समय के गलियारों में एक यात्रा: इतिहास का व्यापक अभ्यास सेट
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समय के गलियारों में एक यात्रा पर चलें, जहाँ अतीत की घटनाएँ आज के भविष्य को आकार देती हैं। क्या आप अपनी ऐतिहासिक समझ को चुनौती देने और अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं? आइए, इस गहन अभ्यास सेट के माध्यम से प्राचीन सभ्यताओं के रहस्यों से लेकर आधुनिक युग की क्रांतियों तक के सफर पर निकलें और अपने ज्ञान का परीक्षण करें।
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं?\n
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- (A) हड़प्पा
- (B) मोहनजोदड़ो
- (C) लोथल
- (D) कालीबंगा
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सही उत्तर: (C) लोथल
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\n विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक विशाल ईंटों से बनी गोदी (Dockyard) मिली है, जो यह साबित करती है कि उस समय मेसोपोटामिया जैसी बाहरी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार उन्नत था। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो मुख्य रूप से प्रशासनिक और आवासीय केंद्र थे, जबकि कालीबंगा अपने जुते हुए खेतों के लिए जाना जाता है।\n
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- ऋग्वेद में ‘दशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) किस नदी के तट पर लड़ा गया था?\n
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- (A) सिंधु नदी
- (B) परुष्णी (रावी) नदी
- (C) वितस्ता (झेलम) नदी
- (D) सरस्वती नदी
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सही उत्तर: (B) परुष्णी (रावी) नदी
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\n विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 7वें मंडल में दशराज्ञ युद्ध का वर्णन है, जो भरत कबीले के राजा सुदास और दस अन्य कबीलों के संघ के बीच परुष्णी (आधुनिक रावी) नदी के तट पर लड़ा गया था। इस युद्ध में राजा सुदास की विजय हुई, जिसने आर्यों के राजनीतिक एकीकरण की नींव रखी।\n
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- चौथी बौद्ध संगीति (Council) का आयोजन किसके शासनकाल में हुआ था?\n
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- (A) अजातशत्रु
- (B) कालशोक
- (C) अशोक
- (D) कनिष्क
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सही उत्तर: (D) कनिष्क
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\n विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण राजा कनिष्क के समय में कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी। इसी संगीति में बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ नामक दो प्रमुख संप्रदायों में विभाजित हो गया। पहली संगीति अजातशत्रु, दूसरी कालशोक और तीसरी सम्राट अशोक के समय हुई थी।\n
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- मौर्य काल में ‘धम्म महामात्रों’ की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) सीमा सुरक्षा को मजबूत करना
- (B) राजस्व संग्रह में वृद्धि करना
- (C) धम्म के प्रचार-प्रसार और नैतिक उत्थान को बढ़ावा देना
- (D) जासूसी तंत्र का संचालन करना
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सही उत्तर: (C) धम्म के प्रचार-प्रसार और नैतिक उत्थान को बढ़ावा देना
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\n विस्तृत व्याख्या: सम्राट अशोक ने अपने शासन के 13वें वर्ष में ‘धम्म महामात्रों’ नामक विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की। इनका कार्य समाज में नैतिक मूल्यों का प्रसार करना, धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देना और विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखना था।\n
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- गुप्त काल के दौरान किस विद्वान ने ‘अर्यभट्टीय’ की रचना की थी, जिसमें पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने का सिद्धांत दिया गया?\n
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- (A) वराहमिहिर
- (B) ब्रह्मगुप्त
- (C) आर्यभट्ट
- (D) भास्कर प्रथम
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सही उत्तर: (C) आर्यभट्ट
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\n विस्तृत व्याख्या: आर्यभट्ट गुप्त काल के महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ थे। उन्होंने ‘अर्यभट्टीय’ में बताया कि पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर घूमती है, जिससे दिन और रात होते हैं। उन्होंने शून्य की अवधारणा और पाई ($\pi$) का सटीक मान देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।\n
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- चोल प्रशासन की सबसे विशिष्ट विशेषता क्या थी?\n
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- (A) केंद्रीकृत नौकरशाही
- (B) मजबूत ग्रामीण स्वायत्तता (Village Autonomy)
- (C) सामंती भू-स्वामित्व
- (D) सैन्य शासन
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सही उत्तर: (B) मजबूत ग्रामीण स्वायत्तता (Village Autonomy)
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\n विस्तृत व्याख्या: चोल प्रशासन अपनी स्थानीय स्वशासन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध था। उत्तरमेरुर शिलालेख से पता चलता है कि ग्राम सभाएँ (उर और सभा) स्वायत्त थीं और सदस्यों का चुनाव लॉटरी पद्धति (कुडावोलाई) से किया जाता था। यह प्राचीन भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों का एक अनूठा उदाहरण था।\n
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- प्राचीन भारत में ‘श्रेणी’ (Guild) शब्द का क्या अर्थ था?\n
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- (A) एक सैन्य टुकड़ी
- (B) एक प्रकार का कर
- (C) व्यापारियों और शिल्पकारों का व्यावसायिक संगठन
- (D) राजा के निजी सलाहकार
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सही उत्तर: (C) व्यापारियों और शिल्पकारों का व्यावसायिक संगठन
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\n विस्तृत व्याख्या: मौर्य और गुप्त काल में ‘श्रेणी’ समान व्यवसाय करने वाले लोगों के संघ को कहा जाता था। ये श्रेणियाँ वस्तुओं की गुणवत्ता, मूल्य निर्धारण और सदस्यों के कल्याण का ध्यान रखती थीं, साथ ही बैंकों के रूप में जमा राशि भी स्वीकार करती थीं।\n
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) गयासुद्दीन तुगलक
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) फिरोज शाह तुगलक
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सही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी
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\n विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और सख्त बाजार नियंत्रण लागू किया। उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी की नियुक्ति की ताकि जमाखोरी रोकी जा सके और कीमतें स्थिर रहें।\n
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- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक ग्रंथ की रचना की?\n
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- (A) हरिहर I
- (B) बुक्का I
- (C) कृष्णदेव राय
- (D) अच्युत राय
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सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय
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\n विस्तृत व्याख्या: तुलुव वंश के महान शासक कृष्णदेव राय न केवल एक कुशल योद्धा थे, बल्कि साहित्य के संरक्षक भी थे। उन्होंने तेलुगु भाषा में ‘अमुक्तमाल्यद’ लिखा, जो राजनीति और शासन कला पर आधारित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। उनके दरबार को ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) की शोभा प्राप्त थी।\n
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- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ का मुख्य आधार क्या था?\n
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- (A) केवल धार्मिक निष्ठा
- (B) जात और वंश
- (C) सैन्य रैंक और वेतन (जात और सवार)
- (D) केवल कृषि उत्पादन
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सही उत्तर: (C) सैन्य रैंक और वेतन (जात और सवार)
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\n विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी एक प्रशासनिक व्यवस्था थी जिसमें ‘जात’ अधिकारी के व्यक्तिगत पद और वेतन को दर्शाता था, जबकि ‘सवार’ उसके द्वारा रखे जाने वाले घुड़सवारों की संख्या को। यह प्रणाली योग्यता पर आधारित थी और मुगल साम्राज्य के सैन्य और नागरिक प्रशासन को जोड़ने का काम करती थी।\n
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- भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘बीजक’ के माध्यम से समाज में व्याप्त आडंबरों का विरोध किया?\n
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- (A) गुरु नानक देव
- (B) संत कबीर
- (C) संत तुकाराम
- (D) मीराबाई
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सही उत्तर: (B) संत कबीर
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\n विस्तृत व्याख्या: संत कबीर दास ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर बल दिया और मूर्ति पूजा व कर्मकांडों का कड़ा विरोध किया। उनकी शिक्षाएं ‘बीजक’ (साखी, सबद, रमैनी) में संकलित हैं। कबीर ने ईश्वर की निराकार उपासना का संदेश दिया।\n
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- शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित ‘अष्टप्रधान’ परिषद में ‘पेशवा’ का क्या कार्य था?\n
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- (A) धार्मिक मामलों का प्रबंधन
- (B) विदेश मंत्रालय का संचालन
- (C) प्रधानमंत्री के रूप में सामान्य प्रशासन का प्रबंधन
- (D) सेना का मुख्य सेनापति होना
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सही उत्तर: (C) प्रधानमंत्री के रूप में सामान्य प्रशासन का प्रबंधन
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\n विस्तृत व्याख्या: शिवाजी के अष्टप्रधान मंडल में ‘पेशवा’ सबसे महत्वपूर्ण पद था, जो आधुनिक प्रधानमंत्री की तरह कार्य करता था। वह राजा की अनुपस्थिति में प्रशासन का संचालन करता था और सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता था।\n
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- सल्तनत काल में ‘इक्ता प्रणाली’ (Iqta System) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) कृषि विस्तार करना
- (B) वेतन के बदले भूमि अनुदान देकर प्रशासन चलाना
- (C) धार्मिक संस्थानों को दान देना
- (D) केवल व्यापार को बढ़ावा देना
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सही उत्तर: (B) वेतन के बदले भूमि अनुदान देकर प्रशासन चलाना
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\n विस्तृत व्याख्या: इल्तुतमिश ने इक्ता प्रणाली को व्यवस्थित किया। इसके तहत अधिकारियों (मुक्ति या वली) को वेतन के बदले भूमि का एक क्षेत्र (इक्ता) दिया जाता था, जिससे वे वहां से राजस्व एकत्र करते थे और बदले में प्रशासन एवं सैन्य सहायता प्रदान करते थे।\n
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- मुगल काल में ‘जज़िया कर’ को किस सम्राट ने समाप्त कर दिया था?\n
- \n (A) हुमायूँ\n (B) अकबर\n (C) जहांगीर\n (D) शाहजहाँ\n
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सही उत्तर: (B) अकबर
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\n विस्तृत व्याख्या: अकबर ने अपनी उदार नीति और ‘सुलह-ए-कुल’ (सार्वभौमिक शांति) के सिद्धांत के तहत 1564 ई. में गैर-मुसलमानों पर लगाए जाने वाले ‘जज़िया कर’ को समाप्त कर दिया था, ताकि साम्राज्य में सभी धर्मों के लोग समान महसूस करें।\n
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- प्लासी के युद्ध (1757) के बाद अंग्रेजों ने बंगाल के किस नवाब को अपना ‘कठपुतली’ शासक बनाया?\n
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- (A) सिराजुद्दौला
- (B) मीर जाफर
- (C) मीर कासिम
- (D) अलीवर्दी खान
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सही उत्तर: (B) मीर जाफर
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\n विस्तृत व्याख्या: प्लासी के युद्ध में मीर जाफर ने सिराजुद्दौला के साथ विश्वासघात किया, जिसके कारण अंग्रेजों (रॉबर्ट क्लाइव) की जीत हुई। अंग्रेजों ने मीर जाफर को बंगाल का नवाब बना दिया, लेकिन वास्तविक शक्ति ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों में आ गई।\n
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- 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?\n
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- (A) लॉर्ड डलहौजी
- (B) लॉर्ड कैनिंग
- (C) लॉर्ड विलियम बेंटिक
- (D) लॉर्ड लिटन
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सही उत्तर: (B) लॉर्ड कैनिंग
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\n विस्तृत व्याख्या: 1857 के विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग भारत के गवर्नर जनरल थे। विद्रोह के बाद, 1858 के अधिनियम के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया और भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (ताज) के अधीन आ गया, जिससे कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने।\n
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- ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना किसने की थी?\n
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- (A) राजा राम मोहन राय
- (B) ज्योतिबा फुले
- (C) स्वामी दयानंद सरस्वती
- (D) ईश्वर चंद्र विद्यासागर
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सही उत्तर: (B) ज्योतिबा फुले
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\n विस्तृत व्याख्या: ज्योतिबा फुले ने 1873 में महाराष्ट्र में ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की। इसका मुख्य उद्देश्य दलितों, पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा प्रदान कर उन्हें सामाजिक शोषण और ब्राह्मणवादी वर्चस्व से मुक्त कराना था।\n
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू. सी. बनर्जी
- (D) गोपाल कृष्ण गोखले
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सही उत्तर: (C) डब्ल्यू. सी. बनर्जी
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\n विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन दिसंबर 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी, जबकि इसके गठन में ए.ओ. ह्यूम की मुख्य भूमिका थी।\n
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- गांधीजी ने ‘चंपारण सत्याग्रह’ (1917) का नेतृत्व मुख्य रूप से किस समस्या के खिलाफ किया था?\n
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- (A) नमक कर
- (B) तिनकठिया प्रणाली (नील की खेती)
- (C) मिल मजदूरों का वेतन
- (D) भूमि राजस्व में वृद्धि
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सही उत्तर: (B) तिनकठिया प्रणाली (नील की खेती)
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\n विस्तृत व्याख्या: चंपारण सत्याग्रह गांधीजी का भारत में पहला सफल सत्याग्रह था। यहाँ किसान ‘तिनकठिया’ प्रणाली से त्रस्त थे, जिसके तहत उन्हें अपनी जमीन के 3/20 हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था। गांधीजी के हस्तक्षेप से इस दमनकारी व्यवस्था को समाप्त किया गया।\n
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- ‘क्रांतिकारी आतंकवाद’ के दौर में ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) की स्थापना किसने की थी?\n
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- (A) भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और अन्य
- (B) सुभाष चंद्र बोस
- (C) लाला लाजपत राय
- (D) बाल गंगाधर तिलक
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सही उत्तर: (A) भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और अन्य
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\n विस्तृत व्याख्या: 1928 में दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह ने HRA को पुनर्गठित कर HSRA बनाया। इनका उद्देश्य भारत को पूर्ण स्वतंत्रता दिलाना और समाज में समाजवादी सिद्धांतों की स्थापना करना था।\n
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- 1946 के ‘कैबिनेट मिशन’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) भारत को पूर्ण स्वतंत्रता देना
- (B) भारत के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन करना और संविधान सभा की रूपरेखा तैयार करना
- (C) भारत का विभाजन करना
- (D) ब्रिटिश सेना को वापस बुलाना
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सही उत्तर: (B) भारत के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन करना और संविधान सभा की रूपरेखा तैयार करना
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\n विस्तृत व्याख्या: कैबिनेट मिशन मार्च 1946 में भारत आया था। इसका उद्देश्य सत्ता के हस्तांतरण के लिए एक योजना बनाना था, जिसके तहत एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया और संविधान सभा (Constituent Assembly) के चुनाव कराए गए।\n
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- ‘वर्नाकुलर प्रेस एक्ट’ (1878) किसके द्वारा पारित किया गया था?\n
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- (A) लॉर्ड रिपन
- (B) लॉर्ड लिटन
- (C) लॉर्ड कर्जन
- (D) लॉर्ड डलहौजी
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सही उत्तर: (B) लॉर्ड लिटन
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\n विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड लिटन ने भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर नियंत्रण लगाने के लिए 1878 में यह अधिनियम पारित किया, ताकि राष्ट्रवादी भावनाओं को दबाया जा सके। बाद में लॉर्ड रिपन ने 1882 में इसे निरस्त कर दिया था।\n
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) के दौरान ‘बैस्टिल के किले’ का पतन किस तिथि को हुआ था?\n
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- (A) 14 जुलाई
- (B) 4 जुलाई
- (C) 21 सितंबर
- (D) 10 मई
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सही उत्तर: (A) 14 जुलाई
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\n विस्तृत व्याख्या: 14 जुलाई 1789 को पेरिस की भीड़ ने बैस्टिल के किले (जेल) पर हमला कर उसे ध्वस्त कर दिया। यह घटना राजशाही के निरंकुश शासन के अंत का प्रतीक बनी और फ्रांसीसी क्रांति की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है।\n
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- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मन ‘एनिग्मा’ (Enigma) कोड को डिकोड करने में किस गणितज्ञ की मुख्य भूमिका थी?\n
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- (A) अल्बर्ट आइंस्टीन
- (B) एलन ट्यूरिंग
- (C) निकोला टेस्ला
- (D) आइजैक न्यूटन
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सही उत्तर: (B) एलन ट्यूरिंग
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\n विस्तृत व्याख्या: एलन ट्यूरिंग ने ब्रिटेन के ब्लेचले पार्क में ‘बॉम्बे’ मशीन विकसित की, जिससे नाजियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले जटिल ‘एनिग्मा’ कोड को तोड़ना संभव हुआ। इस उपलब्धि ने मित्र राष्ट्रों को युद्ध में रणनीतिक बढ़त दिलाई और युद्ध की अवधि को कम करने में मदद की।\n
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- औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) अमेरिका
- (C) ब्रिटेन
- (D) जर्मनी
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सही उत्तर: (C) ब्रिटेन
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\n विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत ब्रिटेन में हुई। इसके प्रमुख कारण कोयले और लोहे की प्रचुरता, उपनिवेशों से कच्चा माल और तकनीकी आविष्कार (जैसे जेम्स वाट का स्टीम इंजन) थे।\n
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- प्राचीन यूनानी कवि होमर की ‘ओडिसी’ (Odyssey) मुख्य रूप से किस ऐतिहासिक शहर की खोज और युद्ध से जुड़ी है?\n
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- (A) रोम
- (B) एथेंस
- (C) ट्रॉय (Troy)
- (D) स्पार्टा
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सही उत्तर: (C) ट्रॉय (Troy)
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\n विस्तृत व्याख्या: होमर की महाकाव्यात्मक रचना ‘इलियड’ और ‘ओडिसी’ ट्रोजन युद्ध (Trojan War) के इर्द-गिर्द घूमती हैं। ‘ओडिसी’ विशेष रूप से नायक ओडिसियस की अपनी मातृभूमि इथाका लौटने की कठिन यात्रा का वर्णन करती है, जिसमें ट्रॉय के पतन का संदर्भ मिलता है।\n
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- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) वर्साय की संधि
- (B) आर्कड्यूक फ्रांसिस्फरड की हत्या
- (C) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- (D) रूस की क्रांति
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सही उत्तर: (B) आर्कड्यूक फ्रांसिस्फरड की हत्या
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\n विस्तृत व्याख्या: 28 जून 1914 को ऑस्ट्रिया-हंगेरी के उत्तराधिकारी आर्कड्यूक फ्रांसिस्फरड की साराजेवो (बोस्निया) में एक सर्ब राष्ट्रवादी द्वारा हत्या कर दी गई। इस घटना ने यूरोप की गुप्त संधियों की श्रृंखला को सक्रिय कर दिया और प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई।\n
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