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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें

समाजशास्त्र की गहन समझ: वैचारिक स्पष्टता के लिए उच्च-स्तरीय अभ्यास सेट

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स्वागत है भविष्य के विद्वानों! आज का यह अभ्यास सेट आपकी समाजशास्त्रीय दृष्टि को चुनौती देने और आपकी वैचारिक नींव को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, ये प्रश्न आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को निखारेंगे। आइए, समाजशास्त्र की इस बौद्धिक यात्रा को शुरू करें और अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं!

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  1. मैक्स वेबर के अनुसार, ‘तर्कसंगतीकरण’ (Rationalization) का मुख्य परिणाम क्या है?\n
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    • (A) सामाजिक एकजुटता में वृद्धि
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    • (B) ‘लोहे का पिंजरा’ (Iron Cage) का निर्माण
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    • (C) वर्ग संघर्ष का अंत
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    • (D) पारंपरिक मूल्यों का पुनरुद्धार
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    \n सही उत्तर: (B) ‘लोहे का पिंजरा’ (Iron Cage) का निर्माण\n

    विस्तृत व्याख्या: वेबर ने तर्क दिया कि आधुनिक समाज में दक्षता, गणना और नियंत्रण पर अत्यधिक जोर देने से एक ऐसी नौकरशाही व्यवस्था बन गई है जो मानवीय भावनाओं और स्वायत्तता को सीमित कर देती है, जिसे उन्होंने ‘लोहे का पिंजरा’ कहा।\n
    संदर्भ: यह विचार उनकी पुस्तक ‘The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism’ में मिलता है।\n
    गलत विकल्प: विकल्प (A) दुर्खीम से संबंधित है, (C) मार्क्स के वर्ग संघर्ष के सिद्धांत के विपरीत है, और (D) तर्कसंगतीकरण पारंपरिक मूल्यों को विस्थापित करता है, न कि उनका पुनरुद्धार।

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  3. एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का उपयोग किस स्थिति को समझाने के लिए किया था?\n
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    • (A) सामाजिक नियमों की अत्यधिक कठोरता
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    • (B) सामाजिक मानदंडों की कमी या विखंडन
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    • (C) उच्च वर्ग और निम्न वर्ग के बीच संघर्ष
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    • (D) धार्मिक विश्वासों का पूर्ण अभाव
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    \n सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों की कमी या विखंडन\n

    विस्तृत व्याख्या: एनोमी वह स्थिति है जहाँ समाज में नैतिक मार्गदर्शन या मानदंडों का अभाव होता है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तन के दौरान होता है।\n
    संदर्भ: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘Suicide’ और ‘The Division of Labour in Society’ में इसका विश्लेषण किया है।\n
    गलत विकल्प: विकल्प (A) इसके विपरीत स्थिति है। (C) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है और (D) धर्म का अभाव नहीं, बल्कि मानदंडों का अभाव है।

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  4. \n\n

  5. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण क्या है?\n
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    • (A) धार्मिक अंधविश्वास
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    • (B) शिक्षा की कमी
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    • (C) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व
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    • (D) पारिवारिक विवाद
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    \n सही उत्तर: (C) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व\n

    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है।\n
    संदर्भ: यह अवधारणा उनके ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तृत है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (B) गौण कारक हो सकते हैं लेकिन मुख्य संरचनात्मक कारण पूंजीवादी स्वामित्व है।

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  7. रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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    • (A) एक सकारात्मक है और दूसरा नकारात्मक
    • \n

    • (B) एक इच्छित परिणाम है और दूसरा अनपेक्षित
    • \n

    • (C) एक व्यक्तिगत है और दूसरा सामूहिक
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    • (D) एक स्थायी है और दूसरा अस्थायी
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    \n सही उत्तर: (B) एक इच्छित परिणाम है और दूसरा अनपेक्षित\n

    विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए किसी सामाजिक संस्था या क्रिया को जानबूझकर बनाया गया है, जबकि अंतर्निहित कार्य वे अनपेक्षित और अक्सर अज्ञात परिणाम होते हैं जो स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होते हैं।\n
    संदर्भ: यह संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism) के अंतर्गत आता है।\n
    गलत विकल्प: अंतर्निहित कार्य नकारात्मक (Dysfunction) भी हो सकते हैं, लेकिन वे अनिवार्य रूप से नकारात्मक नहीं होते।

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  9. टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) कानून व्यवस्था बनाए रखना
    • \n

    • (B) संसाधनों का अनुकूलन करना
    • \n

    • (C) सांस्कृतिक पैटर्न को बनाए रखना और तनाव प्रबंधन करना
    • \n

    • (D) लक्ष्य निर्धारित करना
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    \n सही उत्तर: (C) सांस्कृतिक पैटर्न को बनाए रखना और तनाव प्रबंधन करना\n

    विस्तृत व्याख्या: Latency (पैटर्न रखरखाव) यह सुनिश्चित करता है कि समाज के मूल्य और सांस्कृतिक मानक अगली पीढ़ी तक पहुँचें और व्यक्तियों के बीच तनाव को कम किया जाए।\n
    संदर्भ: पार्सन्स का सिस्टम थ्योरी (System Theory)।\n
    गलत विकल्प: (A) Goal Attainment (G) से संबंधित है, (B) Adaptation (A) से, और (D) भी Goal Attainment से संबंधित है।

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  11. जॉर्ज हर्ब मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘Me’ (मैं-सामाजिक) की क्या भूमिका है?\n
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    • (A) यह व्यक्ति की सहज और रचनात्मक प्रतिक्रिया है।
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    • (B) यह समाज द्वारा थोपे गए मानदंडों और अपेक्षाओं का आंतरिक प्रतिबिंब है।
    • \n

    • (C) यह केवल बचपन में सक्रिय रहता है।
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    • (D) यह जैविक प्रवृत्तियों का प्रतिनिधित्व करता है।
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    \n सही उत्तर: (B) यह समाज द्वारा थोपे गए मानदंडों और अपेक्षाओं का आंतरिक प्रतिबिंब है।\n

    विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति का स्वतःस्फूर्त हिस्सा है, जबकि ‘Me’ वह हिस्सा है जो सामाजिक अपेक्षाओं को आत्मसात करता है और व्यवहार को नियंत्रित करता है।\n
    संदर्भ: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)।\n
    गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘I’ की परिभाषा है, (C) और (D) गलत हैं क्योंकि ‘Me’ जीवनभर विकसित होता है और सामाजिक होता है।

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  12. \n\n

  13. लुई ड्यूमोंट ने भारतीय जाति व्यवस्था के मूल सिद्धांत के रूप में किसे माना है?\n
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    • (A) शक्ति और प्रभुत्व
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    • (B) पदानुक्रम और शुद्धता-अशुद्धता (Hierarchy and Purity-Pollution)
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    • (C) आर्थिक वर्ग का अंतर
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    • (D) केवल व्यावसायिक विभाजन
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    \n सही उत्तर: (B) पदानुक्रम और शुद्धता-अशुद्धता (Hierarchy and Purity-Pollution)\n

    विस्तृत व्याख्या: ड्यूमोंट का तर्क था कि जाति व्यवस्था का आधार ‘शक्ति’ नहीं बल्कि ‘शुद्धता’ और ‘अशुद्धता’ का धार्मिक/वैचारिक पदानुक्रम है।\n
    संदर्भ: उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’।\n
    गलत विकल्प: विकल्प (A) एम.एन. श्रीनिवास के ‘प्रभुत्व’ (Dominance) सिद्धांत के करीब है।

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  14. \n\n

  15. समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘ट्राएंगुलेशन’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) केवल तीन उत्तरदाताओं का साक्षात्कार लेना
    • \n

    • (B) एक ही घटना का अध्ययन करने के लिए कई विधियों या डेटा स्रोतों का उपयोग करना
    • \n

    • (C) डेटा को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना
    • \n

    • (D) केवल मात्रात्मक डेटा का उपयोग करना
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) एक ही घटना का अध्ययन करने के लिए कई विधियों या डेटा स्रोतों का उपयोग करना\n

    विस्तृत व्याख्या: ट्राएंगुलेशन का उद्देश्य अनुसंधान की वैधता और विश्वसनीयता बढ़ाना है। उदाहरण के लिए, सर्वेक्षण (Quantitative) और साक्षात्कार (Qualitative) दोनों का एक साथ उपयोग करना।\n
    संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।\n
    गलत विकल्प: यह संख्या 3 तक सीमित नहीं है, बल्कि विधियों की विविधता के बारे में है।

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  16. \n\n

  17. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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    • (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के समान होना
    • \n

    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
    • \n

    • (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त होना
    • \n

    • (D) केवल संस्कृत भाषा सीखना
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    \n सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना\n

    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और विचारधारा को अपनाती हैं।\n
    संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र और ग्रामीण अध्ययन।\n
    गलत विकल्प: (A) गलत है क्योंकि यह ऊपर की ओर गति है। (C) यह जाति व्यवस्था के भीतर गतिशीलता है, उसका अंत नहीं।

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  18. \n\n

  19. जॉर्ज सिमेल के अनुसार, ‘महानगर और मानसिक जीवन’ (The Metropolis and Mental Life) में शहरी निवासी किस तरह की मानसिकता विकसित करते हैं?\n
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    • (A) अत्यधिक भावुकता
    • \n

    • (B) ब्लाज़े (Blasé) दृष्टिकोण (उदासीनता)
    • \n

    • (C) गहरा सामुदायिक जुड़ाव
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक कट्टरता
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) ब्लाज़े (Blasé) दृष्टिकोण (उदासीनता)\n

    विस्तृत व्याख्या: सिमेल का तर्क था कि शहर की अत्यधिक उत्तेजनाओं और सूचनाओं से बचने के लिए शहरी लोग एक प्रकार की मानसिक उदासीनता या ‘ब्लाज़े दृष्टिकोण’ विकसित कर लेते हैं ताकि वे मानसिक रूप से सुरक्षित रह सकें।\n
    संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology)।\n
    गलत विकल्प: शहर में सामुदायिक जुड़ाव (Gemeinschaft) कम होता है और व्यक्तिवाद (Gesellschaft) अधिक होता है।

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  20. \n\n

  21. पियरे बॉर्ड्यू की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा का क्या तात्पर्य है?\n
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    • (A) बैंक में जमा धन
    • \n

    • (B) केवल भौतिक कलाकृतियां जैसे पेंटिंग और मूर्तियां
    • \n

    • (C) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषाई दक्षता जो सामाजिक लाभ प्रदान करती है
    • \n

    • (D) केवल पारिवारिक विरासत में मिली जमीन
    • \n

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    \n सही उत्तर: (C) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषाई दक्षता जो सामाजिक लाभ प्रदान करती है\n

    विस्तृत व्याख्या: बॉर्ड्यू के अनुसार, सांस्कृतिक पूंजी वह गैर-वित्तीय सामाजिक संपत्ति है जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थिति दिलाने और शक्ति प्राप्त करने में मदद करती है।\n
    संदर्भ: शिक्षा का समाजशास्त्र और स्तरीकरण।\n
    गलत विकल्प: (A) और (D) आर्थिक पूंजी हैं। (B) केवल वस्तुनिष्ठ सांस्कृतिक पूंजी है, लेकिन बॉर्ड्यू ने ’embodied’ (अंतर्निहित) पूंजी पर अधिक जोर दिया।

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  22. \n\n

  23. इरविंग गोफमैन के ‘नाट्यशास्त्र’ (Dramaturgy) में ‘बैकस्टेज’ (Backstage) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) वह स्थान जहाँ व्यक्ति समाज के सामने अभिनय करता है।
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    • (B) वह निजी स्थान जहाँ व्यक्ति अपनी सामाजिक भूमिका के मुखौटे को उतार देता है।
    • \n

    • (C) रंगमंच का वह हिस्सा जहाँ दर्शक बैठते हैं।
    • \n

    • (D) केवल नींद लेने का स्थान।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) वह निजी स्थान जहाँ व्यक्ति अपनी सामाजिक भूमिका के मुखौटे को उतार देता है।\n

    विस्तृत व्याख्या: गोफमैन के अनुसार, ‘फ्रंटस्टेज’ वह है जहाँ हम दूसरों के लिए एक छवि बनाते हैं, जबकि ‘बैकस्टेज’ वह निजी क्षेत्र है जहाँ हम वास्तविक होते हैं और तैयारी करते हैं।\n
    संदर्भ: ‘The Presentation of Self in Everyday Life’।\n
    गलत विकल्प: (A) फ्रंटस्टेज की परिभाषा है।

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  24. \n\n

  25. ‘पैनोप्टिकॉन’ (Panopticon) की अवधारणा, जिसका उपयोग मिशेल फौकॉल्ट ने निगरानी और शक्ति को समझाने के लिए किया, मूल रूप से किसके द्वारा प्रस्तावित की गई थी?\n
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    • (A) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (B) जेरेमी बेंथम
    • \n

    • (C) ऑगस्ट कॉम्टे
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    • (D) मैक्स वेबर
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) जेरेमी बेंथम\n

    विस्तृत व्याख्या: बेंथम ने एक ऐसी जेल का डिजाइन बनाया था जहाँ एक गार्ड सभी कैदियों को देख सके बिना उनके यह जाने कि उन्हें देखा जा रहा है। फौकॉल्ट ने इसे आधुनिक समाज में शक्ति और अनुशासन के तंत्र के रूप में उपयोग किया।\n
    संदर्भ: फौकॉल्ट की पुस्तक ‘Discipline and Punish’।\n
    गलत विकल्प: मार्क्स और वेबर ने निगरानी के बजाय वर्ग और नौकरशाही पर ध्यान केंद्रित किया।

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  26. \n\n

  27. समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल जाति’ (Digital Caste) शब्द का उपयोग किस संदर्भ में किया जाता है?\n
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    • (A) केवल कंप्यूटर सीखने की प्रक्रिया
    • \n

    • (B) डिजिटल संसाधनों और तकनीकी पहुंच में जाति-आधारित असमानता
    • \n

    • (C) इंटरनेट पर जातियों का समूह बनाना
    • \n

    • (D) जाति व्यवस्था का पूरी तरह डिजिटल हो जाना
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों और तकनीकी पहुंच में जाति-आधारित असमानता\n

    विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि कैसे पारंपरिक सामाजिक असमानताएं (जैसे जाति) डिजिटल युग में भी जारी हैं, जहाँ तकनीक तक पहुँच और उसके उपयोग में सामाजिक विभाजन बना रहता है।\n
    संदर्भ: समकालीन भारतीय समाज और डिजिटल समाजशास्त्र।\n
    गलत विकल्प: यह केवल तकनीकी कौशल के बारे में नहीं, बल्कि संरचनात्मक असमानता के बारे में है।

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  28. \n\n

  29. आधुनिक कार्यस्थल में ‘साइबरस्लैकिंग’ (Cyberslacking) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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    • (A) इंटरनेट का उपयोग करके उत्पादकता बढ़ाना
    • \n

    • (B) कार्य समय के दौरान व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए इंटरनेट/सोशल मीडिया का उपयोग करना
    • \n

    • (C) कंप्यूटर का तकनीकी खराब होना
    • \n

    • (D) केवल साइबर अपराध करना
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) कार्य समय के दौरान व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए इंटरनेट/सोशल मीडिया का उपयोग करना\n

    विस्तृत व्याख्या: यह आधुनिक कार्य संस्कृति और ‘समय के नैतिकरण’ (Moralization of Time) से जुड़ा मुद्दा है, जहाँ कार्य और निजी जीवन की सीमाएं धुंधली हो गई हैं।\n
    संदर्भ: कार्य का समाजशास्त्र और समकालीन अध्ययन (Recent News Reference)।\n
    गलत विकल्प: यह उत्पादकता बढ़ाने या अपराध करने से संबंधित नहीं है।

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  30. \n\n

  31. प्रकार्यवाद (Functionalism) के अनुसार, समाज का स्वरूप कैसा होता है?\n
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    • (A) निरंतर संघर्ष और टकराव वाला
    • \n

    • (B) परस्पर निर्भर अंगों वाला एक जैविक तंत्र (Organic System)
    • \n

    • (C) पूरी तरह से यादृच्छिक और अव्यवस्थित
    • \n

    • (D) केवल व्यक्तिगत इच्छाओं का समूह
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) परस्पर निर्भर अंगों वाला एक जैविक तंत्र (Organic System)\n

    विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवादी मानते हैं कि समाज के विभिन्न हिस्से (परिवार, शिक्षा, धर्म) एक अंग की तरह काम करते हैं जो समग्र सामाजिक स्थिरता और संतुलन बनाए रखते हैं।\n
    संदर्भ: स्पेंसर और दुर्खीम के विचार।\n
    गलत विकल्प: (A) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) की विशेषता है।

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  32. \n\n

  33. निम्नलिखित में से कौन सा ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण है?\n
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    • (A) वर्ग (Class)
    • \n

    • (B) पेशा (Occupation)
    • \n

    • (C) जाति (Caste)
    • \n

    • (D) शिक्षा स्तर (Education Level)
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (C) जाति (Caste)\n

    विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह व्यवस्था है जहाँ सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनकाल में इसे बदलना लगभग असंभव होता है।\n
    संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification)।\n
    गलत विकल्प: वर्ग, पेशा और शिक्षा ‘खुले स्तरीकरण’ हैं क्योंकि इनमें उपलब्धि के आधार पर बदलाव संभव है।

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  34. \n\n

  35. जुडिथ बटलर (Judith Butler) के अनुसार, ‘जेंडर’ (Gender) क्या है?\n
      \n

    • (A) एक जैविक तथ्य (Biological Fact)
    • \n

    • (B) एक स्थिर पहचान
    • \n

    • (C) एक ‘परफॉरमेंटिव’ क्रिया (Performative Act)
    • \n

    • (D) केवल सांस्कृतिक परंपरा
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (C) एक ‘परफॉरमेंटिव’ क्रिया (Performative Act)\n

    विस्तृत व्याख्या: बटलर का तर्क है कि जेंडर कोई स्थिर चीज़ नहीं है जिसे हम ‘होते’ हैं, बल्कि यह उन कार्यों और व्यवहारों का परिणाम है जिन्हें हम बार-बार दोहराते हैं।\n
    संदर्भ: जेंडर स्टडीज और उत्तर-आधुनिकतावाद।\n
    गलत विकल्प: (A) सेक्स (Sex) के लिए उपयोग होता है, जेंडर के लिए नहीं।

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  36. \n\n

  37. निम्नलिखित में से कौन सी विधि ‘गुणात्मक अनुसंधान’ (Qualitative Research) का हिस्सा है?\n
      \n

    • (A) सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis)
    • \n

    • (B) गहन साक्षात्कार (In-depth Interview)
    • \n

    • (C) संरचित प्रश्नावली (Structured Questionnaire)
    • \n

    • (D) प्रयोगात्मक डेटा (Experimental Data)
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) गहन साक्षात्कार (In-depth Interview)\n

    विस्तृत व्याख्या: गुणात्मक अनुसंधान का उद्देश्य संख्याएं नहीं, बल्कि अनुभवों, अर्थों और भावनाओं की गहरी समझ प्राप्त करना होता है, जिसके लिए गहन साक्षात्कार और नृवंशविज्ञान (Ethnography) का उपयोग किया जाता है।\n
    संदर्भ: अनुसंधान विधियाँ।\n
    गलत विकल्प: (A), (C) और (D) मात्रात्मक (Quantitative) अनुसंधान की विधियां हैं।

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  38. \n\n

  39. ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) विधि का उपयोग सबसे अधिक किसमें किया जाता है?\n
      \n

    • (A) प्रयोगशाला प्रयोगों में
    • \n

    • (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography) में
    • \n

    • (C) बड़े पैमाने के सर्वेक्षणों में
    • \n

    • (D) केवल पुस्तकालय अनुसंधान में
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography) में\n

    विस्तृत व्याख्या: सहभागी अवलोकन में शोधकर्ता उस समूह का हिस्सा बन जाता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है, ताकि उनके जीवन के वास्तविक अनुभवों को समझा जा सके।\n
    संदर्भ: मानवशास्त्र और समाजशास्त्र की क्षेत्रीय कार्य पद्धति।\n
    गलत विकल्प: सर्वेक्षणों में दूरी रखी जाती है, सहभागिता नहीं।

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  40. \n\n

  41. टालकोट पार्सन्स ने समाज के लिए किन चार अनिवार्य कार्यों (AGIL) की पहचान की थी?\n
      \n

    • (A) Adaptation, Goal Attainment, Integration, Latency
    • \n

    • (B) Agreement, Growth, Interaction, Logic
    • \n

    • (C) Authority, Gender, Institution, Law
    • \n

    • (D) Action, Group, Interest, Level
    • \n

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    \n सही उत्तर: (A) Adaptation, Goal Attainment, Integration, Latency\n

    विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए इन चार कार्यों को पूरा करना आवश्यक है।\n
    संदर्भ: स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म।\n
    गलत विकल्प: अन्य विकल्प मनगढ़ंत हैं और समाजशास्त्रीय शब्दावली से मेल नहीं खाते।

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  42. \n\n

  43. समाजशास्त्र में ‘पॉज़िटिविज़्म’ (Positivism) का मुख्य दावा क्या है?\n
      \n

    • (A) समाज को केवल अंतर्ज्ञान से समझा जा सकता है।
    • \n

    • (B) सामाजिक घटनाओं का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों की तरह अनुभवजन्य और वस्तुनिष्ठ तरीके से किया जाना चाहिए।
    • \n

    • (C) सामाजिक वास्तविकता पूरी तरह से व्यक्तिपरक (Subjective) होती है।
    • \n

    • (D) समाजशास्त्र को धर्मशास्त्र का हिस्सा होना चाहिए।
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) सामाजिक घटनाओं का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों की तरह अनुभवजन्य और वस्तुनिष्ठ तरीके से किया जाना चाहिए।\n

    विस्तृत व्याख्या: ऑगस्ट कॉम्टे द्वारा शुरू किया गया पॉज़िटिविज़्म यह मानता है कि समाज में भी निश्चित नियम होते हैं जिन्हें अवलोकन और प्रयोग के माध्यम से खोजा जा सकता है।\n
    संदर्भ: ऑगस्ट कॉम्टे (समाजशास्त्र के जनक)।\n
    गलत विकल्प: (C) व्याख्यात्मक (Interpretive) समाजशास्त्र का दृष्टिकोण है।

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    \n

  44. \n\n

  45. एआई (AI) और बड़े भाषा मॉडल (LLMs) का सार्वजनिक नीति अनुसंधान में उपयोग किस समाजशास्त्रीय चुनौती को जन्म देता है?\n
      \n

    • (A) डेटा की कमी
    • \n

    • (B) शैक्षणिक ईमानदारी और एल्गोरिथम पूर्वाग्रह (Algorithmic Bias)
    • \n

    • (C) केवल कंप्यूटर की लागत
    • \n

    • (D) इंटरनेट की धीमी गति
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) शैक्षणिक ईमानदारी और एल्गोरिथम पूर्वाग्रह (Algorithmic Bias)\n

    विस्तृत व्याख्या: AI टूल्स का उपयोग अनुसंधान में दक्षता तो बढ़ाता है, लेकिन यह डेटा के हेरफेर, पूर्वाग्रहों को दोहराने और शैक्षणिक सत्यनिष्ठा (Academic Integrity) के लिए जोखिम पैदा करता है।\n
    संदर्भ: समकालीन तकनीकी समाजशास्त्र (Recent News Reference)।\n
    गलत विकल्प: लागत और गति तकनीकी मुद्दे हैं, समाजशास्त्रीय या नैतिक मुद्दे नहीं।

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    \n

  46. \n\n

  47. मैक्स वेबर के ‘आदर्श प्रकार’ (Ideal Type) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) एक ऐसा समाज जो पूरी तरह से दोषमुक्त हो।
    • \n

    • (B) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को उभारकर एक मानक बनाता है।
    • \n

    • (C) एक नैतिक आदर्श जिसका पालन सभी को करना चाहिए।
    • \n

    • (D) केवल काल्पनिक कहानियों का संग्रह।
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को उभारकर एक मानक बनाता है।\n

    विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रकार वास्तविकता का सटीक चित्रण नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जिसका उपयोग वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना करने के लिए किया जाता है।\n
    संदर्भ: वेबर की पद्धति (Methodology)।\n
    गलत विकल्प: यह ‘आदर्श’ (Perfect) होने के बारे में नहीं, बल्कि ‘मानक’ (Standard) होने के बारे में है।

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    \n

  48. \n\n

  49. ‘सामुदायिक भावना’ (Sense of Community) का अध्ययन करते समय ‘Gemeinschaft’ और ‘Gesellschaft’ का अंतर किसने स्पष्ट किया था?\n
      \n

    • (A) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (B) फर्डिनेंड टोनीज़ (Ferdinand Tönnies)
    • \n

    • (C) हर्बर्ट स्पेंसर
    • \n

    • (D) टैलकोट पार्सन्स
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) फर्डिनेंड टोनीज़ (Ferdinand Tönnies)\n

    विस्तृत व्याख्या: टोनीज़ ने Gemeinschaft (सामुदायिक समाज) को व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंधों वाला बताया, जबकि Gesellschaft (नागरिक समाज) को औपचारिक, संविदात्मक और स्वार्थी संबंधों वाला बताया।\n
    संदर्भ: ग्रामीण और शहरी समाजशास्त्र।\n
    गलत विकल्प: हालांकि दुर्खीम ने एकजुटता की बात की, लेकिन ये विशिष्ट शब्द टोनीज़ के हैं।

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  50. \n\n

  51. संयुक्त परिवार (Joint Family) के विघटन का मुख्य समाजशास्त्रीय कारण क्या माना जाता है?\n
      \n

    • (A) केवल जनसंख्या में वृद्धि
    • \n

    • (B) औद्योगीकरण, शहरीकरण और व्यक्तिवाद का उदय
    • \n

    • (C) भोजन की कमी
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक बदलाव
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) औद्योगीकरण, शहरीकरण और व्यक्तिवाद का उदय\n

    विस्तृत व्याख्या: जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था कृषि से उद्योग की ओर बढ़ी, लोग काम की तलाश में शहरों की ओर गए, जिससे पारंपरिक संयुक्त परिवार टूटकर एकल परिवार (Nuclear Family) में बदल गए।\n
    संदर्भ: परिवार और विवाह का समाजशास्त्र।\n
    गलत विकल्प: जनसंख्या वृद्धि एक कारक हो सकती है, लेकिन मुख्य कारण आर्थिक और सामाजिक संरचना में बदलाव है।

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  52. \n

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