प्रिय उम्मीदवारों,
क्या आप अपनी समाजशास्त्रीय समझ को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं? ‘The Sociology Scholar’ आपके लिए लेकर आया है समाजशास्त्र के 25 गहन और चुनौतीपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों का एक विशेष सेट, जो आपकी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल का परीक्षण करेगा। ये प्रश्न प्रमुख समाजशास्त्रीय विचारकों से लेकर समकालीन सामाजिक मुद्दों तक, विभिन्न क्षेत्रों को कवर करते हैं। अपनी तैयारी का आकलन करें और जानें कि आप प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कितने तैयार हैं। शुभकामनाएं!
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अनोमी की अवधारणा किसने दी?
- A) कार्ल मार्क्स
- B) मैक्स वेबर
- C) एमाइल दुर्खीम
- D) अगस्ट कॉम्टे
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: अनोमी (Anomie) की अवधारणा एमाइल दुर्खीम ने दी थी, विशेष रूप से उनकी पुस्तक ‘आत्महत्या’ (Suicide) में। दुर्खीम ने अनोमी को सामाजिक मानदंडों की अनुपस्थिति या भ्रम की स्थिति के रूप में वर्णित किया, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्तियों में दिशाहीनता और निराशा उत्पन्न होती है। यह सामाजिक नियंत्रण के कमजोर पड़ने को दर्शाता है, जिससे आत्महत्या दर बढ़ सकती है। मार्क्स ने अलगाव (Alienation) की बात की, वेबर ने नौकरशाही (Bureaucracy) और सामाजिक क्रिया (Social Action) पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि कॉम्टे प्रत्यक्षवाद (Positivism) के जनक थे।
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सामाजिक स्तरीकरण की कौन सी प्रणाली जन्म पर आधारित होती है और गतिशीलता की बहुत कम संभावना प्रदान करती है?
- A) वर्ग प्रणाली
- B) जाति प्रणाली
- C) जागीर प्रणाली
- D) दासता प्रणाली
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: जाति प्रणाली (Caste System) सामाजिक स्तरीकरण की वह प्रणाली है जो जन्म पर आधारित होती है और इसमें व्यक्ति की सामाजिक स्थिति उसके जन्म से निर्धारित होती है। इसमें गतिशीलता (Social Mobility) की संभावना बहुत कम या न के बराबर होती है। वर्ग प्रणाली (Class System) में योग्यता और उपलब्धि पर आधारित गतिशीलता संभव है। जागीर प्रणाली (Estate System) यूरोपीय सामंतवाद से संबंधित है, जबकि दासता प्रणाली (Slavery System) व्यक्तियों को संपत्ति के रूप में मानती है।
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एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा क्या दर्शाती है?
- A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण
- B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों की जीवनशैली अपनाना
- C) नगरीकरण की प्रक्रिया
- D) पश्चिमीकरण की प्रक्रिया
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास ने ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा दी, जिसका अर्थ है वह प्रक्रिया जिसमें एक ‘निम्न’ जाति या जनजाति, या कोई अन्य समूह, किसी ‘उच्च’ और अक्सर ‘द्विज’ जाति की रीतियों, संस्कारों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाता है। यह सामाजिक गतिशीलता का एक रूप है जहां समूह अपनी स्थिति को ऊपर उठाने का प्रयास करते हैं। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से भारत के जाति व्यवस्था के संदर्भ में देखी जाती है।
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मैक्स वेबर के अनुसार, सत्ता (Authority) के कितने शुद्ध प्रकार हैं?
- A) दो
- B) तीन
- C) चार
- D) पांच
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: मैक्स वेबर ने सत्ता (Authority) के तीन शुद्ध प्रकार बताए हैं: 1) तर्कसंगत-कानूनी सत्ता (Rational-Legal Authority), 2) परंपरागत सत्ता (Traditional Authority), और 3) करिश्माई सत्ता (Charismatic Authority)।
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भौतिक संस्कृति (Material Culture) का उदाहरण क्या है?
- A) भाषा
- B) मूल्य
- C) वेशभूषा
- D) विश्वास
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: भौतिक संस्कृति (Material Culture) में वे सभी भौतिक वस्तुएँ शामिल हैं जिन्हें मनुष्य बनाता और उपयोग करता है, जैसे उपकरण, वेशभूषा, भवन, कलाकृतियाँ आदि। भाषा, मूल्य और विश्वास अभौतिक संस्कृति (Non-Material Culture) के अंग हैं, जो विचारों, प्रतीकों और मानदंडों से संबंधित होते हैं।
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गुणात्मक शोध (Qualitative Research) की विशेषता क्या है?
- A) सांख्यिकीय विश्लेषण पर जोर
- B) बड़ी संख्या में उत्तरदाताओं का सर्वेक्षण
- C) गहन अंतर्दृष्टि और व्याख्या पर ध्यान
- D) परिकल्पना का मात्रात्मक परीक्षण
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: गुणात्मक शोध (Qualitative Research) का मुख्य उद्देश्य गहन अंतर्दृष्टि प्राप्त करना, सामाजिक घटनाओं की व्याख्या करना और अनुभवों को समझना होता है। यह अक्सर छोटे नमूनों पर केंद्रित होता है और इसमें अवलोकन, साक्षात्कार और केस स्टडी जैसी विधियाँ शामिल होती हैं। मात्रात्मक शोध (Quantitative Research) सांख्यिकीय विश्लेषण, बड़े सर्वेक्षण और परिकल्पना के संख्यात्मक परीक्षण पर जोर देता है।
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संयुक्त परिवार (Joint Family) की मुख्य विशेषता क्या है?
- A) केवल पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे शामिल होते हैं
- B) कई पीढ़ियों के सदस्य एक छत के नीचे रहते हैं
- C) व्यक्तिवादी मूल्यों पर आधारित होता है
- D) सदस्यों की संख्या हमेशा कम होती है
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार (Joint Family) वह पारिवारिक संरचना है जिसमें कई पीढ़ियों के सदस्य (जैसे दादा-दादी, माता-पिता, बच्चे, चाचा-चाची, चचेरे भाई-बहन) एक साथ एक ही छत के नीचे रहते हैं, एक ही रसोई साझा करते हैं और संपत्ति पर सामूहिक अधिकार रखते हैं। यह एकल परिवार (Nuclear Family) के विपरीत है, जिसमें केवल पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं।
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कार्ल मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी समाज में ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण क्या है?
- A) धार्मिक अंधविश्वास
- B) उत्पादन के साधनों का निजी स्वामित्व
- C) राजनीतिक तानाशाही
- D) सांस्कृतिक पिछड़ापन
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: कार्ल मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी समाज में ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण उत्पादन के साधनों का निजी स्वामित्व है। मार्क्स ने चार प्रकार के अलगाव की बात की थी: उत्पाद से अलगाव, उत्पादन की प्रक्रिया से अलगाव, प्रजाति-सार से अलगाव, और अन्य मनुष्यों से अलगाव। ये सभी निजी संपत्ति और पूंजीवादी उत्पादन संबंधों के कारण उत्पन्न होते हैं, जहां श्रमिक अपने श्रम और उसके उत्पाद पर नियंत्रण खो देता है।
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समाजीकरण (Socialization) की प्रक्रिया कब तक चलती है?
- A) केवल बचपन तक
- B) केवल किशोरावस्था तक
- C) केवल वयस्कता तक
- D) जीवन भर
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या: समाजीकरण (Socialization) एक सतत प्रक्रिया है जो व्यक्ति के पूरे जीवनकाल तक चलती है। इसे ‘जीवन-पर्यंत प्रक्रिया’ (Lifelong Process) भी कहा जाता है। व्यक्ति बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक विभिन्न सामाजिक भूमिकाएं सीखता रहता है और नए सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को आत्मसात करता रहता है।
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भारत में ग्रामीण समाज की एक प्रमुख विशेषता क्या है?
- A) उच्च सामाजिक गतिशीलता
- B) व्यावसायिक विशेषज्ञता की बहुतायत
- C) कृषि पर निर्भरता
- D) व्यक्तिवाद का प्रबल प्रचलन
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: भारत में ग्रामीण समाज की एक प्रमुख विशेषता कृषि पर निर्भरता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश आबादी अपनी आजीविका के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि और संबद्ध गतिविधियों पर निर्भर करती है। शहरी समाजों में व्यावसायिक विशेषज्ञता अधिक होती है और गतिशीलता भी अधिक होती है। ग्रामीण समाज में सामुदायिक भावना अधिक प्रबल होती है।
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आर.के. मर्टन द्वारा प्रस्तुत ‘संदर्भ समूह’ (Reference Group) की अवधारणा का क्या अर्थ है?
- A) वह समूह जिससे व्यक्ति संबंधित होता है
- B) वह समूह जिसके मूल्यों और मानदंडों को व्यक्ति अपनाना चाहता है
- C) वह समूह जो व्यक्ति को सामाजिक समर्थन प्रदान करता है
- D) वह समूह जो व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: आर.के. मर्टन (R.K. Merton) ने ‘संदर्भ समूह’ (Reference Group) की अवधारणा प्रस्तुत की। यह वह समूह है जिसके मूल्यों, मानदंडों और दृष्टिकोणों को एक व्यक्ति या समूह अपनी तुलना और मूल्यांकन के लिए मानक के रूप में उपयोग करता है, भले ही वह उस समूह का सदस्य न हो। व्यक्ति उस समूह का सदस्य बनने की इच्छा रख सकता है या उसके व्यवहारों का अनुकरण कर सकता है।
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मर्टन के ‘अनोमी’ सिद्धांत के अनुसार, जब समाज सांस्कृतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संस्थागत साधनों को प्रतिबंधित करता है, तो व्यक्ति द्वारा कौन सी प्रतिक्रियाएं दिखाई जा सकती हैं?
- A) नवाचार, कर्मकांडीकरण, प्रत्यावर्तन, विद्रोह
- B) अनुरूपता, नवाचार, कर्मकांडीकरण, प्रत्यावर्तन
- C) अनुरूपता, नवाचार, कर्मकांडीकरण, प्रत्यावर्तन, विद्रोह
- D) अनुरूपता, नवाचार, प्रत्यावर्तन, विद्रोह
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘संरचनात्मक तनाव सिद्धांत’ (Structural Strain Theory) के तहत अनोमी की अवधारणा को आगे बढ़ाया। उन्होंने पांच प्रकार की प्रतिक्रियाएं बताईं: 1) अनुरूपता (Conformity), 2) नवाचार (Innovation), 3) कर्मकांडीकरण (Ritualism), 4) प्रत्यावर्तन (Retreatism), और 5) विद्रोह (Rebellion)।
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‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा किसने दी?
- A) ए.आर. देसाई
- B) जी.एस. घुरिये
- C) एम.एन. श्रीनिवास
- D) लुई ड्यूमॉन्ट
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: ‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा एम.एन. श्रीनिवास ने दी। एक जाति को प्रभु जाति तब कहा जाता है जब वह संख्यात्मक रूप से मजबूत हो, आर्थिक रूप से प्रभावशाली (भूमि के स्वामित्व के माध्यम से) हो, और राजनीतिक शक्ति रखती हो। यह अवधारणा ग्रामीण भारत में शक्ति संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
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मैक्स वेबर ने अपनी किस पुस्तक में प्रोटेस्टेंट नैतिकता और पूंजीवाद के उदय के बीच संबंध का विश्लेषण किया?
- A) द डिवीजन ऑफ लेबर इन सोसाइटी
- B) दास कैपिटल
- C) द प्रोटेस्टेंट एथिक एंड द स्पिरिट ऑफ कैपिटलिज्म
- D) सुसाइड
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: मैक्स वेबर ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘द प्रोटेस्टेंट एथिक एंड द स्पिरिट ऑफ कैपिटलिज्म’ (The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism) में यह तर्क दिया कि प्रोटेस्टेंट नैतिकता (विशेषकर केल्विनवाद) के कुछ पहलू आधुनिक पूंजीवाद के विकास के लिए अनुकूल थे।
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सामाजिक संरचना (Social Structure) के संदर्भ में ‘भूमिका-सेट’ (Role-Set) की अवधारणा किसने विकसित की?
- A) एमाइल दुर्खीम
- B) रॉबर्ट के. मर्टन
- C) जॉर्ज हरबर्ट मीड
- D) टैल्कॉट पार्सन्स
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: रॉबर्ट के. मर्टन (R.K. Merton) ने ‘भूमिका-सेट’ (Role-Set) की अवधारणा विकसित की। भूमिका-सेट एक व्यक्ति द्वारा धारण की गई एक विशेष स्थिति (Status) से जुड़ी विभिन्न भूमिकाओं का कुल योग है। उदाहरण के लिए, एक प्रोफेसर की स्थिति में अनुसंधानकर्ता, शिक्षक, प्रशासक, सलाहकार आदि की भूमिकाएं शामिल हो सकती हैं, जो मिलकर उसका भूमिका-सेट बनाती हैं।
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जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, आत्म (Self) के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा क्या है?
- A) इड (Id)
- B) सुपर-ईगो (Super-Ego)
- C) सामान्यीकृत अन्य (Generalized Other)
- D) सामूहिक चेतना (Collective Conscience)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: जॉर्ज हरबर्ट मीड (George Herbert Mead) के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के सिद्धांत में, ‘सामान्यीकृत अन्य’ (Generalized Other) आत्म (Self) के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह एक व्यक्ति के लिए समाज के सामान्यीकृत दृष्टिकोण और अपेक्षाओं का आंतरिककरण है। दुर्खीम ने सामूहिक चेतना की बात की थी, जबकि इड और सुपर-ईगो फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत से संबंधित हैं।
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लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार, नगरीयता (Urbanism) की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
- A) सजातीयता, छोटे समुदाय, प्राथमिक संबंध
- B) विषमरूपता, बड़े आकार, उच्च घनत्व
- C) कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, गतिहीनता
- D) मजबूत सामुदायिक भावना, अनौपचारिक नियंत्रण
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: लुई विर्थ (Louis Wirth) ने अपने निबंध “अर्बनिज़्म एज़ अ वे ऑफ लाइफ” में नगरीयता (Urbanism) की तीन प्रमुख विशेषताओं पर जोर दिया: 1) बड़ा आकार (Size), 2) उच्च घनत्व (Density), और 3) विषमरूपता (Heterogeneity)।
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भारत में ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का मुख्य निहितार्थ क्या है?
- A) इंटरनेट एक्सेस में असमानता
- B) शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच भोजन की कमी
- C) विभिन्न जातियों के बीच विवाह की समस्या
- D) शिक्षा की गुणवत्ता में असमानता
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) का तात्पर्य विभिन्न सामाजिक समूहों (जैसे शहरी बनाम ग्रामीण, अमीर बनाम गरीब, शिक्षित बनाम अशिक्षित) के बीच सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT), विशेष रूप से इंटरनेट तक पहुंच, उपयोग और उससे लाभ उठाने में असमानता से है।
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प्राथमिक डेटा (Primary Data) संग्रह की विधि कौन सी है?
- A) जनगणना रिपोर्ट का अध्ययन
- B) सरकारी अभिलेखागार से जानकारी एकत्र करना
- C) साक्षात्कार
- D) प्रकाशित पुस्तकों का विश्लेषण
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक डेटा (Primary Data) वह डेटा होता है जिसे शोधकर्ता स्वयं पहली बार किसी विशिष्ट शोध उद्देश्य के लिए सीधे स्रोतों से एकत्र करता है। साक्षात्कार (Interview), अवलोकन (Observation), प्रश्नावली (Questionnaire) और फोकस समूह चर्चा (Focus Group Discussion) प्राथमिक डेटा संग्रह की विधियाँ हैं। जनगणना रिपोर्ट, सरकारी अभिलेखागार और प्रकाशित पुस्तकें द्वितीयक डेटा (Secondary Data) के स्रोत हैं।
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सामाजिक परिवर्तन (Social Change) के संदर्भ में, ‘रैखिक सिद्धांत’ (Linear Theories) क्या सुझाव देते हैं?
- A) समाज चक्रीय रूप से बदलता है
- B) समाज हमेशा एक निश्चित दिशा में प्रगति करता है
- C) समाज में परिवर्तन अनियमित और अप्रत्याशित होते हैं
- D) समाज में कोई परिवर्तन नहीं होता है
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: सामाजिक परिवर्तन के ‘रैखिक सिद्धांत’ (Linear Theories) यह सुझाव देते हैं कि समाज हमेशा एक निश्चित और पूर्व-निर्धारित दिशा में प्रगति करता है, आमतौर पर सरलता से जटिलता की ओर, या निम्न स्तर से उच्च स्तर की ओर। अगस्ट कॉम्टे और हर्बर्ट स्पेंसर जैसे विचारकों के विकासवादी सिद्धांत (Evolutionary Theories) रैखिक दृष्टिकोण के उदाहरण हैं।
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एमाइल दुर्खीम ने अपनी किस पुस्तक में धर्म के समाजशास्त्रीय विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया?
- A) द डिवीजन ऑफ लेबर इन सोसाइटी
- B) सुसाइड
- C) द एलीमेंट्री फॉर्म्स ऑफ द रिलीजियस लाइफ
- D) सोशल फैक्ट्स का नियम
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: एमाइल दुर्खीम की महत्वपूर्ण कृति ‘द एलीमेंट्री फॉर्म्स ऑफ द रिलीजियस लाइफ’ (The Elementary Forms of the Religious Life) में उन्होंने धर्म के समाजशास्त्रीय विश्लेषण को प्रस्तुत किया। दुर्खीम ने टोटेमवाद का अध्ययन करके यह निष्कर्ष निकाला कि धर्म समाज की नैतिक शक्ति का एक प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व है और यह सामूहिक चेतना को मजबूत करता है।
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अनौपचारिक शिक्षा (Informal Education) का सबसे अच्छा उदाहरण क्या है?
- A) विश्वविद्यालय में डिग्री प्राप्त करना
- B) घर पर माता-पिता से मूल्य सीखना
- C) स्कूल में गणित पढ़ना
- D) व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान में कौशल सीखना
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनौपचारिक शिक्षा (Informal Education) वह अधिगम है जो जीवन के दैनिक अनुभवों और अंतःक्रियाओं से होता है, आमतौर पर बिना किसी औपचारिक पाठ्यक्रम या संस्थागत ढांचे के। घर पर माता-पिता से मूल्य, रीति-रिवाज या व्यवहार सीखना इसका एक प्रमुख उदाहरण है। विश्वविद्यालय, स्कूल और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान औपचारिक शिक्षा (Formal Education) के माध्यम हैं।
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भारत में हरित क्रांति (Green Revolution) का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव क्या था?
- A) ग्रामीण गरीबी में वृद्धि
- B) अंतर-क्षेत्रीय और अंतर-वर्गीय असमानता में वृद्धि
- C) कृषि उत्पादन में गिरावट
- D) भूमिहीन श्रमिकों की स्थिति में सुधार
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारत में हरित क्रांति (Green Revolution) ने यद्यपि कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की, लेकिन इसके कुछ नकारात्मक सामाजिक-आर्थिक परिणाम भी हुए। इसने मुख्य रूप से बड़े किसानों और सिंचित क्षेत्रों को लाभान्वित किया, जिससे अंतर-क्षेत्रीय और अंतर-वर्गीय असमानता में वृद्धि हुई। छोटे किसान और भूमिहीन मजदूर अक्सर नई तकनीकों और इनपुट्स का खर्च वहन नहीं कर पाए।
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‘स्थिति’ (Status) और ‘भूमिका’ (Role) के बीच क्या संबंध है?
- A) स्थिति एक गतिशील पहलू है जबकि भूमिका स्थिर है।
- B) स्थिति समाज में व्यक्ति की रैंक है जबकि भूमिका उस स्थिति से जुड़ी अपेक्षाएं हैं।
- C) स्थिति हमेशा अर्जित होती है जबकि भूमिका हमेशा प्रदत्त होती है।
- D) स्थिति और भूमिका दोनों एक ही अवधारणा के दो नाम हैं।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्र में, ‘स्थिति’ (Status) समाज में व्यक्ति द्वारा धारण की गई एक सामाजिक पद या रैंक है। ‘भूमिका’ (Role) उस स्थिति से जुड़ी व्यवहार संबंधी अपेक्षाएं और कर्तव्य हैं। स्थिति वह है जो हम ‘हैं’, और भूमिका वह है जो हम ‘करते हैं’ उस स्थिति में।
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सामाजिक शोध में नैतिक विचार (Ethical Considerations) क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- A) शोधकर्ताओं के व्यक्तिगत हितों की रक्षा के लिए
- B) केवल कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए
- C) प्रतिभागियों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा के लिए और शोध की वैधता बनाए रखने के लिए
- D) शोध की लागत कम करने के लिए
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: सामाजिक शोध में नैतिक विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे शोध प्रतिभागियों के अधिकारों, गोपनीयता और कल्याण की रक्षा करते हैं। इसके अलावा, नैतिक आचरण शोध की विश्वसनीयता, वैधता और वैज्ञानिक अखंडता को बनाए रखने में मदद करता है।
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