इतिहास के स्वर्णिम पन्नों की यात्रा: अपनी तैयारी को दें नई उड़ान
\n\n
कल्पना कीजिए कि आप समय के पहिये को पीछे घुमा रहे हैं—सिंधु घाटी की गलियों से लेकर मुगल दरबारों की भव्यता और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षपूर्ण रास्तों तक। इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं है, बल्कि उन अनुभवों और संघर्षों की गाथा है जिन्होंने आज के समाज को गढ़ा है। आइए, आज के इस विशेष अभ्यास सेट के माध्यम से अपने ज्ञान की गहराई को परखें और अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएं।
\n\n
\n\n
- \n\n\n
- सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में ‘लोथल’ के बारे में क्या सही है?\n
- \n
- A) यह एक प्रमुख धार्मिक केंद्र था।
- B) यहाँ दुनिया का पहला कृत्रिम गोदीवाड़ा (Dockyard) पाया गया।
- C) यह सभ्यता का सबसे बड़ा शहर था।
- D) यहाँ से केवल मिट्टी के बर्तन मिले हैं।
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) यहाँ दुनिया का पहला कृत्रिम गोदीवाड़ा (Dockyard) पाया गया।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: लोथल, गुजरात में स्थित एक महत्वपूर्ण सिंधु घाटी बंदरगाह शहर था। यहाँ एक विशाल ईंटों का बना गोदीवाड़ा मिला है, जो यह प्रमाणित करता है कि सिंधु निवासी मेसोपोटामिया और अन्य विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि लोथल मुख्य रूप से व्यापारिक केंद्र था; विकल्प C गलत है क्योंकि मोहनजोदड़ो और हड़प्पा आकार में बड़े थे।
\n
\n\n
- ऋग्वैदिक काल में ‘गोपा’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
- \n
- A) पुरोहित के लिए
- B) व्यापारियों के लिए
- C) कबीले के मुखिया या राजा के लिए
- D) साधारण किसानों के लिए
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) कबीले के मुखिया या राजा के लिए।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: ऋग्वैदिक समाज में राजा को ‘गोपा’ कहा जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘गौओं का रक्षक’ होता था, क्योंकि उस समय धन का मुख्य पैमाना पशु (विशेषकर गाय) थे। पुरोहित को ‘पुरोहित’ कहा जाता था, इसलिए विकल्प A गलत है। विकल्प B और D उस समय की सामाजिक संरचना में इस शब्द के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
\n
\n\n
- सम्राट अशोक के ‘धम्म’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
- \n
- A) बौद्ध धर्म को राजकीय धर्म बनाना
- B) एक विशेष धर्म का प्रचार करना
- C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना
- D) सैन्य विजय प्राप्त करना
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई नया धर्म नहीं था, बल्कि यह जीवन जीने की एक संहिता थी जिसमें बड़ों का सम्मान, अहिंसा और सहिष्णुता जैसे नैतिक मूल्य शामिल थे। हालांकि अशोक बौद्ध थे, लेकिन धम्म का लक्ष्य सभी धर्मों के बीच शांति स्थापित करना था, इसलिए विकल्प A और B सीमित हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने ‘भेरीघोष’ को ‘धम्मघोष’ में बदल दिया था।
\n
\n\n
- गुप्त काल के दौरान किस चीनी यात्री ने भारत की यात्रा की थी?\n
- \n
- A) ह्वेन त्सांग
- B) फाहियान
- C) इत्सिंग
- D) मेगस्थनीज
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) फाहियान।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: फाहियान चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के शासनकाल में भारत आया था। उसने गुप्त साम्राज्य की शांति और समृद्धि का वर्णन किया है। ह्वेन त्सांग (विकल्प A) हर्षवर्द्धन के समय आया था; इत्सिंग (विकल्प C) बाद के काल में आया; और मेगस्थनीज (विकल्प D) मौर्य काल में सेल्युकस निकेटर का राजदूत था।
\n
\n\n
- चौथी बौद्ध संगीति का आयोजन किसके शासनकाल में हुआ था?\n
- \n
- A) अशोक
- B) कालाशोक
- C) कनिष्क
- D) अजातशत्रु
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) कनिष्क।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण राजा कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर (कुंडलवन) में आयोजित की गई थी। इसी संगीति में बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो संप्रदायों में विभाजित हो गया। पहली संगीति अजातशत्रु (विकल्प D) के समय और तीसरी अशोक (विकल्प A) के समय हुई थी।
\n
\n\n
- मौर्य प्रशासन में ‘सन्नधाता’ का क्या कार्य था?\n
- \n
- A) न्याय विभाग का प्रमुख
- B) राजकीय कोषाध्यक्ष (Chief Treasurer)
- C) सैन्य कमांडर
- D) गुप्तचर प्रमुख
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) राजकीय कोषाध्यक्ष (Chief Treasurer)।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार, ‘सन्नधाता’ वह अधिकारी था जो राज्य के खजाने और अनाज के भंडार का प्रबंधन करता था। न्याय विभाग का कार्य मुख्य न्यायाधीश (धर्मस्थ) का था, इसलिए विकल्प A गलत है। विकल्प C और D अलग प्रशासनिक पदों से संबंधित थे।
\n
\n\n\n
- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘तुर्कान-ए-चहलगानी’ (40 गुलामों का दल) को समाप्त किया था?\n
- \n
- A) इल्तुतमिश
- B) बलबन
- C) अलाउद्दीन खिलजी
- D) गयासुद्दीन तुगलक
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) बलबन।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: बलबन स्वयं ‘चहलगानी’ का सदस्य था, लेकिन सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उसने इस शक्तिशाली समूह को समाप्त कर दिया ताकि कोई अन्य अमीर उसे चुनौती न दे सके। इल्तुतमिश (विकल्प A) ने इस दल की स्थापना की थी। अलाउद्दीन खिलजी (विकल्प C) ने सैन्य सुधार किए थे, लेकिन चहलगानी का खात्मा बलबन ने किया था।
\n
\n\n
- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लागू की गई ‘बाजार नियंत्रण नीति’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
- \n
- A) व्यापारियों को समृद्ध करना
- B) कृषि उत्पादन बढ़ाना
- C) विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- D) विदेशी व्यापार को प्रोत्साहित करना
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: मंगोल आक्रमणों से बचने के लिए अलाउद्दीन को एक बड़ी स्थायी सेना की आवश्यकता थी। सैनिकों को कम वेतन में गुजारा कराने के लिए उसने आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तय कर दी थीं। विकल्प A गलत है क्योंकि व्यापारियों पर सख्त नियंत्रण था। विकल्प B और D इस नीति के प्राथमिक उद्देश्य नहीं थे।
\n
\n\n
- अकबर की ‘मनसबदारी प्रणाली’ मूल रूप से किस देश की व्यवस्था से प्रेरित थी?\n
- \n
- A) फारस (ईरान)
- B) मंगोलिया
- C) तुर्की
- D) चीन
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) मंगोलिया।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: अकबर की मनसबदारी प्रणाली मंगोल सैन्य संगठन पर आधारित थी, जहाँ ‘जात’ और ‘सवार’ के माध्यम से पद और घुड़सवारों की संख्या तय की जाती थी। हालांकि अकबर ने फारसी प्रभाव (विकल्प A) लिया था, लेकिन मनसबदारी का ढांचा मंगोल परंपराओं से प्रेरित था।
\n
\n\n
- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘कृष्णदेव राय’ के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की?\n
- \n
- A) हरिहर I
- B) देवराय II
- C) कृष्णदेव राय
- D) सदाशिव राय
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) कृष्णदेव राय।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: तुलुव वंश के कृष्णदेव राय विजयनगर के सबसे महान शासक थे। उन्होंने तेलुगु भाषा में ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक ग्रंथ लिखा। वे साहित्य और कला के महान संरक्षक थे। विकल्प A और B शुरुआती शासक थे, जबकि विकल्प D बाद के समय के थे।
\n
\n\n
- मध्यकालीन भारत में ‘सूफीवाद’ का मुख्य केंद्र कौन सा था?\n
- \n
- A) दक्षिण भारत
- B) केवल कश्मीर
- C) दिल्ली और पंजाब क्षेत्र
- D) तटीय ओडिशा
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) दिल्ली और पंजाब क्षेत्र।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: भारत में सूफी संतों (विशेषकर चिश्ती सिलसिले) का प्रभाव दिल्ली और पंजाब के क्षेत्रों में सर्वाधिक था, क्योंकि यहाँ से उनका प्रसार हुआ। निजामुद्दीन औलिया जैसे संत दिल्ली में सक्रिय थे। विकल्प A, B और D में भी सूफी प्रभाव था, लेकिन मुख्य केंद्र दिल्ली और उत्तरी भारत ही थे।
\n
\n\n
- शेरशाह सूरी ने किस सड़क का पुनरुद्धार किया, जिसे अब ‘ग्रैंड ट्रंक रोड’ (GT Road) कहा जाता है?\n
- \n
- A) सड़क-ए-आजम
- B) शाही मार्ग
- C) उत्तरापथ
- D) दक्षिणपथ
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: A) सड़क-ए-आजम।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: शेरशाह सूरी ने व्यापार और सैन्य आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ‘सड़क-ए-आजम’ का निर्माण/पुनरुद्धार कराया, जो सोनारगांव (बंगाल) से पेशावर (पाकिस्तान) तक जाती थी। विकल्प B एक सामान्य नाम है, जबकि C और D प्राचीन काल के मार्गों के नाम थे।
\n
\n\n
- मुगल काल में ‘जज़िया’ कर को किसने समाप्त किया था और बाद में पुनः किसने लागू किया?\n
- \n
- A) बाबर – औरंगजेब
- B) अकबर – औरंगजेब
- C) जहाँगीर – शाहजहाँ
- D) शाहजहाँ – औरंगजेब
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) अकबर – औरंगजेब।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: अकबर ने अपनी उदारवादी नीति और ‘दीन-ए-इलाही’ के तहत 1564 में गैर-मुसलमानों पर लगाया जाने वाला ‘जज़िया’ कर समाप्त कर दिया था। इसके विपरीत, औरंगजेब ने अपनी कट्टरपंथी नीतियों के कारण 1679 में इसे दोबारा लागू किया। अन्य विकल्प ऐतिहासिक रूप से गलत हैं।
\n
\n\n\n
- प्लासी का युद्ध (1757) मुख्य रूप से किसके बीच लड़ा गया था?\n
- \n
- A) सिराजुद्दौला और रॉबर्ट क्लाइव
- B) मीर कासिम और हेक्टर मुनरो
- C) टीपू सुल्तान और लॉर्ड कॉर्नवालिस
- D) शाह आलम II और वॉरेन हेस्टिंग्स
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: A) सिराजुद्दौला और रॉबर्ट क्लाइव।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: 23 जून 1757 को बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट क्लाइव के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में मीर जाफर के विश्वासघात ने अंग्रेजों को जीत दिलाई और भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी। विकल्प B बक्सर के युद्ध से संबंधित है।
\n
\n\n
- 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ का नेतृत्व किसने किया था?\n
- \n
- A) रानी लक्ष्मीबाई
- B) बेगम हज़रत महल
- C) कुंवर सिंह
- D) नाना साहब
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) बेगम हज़रत महल।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने किया था। रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी (विकल्प A) में, कुंवर सिंह ने बिहार (विकल्प C) में और नाना साहब ने कानपुर (विकल्प D) में नेतृत्व किया था।
\n
\n\n
- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
- \n
- A) केवल हिंदू धर्म का प्रचार करना
- B) मूर्ति पूजा का विरोध और समाज सुधार
- C) ब्रिटिश शासन को सशस्त्र क्रांति से हटाना
- D) केवल अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार करना
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) मूर्ति पूजा का विरोध और समाज सुधार।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की। उन्होंने सती प्रथा जैसी कुरीतियों का विरोध किया और एकेश्वरवाद (एक ईश्वर) तथा तर्कवाद पर जोर दिया। उन्होंने सशस्त्र क्रांति (विकल्प C) का समर्थन नहीं किया, बल्कि सुधारवादी दृष्टिकोण अपनाया।
\n
\n\n
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
- \n
- A) ए.ओ. ह्यूम
- B) दादाभाई नौरोजी
- C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
- D) गोपाल कृष्ण गोखले
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: कांग्रेस का पहला सत्र दिसंबर 1885 में बॉम्बे में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी। ए.ओ. ह्यूम (विकल्प A) इसके संस्थापक/सचिव थे, न कि अध्यक्ष। दादाभाई नौरोजी (विकल्प B) ने बाद के सत्रों की अध्यक्षता की।
\n
\n\n
- गांधीजी ने ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को किस घटना के बाद वापस ले लिया था?\n
- \n
- A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- B) चौरी-चौरा कांड
- C) रॉलेट एक्ट
- D) दांडी मार्च
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) चौरी-चौरा कांड।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में गोरखपुर के चौरी-चौरा गाँव में हिंसक भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन को जला दिया, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। अहिंसा के पुजारी गांधीजी ने इस हिंसा से दुखी होकर आंदोलन तुरंत वापस ले लिया। जलियांवाला बाग (विकल्प A) 1919 की घटना थी जिसने आंदोलन को प्रेरित किया था।
\n
\n\n
- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (1942) के दौरान ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा किसने दिया था?\n
- \n
- A) सुभाष चंद्र बोस
- B) जवाहरलाल नेहरू
- C) महात्मा गांधी
- D) सरदार पटेल
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) महात्मा गांधी।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया, जिसका अर्थ था कि या तो हम भारत को स्वतंत्र कराएंगे या इस प्रयास में अपनी जान दे देंगे। सुभाष चंद्र बोस (विकल्प A) ने ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया था।
\n
\n\n
- ब्रिटिश शासन के दौरान, भारतीय खेलों (जैसे पोलो) ने औपनिवेशिक सत्ता के प्रति किस तरह का दृष्टिकोण प्रदर्शित किया?\n
- \n
- A) केवल मनोरंजन और ब्रिटिश संस्कृति का अंधानुकरण
- B) सांस्कृतिक प्रतिरोध और अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने का माध्यम
- C) ब्रिटिश सेना में भर्ती होने का एकमात्र तरीका
- D) खेलों के माध्यम से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करना
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) सांस्कृतिक प्रतिरोध और अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने का माध्यम।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: हालांकि पोलो जैसे खेल अंग्रेजों द्वारा पेश किए गए थे, लेकिन भारतीय टीमों ने इनमें अपनी दक्षता दिखाकर यह साबित किया कि वे किसी भी क्षेत्र में अंग्रेजों से कम नहीं हैं। यह एक प्रकार का ‘सांस्कृतिक प्रतिरोध’ था जहाँ भारतीयों ने औपनिवेशिक श्रेष्ठता के मिथक को चुनौती दी। विकल्प A गलत है क्योंकि यह केवल अंधानुकरण नहीं था; विकल्प D गलत है क्योंकि खेल सीधे तौर पर राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग का माध्यम नहीं थे।
\n
\n\n\n
- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
- \n
- A) नेपोलियन का उदय
- B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
- C) औद्योगिक क्रांति की शुरुआत
- D) अमेरिका की स्वतंत्रता
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: फ्रांस अत्यधिक कर्ज में था और लुई XVI ने जनता पर नए कर लगाने का प्रयास किया, जिससे तीसरे एस्टेट (आम जनता) में भारी आक्रोश फैला। इससे ‘बैस्टिल के किले’ के पतन और क्रांति की शुरुआत हुई। नेपोलियन (विकल्प A) क्रांति के बाद सत्ता में आया।
\n
\n\n
- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
- \n
- A) फ्रांस
- B) जर्मनी
- C) ब्रिटेन
- D) संयुक्त राज्य अमेरिका
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: C) ब्रिटेन।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में प्रचुर कोयला, लोहा और उपनिवेशों से मिले कच्चे माल के कारण औद्योगिक क्रांति शुरू हुई। कपड़ा उद्योग इसमें सबसे आगे था। फ्रांस और जर्मनी (विकल्प A, B) ने बाद में इस प्रक्रिया को अपनाया।
\n
\n\n
- अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट (FDR) के 1936 के अभियान भाषण का मुख्य संदर्भ क्या था?\n
- \n
- A) द्वितीय विश्व युद्ध में तत्काल प्रवेश
- B) महान मंदी (Great Depression) के बाद शांतिवाद (Pacifism) और स्थिरता
- C) शीत युद्ध की शुरुआत और सोवियत संघ का विरोध
- D) वियतनाम युद्ध के खिलाफ विरोध
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) महान मंदी (Great Depression) के बाद शांतिवाद (Pacifism) और स्थिरता।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: 1936 के दौरान, अमेरिका अभी भी महान मंदी के प्रभावों से जूझ रहा था और प्रथम विश्व युद्ध की विभीषिका के कारण अमेरिकी जनता युद्ध के प्रति बहुत संशय में थी। FDR के भाषणों में शांतिवाद (pacifism) का पुट था ताकि वे घरेलू स्थिरता और आर्थिक सुधारों (New Deal) पर ध्यान केंद्रित कर सकें। विकल्प A गलत है क्योंकि अमेरिका युद्ध में 1941 में शामिल हुआ।
\n
\n\n
- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
- \n
- A) वर्साय की संधि
- B) आर्कड्यूक फ्रांसिस्फर डिलैंड का साराजेवो में हत्याकांड
- C) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- D) रूसी क्रांति
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) आर्कड्यूक फ्रांसिस्फर डिलैंड का साराजेवो में हत्याकांड।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: 28 जून 1914 को ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिस्फर डिलैंड की साराजेवो (बोस्निया) में हत्या कर दी गई, जिसने वैश्विक शक्तियों के बीच गठबंधन की श्रृंखला को सक्रिय कर दिया और युद्ध छिड़ गया। विकल्प A युद्ध का परिणाम था; विकल्प C द्वितीय विश्व युद्ध का कारण था।
\n
\n\n
- ‘शीत युद्ध’ (Cold War) के संदर्भ में ‘ट्रुमैन सिद्धांत’ (Truman Doctrine) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
- \n
- A) सोवियत संघ के साथ व्यापार बढ़ाना
- B) साम्यवाद (Communism) के प्रसार को रोकना (Containment)
- C) परमाणु हथियारों को पूरी तरह समाप्त करना
- D) यूरोपीय संघ की स्थापना करना
\n
\n
\n
\n
\n
सही उत्तर: B) साम्यवाद (Communism) के प्रसार को रोकना (Containment)।
\n
\nविस्तृत व्याख्या: 1947 में अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रुमन ने इस सिद्धांत की घोषणा की, जिसका उद्देश्य उन देशों को आर्थिक और सैन्य सहायता देना था जो सोवियत संघ के साम्यवादी प्रभाव के खतरे में थे (विशेषकर यूनान और तुर्की)। यह ‘कंटेनमेंट’ की नीति का हिस्सा था। विकल्प C इसके विपरीत था क्योंकि शीत युद्ध में हथियारों की होड़ बढ़ी।
\n
\n\n
\n\n
\n
रणनीतिक सुझाव: इतिहास को रटने के बजाय उसे एक कहानी की तरह समझें। जब आप किसी घटना को उसके कालखंड और कारणों से जोड़ते हैं, तो उसे याद रखना आसान हो जाता है। निरंतर अभ्यास और विश्लेषण ही सफलता की कुंजी है। पढ़ते रहें, बढ़ते रहें!
\n
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।