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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: वैचारिक स्पष्टता और उच्च-स्तरीय अभ्यास सेट

समाजशास्त्र की गहन समझ: वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक चुनौती

समाजशास्त्र केवल समाज का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह उन अदृश्य धागों को समझने की कला है जो मानवीय व्यवहार और सामाजिक संरचनाओं को जोड़ते हैं। UGC-NET, UPSC और State PSCs जैसी परीक्षाओं के लिए केवल तथ्यों को रटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सिद्धांतों का गहरा विश्लेषण आवश्यक है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और आपको परीक्षा के दृष्टिकोण से तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई दें और इन चुनौतीपूर्ण प्रश्नों का सामना करें!


  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब श्रमिक:
    • (A) उच्च वेतन प्राप्त नहीं करता
    • (B) उत्पादन की प्रक्रिया और उत्पाद पर अपना नियंत्रण खो देता है
    • (C) समाज में राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं करता
    • (D) केवल शारीरिक श्रम करता है

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है।
    संदर्भ: यह अवधारणा मार्क्स के ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तार से वर्णित है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) और (C) आर्थिक और राजनीतिक परिणामों हैं, लेकिन ‘अलगाव’ एक मनोवैज्ञानिक और अस्तित्वगत स्थिति है।

  2. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    • (A) समाज के लिए एक आदर्श नैतिक मानक स्थापित करना
    • (B) सामाजिक वास्तविकता का एक सटीक और पूर्ण विवरण देना
    • (C) तुलनात्मक विश्लेषण के लिए एक मानसिक निर्माण या बेंचमार्क बनाना
    • (D) केवल नौकरशाही के कामकाज को समझना

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ वास्तविकता का प्रतिबिंब नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है जिसका उपयोग समाजशास्त्री जटिल सामाजिक घटनाओं की तुलना करने और उन्हें समझने के लिए करते हैं।
    संदर्भ: वेबर की व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretative Sociology) पद्धति।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि यह ‘नैतिक आदर्श’ नहीं बल्कि ‘विश्लेषणात्मक उपकरण’ है।

  3. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का क्या अर्थ है?
    • (A) समाज में अत्यधिक नियमों का होना
    • (B) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों का टूटना या अस्पष्ट होना
    • (C) धार्मिक विश्वासों का पूर्ण अभाव
    • (D) वर्ग संघर्ष की चरम सीमा

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ वह स्थिति है जहाँ समाज में व्यक्तियों के व्यवहार को नियंत्रित करने वाले मानक कमजोर हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
    संदर्भ: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘Suicide’ (1897) में एनोमिक सुसाइड की व्याख्या की है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (D) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है, जबकि एनोमी एक कार्यात्मक (Functionalist) अवधारणा है।

  4. तालकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का संबंध किससे है?
    • (A) लक्ष्य प्राप्ति से
    • (B) संसाधनों के संग्रहण से
    • (C) सांस्कृतिक मूल्यों और पैटर्न के रखरखाव से
    • (D) सामाजिक समन्वय से

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: Latency (प्रसुप्ति) का कार्य समाज के बुनियादी मूल्यों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है (जैसे परिवार और शिक्षा)।
    संदर्भ: पार्सन्स का संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism)।
    अन्य विकल्प: A-Adaptation, G-Goal Attainment, I-Integration।

  5. रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?
    • (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अंतर्निहित लाभकारी
    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अंतर्निहित अनपेक्षित होते हैं
    • (C) अंतर्निहित कार्य केवल धर्म से संबंधित होते हैं
    • (D) दोनों एक ही हैं, केवल शब्दावली भिन्न है

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे हैं जिन्हें लोग जानबूझकर करते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में सामने आते हैं।
    संदर्भ: मर्टन का कार्यात्मक विश्लेषण।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि अंतर्निहित कार्य ‘दुष्क्रिया’ (Dysfunction) भी हो सकते हैं।

  6. प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के संदर्भ में, जॉर्ज हरबर्ट मीड ने किस अवधारणा पर बल दिया?
    • (A) सामाजिक तथ्य (Social Facts)
    • (B) ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me) का द्वंद्व
    • (C) ऐतिहासिक भौतिकवाद
    • (D) नौकरशाही का लौह पिंजरा

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, स्वयं (Self) का विकास ‘I’ (रचनात्मक, स्वतःस्फूर्त पक्ष) और ‘Me’ (सामाजिक अपेक्षाओं का आंतरिक पक्ष) के बीच की बातचीत से होता है।
    संदर्भ: सामाजिक मनोविज्ञान और अंतःक्रियावाद।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) दुर्खीम का, (C) मार्क्स का और (D) वेबर का विचार है।

  7. सामाजिक स्तरीकरण के ‘डेविस-मूर सिद्धांत’ (Davis-Moore Thesis) का मुख्य तर्क क्या है?
    • (A) स्तरीकरण केवल शोषण का परिणाम है
    • (B) सामाजिक असमानता कार्यात्मक रूप से आवश्यक है ताकि महत्वपूर्ण पदों पर योग्य लोग आएं
    • (C) जाति व्यवस्था स्तरीकरण का एकमात्र रूप है
    • (D) समाज में सभी पदों का मूल्य समान होना चाहिए

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: डेविस और मूर का तर्क है कि समाज कुछ पदों को अधिक महत्वपूर्ण मानता है, और योग्य लोगों को वहां आकर्षित करने के लिए अधिक पुरस्कार (वेतन/प्रतिष्ठा) देना आवश्यक है।
    संदर्भ: कार्यात्मक सिद्धांत (Functionalist Perspective on Stratification)।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) का आधार है।

  8. ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा किसने विकसित की थी?
    • (A) एमिल दुर्खीम
    • (B) पियरे बोर्दियू
    • (C) हर्बर्ट स्पेंसर
    • (D) अगस्त कॉम्टे

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू के अनुसार, ज्ञान, कौशल और शिक्षा जैसे गैर-आर्थिक संसाधन व्यक्ति को सामाजिक लाभ और शक्ति प्रदान करते हैं।
    संदर्भ: पियरे बोर्दियू का समाजशास्त्र।
    अन्य विकल्प: कॉम्टे को समाजशास्त्र का जनक माना जाता है, लेकिन उन्होंने सांस्कृतिक पूंजी का सिद्धांत नहीं दिया।

  9. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
    • (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों की संस्कृति को अपनाना
    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना
    • (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना
    • (D) केवल संस्कृत भाषा का सीखना

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न हिंदू जाति या समूह किसी उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करता है।
    संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र और ग्रामीण अध्ययन।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) इसके विपरीत है।

  10. ‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त आवश्यक नहीं है?
    • (A) संख्यात्मक शक्ति
    • (B) आर्थिक शक्ति (भूमि स्वामित्व)
    • (C) राजनीतिक शक्ति
    • (D) केवल धार्मिक पवित्रता का दावा

    सही उत्तर: (D)
    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, प्रभु जाति के लिए संख्या, जमीन और राजनीतिक प्रभाव जरूरी हैं। केवल धार्मिक दावा पर्याप्त नहीं है यदि उनके पास भौतिक संसाधन न हों।
    संदर्भ: एम.एन. श्रीनिवास का ग्रामीण समाजशास्त्र।

  11. अनुसंधान पद्धति में ‘त्रिभुजीकरण’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?
    • (A) केवल एक ही डेटा स्रोत का उपयोग करना
    • (B) किसी घटना के अध्ययन के लिए कई विधियों या डेटा स्रोतों का उपयोग करना
    • (C) आंकड़ों को तीन श्रेणियों में विभाजित करना
    • (D) नमूना आकार को तीन गुना बढ़ाना

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: त्रिभुजीकरण का उद्देश्य वैधता बढ़ाना है। उदाहरण के लिए, एक ही विषय पर सर्वेक्षण (Quantitative) और साक्षात्कार (Qualitative) दोनों का उपयोग करना।
    संदर्भ: समाजशास्त्रीय अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।

  12. निम्नलिखित में से कौन सा ‘गुणात्मक अनुसंधान’ (Qualitative Research) का उदाहरण है?
    • (A) जनगणना (Census)
    • (B) सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
    • (C) सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis)
    • (D) संरचित प्रश्नावली (Structured Questionnaire)

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: सहभागी अवलोकन में शोधकर्ता समूह का हिस्सा बनकर गहन अंतर्दृष्टि प्राप्त करता है, जो मात्रात्मक नहीं बल्कि गुणात्मक होती है।
    संदर्भ: नृवंशविज्ञान (Ethnography)।
    अन्य विकल्प: A, C, D मात्रात्मक (Quantitative) विधियां हैं।

  13. समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का तात्पर्य क्या है?
    • (A) इंटरनेट का उपयोग केवल उच्च जातियों द्वारा किया जाना
    • (B) डिजिटल स्पेस में भी पारंपरिक जातिगत पूर्वाग्रहों और असमानताओं का बने रहना
    • (C) कंप्यूटर के माध्यम से जाति गणना करना
    • (D) सोशल मीडिया पर जाति आधारित समूहों का बनना

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि तकनीक ने भौतिक दूरियां कम की हैं, लेकिन एल्गोरिदम और डिजिटल इंटरैक्शन में अभी भी सामाजिक बहिष्कार और जातिगत भेदभाव मौजूद हैं।
    संदर्भ: डिजिटल समाजशास्त्र और समकालीन भारतीय समाज।

  14. ‘लिंग और घरेलू काम के आवंटन’ के अध्ययन में AI-जनरेटेड विजुअल कॉन्जॉइंट्स (AI-Generated Visual Conjoints) का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा है?
    • (A) घरेलू काम को स्वचालित करने के लिए
    • (B) यह समझने के लिए कि लोग विभिन्न लिंगों और सामाजिक स्थितियों के आधार पर घरेलू कार्यों का आरोपण (Attribution) कैसे करते हैं
    • (C) AI के माध्यम से घर की सफाई करना
    • (D) केवल महिलाओं की कार्यक्षमता मापने के लिए

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: हालिया शोधों (जैसे Pessin et al.) में AI का उपयोग यह विश्लेषण करने के लिए किया जा रहा है कि समाज में लिंग आधारित रूढ़ियाँ कैसे काम करती हैं और हम अवचेतन रूप से घरेलू कार्यों को किसके साथ जोड़ते हैं।
    संदर्भ: समकालीन समाजशास्त्रीय शोध और तकनीक।

  15. ‘स्वास्थ्य और वृद्धावस्था’ (Health and Aging) के समाजशास्त्रीय अध्ययन में भौगोलिक प्रभावों का क्या महत्व है?
    • (A) भूगोल का स्वास्थ्य से कोई संबंध नहीं है
    • (B) भौगोलिक स्थिति संसाधनों तक पहुंच और स्वास्थ्य परिणामों को निर्धारित करती है
    • (C) केवल शहरी क्षेत्रों में वृद्ध लोग स्वस्थ होते हैं
    • (D) भूगोल केवल जलवायु को प्रभावित करता है, स्वास्थ्य को नहीं

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: स्वास्थ्य समाजशास्त्र में यह देखा जाता है कि ग्रामीण बनाम शहरी या विकसित बनाम पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता वृद्धावस्था के स्वास्थ्य परिणामों को कैसे प्रभावित करती है।
    संदर्भ: चिकित्सा समाजशास्त्र (Medical Sociology) और हालिया शोध रुझान।

  16. मीडिया समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘क्लिकबेट क्राइम न्यूज’ (Clickbait Crime News) का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    • (A) यह अपराध दर को कम करता है
    • (B) यह समाज में भय (Moral Panic) पैदा कर सकता है और अपराध के प्रति धारणा को विकृत कर सकता है
    • (C) यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की दक्षता बढ़ाता है
    • (D) इसका समाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: सनसनीखेज खबरें अक्सर अपराध की वास्तविक प्रकृति के बजाय डर फैलाती हैं, जिससे समाज में विशिष्ट समूहों के प्रति पूर्वाग्रह और असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
    संदर्भ: समाजशास्त्र ऑफ मीडिया और अपराध।

  17. अप्रवासन निरोध (Immigration Detention) के दीर्घकालिक प्रभावों का अध्ययन समाजशास्त्र के किस क्षेत्र के अंतर्गत आता है?
    • (A) ग्रामीण समाजशास्त्र
    • (B) सामाजिक बहिष्कार और राज्य नियंत्रण (Social Exclusion and State Control)
    • (C) परिवार समाजशास्त्र
    • (D) शिक्षा समाजशास्त्र

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: जब राज्य प्रवासियों को निरुद्ध (Detain) करता है, तो यह न केवल कानूनी मुद्दा है, बल्कि यह सामाजिक अलगाव, मानसिक स्वास्थ्य और मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा बन जाता है।
    संदर्भ: प्रवासन समाजशास्त्र और राज्य की शक्ति।

  18. ‘शहरीकरण’ (Urbanization) के संदर्भ में लुई विर्थ (Louis Wirth) ने ‘Urbanism as a Way of Life’ में क्या तर्क दिया?
    • (A) शहर लोगों को अधिक भावनात्मक रूप से करीब लाते हैं
    • (B) शहरी जीवन में संबंध सतही, अस्थायी और खंडित (Segmented) होते हैं
    • (C) शहरी जीवन ग्रामीण जीवन की तुलना में अधिक सामुदायिक होता है
    • (D) शहरों में कोई सामाजिक स्तरीकरण नहीं होता

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: विर्थ का मानना था कि जनसंख्या घनत्व और विविधता के कारण शहरी निवासी एक-दूसरे से कटे हुए महसूस करते हैं और उनके संबंध केवल औपचारिक होते हैं।
    संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र।

  19. जजमानी व्यवस्था (Jajmani System) का मुख्य आधार क्या था?
    • (A) केवल मौद्रिक विनिमय (Monetary Exchange)
    • (B) जाति-आधारित पारस्परिक सेवा और आर्थिक निर्भरता
    • (C) राज्य द्वारा संचालित कर प्रणाली
    • (D) शहरी उद्योगों का विकास

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह ग्रामीण भारत की एक पारंपरिक प्रणाली थी जहाँ निम्न जातियाँ (कमीन) उच्च जातियों (जजमान) को सेवाएँ प्रदान करती थीं और बदले में उन्हें अनाज या अन्य लाभ मिलते थे।
    संदर्भ: ग्रामीण भारतीय समाजशास्त्र।

  20. ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) का सिद्धांत किसने दिया था?
    • (A) विलियम ऑगबर्न
    • (B) कार्ल मार्क्स
    • (C) अगस्त कॉम्टे
    • (D) मैक्स वेबर

    सही उत्तर: (A)
    विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास) धीमी गति से बदलती है, जिससे एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक विलंबन’ कहते हैं।
    संदर्भ: सामाजिक परिवर्तन के सिद्धांत।

  21. निम्नलिखित में से कौन सा ‘प्राथमिक समूह’ (Primary Group) का उदाहरण है?
    • (A) राजनीतिक दल
    • (B) ट्रेड यूनियन
    • (C) परिवार
    • (D) बैंक कर्मचारी संघ

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: सी.एच. कूले के अनुसार, प्राथमिक समूह वे होते हैं जिनमें आमने-सामने के घनिष्ठ और भावनात्मक संबंध होते हैं।
    संदर्भ: सामाजिक समूह (Social Groups)।

  22. ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर किस समाजशास्त्री के कार्य का केंद्र था?
    • (A) मैक्स वेबर
    • (B) एमिल दुर्खीम
    • (C) जॉर्ज सिमेल
    • (D) हर्बर्ट स्पेंसर

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का आधार समाज द्वारा चीजों को पवित्र और अपवित्र में विभाजित करना है।
    संदर्भ: धर्म का समाजशास्त्र।

  23. ‘नौकरशाही’ (Bureaucracy) के बारे में मैक्स वेबर का क्या विचार था?
    • (A) यह पूरी तरह से अक्षम और धीमी होती है
    • (B) यह तार्किकता (Rationality) और दक्षता का सबसे शुद्ध रूप है, लेकिन यह ‘लौह पिंजरा’ भी बन सकती है
    • (C) यह केवल लोकतांत्रिक समाजों में संभव है
    • (D) यह व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित होती है

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: वेबर ने नौकरशाही को नियमों, योग्यता और पदानुक्रम पर आधारित माना, लेकिन चेतावनी दी कि अत्यधिक तार्किकता मानवीय स्वतंत्रता को समाप्त कर सकती है (Iron Cage)।
    संदर्भ: संगठन और सत्ता का समाजशास्त्र।

  24. ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) की विशेषता क्या है?
    • (A) केवल माता-पिता और बच्चों का निवास
    • (B) सामान्य निवास, साझा रसोई और सामूहिक संपत्ति
    • (C) सदस्यों के बीच भावनात्मक संबंधों का अभाव
    • (D) केवल दो पीढ़ियों का एक साथ रहना

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार में तीन या अधिक पीढ़ियां एक साथ रहती हैं और उनके आर्थिक संसाधन साझा होते हैं।
    संदर्भ: परिवार और नातेदारी।

  25. सामाजिक परिवर्तन के ‘रेखीय सिद्धांत’ (Linear Theory) का क्या अर्थ है?
    • (A) समाज एक चक्र में घूमता है और वापस वहीं आता है
    • (B) समाज एक निश्चित दिशा में निरंतर प्रगति करता है (जैसे आदिम से आधुनिक की ओर)
    • (C) समाज में कोई परिवर्तन नहीं होता
    • (D) परिवर्तन केवल अचानक विस्फोट के रूप में होता है

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: रेखीय सिद्धांत मानते हैं कि समाज एक सीधी रेखा में विकास करता है, जैसे कॉम्टे का विकासवाद। इसके विपरीत, चक्र सिद्धांत (Cycle Theory) मानते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है।
    संदर्भ: सामाजिक परिवर्तन।

  26. ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Facts) को दुर्खीम ने कैसे परिभाषित किया?
    • (A) केवल व्यक्तिगत विचारों के रूप में
    • (B) उन तरीकों के रूप में जो व्यक्ति के बाहर होते हैं और उस पर दबाव डालते हैं
    • (C) केवल सरकारी कानूनों के रूप में
    • (D) जैविक प्रवृत्तियों के रूप में

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: सामाजिक तथ्य वे नियम, मूल्य और विश्वास हैं जो व्यक्ति के जन्म से पहले मौजूद होते हैं और उसे एक निश्चित तरीके से व्यवहार करने के लिए विवश करते हैं।
    संदर्भ: ‘The Rules of Sociological Method’।


टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय, केवल सही विकल्प न देखें, बल्कि व्याख्या को गहराई से पढ़ें। समाजशास्त्र में अवधारणाओं के बीच का अंतर्संबंध ही आपकी सफलता की कुंजी है। शुभकामनाएँ!

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