समय की गहराइयों में उतरें और अतीत की उन घटनाओं को फिर से जिएं जिन्होंने आज की दुनिया को गढ़ा है। यह अभ्यास सेट न केवल आपकी याददाश्त की परीक्षा लेगा, बल्कि आपको इतिहास के उन महत्वपूर्ण मोड़ों से रूबरू कराएगा जो हर प्रतियोगी परीक्षा के लिए अनिवार्य हैं। अपनी कलम उठाएं और इतिहास की इस रोमांचक यात्रा को शुरू करें!
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- सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में ‘लोथल’ के बारे में क्या सही है?\n
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- (A) यह एक प्रमुख कृषि केंद्र था।
- (B) यह एक प्राचीन गोदीवाड़ा (Dockyard) था।
- (C) यहाँ से सबसे बड़ा अन्न भंडार मिला है।
- (D) यह सभ्यता का सबसे उत्तरी बिंदु था।
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\n सही उत्तर: (B) यह एक प्राचीन गोदीवाड़ा (Dockyard) था।\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल, गुजरात के भाल क्षेत्र में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक ईंटों से बना विशाल गोदीवाड़ा (Dockyard) मिला है, जो साबित करता है कि सिंधु निवासी मेसोपोटामिया जैसी विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: विकल्प (A) गलत है क्योंकि लोथल मुख्य रूप से व्यापारिक केंद्र था। विकल्प (C) गलत है क्योंकि सबसे बड़ा अन्न भंडार ‘हड़प्पा’ में मिला था। विकल्प (D) गलत है क्योंकि सभ्यता का उत्तरी बिंदु ‘मांडा’ (जम्मू) था।\n\n
- ऋग्वैदिक काल में ‘गोविष्टि’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
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- (A) गायों की खोज
- (B) गायों के लिए युद्ध
- (C) गायों का दान
- (D) पशुपालन केंद्र
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\n सही उत्तर: (B) गायों के लिए युद्ध।\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वैदिक समाज में गाय सबसे मूल्यवान संपत्ति मानी जाती थी। ‘गोविष्टि’ का शाब्दिक अर्थ है ‘गायों की खोज’, लेकिन व्यावहारिक रूप से यह गायों को प्राप्त करने के लिए लड़े जाने वाले युद्धों को संदर्भित करता था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: विकल्प (A), (C) और (D) गौ-संस्कृति का हिस्सा तो हैं, लेकिन ‘गोविष्टि’ विशेष रूप से युद्ध के संदर्भ में प्रयुक्त होता था।\n\n
- सम्राट अशोक के ‘धम्म’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) बौद्ध धर्म का अनिवार्य प्रसार
- (B) एक नया धार्मिक संप्रदाय स्थापित करना
- (C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना
- (D) सैन्य विजय के माध्यम से शासन करना
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\n सही उत्तर: (C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना।\n
विस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई औपचारिक धर्म नहीं था, बल्कि यह एक नैतिक संहिता (Code of Conduct) थी। इसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों के बीच सहिष्णुता, बड़ों का सम्मान, अहिंसा और मानवता को बढ़ावा देना था ताकि एक विविध साम्राज्य में शांति बनी रहे।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: विकल्प (A) गलत है क्योंकि धम्म सार्वभौमिक था, केवल बौद्ध धर्म तक सीमित नहीं। विकल्प (B) गलत है क्योंकि यह संप्रदाय नहीं, जीवन जीने का तरीका था। विकल्प (D) गलत है क्योंकि कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने ‘भेरीघोष’ को ‘धम्मघोष’ में बदल दिया था।\n\n
- किस गुप्त शासक को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है?\n
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- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) स्कंदगुप्त
- (D) चंद्रगुप्त द्वितीय
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\n सही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त।\n
विस्तृत व्याख्या: इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने समुद्रगुप्त को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा है। इसका कारण उनकी सैन्य कुशलता और निरंतर विजय अभियान थे। प्रयाग प्रशस्ति (हरिषेण द्वारा रचित) उनके द्वारा उत्तर और दक्षिण भारत के विभिन्न राजाओं पर प्राप्त विजयों का विस्तृत विवरण देती है।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: चंद्रगुप्त प्रथम ने गुप्त वंश की नींव मजबूत की, स्कंदगुप्त ने हूणों को रोका और चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष के लिए जाने जाते हैं, लेकिन सैन्य विजयों के मामले में समुद्रगुप्त अतुलनीय थे।\n\n
- प्राचीन भारत में ‘संगम साहित्य’ का संबंध किस भाषा से है?\n
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- (A) संस्कृत
- (B) प्राकृत
- (C) तमिल
- (D) तेलुगु
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\n सही उत्तर: (C) तमिल।\n
विस्तृत व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल साहित्य का संग्रह है, जो दक्षिण भारत के शुरुआती राज्यों (चेर, चोल, पांड्य) के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक जीवन पर प्रकाश डालता है। यह साहित्य मदुरै में आयोजित कवियों के सम्मेलनों (संगमों) का परिणाम था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: संस्कृत आर्यों की भाषा थी, प्राकृत आम जनभाषा थी, और तेलुगु का विकास बाद के काल में हुआ। संगम साहित्य विशेष रूप से द्रविड़ संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है।\n\n
- बौद्ध धर्म की चौथी बौद्ध संगीति किसके शासनकाल में आयोजित की गई थी?\n
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- (A) अजातशत्रु
- (B) कालाशोक
- (C) अशोक
- (D) कनिष्क
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\n सही उत्तर: (D) कनिष्क।\n
विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण शासक कनिष्क के काल में कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी। इसी संगीति में बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ नामक दो संप्रदायों में विभाजित हो गया था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: पहली संगीति अजातशत्रु के समय, दूसरी कालाशोक के समय और तीसरी अशोक के समय राजगृह/वैशाली/पाटलपुत्र में हुई थी।\n\n
- हर्षवर्धन के शासनकाल में कौन सा चीनी यात्री भारत आया था?\n
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- (A) फाह्यान
- (B) ह्वेनसांग (Xuanzang)
- (C) इत्सिंग
- (D) अल-बरुनी
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\n सही उत्तर: (B) ह्वेनसांग (Xuanzang)।\n
विस्तृत व्याख्या: ह्वेनसांग राजा हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान भारत आया था। उसने नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और हर्षवर्धन के प्रशासन तथा तत्कालीन भारत की सामाजिक स्थिति का विस्तृत विवरण अपनी यात्रा वृत्तांतों में दिया है।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय के समय आया था, इत्सिंग 7वीं शताब्दी के अंत में आया और अल-बरुनी महमूद गजनवी के साथ भारत आया था।\n\n
- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ (Market Control System) लागू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मुहम्मद बिन तुगलक
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\n सही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी।\n
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें तय की थीं और बाजार में भ्रष्टाचार रोकने के लिए ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी। यह इतिहास का एक प्रारंभिक मूल्य नियंत्रण प्रयोग था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: इल्तुतमिश ने ‘इक्ता प्रणाली’ शुरू की, बलबन ने ‘सिजदा और पैबोस’ की प्रथा शुरू की, और मुहम्मद बिन तुगलक अपनी राजधानी बदलने और सांकेतिक मुद्रा के लिए जाना जाता है।\n\n
- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किन दो भाइयों ने की थी?\n
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- (A) कृष्णदेव राय और अच्युत राय
- (B) हरिहर और बुक्का
- (C) देवराय प्रथम और देवराय द्वितीय
- (D) सदाशिव राय और तिरुमल राय
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\n सही उत्तर: (B) हरिहर और बुक्का।\n
विस्तृत व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में तुंगभद्रा नदी के तट पर हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की थी। यह साम्राज्य दक्षिण भारत में हिंदू संस्कृति और कला का एक महान केंद्र बना।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: कृष्णदेव राय इस साम्राज्य के सबसे महान शासक थे, जबकि अन्य विकल्प बाद के शासक थे। स्थापना का श्रेय केवल हरिहर और बुक्का को जाता है।\n\n
- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘दीन-ए-इलाही’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) इस्लाम का नया संस्करण पेश करना
- (B) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक संहिता बनाना
- (C) हिंदुओं को जबरन धर्मांतरित करना
- (D) केवल सूफी संतों को शासन में शामिल करना
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\n सही उत्तर: (B) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक संहिता बनाना।\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने 1582 ईस्वी में ‘दीन-ए-इलाही’ (तौहीद-ए-इलाही) शुरू किया। यह कोई औपचारिक धर्म नहीं था, बल्कि एक दार्शनिक विचारधारा थी जिसका उद्देश्य साम्राज्य के भीतर विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच एकता स्थापित करना था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: अकबर का दृष्टिकोण समावेशी था, न कि किसी धर्म को मिटाने या केवल एक धर्म को थोपने का। विकल्प (A) और (C) उसके ‘सुलह-ए-कुल’ (सार्वभौमिक शांति) के सिद्धांत के विपरीत हैं।\n\n
- शिवाजी महाराज द्वारा अपनाई गई ‘अष्टप्रधान’ परिषद का मुख्य कार्य क्या था?\n
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- (A) केवल धार्मिक कार्यों का प्रबंधन
- (B) प्रशासन और शासन का सुचारू संचालन
- (C) केवल विदेशी आक्रमणकारियों से लड़ना
- (D) गुप्तचर नेटवर्क का प्रबंधन करना
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\n सही उत्तर: (B) प्रशासन और शासन का सुचारू संचालन।\n
विस्तृत व्याख्या: छत्रपति शिवाजी महाराज ने शासन चलाने के लिए आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी जिसे ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था। इसमें ‘पेशवा’ (प्रधानमंत्री) सबसे महत्वपूर्ण पद था। इसका उद्देश्य सत्ता का विकेंद्रीकरण और कार्यकुशलता बढ़ाना था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: हालांकि अष्टप्रधान में रक्षा और गुप्तचरों की भूमिका थी, लेकिन उनका सामूहिक कार्य संपूर्ण राज्य का प्रशासनिक प्रबंधन करना था।\n\n
- ‘इबादतखाना’ का निर्माण किस मुगल शासक ने किया था?\n
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- (A) बाबर
- (B) हुमायूँ
- (C) अकबर
- (D) औरंगजेब
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\n सही उत्तर: (C) अकबर।\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने 1575 ईस्वी में फतेहपुर सीकरी में ‘इबादतखाना’ (प्रार्थना गृह) बनवाया था। यहाँ वह विभिन्न धर्मों के विद्वानों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, जैन, पारसी) के साथ चर्चा करता था ताकि सत्य की खोज की जा सके।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: बाबर और हुमायूँ के समय ऐसा कोई औपचारिक धार्मिक चर्चा केंद्र नहीं था, और औरंगजेब की धार्मिक नीतियाँ अकबर के विपरीत कट्टर थीं।\n\n
- मध्यकालीन भारत में ‘सूफीवाद’ का मुख्य केंद्र कौन सा शहर था?\n
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- (A) दिल्ली
- (B) अजमेर
- (C) आगरा
- (D) उपरोक्त सभी
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\n सही उत्तर: (D) उपरोक्त सभी।\n
विस्तृत व्याख्या: सूफी आंदोलन पूरे भारत में फैला था। दिल्ली में निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह, अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और आगरा में भी सूफी संतों का गहरा प्रभाव था। ये शहर आध्यात्मिक ज्ञान और संगीत (कव्वाली) के केंद्र बने।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: चूंकि तीनों शहर सूफीवाद के महत्वपूर्ण केंद्र थे, इसलिए ‘उपरोक्त सभी’ सही विकल्प है।\n\n
- मुगल वास्तुकला का ‘स्वर्ण युग’ किस शासक के काल को माना जाता है?\n
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- (A) अकबर
- (B) जहांगीर
- (C) शाहजहाँ
- (D) औरंगजेब
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\n सही उत्तर: (C) शाहजहाँ।\n
विस्तृत व्याख्या: शाहजहाँ के काल को मुगल वास्तुकला का स्वर्ण युग कहा जाता है क्योंकि उन्होंने ताजमहल, लाल किला और जामा मस्जिद जैसी कालजयी इमारतों का निर्माण करवाया। उनकी वास्तुकला में संगमरमर का अधिक प्रयोग और ‘पिएत्रा ड्यूरा’ (कीमती पत्थरों की जड़ाई) की तकनीक प्रमुख थी।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: अकबर ने लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया (फतेहपुर सीकरी), जहांगीर ने चित्रकला को बढ़ावा दिया और औरंगजेब के समय वास्तुकला में गिरावट आई।\n\n
- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) हिंदू धर्म को पूरी तरह समाप्त करना
- (B) मूर्ति पूजा और सती प्रथा जैसी कुरीतियों का विरोध करना
- (C) भारत को तुरंत स्वतंत्र कराना
- (D) केवल अंग्रेजी भाषा का प्रचार करना
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\n सही उत्तर: (B) मूर्ति पूजा और सती प्रथा जैसी कुरीतियों का विरोध करना।\n
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को ‘आधुनिक भारत का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की ताकि हिंदू धर्म को अंधविश्वासों और कुरीतियों से मुक्त कर उसे एक तर्कसंगत और एकेश्वरवादी रूप दिया जा सके। उन्होंने सती प्रथा के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: उन्होंने धर्म को समाप्त नहीं, बल्कि सुधारना चाहा। वह राजनीतिक स्वतंत्रता से अधिक सामाजिक और बौद्धिक सुधारों पर केंद्रित थे।\n\n
- 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) डलहौजी की ‘व्यपगत का सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse)
- (B) भारी लगान और कर
- (C) एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग
- (D) भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव
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\n सही उत्तर: (C) एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग।\n
विस्तृत व्याख्या: हालांकि आर्थिक और राजनीतिक कारण गहरे थे, लेकिन विद्रोह की चिंगारी तब भड़की जब सैनिकों को पता चला कि नई एनफील्ड राइफलों के कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी का उपयोग किया गया है, जिससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: विकल्प (A), (B) और (D) विद्रोह के ‘मूल कारण’ (Root Causes) थे, लेकिन ‘तात्कालिक कारण’ (Immediate Cause) केवल चर्बी वाले कारतूस थे।\n\n
- ‘स्वदेशी आंदोलन’ (1905) मुख्य रूप से किसके विरोध में शुरू हुआ था?\n
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- (A) सहायक संधि (Subsidiary Alliance)
- (B) बंगाल का विभाजन
- (C) रौलट एक्ट
- (D) साइमन कमीशन
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\n सही उत्तर: (B) बंगाल का विभाजन।\n
विस्तृत व्याख्या: 1905 में लॉर्ड कर्जन ने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति के तहत बंगाल का विभाजन किया। इसके विरोध में भारतीय राष्ट्रवादी नेताओं ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया और स्वदेशी (भारतीय निर्मित) वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: सहायक संधि वेलेस्ली ने की थी, रौलट एक्ट 1919 में आया और साइमन कमीशन 1928 में भारत आया था।\n\n
- गांधीजी ने ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को किस घटना के बाद वापस ले लिया था?\n
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- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (B) चौरी-चौरा कांड
- (C) दांडी मार्च
- (D) पूना पैक्ट
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\n सही उत्तर: (B) चौरी-चौरा कांड।\n
विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर एक हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन को आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा के कट्टर समर्थक थे, इसलिए उन्होंने इस हिंसा के विरोध में आंदोलन तुरंत वापस ले लिया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के बाद आंदोलन शुरू हुआ था, दांडी मार्च (1930) सविनय अवज्ञा आंदोलन का हिस्सा था, और पूना पैक्ट (1932) दलितों और सवर्णों के बीच हुआ था।\n\n
- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (Quit India Movement) के दौरान गांधीजी ने कौन सा नारा दिया था?\n
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- (A) इंकलाब जिंदाबाद
- (B) स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
- (C) करो या मरो (Do or Die)
- (D) जय हिंद
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\n सही उत्तर: (C) करो या मरो (Do or Die)।\n
विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ शुरू किया और देशवासियों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया। यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ अब तक का सबसे तीव्र जन-आंदोलन था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगत सिंह द्वारा लोकप्रिय बनाया गया, ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ बाल गंगाधर तिलक ने कहा था, और ‘जय हिंद’ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नारा था।\n\n
- 1935 का ‘भारत सरकार अधिनियम’ (Government of India Act) किस दृष्टि से महत्वपूर्ण था?\n
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- (A) इसने भारत को पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की।
- (B) इसने प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत की।
- (C) इसने पहली बार पृथक निर्वाचक मंडल की शुरुआत की।
- (D) इसने ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को समाप्त किया।
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\n सही उत्तर: (B) इसने प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत की।\n
विस्तृत व्याख्या: 1935 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन (Dyarchy) समाप्त कर उन्हें स्वायत्तता दी और केंद्र में द्वैध शासन लागू किया। भारतीय संविधान का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी अधिनियम से लिया गया है।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: पूर्ण स्वतंत्रता 1947 में मिली। पृथक निर्वाचक मंडल 1909 के मार्ले-मिंटो सुधारों में आया था। कंपनी शासन 1858 में समाप्त हुआ था।\n\n
- सुभाष चंद्र बोस ने ‘आजाद हिंद फौज’ (INA) का पुनर्गठन कहाँ किया था?\n
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- (A) टोक्यो, जापान
- (B) सिंगापुर
- (C) बर्लिन, जर्मनी
- (D) रंगून, म्यांमार
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\n सही उत्तर: (B) सिंगापुर।\n
विस्तृत व्याख्या: हालाँकि INA की नींव रास बिहारी बोस और कैप्टन मोहन सिंह ने रखी थी, लेकिन 1943 में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर पहुँचकर इसका नेतृत्व संभाला और इसे एक अनुशासित सैन्य बल के रूप में पुनर्गठित किया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: जापान और जर्मनी ने समर्थन दिया था, लेकिन संगठन का मुख्य केंद्र और पुनर्गठन सिंगापुर में हुआ था।\n\n
- ‘गदर पार्टी’ की स्थापना 1913 में किसके द्वारा की गई थी?\n
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- (A) वी.डी. सावरकर
- (B) लाला हरदयाल
- (C) श्यामजी कृष्ण वर्मा
- (D) मैडम भीकाजी कामा
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\n सही उत्तर: (B) लाला हरदयाल।\n
विस्तृत व्याख्या: लाला हरदयाल और उनके सहयोगियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में ‘गदर पार्टी’ की स्थापना की। इसका उद्देश्य विदेशों में रह रहे भारतीयों को संगठित कर सशस्त्र क्रांति के माध्यम से भारत को स्वतंत्र कराना था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: सावरकर ने ‘अभिनव भारत’ बनाया था, श्यामजी कृष्ण वर्मा ने ‘इंडिया हाउस’ (लंदन) की स्थापना की थी।\n\n
- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का मुख्य नारा क्या था?\n
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- (A) शांति, समृद्धि और विकास
- (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
- (C) एक राष्ट्र, एक भाषा, एक धर्म
- (D) रक्त और लोहा (Blood and Iron)
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\n सही उत्तर: (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व।\n
विस्तृत व्याख्या: 1789 की फ्रांसीसी क्रांति ने निरंकुश राजशाही का अंत किया और दुनिया को ‘स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व’ के आदर्श दिए। इन सिद्धांतों ने बाद में आधुनिक लोकतांत्रिक देशों के संविधानों को गहराई से प्रभावित किया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: ‘रक्त और लोहा’ बिस्मार्क (जर्मनी के एकीकरण) की नीति थी। अन्य विकल्प इस क्रांति के मूल दर्शन को नहीं दर्शाते।\n\n
- द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति (1945) के बाद किस अंतरराष्ट्रीय संगठन की स्थापना की गई थी?\n
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- (A) लीग ऑफ नेशंस
- (B) संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations)
- (C) नाटो (NATO)
- (D) यूरोपीय संघ
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\n सही उत्तर: (B) संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations)।\n
विस्तृत व्याख्या: प्रथम विश्व युद्ध के बाद ‘लीग ऑफ नेशंस’ बनाया गया था, जो असफल रहा। द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका को देखते हुए 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) की स्थापना की गई ताकि भविष्य में ऐसे युद्धों को रोका जा सके और अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखी जा सके।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: लीग ऑफ नेशंस प्रथम विश्व युद्ध के बाद बना था। नाटो एक सैन्य गठबंधन है और यूरोपीय संघ एक आर्थिक-राजनीतिक संगठन है।\n\n
- हालिया पुरातात्विक खोजों के अनुसार, ‘वाइकिंग्स’ (Vikings) ने उत्तरी अमेरिका के किस तट पर अपनी बस्तियाँ बसाई थीं?\n
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- (A) फ्लोरिडा तट
- (B) कैनेडियन आर्कटिक तट
- (C) मेक्सिको की खाड़ी
- (D) कैरिबियन द्वीप समूह
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\n सही उत्तर: (B) कैनेडियन आर्कटिक तट।\n
विस्तृत व्याख्या: हालिया पुरातात्विक खुदाई (2023-24) ने यह पुष्ट किया है कि वाइकिंग्स (नॉर्डिक लोग) कोलंबस के आने से बहुत पहले ही उत्तरी अमेरिका के कैनेडियन आर्कटिक तट तक पहुँच चुके थे और वहाँ बस्तियाँ बसाई थीं। यह खोज नॉर्डिक विस्तार की समझ को नया आयाम देती है।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: वाइकिंग्स का विस्तार मुख्य रूप से उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक क्षेत्रों में था, दक्षिण अमेरिकी या कैरिबियन तटों पर उनका कोई प्रमाण नहीं मिला है।\n\n
- औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी
- (C) ब्रिटेन
- (D) अमेरिका
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\n सही उत्तर: (C) ब्रिटेन।\n
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के मध्य में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत ब्रिटेन से हुई। कोयले और लोहे की प्रचुरता, औपनिवेशिक बाजारों की उपलब्धता और तकनीकी नवाचारों (जैसे स्टीम इंजन) ने ब्रिटेन को दुनिया का ‘वर्कशॉप’ बना दिया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका में औद्योगिक क्रांति बाद में पहुँची, हालाँकि उन्होंने अपनी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से इसे तेज़ी से अपनाया।\n\n
- रूसी क्रांति (1917) का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) निकोलस II
- (D) ट्रॉट्स्की
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\n सही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन।\n
विस्तृत व्याख्या: 1917 की अक्टूबर क्रांति (बोल्शेविक क्रांति) का नेतृत्व व्लादिमीर लेनिन ने किया था। इस क्रांति ने रूस में राजशाही का अंत किया और दुनिया के पहले समाजवादी राज्य (USSR) की स्थापना की।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: निकोलस II अंतिम ज़ार (राजा) थे जिन्हें हटाया गया था। स्टालिन ने लेनिन के बाद सत्ता संभाली और ट्रॉट्स्की लेनिन के सहयोगी थे, लेकिन मुख्य नेतृत्व लेनिन का था।\n\n
- 1926 की ‘जनरल स्ट्राइक’ (General Strike) किस देश के श्रमिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी?\n
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- (A) संयुक्त राज्य अमेरिका
- (B) फ्रांस
- (C) यूनाइटेड किंगडम (UK)
- (D) रूस
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\n सही उत्तर: (C) यूनाइटेड किंगडम (UK)।\n
विस्तृत व्याख्या: 1926 की जनरल स्ट्राइक ब्रिटेन के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाई थी। यह कोयला खदान श्रमिकों के वेतन में कटौती और काम के घंटों में वृद्धि के विरोध में शुरू हुई थी, जिसमें लाखों श्रमिकों ने हिस्सा लिया था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: हालांकि अमेरिका और रूस में भी श्रमिक आंदोलन हुए, लेकिन 1926 की यह विशिष्ट ‘जनरल स्ट्राइक’ ब्रिटिश इतिहास की एक मील का पत्थर घटना है।\n\n
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