इतिहास की रोमांचक यात्रा: अपनी तैयारी को दें एक नई धार
इतिहास केवल बीते हुए कल की कहानी नहीं है, बल्कि यह भविष्य के निर्माण की एक मार्गदर्शिका है। समय के गलियारों से गुजरते हुए, महान साम्राज्यों के उत्थान और पतन को समझना हर प्रतियोगी छात्र के लिए अनिवार्य है। आइए, इस दैनिक अभ्यास सेट के माध्यम से अपनी याददाश्त को चुनौती दें और अतीत के उन पन्नों को फिर से पलटें जो आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
- हड़प्पा सभ्यता के किस स्थल से ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं, जो इसके विदेशी व्यापार को दर्शाता है?
- (A) कालीबंगन
- (B) लोथल
- (C) धोलावीरा
- (D) बनावली
सही उत्तर: (B) लोथल
विस्तृत व्याख्या: लोथल गुजरात के अहमदाबाद जिले में स्थित है। यहाँ से दुनिया का सबसे पुराना कृत्रिम गोदीबाड़ा मिला है, जिससे यह सिद्ध होता है कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग मेसोपोटामिया और अन्य सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।
अन्य विकल्प: कालीबंगन (राजस्थान) अपने जुते हुए खेतों के लिए प्रसिद्ध है, धोलावीरा (गुजरात) अपनी उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली के लिए और बनावली (हरियाणा) मिट्टी के हल के खिलौने के लिए जाना जाता है। - ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का वर्णन है, जिसमें चार वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख मिलता है?
- (A) तीसरे मंडल
- (B) सातवें मंडल
- (C) नौवें मंडल
- (D) दसवें मंडल
सही उत्तर: (D) दसवें मंडल
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र के रूप में सामाजिक विभाजन का उल्लेख मिलता है, जिसे आदि पुरुष के अंगों से उत्पन्न माना गया है।
अन्य विकल्प: तीसरे मंडल में प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ है, सातवें मंडल में नदियों का वर्णन है और नौवां मंडल पूरी तरह से ‘सोम’ देवता को समर्पित है। - गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन) कहाँ दिया था?
- (A) लुम्बिनी
- (B) बोधगया
- (C) सारनाथ
- (D) कुशीनगर
सही उत्तर: (C) सारनाथ
विस्तृत व्याख्या: ज्ञान प्राप्ति के बाद, बुद्ध ने वाराणसी के निकट सारनाथ में अपने पांच पूर्व साथियों को पहला उपदेश दिया, जिसे बौद्ध धर्म में ‘धर्मचक्रप्रवर्तन’ कहा जाता है।
अन्य विकल्प: लुम्बिनी बुद्ध का जन्म स्थान है, बोधगया वह स्थान है जहाँ उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ, और कुशीनगर में उन्होंने ‘महापरिनिर्वाण’ (मृत्यु) प्राप्त किया। - मौर्य सम्राट अशोक के शिलालेखों को सर्वप्रथम किसने पढ़ा था?
- (A) अलेक्जेंडर कनिंघम
- (B) जेम्स प्रिंसेप
- (C) विलियम जोन्स
- (D) मैक्स मुलर
सही उत्तर: (B) जेम्स प्रिंसेप
विस्तृत व्याख्या: 1837 में ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स प्रिंसेप ने पहली बार अशोक के शिलालेखों की ‘ब्राह्मी लिपि’ को पढ़ने में सफलता प्राप्त की, जिससे मौर्य साम्राज्य के इतिहास का खुलासा हुआ।
अन्य विकल्प: कनिंघम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संस्थापक थे, जबकि विलियम जोन्स ने ‘एशियाटिक सोसाइटी’ की स्थापना की थी। - किस गुप्त शासक को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है?
- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय
- (D) स्कंदगुप्त
सही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त
विस्तृत व्याख्या: इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने समुद्रगुप्त की सैन्य विजयों और उसकी अजेय रणनीति के कारण उसे ‘भारत का नेपोलियन’ कहा है। प्रयाग प्रशस्ति में उसकी विजयों का विस्तृत वर्णन है।
अन्य विकल्प: चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) अपने कला-साहित्य और फाह्यान की यात्रा के लिए प्रसिद्ध है, जबकि स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण को रोका था। - हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान कौन सा चीनी यात्री भारत आया था?
- (A) फाह्यान
- (B) ह्वेनसांग
- (C) इत्सिंग
- (D) अल-बरूनी
सही उत्तर: (B) ह्वेनसांग
विस्तृत व्याख्या: ह्वेनसांग (Xuanzang) 7वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन के निमंत्रण पर भारत आया था। उसने नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और भारत के सामाजिक-राजनीतिक जीवन का विस्तृत विवरण दिया।
अन्य विकल्प: फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय के समय आया था, इत्सिंग 7वीं शताब्दी के अंत में आया और अल-बरूनी महमूद गजनवी के साथ आया था। - दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी?
- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
सही उत्तर: (C) अलाउद्दीन खिलजी
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं के दाम निश्चित कर दिए थे और राशनिंग प्रणाली लागू की थी ताकि महंगाई पर नियंत्रण रखा जा सके।
अन्य विकल्प: इल्तुतमिश ने ‘इक्ता प्रणाली’ शुरू की, बलबन ने ‘सिजदा और पाबोस’ की प्रथा शुरू की और तुगलक अपनी राजधानी परिवर्तन के लिए जाना जाता है। - ‘तौकीर-उल-मुल्क’ और ‘दीवान-ए-अरिज़’ विभाग का संबंध किस कार्य से था?
- (A) राजस्व संग्रह
- (B) सैन्य प्रशासन
- (C) न्याय विभाग
- (D) धार्मिक मामले
सही उत्तर: (B) सैन्य प्रशासन
विस्तृत व्याख्या: दिल्ली सल्तनत में ‘दीवान-ए-अरिज़’ सैन्य विभाग था, जिसका मुख्य कार्य सैनिकों की भर्ती, प्रशिक्षण और भुगतान करना था।
अन्य विकल्प: राजस्व विभाग को ‘दीवान-ए-वजारत’ कहा जाता था और न्याय विभाग को ‘दीवान-ए-कजा’। - विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किन दो भाइयों ने की थी?
- (A) कृष्णदेव राय और अच्युत राय
- (B) हरिहर और बुक्का
- (C) देवराय प्रथम और द्वितीय
- (D) सदाशिव राय और तिरुमला
सही उत्तर: (B) हरिहर और बुक्का
विस्तृत व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में तुंगभद्रा नदी के तट पर हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की थी।
अन्य विकल्प: कृष्णदेव राय तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे, जबकि देवराय शासक संगम वंश से संबंधित थे। - मुगल काल में ‘मनसबदारी प्रथा’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) केवल सैन्य संगठन करना
- (B) केवल राजस्व संग्रह करना
- (C) नागरिक और सैन्य प्रशासन को एकीकृत करना
- (D) धार्मिक सहिष्णुता फैलाना
सही उत्तर: (C) नागरिक और सैन्य प्रशासन को एकीकृत करना
विस्तृत व्याख्या: अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी प्रथा एक श्रेणीबद्ध प्रणाली थी, जिसमें ‘जात’ (व्यक्तिगत रैंक) और ‘सवार’ (घुड़सवारों की संख्या) द्वारा अधिकारी का दर्जा और वेतन निर्धारित होता था।
अन्य विकल्प: यह केवल सैन्य नहीं बल्कि प्रशासनिक ढांचा था। राजस्व के लिए ‘जब्ती’ प्रणाली का उपयोग किया जाता था। - किस मुगल बादशाह ने ‘दीन-ए-इलाही’ नामक एक नए धर्म की शुरुआत की थी?
- (A) बाबर
- (B) हुमायूँ
- (C) अकबर
- (D) औरंगजेब
सही उत्तर: (C) अकबर
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर 1582 ई. में ‘दीन-ए-इलाही’ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य एक साझा नैतिक संहिता बनाना था।
अन्य विकल्प: बाबर संस्थापक था, हुमायूँ ने साहित्य में रुचि ली और औरंगजेब ने रूढ़िवादी इस्लामी नीतियों को लागू किया। - शिवाजी महाराज द्वारा अपनाई गई प्रशासनिक व्यवस्था ‘अष्टप्रधान’ में ‘पेशवा’ का क्या कार्य था?
- (A) विदेश मंत्री
- (B) सैन्य प्रमुख
- (C) प्रधानमंत्री/मुख्य मंत्री
- (D) धार्मिक प्रमुख
सही उत्तर: (C) प्रधानमंत्री/मुख्य मंत्री
विस्तृत व्याख्या: अष्टप्रधान शिवाजी के आठ मंत्रियों की परिषद थी, जिसमें ‘पेशवा’ का पद सबसे महत्वपूर्ण था। वह राजा के बाद प्रशासन का मुख्य कार्यकारी होता था।
अन्य विकल्प: विदेश मंत्री को ‘सुमंत’ और सैन्य प्रमुख को ‘सर-नौबत’ कहा जाता था। - भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘बीजक’ की रचना की और बाहरी आडंबरों का विरोध किया?
- (A) गुरु नानक देव
- (B) संत कबीर
- (C) मीराबाई
- (D) संत तुकाराम
सही उत्तर: (B) संत कबीर
विस्तृत व्याख्या: संत कबीर ने ‘बीजक’ के माध्यम से समाज में व्याप्त जातिवाद और धार्मिक पाखंड का विरोध किया। उन्होंने ईश्वर की एकता पर जोर दिया।
अन्य विकल्प: गुरु नानक देव ने सिख धर्म की स्थापना की, मीराबाई कृष्ण भक्ति के लिए प्रसिद्ध थीं और तुकाराम महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के संत थे। - 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत भारत में प्रथम सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना कहाँ की गई थी?
- (A) बॉम्बे
- (B) मद्रास
- (C) कलकत्ता
- (D) दिल्ली
सही उत्तर: (C) कलकत्ता
विस्तृत व्याख्या: 1773 के अधिनियम के तहत 1774 में कलकत्ता में एक सुप्रीम कोर्ट स्थापित किया गया, जिसके प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे थे।
अन्य विकल्प: उस समय बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसीज़ थीं, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय केवल कलकत्ता में था। - 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
- (A) कुंवर सिंह
- (B) नाना साहिब
- (C) बेगम हजरत महल
- (D) रानी लक्ष्मीबाई
सही उत्तर: (B) नाना साहिब
विस्तृत व्याख्या: नाना साहिब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया और तांत्या टोपे उनके मुख्य सहयोगी थे।
अन्य विकल्प: कुंवर सिंह बिहार (जगदीशपुर) में, बेगम हजरत महल लखनऊ में और रानी लक्ष्मीबाई झाँसी में सक्रिय थीं। - ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना राजा राममोहन राय ने किस वर्ष की थी?
- (A) 1815
- (B) 1828
- (C) 1839
- (D) 1850
सही उत्तर: (B) 1828
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने 1828 में कलकत्ता में ब्रह्म समाज की स्थापना की। इसका मुख्य उद्देश्य सती प्रथा का अंत, मूर्ति पूजा का विरोध और एकेश्वरवाद का प्रचार करना था।
अन्य विकल्प: 1839 में देबेंद्रनाथ टैगोर ने इसे आगे बढ़ाया, लेकिन स्थापना 1828 में हुई थी। - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?
- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
सही उत्तर: (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
विस्तृत व्याख्या: 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुए प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।
अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक थे, दादाभाई नौरोजी तीसरे अधिवेशन (1886) के अध्यक्ष थे और तैयबजी पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे। - महात्मा गांधी ने ‘चंपारण सत्याग्रह’ (1917) का नेतृत्व क्यों किया था?
- (A) नमक कर के विरोध में
- (B) तिनकठिया प्रणाली (नील की खेती) के विरोध में
- (C) मिल मजदूरों की हड़ताल के लिए
- (D) अछूतों के मंदिर प्रवेश के लिए
सही उत्तर: (B) तिनकठिया प्रणाली (नील की खेती) के विरोध में
विस्तृत व्याख्या: चंपारण (बिहार) में किसानों को अपनी जमीन के 3/20 हिस्से पर नील की खेती करने के लिए मजबूर किया जाता था, जिसे ‘तिनकठिया प्रणाली’ कहते थे। गांधीजी ने इसके खिलाफ सफल सत्याग्रह किया।
अन्य विकल्प: नमक कर का विरोध ‘दांडी मार्च’ (1930) में हुआ था। - ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) की स्थापना 1928 में कहाँ की गई थी?
- (A) लाहौर
- (B) दिल्ली (फिरोज शाह कोटला)
- (C) कानपुर
- (D) लखनऊ
सही उत्तर: (B) दिल्ली (फिरोज शाह कोटला)
विस्तृत व्याख्या: चन्द्रशेखर आजाद और भगत सिंह ने सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में HSRA की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत में समाजवादी गणतंत्र की स्थापना करना था।
अन्य विकल्प: लाहौर में बाद में कई गतिविधियां हुईं, लेकिन स्थापना दिल्ली में हुई थी। - भारत की आजादी के समय ‘कैबिनेट मिशन’ (1946) के सदस्य कौन थे?
- (A) पैथिक लॉरेंस, स्टैफोर्ड क्रिप्स, ए.वी. अलेक्जेंडर
- (B) लॉर्ड माउंटबेटन, चर्चिल, एटली
- (C) लॉर्ड वेवेल, माउंटबेटन, डलहौजी
- (D) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (A) पैथिक लॉरेंस, स्टैफोर्ड क्रिप्स, ए.वी. अलेक्जेंडर
विस्तृत व्याख्या: कैबिनेट मिशन का उद्देश्य भारत को सत्ता हस्तांतरण की योजना बनाना था। इसमें तीन ब्रिटिश सदस्य शामिल थे: लॉर्ड पैथिक लॉरेंस, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. अलेक्जेंडर।
अन्य विकल्प: माउंटबेटन अंतिम वायसराय थे, जबकि एटली ब्रिटिश प्रधानमंत्री थे। - फ्रांसीसी क्रांति (1789) के समय फ्रांस का राजा कौन था?
- (A) लुई XIV
- (B) लुई XV
- (C) लुई XVI
- (D) नेपोलियन बोनापार्ट
सही उत्तर: (C) लुई XVI
विस्तृत व्याख्या: 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के दौरान लुई XVI शासन कर रहा था। उसके निरंकुश शासन और आर्थिक संकट के कारण जनता ने विद्रोह कर दिया, जिसके बाद उसे गिलोटिन पर चढ़ा दिया गया।
अन्य विकल्प: लुई XIV ‘सूर्य राजा’ के नाम से जाना जाता था, नेपोलियन क्रांति के बाद सत्ता में आया। - औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?
- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी
- (C) अमेरिका
- (D) ब्रिटेन
सही उत्तर: (D) ब्रिटेन
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति शुरू हुई, जिसका मुख्य कारण कोयले और लोहे की उपलब्धता, उपनिवेशों से कच्चा माल और तकनीकी नवाचार (जैसे जेम्स वाट का भाप इंजन) था।
अन्य विकल्प: फ्रांस और जर्मनी में यह क्रांति ब्रिटेन के बाद पहुंची। - प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?
- (A) वर्साय की संधि
- (B) ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रांसि Ferdinand की हत्या
- (C) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- (D) रूस की क्रांति
सही उत्तर: (B) ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक फ्रांसि Ferdinand की हत्या
विस्तृत व्याख्या: 28 जून 1914 को साराजेवो में ऑस्ट्रिया-हंगेरियन साम्राज्य के राजकुमार फ्रांसि Ferdinand की हत्या एक सर्बियाई राष्ट्रवादी द्वारा की गई, जिसने विश्व युद्ध की चिंगारी सुलगाई।
अन्य विकल्प: वर्साय की संधि युद्ध के बाद हुई, पोलैंड पर आक्रमण द्वितीय विश्व युद्ध का कारण बना। - द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ‘एक्सिस पावर्स’ (Axis Powers) में कौन से देश शामिल थे?
- (A) ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका
- (B) जर्मनी, इटली, जापान
- (C) रूस, चीन, ब्रिटेन
- (D) जर्मनी, रूस, जापान
सही उत्तर: (B) जर्मनी, इटली, जापान
विस्तृत व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी (हिटलर), इटली (मुसोलिनी) और जापान ने मिलकर ‘एक्सिस’ गठबंधन बनाया था, जबकि ब्रिटेन, यूएसए और सोवियत संघ ‘एलाइड पावर्स’ (Allied Powers) का हिस्सा थे।
अन्य विकल्प: रूस (सोवियत संघ) एलाइड पावर्स का हिस्सा था, एक्सिस का नहीं। - स्पेनिश गृहयुद्ध (Spanish Civil War), जो 1930 के दशक में हुआ था, मुख्य रूप से किन दो गुटों के बीच का संघर्ष था?
- (A) साम्यवादी और पूंजीवादी
- (B) राष्ट्रवादी (Nationalists) और रिपब्लिकन (Republicans)
- (C) शाही और लोकतांत्रिक
- (D) धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष
सही उत्तर: (B) राष्ट्रवादी (Nationalists) और रिपब्लिकन (Republicans)
विस्तृत व्याख्या: स्पेनिश गृहयुद्ध (1936-1939) जनरल फ्रांसिस्को फ्रेंको के नेतृत्व वाले ‘राष्ट्रवादियों’ और लोकतांत्रिक सरकार के समर्थकों ‘रिपब्लिकन’ के बीच लड़ा गया था, जिसमें अंततः राष्ट्रवादियों की जीत हुई।
अन्य विकल्प: यद्यपि इसमें वैचारिक मतभेद थे, लेकिन आधिकारिक रूप से ये दो प्रमुख गुट थे।
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