भारतीय राजव्यवस्था और संविधान: आपकी वैचारिक स्पष्टता और तैयारी की अंतिम परीक्षा
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भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की जीवंत आत्मा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए संवैधानिक बारीकियों, नवीनतम न्यायिक व्याख्याओं और शासन ढांचे की गहरी समझ होना अनिवार्य है। यह अभ्यास सेट विशेष रूप से उन गंभीर उम्मीदवारों के लिए तैयार किया गया है जो अपनी तैयारी को एक उच्च स्तर पर ले जाना चाहते हैं और अपनी वैचारिक त्रुटियों को दूर करना चाहते हैं।
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- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द का अर्थ क्या है?\n
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- (A) राज्य का अपना कोई धर्म नहीं है और वह सभी धर्मों से समान दूरी बनाए रखता है।
- (B) राज्य धर्म के विरुद्ध है और किसी भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देता।
- (C) राज्य केवल बहुसंख्यक धर्म को संरक्षण प्रदान करता है।
- (D) राज्य केवल अल्पसंख्यक धर्मों के अधिकारों की रक्षा करता है।
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सही उत्तर: (A)
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\nविस्तृत व्याख्या: भारतीय अवधारणा के अनुसार ‘धर्मनिरपेक्षता’ का अर्थ ‘सर्वधर्म समभाव’ है। इसका मतलब है कि राज्य का अपना कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और वह सभी धर्मों को समान सम्मान और संरक्षण देता है। यह अमेरिकी धर्मनिरपेक्षता (राज्य और धर्म का पूर्ण अलगाव) से भिन्न है। विकल्प (B) गलत है क्योंकि भारत धर्म-विरोधी नहीं है; विकल्प (C) और (D) भेदभावपूर्ण हैं और संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत हैं।
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- किस अनुच्छेद के तहत ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण’ (Protection of Life and Personal Liberty) सुनिश्चित किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 19
- (B) अनुच्छेद 20
- (C) अनुच्छेद 21
- (D) अनुच्छेद 22
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 21 घोषित करता है कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना वंचित नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने ‘मेनका गांधी बनाम भारत संघ’ मामले में इसकी व्यापक व्याख्या करते हुए इसमें ‘गरिमापूर्ण जीवन’ के अधिकार को शामिल किया। अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित है, अनुच्छेद 20 दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण और अनुच्छेद 22 गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान करता है।
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- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) में ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 42
- (C) अनुच्छेद 44
- (D) अनुच्छेद 46
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य को निर्देश देता है कि वह भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) सुनिश्चित करने का प्रयास करे। यह एक गैर-न्यायसंगत (Non-justiciable) प्रावधान है। अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है, अनुच्छेद 42 प्रसूति सहायता से और अनुच्छेद 46 अनुसूचित जातियों/जनजातियों के शैक्षिक और आर्थिक हितों से संबंधित है।
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- मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) स्वर्ण सिंह समिति
- (C) सरकारिया आयोग
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: मौलिक कर्तव्यों को 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A के तहत स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर जोड़ा गया था। मूल रूप से 10 कर्तव्य थे, 11वां कर्तव्य 86वें संशोधन (2002) द्वारा जोड़ा गया। सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज पर।
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- भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में कौन भाग नहीं लेता है?\n
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- (A) संसद के निर्वाचित सदस्य
- (B) राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- (C) राज्य विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य
- (D) दिल्ली और पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 54 के अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें केवल संसद और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। किसी भी सदन के मनोनीत सदस्य (Nominated Members) इस मतदान में भाग नहीं ले सकते। यह लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
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- राष्ट्रपति की ‘क्षमादान शक्ति’ (Pardoning Power) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 73
- (D) अनुच्छेद 74
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति प्रदान करता है। यह शक्ति मृत्युदंड के मामलों में भी लागू होती है। अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने से संबंधित है।
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- भारत के उपराष्ट्रपति का प्राथमिक कार्य क्या है?\n
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- (A) देश का मुख्य कार्यकारी होना
- (B) राज्य सभा के पदेन सभापति के रूप में कार्य करना
- (C) सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति करना
- (D) केवल राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्य करना
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 64 के अनुसार, भारत का उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है। यद्यपि वह राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्य करता है, लेकिन उसका नियमित संवैधानिक कार्य राज्य सभा का संचालन करना है। कार्यकारी शक्तियां राष्ट्रपति में निहित होती हैं।
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- मंत्रिपरिषद का सामूहिक उत्तरदायित्व (Collective Responsibility) किसके प्रति होता है?\n
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- (A) राष्ट्रपति के प्रति
- (B) प्रधानमंत्री के प्रति
- (C) लोकसभा के प्रति
- (D) संसद के दोनों सदनों के प्रति
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 75(3) स्पष्ट करता है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी। इसका अर्थ है कि यदि लोकसभा मंत्रिपरिषद के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ (No-Confidence Motion) पारित करती है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना होगा, चाहे प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत समर्थन प्राप्त हो या न हो।
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- ‘धन विधेयक’ (Money Bill) के संबंध में कौन सा कथन सही है?\n
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- (A) इसे राज्य सभा द्वारा संशोधित या खारिज किया जा सकता है।
- (B) इसे केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
- (C) इसे राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना पेश नहीं किया जा सकता, लेकिन वह इसे वापस भेज सकता है।
- (D) इसे केवल राज्य सभा में पेश किया जा सकता है।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है। राज्य सभा इसे केवल 14 दिनों तक रोक सकती है और केवल सिफारिशें दे सकती है, लेकिन उसे स्वीकार करना लोकसभा के लिए अनिवार्य नहीं है। राष्ट्रपति धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस नहीं भेज सकते क्योंकि यह उनकी पूर्व अनुमति से ही पेश किया जाता है।
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- राज्य सभा को किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार दिया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 245
- (B) अनुच्छेद 248
- (C) अनुच्छेद 249
- (D) अनुच्छेद 250
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्यों के बहुमत से एक प्रस्ताव पारित करती है कि राज्य सूची का कोई विषय राष्ट्रीय हित में है, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है। यह राज्य सभा की एक विशेष शक्ति है जो इसे ‘राज्यों के प्रतिनिधि’ के रूप में सशक्त बनाती है।
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- ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ (Judicial Review) की शक्ति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) संसद द्वारा बनाए गए सभी कानूनों को रद्द करना।
- (B) यह सुनिश्चित करना कि विधायी अधिनियम संविधान के अनुरूप हों।
- (C) राष्ट्रपति के निर्णयों को पूरी तरह से नियंत्रित करना।
- (D) केवल आपराधिक मामलों की सुनवाई करना।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: न्यायिक पुनरावलोकन न्यायपालिका की वह शक्ति है जिसके माध्यम से वह विधायी अधिनियमों और कार्यकारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच करती है। यदि कोई कानून संविधान के किसी प्रावधान (विशेषकर मौलिक अधिकारों) का उल्लंघन करता है, तो न्यायालय उसे शून्य (Void) घोषित कर सकता है। इसका आधार अनुच्छेद 13 है।
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- सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी ‘परमादेश’ (Mandamus) रिट का क्या अर्थ है?\n
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- (A) किसी व्यक्ति को अवैध हिरासत से मुक्त करना।
- (B) किसी निचली अदालत को उच्च अदालत में मामला स्थानांतरित करने का निर्देश देना।
- (C) किसी सार्वजनिक अधिकारी को अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन करने का आदेश देना।
- (D) किसी व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना।
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: ‘परमादेश’ का शाब्दिक अर्थ है ‘हम आदेश देते हैं’। यह रिट तब जारी की जाती है जब कोई सार्वजनिक अधिकारी, निगम या निचली अदालत अपने निर्धारित कानूनी कर्तव्य का पालन करने में विफल रहती है। विकल्प (A) बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) है और विकल्प (B) उत्प्रेषण (Certiorari) है।
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- भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ‘विशेष अनुमति याचिका’ (SLP) किस अनुच्छेद के तहत आती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 131
- (B) अनुच्छेद 136
- (C) अनुच्छेद 137
- (D) अनुच्छेद 141
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 136 सुप्रीम कोर्ट को यह विवेकाधीन शक्ति देता है कि वह किसी भी अदालत या न्यायाधिकरण (Tribunal) के निर्णय के विरुद्ध अपील करने की विशेष अनुमति दे सके। यह एक अत्यंत व्यापक शक्ति है और इसका उपयोग केवल असाधारण परिस्थितियों में किया जाता है।
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- ‘मूल ढांचा’ (Basic Structure) का सिद्धांत सुप्रीम कोर्ट ने किस प्रसिद्ध मामले में प्रतिपादित किया था?\n
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- (A) गोलकनाथ मामला
- (B) मिनर्वा मिल्स मामला
- (C) केशवानंद भारती मामला
- (D) एस. आर. बोम्मई मामला
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: 1973 के केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन तो कर सकती है, लेकिन वह इसके ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती। इसमें लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे तत्व शामिल हैं।
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- केंद्र-राज्य संबंधों के समन्वय के लिए ‘अंतर-राज्य परिषद’ (Inter-State Council) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 262
- (B) अनुच्छेद 263
- (C) अनुच्छेद 265
- (D) अनुच्छेद 267
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को एक अंतर-राज्य परिषद स्थापित करने की शक्ति देता है ताकि राज्यों के बीच विवादों का समाधान हो सके और केंद्र-राज्य समन्वय बढ़े। यह एक संवैधानिक निकाय है। अनुच्छेद 262 जल विवादों के निपटारे से संबंधित है।
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- वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन प्रत्येक पांच वर्ष में किसके द्वारा किया जाता है?\n
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- (A) प्रधानमंत्री
- (B) संसद
- (C) राष्ट्रपति
- (D) नीति आयोग
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत, राष्ट्रपति प्रत्येक पांच वर्ष में (या आवश्यकतानुसार उससे पहले) वित्त आयोग का गठन करते हैं। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण (Vertical and Horizontal Devolution) की सिफारिश करना है।
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- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत होती है और उनका कार्यकाल क्या होता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 148; 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक
- (B) अनुच्छेद 149; 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक
- (C) अनुच्छेद 150; 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक
- (D) अनुच्छेद 151; 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक
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सही उत्तर: (A)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 CAG के पद का प्रावधान करता है। उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है। CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ कहा जाता है।
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- भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) की नियुक्ति के संबंध में कौन सा कथन सही है?\n
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- (A) वह केवल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of President) पद धारण करता है।
- (B) वह संसद का सदस्य होना अनिवार्य है।
- (C) उसकी नियुक्ति संसद के बहुमत द्वारा की जाती है।
- (D) वह सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश होता है।
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सही उत्तर: (A)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 76 के तहत महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है। वह भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है और उसे संसद के दोनों सदनों में बोलने और भाग लेने का अधिकार है, लेकिन मतदान का नहीं।
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- भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) के सदस्यों को उनके पद से कैसे हटाया जा सकता है?\n
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- (A) राष्ट्रपति द्वारा किसी भी समय।
- (B) प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा।
- (C) उसी प्रक्रिया से जिससे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
- (D) केवल लोकसभा के बहुमत द्वारा।
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 के तहत, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) को उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को (यानी संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के बाद राष्ट्रपति द्वारा)। अन्य चुनाव आयुक्तों को CEC की सिफारिश पर हटाया जाता है।
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- 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 किससे संबंधित है?\n
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- (A) नगरपालिकाओं के सशक्तिकरण से
- (B) पंचायती राज संस्थाओं के संवैधानिक प्रावधानों से
- (C) मौलिक कर्तव्यों के समावेश से
- (D) दलबदल विरोधी कानून से
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसने पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। 74वां संशोधन शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) से संबंधित है।
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- PESA अधिनियम (1996) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) शहरी क्षेत्रों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना।
- (B) अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को स्वशासन की शक्ति देना।
- (C) केंद्र सरकार को राज्यों पर अधिक नियंत्रण देना।
- (D) केवल सांसदों के विशेषाधिकारों की रक्षा करना।
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सही उत्तर: (B)
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\nविस्तृत व्याख्या: PESA (Panchayats Extension to Scheduled Areas) एक्ट का उद्देश्य पंचायती राज व्यवस्था को अनुसूचित क्षेत्रों (Scheduled Areas) तक विस्तारित करना और वहां की ग्राम सभाओं को प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए सशक्त बनाना है।
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- राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 365
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सही उत्तर: (A)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं। अनुच्छेद 356 ‘राष्ट्रपति शासन’ (राज्य आपातकाल) और अनुच्छेद 360 ‘वित्तीय आपातकाल’ से संबंधित है।
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- 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा किस अधिकार को ‘मौलिक अधिकार’ की सूची से हटाकर ‘कानूनी अधिकार’ बना दिया गया?\n
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- (A) समानता का अधिकार
- (B) शिक्षा का अधिकार
- (C) संपत्ति का अधिकार
- (D) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: 44वें संशोधन ने अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31 को निरस्त कर दिया और संपत्ति के अधिकार को अनुच्छेद 300A के तहत एक संवैधानिक/कानूनी अधिकार बना दिया। यह संशोधन आपातकाल के बाद लोकतांत्रिक अधिकारों को बहाल करने के लिए लाया गया था।
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- संसद के ‘संयुक्त सत्र’ (Joint Sitting) की अध्यक्षता कौन करता है?\n
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- (A) भारत का राष्ट्रपति
- (B) भारत का उपराष्ट्रपति
- (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)
- (D) राज्य सभा का सभापति
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सही उत्तर: (C)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 108 के तहत जब दोनों सदनों में गतिरोध होता है, तो राष्ट्रपति संयुक्त सत्र बुलाते हैं, लेकिन इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) करते हैं। यदि स्पीकर अनुपस्थित हो, तो उपाध्यक्ष और उसके बाद राज्य सभा के उपसभापति अध्यक्षता करते हैं। ध्यान रहे, राज्य सभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त सत्र की अध्यक्षता नहीं करता।
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- संविधान के किस अनुच्छेद को डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने ‘संविधान की हृदय और आत्मा’ कहा था?\n
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- (A) अनुच्छेद 14
- (B) अनुच्छेद 19
- (C) अनुच्छेद 21
- (D) अनुच्छेद 32
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सही उत्तर: (D)
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\nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) को अंबेडकर जी ने ‘हृदय और आत्मा’ कहा था क्योंकि यह नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है। बिना उपचार के अधिकार अर्थहीन हैं।
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