भारतीय राजव्यवस्था: संवैधानिक ज्ञान की गहन परीक्षा
भारतीय लोकतंत्र की नींव हमारे संविधान में निहित है, जो देश के शासन और नागरिकों के अधिकारों का मार्गदर्शन करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए भारतीय राजव्यवस्था की गहरी समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको संवैधानिक सिद्धांतों, महत्वपूर्ण अनुच्छेदों और न्यायिक निर्णयों पर आधारित चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से अपनी वैचारिक स्पष्टता और ज्ञान का परीक्षण करने का अवसर प्रदान करता है। अपनी तैयारी को परखें और हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की जटिलताओं को समझें।
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भारतीय संविधान सभा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- इसकी स्थापना कैबिनेट मिशन योजना 1946 के तहत की गई थी।
- संविधान सभा के सदस्यों को ब्रिटिश भारत के प्रांतों की विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा चुना गया था।
- डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा इसके पहले स्थायी अध्यक्ष थे।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 1 और 2
- (c) केवल 2 और 3
- (d) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
कथन 1 सही है। संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना, 1946 द्वारा प्रस्तावित योजना के अनुसार किया गया था।
कथन 2 सही है। संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया गया था।
कथन 3 गलत है। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा संविधान सभा के पहले अस्थायी अध्यक्ष थे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा के पहले स्थायी अध्यक्ष चुने गए थे।
अनुच्छेद संदर्भ: संविधान सभा का गठन एक ऐतिहासिक प्रक्रिया थी जिसका उल्लेख सीधे किसी एक अनुच्छेद में नहीं है, लेकिन इसकी स्थापना भारतीय संविधान की नींव है।
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना में “समाजवादी”, “धर्मनिरपेक्ष” और “अखंडता” शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़े गए थे?
- (a) 42वाँ संशोधन अधिनियम
- (b) 44वाँ संशोधन अधिनियम
- (c) 52वाँ संशोधन अधिनियम
- (d) 61वाँ संशोधन अधिनियम
सही उत्तर: (a)
विस्तृत व्याख्या:
42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में “समाजवादी”, “धर्मनिरपेक्ष” और “अखंडता” शब्द जोड़े गए थे। इसे “लघु संविधान” भी कहा जाता है क्योंकि इसने संविधान के कई भागों में व्यापक परिवर्तन किए थे।
अन्य विकल्प गलत हैं: 44वां संशोधन अधिनियम (1978) ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटा दिया था; 52वां संशोधन अधिनियम (1985) दलबदल विरोधी कानून से संबंधित है; और 61वां संशोधन अधिनियम (1989) ने मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी थी।
अनुच्छेद संदर्भ: प्रस्तावना, 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद “अस्पृश्यता के उन्मूलन” और किसी भी रूप में इसके आचरण पर रोक से संबंधित है?
- (a) अनुच्छेद 14
- (b) अनुच्छेद 15
- (c) अनुच्छेद 16
- (d) अनुच्छेद 17
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता के उन्मूलन का प्रावधान करता है और किसी भी रूप में इसके आचरण को निषिद्ध करता है। यह मौलिक अधिकारों का हिस्सा है जो समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14-18) के अंतर्गत आता है।
अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता और कानूनों के समान संरक्षण का प्रावधान करता है।
अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाता है।
अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता प्रदान करता है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 17, भाग III (मौलिक अधिकार)।
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भारतीय संविधान के किस भाग में राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) शामिल हैं?
- (a) भाग II
- (b) भाग III
- (c) भाग IV
- (d) भाग V
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) भारतीय संविधान के भाग IV (अनुच्छेद 36-51) में शामिल हैं। ये सिद्धांत राज्य के लिए कानून बनाते समय और नीतियां निर्धारित करते समय एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हैं। इन्हें आयरलैंड के संविधान से लिया गया है।
भाग II नागरिकता से संबंधित है (अनुच्छेद 5-11)।
भाग III मौलिक अधिकारों से संबंधित है (अनुच्छेद 12-35)।
भाग V संघ से संबंधित है, जिसमें संघ कार्यपालिका, संसद आदि शामिल हैं (अनुच्छेद 52-151)।
अनुच्छेद संदर्भ: भाग IV (अनुच्छेद 36-51)।
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भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य किस समिति की सिफारिश पर जोड़े गए थे?
- (a) अशोक मेहता समिति
- (b) बलवंत राय मेहता समिति
- (c) स्वर्ण सिंह समिति
- (d) सरकारीया आयोग
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
मौलिक कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर भारतीय संविधान में जोड़े गए थे। इन्हें संविधान के भाग IV-A (अनुच्छेद 51A) में शामिल किया गया था। मूलतः 10 कर्तव्य थे, बाद में 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा एक और कर्तव्य जोड़ा गया, जिससे कुल 11 मौलिक कर्तव्य हो गए।
अशोक मेहता समिति (1977) और बलवंत राय मेहता समिति (1957) पंचायती राज से संबंधित हैं।
सरकारीया आयोग (1983) केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित है।
अनुच्छेद संदर्भ: भाग IV-A (अनुच्छेद 51A), 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है?
- (a) अनुच्छेद 111
- (b) अनुच्छेद 112
- (c) अनुच्छेद 123
- (d) अनुच्छेद 130
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों और ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो गई हों जिनके कारण तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो। ये अध्यादेश संसद के अधिनियमों के समान बल और प्रभाव रखते हैं और संसद के पुनः सत्र में आने के छह सप्ताह के भीतर अनुमोदित होने चाहिए।
अनुच्छेद 111 विधेयकों पर राष्ट्रपति की सहमति से संबंधित है।
अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) से संबंधित है।
अनुच्छेद 130 सर्वोच्च न्यायालय के स्थान से संबंधित है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 123, भाग V (संघ)।
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भारत का उपराष्ट्रपति किसका पदेन अध्यक्ष होता है?
- (a) लोकसभा
- (b) राज्यसभा
- (c) योजना आयोग (अब नीति आयोग)
- (d) राष्ट्रीय विकास परिषद
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 64 और अनुच्छेद 89(1) के अनुसार, भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा (राज्यों की परिषद) का पदेन अध्यक्ष होता है। वह राज्यसभा की बैठकों की अध्यक्षता करता है और उसके पास निर्णायक मत होता है।
लोकसभा का अध्यक्ष लोकसभा के सदस्यों द्वारा चुना जाता है।
योजना आयोग (अब नीति आयोग) और राष्ट्रीय विकास परिषद गैर-संवैधानिक निकाय हैं, जिनके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 64 और अनुच्छेद 89(1), भाग V (संघ)।
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प्रधानमंत्री की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
- (a) लोकसभा अध्यक्ष
- (b) भारत के मुख्य न्यायाधीश
- (c) राष्ट्रपति
- (d) बहुमत दल के सदस्य
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 75(1) के अनुसार, प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राष्ट्रपति आमतौर पर उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है जो लोकसभा में बहुमत दल का नेता होता है। यदि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो राष्ट्रपति अपने विवेक का प्रयोग करके गठबंधन बनाने के लिए सबसे बड़े दल या गठबंधन के नेता को आमंत्रित कर सकता है।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि प्रधानमंत्री की नियुक्ति में इनकी कोई सीधी भूमिका नहीं होती।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 75(1), भाग V (संघ)।
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भारतीय संसद के निचले सदन को क्या कहा जाता है?
- (a) राज्यसभा
- (b) लोकसभा
- (c) विधान परिषद
- (d) विधान सभा
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय संसद के निचले सदन को लोकसभा (House of the People) कहा जाता है, जिसका गठन प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा होता है और यह भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।
राज्यसभा (Council of States) ऊपरी सदन है, जो राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है और अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है।
विधान परिषद और विधान सभा राज्य विधानमंडल के अंग हैं। विधान सभा निचले सदन के समान है और विधान परिषद ऊपरी सदन के समान है, लेकिन सभी राज्यों में विधान परिषद नहीं होती है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 81 (लोकसभा का गठन), भाग V (संघ)।
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राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
- (a) 4 वर्ष
- (b) 5 वर्ष
- (c) 6 वर्ष
- (d) 3 वर्ष
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 83(1) के अनुसार, राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसका विघटन नहीं होता है। इसके सदस्य 6 वर्ष की अवधि के लिए चुने जाते हैं, और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों का कार्यकाल आमतौर पर 5 वर्ष का होता है, जब तक कि उन्हें पहले भंग न किया जाए।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 83(1), भाग V (संघ)।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद सर्वोच्च न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) घोषित करता है?
- (a) अनुच्छेद 124
- (b) अनुच्छेद 129
- (c) अनुच्छेद 131
- (d) अनुच्छेद 136
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ घोषित करता है। इसका अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्णय और कार्यवाही दर्ज की जाती हैं और एक मिसाल के रूप में कार्य करती हैं, जिसका सभी अधीनस्थ न्यायालयों पर बाध्यकारी प्रभाव होता है। इसमें अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति भी होती है।
अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है।
अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार से संबंधित है।
अनुच्छेद 136 अपील के लिए विशेष अनुमति (Special Leave Petition) से संबंधित है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 129, भाग V (संघ)।
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न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
- (a) यूनाइटेड किंगडम
- (b) संयुक्त राज्य अमेरिका
- (c) आयरलैंड
- (d) ऑस्ट्रेलिया
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय संविधान में न्यायिक समीक्षा की अवधारणा संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से ली गई है। न्यायिक समीक्षा न्यायपालिका की वह शक्ति है जिसके तहत वह संसद द्वारा पारित कानूनों और कार्यकारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच कर सकती है। यदि कोई कानून या आदेश संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो सर्वोच्च न्यायालय उसे असंवैधानिक घोषित कर सकता है।
यूनाइटेड किंगडम में संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत है।
आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) लिए गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची की अवधारणा और व्यापार एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता ली गई है।
अनुच्छेद संदर्भ: हालांकि न्यायिक समीक्षा का सीधे किसी एक अनुच्छेद में उल्लेख नहीं है, इसकी शक्ति अनुच्छेद 13, 32, 131, 136, 142, 226 और 227 में निहित है, जो अमेरिकी मॉडल पर आधारित है।
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भारत में अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers) किसके पास निहित हैं?
- (a) राज्य
- (b) केंद्र
- (c) राज्य और केंद्र दोनों
- (d) न तो राज्य और न ही केंद्र
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 248 के तहत, भारतीय संविधान अवशिष्ट शक्तियों (वे विषय जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में शामिल नहीं हैं) केंद्र सरकार (संसद) में निहित करता है। यह कनाडा के मॉडल के समान है और भारतीय संघीय व्यवस्था के मजबूत केंद्र के पहलू को दर्शाता है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 248, भाग XI (केंद्र-राज्य संबंध)।
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल कितना होता है?
- (a) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
- (b) 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
- (c) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
- (d) 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त 6 वर्ष की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, पद धारण करते हैं (अनुच्छेद 324)। यह प्रावधान चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और स्वायत्तता सुनिश्चित करता है, जो भारत में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए महत्वपूर्ण है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 324, भाग XV (निर्वाचन)।
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
- (a) प्रधानमंत्री
- (b) लोकसभा अध्यक्ष
- (c) भारत के मुख्य न्यायाधीश
- (d) राष्ट्रपति
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 148 के अनुसार, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG भारत सरकार और राज्य सरकारों के खातों का लेखा-जोखा रखने वाला प्रमुख प्राधिकरण है। यह एक स्वतंत्र संवैधानिक कार्यालय है जो सार्वजनिक वित्त का संरक्षक होता है और संसद के प्रति जवाबदेह होता है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 148, भाग V (संघ)।
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वित्त आयोग का गठन भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?
- (a) अनुच्छेद 268
- (b) अनुच्छेद 270
- (c) अनुच्छेद 280
- (d) अनुच्छेद 290
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 280 के तहत, राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक पांच वर्ष या उससे पहले एक वित्त आयोग का गठन किया जाता है। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के शुद्ध आगमों के वितरण और राज्यों को अनुदान-सहायता के सिद्धांतों पर सिफारिशें करना है। यह केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अनुच्छेद 268 उन करों से संबंधित है जो केंद्र द्वारा लगाए जाते हैं लेकिन राज्यों द्वारा एकत्र और विनियोजित किए जाते हैं।
अनुच्छेद 270 उन करों से संबंधित है जो केंद्र द्वारा लगाए और एकत्र किए जाते हैं लेकिन केंद्र और राज्यों के बीच वितरित किए जाते हैं।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 280, भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद)।
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नीति आयोग (NITI Aayog) किस प्रकार का निकाय है?
- (a) संवैधानिक निकाय
- (b) वैधानिक निकाय
- (c) गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक निकाय
- (d) अर्ध-न्यायिक निकाय
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव द्वारा बनाया गया था, जिसने योजना आयोग का स्थान लिया। यह न तो संवैधानिक है (संविधान में इसका उल्लेख नहीं है) और न ही वैधानिक है (संसद के अधिनियम द्वारा नहीं बनाया गया है)। यह एक गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक थिंक टैंक है जो सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए सलाहकारी भूमिका निभाता है।
अनुच्छेद संदर्भ: कोई संवैधानिक अनुच्छेद नहीं, यह एक कार्यकारी प्रस्ताव द्वारा बनाया गया है।
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भारत में पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन द्वारा दिया गया था?
- (a) 73वाँ संशोधन अधिनियम
- (b) 74वाँ संशोधन अधिनियम
- (c) 42वाँ संशोधन अधिनियम
- (d) 44वाँ संशोधन अधिनियम
सही उत्तर: (a)
विस्तृत व्याख्या:
73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया था। इसने संविधान में भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची को जोड़ा, जिसमें पंचायतों के 29 कार्यात्मक विषय शामिल हैं (अनुच्छेद 243 से 243O)। यह स्थानीय स्वशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
74वां संशोधन अधिनियम (1992) शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा देता है।
42वां संशोधन अधिनियम (1976) ने प्रस्तावना में परिवर्तन किए और मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा।
44वां संशोधन अधिनियम (1978) ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटा दिया।
अनुच्छेद संदर्भ: 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992, भाग IX (अनुच्छेद 243-243O), ग्यारहवीं अनुसूची।
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नगरपालिकाओं से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के किस भाग में निहित हैं?
- (a) भाग IX
- (b) भाग IXA
- (c) भाग XB
- (d) भाग XI
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
नगरपालिकाओं से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के भाग IXA (अनुच्छेद 243P से 243ZG) में निहित हैं, जिसे 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था। यह शहरी स्थानीय स्वशासन से संबंधित है और बारहवीं अनुसूची को भी जोड़ा गया था।
भाग IX पंचायती राज से संबंधित है।
भाग XB सहकारी समितियों से संबंधित है।
भाग XI संघ और राज्यों के बीच संबंध से संबंधित है।
अनुच्छेद संदर्भ: भाग IXA (अनुच्छेद 243P-243ZG), 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992, बारहवीं अनुसूची।
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है?
- (a) अनुच्छेद 352
- (b) अनुच्छेद 356
- (c) अनुच्छेद 360
- (d) अनुच्छेद 365
सही उत्तर: (a)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 352 राष्ट्रपति को युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करने का अधिकार देता है। 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा “आंतरिक अशांति” शब्द को “सशस्त्र विद्रोह” से बदल दिया गया था।
अनुच्छेद 356 राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता (जिसे लोकप्रिय रूप से राष्ट्रपति शासन कहा जाता है) से संबंधित है।
अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है। भारत में अभी तक वित्तीय आपातकाल की घोषणा नहीं की गई है।
अनुच्छेद 365 कहता है कि यदि कोई राज्य केंद्र के निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है तो राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 352, भाग XVIII (आपातकालीन प्रावधान)।
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भारतीय संविधान में संशोधन करने की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में वर्णित है?
- (a) अनुच्छेद 356
- (b) अनुच्छेद 360
- (c) अनुच्छेद 368
- (d) अनुच्छेद 370
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 368 भारतीय संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति और प्रक्रिया का प्रावधान करता है। इसमें संशोधन के तीन तरीके बताए गए हैं: संसद के साधारण बहुमत से, संसद के विशेष बहुमत से, और संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ आधे राज्यों के विधानमंडलों की स्वीकृति से।
अनुच्छेद 356 और 360 आपातकालीन प्रावधानों से संबंधित हैं।
अनुच्छेद 370 जम्मू और कश्मीर से संबंधित विशेष प्रावधानों से संबंधित था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 368, भाग XX (संविधान का संशोधन)।
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कौन सा मौलिक अधिकार व्यक्ति को अपनी गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का अधिकार देता है?
- (a) शोषण के विरुद्ध अधिकार
- (b) स्वतंत्रता का अधिकार
- (c) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
- (d) संवैधानिक उपचारों का अधिकार
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 22 (स्वतंत्रता के अधिकार का एक हिस्सा, अनुच्छेद 19-22) व्यक्तियों को गिरफ्तारी और नजरबंदी से सुरक्षा प्रदान करता है, जिसमें गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर (यात्रा के समय को छोड़कर) मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का अधिकार शामिल है। यह मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत से बचाता है।
शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24) मानव तस्करी और बाल श्रम पर रोक लगाता है।
धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28) धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32) मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों को रिट जारी करने का अधिकार देता है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 22, भाग III (मौलिक अधिकार)।
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राज्य विधान परिषद (Legislative Council) के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?
- (a) 4 वर्ष
- (b) 5 वर्ष
- (c) 6 वर्ष
- (d) 3 वर्ष
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
राज्य विधान परिषद, राज्यसभा की तरह, एक स्थायी सदन है, और इसका विघटन नहीं होता है। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है। इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। यह अनुच्छेद 172(2) के तहत निर्दिष्ट है, जो इसे राज्यसभा के समान स्थायी सदन बताता है।
राज्य विधान सभा के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है, जब तक कि उसे पहले भंग न किया जाए।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 172(2), भाग VI (राज्य)।
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय को केंद्र और राज्यों के बीच विवादों पर मूल क्षेत्राधिकार प्राप्त है?
- (a) अनुच्छेद 131
- (b) अनुच्छेद 132
- (c) अनुच्छेद 133
- (d) अनुच्छेद 134
सही उत्तर: (a)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय को केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच, या एक तरफ केंद्र और कोई राज्य या राज्य और दूसरी तरफ एक या अधिक राज्यों के बीच, या दो या अधिक राज्यों के बीच के विवादों पर विशेष और मूल क्षेत्राधिकार प्रदान करता है। इसका मतलब है कि इन मामलों को सीधे सर्वोच्च न्यायालय में शुरू किया जा सकता है।
अनुच्छेद 132 और 133 अपीलीय क्षेत्राधिकार से संबंधित हैं (संवैधानिक और सिविल मामलों में)।
अनुच्छेद 134 आपराधिक मामलों में अपीलीय क्षेत्राधिकार से संबंधित है।
अनुच्छेद संदर्भ: अनुच्छेद 131, भाग V (संघ)।
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कैबिनेट मिशन, जिसने भारत की संविधान सभा के निर्माण का प्रस्ताव रखा, में कौन शामिल नहीं था?
- (a) लॉर्ड पैथिक लॉरेंस
- (b) सर स्टैफोर्ड क्रिप्स
- (c) ए.वी. अलेक्जेंडर
- (d) लॉर्ड वेवेल
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
कैबिनेट मिशन, 1946 में तीन ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री शामिल थे: लॉर्ड पैथिक लॉरेंस (भारत सचिव और मिशन के अध्यक्ष), सर स्टैफोर्ड क्रिप्स (व्यापार बोर्ड के अध्यक्ष), और ए.वी. अलेक्जेंडर (एडमिरल्टी के पहले लॉर्ड)। लॉर्ड वेवेल उस समय भारत के वायसराय थे, लेकिन वे कैबिनेट मिशन के सदस्य नहीं थे, हालांकि मिशन उन्हीं के कार्यकाल में भारत आया था।
अनुच्छेद संदर्भ: यह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से संबंधित है न कि किसी विशिष्ट संवैधानिक अनुच्छेद से।
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