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भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: संवैधानिक ज्ञान का गहन परीक्षण

भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: संवैधानिक ज्ञान का गहन परीक्षण

भारतीय लोकतंत्र हमारे संविधान की नींव पर खड़ा है, जो हमारे नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों, शासन की संरचना और राष्ट्र के सिद्धांतों को रेखांकित करता है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य लोक सेवा आयोग (State PSCs), SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए, भारतीय राजव्यवस्था और संविधान की गहन समझ अनिवार्य है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता, अनुच्छेदों की स्मृति और महत्वपूर्ण निर्णयों के विश्लेषण की क्षमता का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपनी तैयारी को परखें और हमारे संवैधानिक ढांचे की जटिलताओं में गहराई से उतरें!


  1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में “धर्मनिरपेक्ष” शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

    • A) 42वां संशोधन
    • B) 44वां संशोधन
    • C) 73वां संशोधन
    • D) 76वां संशोधन

    सही उत्तर: A) 42वां संशोधन

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में “धर्मनिरपेक्ष”, “समाजवादी” और “अखंडता” शब्द 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए थे। यह संशोधन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा आपातकाल के दौरान किया गया था और इसे ‘लघु संविधान’ भी कहा जाता है। धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है कि भारत का कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और राज्य सभी धर्मों को समान सम्मान देता है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि 44वें संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटा दिया; 73वें संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया; और 76वां संशोधन तमिलनाडु में आरक्षण से संबंधित है।

  2. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद भारत के राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है?

    • A) अनुच्छेद 123
    • B) अनुच्छेद 110
    • C) अनुच्छेद 356
    • D) अनुच्छेद 72

    सही उत्तर: A) अनुच्छेद 123

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को संसद के सत्र में न होने की स्थिति में अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है। ये अध्यादेश संसद द्वारा पारित अधिनियमों के समान ही बल और प्रभाव रखते हैं, लेकिन इनकी अवधि सीमित होती है (अधिकतम 6 महीने और संसद के पुनः समवेत होने के 6 सप्ताह तक)। अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा से संबंधित है, अनुच्छेद 356 राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन) से संबंधित है, और अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति से संबंधित है।

  3. भारतीय संविधान के किस भाग में मौलिक अधिकारों का उल्लेख है?

    • A) भाग II
    • B) भाग III
    • C) भाग IV
    • D) भाग IV-A

    सही उत्तर: B) भाग III

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का भाग III (अनुच्छेद 12 से 35) मौलिक अधिकारों से संबंधित है। ये अधिकार न्यायोचित हैं, जिसका अर्थ है कि उनके उल्लंघन के मामले में व्यक्ति न्यायपालिका का दरवाजा खटखटा सकता है। भाग II नागरिकता से संबंधित है, भाग IV राज्य के नीति निदेशक तत्वों से संबंधित है, और भाग IV-A मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है।

  4. भारतीय संविधान की ‘मूल संरचना’ (Basic Structure) का सिद्धांत किस वाद में प्रतिपादित किया गया था?

    • A) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य वाद
    • B) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद
    • C) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ वाद
    • D) ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य वाद

    सही उत्तर: B) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद

    विस्तृत व्याख्या: 1973 के केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने ‘संविधान की मूल संरचना’ का सिद्धांत प्रतिपादित किया। इस निर्णय ने संसद की संविधान संशोधन की शक्ति पर एक सीमा लगाई, यह कहते हुए कि संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन उसकी मूल संरचना को बदल या नष्ट नहीं कर सकती। गोलकनाथ वाद (1967) में मौलिक अधिकारों में संशोधन पर प्रश्न उठाया गया था, मिनर्वा मिल्स वाद (1980) ने डीपीएसपी पर मौलिक अधिकारों की सर्वोच्चता को पुनः स्थापित किया, और ए.के. गोपालन वाद (1950) ने “कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया” की संकीर्ण व्याख्या की थी।

  5. संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम कितना अंतराल हो सकता है?

    • A) 3 महीने
    • B) 4 महीने
    • C) 6 महीने
    • D) 12 महीने

    सही उत्तर: C) 6 महीने

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 85(1) यह प्रावधान करता है कि संसद के एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच छह महीने से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए। इसका मतलब है कि संसद को एक वर्ष में कम से कम दो बार बैठक करनी चाहिए। सामान्यतः, संसद के तीन सत्र होते हैं: बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र।

  6. राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

    • A) 4 वर्ष
    • B) 5 वर्ष
    • C) 6 वर्ष
    • D) स्थायी निकाय

    सही उत्तर: C) 6 वर्ष

    विस्तृत व्याख्या: राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है। राज्यसभा एक स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जा सकता। इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं। लोकसभा के विपरीत, राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है। अनुच्छेद 83 इस प्रावधान को संदर्भित करता है।

  7. भारत के संविधान में संसदीय प्रणाली किस देश के संविधान से प्रेरित है?

    • A) संयुक्त राज्य अमेरिका
    • B) ब्रिटेन
    • C) आयरलैंड
    • D) कनाडा

    सही उत्तर: B) ब्रिटेन

    विस्तृत व्याख्या: भारत ने अपनी संसदीय प्रणाली ब्रिटेन के संविधान से अपनाई है। इसमें नाममात्र और वास्तविक कार्यकारी प्रमुख (राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री), सामूहिक उत्तरदायित्व, दोहरी सदस्यता, विपक्ष के नेता आदि जैसी विशेषताएं शामिल हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका से हमने मौलिक अधिकार और न्यायिक समीक्षा ली है, आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व और कनाडा से हमने मजबूत केंद्र वाली संघीय प्रणाली ली है।

  8. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?

    • A) प्रधानमंत्री
    • B) राष्ट्रपति
    • C) सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
    • D) संसद

    सही उत्तर: B) राष्ट्रपति

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG भारत सरकार और राज्य सरकारों के खातों का मुख्य लेखा परीक्षक होता है और सार्वजनिक धन का संरक्षक होता है। उसकी रिपोर्टों पर संसद की लोक लेखा समिति विचार करती है।

  9. किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय एक ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) है?

    • A) अनुच्छेद 129
    • B) अनुच्छेद 131
    • C) अनुच्छेद 137
    • D) अनुच्छेद 143

    सही उत्तर: A) अनुच्छेद 129

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को एक ‘अभिलेख न्यायालय’ घोषित करता है। इसका अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्णय और कार्यवाही रिकॉर्ड के रूप में रखी जाती हैं और भविष्य के संदर्भों के लिए मिसाल के तौर पर इस्तेमाल की जाती हैं। इसके पास अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति भी है। अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार से, अनुच्छेद 137 न्यायिक पुनरावलोकन (पुनर्विलोकन) की शक्ति से, और अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति से संबंधित है।

  10. भारतीय संविधान में ‘राज्य के नीति निदेशक तत्व’ (DPSP) किस देश से लिए गए हैं?

    • A) आयरलैंड
    • B) ऑस्ट्रेलिया
    • C) जर्मनी
    • D) दक्षिण अफ्रीका

    सही उत्तर: A) आयरलैंड

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में ‘राज्य के नीति निदेशक तत्व’ (DPSP) आयरलैंड के संविधान से प्रेरित हैं। ये सिद्धांत शासन के लिए मूलभूत हैं और राज्य से कानून बनाते समय इन्हें ध्यान में रखने की अपेक्षा करते हैं। ये न्यायोचित नहीं हैं, जिसका अर्थ है कि इनके उल्लंघन पर न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। ऑस्ट्रेलिया से हमने समवर्ती सूची ली है, जर्मनी से आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन और दक्षिण अफ्रीका से संविधान संशोधन प्रक्रिया।

  11. भारत के संविधान में ‘ग्राम पंचायतों के संगठन’ का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?

    • A) अनुच्छेद 39
    • B) अनुच्छेद 40
    • C) अनुच्छेद 43
    • D) अनुच्छेद 44

    सही उत्तर: B) अनुच्छेद 40

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 40 ‘राज्य के नीति निदेशक तत्वों’ (DPSP) के अंतर्गत ‘ग्राम पंचायतों के संगठन’ का प्रावधान करता है। यह राज्य को ग्राम पंचायतों को संगठित करने और उन्हें ऐसी शक्तियाँ और अधिकार प्रदान करने का निर्देश देता है जो उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक हों। यह गांधीवादी सिद्धांतों में से एक है।

  12. भारत के संविधान के किस संशोधन द्वारा ‘शिक्षा के अधिकार’ को मौलिक अधिकार बनाया गया?

    • A) 86वां संशोधन
    • B) 91वां संशोधन
    • C) 97वां संशोधन
    • D) 101वां संशोधन

    सही उत्तर: A) 86वां संशोधन

    विस्तृत व्याख्या: 86वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया गया। इसके तहत अनुच्छेद 21A को जोड़ा गया, जो 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है। 91वां संशोधन मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करने से संबंधित है, 97वां संशोधन सहकारी समितियों से संबंधित है, और 101वां संशोधन वस्तु एवं सेवा कर (GST) से संबंधित है।

  13. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘संवैधानिक उपचारों के अधिकार’ से संबंधित है?

    • A) अनुच्छेद 19
    • B) अनुच्छेद 21
    • C) अनुच्छेद 32
    • D) अनुच्छेद 30

    सही उत्तर: C) अनुच्छेद 32

    विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 ‘संवैधानिक उपचारों के अधिकार’ से संबंधित है, जो मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय में जाने का अधिकार प्रदान करता है। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने इसे संविधान की “आत्मा और हृदय” कहा था। इस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार पृच्छा जैसे रिट जारी कर सकता है। अनुच्छेद 19 वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित छह अधिकारों से संबंधित है, अनुच्छेद 21 प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है, और अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों के शिक्षा संस्थानों की स्थापना और प्रशासन के अधिकार से संबंधित है।

  14. किस संवैधानिक संशोधन द्वारा मताधिकार की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई?

    • A) 42वां संशोधन
    • B) 44वां संशोधन
    • C) 61वां संशोधन
    • D) 73वां संशोधन

    सही उत्तर: C) 61वां संशोधन

    विस्तृत व्याख्या: 61वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1988 द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों में मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई। यह राजीव गांधी सरकार के समय हुआ था।

  15. भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में कौन भाग नहीं लेते हैं?

    • A) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य
    • B) राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
    • C) केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (जहाँ विधानसभाएँ हैं)
    • D) राज्य विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य

    सही उत्तर: D) राज्य विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य

    विस्तृत व्याख्या: राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में राज्य विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य भाग नहीं लेते हैं। संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार, राष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य, राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य और दिल्ली व पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। मनोनीत सदस्य भी राष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लेते हैं।

  16. भारत के उपराष्ट्रपति को पद से कैसे हटाया जा सकता है?

    • A) लोकसभा के साधारण बहुमत से
    • B) राज्यसभा के साधारण बहुमत से
    • C) राज्यसभा के प्रभावी बहुमत से पारित प्रस्ताव और लोकसभा की सहमति से
    • D) संसद के दोनों सदनों के विशेष बहुमत से

    सही उत्तर: C) राज्यसभा के प्रभावी बहुमत से पारित प्रस्ताव और लोकसभा की सहमति से

    विस्तृत व्याख्या: उपराष्ट्रपति को पद से हटाने का प्रस्ताव केवल राज्यसभा में ही शुरू किया जा सकता है। यदि राज्यसभा अपने तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत (प्रभावी बहुमत) से ऐसा प्रस्ताव पारित करती है और लोकसभा उस प्रस्ताव से सहमत होती है (साधारण बहुमत से), तो उपराष्ट्रपति को हटाया जा सकता है। यह अनुच्छेद 67(b) में वर्णित है। राष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया (महाभियोग) अलग है और विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।

  17. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद भारत के प्रधान मंत्री के कर्तव्य को परिभाषित करता है?

    • A) अनुच्छेद 74
    • B) अनुच्छेद 75
    • C) अनुच्छेद 78
    • D) अनुच्छेद 80

    सही उत्तर: C) अनुच्छेद 78

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के कर्तव्यों को परिभाषित करता है। यह राष्ट्रपति को संघ के मामलों के प्रशासन और विधान के प्रस्तावों से संबंधित जानकारी देने तथा मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री को बाध्य करता है। अनुच्छेद 74 राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद से संबंधित है, अनुच्छेद 75 प्रधान मंत्री की नियुक्ति और अन्य मंत्रियों से संबंधित है, और अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना से संबंधित है।

  18. किस अनुच्छेद के तहत संसद राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन कर सकती है?

    • A) अनुच्छेद 1
    • B) अनुच्छेद 2
    • C) अनुच्छेद 3
    • D) अनुच्छेद 4

    सही उत्तर: C) अनुच्छेद 3

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3 संसद को राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन करने की शक्ति देता है। इसमें नए राज्यों का निर्माण, किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाना या घटाना, सीमाओं में परिवर्तन और नाम बदलना शामिल है। इसके लिए साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है। अनुच्छेद 1 भारत को ‘राज्यों का संघ’ घोषित करता है, अनुच्छेद 2 नए राज्यों के प्रवेश या स्थापना से संबंधित है जो संघ का हिस्सा नहीं थे, और अनुच्छेद 4 यह स्पष्ट करता है कि अनुच्छेद 2 और 3 के तहत बनाए गए कानून को संवैधानिक संशोधन नहीं माना जाएगा।

  19. भारत में आपातकाल के दौरान कौन से मौलिक अधिकार निलंबित नहीं किए जा सकते?

    • A) अनुच्छेद 19
    • B) अनुच्छेद 20 और 21
    • C) अनुच्छेद 14 और 16
    • D) सभी मौलिक अधिकार निलंबित किए जा सकते हैं

    सही उत्तर: B) अनुच्छेद 20 और 21

    विस्तृत व्याख्या: 44वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1978 के अनुसार, राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान भी अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) को निलंबित नहीं किया जा सकता। अन्य सभी मौलिक अधिकारों को निलंबित किया जा सकता है, हालाँकि अनुच्छेद 19 के तहत अधिकार केवल युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर आपातकाल के दौरान ही निलंबित किए जा सकते हैं, सशस्त्र विद्रोह के आधार पर नहीं।

  20. भारत में पहली बार ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ कब लगाया गया था?

    • A) 1962
    • B) 1971
    • C) 1975
    • D) 1965

    सही उत्तर: A) 1962

    विस्तृत व्याख्या: भारत में पहला राष्ट्रीय आपातकाल 26 अक्टूबर 1962 को चीन के आक्रमण के कारण घोषित किया गया था। यह 10 जनवरी 1968 तक चला। दूसरा आपातकाल 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान और तीसरा आपातकाल 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर घोषित किया गया था। राष्ट्रीय आपातकाल का प्रावधान अनुच्छेद 352 में है।

  21. भारतीय संविधान की समवर्ती सूची का विचार किस देश के संविधान से लिया गया है?

    • A) कनाडा
    • B) ऑस्ट्रेलिया
    • C) आयरलैंड
    • D) जर्मनी

    सही उत्तर: B) ऑस्ट्रेलिया

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) का विचार ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है। समवर्ती सूची में ऐसे विषय शामिल हैं जिन पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं। यदि केंद्र और राज्य के कानूनों में टकराव होता है, तो केंद्रीय कानून प्रभावी होगा। कनाडा से हमने मजबूत केंद्र वाली संघीय प्रणाली, आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व और जर्मनी से आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन लिया है।

  22. भारतीय संविधान में ‘अवशिष्ट शक्तियों’ (Residuary Powers) का सिद्धांत किस देश से लिया गया है?

    • A) संयुक्त राज्य अमेरिका
    • B) कनाडा
    • C) ब्रिटेन
    • D) ऑस्ट्रेलिया

    सही उत्तर: B) कनाडा

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में ‘अवशिष्ट शक्तियों’ (यानी उन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में सूचीबद्ध नहीं हैं) का विचार कनाडा के संविधान से लिया गया है। अनुच्छेद 248 के अनुसार, इन शक्तियों पर कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है, जो भारत के मजबूत केंद्र वाले संघीय ढांचे को दर्शाता है।

  23. भारत में ‘न्यायिक सक्रियता’ (Judicial Activism) का सिद्धांत किस देश की न्यायपालिका से प्रेरित है?

    • A) ब्रिटेन
    • B) संयुक्त राज्य अमेरिका
    • C) कनाडा
    • D) ऑस्ट्रेलिया

    सही उत्तर: B) संयुक्त राज्य अमेरिका

    विस्तृत व्याख्या: भारत में ‘न्यायिक सक्रियता’ का सिद्धांत, जिसके तहत न्यायपालिका सार्वजनिक हित के मामलों में सक्रिय भूमिका निभाती है, संयुक्त राज्य अमेरिका की न्यायपालिका से प्रेरित है। यह न्यायिक समीक्षा और जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से भारतीय संदर्भ में विकसित हुआ है। इसका उद्देश्य कार्यपालिका और विधायिका की निष्क्रियता के मामलों में न्याय सुनिश्चित करना है।

  24. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में ‘भारत के संचित निधि’ (Consolidated Fund of India) का प्रावधान है?

    • A) अनुच्छेद 265
    • B) अनुच्छेद 266
    • C) अनुच्छेद 267
    • D) अनुच्छेद 280

    सही उत्तर: B) अनुच्छेद 266

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 266(1) ‘भारत के संचित निधि’ का प्रावधान करता है। सरकार को प्राप्त सभी राजस्व, लिए गए ऋण और ऋणों की वापसी से प्राप्त धन इसी निधि में जमा किया जाता है। संसद की अनुमति के बिना इस निधि से कोई भी पैसा नहीं निकाला जा सकता। अनुच्छेद 265 बताता है कि कानून के प्राधिकार के बिना कोई कर नहीं लगाया जाएगा या एकत्र नहीं किया जाएगा। अनुच्छेद 267 आकस्मिकता निधि (Contingency Fund) से संबंधित है, और अनुच्छेद 280 वित्त आयोग से संबंधित है।

  25. भारत के संविधान की ‘दशवीं अनुसूची’ (Tenth Schedule) किससे संबंधित है?

    • A) संघ, राज्य और समवर्ती सूची
    • B) भाषाओं
    • C) दलबदल विरोधी कानून
    • D) शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप

    सही उत्तर: C) दलबदल विरोधी कानून

    विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की दशवीं अनुसूची ‘दलबदल विरोधी कानून’ से संबंधित है। इसे 52वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। इसका उद्देश्य राजनीतिक दलबदल के आधार पर संसद और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को अयोग्य ठहराना है ताकि राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। आठवीं अनुसूची भाषाओं से, सातवीं अनुसूची संघ, राज्य और समवर्ती सूची से, और तीसरी अनुसूची शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप से संबंधित है।

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