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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: वैचारिक स्पष्टता और परीक्षा की तैयारी के लिए मास्टर क्विज़

समाजशास्त्र की वैचारिक गहराई: अपनी तैयारी को दें एक नई धार

समाजशास्त्र केवल समाज का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह दुनिया को देखने का एक वैज्ञानिक नजरिया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, वैचारिक स्पष्टता ही वह कुंजी है जो आपको औसत से उत्कृष्ट बनाती है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपकी विश्लेषण क्षमता को चुनौती देने और समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की आपकी समझ को पुख्ता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी बौद्धिक सीमाओं का परीक्षण करें!


  1. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘अनमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:
    • (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
    • (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विघटन होता है।
    • (C) व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
    • (D) आर्थिक असमानता चरम पर होती है।

    सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों का अभाव या विघटन होता है।
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘अनमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जहाँ समाज में व्यक्ति के व्यवहार को नियंत्रित करने वाले मानदंड (Norms) कमजोर हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘Suicide’ में प्रमुखता से आई है। विकल्प (C) मार्क्स के ‘परकीयकरण’ (Alienation) के करीब है, जबकि विकल्प (D) मार्क्सवादी वर्ग संघर्ष को दर्शाता है।

  2. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘वेरस्टहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    • (A) सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करना।
    • (B) सामाजिक तथ्यों का वस्तुनिष्ठ माप करना।
    • (C) सामाजिक क्रिया के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) को समझना।
    • (D) समाज के विकास के चरणों की पहचान करना।

    सही उत्तर: (C) सामाजिक क्रिया के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थ (Subjective Meaning) को समझना।
    विस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्री को केवल बाहरी व्यवहार नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह समझना चाहिए कि कर्ता (Actor) अपनी क्रिया को क्या अर्थ दे रहा है। विकल्प (A) और (B) प्रत्यक्षवाद (Positivism) से संबंधित हैं, जिसका वेबर ने विरोध किया था।

  3. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘परकीयकरण’ (Alienation) का सबसे बुनियादी स्तर क्या है?
    • (A) सहकर्मियों से अलगाव।
    • (B) समाज से अलगाव।
    • (C) उत्पादन की प्रक्रिया और उत्पाद से अलगाव।
    • (D) अपनी राजनीतिक पहचान से अलगाव।

    सही उत्तर: (C) उत्पादन की प्रक्रिया और उत्पाद से अलगाव।
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक उस वस्तु पर नियंत्रण खो देता है जिसे वह बनाता है। वह उत्पादन की प्रक्रिया और अंतिम उत्पाद, दोनों से अलग हो जाता है। यह आर्थिक आधार (Economic Base) से शुरू होकर धीरे-धीरे सामाजिक और मानवीय अलगाव में बदल जाता है।

  4. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
    • (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • (B) अनुकूलन (Adaptation)
    • (C) एकीकरण (Integration)
    • (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)

    सही उत्तर: (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
    विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स का AGIL मॉडल किसी भी सामाजिक प्रणाली के जीवित रहने की चार आवश्यक शर्तें बताता है। ‘Latency’ का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि समाज की स्थिरता बनी रहे (जैसे परिवार और शिक्षा)। ‘A’ का अर्थ अनुकूलन (अर्थव्यवस्था), ‘G’ का अर्थ लक्ष्य प्राप्ति (राजनीति) और ‘I’ का अर्थ एकीकरण (कानून) है।

  5. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
    • (A) एक सकारात्मक है और दूसरा नकारात्मक।
    • (B) एक इच्छित और ज्ञात है, जबकि दूसरा अनपेक्षित और अज्ञात।
    • (C) एक व्यक्तिगत है और दूसरा सामूहिक।
    • (D) एक अल्पकालिक है और दूसरा दीर्घकालिक।

    सही उत्तर: (B) एक इच्छित और ज्ञात है, जबकि दूसरा अनपेक्षित और अज्ञात।
    विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ वह परिणाम है जिसके लिए कोई संस्था बनाई गई है (जैसे शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान देना)। ‘अंतर्निहित कार्य’ वह परिणाम है जो अनजाने में निकलता है (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)। यह कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis) का हिस्सा है।

  6. जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
    • (A) केवल जैविक वंशानुक्रम से।
    • (B) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से।
    • (C) केवल कठोर अनुशासन के माध्यम से।
    • (D) एकांत चिंतन और ध्यान से।

    सही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से।
    विस्तृत व्याख्या: मीड ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के जनक माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि ‘I’ (स्वयं का सहज रूप) और ‘Me’ (समाज द्वारा देखा गया रूप) के बीच संवाद से ‘स्व’ का निर्माण होता है। यह प्रक्रिया बचपन में ‘खेल’ (Play) और ‘खेल-कूद’ (Game) के चरणों से गुजरती है।

  7. सिमेल के अनुसार, ‘डायड’ (Dyad) और ‘ट्रायड’ (Triad) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
    • (A) डायड अधिक स्थिर होता है।
    • (B) ट्रायड में एक तीसरा व्यक्ति मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा सकता है।
    • (C) डायड में संघर्ष की संभावना अधिक होती है।
    • (D) ट्रायड में गोपनीयता अधिक होती है।

    सही उत्तर: (B) ट्रायड में एक तीसरा व्यक्ति मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा सकता है।
    विस्तृत व्याख्या: जॉर्ज सिमेल ने समूहों के आकार का अध्ययन किया। डायड (दो लोगों का समूह) नाजुक होता है क्योंकि एक के हटने से समूह खत्म हो जाता है। ट्रायड (तीन लोगों का समूह) में तीसरा व्यक्ति गठबंधन बना सकता है या विवाद सुलझाने वाला मध्यस्थ बन सकता है, जिससे समूह की गतिशीलता बदल जाती है।

  8. एंथोनी गिडेंस का ‘संरचनाकरण सिद्धांत’ (Structuration Theory) क्या प्रस्तावित करता है?
    • (A) संरचना व्यक्ति को पूरी तरह नियंत्रित करती है।
    • (B) व्यक्ति संरचना से पूरी तरह स्वतंत्र है।
    • (C) संरचना और एजेंसी (व्यक्ति) एक-दूसरे के पूरक हैं और परस्पर निर्मित होते हैं।
    • (D) समाज में कोई संरचना नहीं होती, केवल क्रियाएं होती हैं।

    सही उत्तर: (C) संरचना और एजेंसी (व्यक्ति) एक-दूसरे के पूरक हैं और परस्पर निर्मित होते हैं।
    विस्तृत व्याख्या: गिडेंस ने ‘द्वैतता’ (Duality of Structure) की बात की। उनके अनुसार, सामाजिक संरचनाएं मानवीय क्रियाओं का परिणाम हैं, लेकिन वही संरचनाएं भविष्य की मानवीय क्रियाओं को निर्देशित भी करती हैं। यह संरचनावाद और क्रियावाद के बीच के विवाद को सुलझाने का प्रयास है।

  9. ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) की मुख्य विशेषता क्या है?
    • (A) यह केवल व्यक्तिगत भिन्नताओं पर आधारित होता है।
    • (B) यह समाज में संसाधनों और पुरस्कारों के असमान वितरण का एक श्रेणीबद्ध स्वरूप है।
    • (C) यह केवल आर्थिक आय पर आधारित होता है।
    • (D) यह समय के साथ कभी नहीं बदलता।

    सही उत्तर: (B) यह समाज में संसाधनों और पुरस्कारों के असमान वितरण का एक श्रेणीबद्ध स्वरूप है।
    विस्तृत व्याख्या: स्तरीकरण समाज का वह विभाजन है जहाँ लोगों को शक्ति, प्रतिष्ठा और संपत्ति के आधार पर विभिन्न परतों (Strata) में बांटा जाता है। यह केवल व्यक्तिगत अंतर नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरचना है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है।

  10. ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का अर्थ क्या है?
    • (A) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना।
    • (B) किसी संस्कृति को उसके अपने संदर्भ और मूल्यों के आधार पर समझना।
    • (C) सभी संस्कृतियों को एक ही पैमाने पर मापना।
    • (D) बाहरी संस्कृति को जबरन थोपना।

    सही उत्तर: (B) किसी संस्कृति को उसके अपने संदर्भ और मूल्यों के आधार पर समझना।
    विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण ‘नृजातीय केंद्रवाद’ (Ethnocentrism) के विपरीत है। सांस्कृतिक सापेक्षवाद कहता है कि कोई भी संस्कृति सही या गलत नहीं होती, बल्कि वह अपने परिवेश और इतिहास का परिणाम होती है।

  11. ‘सामाजिकरण’ (Socialization) की प्रक्रिया में ‘द्वितीयक सामाजिकरण’ (Secondary Socialization) का मुख्य स्रोत क्या होता है?
    • (A) परिवार और माता-पिता।
    • (B) स्कूल, मित्र मंडली और मीडिया।
    • (C) केवल जन्मजात प्रवृत्तियाँ।
    • (D) केवल धार्मिक ग्रंथ।

    सही उत्तर: (B) स्कूल, मित्र मंडली और मीडिया।
    विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक सामाजिकरण परिवार में होता है, जहाँ बच्चा बुनियादी भाषा और व्यवहार सीखता है। द्वितीयक सामाजिकरण तब शुरू होता है जब व्यक्ति बाहरी दुनिया (संस्थाओं) के संपर्क में आता है और विशिष्ट सामाजिक भूमिकाओं को सीखता है।

  12. ‘सामाजिक परिवर्तन’ (Social Change) के संदर्भ में ‘रेखीय सिद्धांत’ (Linear Theory) क्या मानता है?
    • (A) समाज एक चक्र में घूमता है और वापस पुरानी स्थिति में आता है।
    • (B) समाज एक निश्चित दिशा में (जैसे आदिम से आधुनिक की ओर) निरंतर आगे बढ़ता है।
    • (C) समाज में कोई परिवर्तन नहीं होता।
    • (D) परिवर्तन केवल अचानक क्रांतियों से होता है।

    सही उत्तर: (B) समाज एक निश्चित दिशा में (जैसे आदिम से आधुनिक की ओर) निरंतर आगे बढ़ता है।
    विस्तृत व्याख्या: रेखीय सिद्धांत (जैसे कॉम्ट और स्पेंसर के विचार) मानते हैं कि समाज विकास के एक सीधे रास्ते पर चलता है। इसके विपरीत, ‘चक्रीय सिद्धांत’ (जैसे टोयन्बी या स्पेंगलर) मानते हैं कि समाज का उत्थान और पतन एक चक्र की तरह होता है।

  13. ‘नाभिकीय परिवार’ (Nuclear Family) और ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
    • (A) केवल सदस्यों की संख्या।
    • (B) आवास, रसोई और संपत्ति का साझा होना।
    • (C) केवल प्यार और स्नेह की मात्रा।
    • (D) केवल भौगोलिक स्थिति।

    सही उत्तर: (B) आवास, रसोई और संपत्ति का साझा होना।
    विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार में कई पीढ़ियां एक ही छत के नीचे रहती हैं, एक ही रसोई का उपयोग करती हैं और संपत्ति साझा होती है। नाभिकीय परिवार में केवल पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं।

  14. धर्म के समाजशास्त्र में, ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) का वर्गीकरण किसने किया?
    • (A) मैक्स वेबर।
    • (B) कार्ल मार्क्स।
    • (C) एमिल दुर्खीम।
    • (D) ऑगस्ट कॉम्ट।

    सही उत्तर: (C) एमिल दुर्खीम।
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में बताया कि धर्म का आधार पवित्र और अपवित्र का विभाजन है। पवित्र वह है जिसे समाज ने विशेष सम्मान दिया है और अलग रखा है।

  15. शिक्षा के क्षेत्र में ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?
    • (A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक तौर पर किताबों में लिखा है।
    • (B) वे अनौपचारिक मूल्य, दृष्टिकोण और व्यवहार जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं।
    • (C) वह सिलेबस जो शिक्षकों ने छिपा कर रखा है।
    • (D) केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण।

    सही उत्तर: (B) वे अनौपचारिक मूल्य, दृष्टिकोण और व्यवहार जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं।
    विस्तृत व्याख्या: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम में अनुशासन, समय की पाबंदी, सत्ता के प्रति सम्मान और सामाजिक श्रेणीबद्धता जैसे गुण शामिल होते हैं, जो लिखित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होते लेकिन छात्र उन्हें अवचेतन रूप से सीखते हैं।

  16. मिशेल फूको (Michel Foucault) के अनुसार ‘शक्ति’ (Power) की प्रकृति कैसी है?
    • (A) शक्ति केवल राज्य के पास केंद्रित होती है।
    • (B) शक्ति केवल दमनकारी और नकारात्मक होती है।
    • (C) शक्ति विकेंद्रित है और समाज के हर संबंध में मौजूद है (Capillary Power)।
    • (D) शक्ति केवल आर्थिक संसाधनों से आती है।

    सही उत्तर: (C) शक्ति विकेंद्रित है और समाज के हर संबंध में मौजूद है (Capillary Power)।
    विस्तृत व्याख्या: फूको ने तर्क दिया कि शक्ति केवल ऊपर से नीचे (राज्य से नागरिक) नहीं चलती, बल्कि यह ज्ञान और विमर्श (Discourse) के माध्यम से पूरे समाज में फैली हुई है। इसे उन्होंने ‘कैपिलरी पावर’ कहा है।

  17. ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) अनुसंधान की कौन सी पद्धति है?
    • (A) मात्रात्मक (Quantitative)।
    • (B) गुणात्मक (Qualitative)।
    • (C) प्रयोगात्मक (Experimental)।
    • (D) सर्वेक्षण आधारित (Survey based)।

    सही उत्तर: (B) गुणात्मक (Qualitative)।
    विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता किसी समूह के बीच रहकर, उनके साथ सहभागी अवलोकन (Participant Observation) करके उनके जीवन और संस्कृति का गहन अध्ययन करता है। इसमें संख्याओं के बजाय विवरणों और अनुभवों पर जोर दिया जाता है।

  18. अनुसंधान में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?
    • (A) यह कि उपकरण वास्तव में वही माप रहा है जिसे मापने का दावा किया गया है।
    • (B) यह कि यदि वही शोध दोबारा किया जाए, तो परिणाम समान आएंगे।
    • (C) शोधकर्ता की ईमानदारी।
    • (D) नमूने (Sample) का बड़ा आकार।

    सही उत्तर: (B) यह कि यदि वही शोध दोबारा किया जाए, तो परिणाम समान आएंगे।
    विस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता का संबंध निरंतरता (Consistency) से है। यदि एक ही टेस्ट अलग-अलग समय पर लिया जाए और परिणाम समान आएं, तो वह विश्वसनीय है। विकल्प (A) ‘वैधता’ (Validity) की परिभाषा है।

  19. ‘प्रश्नावली’ (Questionnaire) और ‘साक्षात्कार’ (Interview) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
    • (A) प्रश्नावली गुणात्मक है, साक्षात्कार मात्रात्मक।
    • (B) प्रश्नावली में आमने-सामने की बातचीत नहीं होती, जबकि साक्षात्कार में होती है।
    • (C) साक्षात्कार केवल शिक्षित लोगों के लिए है।
    • (D) प्रश्नावली में गहराई से जानकारी मिलती है।

    सही उत्तर: (B) प्रश्नावली में आमने-सामने की बातचीत नहीं होती, जबकि साक्षात्कार में होती है।
    विस्तृत व्याख्या: प्रश्नावली एक लिखित उपकरण है जिसे दूर से भेजा जा सकता है, जबकि साक्षात्कार एक संवादात्मक प्रक्रिया है जिसमें शोधकर्ता उत्तरदाता के हाव-भाव और गहन भावनाओं को समझ सकता है।

  20. लुई ड्यूमों (Louis Dumont) ने भारतीय जाति व्यवस्था के मूल सिद्धांत के रूप में किसे माना है?
    • (A) वर्ग संघर्ष।
    • (B) शुद्धता और अशुद्धता का पदानुक्रम (Hierarchy of Purity and Pollution)।
    • (C) केवल आर्थिक असमानता।
    • (D) भाषाई विविधता।

    सही उत्तर: (B) शुद्धता और अशुद्धता का पदानुक्रम (Hierarchy of Purity and Pollution)।
    विस्तृत व्याख्या: अपनी पुस्तक ‘Homo Hierarchicus’ में ड्यूमों ने तर्क दिया कि भारतीय जाति व्यवस्था का आधार ‘पदानुक्रम’ है, जो शुद्धता (ब्राह्मण) और अशुद्धता (अछूत) के वैचारिक विभाजन पर टिका है।

  21. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
    • (A) निचली जातियों द्वारा ऊपरी जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
    • (B) उच्च जातियों द्वारा निचली जातियों के धर्म को अपनाना।
    • (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य अध्ययन।
    • (D) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना।

    सही उत्तर: (A) निचली जातियों द्वारा ऊपरी जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने बताया कि जब कोई निम्न जाति या समूह अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, पूजा विधियों और शाकाहार जैसे व्यवहारों को अपनाता है, तो उसे संस्कृतीकरण कहते हैं।

  22. जी.एस. घुर्ये (G.S. Ghurye) ने जनजातियों (Tribes) को किस रूप में देखा था?
    • (A) पूरी तरह अलग नस्लीय समूह।
    • (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus)।
    • (C) विदेशी आक्रमणकारी।
    • (D) आधुनिक समाज के अग्रदूत।

    सही उत्तर: (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus)।
    विस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि जनजातियाँ हिंदू समाज का ही हिस्सा रही हैं और वे केवल सांस्कृतिक रूप से पिछड़ गई हैं। यह दृष्टिकोण वेरियर एल्विन के ‘अलगाव सिद्धांत’ (Isolation Theory) के विपरीत था।

  23. ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का समाजशास्त्रीय संदर्भ क्या है?
    • (A) इंटरनेट का उपयोग करने वाली जातियों का समूह।
    • (B) डिजिटल संसाधनों और सूचना तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता।
    • (C) केवल सोशल मीडिया पर जातिगत पहचान बनाना।
    • (D) सॉफ्टवेयर कंपनियों में आरक्षण।

    सही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों और सूचना तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता।
    विस्तृत व्याख्या: यह एक समकालीन मुद्दा है जहाँ यह देखा गया है कि पारंपरिक सामाजिक असमानताएं अब डिजिटल विभाजन (Digital Divide) के रूप में प्रकट हो रही हैं, जहाँ कुछ जातियों की तकनीक और नेटवर्क तक पहुँच दूसरों की तुलना में अधिक है।

  24. शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) का क्या अर्थ है?
    • (A) शहरों का ग्रामीण क्षेत्रों में बदलना।
    • (B) पुराने या निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनरुद्धार और वहां उच्च-आय वाले लोगों का बसना।
    • (C) झुग्गी-बस्तियों का पूरी तरह विनाश।
    • (D) शहरी आबादी का गांवों की ओर पलायन।

    सही उत्तर: (B) पुराने या निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनरुद्धार और वहां उच्च-आय वाले लोगों का बसना।
    विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन एक प्रक्रिया है जिसमें मध्यम या उच्च वर्ग के लोग किसी पुराने मोहल्ले में निवेश करते हैं, जिससे वहां का किराया और संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।

  25. ग्रामीण समाजशास्त्र के अनुसार, ‘कृषि का व्यावसायीकरण’ (Commercialization of Agriculture) का मुख्य परिणाम क्या रहा है?
    • (A) केवल खाद्य सुरक्षा में वृद्धि।
    • (B) ग्रामीण ऋणग्रस्तता (Rural Indebtedness) और असमानता में वृद्धि।
    • (C) संयुक्त परिवारों का और अधिक मजबूत होना।
    • (D) ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या की भारी कमी।

    सही उत्तर: (B) ग्रामीण ऋणग्रस्तता (Rural Indebtedness) और असमानता में वृद्धि।
    विस्तृत व्याख्या: जब किसान केवल गुजारे के लिए नहीं बल्कि बाजार के लिए नकदी फसलें (Cash Crops) उगाने लगे, तो निवेश बढ़ा। फसल खराब होने या बाजार गिरने पर किसान कर्ज के जाल में फंस गए, जिससे ग्रामीण समाज में आर्थिक विभाजन बढ़ा।

  26. समाजशास्त्र में ‘सॉलिडैरिटी’ (Solidarity) की अवधारणा का संबंध मुख्य रूप से किससे है?
    • (A) व्यक्ति के आंतरिक संघर्ष से।
    • (B) समूह के सदस्यों के बीच सामाजिक एकता और जुड़ाव से।
    • (C) केवल राजनीतिक समझौतों से।
    • (D) कानूनी संधियों से।

    सही उत्तर: (B) समूह के सदस्यों के बीच सामाजिक एकता और जुड़ाव से।
    विस्तृत व्याख्या: सॉलिडैरिटी (एकता) वह बंधन है जो लोगों को एक साथ जोड़ता है। दुर्खीम ने इसे दो भागों में बांटा था: यांत्रिक एकता (Mechanical – समानता पर आधारित) और जैविक एकता (Organic – परस्पर निर्भरता पर आधारित)। आधुनिक समाज में यह अवधारणा सामाजिक न्याय और नागरिक आंदोलनों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।

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