समय की यात्रा: इतिहास के गौरवशाली पन्नों से एक चुनौतीपूर्ण सफर
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इतिहास केवल तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता के विकास की एक जीवंत गाथा है। आइए, आज हम समय के पहिये को पीछे घुमाते हैं और प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक क्रांतियों तक के सफर पर निकलते हैं। अपनी तैयारी को धार देने और अतीत के रहस्यों को सुलझाने के लिए इस उच्च-स्तरीय मॉक टेस्ट में अपनी बुद्धिमत्ता का परीक्षण करें। क्या आप इस ऐतिहासिक चुनौती के लिए तैयार हैं?
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल पर एक विशाल ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) पाया गया था, जो विदेशी व्यापार का प्रमाण है?\n
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- (A) कालीबंगन
- (B) लोथल
- (C) धोलावीरा
- (D) बनावली
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सही उत्तर: (B) लोथल
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक कृत्रिम गोदीबाड़ा मिला है, जो यह सिद्ध करता है कि सिंधु निवासी मेसोपोटामिया जैसी बाहरी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।
\n संदर्भ: यह स्थल भोगवा नदी के तट पर स्थित था।
\n अन्य विकल्प: कालीबंगन (राजस्थान) अपने जुते हुए खेतों के लिए प्रसिद्ध है; धोलावीरा (गुजरात) अपनी उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है; और बनावली (हरियाणा) से मिट्टी के हल के प्रमाण मिले हैं।\n\n
- ऋग्वेद में वर्णित ‘दशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) किस नदी के तट पर लड़ा गया था?\n
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- (A) सिंधु नदी
- (B) सरस्वती नदी
- (C) परुष्णी (रावी) नदी
- (D) वितस्ता (झेलम) नदी
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सही उत्तर: (C) परुष्णी (रावी) नदी
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: ऋग्वेद के सातवें मंडल के अनुसार, भरत कबीले के राजा सुदास और दस अन्य कबीलों के संघ के बीच यह युद्ध परुष्णी (वर्तमान रावी) नदी के किनारे हुआ था, जिसमें राजा सुदास की विजय हुई।
\n संदर्भ: यह युद्ध कबीलाई वर्चस्व और संसाधनों के नियंत्रण के लिए लड़ा गया था।
\n अन्य विकल्प: सिंधु और सरस्वती नदियों का उल्लेख वेदों में व्यापक है, लेकिन दशराज्ञ युद्ध विशेष रूप से परुष्णी नदी से जुड़ा है।\n\n
- सम्राट अशोक के किस शिलालेख में ‘धम्म’ की व्याख्या की गई है और नैतिक आचरण पर जोर दिया गया है?\n
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- (A) प्रथम शिलालेख
- (B) द्वितीय शिलालेख
- (C) ग्यारहवां शिलालेख
- (D) तेरहवां शिलालेख
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सही उत्तर: (C) ग्यारहवां शिलालेख
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: अशोक के 11वें शिलालेख में ‘धम्म’ के सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन है, जिसमें माता-पिता की सेवा, बड़ों का सम्मान और जीवों के प्रति दया शामिल है।
\n संदर्भ: कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने ‘भेरीघोष’ को ‘धम्मघोष’ में बदल दिया था।
\n अन्य विकल्प: प्रथम शिलालेख पशुबलि की निंदा करता है; द्वितीय शिलालेख चिकित्सा सुविधाओं का उल्लेख करता है; और तेरहवां शिलालेख कलिंग युद्ध का विवरण देता है।\n\n
- किस गुप्त शासक को उसकी सैन्य विजयों और ‘कविराज’ की उपाधि के कारण ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है?\n
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- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
- (D) स्कंदगुप्त
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सही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: समुद्रगुप्त ने उत्तर भारत (आर्यावर्त) और दक्षिण भारत (दक्षिणापथ) के विभिन्न राज्यों को जीता। उनकी सैन्य प्रतिभा और विजय अभियानों के कारण इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने उन्हें ‘भारत का नेपोलियन’ कहा।
\n संदर्भ: उनकी विजयों का विवरण ‘प्रयाग प्रशस्ति’ (इलाहाबाद स्तंभ लेख) में मिलता है, जिसे उनके दरबारी कवि हरिषेण ने लिखा था।
\n अन्य विकल्प: चंद्रगुप्त द्वितीय ने शकों को पराजित किया था, जबकि स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण को रोका था।\n\n
- चौथी बौद्ध संगीति (Council) का आयोजन किसके शासनकाल में और कहाँ किया गया था?\n
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- (A) अशोक – पाटलिपुत्र
- (B) कालशोक – पाटलिपुत्र
- (C) कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)
- (D) अजातशत्रु – राजगृह
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सही उत्तर: (C) कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: कुषाण शासक कनिष्क के संरक्षण में चौथी बौद्ध संगीति कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित हुई, जहाँ बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो शाखाओं में विभाजित हो गया।
\n संदर्भ: इस संगीति की अध्यक्षता वसुमित्र और अश्वघोष ने की थी।
\n अन्य विकल्प: प्रथम संगीति अजातशत्रु (राजगृह), द्वितीय कालशोक (वैशाली), और तृतीय अशोक (पाटलिपुत्र) के समय हुई थी।\n\n
- हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान किस चीनी यात्री ने भारत की यात्रा की और ‘सी-यू-की’ नामक विवरण लिखा?\n
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- (A) फाह्यान
- (B) ह्वेन त्सांग (Xuanzang)
- (C) इत्सिंग
- (D) मेगस्थनीज
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सही उत्तर: (B) ह्वेन त्सांग (Xuanzang)
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: ह्वेन त्सांग 7वीं शताब्दी में हर्ष के काल में भारत आया था। उसने नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और हर्ष के उदार शासन और बौद्ध धर्म के प्रति उसके झुकाव का विस्तृत वर्णन किया।
\n संदर्भ: उसने कन्नौज की सभा और प्रयाग के महामोक्ष परिषद का विवरण दिया है।
\n अन्य विकल्प: फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय के समय आया था; इत्सिंग बाद के काल में आया; और मेगस्थनीज मौर्य काल (चंद्रगुप्त मौर्य) में आया था।\n\n
- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘तुर्कान-ए-चहलगाणी’ (चालीस गुलामों का दल) का गठन किया था?\n
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- (A) कुतुबुद्दीन ऐबक
- (B) इल्तुतमिश
- (C) बलबन
- (D) अलाउद्दीन खिलजी
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सही उत्तर: (B) इल्तुतमिश
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: इल्तुतमिश ने प्रशासन को मजबूती देने और वफादार अधिकारियों का एक समूह बनाने के लिए 40 विश्वासपात्र गुलामों का एक दल बनाया, जिसे ‘तुर्कान-ए-चहलगाणी’ कहा गया।
\n संदर्भ: बाद में बलबन ने इसी दल के सदस्य के रूप में सत्ता पाई और अंततः इसी संगठन को नष्ट कर दिया क्योंकि यह सुल्तान की शक्ति के लिए खतरा बन गया था।
\n अन्य विकल्प: ऐबक ने सल्तनत की नींव रखी, लेकिन प्रशासनिक ढांचा इल्तुतमिश ने विकसित किया।\n\n
- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लागू की गई ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ (Market Control System) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) व्यापारियों को लाभ पहुँचाना
- (B) आम जनता को सस्ती वस्तुएं उपलब्ध कराना
- (C) एक विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- (D) कृषि उत्पादन में वृद्धि करना
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सही उत्तर: (C) एक विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: अलाउद्दीन खिलजी को मंगोल आक्रमणों से बचने और साम्राज्य विस्तार के लिए एक बड़ी सेना की आवश्यकता थी। सैनिकों को कम वेतन में संतुष्ट रखने के लिए उसने वस्तुओं की कीमतें तय कर दीं ताकि महंगाई न बढ़े।
\n संदर्भ: इसके लिए उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी की नियुक्ति की थी।
\n अन्य विकल्प: यद्यपि जनता को सस्ती वस्तुएं मिलीं, लेकिन मुख्य प्रेरणा सैन्य आवश्यकताएं थीं।\n\n
- मुगल सम्राट अकबर ने ‘दीन-ए-इलाही’ की शुरुआत किस उद्देश्य से की थी?\n
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- (A) इस्लाम का प्रचार करने के लिए
- (B) एक नया धर्म स्थापित करने के लिए
- (C) सभी धर्मों के साझा नैतिक मूल्यों के आधार पर एकता स्थापित करने के लिए
- (D) केवल राजपूतों को खुश करने के लिए
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सही उत्तर: (C) सभी धर्मों के साझा नैतिक मूल्यों के आधार पर एकता स्थापित करने के लिए
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: अकबर ने विभिन्न धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, पारसी, जैन) के अच्छे तत्वों को मिलाकर ‘दीन-ए-इलाही’ (तौहीद-ए-इलाही) बनाया ताकि साम्राज्य में धार्मिक सद्भाव और राजनीतिक स्थिरता बनी रहे।
\n संदर्भ: इसकी शुरुआत 1582 ई. में हुई थी। बीरबल इसे स्वीकार करने वाला एकमात्र हिंदू था।
\n अन्य विकल्प: यह कोई औपचारिक धर्म नहीं था जिसमें कोई मंदिर या मस्जिद न हो, बल्कि यह एक नैतिक संहिता (code of conduct) थी।\n\n
- विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक कृष्णदेव राय किस राजवंश से संबंधित थे?\n
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- (A) संगम राजवंश
- (B) सालुव राजवंश
- (C) तुलुव राजवंश
- (D) अरविदु राजवंश
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सही उत्तर: (C) तुलुव राजवंश
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: कृष्णदेव राय (1509-1529) तुलुव राजवंश के सबसे प्रतापी शासक थे। उनके काल को तेलुगु साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है और उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की थी।
\n संदर्भ: उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) रहते थे।
\n अन्य विकल्प: संगम राजवंश ने साम्राज्य की स्थापना की थी, जबकि अरविदु अंतिम राजवंश था।\n\n
- शिवाजी महाराज और मुगल सेनापति जयसिंह के बीच 1665 में कौन सी संधि हुई थी?\n
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- (A) पुरंदर की संधि
- (B) सालबाई की संधि
- (C) सूरत की संधि
- (D) पुरंदर का समझौता
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सही उत्तर: (A) पुरंदर की संधि
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर जयसिंह ने शिवाजी को घेरा, जिसके परिणामस्वरूप पुरंदर की संधि हुई। इस संधि के तहत शिवाजी को अपने 23 किले मुगलों को देने पड़े और आगरा जाने के लिए सहमत होना पड़ा।
\n संदर्भ: यह संधि मराठा साम्राज्य के लिए एक रणनीतिक पीछे हटना था।
\n अन्य विकल्प: सालबाई की संधि (1782) प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध के अंत में हुई थी।\n\n
- मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा दिल्ली से दौलताबाद राजधानी स्थानांतरित करने का मुख्य कारण क्या था?\n
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- (A) मंगोल आक्रमण का डर
- (B) दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण और प्रशासनिक सुविधा
- (C) धार्मिक कारणों से
- (D) दिल्ली में अकाल पड़ना
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सही उत्तर: (B) दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण और प्रशासनिक सुविधा
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: तुगलक का मानना था कि दौलताबाद (देवगिरी) साम्राज्य के केंद्र में स्थित है, जिससे उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों पर शासन करना आसान होगा।
\n संदर्भ: यह योजना पूरी तरह विफल रही क्योंकि दिल्ली से दौलताबाद की दूरी बहुत अधिक थी और जनता को जबरन ले जाया गया, जिससे भारी असंतोष फैला।
\n अन्य विकल्प: मंगोल आक्रमणों ने उसे परेशान किया था, लेकिन राजधानी परिवर्तन का उद्देश्य प्रशासनिक विस्तार था।\n\n
- 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) नाना साहब
- (B) बेगम हजरत महल
- (C) कुंवर सिंह
- (D) रानी लक्ष्मीबाई
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सही उत्तर: (B) बेगम हजरत महल
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: बेगम हजरत महल ने लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और अपने बेटे बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर शासन चलाया।
\n संदर्भ: उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ स्थानीय लोगों और सैनिकों को संगठित किया था।
\n अन्य विकल्प: नाना साहब ने कानपुर, कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर), और रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी में नेतृत्व किया था।\n\n
- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का प्राथमिक उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) हिंदू धर्म को पूरी तरह समाप्त करना
- (B) केवल अंग्रेजी शिक्षा का प्रचार करना
- (C) मूर्ति पूजा का विरोध और एकेश्वरवाद (एक ईश्वर) का प्रचार करना
- (D) जाति प्रथा को पूरी तरह मिटाना
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सही उत्तर: (C) मूर्ति पूजा का विरोध और एकेश्वरवाद (एक ईश्वर) का प्रचार करना
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: ब्रह्म समाज (1828) का उद्देश्य हिंदू धर्म में व्याप्त कुरीतियों (जैसे सती प्रथा, बहुपति प्रथा) को दूर करना और वेदों के आधार पर एक ईश्वर की उपासना को बढ़ावा देना था।
\n संदर्भ: राजा राममोहन राय को ‘भारतीय पुनर्जागरण का जनक’ कहा जाता है।
\n अन्य विकल्प: उन्होंने हिंदू धर्म को समाप्त नहीं किया, बल्कि उसे सुधारने का प्रयास किया।\n\n
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
- (D) जॉर्ज यूल
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सही उत्तर: (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: दिसंबर 1885 में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में कांग्रेस का पहला सत्र हुआ, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।
\n संदर्भ: इस अधिवेशन में केवल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
\n अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक थे; दादाभाई नौरोजी ने बाद में अध्यक्षता की।\n\n
- गांधीजी ने ‘चौरी-चौरा’ घटना के बाद असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) को क्यों वापस ले लिया?\n
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- (A) ब्रिटिश सरकार के दबाव के कारण
- (B) आंदोलन की विफलता के कारण
- (C) हिंसा के प्रति अपनी अरुचि और अहिंसा के सिद्धांतों के कारण
- (D) कांग्रेस के भीतर मतभेदों के कारण
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सही उत्तर: (C) हिंसा के प्रति अपनी अरुचि और अहिंसा के सिद्धांतों के कारण
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (यूपी) में उत्तेजित भीड़ ने एक पुलिस थाने को आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी हिंसा के सख्त खिलाफ थे, इसलिए उन्होंने तुरंत आंदोलन वापस ले लिया।
\n संदर्भ: यह निर्णय कांग्रेस के कई नेताओं (जैसे नेहरू और पटेल) को पसंद नहीं आया था।
\n अन्य विकल्प: यह सरकार के दबाव में नहीं, बल्कि गांधीजी के नैतिक सिद्धांतों पर आधारित निर्णय था।\n\n
- ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा महात्मा गांधी ने किस आंदोलन के दौरान दिया था?\n
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- (A) असहयोग आंदोलन
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (C) भारत छोड़ो आंदोलन
- (D) चंपारण सत्याग्रह
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सही उत्तर: (C) भारत छोड़ो आंदोलन
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: अगस्त 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान गांधीजी ने बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से देशवासियों को ‘करो या मरो’ का आह्वान किया, जिसका अर्थ था कि या तो हम भारत को स्वतंत्र कराएंगे या इस प्रयास में अपनी जान दे देंगे।
\n संदर्भ: यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ अंतिम और सबसे तीव्र जन-आंदोलन था।
\n अन्य विकल्प: असहयोग आंदोलन (1920) और सविनय अवज्ञा (1930) गांधीजी के पहले के प्रमुख आंदोलनों में से थे।\n\n
- लॉर्ड लिटन द्वारा पारित ‘वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट’ (1878) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना
- (B) देशी भाषा के समाचार पत्रों पर नियंत्रण करना और उनकी आलोचना रोकना
- (C) शिक्षा का प्रसार करना
- (D) प्रेस की स्वतंत्रता बढ़ाना
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सही उत्तर: (B) देशी भाषा के समाचार पत्रों पर नियंत्रण करना और उनकी आलोचना रोकना
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: ब्रिटिश सरकार भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों में बढ़ती राष्ट्रवादी भावनाओं और सरकार की आलोचना से चिंतित थी। लिटन ने इस एक्ट के जरिए सरकार को अधिकार दिया कि वह किसी भी समाचार पत्र की सामग्री को सेंसर कर सके।
\n संदर्भ: इसे ‘गैग एक्ट’ (मुंह बंद करने वाला कानून) भी कहा गया। बाद में लॉर्ड रिपन ने इसे निरस्त कर दिया।
\n अन्य विकल्प: इस अधिनियम का उद्देश्य भाषा का विकास करना नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति को दबाना था।\n\n
- 1946 के ‘कैबिनेट मिशन’ (Cabinet Mission) का मुख्य लक्ष्य क्या था?\n
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- (A) भारत को तुरंत पूर्ण स्वतंत्रता देना
- (B) भारत के लिए एक संविधान सभा का गठन करना और सत्ता हस्तांतरण की रूपरेखा तैयार करना
- (C) जिन्ना की पाकिस्तान की मांग को सीधे स्वीकार करना
- (D) भारत में पुनः ब्रिटिश शासन को मजबूत करना
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सही उत्तर: (B) भारत के लिए एक संविधान सभा का गठन करना और सत्ता हस्तांतरण की रूपरेखा तैयार करना
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, ब्रिटिश सरकार ने भारत में सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के लिए पैथिक लॉरेंस, स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. अलेक्जेंडर के नेतृत्व में कैबिनेट मिशन भेजा।
\n संदर्भ: इस मिशन के सुझावों के आधार पर ही भारतीय संविधान सभा का गठन हुआ।
\n अन्य विकल्प: मिशन ने शुरुआत में पाकिस्तान की मांग को खारिज किया था और एक संघीय ढांचे का प्रस्ताव दिया था।\n\n
- फ्रांसीसी क्रांति (1789) के दौरान ‘बास्तील के किले’ (Bastille) का पतन किस बात का प्रतीक था?\n
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- (A) लोकतंत्र की स्थापना
- (B) निरंकुश राजशाही और दमन का अंत
- (C) चर्च की शक्ति में वृद्धि
- (D) नेपोलियन का उदय
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सही उत्तर: (B) निरंकुश राजशाही और दमन का अंत
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: बास्तील का किला पेरिस में एक जेल था, जिसे राजा लुई XVI की निरंकुश सत्ता और अत्याचार का प्रतीक माना जाता था। 14 जुलाई 1789 को जनता द्वारा इस किले पर हमला और इसे ढहा देना क्रांति की शुरुआत का प्रतीक बना।
\n संदर्भ: इसी दिन को आज भी फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
\n अन्य विकल्प: नेपोलियन का उदय क्रांति के बाद के चरणों में हुआ था।\n\n
- औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी
- (C) ब्रिटेन
- (D) संयुक्त राज्य अमेरिका
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सही उत्तर: (C) ब्रिटेन
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में प्रचुर कोयला, लोहा, उपनिवेशों से कच्चा माल और उन्नत बैंकिंग प्रणाली उपलब्ध थी, जिसके कारण औद्योगिक क्रांति की शुरुआत वहीं से हुई।
\n संदर्भ: सूती वस्त्र उद्योग इस क्रांति का केंद्र था।
\n अन्य विकल्प: अन्य देशों में यह क्रांति बाद में पहुंची।\n\n
- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) वर्साय की संधि
- (B) साराजेवो में ऑस्ट्रिया के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिस्फरinand की हत्या
- (C) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- (D) रूस की क्रांति
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सही उत्तर: (B) साराजेवो में ऑस्ट्रिया के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिस्फरinand की हत्या
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: 28 जून 1914 को बोस्निया की राजधानी साराजेवो में एक सर्ब राष्ट्रवादी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार की हत्या कर दी, जिसने यूरोपीय शक्तियों के बीच गुप्त संधियों के कारण युद्ध की आग भड़का दी।
\n संदर्भ: इसके बाद ऑस्ट्रिया ने सर्बिया पर हमला किया और धीरे-धीरे दुनिया दो गुटों (मित्र राष्ट्र और केंद्रीय शक्तियां) में बंट गई।
\n अन्य विकल्प: वर्साय की संधि युद्ध के अंत में हुई थी; जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण द्वितीय विश्व युद्ध का कारण बना था।\n\n
- माया सभ्यता (Maya Civilization) मुख्य रूप से दुनिया के किस क्षेत्र में विकसित हुई थी?\n
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- (A) दक्षिण अमेरिका (पेरू)
- (B) मेसोअमेरिका (मेक्सिको और मध्य अमेरिका)
- (C) उत्तरी अमेरिका (कनाडा)
- (D) पूर्वी एशिया (चीन)
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सही उत्तर: (B) मेसोअमेरिका (मेक्सिको और मध्य अमेरिका)
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: माया सभ्यता मध्य अमेरिका के वर्षावनों (वर्तमान ग्वाटेमाला, बेलीज़, होंडुरास और दक्षिणी मेक्सिको) में विकसित हुई थी। वे अपनी उन्नत लेखन कला, गणित और खगोल विज्ञान के लिए प्रसिद्ध थे।
\n संदर्भ: हालिया पुरातात्विक खोजें इनके विशाल शहरों और जंगल के नीचे छिपे पिरामिडों के रहस्यों को उजागर कर रही हैं।
\n अन्य विकल्प: इंका सभ्यता दक्षिण अमेरिका (पेरू) में थी; एज़्टेक सभ्यता मेक्सिको के मध्य भाग में थी।\n\n
- प्राचीन रोम की सबसे प्रसिद्ध सैन्य हार, जिसका प्रमाण हाल ही में ‘काल्करीज़’ (Kalkriese) स्थल पर पुरातात्विक खोजों से मिला है, किस युद्ध से संबंधित है?\n
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- (A) प्यूनिक युद्ध
- (B) ट्यूटोबर्ग वन का युद्ध (Battle of Teutoburg Forest)
- (C) गैलिक युद्ध
- (D) रोम-पार्थियन युद्ध
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सही उत्तर: (B) ट्यूटोबर्ग वन का युद्ध (Battle of Teutoburg Forest)
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: 9 ईस्वी में ट्यूटोबर्ग वन (Kalkriese क्षेत्र) में जर्मनिक जनजातियों ने रोमन सेना की तीन लीजन्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। यह रोम की सबसे शर्मनाक हारों में से एक थी, जिसने रोमन साम्राज्य के विस्तार को उत्तरी यूरोप में रोक दिया।
\n संदर्भ: हालिया पुरातात्विक खुदाई से इस स्थल पर रोमन हथियारों और उपकरणों के प्रमाण मिले हैं।
\n अन्य विकल्प: प्यूनिक युद्ध रोम और कार्थेज के बीच थे; गैलिक युद्ध जूलियस सीज़र ने लड़े थे।\n\n
- 1917 की रूसी क्रांति का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) निकोलस II
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सही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन
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\n विस्तृत व्याख्या:
\n सही होने का कारण: व्लादिमीर लेनिन ने बोल्शेविक पार्टी का नेतृत्व किया और अक्टूबर क्रांति (1917) के माध्यम से रूस में ज़ार शासन को समाप्त कर दुनिया का पहला समाजवादी राज्य स्थापित किया।
\n संदर्भ: इस क्रांति ने वैश्विक राजनीति में साम्यवाद (Communism) को एक बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित किया।
\n अन्य विकल्प: कार्ल मार्क्स ने साम्यवाद का सिद्धांत दिया था, लेकिन क्रांति के समय वे जीवित नहीं थे; स्टालिन लेनिन के बाद सत्ता में आए।\n\n
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