उपयोग उस स्थिति के लिए किया जहाँ समाज में नियमों और मानदंडों का विघटन हो जाता है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तनों (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि) के दौरान होता है।
- संदर्भ: यह अवधारणा उनकी प्रसिद्ध कृति ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में विस्तार से वर्णित है।
- गलत विकल्प: विकल्प (A) अति-नियमन को दर्शाता है, (C) अलगाव (Alienation) की ओर इशारा करता है, और (D) सामाजिक स्थिरता का संकेत है।
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- मैक्स वेबर की ‘वेरस्टेहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करना।
- (B) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों को समझना।
- (C) समाज के विकास के चरणों का निर्धारण करना।
- (D) केवल बाहरी व्यवहार का अवलोकन करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्री को केवल बाहरी क्रिया को नहीं देखना चाहिए, बल्कि उस अर्थ को समझना चाहिए जो कर्ता (Actor) अपनी क्रिया को देता है।
- संदर्भ: यह व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) का आधार है।
- गलत विकल्प: विकल्प (A) प्रत्यक्षवाद (Positivism) है, (C) विकासवादी दृष्टिकोण है, और (D) व्यवहारवाद (Behaviorism) है।
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) के चार प्रकारों में कौन सा शामिल नहीं है?\n
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- (A) उत्पाद से अलगाव।
- (B) उत्पादन की प्रक्रिया से अलगाव।
- (C) साथी श्रमिकों से अलगाव।
- (D) प्रकृति के नियमों से अलगाव।
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सही उत्तर: (D)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: मार्क्स ने पूंजीवाद में श्रमिक के चार प्रकार के अलगाव बताए: उत्पाद से, प्रक्रिया से, अपनी प्रजाति (Species-being) से, और अन्य मनुष्यों से। ‘प्रकृति के नियमों’ से अलगाव उनकी सूची में नहीं है।
- संदर्भ: यह विचार उनके ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में मिलता है।
- गलत विकल्प: (A), (B), और (C) मार्क्स द्वारा बताए गए वास्तविक अलगाव के प्रकार हैं।
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- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?\n
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- (A) Leadership (नेतृत्व)
- (B) Latency (प्रसुप्तता/पैटर्न अनुरक्षण)
- (C) Legitimacy (वैधता)
- (D) Linearization (रैखिकीकरण)
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: AGIL मॉडल में A=Adaptation, G=Goal Attainment, I=Integration, और L=Latency (Pattern Maintenance) है। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि समाज स्थिर रहे।
- संदर्भ: यह पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism) का हिस्सा है।
- गलत विकल्प: अन्य विकल्प (A, C, D) पार्सन्स के इस विशिष्ट मॉडल का हिस्सा नहीं हैं।
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- रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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- (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं और अंतर्निहित कार्य लाभदायक।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित होते हैं।
- (C) अंतर्निहित कार्य हमेशा प्रत्यक्ष होते हैं।
- (D) दोनों में कोई वास्तविक अंतर नहीं है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जो जानबूझकर किए जाते हैं (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना), जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनपेक्षित होते हैं (जैसे स्कूल में नए मित्र बनाना)।
- संदर्भ: मर्टन ने इसे समाजशास्त्रीय विश्लेषण में सूक्ष्मता लाने के लिए प्रस्तावित किया था।
- गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि दोनों सकारात्मक या नकारात्मक हो सकते हैं।
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- एम. एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और विचारधारा को अपनाना।
- (B) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों के मूल्यों को अपनाना।
- (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य अध्ययन करना।
- (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का अनुवाद करना।
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोई निम्न हिंदू जाति या जनजाति, उच्च जाति (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, कर्मकांडों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती है।
- संदर्भ: यह भारतीय समाजशास्त्र में सामाजिक गतिशीलता को समझने का एक प्रमुख सिद्धांत है।
- गलत विकल्प: (B) इसके विपरीत प्रक्रिया है, जबकि (C) और (D) केवल भाषा और शिक्षा से संबंधित हैं।
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- ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने दी थी?\n
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- (A) जी. एस. घुर्ये
- (B) एम. एन. श्रीनिवास
- (C) लुई ड्यूमों
- (D) बी. आर. अंबेडकर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: श्रीनिवास ने बताया कि एक जाति ‘प्रभावी’ तब होती है जब उसके पास संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (भूमि), और राजनीतिक प्रभाव हो।
- संदर्भ: यह अवधारणा ग्रामीण भारत की शक्ति संरचना को समझने में सहायक है।
- गलत विकल्प: घुर्ये ने जाति की विशेषताओं पर जोर दिया, ड्यूमों ने पदानुक्रम (Hierarchy) पर और अंबेडकर ने जाति के उन्मूलन पर।
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- लुई ड्यूमों के अनुसार, भारतीय जाति व्यवस्था का मूल आधार क्या है?\n
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- (A) आर्थिक शक्ति
- (B) राजनीतिक प्रभाव
- (C) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
- (D) व्यावसायिक कौशल
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ड्यूमों ने तर्क दिया कि जाति व्यवस्था केवल वर्ग या शक्ति पर आधारित नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक विचार ‘शुद्धता और अशुद्धता’ के पदानुक्रम पर आधारित है।
- संदर्भ: उनकी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ इस विचार का मुख्य स्रोत है।
- गलत विकल्प: (A) और (B) भौतिकवादी आधार हैं, जबकि (D) केवल कार्यात्मक पहलू है।
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- ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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- (A) व्यापक सामाजिक संरचनाएं और कानून।
- (B) सूक्ष्म स्तर पर व्यक्तियों के बीच प्रतीकों और अर्थों का आदान-प्रदान।
- (C) समाज के विकास के ऐतिहासिक चरण।
- (D) केवल जैविक प्रवृत्तियाँ।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: यह सिद्धांत मानता है कि लोग दुनिया को उन अर्थों के आधार पर देखते हैं जो वे सामाजिक अंतःक्रियाओं के माध्यम से विकसित करते हैं।
- संदर्भ: जॉर्ज हर्बर्ट मीड और हर्बर्ट ब्लूमर इसके प्रमुख विचारक हैं।
- गलत विकल्प: (A) संरचनावाद (Structuralism) है, (C) ऐतिहासिक भौतिकवाद है।
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के दो घटक क्या हैं?\n
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- (A) मन और आत्मा
- (B) ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me)
- (C) चेतना और अचेतन
- (D) इच्छा और कर्म
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ‘I’ व्यक्ति का स्वाभाविक, रचनात्मक और स्वतःस्फूर्त पक्ष है, जबकि ‘Me’ वह सामाजिक पक्ष है जो समाज के मानदंडों और अपेक्षाओं को आत्मसात करता है।
- संदर्भ: यह सामाजिक मनोविज्ञान और अंतःक्रियावाद का मूल आधार है।
- गलत विकल्प: (C) फ्रायड के मनोविज्ञान से संबंधित है।
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- नृवंशविज्ञान (Ethnography) अनुसंधान की कौन सी विधि है?\n
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- (A) केवल सर्वेक्षण विधि
- (B) प्रयोगात्मक विधि
- (C) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
- (D) सामग्री विश्लेषण (Content Analysis)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता उस समूह के साथ समय बिताता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है, ताकि उनकी संस्कृति और जीवन शैली को आंतरिक दृष्टिकोण से समझ सके।
- संदर्भ: यह गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research) की एक प्रमुख विधि है।
- गलत विकल्प: (A) मात्रात्मक विधि है, (B) प्रयोगशाला आधारित है, और (D) दस्तावेजी विश्लेषण है।
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- ‘अनुदैर्ध्य अध्ययन’ (Longitudinal Study) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) एक ही समय में विभिन्न समूहों का अध्ययन करना।
- (B) एक ही नमूने का समय के अलग-अलग अंतरालों पर बार-बार अध्ययन करना।
- (C) केवल पुस्तकालय के आंकड़ों का उपयोग करना।
- (D) किसी एक व्यक्ति का गहन अध्ययन करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: यह विधि समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को ट्रैक करने के लिए उपयोग की जाती है (जैसे 10 साल तक एक ही समूह के बच्चों के विकास का अध्ययन)।
- संदर्भ: यह सामाजिक परिवर्तन और विकास के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।
- गलत विकल्प: (A) क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन (Cross-sectional study) है, और (D) केस स्टडी (Case Study) है।
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- जजमानी व्यवस्था (Jajmani System) मुख्य रूप से किससे संबंधित है?\n
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- (A) शहरी औद्योगिक संबंधों से।
- (B) ग्रामीण भारत में जातियों के बीच पारस्परिक सेवा और विनिमय संबंधों से।
- (C) आधुनिक बैंकिंग प्रणाली से।
- (D) केवल धार्मिक अनुष्ठानों से।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: यह एक पारंपरिक आर्थिक व्यवस्था थी जहाँ सेवा प्रदाता जातियाँ (कमीन) संरक्षक जातियों (जजमान) को सेवाएँ देती थीं और बदले में उन्हें अनाज या अन्य लाभ मिलते थे।
- संदर्भ: विलियम वाइज़र ने इस शब्द को लोकप्रिय बनाया।
- गलत विकल्प: अन्य विकल्प इस सामाजिक-आर्थिक विनिमय के स्वरूप से मेल नहीं खाते।
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- ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) शब्द का संबंध किससे है?\n
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- (A) ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण।
- (B) शहरी निम्न-आय वाले क्षेत्रों का पुनर्विकास और उच्च-आय वर्ग का वहां बसना।
- (C) शहरों से गांवों की ओर पलायन।
- (D) केवल झुग्गी-बस्तियों का विनाश।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: जब किसी पुराने या गरीब शहरी इलाके को आधुनिक बनाया जाता है और अमीर लोग वहां रहने लगते हैं, जिससे वहां की लागत बढ़ जाती है और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं, तो इसे जेंट्रीफिकेशन कहते हैं।
- संदर्भ: यह शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology) का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
- गलत विकल्प: (A) सामान्य शहरीकरण है, और (C) प्रति-शहरीकरण (Counter-urbanization) है।
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- धर्म के समाजशास्त्र में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच अंतर किसने स्थापित किया?\n
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- (A) मैक्स वेबर
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: दुर्खीम ने तर्क दिया कि धर्म का आधार पवित्र (वह जो अलग रखा गया है और पूजनीय है) और अपवित्र (साधारण, दैनिक जीवन की वस्तुएं) का विभाजन है।
- संदर्भ: यह उनकी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में वर्णित है।
- गलत विकल्प: वेबर ने धर्म के आर्थिक प्रभावों (पूंजीवाद) पर जोर दिया, जबकि मार्क्स ने इसे ‘अफीम’ कहा।
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- ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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- (A) इंटरनेट की गति में अंतर।
- (B) सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) तक पहुंच और उसके उपयोग में सामाजिक-आर्थिक असमानता।
- (C) कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के विभिन्न संस्करण।
- (D) केवल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बिजली की उपलब्धता।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: यह केवल तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि इस बात का अध्ययन है कि कैसे वर्ग, लिंग और शिक्षा तकनीक तक पहुंच को प्रभावित करते हैं, जिससे सामाजिक असमानता और बढ़ती है।
- संदर्भ: यह समकालीन समाजशास्त्र और ‘विज्ञान, तकनीक और समाज’ (STS) अध्ययन का हिस्सा है।
- गलत विकल्प: (A) और (C) तकनीकी मुद्दे हैं, समाजशास्त्रीय नहीं।
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- निम्नलिखित में से कौन सा एक ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण है?\n
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- (A) वर्ग (Class)
- (B) जाति (Caste)
- (C) व्यावसायिक स्थिति (Occupational Status)
- (D) शैक्षिक योग्यता
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनकाल में उसे बदला नहीं जा सकता। जाति इसका सबसे सटीक उदाहरण है।
- संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण के सिद्धांतों के अंतर्गत।
- गलत विकल्प: वर्ग, शिक्षा और व्यवसाय ‘खुले’ स्तरीकरण हैं क्योंकि इन्हें प्रयास और उपलब्धि से बदला जा सकता है।
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- ‘छिपा हुआ पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) का संबंध किस संस्था से है?\n
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- (A) परिवार
- (B) धर्म
- (C) शिक्षा
- (D) राजनीति
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: शिक्षा के क्षेत्र में, ‘हिडन करिकुलम’ उन अनकहे मूल्यों, व्यवहारों और मानदंडों को संदर्भित करता है जिन्हें छात्र स्कूल में औपचारिक पाठ्यपुस्तकों के बिना सीखते हैं (जैसे आज्ञाकारिता और समय की पाबंदी)।
- संदर्भ: यह शिक्षा के समाजशास्त्र (Sociology of Education) का हिस्सा है।
- गलत विकल्प: अन्य संस्थाओं में भी अनौपचारिक सीख होती है, लेकिन यह शब्द विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रयुक्त होता है।
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- मैक्स वेबर के अनुसार, ‘तर्कसंगतता’ (Rationalization) का चरम रूप क्या है?\n
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- (A) पारंपरिक समाज
- (B) नौकरशाही (Bureaucracy)
- (C) करिश्माई नेतृत्व
- (D) सामुदायिक जीवन
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: वेबर का मानना था कि आधुनिक समाज परंपराओं से हटकर गणना और दक्षता की ओर बढ़ रहा है। नौकरशाही इस तर्कसंगतता का सबसे शुद्ध रूप है जहाँ नियम, पदसोपान और लिखित दस्तावेज़ प्रधान होते हैं।
- संदर्भ: वेबर ने इसे ‘लोहे का पिंजरा’ (Iron Cage) भी कहा क्योंकि यह मानवीय संवेदनाओं को खत्म कर देता है।
- गलत विकल्प: (A) और (D) तर्कसंगतता के विपरीत हैं, जबकि (C) एक अस्थिर नेतृत्व शैली है।
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- ‘संदर्भ समूह’ (Reference Group) की अवधारणा किसने लोकप्रिय बनाई?\n
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- (A) सी. राइट मिल्स
- (B) रॉबर्ट के. मर्टन
- (C) टैलकोट पार्सन्स
- (D) हर्बर्ट स्पेंसर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: संदर्भ समूह वह समूह होता है जिसकी तुलना व्यक्ति स्वयं से करता है या जिसका सदस्य वह बनना चाहता है, जिससे उसके व्यवहार और आकांक्षाएं प्रभावित होती हैं।
- संदर्भ: मर्टन ने इसे व्यक्ति के आत्म-मूल्यांकन और सामाजिक तनाव को समझने के लिए उपयोग किया।
- गलत विकल्प: अन्य विचारकों ने अलग-अलग संरचनात्मक पहलुओं पर काम किया।
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- निम्नलिखित में से कौन सी ‘गुणात्मक अनुसंधान’ (Qualitative Research) की विशेषता नहीं है?\n
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- (A) यह गहन समझ प्रदान करता है।
- (B) इसमें छोटे नमूने (Sample) का उपयोग होता है।
- (C) यह सांख्यिकीय सामान्यीकरण (Statistical Generalization) पर केंद्रित होता है।
- (D) यह व्यक्तिपरक अनुभवों को महत्व देता है।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: सांख्यिकीय सामान्यीकरण ‘मात्रात्मक अनुसंधान’ (Quantitative Research) की विशेषता है। गुणात्मक अनुसंधान का उद्देश्य ‘गहन विवरण’ (Thick Description) देना होता है, न कि आंकड़ों को सामान्य बनाना।
- संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology) का मूल सिद्धांत।
- गलत विकल्प: (A), (B), और (D) पूरी तरह से गुणात्मक शोध की पहचान हैं।
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- ‘सामुदायिक’ (Gemeinschaft) और ‘सोसायटी’ (Gesellschaft) का अंतर किसने बताया?\n
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- (A) अगस्त कॉम्टे
- (B) फर्डिनेंड टोनीज़ (Ferdinand Tönnies)
- (C) जॉर्ज सिमेल
- (D) कार्ल मार्क्स
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ‘Gemeinschaft’ (समुदाय) पारंपरिक, व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंधों को दर्शाता है (जैसे गाँव), जबकि ‘Gesellschaft’ (सोसायटी) आधुनिक, औपचारिक और स्वार्थी संबंधों को (जैसे शहर)।
- संदर्भ: यह समाजशास्त्र में सामुदायिक बनाम शहरी जीवन के अध्ययन का आधार है।
- गलत विकल्प: सिमेल ने शहरी जीवन के मनोविज्ञान पर काम किया, लेकिन यह विशिष्ट विभाजन टोनीज़ का है।
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- ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) का मुख्य मानना क्या है?\n
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- (A) समाज निरंतर संघर्ष और युद्ध की स्थिति में रहता है।
- (B) समाज एक जटिल प्रणाली है जिसके विभिन्न अंग स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते हैं।
- (C) समाज केवल व्यक्तिगत इच्छाओं का परिणाम है।
- (D) सामाजिक परिवर्तन केवल क्रांति के माध्यम से आता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: प्रकार्यवाद समाज की तुलना एक जैविक शरीर से करता है, जहाँ परिवार, शिक्षा और धर्म जैसे अंग समाज के अस्तित्व और संतुलन (Equilibrium) के लिए कार्य करते हैं।
- संदर्भ: दुर्खीम और पार्सन्स इस विचारधारा के स्तंभ हैं।
- गलत विकल्प: (A) और (D) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) के लक्षण हैं।
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- ‘सामाजिक संरचना’ (Social Structure) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) केवल इमारतों और बुनियादी ढांचे का समूह।
- (B) सामाजिक संबंधों और संस्थाओं का एक स्थिर और व्यवस्थित स्वरूप।
- (C) व्यक्तियों का यादृच्छिक (Random) समूह।
- (D) समाज में होने वाले अचानक बदलाव।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: सामाजिक संरचना वह ढांचा है जो समाज के सदस्यों के बीच संबंधों को व्यवस्थित करता है और उनके व्यवहार को निर्देशित करता है (जैसे परिवार, वर्ग, जाति)।
- संदर्भ: यह समाजशास्त्र की एक मूल अवधारणा है।
- गलत विकल्प: (A) भौतिक संरचना है, और (C) सामाजिक समूह हो सकता है, संरचना नहीं।
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- ‘संस्कृति’ (Culture) के संदर्भ में ‘सांस्कृतिक अंतराल’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी?\n
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- (A) विलियम एफ. ऑग्बर्न (William F. Ogburn)
- (B) हर्बर्ट स्पेंसर
- (C) एमिली दुर्खीम
- (D) मैक्स वेबर
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: सांस्कृतिक अंतराल तब होता है जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से आगे बढ़ जाती है, लेकिन अभौतिक संस्कृति (मूल्य, नियम, विश्वास) उसके साथ तालमेल नहीं बिठा पाती।
- संदर्भ: यह सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
- गलत विकल्प: अन्य विचारकों ने संस्कृति के अलग पहलुओं (जैसे मूल्य या धर्म) पर चर्चा की।
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- समाजशास्त्र को ‘सामाजिक भौतिकी’ (Social Physics) के रूप में किसने प्रस्तावित किया था?\n
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- (A) कार्ल मार्क्स
- (B) ऑगस्ट कॉम्टे
- (C) हर्बर्ट स्पेंसर
- (D) मैक्स वेबर
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ऑगस्ट कॉम्टे, जिन्हें समाजशास्त्र का जनक माना जाता है, शुरू में इसे ‘सोशल फिजिक्स’ कहना चाहते थे क्योंकि वे भौतिक विज्ञान की तरह ही समाज का वैज्ञानिक अध्ययन करना चाहते थे।
- संदर्भ: यह प्रत्यक्षवाद (Positivism) की शुरुआत थी।
- गलत विकल्प: स्पेंसर ने सामाजिक डार्विनवाद दिया, जबकि मार्क्स ने ऐतिहासिक भौतिकवाद।
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