नमस्ते भविष्य के विद्वानों!
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समाजशास्त्र केवल सिद्धांतों का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह हमारे चारों ओर मौजूद जटिल सामाजिक संरचनाओं को समझने की एक कला है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने और UGC-NET, UPSC और State PSC जैसी उच्च-स्तरीय परीक्षाओं के लिए आपको तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, समाजशास्त्रीय अवधारणाओं की गहराइयों में उतरें और अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें!
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति मुख्य रूप से किसके कारण उत्पन्न होती है?\n
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- (A) सामाजिक अंतःक्रिया की कमी
- (B) उत्पादन के साधनों से श्रमिक का पृथक्करण
- (C) धार्मिक विश्वासों का प्रभाव
- (D) शिक्षा का अभाव
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सही उत्तर: (B) उत्पादन के साधनों से श्रमिक का पृथक्करण
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक उस वस्तु से अलग हो जाता है जिसे वह बनाता है, क्योंकि उत्पादन के साधनों (जैसे मशीनें, फैक्ट्री) पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है। यह अलगाव चार स्तरों पर होता है: उत्पाद से, उत्पादन की प्रक्रिया से, अपनी प्रजाति-सत्ता (Species-being) से और अन्य मनुष्यों से। विकल्प (A), (C) और (D) सामाजिक कारक हो सकते हैं, लेकिन मार्क्स के आर्थिक नियतत्ववाद (Economic Determinism) में मुख्य कारण आर्थिक संरचना है।
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- मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) समाज के लिए एक आदर्श मानक निर्धारित करना
- (B) सामाजिक वास्तविकता का सटीक वर्णन करना
- (C) तुलनात्मक विश्लेषण के लिए एक वैचारिक उपकरण प्रदान करना
- (D) नैतिकता के आधार पर समाज को सुधारना
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सही उत्तर: (C) तुलनात्मक विश्लेषण के लिए एक वैचारिक उपकरण प्रदान करना
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विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक समाज या व्यक्ति नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण (Mental Construct) है जिसे वेबर ने सामाजिक घटनाओं की तुलना करने और उनके विश्लेषण के लिए एक ‘बेंचमार्क’ के रूप में विकसित किया था। यह ‘आदर्श’ (Moral Ideal) नहीं बल्कि ‘आदर्श’ (Pure form) है। इसलिए (A) और (D) गलत हैं।
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- एमिल दुर्खीम ने ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) का संबंध किससे जोड़ा है?\n
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- (A) आधुनिक औद्योगिक समाजों से
- (B) उच्च श्रम विभाजन वाले समाजों से
- (C) आदिम या पारंपरिक समाजों से जिनमें समानता अधिक होती है
- (D) महानगरीय जीवन से
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सही उत्तर: (C) आदिम या पारंपरिक समाजों से जिनमें समानता अधिक होती है
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि पारंपरिक समाजों में लोग समान विश्वासों और कार्यों को साझा करते हैं, जिसे ‘सामूहिक चेतना’ (Collective Conscience) कहा जाता है। आधुनिक समाजों में ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) होती है जो श्रम विभाजन और पारस्परिक निर्भरता पर आधारित होती है।
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- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
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सही उत्तर: (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
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विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्यों की आवश्यकता होती है: Adaptation (अर्थव्यवस्था), Goal Attainment (राजनीति), Integration (कानून/धर्म), और Latency (परिवार/शिक्षा)। ‘L’ या Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और तनाव को कम करना।
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- रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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- (A) एक सकारात्मक होता है और दूसरा नकारात्मक
- (B) एक इच्छित और ज्ञात होता है, जबकि दूसरा अनपेक्षित और अज्ञात
- (C) एक व्यक्तिगत होता है और दूसरा सामाजिक
- (D) दोनों में कोई वास्तविक अंतर नहीं है
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सही उत्तर: (B) एक इच्छित और ज्ञात होता है, जबकि दूसरा अनपेक्षित और अज्ञात
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विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ वे परिणाम हैं जो जानबूझकर किए जाते हैं (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना), जबकि ‘अंतर्निहित कार्य’ वे परिणाम हैं जो अनजाने में होते हैं (जैसे स्कूल का कार्य बच्चों के बीच सामाजिक नेटवर्क बनाना)।
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
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- (A) केवल जैविक प्रवृत्तियों के माध्यम से
- (B) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकों के उपयोग के माध्यम से
- (C) जन्मजात क्षमताओं के माध्यम से
- (D) कठोर अनुशासन के माध्यम से
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सही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकों के उपयोग के माध्यम से
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विस्तृत व्याख्या: मीड ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के प्रणेता थे। उन्होंने बताया कि ‘स्व’ का निर्माण ‘I’ (स्वयं का सहज रूप) और ‘Me’ (समाज द्वारा देखा गया रूप) के बीच संवाद से होता है, जो सामाजिक अंतःक्रिया के दौरान विकसित होता है।
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- समाजशास्त्र में ‘सामाजिक स्तरीकरण’ (Social Stratification) का अर्थ क्या है?\n
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- (A) समाज का विभिन्न समूहों में यादृच्छिक विभाजन
- (B) समाज का पदानुक्रमित (Hierarchical) श्रेणियों में विभाजन
- (C) केवल आर्थिक असमानता का अध्ययन
- (D) सामाजिक गतिशीलता का पूर्ण अभाव
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सही उत्तर: (B) समाज का पदानुक्रमित (Hierarchical) श्रेणियों में विभाजन
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विस्तृत व्याख्या: स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा समाज को विभिन्न परतों (Strata) में बांटा जाता है, जहाँ कुछ समूहों को दूसरों की तुलना में अधिक शक्ति, प्रतिष्ठा या संसाधन प्राप्त होते हैं (जैसे जाति, वर्ग, लिंग)।
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- ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का मुख्य विचार क्या है?\n
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- (A) एक संस्कृति को दूसरी संस्कृति से श्रेष्ठ मानना
- (B) अपनी संस्कृति के मानदंडों को सार्वभौमिक मानना
- (C) किसी संस्कृति को उसके अपने संदर्भ और मूल्यों के आधार पर समझना
- (D) सभी संस्कृतियों को एक समान बनाने का प्रयास करना
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सही उत्तर: (C) किसी संस्कृति को उसके अपने संदर्भ और मूल्यों के आधार पर समझना
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विस्तृत व्याख्या: यह ‘नृजातिकेंद्रवाद’ (Ethnocentrism) के विपरीत है। सांस्कृतिक सापेक्षवाद सिखाता है कि कोई भी संस्कृति ‘गलत’ या ‘पिछड़ी’ नहीं होती, बल्कि वह अपने पर्यावरण और इतिहास का परिणाम होती है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
- (C) धर्म का पूरी तरह से त्याग करना
- (D) केवल संस्कृत भाषा सीखना
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सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
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विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने बताया कि जब कोई निम्न जाति या समूह अपनी सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाने के लिए उच्च जाति (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, कर्मकांडों और विचारधारा को अपनाता है, तो उसे संस्कृतिकरण कहते हैं।
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- ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त आवश्यक नहीं है?\n
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- (A) संख्यात्मक शक्ति
- (B) आर्थिक शक्ति (भूमि स्वामित्व)
- (C) राजनीतिक शक्ति
- (D) उच्चतम अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status)
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सही उत्तर: (D) उच्चतम अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status)
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विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति ‘प्रभावी’ तब होती है जब उसके पास जमीन, संख्या और राजनीतिक प्रभाव हो। जरूरी नहीं कि वह जाति अनुष्ठानिक रूप से ब्राह्मण (सबसे ऊंची) हो; वह मध्यवर्ती जाति भी हो सकती है।
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- अगस्त कॉम्टे ने समाजशास्त्र के अध्ययन के लिए किस विधि का प्रस्ताव दिया था?\n
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- (A) केवल अंतर्बोध (Intuition)
- (B) प्रत्यक्षवाद (Positivism)
- (C) केवल ऐतिहासिक विश्लेषण
- (D) दार्शनिक अटकलें
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सही उत्तर: (B) प्रत्यक्षवाद (Positivism)
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विस्तृत व्याख्या: कॉम्टे को ‘समाजशास्त्र का जनक’ माना जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि समाज का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे भौतिकी) की तरह अवलोकन, प्रयोग और तुलनात्मक विश्लेषण के माध्यम से किया जाना चाहिए।
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- ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) विधि की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?\n
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- (A) शोधकर्ता का समूह से पूरी तरह अलग रहना
- (B) केवल प्रश्नावली का उपयोग करना
- (C) शोधकर्ता का अध्ययन समूह का हिस्सा बनकर डेटा एकत्र करना
- (D) केवल पुस्तकालय स्रोतों का उपयोग करना
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सही उत्तर: (C) शोधकर्ता का अध्ययन समूह का हिस्सा बनकर डेटा एकत्र करना
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विस्तृत व्याख्या: यह एक गुणात्मक विधि है जिसमें शोधकर्ता उस समुदाय के साथ रहता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है, ताकि वह उनके जीवन के वास्तविक अनुभवों और ‘इनसाइडर पर्सपेक्टिव’ को समझ सके।
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- लुई विर्थ के अनुसार ‘नगरीयता’ (Urbanism) क्या है?\n
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- (A) केवल जनसंख्या का घनत्व
- (B) जीवन जीने का एक तरीका (A way of life)
- (C) केवल गगनचुंबी इमारतों का निर्माण
- (D) ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तार
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सही उत्तर: (B) जीवन जीने का एक तरीका (A way of life)
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विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि नगरीयता केवल भौतिक संरचना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संबंधों की एक विशिष्ट प्रकृति है, जिसमें संबंध गौण, औपचारिक और व्यक्तिवादी हो जाते हैं।
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- ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) मुख्य रूप से किस पर आधारित थी?\n
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- (A) केवल नकद भुगतान पर
- (B) पारस्परिक सेवाओं और वस्तुओं के विनिमय पर
- (C) सरकारी अनुबंधों पर
- (D) शहरी व्यापारिक संबंधों पर
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सही उत्तर: (B) पारस्परिक सेवाओं और वस्तुओं के विनिमय पर
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विस्तृत व्याख्या: ग्रामीण भारत में जजमानी व्यवस्था एक पारंपरिक आर्थिक और सामाजिक संबंध था जहाँ सेवा प्रदाता जातियाँ (जैसे नाई, लोहार) संरक्षक जातियों (जजमान) को सेवाएँ देती थीं और बदले में अनाज या भूमि प्राप्त करती थीं।
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- पियरे बोर्दियु (Pierre Bourdieu) ने ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का विचार क्यों दिया?\n
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- (A) यह दिखाने के लिए कि केवल पैसा ही सफलता का आधार है
- (B) यह समझाने के लिए कि ज्ञान, कौशल और शिक्षा सामाजिक असमानता को कैसे बनाए रखते हैं
- (C) केवल कला और संगीत के संरक्षण के लिए
- (D) ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए
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सही उत्तर: (B) यह समझाने के लिए कि ज्ञान, कौशल और शिक्षा सामाजिक असमानता को कैसे बनाए रखते हैं
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विस्तृत व्याख्या: बोर्दियु के अनुसार, उच्च वर्ग के पास ऐसी सांस्कृतिक पूंजी (बोलने का तरीका, शिष्टाचार, डिग्री) होती है जो उन्हें शिक्षा प्रणाली और श्रम बाजार में लाभ पहुँचाती है, जिससे वर्ग असमानता पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है।
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- समकालीन समाजशास्त्र में, AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और डेटा सिस्टम का एकीकरण किस प्रकार महत्वपूर्ण है?\n
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- (A) यह समाजशास्त्र को पूरी तरह समाप्त कर देगा
- (B) यह बड़े पैमाने पर सामाजिक डेटा के विश्लेषण और पैटर्न की पहचान में मदद करता है
- (C) यह केवल तकनीकी विशेषज्ञों के लिए उपयोगी है
- (D) इसका सामाजिक व्यवहार से कोई संबंध नहीं है
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सही उत्तर: (B) यह बड़े पैमाने पर सामाजिक डेटा के विश्लेषण और पैटर्न की पहचान में मदद करता है
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विस्तृत व्याख्या: आधुनिक समाजशास्त्र में ‘कंप्यूटेशनल सोशियोलॉजी’ का उदय हुआ है। AI और बिग डेटा के माध्यम से शोधकर्ता अब लाखों लोगों के व्यवहार, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और जटिल सामाजिक नेटवर्क का विश्लेषण अधिक सटीकता से कर सकते हैं।
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- प्रवासन (Migration) के संदर्भ में ‘सामाजिक अलगाव’ (Social Exclusion) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) अपनी इच्छा से अकेले रहना
- (B) प्रवासियों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना
- (C) प्रवासियों का अपनी संस्कृति को पूरी तरह छोड़ देना
- (D) केवल भाषा की समस्या होना
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सही उत्तर: (B) प्रवासियों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना
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विस्तृत व्याख्या: जब प्रवासियों को मुख्यधारा के समाज से बाहर रखा जाता है, उन्हें रोजगार नहीं मिलता या उनके साथ भेदभाव होता है, तो इसे सामाजिक अलगाव कहते हैं। यह अक्सर संरचनात्मक असमानताओं और पूर्वाग्रहों का परिणाम होता है।
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- ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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- (A) समाज में नियम बहुत सख्त होते हैं
- (B) सामाजिक मानदंडों में गिरावट आती है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं
- (C) व्यक्ति बहुत अधिक धार्मिक हो जाता है
- (D) आर्थिक समृद्धि चरम पर होती है
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सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों में गिरावट आती है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में तीव्र परिवर्तन होता है (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि), तो पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम नहीं बनते। इस ‘नियमहीनता’ की स्थिति को एनोमी कहा जाता है, जो आत्महत्या की दर बढ़ा सकती है।
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- सिमेल (Georg Simmel) के अनुसार, महानगरीय जीवन में व्यक्ति ‘ब्लासे’ (Blasé) दृष्टिकोण क्यों अपनाता है?\n
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- (A) वह बहुत खुश होता है
- (B) वह अत्यधिक उत्तेजनाओं (Stimuli) से बचने के लिए भावनात्मक रूप से तटस्थ हो जाता है
- (C) वह समाज से घृणा करता है
- (D) वह बहुत अधिक सामाजिक होता है
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सही उत्तर: (B) वह अत्यधिक उत्तेजनाओं (Stimuli) से बचने के लिए भावनात्मक रूप से तटस्थ हो जाता है
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विस्तृत व्याख्या: सिमेल ने बताया कि शहर की भीड़ और शोर-शराबे के कारण व्यक्ति मानसिक थकान से बचने के लिए एक ‘रक्षा तंत्र’ विकसित करता है, जिससे वह दूसरों के प्रति उदासीन या तटस्थ (Blasé) हो जाता है।
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- ‘ग्राउंडेड थ्योरी’ (Grounded Theory) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) पहले से मौजूद सिद्धांत को सिद्ध करना
- (B) डेटा के संग्रह और विश्लेषण के माध्यम से नए सिद्धांत का निर्माण करना
- (C) केवल पुस्तकालय अनुसंधान करना
- (D) सिद्धांतों को पूरी तरह खारिज करना
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सही उत्तर: (B) डेटा के संग्रह और विश्लेषण के माध्यम से नए सिद्धांत का निर्माण करना
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विस्तृत व्याख्या: ग्लैसर और स्ट्रॉस द्वारा विकसित यह विधि ‘इंडक्टिव’ (Inductive) है। इसमें शोधकर्ता पहले डेटा एकत्र करता है और फिर उस डेटा के पैटर्न के आधार पर एक सिद्धांत विकसित करता है, बजाय इसके कि वह पहले से तय परिकल्पना (Hypothesis) से शुरू करे।
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- फूको (Michel Foucault) के अनुसार ‘शक्ति’ (Power) कैसी होती है?\n
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- (A) यह केवल सरकार के पास होती है
- (B) यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित होती है
- (C) यह विसरित (Diffused) होती है और ज्ञान के साथ जुड़ी होती है
- (D) यह पूरी तरह से दमनकारी होती है
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सही उत्तर: (C) यह विसरित (Diffused) होती है और ज्ञान के साथ जुड़ी होती है
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विस्तृत व्याख्या: फूको ने ‘पावर-नॉलेज’ (Power-Knowledge) का सिद्धांत दिया। उनके अनुसार शक्ति केवल राज्य या पुलिस के पास नहीं है, बल्कि वह समाज के हर संबंध, विमर्श (Discourse) और ज्ञान के तंत्र में मौजूद है।
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- भारतीय समाज में ‘जाति’ और ‘वर्ग’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) जाति अर्जित है और वर्ग जन्मजात है
- (B) जाति बंद (Closed) स्तरीकरण है और वर्ग अपेक्षाकृत खुला (Open) है
- (C) वर्ग केवल धर्म पर आधारित है
- (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है
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सही उत्तर: (B) जाति बंद (Closed) स्तरीकरण है और वर्ग अपेक्षाकृत खुला (Open) है
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विस्तृत व्याख्या: जाति जन्म से निर्धारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता (बंद), जबकि वर्ग आर्थिक स्थिति पर आधारित होता है और शिक्षा या धन के माध्यम से व्यक्ति अपना वर्ग बदल सकता है (खुला)।
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- ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) किस स्तर के समाजशास्त्र से संबंधित है?\n
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- (A) मैक्रो-सोशियोलॉजी (Macro-sociology)
- (B) माइक्रो-सोशियोलॉजी (Micro-sociology)
- (C) केवल ऐतिहासिक समाजशास्त्र
- (D) सांख्यिकीय समाजशास्त्र
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सही उत्तर: (B) माइक्रो-सोशियोलॉजी (Micro-sociology)
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विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण समाज के बड़े ढांचों के बजाय व्यक्तियों के बीच होने वाली छोटी-छोटी अंतःक्रियाओं, संकेतों और अर्थों के निर्माण का अध्ययन करता है।
- सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) का ‘क्षैतिज’ (Horizontal) रूप क्या होता है?\n
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- (A) निम्न वर्ग से उच्च वर्ग में जाना
- (B) उच्च पद से निम्न पद पर आना
- (C) समान सामाजिक स्तर पर एक स्थिति से दूसरी स्थिति में जाना
- (D) पूरी तरह से समाज छोड़ देना
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सही उत्तर: (C) समान सामाजिक स्तर पर एक स्थिति से दूसरी स्थिति में जाना
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विस्तृत व्याख्या: यदि एक शिक्षक एक स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में उसी पद पर जाता है, तो यह ‘क्षैतिज गतिशीलता’ है। जबकि पदोन्नति (Promotion) ‘लंबवत’ (Vertical) गतिशीलता कहलाती है।
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- एमिल दुर्खीम ने ‘आत्महत्या’ (Suicide) के कितने प्रकार बताए हैं?\n
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- (A) दो
- (B) तीन
- (C) चार
- (D) पाँच
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सही उत्तर: (C) चार
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने एकीकरण और विनियमन के आधार पर चार प्रकार बताए: 1. अहंवादी (Egoistic), 2. परार्थवादी (Altruistic), 3. विसंगतिपूर्ण/एनोमिक (Anomic), और 4. भाग्यवादी (Fatalistic)।
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- समाजशास्त्र में ‘पॉज़िटिविज़्म’ (Positivism) का मुख्य विरोध किसने किया था?\n
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- (A) अगस्त कॉम्टे ने
- (B) मैक्स वेबर ने (Verstehen के माध्यम से)
- (C) हर्बर्ट स्पेंसर ने
- (D) एमिल दुर्खीम ने
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सही उत्तर: (B) मैक्स वेबर ने (Verstehen के माध्यम से)
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विस्तृत व्याख्या: जबकि कॉम्टे और दुर्खीम बाहरी अवलोकन (External Observation) पर जोर देते थे, वेबर ने ‘Verstehen’ (सहानुभूतिपूर्ण समझ) का प्रस्ताव दिया, जिसका अर्थ है कर्ता के दृष्टिकोण से सामाजिक क्रिया के अर्थ को समझना।
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- ‘पारिवारिक विखंडन’ (Family Fragmentation) का मुख्य समाजशास्त्रीय कारण क्या माना जाता है?\n
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- (A) केवल व्यक्तिगत झगड़े
- (B) औद्योगिकरण और शहरीकरण के कारण संयुक्त परिवार का परमाणु परिवार में बदलना
- (C) शिक्षा का बढ़ना
- (D) जनसंख्या में वृद्धि
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सही उत्तर: (B) औद्योगिकरण और शहरीकरण के कारण संयुक्त परिवार का परमाणु परिवार में बदलना
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विस्तृत व्याख्या: आधुनिक अर्थव्यवस्था में रोजगार के लिए पलायन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की चाहत ने संयुक्त परिवार (Joint Family) की संरचना को कमजोर किया है, जिससे परमाणु परिवार (Nuclear Family) का चलन बढ़ा है।
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टिप: यदि आपने इनमें से 18+ प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं, तो आपकी वैचारिक पकड़ उत्कृष्ट है। यदि कम हैं, तो संबंधित विचारकों की मूल पुस्तकों और अवधारणाओं का पुनः अध्ययन करें। निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है!
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