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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: वैचारिक स्पष्टता और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अभ्यास

नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!

आज का यह अभ्यास सेट आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने और समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की सूक्ष्म समझ विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों, UPSC की या किसी राज्य PSC की, ये प्रश्न आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और उसे और अधिक गहरा करने में मदद करेंगे। आइए, समाजशास्त्र के इस बौद्धिक सफ़र की शुरुआत करें और अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई दें!


  1. एमिल दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का सबसे सटीक वर्णन क्या है?
    • (A) समाज में अत्यधिक नियमों का होना।
    • (B) सामाजिक मानदंडों का टूटना या नियमों की अनुपस्थिति।
    • (C) व्यक्ति का समाज से पूरी तरह कट जाना।
    • (D) केवल आर्थिक असमानता की स्थिति।

    सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों का टूटना या नियमों की अनुपस्थिति।
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ वह स्थिति है जब समाज में तेजी से बदलाव आते हैं और पुराने नियम काम करना बंद कर देते हैं, जबकि नए नियम अभी बने नहीं होते। इससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
    संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में प्रमुखता से आई है।
    गलत विकल्प: (A) इसके विपरीत है। (C) यह मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) के अधिक करीब है। (D) एनोमी आर्थिक हो सकती है, लेकिन यह केवल आर्थिक असमानता तक सीमित नहीं है।

  2. मैक्स वेबर के अनुसार, ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    • (A) समाज के लिए एक आदर्श दुनिया का निर्माण करना।
    • (B) सामाजिक वास्तविकता का सटीक और पूर्ण विवरण देना।
    • (C) एक विश्लेषणात्मक उपकरण के रूप में उपयोग करना ताकि वास्तविकता की तुलना की जा सके।
    • (D) केवल नैतिक मूल्यों को स्थापित करना।

    सही उत्तर: (C) एक विश्लेषणात्मक उपकरण के रूप में उपयोग करना ताकि वास्तविकता की तुलना की जा सके।
    विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ (Ideal) स्थिति नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जो किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को उभारता है ताकि समाजशास्त्री वास्तविक डेटा की तुलना उससे कर सकें।
    संदर्भ: वेबर के व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretative Sociology) का हिस्सा।
    गलत विकल्प: (A) और (D) इसे नैतिक या यूटोपियन मान लेते हैं, जो गलत है। (B) आदर्श प्रारूप कभी भी ‘पूर्ण’ वास्तविकता नहीं होता, बल्कि एक सरलीकरण होता है।

  3. कार्ल मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) के सिद्धांत में, श्रमिक सबसे पहले किससे अलग होता है?
    • (A) अन्य श्रमिकों से।
    • (B) अपने उत्पाद (Product) से।
    • (C) समाज से।
    • (D) अपनी चेतना से।

    सही उत्तर: (B) अपने उत्पाद (Product) से।
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक जो वस्तु बनाता है, उस पर उसका कोई नियंत्रण नहीं होता; वह उत्पाद उससे छीन लिया जाता है, जिससे वह अपने स्वयं के श्रम के परिणाम से अलग हो जाता है।
    संदर्भ: मार्क्स के ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तृत।
    गलत विकल्प: (A), (C), और (D) अलगाव के बाद के चरण हैं, लेकिन प्राथमिक अलगाव उत्पादन की प्रक्रिया और उत्पाद से शुरू होता है।

  4. टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
    • (A) अनुकूलन (Adaptation)
    • (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • (C) एकीकरण (Integration)
    • (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)

    सही उत्तर: (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)
    विस्तृत व्याख्या: Latency का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से), ताकि सामाजिक स्थिरता बनी रहे।
    संदर्भ: पार्सन्स का संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism)।
    गलत विकल्प: (A) अर्थव्यवस्था से संबंधित है, (B) राजनीति से और (C) कानून/न्याय प्रणाली से।

  5. रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?
    • (A) एक सकारात्मक होता है, दूसरा नकारात्मक।
    • (B) एक इच्छित और मान्यता प्राप्त परिणाम है, दूसरा अनपेक्षित परिणाम है।
    • (C) एक केवल संस्कृति में होता है, दूसरा केवल संरचना में।
    • (D) दोनों एक ही हैं, बस नाम अलग हैं।

    सही उत्तर: (B) एक इच्छित और मान्यता प्राप्त परिणाम है, दूसरा अनपेक्षित परिणाम है।
    विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जो जानबूझकर किए जाते हैं (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना), जबकि अंतर्निहित कार्य वे होते हैं जो अनजाने में होते हैं (जैसे स्कूल में मित्र बनाना या सामाजिक नेटवर्क बनाना)।
    संदर्भ: मर्टन का कार्यात्मक विश्लेषण।
    गलत विकल्प: (A) अंतर्निहित कार्य ‘दुष्क्रिया’ (Dysfunction) भी हो सकते हैं, लेकिन वे अनिवार्य रूप से नकारात्मक नहीं होते। (C) और (D) तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

  6. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
    • (A) केवल जैविक आनुवंशिकता से।
    • (B) सामाजिक अंतःक्रिया और दूसरों के नजरिए को समझने से।
    • (C) केवल कठोर अनुशासन और दंड से।
    • (D) एकांत चिंतन के माध्यम से।

    सही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रिया और दूसरों के नजरिए को समझने से।
    विस्तृत व्याख्या: मीड का मानना था कि ‘स्व’ का निर्माण ‘I’ (स्वयं) और ‘Me’ (सामाजिक अपेक्षाएं) के बीच संवाद से होता है, जिसमें ‘महत्वपूर्ण अन्य’ (Significant Others) की भूमिका अहम होती है।
    संदर्भ: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)।
    गलत विकल्प: (A) जैविक नियतिवाद है। (C) व्यवहारवाद (Behaviorism) का दृष्टिकोण है। (D) यह सामाजिक प्रक्रिया नहीं है।

  7. समकालीन शोध के संदर्भ में, ‘डिजिटल स्तरीकरण’ (Digital Stratification) का क्या तात्पर्य है?
    • (A) इंटरनेट का मुफ्त उपयोग।
    • (B) एआई और तकनीक तक पहुँच के आधार पर सामाजिक असमानता का नया रूप।
    • (C) केवल कंप्यूटर साक्षरता का अभाव।
    • (D) डिजिटल समुदायों में समानता का बढ़ना।

    सही उत्तर: (B) एआई और तकनीक तक पहुँच के आधार पर सामाजिक असमानता का नया रूप।
    विस्तृत व्याख्या: जैसे पुराने समय में जमीन या पूंजी स्तरीकरण का आधार थी, अब डेटा, एआई टूल्स और उच्च-स्तरीय तकनीक तक पहुँच समाज में नए वर्ग (Digital Elite vs Digital Precariat) पैदा कर रही है।
    संदर्भ: समकालीन डिजिटल समाजशास्त्र और हालिया एआई-संचालित सामाजिक बदलाव।
    गलत विकल्प: (C) यह केवल ‘डिजिटल डिवाइड’ है, स्तरीकरण उससे व्यापक सामाजिक व्यवस्था है। (A) और (D) गलत दावे हैं।

  8. फिल गोर्की (Phil Gorski) के हालिया विश्लेषण के अनुसार, समकालीन लोकप्रिय संस्कृति (जैसे पॉप संगीत) में धार्मिक प्रतीकों का बने रहना क्या दर्शाता है?
    • (A) धर्म का पूरी तरह अंत हो गया है।
    • (B) ‘पवित्र’ (The Sacred) की अवधारणा का धर्मनिरपेक्ष रूपों में रूपांतरण।
    • (C) लोग फिर से संगठित धर्मों की ओर लौट रहे हैं।
    • (D) संगीत का धर्म पर कोई प्रभाव नहीं है।

    सही उत्तर: (B) ‘पवित्र’ (The Sacred) की अवधारणा का धर्मनिरपेक्ष रूपों में रूपांतरण।
    विस्तृत व्याख्या: गोर्की तर्क देते हैं कि भले ही पारंपरिक चर्च या मंदिर का प्रभाव कम हुआ हो, लेकिन ‘पवित्रता’ और ‘दिव्यता’ के प्रतीक अब सेलेब्रिटीज और पॉप संस्कृति में स्थानांतरित हो गए हैं।
    संदर्भ: गोर्की की पुस्तक ‘A History of the Western Sacred’
    गलत विकल्प: (A) धर्म खत्म नहीं हुआ, बदला है। (C) यह संगठित धर्म नहीं, बल्कि व्यक्तिगत या सांस्कृतिक पवित्रता है।

  9. ‘गिग इकोनॉमी’ (Gig Economy) में काम करने वाले श्रमिकों की सामाजिक स्थिति को समाजशास्त्री अक्सर किस शब्द से परिभाषित करते हैं?
    • (A) बुर्जुआ (Bourgeoisie)
    • (B) प्रिकेरियट (Precariat)
    • (C) प्रॉलेतारी (Proletariat)
    • (D) मध्य वर्ग (Middle Class)

    सही उत्तर: (B) प्रिकेरियट (Precariat)
    विस्तृत व्याख्या: ‘प्रिकेरियट’ (Precarious + Proletariat) उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनके पास नौकरी की कोई सुरक्षा नहीं होती, कोई लाभ (Benefits) नहीं होते और जिनकी आय अनिश्चित होती है (जैसे फ्रीलांसर या ऐप-आधारित ड्राइवर)।
    संदर्भ: गय स्टेंडिंग (Guy Standing) और समकालीन श्रम समाजशास्त्र।
    गलत विकल्प: (A) वे मालिक हैं। (C) प्रॉलेतारी पारंपरिक औद्योगिक श्रमिक हैं जिनकी कुछ निश्चित स्थितियां थीं। (D) यह वर्ग अस्थिरता का प्रतीक है, मध्य वर्ग के सुखों का नहीं।

  10. ‘जलवायु चिंता’ (Climate Anxiety) को समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य से कैसे देखा जा सकता है?
    • (A) केवल एक व्यक्तिगत मनोवैज्ञानिक विकार के रूप में।
    • (B) एक सामूहिक सामाजिक प्रतिक्रिया जो पर्यावरणीय संकट और भविष्य की अनिश्चितता से उपजी है।
    • (C) केवल विकसित देशों की एक विलासितापूर्ण समस्या।
    • (D) प्रकृति के प्रति प्रेम की कमी।

    सही उत्तर: (B) एक सामूहिक सामाजिक प्रतिक्रिया जो पर्यावरणीय संकट और भविष्य की अनिश्चितता से उपजी है।
    विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्र इसे व्यक्तिगत समस्या के बजाय एक ‘सामाजिक तथ्य’ के रूप में देखता है, जहाँ वैश्विक पारिस्थितिक तंत्र का विनाश सामूहिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य संकट पैदा कर रहा है।
    संदर्भ: पर्यावरणीय समाजशास्त्र (Environmental Sociology)।
    गलत विकल्प: (A) यह इसे केवल मेडिकल समस्या मानता है, सामाजिक नहीं। (C) यह वैश्विक समस्या है, हालांकि प्रभाव अलग-अलग हैं।

  11. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?
    • (A) वर्ग (Class)
    • (B) जाति (Caste)
    • (C) पेशेवर स्थिति (Professional Status)
    • (D) आय स्तर (Income Level)

    सही उत्तर: (B) जाति (Caste)
    विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनकाल में उसे बदलना लगभग असंभव होता है। जाति इसका सबसे सटीक उदाहरण है।
    संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण के सिद्धांत।
    गलत विकल्प: (A), (C), और (D) ‘खुले स्तरीकरण’ (Open Stratification) के उदाहरण हैं क्योंकि इन्हें शिक्षा, धन या प्रयास से बदला जा सकता है।

  12. संस्कृति (Culture) और सभ्यता (Civilization) के बीच अंतर किसने स्पष्ट किया था?
    • (A) अगस्त कॉम्टे
    • (B) हर्बर्ट स्पेंसर
    • (C) मैक्स वेबर
    • (D) एमिल दुर्खीम

    सही उत्तर: (B) हर्बर्ट स्पेंसर
    विस्तृत व्याख्या: स्पेंसर ने सभ्यता को ‘तकनीकी और भौतिक प्रगति’ (जैसे मशीनें, इंफ्रास्ट्रक्चर) और संस्कृति को ‘बौद्धिक, नैतिक और कलात्मक प्रगति’ के रूप में परिभाषित किया था।
    संदर्भ: प्रारंभिक समाजशास्त्रीय सिद्धांत।
    गलत विकल्प: कॉम्टे ने समाजशास्त्र की स्थापना की, लेकिन यह विशिष्ट वर्गीकरण स्पेंसर का था।

  13. ‘रक्त संबंध’ (Consanguineal Kinship) का अर्थ क्या है?
    • (A) विवाह के माध्यम से बने संबंध।
    • (B) समान वंश या जन्म के आधार पर संबंध।
    • (C) केवल कानूनी रूप से अपनाए गए संबंध।
    • (D) मित्रता पर आधारित संबंध।

    सही उत्तर: (B) समान वंश या जन्म के आधार पर संबंध।
    विस्तृत व्याख्या: Consanguineal (रक्त संबंधी) वे संबंध हैं जो जैविक माता-पिता और बच्चों या भाई-बहनों के बीच होते हैं।
    संदर्भ: नातेदारी का समाजशास्त्र (Sociology of Kinship)।
    गलत विकल्प: (A) को ‘Affinal Kinship’ (द्वैजी नातेदारी) कहा जाता है। (C) और (D) नातेदारी के पारंपरिक समाजशास्त्रीय प्रकार नहीं हैं।

  14. धर्म के समाजशास्त्र में ‘धर्मनिरपेक्षीकरण’ (Secularization) का क्या अर्थ है?
    • (A) धर्म का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
    • (B) समाज के सार्वजनिक जीवन और संस्थानों से धार्मिक प्रभाव का कम होना।
    • (C) सभी लोगों का नास्तिक हो जाना।
    • (D) धर्म का राजनीति पर पूर्ण नियंत्रण।

    सही उत्तर: (B) समाज के सार्वजनिक जीवन और संस्थानों से धार्मिक प्रभाव का कम होना।
    विस्तृत व्याख्या: धर्मनिरपेक्षीकरण का अर्थ यह नहीं है कि लोग प्रार्थना करना छोड़ देते हैं, बल्कि यह है कि कानून, शिक्षा और राजनीति अब धार्मिक ग्रंथों के बजाय तर्क और विज्ञान पर आधारित होते हैं।
    संदर्भ: वेबर और दुर्खीम के धर्म संबंधी सिद्धांत।
    गलत विकल्प: (A) और (C) अतिवादी दावे हैं। धर्म निजी जीवन में रह सकता है लेकिन सार्वजनिक सत्ता से अलग हो जाता है। (D) यह ‘थियोक्रेसी’ (Theocracy) है।

  15. शिक्षा के कार्यात्मक दृष्टिकोण (Functionalist Perspective) के अनुसार, शिक्षा का मुख्य कार्य क्या है?
    • (A) केवल अमीर वर्ग के विशेषाधिकारों को बनाए रखना।
    • (B) सामाजिककरण और समाज के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना।
    • (C) छात्रों में विद्रोह की भावना जगाना।
    • (D) केवल व्यक्तिगत मनोरंजन।

    सही उत्तर: (B) सामाजिककरण और समाज के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना।
    विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवादी मानते हैं कि शिक्षा समाज की स्थिरता के लिए आवश्यक है क्योंकि यह बच्चों को सामाजिक मूल्यों में ढालती है और उन्हें श्रम बाजार के लिए तैयार करती है।
    संदर्भ: पार्सन्स और दुर्खीम का शिक्षा सिद्धांत।
    गलत विकल्प: (A) यह ‘संघर्ष सिद्धांत’ (Conflict Theory) का नजरिया है। (C) और (D) शिक्षा के प्राथमिक सामाजिक कार्यों में नहीं आते।

  16. मात्रात्मक अनुसंधान (Quantitative Research) की मुख्य विशेषता क्या है?
    • (A) गहन व्यक्तिगत साक्षात्कार।
    • (B) सांख्यिकीय डेटा और संख्यात्मक विश्लेषण का उपयोग।
    • (C) केवल अवलोकन (Observation) पर आधारित होना।
    • (D) व्यक्तिपरक अनुभवों का विस्तृत वर्णन।

    सही उत्तर: (B) सांख्यिकीय डेटा और संख्यात्मक विश्लेषण का उपयोग।
    विस्तृत व्याख्या: मात्रात्मक शोध का उद्देश्य डेटा को संख्याओं में बदलना और पैटर्न या संबंधों को सांख्यिकीय रूप से सिद्ध करना होता है (जैसे सर्वे)।
    संदर्भ: समाजशास्त्रीय अनुसंधान पद्धतियां।
    गलत विकल्प: (A), (C), और (D) ‘गुणात्मक अनुसंधान’ (Qualitative Research) की विशेषताएं हैं।

  17. ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) किस प्रकार की अनुसंधान विधि है?
    • (A) प्रयोगात्मक विधि (Experimental Method)
    • (B) सर्वेक्षण विधि (Survey Method)
    • (C) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
    • (D) सामग्री विश्लेषण (Content Analysis)

    सही उत्तर: (C) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
    विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता उस समूह के साथ रहकर, उनके जीवन का हिस्सा बनकर डेटा एकत्र करता है, ताकि उनकी संस्कृति को अंदर से समझा जा सके।
    संदर्भ: गुणात्मक शोध पद्धति।
    गलत विकल्प: (A) लैब आधारित होता है। (B) प्रश्नावली पर आधारित होता है। (D) लिखित दस्तावेजों के विश्लेषण पर आधारित होता है।

  18. नमूनाकरण (Sampling) में ‘स्तरीकृत नमूनाकरण’ (Stratified Sampling) का क्या अर्थ है?
    • (A) जनसंख्या में से रैंडम तरीके से किसी को भी चुनना।
    • (B) जनसंख्या को उप-समूहों (Strata) में बांटकर प्रत्येक से नमूने लेना।
    • (C) केवल उन लोगों को चुनना जो शोधकर्ता के परिचित हों।
    • (D) केवल सबसे अमीर लोगों का चयन करना।

    सही उत्तर: (B) जनसंख्या को उप-समूहों (Strata) में बांटकर प्रत्येक से नमूने लेना।
    विस्तृत व्याख्या: यह सुनिश्चित करने के लिए कि नमूने में समाज के सभी वर्गों (जैसे लिंग, आयु, जाति) का प्रतिनिधित्व हो, पहले जनसंख्या को समूहों में बांटा जाता है और फिर नमूने लिए जाते हैं।
    संदर्भ: शोध पद्धति (Research Methodology)।
    गलत विकल्प: (A) ‘सरल यादृच्छिक नमूनाकरण’ (Simple Random Sampling) है। (C) ‘सुविधा नमूनाकरण’ (Convenience Sampling) है। (D) यह पक्षपाती नमूनाकरण है।

  19. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
    • (A) निचली जातियों का उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
    • (B) उच्च जातियों का निचली जातियों के साथ विवाह करना।
    • (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य रूप से अध्ययन करना।
    • (D) जाति व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना।

    सही उत्तर: (A) निचली जातियों का उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों, पूजा पद्धतियों और खान-पान को अपनाती हैं।
    संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र; एम.एन. श्रीनिवास।
    गलत विकल्प: (B) यह अंतर्जातीय विवाह है। (C) यह केवल भाषा सीखना है, सामाजिक गतिशीलता नहीं। (D) संस्कृतिकरण जाति व्यवस्था के भीतर काम करता है, उसे खत्म नहीं करता।

  20. ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) के संदर्भ में क्या सत्य है?
    • (A) इंटरनेट ने जातिगत भेदभाव को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
    • (B) जातिगत पूर्वाग्रह अब सोशल मीडिया एल्गोरिदम और डिजिटल एक्सेस के माध्यम से प्रकट होते हैं।
    • (C) डिजिटल दुनिया में केवल उच्च जातियां ही मौजूद हैं।
    • (D) डिजिटल डिवाइड का जाति से कोई संबंध नहीं है।

    सही उत्तर: (B) जातिगत पूर्वाग्रह अब सोशल मीडिया एल्गोरिदम और डिजिटल एक्सेस के माध्यम से प्रकट होते हैं।
    विस्तृत व्याख्या: शोध बताते हैं कि डिजिटल स्पेस में भी जातिगत पहचान बनी रहती है और तकनीक (जैसे एआई या नेटवर्किंग) अनजाने में मौजूदा सामाजिक असमानताओं को और मजबूत कर सकती है।
    संदर्भ: भारतीय समाज का समकालीन डिजिटल विश्लेषण।
    गलत विकल्प: (A) तकनीक ने भेदभाव का स्वरूप बदला है, उसे खत्म नहीं किया। (C) सभी जातियां मौजूद हैं, लेकिन अवसर समान नहीं हैं। (D) डिजिटल डिवाइड का गहरा संबंध सामाजिक स्तरीकरण (जाति/वर्ग) से है।

  21. भारतीय जनजातियों के संदर्भ में ‘एकीकरण’ (Integration) और ‘अलगाव’ (Isolation) के बीच का मुख्य विवाद क्या है?
    • (A) जनजातियों को आधुनिक समाज में मिलाना या उनकी विशिष्ट संस्कृति को बचाने के लिए उन्हें अलग रखना।
    • (B) उन्हें केवल शहरों में बसाना।
    • (C) उनकी भाषा को पूरी तरह प्रतिबंधित करना।
    • (D) उन्हें केवल कृषि कार्यों तक सीमित रखना।

    सही उत्तर: (A) जनजातियों को आधुनिक समाज में मिलाना या उनकी विशिष्ट संस्कृति को बचाने के लिए उन्हें अलग रखना।
    विस्तृत व्याख्या: यह एक बड़ी समाजशास्त्रीय बहस है कि क्या जनजातियों को मुख्यधारा में शामिल (Integrate) करना चाहिए (जिससे उनकी संस्कृति खत्म हो सकती है) या उन्हें स्वायत्त क्षेत्र देकर अलग (Isolate) रखना चाहिए।
    संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र (Tribal Studies)।
    गलत विकल्प: (B), (C), और (D) केवल विशिष्ट नीतियां या गलत प्रथाएं हैं, बुनियादी वैचारिक विवाद नहीं।

  22. ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘प्रच्छन्न बेरोजगारी’ (Disguised Unemployment) का क्या अर्थ है?
    • (A) जब व्यक्ति काम नहीं करना चाहता।
    • (B) जब किसी कार्य में आवश्यकता से अधिक लोग लगे हों, लेकिन उनकी सीमांत उत्पादकता शून्य हो।
    • (C) जब सरकार नौकरियां नहीं देती।
    • (D) जब व्यक्ति अपनी योग्यता के अनुसार काम न करे।

    सही उत्तर: (B) जब किसी कार्य में आवश्यकता से अधिक लोग लगे हों, लेकिन उनकी सीमांत उत्पादकता शून्य हो।
    विस्तृत व्याख्या: यह ग्रामीण कृषि क्षेत्र में आम है, जहाँ एक छोटे खेत पर पूरा परिवार काम करता है, जबकि वास्तव में केवल दो लोगों की जरूरत होती है। अतिरिक्त लोगों के हटने से उत्पादन पर असर नहीं पड़ता।
    संदर्भ: ग्रामीण अर्थव्यवस्था का समाजशास्त्र।
    गलत विकल्प: (A) यह स्वेच्छा से बेरोजगारी है। (C) यह संरचनात्मक बेरोजगारी है। (D) यह अल्प-रोजगार (Underemployment) है।

  23. नगरीकरण (Urbanization) के कारण उत्पन्न होने वाली ‘शहरी स्लम’ (Urban Slums) की समस्या का मुख्य समाजशास्त्रीय कारण क्या है?
    • (A) शहरी लोगों की आलस्य।
    • (B) ग्रामीण क्षेत्रों से तीव्र पलायन और बुनियादी आवास सुविधाओं का अभाव।
    • (C) केवल सरकार की इच्छाशक्ति की कमी।
    • (D) शहरों में जगह की अधिकता।

    सही उत्तर: (B) ग्रामीण क्षेत्रों से तीव्र पलायन और बुनियादी आवास सुविधाओं का अभाव।
    विस्तृत व्याख्या: जब ग्रामीण लोग रोजगार की तलाश में शहरों की ओर आते हैं (Push-Pull Factor), लेकिन शहरों में उनके लिए किफायती आवास नहीं होते, तो वे अनधिकृत बस्तियों या स्लम में रहने को मजबूर होते हैं।
    संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र।
    गलत विकल्प: (A) गलत तर्क है। (C) यह एक कारक है, लेकिन मुख्य समाजशास्त्रीय कारण पलायन और संसाधनों का वितरण है। (D) शहरों में जगह की कमी होती है, अधिकता नहीं।

  24. ‘विपथन’ (Deviance) के संदर्भ से ‘लेबलिंग सिद्धांत’ (Labeling Theory) क्या कहता है?
    • (A) व्यक्ति जन्म से ही अपराधी होता है।
    • (B) समाज जब किसी व्यक्ति को ‘अपराधी’ का लेबल लगा देता है, तो वह उसी पहचान को अपना लेता है।
    • (C) केवल गरीब लोग ही विचलित व्यवहार करते हैं।
    • (D) कानून का डर ही अपराध को रोकता है।

    सही उत्तर: (B) समाज जब किसी व्यक्ति को ‘अपराधी’ का लेबल लगा देता है, तो वह उसी पहचान को अपना लेता है।
    विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत मानता है कि कोई कार्य अपने आप में विचलित नहीं होता, बल्कि जब समाज उस पर ‘लेबल’ लगाता है, तो व्यक्ति अपनी आत्म-छवि बदल लेता है और आगे और अधिक अपराध करता है (Secondary Deviance)।
    संदर्भ: हावर्ड बेकर (Howard Becker)।
    गलत विकल्प: (A) जैविक सिद्धांत है। (C) यह केवल वर्ग आधारित विचार है। (D) यह ‘निवारण सिद्धांत’ (Deterrence Theory) है।

  25. सामाजिक परिवर्तन (Social Change) के संदर्भ में ‘रैखिक’ (Linear) विकास मॉडल का क्या अर्थ है?
    • (A) समाज एक चक्र में घूमता है।
    • (B) समाज एक सीधी रेखा में सरल से जटिल अवस्था की ओर बढ़ता है।
    • (C) समाज में कोई परिवर्तन नहीं होता।
    • (D) समाज अचानक बदल जाता है।

    सही उत्तर: (B) समाज एक सीधी रेखा में सरल से जटिल अवस्था की ओर बढ़ता है।
    विस्तृत व्याख्या: रैखिक मॉडल (जैसे ऑगस्ट कॉम्टे या स्पेंसर का) मानते हैं कि समाज एक निश्चित दिशा में विकसित होता है, जैसे आदिम समाज $\rightarrow$ पारंपरिक समाज $\rightarrow$ आधुनिक समाज।
    संदर्भ: सामाजिक विकास के सिद्धांत।
    गलत विकल्प: (A) ‘चक्रवात मॉडल’ (Cyclical Model) है (जैसे टोयन्बी या स्पेंगलर)। (C) स्थिरता है। (D) क्रांतिकारी परिवर्तन है।


निष्कर्ष: यह अभ्यास सेट न केवल आपके ज्ञान का परीक्षण करता है, बल्कि आपको समकालीन मुद्दों (जैसे AI, डिजिटल स्तरीकरण और जलवायु चिंता) को समाजशास्त्रीय चश्मे से देखने के लिए प्रेरित करता है। याद रखें, समाजशास्त्र केवल किताबों में नहीं, बल्कि हमारे चारों ओर घट रही घटनाओं में है। अपनी तैयारी जारी रखें!

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