समाजशास्त्र की वैचारिक गहराई: अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें
समाजशास्त्र केवल समाज का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह उन अदृश्य धागों को समझने की कला है जो हमारी सामाजिक संरचना को बांधते हैं। UGC-NET, UPSC और State PSC जैसी उच्च-स्तरीय परीक्षाओं के लिए वैचारिक स्पष्टता अनिवार्य है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपकी तैयारी को धार देने और जटिल समाजशास्त्रीय सिद्धांतों के बीच के सूक्ष्म अंतर को समझने के लिए तैयार किया गया है। आइए, अपनी बौद्धिक क्षमता को चुनौती दें और समाजशास्त्र के गहन सागर में उतरें!
- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:
- (A) समाज में अत्यधिक नियम होते हैं।
- (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विखंडन होता है।
- (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
- (D) आर्थिक असमानता चरम पर होती है।
सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विखंडन होता है।
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का प्रयोग उस स्थिति के लिए किया जहाँ समाज में नियमों का अभाव होता है या पुराने नियम टूट जाते हैं और नए अभी बने नहीं होते (जैसे तीव्र आर्थिक परिवर्तन के दौरान)।
संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में प्रमुखता से आई है।
गलत विकल्प: (A) यह अति-नियमन है। (C) यह मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) के करीब है। (D) आर्थिक असमानता एनोमी का कारण हो सकती है, लेकिन वह स्वयं एनोमी की परिभाषा नहीं है। - मैक्स वेबर के ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) समाज के लिए एक आदर्श मॉडल पेश करना।
- (B) सामाजिक वास्तविकता का एक सटीक दर्पण प्रस्तुत करना।
- (C) जटिल सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण बनाना।
- (D) यह सिद्ध करना कि समाज हमेशा तर्कसंगत होता है।
सही उत्तर: (C) जटिल सामाजिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए एक तुलनात्मक उपकरण बनाना।
विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई वास्तविक ‘आदर्श’ या ‘परफेक्ट’ स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक निर्माण है जो शोधकर्ता को वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना करने और उनका विश्लेषण करने में मदद करता है।
संदर्भ: वेबर के ‘Interpretive Sociology’ (Verstehen) का हिस्सा है।
गलत विकल्प: (A) यह नैतिक आदर्श नहीं है। (B) यह वास्तविकता का हूबहू चित्रण नहीं बल्कि एक सरलीकरण है। (D) वेबर ने तर्कसंगतीकरण का अध्ययन किया, लेकिन आदर्श प्रारूप का उद्देश्य केवल तर्कसंगतता सिद्ध करना नहीं था। - कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अधिरचना’ (Superstructure) में निम्नलिखित में से क्या शामिल है?
- (A) उत्पादन के साधन
- (B) उत्पादन के संबंध
- (C) कानून, राजनीति और धर्म
- (D) कच्चा माल और श्रम
सही उत्तर: (C) कानून, राजनीति और धर्म।
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, आर्थिक आधार (Base) – जिसमें उत्पादन के साधन और संबंध होते हैं – समाज की अधिरचना (Superstructure) को निर्धारित करता है। कानून, धर्म, संस्कृति और राजनीति इस आधार पर टिके होते हैं।
संदर्भ: ऐतिहासिक भौतिकवाद (Historical Materialism)।
गलत विकल्प: (A), (B) और (D) ‘आधार’ (Base) के घटक हैं। - टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) एकीकरण (Integration)
- (C) पैटर्न का रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)
- (D) अनुकूलन (Adaptation)
सही उत्तर: (C) पैटर्न का रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)।
विस्तृत व्याख्या: Latency का अर्थ है समाज के मूल मूल्यों और सांस्कृतिक पैटर्नों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से)।
संदर्भ: संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism)।
गलत विकल्प: (A) यह ‘G’ है। (B) यह ‘I’ है। (D) यह ‘A’ है। - रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
- (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य लाभकारी।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) प्रकट कार्य केवल राजनीति में होते हैं, अप्रत्यक्ष केवल धर्म में।
- (D) दोनों में कोई वास्तविक अंतर नहीं है।
सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय जाने का प्रकट कार्य डिग्री प्राप्त करना है, लेकिन अप्रत्यक्ष कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना या जीवनसाथी खोजना हो सकता है।
संदर्भ: मर्टन का कार्यात्मक विश्लेषण।
गलत विकल्प: (A) दोनों सकारात्मक या नकारात्मक हो सकते हैं। (C) ये किसी भी सामाजिक संस्था में हो सकते हैं। - जी.एच. मीड के अनुसार, ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me) के बीच क्या संबंध है?
- (A) ‘मैं’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है और ‘मुझे’ व्यक्ति की सहज प्रतिक्रिया है।
- (B) ‘मैं’ व्यक्ति की सहज और रचनात्मक प्रतिक्रिया है, जबकि ‘मुझे’ समाज द्वारा आंतरिक बनाया गया सामाजिक स्व है।
- (C) ‘मैं’ और ‘मुझे’ दोनों एक ही चीज़ हैं।
- (D) ‘मैं’ केवल बचपन में होता है और ‘मुझे’ वयस्कता में।
सही उत्तर: (B) ‘मैं’ व्यक्ति की सहज और रचनात्मक प्रतिक्रिया है, जबकि ‘मुझे’ समाज द्वारा आंतरिक बनाया गया सामाजिक स्व है।
विस्तृत व्याख्या: मीड का प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) बताता है कि स्व (Self) का विकास सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से होता है। ‘Me’ वह है जो समाज हमसे चाहता है, और ‘I’ वह है कि हम उस पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं।
संदर्भ: Mind, Self, and Society।
गलत विकल्प: (A) यह ठीक उल्टा है। (C) और (D) समाजशास्त्रीय रूप से गलत हैं। - सामाजिक स्तरीकरण के संदर्भ में, मैक्स वेबर का त्रिविमीय मॉडल किन तीन आयामों पर आधारित है?
- (A) जाति, धर्म और भाषा
- (B) वर्ग, स्थिति (Status) और शक्ति (Party)
- (C) शिक्षा, आय और लिंग
- (D) शहरीकरण, औद्योगिकीकरण और आधुनिकता
सही उत्तर: (B) वर्ग, स्थिति (Status) और शक्ति (Party)।
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स ने केवल आर्थिक वर्ग पर जोर दिया, लेकिन वेबर ने कहा कि सामाजिक सम्मान (Status) और राजनीतिक प्रभाव (Power/Party) भी स्तरीकरण के स्वतंत्र कारक हैं।
संदर्भ: Economy and Society।
गलत विकल्प: अन्य विकल्प स्तरीकरण के कारक हो सकते हैं, लेकिन वेबर का विशिष्ट मॉडल इन्हीं तीनों पर आधारित है। - ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी थी?
- (A) ऑगस्ट कॉम्टे
- (B) हर्बर्ट स्पेंसर
- (C) विलियम एफ. ऑगबर्न
- (D) एमिल दुर्खीम
सही उत्तर: (C) विलियम एफ. ऑगबर्न।
विस्तृत व्याख्या: जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मान्यताएं, मूल्य) धीमी गति से बदलती हैं, तो इस अंतर को सांस्कृतिक विलंबन कहते हैं।
संदर्भ: Social Change (1925)।
गलत विकल्प: कॉम्टे ने समाजशास्त्र की नींव रखी, स्पेंसर ने सामाजिक डार्विनवाद दिया और दुर्खीम ने सामाजिक तथ्यों पर जोर दिया। - निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य विचारक है?
- (A) टैलकोट पार्सन्स
- (B) हरबर्ट ब्लूमर
- (C) रॉबर्ट मर्टन
- (D) लुई चार्ल्स डुरकीम
सही उत्तर: (B) हरबर्ट ब्लूमर।
विस्तृत व्याख्या: ब्लूमर ने मीड के विचारों को विकसित किया और ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ शब्द गढ़ा। यह सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Micro-sociology) का दृष्टिकोण है।
संदर्भ: यह सिद्धांत अर्थ, प्रतीकों और अंतःक्रिया पर केंद्रित है।
गलत विकल्प: पार्सन्स और मर्टन संरचनात्मक कार्यात्मकतावादी हैं, और दुर्खीम समाजशास्त्र के संस्थापकों में से एक हैं जो व्यापक सामाजिक तथ्यों पर केंद्रित थे। - ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच का अंतर किसने स्पष्ट किया?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम।
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का सार पवित्र और अपवित्र के बीच का विभाजन है। पवित्र वह है जिसे समाज ने अलग रखा है और जिसकी पूजा की जाती है।
संदर्भ: The Elementary Forms of the Religious Life।
गलत विकल्प: वेबर ने ‘प्रोटेस्टेंट एथिक्स’ पर काम किया, मार्क्स ने धर्म को ‘अफीम’ कहा, और कॉम्टे ने ‘मानवता के धर्म’ की बात की। - ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा एम.एन. श्रीनिवास ने किस संदर्भ में दी थी?
- (A) जब उच्च जातियां निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाती हैं।
- (B) जब निम्न जातियां उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवनशैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती हैं।
- (C) जब विदेशी संस्कृति भारतीय संस्कृति में विलीन हो जाती है।
- (D) जाति व्यवस्था का पूर्ण उन्मूलन।
सही उत्तर: (B) जब निम्न जातियां उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवनशैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती हैं।
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण एक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से निम्न जातियां ‘द्विज’ जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाती हैं ताकि वे जाति पदानुक्रम में ऊपर उठ सकें।
संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र और ग्रामीण अध्ययन।
गलत विकल्प: (A) यह विपरीत प्रक्रिया है। (C) यह सांस्कृतिक आत्मसातीकरण (Assimilation) है। (D) यह जाति व्यवस्था का अंत नहीं, बल्कि उसके भीतर गतिशीलता है। - ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) का अर्थ क्या है?
- (A) वह जाति जो संख्या में सबसे अधिक हो।
- (B) वह जाति जिसके पास आर्थिक शक्ति (भूमि), संख्यात्मक मजबूती और राजनीतिक शक्ति हो।
- (C) वह जाति जो केवल धार्मिक रूप से उच्च हो।
- (D) वह जाति जो शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक शक्तिशाली हो।
सही उत्तर: (B) वह जाति जिसके पास आर्थिक शक्ति (भूमि), संख्यात्मक मजबूती और राजनीतिक शक्ति हो।
विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, प्रभावी जाति वह है जो ग्रामीण समाज में भूमि का स्वामित्व रखती है और जिसकी संख्या पर्याप्त होती है, जिससे वह राजनीतिक प्रभाव डाल पाती है।
संदर्भ: ‘The Remembered Village’।
गलत विकल्प: (A) केवल संख्या पर्याप्त नहीं है, भूमि और शक्ति भी आवश्यक है। (C) धार्मिक स्थिति (Ritual Status) प्रभावी जाति होने के लिए अनिवार्य नहीं है। - ‘एथ्नोग्राफी’ (Ethnography) अनुसंधान की किस विधि से सबसे अधिक संबंधित है?
- (A) सर्वेक्षण (Survey)
- (B) सामग्री विश्लेषण (Content Analysis)
- (C) सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
- (D) प्रयोगात्मक विधि (Experimental Method)
सही उत्तर: (C) सहभागी अवलोकन (Participant Observation)।
विस्तृत व्याख्या: एथ्नोग्राफी में शोधकर्ता उस समूह के साथ रहता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है, ताकि उनकी संस्कृति और व्यवहार को गहराई से समझ सके।
संदर्भ: गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research)।
गलत विकल्प: (A) सर्वेक्षण मात्रात्मक होता है। (B) यह दस्तावेजी विश्लेषण है। (D) यह नियंत्रित प्रयोगशाला वातावरण में होता है। - सामाजिक अनुसंधान में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?
- (A) यह कि शोध ने वास्तव में वही मापा जो वह मापना चाहता था।
- (B) यह कि यदि उसी शोध को दोबारा किया जाए, तो परिणाम समान आएंगे।
- (C) शोध का नैतिक होना।
- (D) शोध का बहुत विस्तृत होना।
सही उत्तर: (B) यह कि यदि उसी शोध को दोबारा किया जाए, तो परिणाम समान आएंगे।
विस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता स्थिरता (Consistency) से संबंधित है। यदि एक ही माप बार-बार समान परिणाम दे, तो वह विश्वसनीय है।
संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।
गलत विकल्प: (A) यह ‘वैधता’ (Validity) की परिभाषा है। (C) यह शोध नैतिकता (Research Ethics) है। - ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) समाजशास्त्र के समकालीन मुद्दों में क्या दर्शाता है?
- (A) इंटरनेट की गति में अंतर।
- (B) डिजिटल तकनीक तक पहुंच और उसके उपयोग में मौजूद सामाजिक-आर्थिक असमानता।
- (C) केवल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच का अंतर।
- (D) कंप्यूटर चलाने की क्षमता में कमी।
सही उत्तर: (B) डिजिटल तकनीक तक पहुंच और उसके उपयोग में मौजूद सामाजिक-आर्थिक असमानता।
विस्तृत व्याख्या: डिजिटल डिवाइड केवल तकनीक की उपलब्धता नहीं है, बल्कि यह वर्ग, जाति, लिंग और भूगोल के आधार पर सूचना तक पहुंच की असमानता को दर्शाता है, जो मौजूदा सामाजिक असमानताओं को और गहरा करता है।
संदर्भ: समकालीन डिजिटल संस्कृति और असमानता।
गलत विकल्प: (A) यह तकनीकी मुद्दा है, समाजशास्त्रीय नहीं। (C) यह केवल एक आयाम है, पूर्ण परिभाषा नहीं। - कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संदर्भ में ‘एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह’ (Algorithmic Bias) का समाजशास्त्रीय महत्व क्या है?
- (A) एआई मशीनों का इंसानों से बेहतर होना।
- (B) सॉफ्टवेयर में कोडिंग की गलतियाँ।
- (C) एआई सिस्टम द्वारा मौजूदा सामाजिक पूर्वाग्रहों (जैसे नस्लवाद या लैंगिक भेदभाव) को दोहराना और मजबूत करना।
- (D) इंटरनेट की धीमी गति के कारण डेटा का गलत होना।
सही उत्तर: (C) एआई सिस्टम द्वारा मौजूदा सामाजिक पूर्वाग्रहों (जैसे नस्लवाद या लैंगिक भेदभाव) को दोहराना और मजबूत करना।
विस्तृत व्याख्या: चूंकि एआई को ऐतिहासिक डेटा पर प्रशिक्षित किया जाता है, यदि डेटा में मानवीय पूर्वाग्रह हैं, तो एआई भी उन्हीं भेदभावपूर्ण पैटर्नों को अपना लेता है, जिससे डिजिटल असमानता बढ़ती है।
संदर्भ: समाजशास्त्र और प्रौद्योगिकी (Sociology of Technology)।
गलत विकल्प: (A) यह तकनीकी श्रेष्ठता की बात है। (B) यह केवल तकनीकी बग है, सामाजिक मुद्दा नहीं। - ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) के विघटन का मुख्य कारण समाजशास्त्रियों ने किसे माना है?
- (A) जनसंख्या में वृद्धि।
- (B) औद्योगिकीकरण और शहरीकरण।
- (C) धर्म का प्रभाव कम होना।
- (D) शिक्षा का प्रसार।
सही उत्तर: (B) औद्योगिकीकरण और शहरीकरण।
विस्तृत व्याख्या: उद्योगों की स्थापना और शहरों की ओर पलायन ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ाया, जिससे संयुक्त परिवार टूटकर एकल परिवार (Nuclear Family) में बदलने लगे।
संदर्भ: परिवार का समाजशास्त्र।
गलत विकल्प: हालांकि (D) एक कारक है, लेकिन औद्योगिकीकरण सबसे बुनियादी संरचनात्मक परिवर्तन था। - गिन्सबर्ग और अन्य विचारकों के अनुसार, ‘सामाजिक संरचना’ (Social Structure) क्या है?
- (A) केवल इमारतों और शहरों का विन्यास।
- (B) सामाजिक संबंधों और संस्थाओं का एक स्थिर और व्यवस्थित पैटर्न।
- (C) समाज में होने वाले आकस्मिक परिवर्तन।
- (D) केवल सरकार और प्रशासन का ढांचा।
सही उत्तर: (B) सामाजिक संबंधों और संस्थाओं का एक स्थिर और व्यवस्थित पैटर्न।
विस्तृत व्याख्या: सामाजिक संरचना उन स्थायी संबंधों का जाल है जो समाज के सदस्यों के व्यवहार को दिशा देता है और उसे स्थिरता प्रदान करता है।
संदर्भ: समाजशास्त्रीय मूल अवधारणाएं।
गलत विकल्प: (A) यह भौतिक संरचना है। (C) यह सामाजिक परिवर्तन है, संरचना नहीं। - ‘लुईस विर्थ’ (Louis Wirth) के अनुसार, शहरी जीवन की तीन मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
- (A) गरीबी, बीमारी और प्रदूषण।
- (B) जनसंख्या का आकार, घनत्व और विषमता (Heterogeneity)।
- (C) मॉल, सिनेमा और परिवहन।
- (D) धर्म, जाति और परंपरा।
सही उत्तर: (B) जनसंख्या का आकार, घनत्व और विषमता (Heterogeneity)।
विस्तृत व्याख्या: विर्थ के अनुसार, जब जनसंख्या बड़ी होती है, घनत्व अधिक होता है और लोग विविध पृष्ठभूमि से होते हैं, तो सामाजिक संबंध अधिक औपचारिक और सतही हो जाते हैं।
संदर्भ: ‘Urbanism as a Way of Life’।
गलत विकल्प: (A) ये शहरी समस्याएं हैं, विशेषताएं नहीं। (D) ये ग्रामीण जीवन की अधिक प्रमुख विशेषताएं हैं। - ‘एलिएनेशन’ (Alienation) या अलगाव की चार श्रेणियों का वर्णन किसने किया है?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) कार्ल मार्क्स
- (C) एमिल दुर्खीम
- (D) जॉर्ज सिमेल
सही उत्तर: (B) कार्ल मार्क्स।
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स ने पूंजीवाद में श्रमिक के चार प्रकार के अलगाव बताए: उत्पाद से, उत्पादन की प्रक्रिया से, साथी श्रमिकों से, और स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से।
संदर्भ: Economic and Philosophic Manuscripts of 1844।
गलत विकल्प: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ की बात की, वेबर ने ‘तर्कसंगत पिंजरे’ (Iron Cage) की बात की। - ‘जाति’ (Caste) और ‘वर्ग’ (Class) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (A) जाति अर्जित होती है, वर्ग जन्मजात होता है।
- (B) जाति बंद स्तरीकरण (Closed Stratification) है, जबकि वर्ग खुला स्तरीकरण (Open Stratification) है।
- (C) जाति केवल आर्थिक होती है, वर्ग केवल धार्मिक।
- (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
सही उत्तर: (B) जाति बंद स्तरीकरण (Closed Stratification) है, जबकि वर्ग खुला स्तरीकरण (Open Stratification) है।
विस्तृत व्याख्या: जाति जन्म से निर्धारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता (बंद), जबकि वर्ग आर्थिक स्थिति और उपलब्धि के आधार पर बदला जा सकता है (खुला)।
संदर्भ: सामाजिक स्तरीकरण।
गलत विकल्प: (A) यह बिल्कुल उल्टा है। (C) जाति धार्मिक/पदानुक्रमित है और वर्ग मुख्य रूप से आर्थिक। - ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ के संदर्भ में, ‘लुकिंग ग्लास सेल्फ’ (Looking Glass Self) का सिद्धांत किसने दिया?
- (A) चार्ल्स कूले
- (B) जॉर्ज हर्बर्ट मीड
- (C) इरविंग गॉफमैन
- (D) हरबर्ट ब्लूमर
सही उत्तर: (A) चार्ल्स कूले।
विस्तृत व्याख्या: कूले के अनुसार, हमारा ‘स्व’ (Self) इस बात से बनता है कि हम सोचते हैं कि दूसरे हमें कैसे देखते हैं। समाज एक दर्पण (Mirror) की तरह कार्य करता है।
संदर्भ: सूक्ष्म-समाजशास्त्र।
गलत विकल्प: मीड ने ‘I and Me’ दिया, गॉफमैन ने ‘नाटकीयता’ (Dramaturgy) का सिद्धांत दिया। - ‘ड्रामेटर्जी’ (Dramaturgy) के माध्यम से सामाजिक अंतःक्रिया को एक नाटक के रूप में किसने समझाया?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) इरविंग गॉफमैन
- (C) रॉबर्ट मर्टन
- (D) पियरे बोर्दियू
सही उत्तर: (B) इरविंग गॉफमैन।
विस्तृत व्याख्या: गॉफमैन ने कहा कि मनुष्य समाज में ‘भूमिकाएं’ निभाता है और ‘फ्रंट स्टेज’ (जहां वह प्रदर्शन करता है) और ‘बैक स्टेज’ (जहां वह वास्तविक होता है) का उपयोग करता है।
संदर्भ: The Presentation of Self in Everyday Life।
गलत विकल्प: बोर्दियू ने ‘हैबिटस’ और ‘सांस्कृतिक पूंजी’ की बात की। - भारत में ‘जनजातीय एकीकरण’ (Tribal Integration) के मुद्दे पर घुरिये और एलविन के बीच क्या मुख्य विवाद था?
- (A) घुरिये उन्हें पिछड़ा हिंदू मानते थे, जबकि एलविन उन्हें अलग पहचान और संरक्षण देने के पक्ष में थे।
- (B) एलविन उन्हें हिंदू मानते थे और घुरिये उन्हें अलग रखना चाहते थे।
- (C) दोनों का विचार एक ही था।
- (D) घुरिये ने उन्हें पूरी तरह से अलग देश बनाने का सुझाव दिया।
सही उत्तर: (A) घुरिये उन्हें पिछड़ा हिंदू मानते थे, जबकि एलविन उन्हें अलग पहचान और संरक्षण देने के पक्ष में थे।
विस्तृत व्याख्या: जी. एस. घुरिये का मानना था कि जनजातियां हिंदू समाज का ही हिस्सा हैं (Assimilation), जबकि वेरियर एलविन ने ‘ट्राइबल आइसोलेशन’ (Isolation) का समर्थन किया ताकि उनकी संस्कृति बची रहे।
संदर्भ: भारतीय जनजातीय समाजशास्त्र।
गलत विकल्प: (B) यह बिल्कुल उल्टा है। (D) घुरिये ने कभी अलग देश की बात नहीं की। - ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा किसने विकसित की?
- (A) कार्ल मार्क्स
- (B) पियरे बोर्दियू
- (C) मैक्स वेबर
- (D) एमिल दुर्खीम
सही उत्तर: (B) पियरे बोर्दियू।
विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू के अनुसार, केवल आर्थिक पूंजी ही नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलने का तरीका (सांस्कृतिक पूंजी) भी सामाजिक स्थिति और सफलता निर्धारित करता है।
संदर्भ: समाजशास्त्रीय स्तरीकरण और शिक्षा।
गलत विकल्प: मार्क्स ने केवल आर्थिक पूंजी पर जोर दिया। - ‘प्रकार्यवाद’ (Functionalism) का मुख्य तर्क क्या है?
- (A) समाज निरंतर संघर्ष और टकराव का क्षेत्र है।
- (B) समाज के विभिन्न अंग मिलकर संतुलन और स्थिरता बनाए रखने के लिए कार्य करते हैं।
- (C) समाज केवल व्यक्तिगत इच्छाओं का समूह है।
- (D) समाज में कोई व्यवस्था नहीं होती।
सही उत्तर: (B) समाज के विभिन्न अंग मिलकर संतुलन और स्थिरता बनाए रखने के लिए कार्य करते हैं।
विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवाद समाज को एक जैविक शरीर (Organic Analogy) की तरह देखता है, जहां हर संस्था (परिवार, शिक्षा, धर्म) समाज की स्थिरता के लिए एक विशिष्ट कार्य करती है।
संदर्भ: पार्सन्स और दुर्खीम के विचार।
गलत विकल्प: (A) यह ‘संघर्ष सिद्धांत’ (Conflict Theory) का तर्क है। (C) यह व्यक्तिवाद है।
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