नमस्कार समाजशास्त्र के जिज्ञासुओं!
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आज का यह क्विज़ आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने और आपके बुनियादी सिद्धांतों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, यह अभ्यास आपको परीक्षा के वास्तविक स्तर से रूबरू कराएगा। जटिल अवधारणाओं और समकालीन मुद्दों के इस संगम में अपनी बौद्धिक सीमाओं को विस्तार दें और अपनी तैयारी का सटीक आकलन करें। चलिए, शुरू करते हैं!
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- इमाइल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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- (A) समाज में नियमों की अधिकता हो।
- (B) सामाजिक मानदंडों में अचानक गिरावट या विखंडन हो।
- (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाए।
- (D) आर्थिक समानता स्थापित हो जाए।
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सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों में अचानक गिरावट या विखंडन हो।
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ का उपयोग उस स्थिति को समझाने के लिए किया जहाँ समाज में मानदंडों का अभाव होता है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तनों या आर्थिक संकटों के दौरान होता है। विकल्प (A) इसके विपरीत है, और (C) अलगाव (Alienation) की ओर अधिक संकेत करता है।
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण क्या है?\n
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- (A) धार्मिक विश्वास
- (B) शिक्षा का अभाव
- (C) उत्पादन के साधनों का निजी स्वामित्व और पूंजीवादी श्रम व्यवस्था
- (D) सामाजिक स्तरीकरण
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सही उत्तर: (C) उत्पादन के साधनों का निजी स्वामित्व और पूंजीवादी श्रम व्यवस्था।
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का मानना था कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और स्वयं से अलग हो जाता है। यह अलगाव श्रम के वस्तुकरण (Commodification) का परिणाम है। विकल्प (A) और (B) गौण कारक हो सकते हैं, लेकिन मूल कारण आर्थिक ढांचा है।
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- मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?\n
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- (A) समाज का एक नैतिक मॉडल जिसे प्राप्त करना चाहिए।
- (B) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो वास्तविकता के विशिष्ट गुणों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।
- (C) एक पूर्ण समाज की कल्पना।
- (D) केवल सांख्यिकीय डेटा का संकलन।
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सही उत्तर: (B) एक विश्लेषणात्मक उपकरण जो वास्तविकता के विशिष्ट गुणों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।
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विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई ‘आदर्श’ (Perfect) स्थिति नहीं है, बल्कि समाजशास्त्रियों के लिए एक तुलनात्मक मानक है। यह वास्तविकता के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को चुनकर बनाया गया एक मानसिक निर्माण है। विकल्प (A) इसे नैतिक रूप से गलत समझता है।
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- टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का अर्थ क्या है?\n
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- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) प्रतिमान अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
- (D) एकीकरण (Integration)
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सही उत्तर: (C) प्रतिमान अनुरक्षण (Pattern Maintenance)।
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विस्तृत व्याख्या: Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि समाज स्थिर रहे। शिक्षा और परिवार इस कार्य में मुख्य भूमिका निभाते हैं। (A) Goal Attainment है, (B) Adaptation है, और (D) Integration है।
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- रॉबर्ट के मर्टन के ‘प्रत्यक्ष’ (Manifest) और ‘अंतर्निहित’ (Latent) कार्यों में मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) प्रत्यक्ष कार्य अनजाने में होते हैं, अंतर्निहित जानबूझकर।
- (B) प्रत्यक्ष कार्य इच्छित और पहचाने गए होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित होते हैं।
- (C) दोनों एक ही हैं, केवल नाम अलग हैं।
- (D) अंतर्निहित कार्य केवल नकारात्मक होते हैं।
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सही उत्तर: (B) प्रत्यक्ष कार्य इच्छित और पहचाने गए होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित होते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय का प्रत्यक्ष कार्य शिक्षा देना है, लेकिन अंतर्निहित कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना या जीवनसाथी खोजना हो सकता है। विकल्प (A) इन्हें उल्टा बताता है।
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- जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
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- (A) जन्मजात प्रवृत्तियों से।
- (B) केवल जैविक विकास से।
- (C) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से।
- (D) एकांत चिंतन के द्वारा।
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सही उत्तर: (C) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से।
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विस्तृत व्याख्या: मीड का मानना था कि व्यक्ति दूसरों की भूमिकाएं निभाकर (Role-taking) और समाज की प्रतिक्रियाओं को समझकर अपने ‘स्व’ का निर्माण करता है (‘I’ और ‘Me’ की अवधारणा)।
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- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) वर्ग व्यवस्था (Class System)
- (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
- (C) व्यावसायिक स्थिति
- (D) शैक्षिक योग्यता
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सही उत्तर: (B) जाति व्यवस्था (Caste System)।
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विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह है जहाँ सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) बहुत सीमित होती है और स्थिति जन्म से निर्धारित होती है। इसके विपरीत, ‘वर्ग’ एक खुला स्तरीकरण है जहाँ योग्यता से स्थिति बदली जा सकती है।
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- ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का अर्थ है:\n
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- (A) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना।
- (B) किसी संस्कृति को उसके अपने संदर्भों और मूल्यों के आधार पर समझना।
- (C) सभी संस्कृतियों को एक समान बना देना।
- (D) अन्य संस्कृतियों का उपहास करना।
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सही उत्तर: (B) किसी संस्कृति को उसके अपने संदर्भों और मूल्यों के आधार पर समझना।
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विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण ‘जातीय-केंद्रिकता’ (Ethnocentrism) के विपरीत है। यह मानता है कि कोई भी संस्कृति दूसरी से श्रेष्ठ या निम्न नहीं होती, बल्कि अलग होती है।
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- परिवार के संदर्भ में ‘नातावाद’ (Kinship) का मुख्य आधार क्या है?\n
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- (A) केवल मित्रता
- (B) रक्त संबंध या विवाह संबंध
- (C) केवल व्यावसायिक संबंध
- (D) भौगोलिक निकटता
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सही उत्तर: (B) रक्त संबंध या विवाह संबंध।
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विस्तृत व्याख्या: नातावाद उन संबंधों का नेटवर्क है जो जन्म (Consanguineal) या विवाह (Affinal) के माध्यम से बनते हैं। यह सामाजिक संरचना की एक बुनियादी इकाई है।
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- ‘गुप्त पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) शब्द का प्रयोग शिक्षा के समाजशास्त्र में किसके लिए किया जाता है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक तौर पर नहीं पढ़ाया जाता लेकिन छात्र अनौपचारिक रूप से सीखते हैं।
- (B) वह पाठ्यक्रम जो केवल शिक्षकों को पता होता है।
- (C) वह विषय जो सिलेबस से बाहर होते हैं।
- (D) गुप्त रूप से आयोजित परीक्षाएँ।
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सही उत्तर: (A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक तौर पर नहीं पढ़ाया जाता लेकिन छात्र अनौपचारिक रूप से सीखते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: इसमें अनुशासन, आज्ञाकारिता और सामाजिक पदानुक्रम जैसे मूल्य शामिल होते हैं जो छात्रों को स्कूल के माहौल से मिलते हैं, न कि पाठ्यपुस्तकों से।
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- मैक्स वेबर ने सत्ता के तीन प्रकार बताए हैं। इनमें ‘करिश्माई सत्ता’ (Charismatic Authority) का आधार क्या है?\n
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- (A) स्थापित कानून और नियम।
- (B) पारंपरिक रीति-रिवाज।
- (C) नेता के असाधारण व्यक्तिगत गुण या आकर्षण।
- (D) सैन्य शक्ति।
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सही उत्तर: (C) नेता के असाधारण व्यक्तिगत गुण या आकर्षण।
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विस्तृत व्याख्या: करिश्माई सत्ता किसी व्यक्ति की विलक्षण क्षमता या दैवीय गुणों के विश्वास पर आधारित होती है (जैसे महात्मा गांधी या नेपोलियन)। विकल्प (A) कानूनी-तार्किक सत्ता है और (B) पारंपरिक सत्ता है।
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- समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘त्रिकोणीयकरण’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) केवल एक विधि का बार-बार उपयोग करना।
- (B) डेटा विश्लेषण के लिए त्रिभुज आकृतियों का उपयोग।
- (C) एक ही शोध समस्या का अध्ययन करने के लिए कई विधियों या स्रोतों का उपयोग करना।
- (D) केवल तीन उत्तरदाताओं का साक्षात्कार लेना।
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सही उत्तर: (C) एक ही शोध समस्या का अध्ययन करने के लिए कई विधियों या स्रोतों का उपयोग करना।
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विस्तृत व्याख्या: त्रिकोणीयकरण शोध की वैधता (Validity) और विश्वसनीयता को बढ़ाता है क्योंकि यह विभिन्न दृष्टिकोणों (जैसे सर्वेक्षण + साक्षात्कार + अवलोकन) से डेटा की पुष्टि करता है।
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- समकालीन समाजशास्त्र में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग से संबंधित सबसे बड़ी नैतिक चिंता क्या है?\n
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- (A) कंप्यूटर की गति का बढ़ना।
- (B) डेटा गोपनीयता, एल्गोरिदम का पक्षपात और मानवीय एजेंसी का ह्रास।
- (C) सॉफ्टवेयर की लागत।
- (D) इंटरनेट की उपलब्धता।
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सही उत्तर: (B) डेटा गोपनीयता, एल्गोरिदम का पक्षपात और मानवीय एजेंसी का ह्रास।
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विस्तृत व्याख्या: जैसा कि हालिया चर्चाओं में देखा गया है, AI शोध में डेटा प्रतिबंध और नैतिक निरीक्षण की आवश्यकता बढ़ गई है क्योंकि एल्गोरिदम अक्सर मौजूदा सामाजिक पूर्वाग्रहों को मजबूत करते हैं।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) संस्कृत भाषा सीखना।
- (B) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
- (C) केवल ब्राह्मणों द्वारा किया जाने वाला अनुष्ठान।
- (D) पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण।
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सही उत्तर: (B) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
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विस्तृत व्याख्या: यह एक सामाजिक गतिशीलता की प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति अपनी स्थिति सुधारने के लिए उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाती है।
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- ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा का मुख्य लक्षण क्या है?\n
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- (A) केवल संख्यात्मक अधिकता।
- (B) केवल धार्मिक शुद्धता।
- (C) संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव का मिश्रण।
- (D) केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करना।
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सही उत्तर: (C) संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि स्वामित्व) और राजनीतिक प्रभाव का मिश्रण।
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विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, एक प्रभावी जाति वह है जिसके पास उस क्षेत्र में जमीन का स्वामित्व हो, जनसंख्या अधिक हो और राजनीतिक प्रभाव हो, चाहे उसकी अनुक्रमिक स्थिति (Ritual Status) कुछ भी हो।
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- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) कंप्यूटर पर जाति आधारित ऐप्स चलाना।
- (B) डिजिटल संसाधनों, इंटरनेट और तकनीकी ज्ञान तक पहुँच में जाति आधारित असमानता।
- (C) इंटरनेट पर केवल अपनी जाति के लोगों से बात करना।
- (D) डिजिटल माध्यमों से जाति का उन्मूलन।
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सही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों, इंटरनेट और तकनीकी ज्ञान तक पहुँच में जाति आधारित असमानता।
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विस्तृत व्याख्या: यह समकालीन भारत में ‘डिजिटल डिवाइड’ का एक रूप है, जहाँ सामाजिक पूंजी की कमी के कारण कुछ जाति समूह तकनीकी लाभों से वंचित रह जाते हैं।
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- जनजातीय समुदायों के संदर्भ में ‘एकीकरण’ (Integration) और ‘अलगाव’ (Isolation) के बीच विवाद किस विषय से संबंधित है?\n
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- (A) केवल आर्थिक विकास से।
- (B) जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और मुख्यधारा के समाज के साथ उनके संबंधों से।
- (C) केवल भाषाई बदलाव से।
- (D) केवल शहरीकरण से।
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सही उत्तर: (B) जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और मुख्यधारा के समाज के साथ उनके संबंधों से।
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विस्तृत व्याख्या: यह बहस इस बात पर है कि क्या जनजातियों को उनकी अपनी संस्कृति में रहने दिया जाना चाहिए (Isolation) या उन्हें आधुनिक समाज का हिस्सा बनाया जाना चाहिए (Integration)।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘स्थिर कृषि प्रणालियों’ (Sustainable Agriculture) का समाजशास्त्रीय महत्व क्या है?\n
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- (A) केवल फसल की पैदावार बढ़ाना।
- (B) ग्रामीण समुदायों की खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना।
- (C) केवल उर्वरकों का उपयोग कम करना।
- (D) खेती को पूरी तरह बंद करना।
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सही उत्तर: (B) ग्रामीण समुदायों की खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना।
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विस्तृत व्याख्या: खाद्य प्रणालियों का समाजशास्त्र यह देखता है कि कैसे कृषि पद्धतियां ग्रामीण शक्ति संबंधों, लिंग भूमिकाओं और पारिस्थितिक स्थिरता को प्रभावित करती हैं।
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- शहरी समाजशास्त्र में ‘थ्री-सिटी प्रॉब्लम’ (Three-City Problem) या आधुनिक शहरी जीवन की चुनौतियों का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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- (A) तीन अलग-अलग शहरों में घर रखना।
- (B) शहरीकरण के कारण होने वाला सामाजिक अलगाव, बुनियादी ढांचे का दबाव और असमान विकास।
- (C) केवल यातायात की समस्या।
- (D) शहरों के बीच की दूरी कम करना।
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सही उत्तर: (B) शहरीकरण के कारण होने वाला सामाजिक अलगाव, बुनियादी ढांचे का दबाव और असमान विकास।
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विस्तृत व्याख्या: यह आधुनिक शहरी जीवन की जटिलताओं को दर्शाता है जहाँ भौतिक निकटता के बावजूद लोग सामाजिक और मनोवैज्ञानिक रूप से अलग-थलग महसूस करते हैं।
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- ‘विषाक्त पुरुषत्व’ (Toxic Masculinity) की अवधारणा समाजशास्त्र में क्या स्पष्ट करती है?\n
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- (A) पुरुषों का महिलाओं से बेहतर होना।
- (B) पुरुषत्व के वे संकीर्ण मानक जो आक्रामकता, भावनाओं के दमन और प्रभुत्व को बढ़ावा देते हैं।
- (C) पुरुषों में स्वास्थ्य समस्याओं का अभाव।
- (D) केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन।
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सही उत्तर: (B) पुरुषत्व के वे संकीर्ण मानक जो आक्रामकता, भावनाओं के दमन और प्रभुत्व को बढ़ावा देते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि कैसे समाज द्वारा थोपे गए ‘मर्दानगी’ के कठोर मानक न केवल महिलाओं बल्कि स्वयं पुरुषों के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं।
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- ‘स्वास्थ्य इक्विटी’ (Health Equity) का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण क्या है?\n
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- (A) सभी को एक ही प्रकार की दवा देना।
- (B) स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को दूर करना।
- (C) केवल अमीरों के लिए बेहतर अस्पताल बनाना।
- (D) स्वास्थ्य को पूरी तरह निजी क्षेत्र में छोड़ देना।
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सही उत्तर: (B) स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को दूर करना।
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विस्तृत व्याख्या: यह मेडिकल समाजशास्त्र का हिस्सा है, जो यह विश्लेषण करता है कि जाति, वर्ग और लिंग कैसे स्वास्थ्य परिणामों (Health Outcomes) और जीवन प्रत्याशा को प्रभावित करते हैं।
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- बेघरता (Homelessness) को एक ‘संरचनात्मक समस्या’ (Structural Problem) मानने का क्या अर्थ है?\n
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- (A) यह व्यक्ति की आलस की समस्या है।
- (B) यह केवल प्राकृतिक आपदाओं का परिणाम है।
- (C) यह आवास बाजार की विफलता, गरीबी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव का परिणाम है।
- (D) यह केवल व्यक्तिगत मानसिक बीमारी का परिणाम है।
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सही उत्तर: (C) यह आवास बाजार की विफलता, गरीबी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव का परिणाम है।
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विस्तृत व्याख्या: व्यक्तिगत दृष्टिकोण के बजाय संरचनात्मक दृष्टिकोण यह देखता है कि कैसे आर्थिक नीतियां और सामाजिक असमानताएं लोगों को बेघर बनाती हैं।
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- हर्बर्ट ब्ल्यूमर द्वारा विकसित ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य तर्क क्या है?\n
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- (A) समाज केवल नियमों का समूह है।
- (B) मनुष्य वस्तुओं के प्रति वैसा व्यवहार करते हैं जैसा वे उनके लिए अर्थ रखते हैं।
- (C) सामाजिक संरचनाएं व्यक्ति को पूरी तरह नियंत्रित करती हैं।
- (D) केवल आर्थिक कारक व्यवहार तय करते हैं।
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सही उत्तर: (B) मनुष्य वस्तुओं के प्रति वैसा व्यवहार करते हैं जैसा वे उनके लिए अर्थ रखते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: यह सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Micro-Sociology) का हिस्सा है जो अर्थ, प्रतीकों और अंतःक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।
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- ‘जेरोन्टोलॉजी’ (Gerontology) समाजशास्त्र की वह शाखा है जो किसका अध्ययन करती है?\n
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- (A) युवाओं के व्यवहार का।
- (B) बच्चों के विकास का।
- (C) वृद्धावस्था और वृद्धों के सामाजिक-मनोवैज्ञानिक पहलुओं का।
- (D) केवल मृत्यु के कारणों का।
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सही उत्तर: (C) वृद्धावस्था और वृद्धों के सामाजिक-मनोवैज्ञानिक पहलुओं का।
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विस्तृत व्याख्या: इसमें उम्र बढ़ने की प्रक्रिया, सेवानिवृत्ति, वृद्धों की सामाजिक स्थिति और उनके लिए स्वास्थ्य नीतियों का अध्ययन किया जाता है।
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- प्रकार्यवाद (Functionalism) के अनुसार, समाज में ‘विघटन’ (Dysfunction) क्या है?\n
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- (A) समाज का पूर्ण विनाश।
- (B) वे सामाजिक तत्व जो समाज की स्थिरता और संतुलन को बाधित करते हैं।
- (C) समाज का निरंतर विकास।
- (D) केवल राजनीतिक अस्थिरता।
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सही उत्तर: (B) वे सामाजिक तत्व जो समाज की स्थिरता और संतुलन को बाधित करते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: मर्टन ने स्पष्ट किया कि हर सामाजिक संस्था के कुछ कार्य सकारात्मक (Functions) हो सकते हैं और कुछ नकारात्मक (Dysfunctions), जो समाज के सामंजस्य को प्रभावित करते हैं।
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टिप: यदि आपने 18 से अधिक प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं, तो आपकी वैचारिक पकड़ मजबूत है। यदि 12 से कम हैं, तो बुनियादी सिद्धांतों और विचारकों के मूल ग्रंथों का पुनः अध्ययन करें। अपनी तैयारी जारी रखें!
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।