भारतीय राजव्यवस्था और संविधान: अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें
भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवंत लोकतंत्र की आत्मा और मार्गदर्शक है। UPSC, SSC और State PSC जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों, संशोधनों और न्यायिक निर्णयों की सूक्ष्म समझ होना अनिवार्य है। यह उच्च-स्तरीय मॉक टेस्ट आपकी तैयारी को परखने और आपकी वैचारिक त्रुटियों को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। आइए, अपनी संवैधानिक यात्रा को और अधिक सशक्त बनाएं!
- भारतीय संविधान की ‘प्रस्तावना’ (Preamble) के संदर्भ में, ‘केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्धारित किया था?
- (A) प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है।
- (B) प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है लेकिन इसे संशोधित नहीं किया जा सकता।
- (C) प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है और इसमें संशोधन किया जा सकता है, लेकिन ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को नहीं बदला जा सकता।
- (D) प्रस्तावना केवल एक सजावटी दस्तावेज है।
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: 1973 के ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया कि प्रस्तावना संविधान का अभिन्न अंग है। कोर्ट ने ‘मूल ढांचे का सिद्धांत’ (Basic Structure Doctrine) प्रतिपादित किया, जिसके अनुसार संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन तो कर सकती है, लेकिन वह इसके मूल ढांचे (जैसे धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, संघीय ढांचा) को नष्ट नहीं कर सकती। विकल्प (A) और (B) पुराने निर्णयों (जैसे बेरुबारी मामला) से संबंधित हैं, जबकि (D) पूरी तरह गलत है।
- निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद ‘विधि के समक्ष समानता’ (Equality before Law) और ‘विधियों के समान संरक्षण’ (Equal Protection of Laws) का प्रावधान करता है?
- (A) अनुच्छेद 15
- (B) अनुच्छेद 14
- (C) अनुच्छेद 16
- (D) अनुच्छेद 17
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 14 भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों के तहत ‘समानता के अधिकार’ का आधार है। ‘विधि के समक्ष समानता’ ब्रिटिश अवधारणा है (नकारात्मक अवधारणा – कोई विशेषाधिकार नहीं), जबकि ‘विधियों का समान संरक्षण’ अमेरिकी अवधारणा है (सकारात्मक अवधारणा – समान परिस्थितियों में समान व्यवहार)। अनुच्छेद 15 धर्म, जाति, लिंग के आधार पर भेदभाव रोकता है; अनुच्छेद 16 अवसर की समानता देता है; और अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है।
- भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण’ (Right to Life and Personal Liberty) प्रदान किया गया है, जिसे ‘संविधान का हृदय’ भी कहा जाता है?
- (A) अनुच्छेद 19
- (B) अनुच्छेद 20
- (C) अनुच्छेद 21
- (D) अनुच्छेद 22
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 21 घोषणा करता है कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना वंचित नहीं किया जाएगा। मेनका गांधी मामले (1978) के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इसकी व्याख्या व्यापक की और इसमें ‘गरिमा के साथ जीने का अधिकार’ और ‘निजता का अधिकार’ (पुट्टुस्वामी केस) जैसे कई अधिकारों को जोड़ा। अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित है, जबकि 20 और 22 अपराधों के लिए दोषसिद्धि और गिरफ्तारी से संरक्षण देते हैं।
- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के संदर्भ में, ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 41
- (C) अनुच्छेद 44
- (D) अनुच्छेद 48
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य को यह निर्देश देता है कि वह भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) सुनिश्चित करने का प्रयास करे। यह एक गैर-न्यायसंगत (Non-justiciable) प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि इसके उल्लंघन पर अदालत नहीं जाया जा सकता। अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है, अनुच्छेद 41 काम और शिक्षा के अधिकार से, और अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन से संबंधित है।
- मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?
- (A) वर्मा समिति
- (B) स्वर्ण सिंह समिति
- (C) सरकारिया आयोग
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मौलिक कर्तव्यों को 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर जोड़ा गया था। इन्हें संविधान के भाग IV-A और अनुच्छेद 51A के तहत रखा गया है। प्रारंभ में 10 कर्तव्य थे, लेकिन 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य (शिक्षा का अवसर) जोड़ा गया। सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज पर।
- भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल (Electoral College) में कौन शामिल नहीं होता है?
- (A) संसद के निर्वाचित सदस्य (MPs)
- (B) राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (MLAs)
- (C) दिल्ली और पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- (D) राज्य विधान परिषदों (MLCs) के निर्वाचित सदस्य
उत्तर: (D)
विस्तृत व्याख्या: राष्ट्रपति के चुनाव में केवल ‘निर्वाचित’ सदस्य भाग लेते हैं। इसमें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्य, राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य और केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर) के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। विधान परिषदों (MLCs) के सदस्य, मनोनीत सदस्य और राज्यसभा/लोकसभा के मनोनीत सदस्य इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेते।
- राष्ट्रपति की ‘क्षमादान शक्ति’ (Pardoning Power) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 74
- (D) अनुच्छेद 75
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति देता है। यह शक्ति विशेष रूप से मृत्युदंड के मामलों में महत्वपूर्ण है। अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने से संबंधित है, और अनुच्छेद 75 प्रधानमंत्री की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद के उत्तरदायित्व से संबंधित है।
- भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति के संबंध में कौन सा कथन सही है?
- (A) प्रधानमंत्री का चुनाव लोकसभा सदस्यों द्वारा किया जाता है।
- (B) राष्ट्रपति अपनी इच्छा से किसी भी व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकता है।
- (C) राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है।
- (D) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राज्यसभा के सदस्यों की सहमति से होती है।
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 75 के अनुसार, प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, लेकिन राष्ट्रपति केवल उसी व्यक्ति को नियुक्त करता है जिसे लोकसभा में बहुमत का समर्थन प्राप्त हो। यदि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो राष्ट्रपति अपने विवेक का उपयोग करके सबसे बड़े गठबंधन या दल के नेता को आमंत्रित करता है। प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं होता, बल्कि नियुक्ति होती है।
- राज्यसभा के पास कौन सी विशेष शक्ति है जो लोकसभा के पास नहीं है?
- (A) धन विधेयक को पारित करना।
- (B) बजट पर मतदान करना।
- (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना।
- (D) मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना।
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत, यदि राज्यसभा अपने उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से एक प्रस्ताव पारित करती है कि राज्य सूची का कोई विषय राष्ट्रीय महत्व का है, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है। इसके अलावा, अनुच्छेद 312 के तहत नई अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) के सृजन की शक्ति भी केवल राज्यसभा के पास है। धन विधेयक और अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा से संबंधित हैं।
- लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) के ‘कास्टिंग वोट’ (Casting Vote) का उपयोग वह कब करता है?
- (A) जब वह किसी विधेयक का समर्थन करना चाहता हो।
- (B) जब मतदान में मत बराबर (Tie) हो जाएं।
- (C) जब सदन में कोरम पूरा न हो।
- (D) केवल धन विधेयक के मामले में।
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: लोकसभा अध्यक्ष सामान्यतः मतदान नहीं करता है, लेकिन यदि किसी विषय पर पक्ष और विपक्ष के मत बराबर हो जाते हैं, तो वह ‘निर्णायक मत’ या ‘कास्टिंग वोट’ का उपयोग करता है। यह प्रावधान सदन में गतिरोध को समाप्त करने के लिए है। यह शक्ति किसी विशेष विधेयक (जैसे धन विधेयक) तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी मतदानों पर लागू होती है।
- संसद की ‘लोक लेखा समिति’ (Public Accounts Committee – PAC) का मुख्य कार्य क्या है?
- (A) नए करों का प्रस्ताव करना।
- (B) सरकारी खर्चों और CAG की रिपोर्ट की जांच करना।
- (C) प्रधानमंत्री के भाषण का मसौदा तैयार करना।
- (D) केवल रक्षा बजट की समीक्षा करना।
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: लोक लेखा समिति (PAC) का मुख्य कार्य भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की जांच करना है। यह सुनिश्चित करती है कि संसद द्वारा स्वीकृत धन उसी उद्देश्य के लिए खर्च किया गया है जिसके लिए वह आवंटित था। इसमें 22 सदस्य होते हैं (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा)। यह कर प्रस्ताव या प्रधानमंत्री के भाषण से संबंधित नहीं है।
- ‘विनियोग विधेयक’ (Appropriation Bill) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) सरकार को नए कर लगाने की अनुमति देना।
- (B) भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से धन निकालने की अनुमति देना।
- (C) सरकार के वार्षिक वित्तीय विवरण (Budget) को पारित करना।
- (D) राष्ट्रपति के खर्चों का लेखा-जोखा रखना।
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 114 के अनुसार, संचित निधि से कोई भी धन बिना विनियोग विधेयक के पारित हुए नहीं निकाला जा सकता। यह विधेयक सरकार के खर्चों पर संसद के नियंत्रण को सुनिश्चित करता है। बजट एक व्यापक दस्तावेज है, लेकिन विनियोग विधेयक वह कानूनी उपकरण है जो वास्तव में धन निकासी की अनुमति देता है।
- सुप्रीम कोर्ट के ‘मूल अधिकार क्षेत्र’ (Original Jurisdiction) के अंतर्गत कौन सा मामला आता है?
- (A) किसी उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील।
- (B) केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच विवाद।
- (C) मौलिक अधिकारों का उल्लंघन।
- (D) राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई सलाह।
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 131 के तहत, यदि विवाद केंद्र सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच, या दो या दो से अधिक राज्यों के बीच हो, तो वह सीधे सुप्रीम कोर्ट में जाता है। इसे ‘मूल अधिकार क्षेत्र’ कहते हैं। मौलिक अधिकारों के लिए अनुच्छेद 32 के तहत ‘रिट’ क्षेत्राधिकार होता है, और अपील ‘अपीलीय क्षेत्राधिकार’ के अंतर्गत आती है। राष्ट्रपति की सलाह (अनुच्छेद 143) ‘सलाहकारी क्षेत्राधिकार’ है।
- ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की अवधारणा भारतीय संविधान में किस देश के संविधान से ली गई है?
- (A) ब्रिटेन
- (B) कनाडा
- (C) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
- (D) आयरलैंड
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: न्यायिक समीक्षा की शक्ति अमेरिकी संविधान से प्रेरित है। इसके माध्यम से न्यायपालिका यह जांच करती है कि विधायिका द्वारा बनाया गया कानून या कार्यपालिका का आदेश संविधान के अनुरूप है या नहीं। यदि वह असंवैधानिक पाया जाता है, तो कोर्ट उसे शून्य घोषित कर सकता है। ब्रिटेन में ‘संसदीय संप्रभुता’ है, इसलिए वहां ऐसी व्यापक समीक्षा नहीं है।
- अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय (High Court) की रिट शक्ति, सुप्रीम कोर्ट की अनुच्छेद 32 की शक्ति से किस प्रकार भिन्न है?
- (A) उच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के लिए रिट जारी कर सकता है।
- (B) सुप्रीम कोर्ट का अधिकार क्षेत्र उच्च न्यायालय से कम है।
- (C) उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य कानूनी अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
- (D) दोनों की शक्तियाँ बिल्कुल समान हैं।
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन (Enforcement) के लिए है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ ‘अन्य उद्देश्यों’ (Any other purpose) के लिए भी रिट जारी कर सकता है। इस दृष्टि से उच्च न्यायालय का रिट क्षेत्राधिकार अधिक विस्तृत है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट का अधिकार क्षेत्र पूरे भारत में है जबकि उच्च न्यायालय का केवल अपने राज्य में।
- ‘सरकारिया आयोग’ (Sarkaria Commission) का गठन मुख्य रूप से किस उद्देश्य के लिए किया गया था?
- (A) पंचायती राज के सुधार के लिए।
- (B) केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए।
- (C) चुनाव सुधारों के लिए।
- (D) न्यायिक नियुक्तियों के लिए।
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: 1983 में गठित सरकारिया आयोग का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच संबंधों की समीक्षा करना और उन्हें बेहतर बनाने के सुझाव देना था। आयोग ने राज्यपाल की नियुक्ति, अंतर-राज्य परिषद और अनुच्छेद 356 के सीमित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे। पंचायती राज के लिए बलवंत राय मेहता और चुनाव सुधारों के लिए इंद्रजीत गुप्त समिति प्रसिद्ध हैं।
- जीएसटी परिषद (GST Council) का गठन किस संवैधानिक अनुच्छेद के तहत किया गया है?
- (A) अनुच्छेद 246A
- (B) अनुच्छेद 269A
- (C) अनुच्छेद 279A
- (D) अनुच्छेद 280
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया, जो जीएसटी परिषद के गठन का प्रावधान करता है। यह एक संयुक्त मंच है जहाँ केंद्र और राज्य जीएसटी दरों और नियमों पर निर्णय लेते हैं। अनुच्छेद 280 ‘वित्त आयोग’ (Finance Commission) से संबंधित है।
- भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) की शक्तियों का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
- (A) अनुच्छेद 320
- (B) अनुच्छेद 324
- (C) अनुच्छेद 326
- (D) अनुच्छेद 330
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान करता है। यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है। अनुच्छेद 326 ‘वयस्क मताधिकार’ (Adult Suffrage) से संबंधित है, और अनुच्छेद 320 संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों के कार्यों से संबंधित है।
- भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति और कार्यकाल का वर्णन किस अनुच्छेद में है?
- (A) अनुच्छेद 148
- (B) अनुच्छेद 149
- (C) अनुच्छेद 150
- (D) अनुच्छेद 151
उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 CAG के पद, नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया का विवरण देता है। CAG भारत की संचित निधि, आकस्मिक निधि और सार्वजनिक खाते का संरक्षक होता है। अनुच्छेद 149 CAG के कर्तव्यों और शक्तियों से संबंधित है, जबकि 151 ऑडिट रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण से।
- वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन हर कितने वर्ष बाद राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है?
- (A) 3 वर्ष
- (B) 5 वर्ष
- (C) 6 वर्ष
- (D) 10 वर्ष
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत, राष्ट्रपति प्रत्येक 5 वर्ष की समाप्ति पर (या आवश्यकता पड़ने पर उससे पहले) एक वित्त आयोग का गठन करता है। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण (Vertical and Horizontal Devolution) की सिफारिश करना है।
- 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं में ‘ग्राम सभा’ की अवधारणा को जोड़ा गया। ग्राम सभा का सदस्य कौन होता है?
- (A) केवल पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि।
- (B) गांव का वह व्यक्ति जो सरपंच द्वारा नामित हो।
- (C) गांव की पंचायत सूची में पंजीकृत सभी वयस्क मतदाता।
- (D) केवल शिक्षित वयस्क नागरिक।
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: ग्राम सभा पंचायती राज की आधारशिला है। इसमें गांव के वे सभी लोग शामिल होते हैं जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र का एक उदाहरण है, जहाँ ग्रामीण सीधे विकास कार्यों और बजट पर चर्चा कर सकते हैं।
- नगरपालिकाओं के लिए ‘वार्ड समितियों’ का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?
- (A) अनुच्छेद 243P
- (B) अनुच्छेद 243S
- (C) अनुच्छेद 243ZD
- (D) अनुच्छेद 243ZE
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 243S नगरपालिकाओं में वार्ड समितियों के गठन का प्रावधान करता है, ताकि स्थानीय स्तर पर नागरिक प्रशासन में भाग ले सकें। अनुच्छेद 243P नगरपालिकाओं की परिभाषा देता है, और 243ZE महानगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव से संबंधित है।
- राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा के लिए कौन सा आधार अनुच्छेद 352 के तहत मान्य है?
- (A) केवल बाहरी आक्रमण।
- (B) केवल सशस्त्र विद्रोह।
- (C) केवल आंतरिक अशांति।
- (D) युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह।
उत्तर: (D)
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं यदि भारत की सुरक्षा को युद्ध, बाहरी आक्रमण या ‘सशस्त्र विद्रोह’ (Armed Rebellion) से खतरा हो। ध्यान दें कि 44वें संशोधन (1978) द्वारा ‘आंतरिक अशांति’ शब्द को बदलकर ‘सशस्त्र विद्रोह’ कर दिया गया था ताकि आपातकाल का दुरुपयोग रोका जा सके।
- किस संविधान संशोधन को ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) के नाम से जाना जाता है?
- (A) 24वां संशोधन
- (B) 42वां संशोधन
- (C) 44वां संशोधन
- (D) 73वां संशोधन
उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन (1976) को ‘लघु संविधान’ कहा जाता है क्योंकि इसके माध्यम से संविधान के एक बहुत बड़े हिस्से में व्यापक बदलाव किए गए थे। इसी संशोधन द्वारा प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए थे और मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया था। 44वां संशोधन इसके कई विवादास्पद प्रावधानों को ठीक करने के लिए लाया गया था।
- भारत के संविधान में ‘विधि के शासन’ (Rule of Law) का सिद्धांत किस देश से प्रेरित है?
- (A) अमेरिका
- (B) फ्रांस
- (C) ब्रिटेन
- (D) जर्मनी
उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: ‘विधि का शासन’ (Rule of Law) ए.वी. डायसी द्वारा प्रतिपादित एक ब्रिटिश अवधारणा है, जिसका अर्थ है कि कानून सर्वोच्च है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। यह सिद्धांत भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का मूल आधार है। फ्रांस से ‘गणतंत्र’ और ‘स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व’ के विचार लिए गए हैं।
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