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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान: वैचारिक स्पष्टता और उच्च-स्तरीय अभ्यास सेट

भारतीय संविधान की गहराई को समझें: एक व्यापक अभ्यास सेट

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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवंत लोकतंत्र की आत्मा और मार्गदर्शक सिद्धांत है। UPSC, SSC और State PSC जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों, संशोधनों और ऐतिहासिक न्यायिक निर्णयों की सटीक समझ होना अनिवार्य है। यह क्विज़ आपकी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करने और आपको परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी तैयारी को चुनौती दें!

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  1. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किस सिद्धांत का प्रतिपादन किया था?\n
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    • (A) न्यायिक सक्रियता का सिद्धांत
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    • (B) बुनियादी ढांचे (Basic Structure) का सिद्धांत
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    • (C) विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का सिद्धांत
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    • (D) पूर्ण प्रभुसत्ता का सिद्धांत
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    \nसही उत्तर: (B) बुनियादी ढांचे (Basic Structure) का सिद्धांत\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: 1973 के इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन तो कर सकती है, लेकिन वह इसके ‘मूल ढांचे’ या ‘बुनियादी ढांचे’ को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती।
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    • संदर्भ: यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र की सर्वोच्चता और न्यायपालिका की समीक्षा शक्ति को सुरक्षित रखने के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
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    • अन्य विकल्प: विकल्प (C) ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ (Procedure established by law) मुख्य रूप से अनुच्छेद 21 से संबंधित है, जबकि विकल्प (A) न्यायाधीशों द्वारा सामाजिक सुधारों के लिए हस्तक्षेप को दर्शाता है।
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  3. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़े गए थे?\n
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    • (A) 44वां संशोधन अधिनियम
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    • (B) 52वां संशोधन अधिनियम
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    • (C) 42वां संशोधन अधिनियम
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    • (D) 61वां संशोधन अधिनियम
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    \nसही उत्तर: (C) 42वां संशोधन अधिनियम\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए: ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity)।
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    • संदर्भ: इस संशोधन को ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) भी कहा जाता है क्योंकि इसने संविधान में व्यापक बदलाव किए थे।
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    • अन्य विकल्प: विकल्प (A) 44वें संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को कानूनी अधिकार बनाया। विकल्प (B) 52वां संशोधन दल-बदल विरोधी कानून से संबंधित है।
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  5. निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद ‘निजता के अधिकार’ (Right to Privacy) को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता देता है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 14
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    • (B) अनुच्छेद 19
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    • (C) अनुच्छेद 21
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    • (D) अनुच्छेद 25
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    \nसही उत्तर: (C) अनुच्छेद 21\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (2017) मामले में सुप्रीम कोर्ट की 9 न्यायाधीशों की बेंच ने घोषित किया कि ‘निजता का अधिकार’ अनुच्छेद 21 के तहत ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण’ का हिस्सा है।
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    • संदर्भ: यह निर्णय डिजिटल युग में व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार है, अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, और अनुच्छेद 25 धर्म की स्वतंत्रता से संबंधित है।
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  7. रिट (Writ) जारी करने की शक्ति के संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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    • (A) केवल सुप्रीम कोर्ट रिट जारी कर सकता है।
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    • (B) हाई कोर्ट का रिट क्षेत्राधिकार सुप्रीम कोर्ट से व्यापक है।
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    • (C) सुप्रीम कोर्ट का रिट क्षेत्राधिकार हाई कोर्ट से अधिक व्यापक है।
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    • (D) दोनों की शक्तियां बिल्कुल समान हैं।
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    \nसही उत्तर: (B) हाई कोर्ट का रिट क्षेत्राधिकार सुप्रीम कोर्ट से व्यापक है।\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: सुप्रीम कोर्ट (अनुच्छेद 32) केवल मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए रिट जारी करता है, जबकि हाई कोर्ट (अनुच्छेद 226) मौलिक अधिकारों के साथ-साथ ‘अन्य कानूनी उद्देश्यों’ के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
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    • संदर्भ: अनुच्छेद 32 को बी.आर. अंबेडकर ने ‘संविधान की आत्मा’ कहा था क्योंकि यह मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन की गारंटी देता है।
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    • अन्य विकल्प: विकल्प (C) गलत है क्योंकि SC केवल मौलिक अधिकारों तक सीमित है।
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  9. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) से संबंधित है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 40
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    • (B) अनुच्छेद 44
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    • (C) अनुच्छेद 48
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 51
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    \nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 44\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के तहत राज्य को निर्देश देता है कि वह पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करे।
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    • संदर्भ: यह व्यक्तिगत कानूनों (विवाह, तलाक, उत्तराधिकार) को एक साझा कानून में बदलने की अवधारणा है।
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    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है, अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन से, और अनुच्छेद 51 अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से संबंधित है।
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  11. मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को किस समिति की सिफारिश पर संविधान में शामिल किया गया था?\n
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    • (A) वर्मा समिति
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    • (B) सरकारिया आयोग
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    • (C) स्वर्ण सिंह समिति
    • \n

    • (D) बलवंत राय मेहता समिति
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    \nसही उत्तर: (C) स्वर्ण सिंह समिति\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया।
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    • संदर्भ: मूल संविधान में मौलिक कर्तव्य नहीं थे; इन्हें नागरिकों की जिम्मेदारियों को याद दिलाने के लिए जोड़ा गया।
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    • अन्य विकल्प: सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था, और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज पर थी।
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  12. \n\n

  13. राष्ट्रपति की ‘पॉकेट वीटो’ (Pocket Veto) शक्ति का अर्थ क्या है?\n
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    • (A) विधेयक को पूरी तरह खारिज कर देना।
    • \n

    • (B) विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस भेजना।
    • \n

    • (C) विधेयक पर अनिश्चित काल तक कोई निर्णय न लेना।
    • \n

    • (D) विधेयक को सीधे सुप्रीम कोर्ट भेजना।
    • \n

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    \nसही उत्तर: (C) विधेयक पर अनिश्चित काल तक कोई निर्णय न लेना।\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: भारतीय राष्ट्रपति के पास विधेयक को स्वीकार करने, वापस भेजने या उसे लंबित रखने की शक्ति होती है। जब वह विधेयक पर न तो सहमति देते हैं और न ही उसे वापस करते हैं, तो इसे ‘पॉकेट वीटो’ कहा जाता है।
    • \n

    • संदर्भ: अमेरिकी राष्ट्रपति के पास औपचारिक वीटो शक्तियां हैं, लेकिन भारतीय राष्ट्रपति की यह शक्ति संविधान में स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं है, बल्कि व्यवहार में उपयोग की जाती है।
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    • अन्य विकल्प: विकल्प (B) ‘निलंबनकारी वीटो’ (Suspensive Veto) कहलाता है।
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  14. \n\n

  15. संविधान का अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को कौन सी शक्ति प्रदान करता है?\n
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    • (A) क्षमादान की शक्ति
    • \n

    • (B) अध्यादेश जारी करने की शक्ति
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    • (C) आपातकाल घोषित करने की शक्ति
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    • (D) चुनाव कराने की शक्ति
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    \nसही उत्तर: (B) अध्यादेश जारी करने की शक्ति\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: अनुच्छेद 123 के तहत, जब संसद का सत्र नहीं चल रहा हो और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो, तो राष्ट्रपति अध्यादेश (Ordinance) जारी कर सकते हैं, जिसकी शक्ति अधिनियम के समान होती है।
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    • संदर्भ: अध्यादेश को संसद के पुनः सत्र शुरू होने के 6 सप्ताह के भीतर अनुमोदित होना चाहिए, अन्यथा यह समाप्त हो जाता है।
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    • अन्य विकल्प: क्षमादान की शक्ति अनुच्छेद 72 में है, और आपातकाल अनुच्छेद 352-360 में है।
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  17. मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?\n
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    • (A) राष्ट्रपति के प्रति
    • \n

    • (B) प्रधानमंत्री के प्रति
    • \n

    • (C) लोकसभा के प्रति
    • \n

    • (D) संसद के दोनों सदनों के प्रति
    • \n

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    \nसही उत्तर: (C) लोकसभा के प्रति\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: अनुच्छेद 75(3) स्पष्ट करता है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा (निचले सदन) के प्रति उत्तरदायी होगी। यदि लोकसभा में ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पारित हो जाता है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।
    • \n

    • संदर्भ: यह संसदीय लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है, जहाँ कार्यपालिका विधायिका के प्रति जवाबदेह होती है।
    • \n

    • अन्य विकल्प: राष्ट्रपति औपचारिक प्रमुख होते हैं, लेकिन वास्तविक जवाबदेही जनता द्वारा चुने गए सदन (लोकसभा) के प्रति होती है।
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  18. \n\n

  19. राज्यसभा की वह कौन सी विशेष शक्ति है जो लोकसभा के पास नहीं है?\n
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    • (A) धन विधेयक पारित करना
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    • (B) बजट पर मतदान करना
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    • (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना
    • \n

    • (D) प्रधानमंत्री का चयन करना
    • \n

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    \nसही उत्तर: (C) अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देना\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: यदि राज्यसभा अपने दो-तिहाई बहुमत से एक प्रस्ताव पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में राज्य सूची का कोई विषय संसद के अधिकार क्षेत्र में होना चाहिए, तो संसद उस पर कानून बना सकती है।
    • \n

    • संदर्भ: यह राज्यसभा को राज्यों के प्रतिनिधि के रूप में एक शक्तिशाली भूमिका प्रदान करता है।
    • \n

    • अन्य विकल्प: धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और लोकसभा का इस पर अंतिम निर्णय होता है।
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  21. धन विधेयक (Money Bill) की परिभाषा संविधान के किस अनुच्छेद में दी गई है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 108
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    • (B) अनुच्छेद 110
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    • (C) अनुच्छेद 112
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 123
    • \n

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    \nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 110\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक वह है जिसमें केवल कराधान, सरकारी उधार, या संचित निधि से धन निकालने जैसे प्रावधान हों।
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    • संदर्भ: धन विधेयक के संबंध में लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) का निर्णय अंतिम होता है कि कोई विधेयक ‘धन विधेयक’ है या नहीं।
    • \n

    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 108 संयुक्त बैठक (Joint Sitting) से संबंधित है और अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) से संबंधित है।
    • \n

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  22. \n\n

  23. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की अध्यक्षता कौन करता है?\n
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    • (A) भारत का राष्ट्रपति
    • \n

    • (B) भारत का उपराष्ट्रपति
    • \n

    • (C) लोकसभा अध्यक्ष
    • \n

    • (D) राज्यसभा का सभापति
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    \nसही उत्तर: (C) लोकसभा अध्यक्ष\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: अनुच्छेद 108 के तहत जब दोनों सदनों के बीच गतिरोध होता है, तो राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाते हैं, लेकिन इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) करते हैं।
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    • संदर्भ: यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उपाध्यक्ष और उसके बाद राज्यसभा का उप-सभापति अध्यक्षता करता है।
    • \n

    • अन्य विकल्प: राष्ट्रपति बैठक बुलाते हैं, अध्यक्षता नहीं करते। राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता।
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  24. \n\n

  25. ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की शक्ति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) संसद के कानूनों को पूरी तरह रोकना
    • \n

    • (B) कार्यपालिका के निर्णयों को नियंत्रित करना
    • \n

    • (C) यह सुनिश्चित करना कि कोई भी कानून संविधान का उल्लंघन न करे
    • \n

    • (D) न्यायाधीशों की नियुक्ति करना
    • \n

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    \nसही उत्तर: (C) यह सुनिश्चित करना कि कोई भी कानून संविधान का उल्लंघन न करे\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

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    • कारण: न्यायिक समीक्षा न्यायपालिका की वह शक्ति है जिसके माध्यम से वह विधायिका द्वारा पारित कानूनों और कार्यपालिका के आदेशों की संवैधानिकता की जाँच करती है। यदि वे संविधान के विरुद्ध पाए जाते हैं, तो उन्हें ‘शून्य’ (Void) घोषित किया जा सकता है।
    • \n

    • संदर्भ: यह शक्ति अनुच्छेद 13, 32 और 226 से प्राप्त होती है।
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    • अन्य विकल्प: इसका उद्देश्य कानून रोकना नहीं, बल्कि उसे संविधान के अनुरूप बनाना है।
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  26. \n\n

  27. भारत में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए ‘कॉलेजियम प्रणाली’ (Collegium System) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) राष्ट्रपति द्वारा सीधी नियुक्ति
    • \n

    • (B) प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की संयुक्त समिति
    • \n

    • (C) वरिष्ठतम न्यायाधीशों का एक समूह जो नियुक्तियों की सिफारिश करता है
    • \n

    • (D) संसद द्वारा निर्वाचित एक पैनल
    • \n

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    \nसही उत्तर: (C) वरिष्ठतम न्यायाधीशों का एक समूह जो नियुक्तियों की सिफारिश करता है\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: कॉलेजियम प्रणाली में CJI और सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश मिलकर न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण की सिफारिश करते हैं।
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    • संदर्भ: यह प्रणाली किसी संवैधानिक अनुच्छेद में नहीं है, बल्कि ‘थ्री जज केसेस’ (Three Judges Cases) के माध्यम से विकसित हुई है।
    • \n

    • अन्य विकल्प: भारत में न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, लेकिन वे कॉलेजियम की सिफारिशों पर ही काम करते हैं।
    • \n

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  28. \n\n

  29. सुप्रीम कोर्ट का ‘मूल क्षेत्राधिकार’ (Original Jurisdiction) किस अनुच्छेद के तहत आता है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 131
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 136
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 141
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 143
    • \n

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    \nसही उत्तर: (A) अनुच्छेद 131\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: अनुच्छेद 131 के तहत, केंद्र और राज्यों के बीच विवाद या दो या अधिक राज्यों के बीच विवादों की सुनवाई सीधे सुप्रीम कोर्ट में होती है।
    • \n

    • संदर्भ: इसे ‘मूल क्षेत्राधिकार’ इसलिए कहते हैं क्योंकि यह मामला किसी निचली अदालत में नहीं जाता।
    • \n

    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई सलाह (Advisory Jurisdiction) से संबंधित है।
    • \n

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  30. \n\n

  31. केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए गठित ‘सरकारिया आयोग’ (Sarkaria Commission) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
      \n

    • (A) राज्यों की वित्तीय स्थिति सुधारना
    • \n

    • (B) केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत करना और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना
    • \n

    • (C) केवल राज्यपाल की भूमिका की जांच करना
    • \n

    • (D) पंचायती राज को लागू करना
    • \n

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    \nसही उत्तर: (B) केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत करना और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: 1983 में गठित इस आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव को कम करने और समन्वय बढ़ाने के लिए कई सिफारिशें दीं।
    • \n

    • संदर्भ: आयोग ने राज्यपाल की नियुक्ति में मुख्यमंत्री की सलाह लेने और अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council) को प्रभावी बनाने का सुझाव दिया था।
    • \n

    • अन्य विकल्प: विकल्प (A) मुख्य रूप से वित्त आयोग का कार्य है।
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  32. \n\n

  33. जीएसटी परिषद (GST Council) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया गया है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 246A
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 279A
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 280
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 300A
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 279A\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: 101वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया, जिसके तहत GST परिषद का गठन किया गया।
    • \n

    • संदर्भ: यह एक संवैधानिक निकाय है जिसमें केंद्र और सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं।
    • \n

    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है।
    • \n

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    \n

  34. \n\n

  35. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत होती है?\n
      \n

    • (A) अनुच्छेद 143
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 148
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 151
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 165
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 148\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: अनुच्छेद 148 के तहत CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ (Guardian of Public Purse) कहा जाता है।
    • \n

    • संदर्भ: CAG भारत की संचित निधि, आकस्मिकता निधि और सार्वजनिक खाते का लेखा परीक्षण (Audit) करता है।
    • \n

    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 151 CAG की रिपोर्ट प्रस्तुत करने से संबंधित है।
    • \n

    \n

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  36. \n\n

  37. मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) की नियुक्ति और कार्यकाल का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
      \n

    • (A) अनुच्छेद 320
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 324
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 326
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 329
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 324\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग (Election Commission) को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति देता है।
    • \n

    • संदर्भ: भारत में चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक निकाय है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है।
    • \n

    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 326 ‘वयस्क मताधिकार’ (Adult Suffrage) से संबंधित है।
    • \n

    \n

    \n

  38. \n\n

  39. भारत के वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन हर कितने वर्ष बाद किया जाता है?\n
      \n

    • (A) प्रत्येक 3 वर्ष बाद
    • \n

    • (B) प्रत्येक 4 वर्ष बाद
    • \n

    • (C) प्रत्येक 5 वर्ष बाद
    • \n

    • (D) राष्ट्रपति की इच्छा पर कभी भी
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (C) प्रत्येक 5 वर्ष बाद\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति हर पांच साल में एक वित्त आयोग का गठन करते हैं।
    • \n

    • संदर्भ: इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण (Tax Devolution) का सुझाव देना है।
    • \n

    • अन्य विकल्प: वित्त आयोग एक अर्ध-न्यायिक निकाय है और इसकी सिफारिशें केवल सलाहकार प्रकृति की होती हैं।
    • \n

    \n

    \n

  40. \n\n

  41. 73वां संविधान संशोधन अधिनियम (1992) मुख्य रूप से किससे संबंधित है?\n
      \n

    • (A) नगरपालिका शासन
    • \n

    • (B) पंचायती राज संस्थाएं
    • \n

    • (C) दल-बदल कानून
    • \n

    • (D) मौलिक कर्तव्यों का समावेश
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) पंचायती राज संस्थाएं\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: 73वें संशोधन द्वारा संविधान में ‘भाग IX’ और ’11वीं अनुसूची’ जोड़ी गई, जिसने पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया।
    • \n

    • संदर्भ: इसने त्रि-स्तरीय ढांचा (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद) अनिवार्य किया।
    • \n

    • अन्य विकल्प: 74वां संशोधन नगरपालिकाओं से संबंधित है।
    • \n

    \n

    \n

  42. \n\n

  43. नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन अधिनियम के माध्यम से मिला?\n
      \n

    • (A) 72वां संशोधन
    • \n

    • (B) 73वां संशोधन
    • \n

    • (C) 74वां संशोधन
    • \n

    • (D) 75वां संशोधन
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (C) 74वां संशोधन\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: 74वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) द्वारा ‘भाग IX-A’ और ’12वीं अनुसूची’ जोड़ी गई, जिससे शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक मान्यता मिली।
    • \n

    • संदर्भ: इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना था।
    • \n

    • अन्य विकल्प: विकल्प (B) ग्रामीण क्षेत्रों (पंचायतों) के लिए था।
    • \n

    \n

    \n

  44. \n\n

  45. राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
      \n

    • (A) अनुच्छेद 352
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 356
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 360
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 368
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह (Armed Rebellion) के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकते हैं।
    • \n

    • संदर्भ: 44वें संशोधन ने ‘आंतरिक अशांति’ शब्द को ‘सशस्त्र विद्रोह’ से बदल दिया ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके।
    • \n

    • अन्य विकल्प: अनुच्छेद 356 ‘राष्ट्रपति शासन’ और अनुच्छेद 360 ‘वित्तीय आपातकाल’ से संबंधित है।
    • \n

    \n

    \n

  46. \n\n

  47. भारत में अब तक कितनी बार ‘वित्तीय आपातकाल’ (Financial Emergency) लगाया गया है?\n
      \n

    • (A) एक बार
    • \n

    • (B) दो बार
    • \n

    • (C) तीन बार
    • \n

    • (D) एक बार भी नहीं
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (D) एक बार भी नहीं\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल की घोषणा की जा सकती है, लेकिन भारत के इतिहास में आज तक एक बार भी वित्तीय आपातकाल नहीं लगाया गया है।
    • \n

    • संदर्भ: 1991 के आर्थिक संकट के दौरान भी भारत ने इस प्रावधान का उपयोग नहीं किया।
    • \n

    • अन्य विकल्प: राष्ट्रीय आपातकाल (352) तीन बार और राष्ट्रपति शासन (356) कई बार लगाया गया है।
    • \n

    \n

    \n

  48. \n\n

  49. 101वां संविधान संशोधन अधिनियम किस महत्वपूर्ण कर सुधार से संबंधित है?\n
      \n

    • (A) प्रत्यक्ष कर कोड
    • \n

    • (B) वस्तु एवं सेवा कर (GST)
    • \n

    • (C) कृषि आय कर
    • \n

    • (D) निगम कर सुधार
    • \n

    \n

    \nसही उत्तर: (B) वस्तु एवं सेवा कर (GST)\n
    \nविस्तृत व्याख्या:\n

      \n

    • कारण: 101वें संशोधन (2016) द्वारा भारत में ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की अवधारणा के तहत GST लागू किया गया।
    • \n

    • संदर्भ: इसने कई अप्रत्यक्ष करों (जैसे VAT, Excise Duty, Service Tax) को समाप्त कर एक एकीकृत कर प्रणाली बनाई।
    • \n

    • अन्य विकल्प: GST एक अप्रत्यक्ष कर है, जबकि विकल्प (A) और (C) प्रत्यक्ष करों से संबंधित हैं।
    • \n

    \n

    \n

  50. \n

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टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करने के बाद, संबंधित अनुच्छेदों को लक्ष्मीकांत या एनसीईआरटी की पुस्तकों से पुनः पढ़ें ताकि आपकी वैचारिक समझ और गहरी हो सके। शुभकामनाएँ!

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