Get free Notes

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Click Here

समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें

समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें

\n\n

समाजशास्त्र की गहन समझ केवल तथ्यों को याद करने में नहीं, बल्कि अवधारणाओं के बीच संबंधों को समझने और उन्हें समकालीन दुनिया पर लागू करने में है। यह दैनिक अभ्यास सेट विशेष रूप से UGC-NET, UPSC और State PSC के उन गंभीर उम्मीदवारों के लिए तैयार किया गया है जो अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देना चाहते हैं। आइए, समाजशास्त्रीय सिद्धांतों और आधुनिक सामाजिक प्रवृत्तियों के इस बौद्धिक सफर में अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें।

\n\n


\n\n

    \n\n\n

  1. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘अनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
      \n

    • (A) समाज में नियमों की अधिकता हो जाती है।
    • \n

    • (B) सामाजिक मानदंडों का विघटन हो जाता है और व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
    • \n

    • (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है।
    • \n

    • (D) आर्थिक असमानता चरम पर पहुँच जाती है।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘Suicide’ में ‘अनोमी’ की अवधारणा दी है। यह एक ऐसी सामाजिक स्थिति है जहाँ समाज के नियामक मानक (Norms) कमजोर हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति की इच्छाओं और सामाजिक लक्ष्यों के बीच असंतुलन पैदा होता है। विकल्प (A) गलत है क्योंकि यह अति-नियमन है। विकल्प (C) ‘अलगाव’ (Alienation) के करीब है, जो मार्क्स की अवधारणा है।

    \n

  2. \n\n\n

  3. मैक्स वेबर के अनुसार, ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?\n
      \n

    • (A) समाज का एक वास्तविक और सटीक विवरण।
    • \n

    • (B) एक नैतिक मानक जिसे समाज को प्राप्त करना चाहिए।
    • \n

    • (C) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को संकलित करता है।
    • \n

    • (D) एक ऐसी सामाजिक संरचना जो समय के साथ नहीं बदलती।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: वेबर के लिए ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक वस्तु नहीं बल्कि एक ‘मानसिक निर्माण’ (Mental Construct) है। इसका उपयोग जटिल सामाजिक वास्तविकताओं की तुलना करने और उनका विश्लेषण करने के लिए एक बेंचमार्क के रूप में किया जाता है। यह ‘आदर्श’ (Perfect) होने के बारे में नहीं, बल्कि ‘शुद्ध’ (Pure) श्रेणी के बारे में है।

    \n

  4. \n\n\n

  5. कार्ल मार्क्स के ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ (Historical Materialism) का मूल आधार क्या है?\n
      \n

    • (A) विचार ही समाज के परिवर्तन का मुख्य कारण हैं।
    • \n

    • (B) उत्पादन की भौतिक शक्तियाँ और उत्पादन संबंध समाज की संरचना निर्धारित करते हैं।
    • \n

    • (C) राजनीति समाज की प्राथमिक आधारशिला है।
    • \n

    • (D) धर्म सामाजिक परिवर्तन का एकमात्र स्रोत है।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क है कि समाज का ‘आधार’ (Base) आर्थिक प्रणाली (उत्पादन के साधन और संबंध) होता है, और इसी आधार पर समाज का ‘अधिरचना’ (Superstructure) जैसे कानून, धर्म और राजनीति टिकी होती है। विकल्प (A) हेगेल के आदर्शवाद के करीब है, जिसे मार्क्स ने उलट दिया था।

    \n

  6. \n\n\n

  7. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) नए लक्ष्यों को प्राप्त करना।
    • \n

    • (B) संसाधनों का अधिग्रहण करना।
    • \n

    • (C) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को बनाए रखना (पैटर्न रखरखाव)।
    • \n

    • (D) विभिन्न अंगों के बीच समन्वय स्थापित करना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्य करने होते हैं: Adaptation (A), Goal Attainment (G), Integration (I), और Latency (L)। ‘Latency’ का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित करना ताकि स्थिरता बनी रहे। विकल्प (A) Goal Attainment और (B) Adaptation से संबंधित हैं।

    \n

  8. \n\n\n

  9. रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
      \n

    • (A) एक सकारात्मक होता है और दूसरा नकारात्मक।
    • \n

    • (B) एक इच्छित और मान्यता प्राप्त परिणाम है, जबकि दूसरा अनपेक्षित और अज्ञात।
    • \n

    • (C) एक व्यक्तिगत स्तर पर होता है और दूसरा सामूहिक स्तर पर।
    • \n

    • (D) एक केवल आधुनिक समाजों में होता है और दूसरा प्राचीन।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: मर्टन ने कार्यात्मक विश्लेषण को परिष्कृत किया। ‘प्रकट कार्य’ वह परिणाम है जिसके लिए कोई संस्था बनाई गई है (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना), जबकि ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ वह परिणाम है जो अनजाने में निकलता है (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)।

    \n

  10. \n\n\n

  11. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) की ‘खुली प्रणाली’ (Open System) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
      \n

    • (A) जन्म से ही स्थिति निर्धारित हो जाती है।
    • \n

    • (B) व्यक्ति की सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) संभव होती है।
    • \n

    • (C) समाज में केवल एक ही वर्ग होता है।
    • \n

    • (D) स्थिति का निर्धारण केवल धार्मिक मान्यताओं से होता है।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: खुली प्रणाली (जैसे वर्ग प्रणाली) में व्यक्ति अपनी योग्यता, शिक्षा और उपलब्धि के आधार पर अपनी सामाजिक स्थिति बदल सकता है। इसके विपरीत, ‘बंद प्रणाली’ (जैसे जाति प्रणाली) में स्थिति ascribed (जन्मजात) होती है और गतिशीलता अत्यंत सीमित होती है।

    \n

  12. \n\n\n

  13. विलियम ओगबर्न द्वारा दी गई ‘सांस्कृतिक पिछड़न’ (Cultural Lag) की अवधारणा का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) जब संस्कृति पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
    • \n

    • (B) जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) का विकास, अभौतिक संस्कृति (मूल्यों/मानदंडों) की तुलना में तेजी से होता है।
    • \n

    • (C) जब प्राचीन परंपराएं आधुनिकता पर हावी हो जाती हैं।
    • \n

    • (D) जब समाज तकनीक का उपयोग करना बंद कर देता है।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: ओगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (Material Culture) तेजी से बदलती है, लेकिन अभौतिक संस्कृति (Non-material Culture) जैसे रीति-रिवाजों और कानूनों को बदलने में समय लगता है। इस अंतराल को ही ‘सांस्कृतिक पिछड़न’ कहा जाता है।

  14. \n

    \n

    \n\n\n

  15. ‘पितृसत्तात्मक’ (Patrilineal) परिवार में वंश का निर्धारण कैसे होता है?\n
      \n

    • (A) माता के परिवार के माध्यम से।
    • \n

    • (B) पिता के परिवार के माध्यम से।
    • \n

    • (C) माता और पिता दोनों के माध्यम से।
    • \n

    • (D) केवल दत्तक पुत्रों के माध्यम से।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: पितृवंशीय (Patrilineal) व्यवस्था में संपत्ति और वंश का हस्तांतरण पिता से पुत्र को होता है। विकल्प (A) मातृवंशीय (Matrilineal) व्यवस्था को दर्शाता है।

    \n

  16. \n\n\n

  17. धर्म के समाजशास्त्र में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘लौकिक’ (Profane) के बीच विभाजन किसने किया?\n
      \n

    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (C) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (D) हर्बर्ट स्पेंसर
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार पवित्र और लौकिक के बीच का अंतर है। पवित्र वह है जिसे समाज विशेष सम्मान और वर्जनाओं के साथ अलग रखता है।

    \n

  18. \n\n\n

  19. ‘कुल’ (Clan) और ‘वंश’ (Lineage) में मुख्य अंतर क्या है?\n
      \n

    • (A) वंश का समूह छोटा होता है, कुल का बड़ा और अक्सर काल्पनिक साझा पूर्वज पर आधारित।
    • \n

    • (B) कुल केवल मातृवंशीय होते हैं।
    • \n

    • (C) वंश में कोई रक्त संबंध नहीं होता।
    • \n

    • (D) दोनों एक ही अवधारणा के पर्यायवाची हैं।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (A)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: वंश (Lineage) में सदस्य अपने पूर्वजों को स्पष्ट रूप से याद रख सकते हैं और सिद्ध कर सकते हैं, जबकि कुल (Clan) एक बड़ा समूह होता है जो एक साझा पूर्वज (जो कभी-कभी पौराणिक या टोटेम हो सकता है) में विश्वास करता है।

    \n

  20. \n\n\n

  21. ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) अनुसंधान की कौन सी विधि है?\n
      \n

    • (A) केवल सर्वेक्षण आधारित मात्रात्मक विधि।
    • \n

    • (B) प्रयोगात्मक विधि।
    • \n

    • (C) गहन अवलोकन और सहभागी अवलोकन (Participant Observation) पर आधारित गुणात्मक विधि।
    • \n

    • (D) केवल सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता उस समूह या संस्कृति के बीच रहकर उनके जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव करता है। इसका उद्देश्य उस समूह के दृष्टिकोण से दुनिया को समझना होता है।

  22. \n

    \n

    \n\n\n

  23. समकालीन समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स’ (LLMs) जैसे AI का उपयोग किस क्षेत्र में नई संभावनाएं और चुनौतियां पैदा कर रहा है?\n
      \n

    • (A) केवल पारंपरिक जनगणना में।
    • \n

    • (B) सार्वजनिक नीति अनुसंधान (Public Policy Research) और पद्धतिगत नवाचार में।
    • \n

    • (C) केवल प्राचीन पांडुलिपियों के अनुवाद में।
    • \n

    • (D) सामाजिक स्तरीकरण को पूरी तरह समाप्त करने में।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: हालिया शोध (अगस्त 2026 के लेखों के अनुसार) संकेत देते हैं कि LLMs सार्वजनिक नीति अनुसंधान में पद्धतिगत अवसर प्रदान करते हैं, लेकिन साथ ही ये मानक और शैक्षणिक अखंडता (Academic Integrity) जैसी चुनौतियां भी पेश करते हैं।

    \n

  24. \n\n\n

  25. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए क्या आवश्यक है?\n
      \n

    • (A) केवल उच्चतम अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status)।
    • \n

    • (B) केवल अधिक जनसंख्या।
    • \n

    • (C) आर्थिक शक्ति, भूमि स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन।
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक ज्ञान।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, कोई जाति तब ‘प्रभावी’ होती है जब उसके पास भूमि का स्वामित्व हो, जनसंख्या अधिक हो और वह स्थानीय राजनीति में प्रभावी हो, भले ही उसकी अनुष्ठानिक स्थिति (Caste Hierarchy) सबसे ऊपर न हो।

    \n

  26. \n\n\n

  27. ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?\n
      \n

    • (A) अपनी जाति को पूरी तरह समाप्त करना।
    • \n

    • (B) उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाकर सामाजिक पदानुक्रम में ऊपर उठने का प्रयास करना।
    • \n

    • (C) पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण करना।
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का अनुवाद करना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा निम्न जातियां उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों, शाकाहार और पूजा पद्धतियों को अपनाती हैं ताकि वे अपनी सामाजिक स्थिति में सुधार कर सकें।

    \n

  28. \n\n\n

  29. भारतीय जनजातियों के संदर्भ में ‘अलगाव’ (Isolation) और ‘एकीकरण’ (Integration) की बहस मुख्य रूप से किस मुद्दे पर केंद्रित है?\n
      \n

    • (A) जनजातियों की भाषा सीखने पर।
    • \n

    • (B) जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और उन्हें मुख्यधारा के विकास से जोड़ने के बीच संतुलन पर।
    • \n

    • (C) केवल उनके खान-पान पर।
    • \n

    • (D) केवल उनके कपड़ों के प्रकार पर।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: यह बहस इस बात पर है कि क्या जनजातियों को उनकी विशिष्ट संस्कृति बनाए रखने के लिए अलग रखा जाना चाहिए (Isolation) या उन्हें आधुनिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल किया जाना चाहिए (Integration)।

    \n

  30. \n\n\n

  31. ‘पितृसत्ता’ (Patriarchy) की समाजशास्त्रीय व्याख्या क्या है?\n
      \n

    • (A) पुरुषों और महिलाओं के बीच केवल शारीरिक अंतर।
    • \n

    • (B) एक ऐसी सामाजिक प्रणाली जिसमें शक्ति और अधिकार मुख्य रूप से पुरुषों के पास होते हैं।
    • \n

    • (C) समाज में केवल पिता का शासन होना।
    • \n

    • (D) महिलाओं का पुरुषों पर पूर्ण नियंत्रण।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: पितृसत्ता केवल एक पारिवारिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक संरचना है जो संसाधनों, निर्णय लेने की प्रक्रिया और शक्ति के वितरण में पुरुषों को प्राथमिकता देती है।

    \n

  32. \n\n\n

  33. ग्रामीण भारत में ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) क्या थी?\n
      \n

    • (A) भूमि खरीदने की एक आधुनिक पद्धति।
    • \n

    • (B) जातियों के बीच सेवाओं और वस्तुओं के आदान-प्रदान की एकपारस्परिक आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था।
    • \n

    • (C) केवल सरकारी कर वसूलने की प्रणाली।
    • \n

    • (D) एक राजनीतिक दल का नाम।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था में ‘कम्माइन’ (सेवा प्रदाता जातियां) ‘जजमान’ (भूमि स्वामी जातियां) को सेवाएं देती थीं और बदले में उन्हें अनाज या अन्य लाभ मिलते थे। यह व्यवस्था जाति आधारित अंतर्निर्भरता पर टिकी थी।

    \n

  34. \n\n\n

  35. शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) शहरी क्षेत्रों में झुग्गियों का बढ़ना।
    • \n

    • (B) निम्न आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और वहां उच्च आय वाले लोगों का बसना।
    • \n

    • (C) शहरों का गांवों में बदलना।
    • \n

    • (D) शहरी जनसंख्या का तेजी से गिरना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन एक प्रक्रिया है जिसमें पुराने या उपेक्षित शहरी इलाकों का नवीनीकरण किया जाता है, जिससे वहां संपत्ति की कीमतें बढ़ती हैं और मूल निम्न-आय वाले निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।

    \n

  36. \n\n\n

  37. ‘शिकागो स्कूल’ (Chicago School) ने शहरी समाजशास्त्र में किस दृष्टिकोण को लोकप्रिय बनाया?\n
      \n

    • (A) शहरी समाज को केवल एक राजनीतिक इकाई मानना।
    • \n

    • (B) ‘मानव पारिस्थितिकी’ (Human Ecology) का दृष्टिकोण, जहाँ शहर को एक प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र की तरह देखा गया।
    • \n

    • (C) शहरों को पूरी तरह से अनावश्यक मानना।
    • \n

    • (D) केवल औद्योगिक विकास पर ध्यान देना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: शिकागो स्कूल (जैसे रॉबर्ट पार्क और अर्नेस्ट बर्गेस) ने तर्क दिया कि शहर में लोगों का वितरण और बस्तियों का निर्माण प्रतिस्पर्धा और अनुकूलन (Competition and Adaptation) के प्राकृतिक नियमों के अनुसार होता है।

    \n

  38. \n\n\n

  39. समकालीन चीन के संदर्भ में ‘समय का नैतिकरण’ (Moralization of Time) और ‘साइबरस्लॅकिंग’ (Cyberslacking) का अध्ययन क्या दर्शाता है?\n
      \n

    • (A) कि लोग अब समय का महत्व नहीं समझते।
    • \n

    • (B) ‘समय ही धन है’ की धारणा का ‘समय ही जीवन है’ में बदलना और कार्यस्थल पर डिजिटल भटकाव के प्रति नैतिक दृष्टिकोण।
    • \n

    • (C) कि इंटरनेट ने समय की अवधारणा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
    • \n

    • (D) कि चीन में डिजिटल तकनीक का उपयोग प्रतिबंधित है।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: हालिया शोध (अगस्त 2026) के अनुसार, समकालीन समाज में समय के प्रति दृष्टिकोण बदल रहा है। ‘साइबरस्लॅकिंग’ (काम के समय इंटरनेट का निजी उपयोग) को अब केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि समय के नैतिक उपयोग और जीवन की गुणवत्ता के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    \n

  40. \n\n\n

  41. ‘एंथ्रोपोसीन’ (Anthropocene) युग में आधुनिकता को ‘अनलर्न’ (Unlearn) करने का विचार किस ओर संकेत करता है?\n
      \n

    • (A) विज्ञान की शिक्षा को पूरी तरह बंद करने की ओर।
    • \n

    • (B) प्रकृति पर मनुष्य के प्रभुत्व वाली आधुनिक सोच को बदलकर पर्यावरणीय स्थिरता की ओर बढ़ने की ओर।
    • \n

    • (C) वापस पाषाण युग में जाने की ओर।
    • \n

    • (D) केवल शहरीकरण को रोकने की ओर।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: ‘Nature Human Behaviour’ (जुलाई 2026) के लेखों के अनुसार, एंथ्रोपोसीन (वह युग जहाँ मानवीय गतिविधियाँ पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर रही हैं) में हमें आधुनिक विज्ञान की उस सोच को बदलना होगा जो प्रकृति को केवल एक संसाधन मानती थी।

    \n

  42. \n\n\n

  43. ‘सापेक्ष गरीबी’ (Relative Poverty) से क्या तात्पर्य है?\n
      \n

    • (A) जब व्यक्ति के पास बुनियादी भोजन और आश्रय भी न हो।
    • \n

    • (B) जब व्यक्ति की आय समाज के अन्य सदस्यों की तुलना में काफी कम होती है, भले ही उसके पास बुनियादी जरूरतें हों।
    • \n

    • (C) जब गरीबी केवल ग्रामीण क्षेत्रों में होती है।
    • \n

    • (D) जब गरीबी का कारण केवल आलस्य होता है।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: पूर्ण गरीबी (Absolute Poverty) जीवित रहने के न्यूनतम स्तर से नीचे होना है, जबकि सापेक्ष गरीबी समाज के औसत जीवन स्तर की तुलना में कम संसाधनों का होना है। यह सामाजिक असमानता का सूचक है।

    \n

  44. \n\n\n

  45. ‘किशोर अपराध’ (Juvenile Delinquency) के समाजशास्त्रीय कारणों में सबसे महत्वपूर्ण क्या माना जाता है?\n
      \n

    • (A) केवल जैविक दोष।
    • \n

    • (B) टूटे हुए परिवार, खराब संगत (Differential Association) और सामाजिक उपेक्षा।
    • \n

    • (C) केवल उच्च शिक्षा का अभाव।
    • \n

    • (D) केवल अधिक खाली समय होना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण (जैसे सutherland का Differential Association Theory) मानता है कि अपराध सीखा जाता है। प्रतिकूल पारिवारिक वातावरण और अपराधी समूहों के संपर्क में आने से किशोर अपराध की संभावना बढ़ जाती है।

    \n

  46. \n\n\n

  47. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me) के बीच क्या अंतर है?\n
      \n

    • (A) ‘मैं’ सामाजिक है और ‘मुझे’ जैविक है।
    • \n

    • (B) ‘मैं’ व्यक्ति का स्वतःस्फूर्त और रचनात्मक पक्ष है, जबकि ‘मुझे’ समाज के मानदंडों का आंतरिक रूप (Socialized Self) है।
    • \n

    • (C) ‘मैं’ और ‘मुझे’ एक ही चीज़ के दो नाम हैं।
    • \n

    • (D) ‘मुझे’ केवल बचपन में होता है और ‘मैं’ वयस्क होने पर।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: मीड के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) में ‘I’ व्यक्ति की अपनी प्रतिक्रिया है, और ‘Me’ वह छवि है जो व्यक्ति समाज की नजरों से खुद को देखता है। इन दोनों के संवाद से ‘स्व’ (Self) का विकास होता है।

    \n

  48. \n\n\n

  49. मैक्स वेबर ने ‘सामाजिक क्रिया’ (Social Action) को परिभाषित करते समय किस बात पर सबसे अधिक जोर दिया?\n
      \n

    • (A) केवल बाहरी व्यवहार पर।
    • \n

    • (B) क्रिया के पीछे निहित ‘व्यक्तिपरक अर्थ’ (Subjective Meaning) पर।
    • \n

    • (C) केवल आर्थिक लाभ पर।
    • \n

    • (D) जैविक प्रवृत्तियों पर।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: वेबर के अनुसार, कोई भी क्रिया ‘सामाजिक’ तब होती है जब कर्ता उसे कोई अर्थ देता है और वह अर्थ दूसरों के व्यवहार से जुड़ा होता है। इसी कारण उन्होंने ‘Verstehen’ (सहानुभूतिपूर्ण समझ) की विधि का सुझाव दिया।

    \n

  50. \n\n

\n\n


\n\n

निष्कर्ष: यह अभ्यास सेट न केवल आपकी याददाश्त, बल्कि आपकी वैचारिक गहराई का भी परीक्षण करता है। यदि आपने 20 से अधिक प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं, तो आपकी वैचारिक स्पष्टता उत्कृष्ट है। यदि नहीं, तो ऊपर दी गई विस्तृत व्याख्याओं का अध्ययन करें और अपने कमजोर क्षेत्रों पर काम करें। याद रखें, समाजशास्त्र केवल पढ़ना नहीं, बल्कि समाज को ‘देखने’ का एक नजरिया है।

\n

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

[कोर्स और फ्री नोट्स के लिए यहाँ क्लिक करें]

Leave a Comment