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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें

नमस्कार भविष्य के समाजशास्त्रियों!

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आज का यह विशेष क्विज़ आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता और समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की गहरी समझ को चुनौती देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चाहे वह शास्त्रीय विचारकों के जटिल सिद्धांत हों या समकालीन भारतीय समाज की जटिलताएं, यह मॉक टेस्ट आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने का एक बेहतरीन अवसर है। अपनी एकाग्रता बढ़ाएं और अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए इस बौद्धिक चुनौती में शामिल हों!

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  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ (Historical Materialism) का मुख्य आधार क्या है?\n
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    • (A) सामाजिक विचारों का विकास
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    • (B) उत्पादन की भौतिक स्थितियां और आर्थिक संबंध
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    • (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
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    • (D) राजनीतिक विचारधाराएं
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    \n सही उत्तर: (B) उत्पादन की भौतिक स्थितियां और आर्थिक संबंध\n

    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का ऐतिहासिक भौतिकवाद यह तर्क देता है कि समाज का आर्थिक आधार (Base), जिसमें उत्पादन के साधन और संबंध शामिल हैं, समाज के अधिरचना (Superstructure) जैसे कानून, राजनीति और धर्म को निर्धारित करता है। अतः भौतिक परिस्थितियां ही इतिहास की दिशा तय करती हैं। विकल्प (A), (C) और (D) अधिरचना का हिस्सा हैं, आधार का नहीं।

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  2. \n\n

  3. मैक्स वेबर ने ‘Verstehen’ की अवधारणा का उपयोग किस लिए किया था?\n
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    • (A) सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करने के लिए
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    • (B) सामाजिक क्रिया के व्यक्तिपरक अर्थों को समझने के लिए
    • \n

    • (C) वर्ग संघर्ष को मापने के लिए
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    • (D) नौकरशाही की दक्षता की जांच करने के लिए
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    \n सही उत्तर: (B) सामाजिक क्रिया के व्यक्तिपरक अर्थों को समझने के लिए\n

    विस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्रियों को केवल बाहरी व्यवहार को नहीं देखना चाहिए, बल्कि उस व्यक्ति के नजरिए से क्रिया के अर्थ को समझना चाहिए जिसने वह कार्य किया है। यह व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretive Sociology) का आधार है।

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  4. \n\n

  5. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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    • (A) जब समाज में नियम बहुत सख्त हो जाते हैं
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    • (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं
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    • (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है
    • \n

    • (D) जब आर्थिक असमानता समाप्त हो जाती है
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    \n सही उत्तर: (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं\n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ को एक ऐसी स्थिति के रूप में परिभाषित किया जहां तीव्र सामाजिक परिवर्तन (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि) के कारण पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम अभी बने नहीं होते। यह स्थिति व्यक्ति में दिशाहीनता और अवसाद पैदा करती है।

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  6. \n\n

  7. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) Legitimacy (वैधता)
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    • (B) Latency (प्रसुप्तता/पैटर्न रखरखाव)
    • \n

    • (C) Linearization (रैखिकीकरण)
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    • (D) Logic (तर्क)
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    \n सही उत्तर: (B) Latency (प्रसुप्तता/पैटर्न रखरखाव)\n

    विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स का AGIL मॉडल सामाजिक प्रणालियों के अस्तित्व के लिए चार कार्यात्मक आवश्यकताओं को बताता है: Adaptation (अनुकूलन), Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), Integration (एकीकरण) और Latency (प्रसुप्तता)। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना ताकि समाज की स्थिरता बनी रहे।

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  8. \n\n

  9. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य इच्छित होते हैं।
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    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और पहचाने गए होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
    • \n

    • (C) दोनों एक ही होते हैं, बस नाम अलग हैं।
    • \n

    • (D) प्रकट कार्य केवल व्यक्तिगत स्तर पर होते हैं, अंतर्निहित केवल सामाजिक स्तर पर।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और पहचाने गए होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।\n

    विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, किसी भी सामाजिक संस्था का एक घोषित उद्देश्य होता है (प्रकट कार्य), लेकिन उसके साथ कुछ ऐसे परिणाम भी निकलते हैं जिनका उद्देश्य नहीं था लेकिन वे समाज पर प्रभाव डालते हैं (अंतर्निहित कार्य)। उदाहरण के लिए, शिक्षा का प्रकट कार्य ज्ञान देना है, लेकिन अंतर्निहित कार्य नेटवर्किंग और सामाजिक संपर्क बनाना है।

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  11. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘Self’ (स्व) के विकास में ‘Me’ का क्या कार्य है?\n
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    • (A) यह व्यक्ति की सहज और रचनात्मक प्रतिक्रिया है।
    • \n

    • (B) यह समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों का आंतरिक प्रतिबिंब है।
    • \n

    • (C) यह केवल जैविक आवश्यकताओं को पूरा करता है।
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    • (D) यह व्यक्ति के अवचेतन मन का प्रतिनिधित्व करता है।
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    \n सही उत्तर: (B) यह समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों का आंतरिक प्रतिबिंब है।\n

    विस्तृत व्याख्या: मीड ने ‘स्व’ को दो भागों में बांटा: ‘I’ (सक्रिय, सहज प्रतिक्रिया) और ‘Me’ (सामाजिक स्व)। ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज के नियमों को आत्मसात करता है और व्यक्ति को बताता है कि समाज उससे क्या उम्मीद करता है।

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  13. विलियम ऑगबर्न द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) की अवधारणा क्या दर्शाती है?\n
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    • (A) संस्कृति का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
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    • (B) भौतिक संस्कृति का गैर-भौतिक संस्कृति की तुलना में तेजी से बदलना।
    • \n

    • (C) गैर-भौतिक संस्कृति का भौतिक संस्कृति से तेज बदलना।
    • \n

    • (D) दो संस्कृतियों का आपस में मिल जाना।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) भौतिक संस्कृति का गैर-भौतिक संस्कृति की तुलना में तेजी से बदलना।\n

    विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, जब तकनीक और भौतिक साधन (Material Culture) तेजी से विकसित होते हैं, लेकिन सामाजिक मूल्य, विश्वास और कानून (Non-material Culture) उसी गति से नहीं बदलते, तो समाज में एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ कहा जाता है।

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  15. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?\n
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    • (A) वर्ग व्यवस्था (Class System)
    • \n

    • (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
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    • (C) योग्यता आधारित व्यवस्था (Meritocracy)
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    • (D) व्यावसायिक स्तर
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    \n सही उत्तर: (B) जाति व्यवस्था (Caste System)\n

    विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह व्यवस्था है जहां व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनकाल में उसे बदलना लगभग असंभव होता है। जाति व्यवस्था इसका सटीक उदाहरण है। इसके विपरीत, वर्ग व्यवस्था एक ‘खुली’ व्यवस्था है जहां शिक्षा और धन के माध्यम से गतिशीलता संभव है।

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  17. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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    • (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
    • \n

    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
    • \n

    • (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य रूप से अध्ययन करना।
    • \n

    • (D) सभी जातियों का एक समान स्तर पर आ जाना।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।\n

    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने पाया कि भारतीय समाज में कुछ निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और आदर्शों को अपनाती हैं। इसे ही संस्कृतिकरण कहा गया।

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  19. ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा में मुख्य रूप से क्या शामिल होता है?\n
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    • (A) केवल धार्मिक श्रेष्ठता
    • \n

    • (B) केवल संख्यात्मक बहुलता
    • \n

    • (C) भूमि स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन
    • \n

    • (D) केवल उच्च वर्ण में होना
    • \n

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    \n सही उत्तर: (C) भूमि स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन\n

    विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति तब ‘प्रभावी’ होती है जब उसके पास ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में कृषि योग्य भूमि हो, जनसंख्या में उसकी संख्या अधिक हो और वह स्थानीय राजनीति में शक्तिशाली हो, चाहे उसकी वर्ण स्थिति कुछ भी हो।

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  21. अनुसंधान पद्धति में ‘त्रिकोणीकरण’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) केवल तीन उत्तरदाताओं का साक्षात्कार लेना।
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    • (B) एक ही शोध समस्या के अध्ययन के लिए कई विधियों या डेटा स्रोतों का उपयोग करना।
    • \n

    • (C) डेटा को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना।
    • \n

    • (D) केवल मात्रात्मक डेटा का उपयोग करना।
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    \n सही उत्तर: (B) एक ही शोध समस्या के अध्ययन के लिए कई विधियों या डेटा स्रोतों का उपयोग करना।\n

    विस्तृत व्याख्या: त्रिकोणीकरण का उद्देश्य शोध की वैधता (Validity) और विश्वसनीयता को बढ़ाना है। उदाहरण के लिए, यदि कोई शोधकर्ता सर्वेक्षण (मात्रात्मक) और गहन साक्षात्कार (गुणात्मक) दोनों का उपयोग करता है, तो उसे त्रिकोणीकरण कहा जाएगा।

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  23. पियरे बोर्दियु (Pierre Bourdieu) की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा का क्या तात्पर्य है?\n
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    • (A) बैंक में जमा की गई धनराशि।
    • \n

    • (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा जो व्यक्ति को समाज में लाभ पहुंचाती है।
    • \n

    • (C) किसी देश की कुल सांस्कृतिक संपदा।
    • \n

    • (D) केवल कला और संगीत का संग्रह।
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    \n सही उत्तर: (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा जो व्यक्ति को समाज में लाभ पहुंचाती है।\n

    विस्तृत व्याख्या: बोर्दियु के अनुसार, सांस्कृतिक पूंजी उन गैर-आर्थिक संपत्तियों को संदर्भित करती है जो सामाजिक प्रतिष्ठा और शक्ति प्रदान करती हैं। उदाहरण के लिए, उच्च वर्ग की भाषा बोलने का तरीका या विशिष्ट कलाओं की समझ व्यक्ति को शिक्षा और करियर में लाभ दिलाती है।

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  25. निम्नलिखित में से कौन सा ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) की मुख्य विशेषता है?\n
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    • (A) शोधकर्ता का समूह से पूरी तरह अलग रहना।
    • \n

    • (B) केवल प्रश्नावली के माध्यम से डेटा एकत्र करना।
    • \n

    • (C) शोधकर्ता का अध्ययन समूह के दैनिक जीवन में सक्रिय रूप से शामिल होना।
    • \n

    • (D) प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रयोग करना।
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    \n सही उत्तर: (C) शोधकर्ता का अध्ययन समूह के दैनिक जीवन में सक्रिय रूप से शामिल होना।\n

    विस्तृत व्याख्या: सहभागी अवलोकन एक गुणात्मक विधि है जिसमें शोधकर्ता उस समुदाय का हिस्सा बनकर उनके व्यवहार और अनुभवों को अंदर से समझता है। यह नृवंशविज्ञान (Ethnography) का एक प्रमुख हिस्सा है।

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  27. ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) या डिजिटल विभाजन का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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    • (A) केवल इंटरनेट की गति में अंतर।
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    • (B) तकनीक तक पहुंच और उसके उपयोग में मौजूदा सामाजिक असमानताओं (जैसे जाति, वर्ग) का प्रतिबिंब।
    • \n

    • (C) कंप्यूटर का उपयोग करने वाले लोगों की एक नई जाति बनाना।
    • \n

    • (D) डिजिटल साक्षरता का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) तकनीक तक पहुंच और उसके उपयोग में मौजूदा सामाजिक असमानताओं का प्रतिबिंब।\n

    विस्तृत व्याख्या: समकालीन समाजशास्त्र में यह देखा गया है कि डिजिटल संसाधनों (स्मार्टफोन, इंटरनेट) तक पहुंच केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी है। हाशिए पर रहने वाले समूहों की तकनीक तक पहुंच कम है, जिससे पुरानी सामाजिक असमानताएं डिजिटल युग में भी जारी हैं।

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  29. बर्गेस के ‘सकेंद्रित क्षेत्र मॉडल’ (Concentric Zone Model) का संबंध किस समाजशास्त्र से है?\n
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    • (A) ग्रामीण समाजशास्त्र
    • \n

    • (B) नगरीय समाजशास्त्र (Urban Sociology)
    • \n

    • (C) औद्योगिक समाजशास्त्र
    • \n

    • (D) राजनीतिक समाजशास्त्र
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) नगरीय समाजशास्त्र (Urban Sociology)\n

    विस्तृत व्याख्या: अर्नेस्ट बर्गेस ने शिकागो स्कूल के तहत यह मॉडल दिया था, जिसमें बताया गया कि शहर का विकास केंद्र (CBD) से बाहर की ओर वृत्तों (Circles) के रूप में होता है, जिसमें अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र होते हैं।

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  31. ‘पारिवारिक संरचना’ के संदर्भ में ‘मातृसत्तात्मक’ (Matrilineal) परिवार का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) परिवार का नेतृत्व केवल माता करती है।
    • \n

    • (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण माता से पुत्री को होता है।
    • \n

    • (C) परिवार में पिता का कोई अस्तित्व नहीं होता।
    • \n

    • (D) केवल महिलाओं को ही शिक्षा दी जाती है।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण माता से पुत्री को होता है।\n

    विस्तृत व्याख्या: मातृसत्तात्मक (Matrilineal) व्यवस्था में वंश नाम और संपत्ति माँ की रेखा से चलती है। ध्यान दें कि यह ‘मातृसत्ता’ (Matriarchy – जहाँ शक्ति महिलाओं के पास हो) से अलग है, हालांकि दोनों संबंधित हो सकते हैं।

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  33. मिचेल फूको (Michel Foucault) के अनुसार, ‘शक्ति’ (Power) की प्रकृति क्या है?\n
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    • (A) शक्ति केवल राज्य और सरकार के पास होती है।
    • \n

    • (B) शक्ति केवल दमनकारी होती है।
    • \n

    • (C) शक्ति विकेंद्रीकृत है और ज्ञान के साथ गहराई से जुड़ी हुई है।
    • \n

    • (D) शक्ति केवल आर्थिक संसाधनों के नियंत्रण से आती है।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (C) शक्ति विकेंद्रीकृत है और ज्ञान के साथ गहराई से जुड़ी हुई है।\n

    विस्तृत व्याख्या: फूको ने तर्क दिया कि शक्ति केवल ऊपर से नीचे की ओर नहीं चलती, बल्कि यह समाज के हर रिश्ते में मौजूद है। उन्होंने ‘Power-Knowledge’ का सिद्धांत दिया, जिसमें बताया कि ज्ञान का निर्माण शक्ति के संबंधों द्वारा किया जाता है और शक्ति ज्ञान के माध्यम से संचालित होती है।

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  34. \n\n

  35. ‘धर्म का समाजशास्त्र’ में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच अंतर किसने स्पष्ट किया?\n
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    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (D) अगस्त कॉम्टे
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम\n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार दुनिया को दो श्रेणियों में बांटना है: पवित्र (वह जिसे विशेष सम्मान और भय के साथ देखा जाए) और अपवित्र (दैनिक जीवन की सामान्य चीजें)।

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  37. ‘जेन्ट्रिफिकेशन’ (Gentrification) शब्द का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण होना।
    • \n

    • (B) शहरी गरीब बस्तियों का पुनर्विकास और उच्च वर्ग के लोगों का वहां बसना।
    • \n

    • (C) शहरों से लोगों का गांवों की ओर पलायन।
    • \n

    • (D) औद्योगिक क्षेत्रों का कृषि भूमि में बदलना।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) शहरी गरीब बस्तियों का पुनर्विकास और उच्च वर्ग के लोगों का वहां बसना।\n

    विस्तृत व्याख्या: जेन्ट्रिफिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी पुराने या कम आय वाले शहरी क्षेत्र का नवीनीकरण किया जाता है, जिससे वहां संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित होकर संपन्न लोग आ जाते हैं।

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  38. \n\n

  39. कार्ल मार्क्स के अनुसार ‘अलगाव’ (Alienation) के कितने आयाम हैं?\n
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    • (A) दो
    • \n

    • (B) तीन
    • \n

    • (C) चार
    • \n

    • (D) पांच
    • \n

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    \n सही उत्तर: (C) चार\n

    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स ने पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक के चार प्रकार के अलगाव बताए हैं: 1. उत्पाद से अलगाव, 2. उत्पादन की प्रक्रिया से अलगाव, 3. साथी श्रमिकों से अलगाव, और 4. अपने स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलगाव।

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  40. \n\n

  41. अनुसंधान में ‘परिकल्पना’ (Hypothesis) क्या होती है?\n
      \n

    • (A) शोध का अंतिम निष्कर्ष।
    • \n

    • (B) दो या दो से अधिक चरों के बीच एक परीक्षण योग्य अस्थायी कथन।
    • \n

    • (C) डेटा संग्रह की एक विधि।
    • \n

    • (D) शोध का केवल एक वर्णनात्मक हिस्सा।
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) दो या दो से अधिक चरों के बीच एक परीक्षण योग्य अस्थायी कथन।\n

    विस्तृत व्याख्या: परिकल्पना एक शिक्षित अनुमान (Educated Guess) है जिसे शोधकर्ता अपने डेटा के माध्यम से सिद्ध या असिद्ध करता है। यह शोध को दिशा प्रदान करती है।

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  43. निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) का मुख्य विचारक नहीं है?\n
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    • (A) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (B) टैलकॉट पार्सन्स
    • \n

    • (C) रॉबर्ट मर्टन
    • \n

    • (D) कार्ल मार्क्स
    • \n

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    \n सही उत्तर: (D) कार्ल मार्क्स\n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम, पार्सन्स और मर्टन समाज को एक प्रणाली के रूप में देखते हैं जहाँ हर हिस्सा समाज की स्थिरता में योगदान देता है (प्रकार्यवाद)। इसके विपरीत, कार्ल मार्क्स ‘संघर्ष सिद्धांत’ (Conflict Theory) के जनक हैं, जो समाज को विरोधाभासों और संघर्षों के रूप में देखते हैं।

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  44. \n\n

  45. ‘पदानुक्रम’ (Hierarchy) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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    • (A) समाज में सभी का समान होना।
    • \n

    • (B) व्यक्तियों या समूहों का शक्ति, प्रतिष्ठा या धन के आधार पर ऊपर-नीचे क्रम में व्यवस्थित होना।
    • \n

    • (C) केवल पारिवारिक संबंधों का जाल।
    • \n

    • (D) भौगोलिक वितरण का एक तरीका।
    • \n

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    \n सही उत्तर: (B) व्यक्तियों या समूहों का शक्ति, प्रतिष्ठा या धन के आधार पर ऊपर-नीचे क्रम में व्यवस्थित होना।\n

    विस्तृत व्याख्या: पदानुक्रम सामाजिक स्तरीकरण का एक हिस्सा है जहाँ समाज में कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में श्रेष्ठ या शक्तिशाली माना जाता है।

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  46. \n\n

  47. जी.एस. घुर्ये को किस रूप में जाना जाता है?\n
      \n

    • (A) भारतीय समाजशास्त्र के जनक के रूप में
    • \n

    • (B) केवल एक इतिहासकार के रूप में
    • \n

    • (C) केवल एक अर्थशास्त्री के रूप में
    • \n

    • (D) संघर्ष सिद्धांत के प्रणेता के रूप में
    • \n

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    \n सही उत्तर: (A) भारतीय समाजशास्त्र के जनक के रूप में\n

    विस्तृत व्याख्या: जी.एस. घुर्ये ने भारतीय समाज, विशेषकर जाति और जनजातियों का गहन अध्ययन किया और भारत में समाजशास्त्र को एक अकादमिक अनुशासन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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  48. \n\n

  49. ‘सामाजिक गतिशीलता’ (Social Mobility) का अर्थ क्या है?\n
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    • (A) एक शहर से दूसरे शहर जाना।
    • \n

    • (B) सामाजिक स्थिति या स्तर में परिवर्तन होना।
    • \n

    • (C) केवल शारीरिक व्यायाम करना।
    • \n

    • (D) समाज के नियमों को तोड़ना।
    • \n

    \n

    \n सही उत्तर: (B) सामाजिक स्थिति या स्तर में परिवर्तन होना।\n

    विस्तृत व्याख्या: जब कोई व्यक्ति अपनी सामाजिक श्रेणी (जैसे निम्न वर्ग से उच्च वर्ग) बदलता है, तो इसे सामाजिक गतिशीलता कहते हैं। यह ऊर्ध्वगामी (Upward), अधोगामी (Downward) या क्षैतिज (Horizontal) हो सकती है।

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  50. \n

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