समाजशास्त्र की वैचारिक गहराई: अपनी तैयारी को दें एक नई उड़ान
नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों! समाजशास्त्र केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि समाज की जटिल परतों को समझने की एक कला है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप सिद्धांतों को समकालीन घटनाओं से कितनी कुशलता से जोड़ पाते हैं। आज का यह मॉक टेस्ट आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देगा और आपको समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से सोचने पर मजबूर करेगा। चलिए, अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें!
- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति का मुख्य कारण क्या है?
- (A) सामाजिक संबंधों का अभाव
- (B) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व
- (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
- (D) शिक्षा की कमी
सही उत्तर: (B) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क है कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने द्वारा उत्पादित वस्तु, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपति का नियंत्रण होता है।
संदर्भ: यह अवधारणा मार्क्स के ‘आर्थिक और दार्शनिक पांडुलिपियों’ (Economic and Philosophic Manuscripts of 1844) में विस्तृत है।
गलत विकल्प: (A) परिणाम है, कारण नहीं। (C) और (D) मार्क्स के अनुसार अलगाव के प्राथमिक आर्थिक कारण नहीं हैं। - मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘वर्स्टेहेन’ (Verstehen) विधि का क्या अर्थ है?
- (A) सांख्यिकीय विश्लेषण
- (B) सहानुभूतिपूर्ण समझ या व्याख्यात्मक समझ
- (C) सामाजिक तथ्यों का वस्तुनिष्ठ मापन
- (D) प्रयोगात्मक सत्यापन
सही उत्तर: (B) सहानुभूतिपूर्ण समझ या व्याख्यात्मक समझ
विस्तृत व्याख्या: वेबर का मानना था कि समाजशास्त्र को केवल बाहरी व्यवहार का अध्ययन नहीं करना चाहिए, बल्कि कर्ता (Actor) के नजरिए से क्रिया के अर्थ (Meaning) को समझना चाहिए।
संदर्भ: यह ‘व्याख्यात्मक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) का आधार है।
गलत विकल्प: (A) और (C) सकारात्मकतावादी (Positivist) दृष्टिकोण हैं, जबकि वर्स्टेहेन एक व्यक्तिपरक दृष्टिकोण है। - एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘ऐनमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?
- (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम हों
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव हो या वे अस्पष्ट हों
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाए
- (D) जब आर्थिक समानता स्थापित हो जाए
सही उत्तर: (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव हो या वे अस्पष्ट हों
विस्तृत व्याख्या: ऐनमी वह स्थिति है जहाँ तीव्र सामाजिक परिवर्तन के कारण पुराने नियम टूट जाते हैं और नए नियम अभी बने नहीं होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
संदर्भ: दुर्खीम ने इसका वर्णन अपनी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ और ‘Suicide’ में किया है।
गलत विकल्प: (A) यह अत्यधिक नियंत्रण है, ऐनमी नहीं। (C) यह अलगाव (Alienation) के अधिक निकट है। - टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या कार्य है?
- (A) बाहरी वातावरण से अनुकूलन करना
- (B) लक्ष्यों को निर्धारित करना
- (C) सांस्कृतिक पैटर्न को बनाए रखना और तनाव प्रबंधन करना
- (D) सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित करना
सही उत्तर: (C) सांस्कृतिक पैटर्न को बनाए रखना और तनाव प्रबंधन करना
विस्तृत व्याख्या: Latency (प्रसुप्तता) का कार्य समाज के बुनियादी मूल्यों और मानदंडों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से) और आंतरिक तनाव को कम करना है।
संदर्भ: यह पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism) का हिस्सा है।
गलत विकल्प: (A) Adaptation है, (B) Goal Attainment है, (D) Integration है। - रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
- (A) प्रकट कार्य अनचाहे होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य इच्छित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं।
- (C) दोनों एक ही होते हैं।
- (D) प्रकट कार्य केवल धर्म से जुड़े होते हैं।
सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित होते हैं।
विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय जाने का प्रकट कार्य शिक्षा प्राप्त करना है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष कार्य जीवनसाथी की तलाश करना या सामाजिक नेटवर्क बनाना हो सकता है।
संदर्भ: मर्टन ने इसे अपने कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis) में पेश किया। - जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘I’ (मैं) और ‘Me’ (मुझे) के बीच क्या संबंध है?
- (A) ‘I’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है और ‘Me’ स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।
- (B) ‘I’ व्यक्ति का स्वाभाविक, रचनात्मक हिस्सा है और ‘Me’ समाज द्वारा निर्मित छवि है।
- (C) दोनों एक-दूसरे के विरोधी हैं और कभी मेल नहीं खाते।
- (D) ‘Me’ केवल बचपन में मौजूद होता है।
सही उत्तर: (B) ‘I’ व्यक्ति का स्वाभाविक, रचनात्मक हिस्सा है और ‘Me’ समाज द्वारा निर्मित छवि है।
विस्तृत व्याख्या: ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज के नियमों को अपनाता है, जबकि ‘I’ उस ‘Me’ के प्रति व्यक्ति की तात्कालिक और स्वतंत्र प्रतिक्रिया है।
संदर्भ: यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मूल है। - सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?
- (A) वर्ग (Class)
- (B) जाति (Caste)
- (C) पेशा (Occupation)
- (D) शिक्षा (Education)
सही उत्तर: (B) जाति (Caste)
विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और उसमें परिवर्तन (Social Mobility) की संभावना नगण्य होती है।
संदर्भ: जाति व्यवस्था का अध्ययन भारतीय समाजशास्त्र का एक मुख्य हिस्सा है।
गलत विकल्प: वर्ग (Class) एक ‘खुली’ व्यवस्था है जहाँ उपलब्धि के आधार पर गतिशीलता संभव है। - विलियम ओगबर्न द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) का क्या अर्थ है?
- (A) जब संस्कृति पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
- (B) जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) का विकास, अभौतिक संस्कृति (मूल्य/नियम) की तुलना में तेजी से होता है।
- (C) जब लोग पुरानी परंपराओं को छोड़ देते हैं।
- (D) जब शिक्षा का स्तर गिर जाता है।
सही उत्तर: (B) जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) का विकास, अभौतिक संस्कृति (मूल्य/नियम) की तुलना में तेजी से होता है।
विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, इंटरनेट (भौतिक संस्कृति) तेजी से आया, लेकिन साइबर कानून और ऑनलाइन शिष्टाचार (अभौतिक संस्कृति) उसे अपनाने में समय ले रहे हैं। - एम.एन. श्रीनिवास ने ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा का उपयोग किसके अध्ययन के लिए किया?
- (A) उच्च जातियों के पतन के लिए
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाने की प्रक्रिया के लिए
- (C) पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव को समझाने के लिए
- (D) ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अध्ययन के लिए
सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाने की प्रक्रिया के लिए
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के कर्मकांडों, विचारधारा और जीवनशैली को अपनाती हैं।
संदर्भ: श्रीनिवास ने इसे भारतीय ग्रामीण समाज के अध्ययन के दौरान विकसित किया। - ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त अनिवार्य है?
- (A) केवल संख्यात्मक बहुलता
- (B) केवल उच्च अनुष्ठानिक स्थिति
- (C) संख्यात्मक बल, आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि) और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन
- (D) केवल शहरी क्षेत्रों में प्रभाव
सही उत्तर: (C) संख्यात्मक बल, आर्थिक शक्ति (विशेषकर भूमि) और राजनीतिक प्रभाव का संयोजन
विस्तृत व्याख्या: एक जाति तब प्रभावी होती है जब उसके पास जनसंख्या अधिक हो, जमीन का बड़ा हिस्सा हो और वह स्थानीय राजनीति को नियंत्रित कर सके, भले ही उसकी अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status) सबसे ऊंची न हो।
संदर्भ: एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित। - शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?
- (A) वह पाठ्यक्रम जो किताबों में नहीं लिखा होता लेकिन छात्रों को अनौपचारिक रूप से सिखाया जाता है।
- (B) वह पाठ्यक्रम जो केवल गुप्त रूप से पढ़ाया जाता है।
- (C) डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म।
- (D) केवल खेल-कूद की गतिविधियाँ।
सही उत्तर: (A) वह पाठ्यक्रम जो किताबों में नहीं लिखा होता लेकिन छात्रों को अनौपचारिक रूप से सिखाया जाता है।
विस्तृत व्याख्या: इसमें अनुशासन, आज्ञाकारिता, समय की पाबंदी और सामाजिक पदानुक्रम जैसे मूल्य शामिल होते हैं जो छात्र स्कूल के वातावरण से सीखते हैं।
समकालीन संदर्भ: हाल ही में कुछ देशों में पाठ्यपुस्तकों में ‘नस्लीय पूर्वाग्रह’ (Racist biases) पाए जाना इसी हिडन करिकुलम का नकारात्मक हिस्सा है, जहाँ अनजाने में असमानता को वैध ठहराया जाता है। - शोध पद्धति में ‘ट्राइएंगुलेशन’ (Triangulation) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) केवल एक ही विधि का बार-बार उपयोग करना।
- (B) विभिन्न डेटा स्रोतों या विधियों का उपयोग करके परिणामों की वैधता की पुष्टि करना।
- (C) नमूना आकार (Sample size) को कम करना।
- (D) केवल गुणात्मक डेटा का उपयोग करना।
सही उत्तर: (B) विभिन्न डेटा स्रोतों या विधियों का उपयोग करके परिणामों की वैधता की पुष्टि करना।
विस्तृत व्याख्या: जब एक शोधकर्ता साक्षात्कार, सर्वेक्षण और अवलोकन तीनों का उपयोग करता है, तो निष्कर्ष अधिक विश्वसनीय होते हैं। - लुईस कॉज़र ने ‘संघर्ष’ (Conflict) के बारे में क्या तर्क दिया है?
- (A) संघर्ष हमेशा विनाशकारी होता है।
- (B) संघर्ष समाज के लिए पूरी तरह अनावश्यक है।
- (C) सीमित और नियंत्रित संघर्ष सामाजिक एकीकरण और स्थिरता में मदद कर सकता है।
- (D) संघर्ष केवल वर्ग युद्ध के रूप में होता है।
सही उत्तर: (C) सीमित और नियंत्रित संघर्ष सामाजिक एकीकरण और स्थिरता में मदद कर सकता है।
विस्तृत व्याख्या: कॉज़र का मानना था कि संघर्ष समाज के ‘सेफ्टी वाल्व’ के रूप में कार्य करता है, जिससे आंतरिक तनाव बाहर निकलता है और नए नियमों का निर्माण होता है। - ‘शहरीकरण’ (Urbanization) के संदर्भ में लुई विर्थ ने ‘शहरीता एक जीवन शैली के रूप में’ (Urbanism as a way of life) में किन तीन कारकों पर जोर दिया?
- (A) शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार
- (B) आकार (Size), घनत्व (Density) और विषमता (Heterogeneity)
- (C) परिवहन, संचार और उद्योग
- (D) राजनीति, धर्म और संस्कृति
सही उत्तर: (B) आकार (Size), घनत्व (Density) और विषमता (Heterogeneity)
विस्तृत व्याख्या: विर्थ के अनुसार, शहर की बड़ी जनसंख्या, सघनता और विविध प्रकार के लोग मानवीय संबंधों को सतही, औपचारिक और व्यावसायिक बना देते हैं। - जजमानी व्यवस्था (Jajmani System) का मुख्य आधार क्या था?
- (A) केवल नकद लेन-देन
- (B) सेवाओं और वस्तुओं का पारस्परिक विनिमय (Reciprocal exchange)
- (C) आधुनिक बैंकिंग प्रणाली
- (D) केवल राजकीय आदेश
सही उत्तर: (B) सेवाओं और वस्तुओं का पारस्परिक विनिमय (Reciprocal exchange)
विस्तृत व्याख्या: यह ग्रामीण भारत की एक पारंपरिक प्रणाली थी जहाँ विभिन्न जातियाँ एक-दूसरे को सेवाएँ प्रदान करती थीं और बदले में अनाज या अन्य वस्तुएँ प्राप्त करती थीं। - पर्यावरण समाजशास्त्र (Environmental Sociology) के संदर्भ में ‘जलवायु नागरिक सभाओं’ (Climate Citizens’ Assemblies) का उद्देश्य क्या है?
- (A) केवल वैज्ञानिकों को चर्चा में शामिल करना।
- (B) नीति निर्धारण में आम नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाना।
- (C) पर्यावरण कानूनों को पूरी तरह समाप्त करना।
- (D) केवल औद्योगिक लाभ बढ़ाना।
सही उत्तर: (B) नीति निर्धारण में आम नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाना।
विस्तृत व्याख्या: ये सभाएँ आम लोगों को जलवायु परिवर्तन जैसे जटिल मुद्दों पर चर्चा करने और सरकार को अधिक महत्वाकांक्षी सिफारिशें देने का मंच प्रदान करती हैं।
समकालीन संदर्भ: हालिया शोध बताते हैं कि ये सभाएँ वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं, हालांकि इनका वास्तविक नीति प्रभाव अभी सीमित है। - सामाजिक स्तरीकरण और बचपन के अध्ययन के संदर्भ में ‘क्लास्ड पेरेंटिंग’ (Classed Parenting) क्या दर्शाता है?
- (A) सभी माता-पिता अपने बच्चों को एक ही तरह से पालते हैं।
- (B) माता-पिता की सामाजिक-आर्थिक स्थिति उनके बच्चों के पालन-पोषण और निवेश के तरीकों को प्रभावित करती है।
- (C) पालन-पोषण केवल जैविक प्रक्रिया है।
- (D) केवल अमीर माता-पिता ही बच्चों को शिक्षा देते हैं।
सही उत्तर: (B) माता-पिता की सामाजिक-आर्थिक स्थिति उनके बच्चों के पालन-पोषण और निवेश के तरीकों को प्रभावित करती है।
विस्तृत व्याख्या: उच्च वर्ग के माता-पिता अक्सर बच्चों के ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) के निर्माण पर अधिक निवेश करते हैं, जबकि निम्न वर्ग में बुनियादी आवश्यकताओं पर ध्यान होता है, जिससे बचपन में ही असमानता पैदा हो जाती है।
संदर्भ: यह पियरे बोर्दियू (Pierre Bourdieu) की सांस्कृतिक पूंजी की अवधारणा से जुड़ा है। - आधुनिक समाज में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य हो सकता है?
- (A) इंटरनेट का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा किया जाना।
- (B) डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एल्गोरिदम के माध्यम से मौजूदा सामाजिक पूर्वाग्रहों और असमानताओं का पुनरुत्पादन।
- (C) कंप्यूटर का उपयोग करके जाति गणना करना।
- (D) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
सही उत्तर: (B) डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एल्गोरिदम के माध्यम से मौजूदा सामाजिक पूर्वाग्रहों और असमानताओं का पुनरुत्पादन।
विस्तृत व्याख्या: यह इस बात का अध्ययन है कि कैसे तकनीक (AI, सोशल मीडिया) अनजाने में उन्हीं पुराने भेदभावों को बढ़ावा देती है जो भौतिक दुनिया में मौजूद हैं। - पियरे बोर्दियू (Pierre Bourdieu) के अनुसार ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का कौन सा रूप सबसे अधिक प्रभावशाली होता है?
- (A) भौतिक वस्तुएं (जैसे पेंटिंग्स)
- (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलने का तरीका (Embodied state)
- (C) केवल बैंक बैलेंस
- (D) शारीरिक शक्ति
सही उत्तर: (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलने का तरीका (Embodied state)
विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू के अनुसार, वह सांस्कृतिक ज्ञान जो व्यक्ति के व्यक्तित्व में रचा-बसा होता है, उसे समाज में उच्च स्थिति और लाभ दिलाने में मदद करता है। - जी.एस. घूर्ये ने जाति व्यवस्था के किन लक्षणों पर जोर दिया?
- (A) केवल आर्थिक आधार
- (B) श्रेणीबद्ध असमानता, अंतर्विवाह और शुद्धता-अशुद्धता की अवधारणा
- (C) केवल राजनीतिक प्रभाव
- (D) जातियों के बीच पूर्ण समानता
सही उत्तर: (B) श्रेणीबद्ध असमानता, अंतर्विवाह और शुद्धता-अशुद्धता की अवधारणा
विस्तृत व्याख्या: घूर्ये ने जाति को एक जटिल सामाजिक संस्था माना जिसमें पदानुक्रम और शुद्धता/अपवित्रता के नियम सर्वोपरि होते हैं। - सिम्बोलिक इंटरेक्शनिज्म (Symbolic Interactionism) के अनुसार समाज का निर्माण कैसे होता है?
- (A) केवल आर्थिक नियमों द्वारा।
- (B) व्यक्तियों के बीच प्रतीकों के साझा अर्थ और दैनिक अंतःक्रियाओं द्वारा।
- (C) ईश्वर की इच्छा से।
- (D) केवल कानूनी दस्तावेजों द्वारा।
सही उत्तर: (B) व्यक्तियों के बीच प्रतीकों के साझा अर्थ और दैनिक अंतःक्रियाओं द्वारा।
विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत मानता है कि समाज कोई स्थिर ढांचा नहीं है, बल्कि यह लोगों के बीच निरंतर होने वाली बातचीत और अर्थ-निर्माण की एक प्रक्रिया है। - ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) शोध विधि की मुख्य विशेषता क्या है?
- (A) शोधकर्ता का समूह से पूरी तरह अलग रहना।
- (B) शोधकर्ता का अध्ययन समूह का हिस्सा बनकर उनके अनुभवों को करीब से समझना।
- (C) केवल प्रश्नावली (Questionnaire) का उपयोग करना।
- (D) प्रयोगशाला में प्रयोग करना।
सही उत्तर: (B) शोधकर्ता का अध्ययन समूह का हिस्सा बनकर उनके अनुभवों को करीब से समझना।
विस्तृत व्याख्या: यह नृवंशविज्ञान (Ethnography) की एक प्रमुख विधि है, जहाँ शोधकर्ता गहन समझ (Deep insight) प्राप्त करने के लिए समुदाय में रहता है। - कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा निर्मित मीडिया नैरेटिव्स का समाजशास्त्रीय प्रभाव क्या हो सकता है?
- (A) यह मानवीय रचनात्मकता को पूरी तरह समाप्त कर देगा।
- (B) यह रूढ़ियों (Stereotypes) को और अधिक मजबूत कर सकता है यदि प्रशिक्षण डेटा पक्षपाती हो।
- (C) इससे सामाजिक असमानता खत्म हो जाएगी।
- (D) इसका समाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सही उत्तर: (B) यह रूढ़ियों (Stereotypes) को और अधिक मजबूत कर सकता है यदि प्रशिक्षण डेटा पक्षपाती हो।
विस्तृत व्याख्या: यदि AI को ऐसे डेटा पर प्रशिक्षित किया जाता है जिसमें नस्लीय या लैंगिक पूर्वाग्रह हैं, तो AI द्वारा बनाए गए कार्यक्रम या कहानियाँ उन्हीं पूर्वाग्रहों को और अधिक फैला सकती हैं। - जी.एच. मीड के अनुसार ‘सामान्यीकृत अन्य’ (Generalized Other) क्या है?
- (A) एक ऐसा व्यक्ति जिसे हम बिल्कुल नहीं जानते।
- (B) समाज के व्यापक मानदंडों और अपेक्षाओं का आंतरिक बोध।
- (C) केवल परिवार के सदस्यों की राय।
- (D) एक काल्पनिक मित्र।
सही उत्तर: (B) समाज के व्यापक मानदंडों और अपेक्षाओं का आंतरिक बोध।
विस्तृत व्याख्या: जब बच्चा यह समझने लगता है कि समाज उससे क्या अपेक्षा करता है (सिर्फ माँ-बाप नहीं, बल्कि पूरा समाज), तो वह ‘सामान्यीकृत अन्य’ की अवस्था में होता है। - संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism) के अनुसार समाज की तुलना किससे की जाती है?
- (A) एक मशीन से
- (B) एक जैविक जीव (Biological Organism) से
- (C) एक युद्ध क्षेत्र से
- (D) एक खाली कैनवास से
सही उत्तर: (B) एक जैविक जीव (Biological Organism) से
विस्तृत व्याख्या: जैसे शरीर के अलग-अलग अंग (दिल, फेफड़े) मिलकर जीवन चलाते हैं, वैसे ही समाज की संस्थाएं (परिवार, धर्म, शिक्षा) मिलकर सामाजिक स्थिरता बनाए रखती हैं।
प्रो टिप: समाजशास्त्र में सफलता पाने के लिए केवल परिभाषाएं न रटें, बल्कि यह देखें कि ‘मार्क्स’ आज के गिग इकॉनमी (Gig Economy) को कैसे देखते या ‘दुर्खीम’ सोशल मीडिया के दौर में ‘ऐनमी’ को कैसे समझाते। निरंतर अभ्यास ही आपकी कुंजी है!
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।