नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!
क्या आप अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? आज का यह अभ्यास सेट विशेष रूप से उन गंभीर उम्मीदवारों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो UGC-NET, UPSC और State PSCs जैसी उच्च-स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यह क्विज़ न केवल आपके अकादमिक ज्ञान का परीक्षण करेगा, बल्कि आपको समकालीन सामाजिक प्रवृत्तियों से भी जोड़ेगा। अपनी तैयारी को धार दें और इस बौद्धिक चुनौती को स्वीकार करें!
- आधुनिक माता-पिता की “भावनात्मक अर्थव्यवस्था” (Emotional Economy of Modern Parenting) का अध्ययन समाजशास्त्र के किस उप-क्षेत्र से संबंधित है?
- (A) ग्रामीण समाजशास्त्र
- (B) भावनाओं का समाजशास्त्र (Sociology of Emotions)
- (C) औद्योगिक समाजशास्त्र
- (D) राजनीतिक समाजशास्त्र
सही उत्तर: (B) भावनाओं का समाजशास्त्र
विस्तृत व्याख्या: भावनाओं का समाजशास्त्र इस बात का अध्ययन करता है कि सामाजिक संरचनाएं और सांस्कृतिक मानदंड हमारी भावनाओं को कैसे आकार देते हैं। “भावनात्मक अर्थव्यवस्था” यह दर्शाती है कि आधुनिक पेरेंटिंग में भावनाओं का प्रबंधन और निवेश एक संसाधन की तरह किया जाता है। विकल्प (A), (C) और (D) विशिष्ट भौगोलिक या संस्थागत क्षेत्रों से संबंधित हैं, न कि मानवीय भावनाओं के सूक्ष्म विश्लेषण से।
- यूरोपीय क्षेत्रों में शैक्षिक अवसरों का माता-पिता की पृष्ठभूमि पर निर्भरता कम होना और पेटेंट की संख्या बढ़ना, समाजशास्त्र की किस अवधारणा को पुष्ट करता है?
- (A) सामाजिक स्थिरता
- (B) सामाजिक स्तरीकरण और योग्यता (Meritocracy)
- (C) सांस्कृतिक पिछड़ापन
- (D) सामाजिक अलगाव
सही उत्तर: (B) सामाजिक स्तरीकरण और योग्यता (Meritocracy)
विस्तृत व्याख्या: जब शैक्षिक अवसर पारिवारिक पृष्ठभूमि के बजाय व्यक्ति की क्षमता (Merit) पर आधारित होते हैं, तो इसे ‘मेरिटोक्रेसी’ कहा जाता है। यह सामाजिक गतिशीलता को बढ़ाता है और नवाचार (जैसे पेटेंट) को प्रोत्साहित करता है। विकल्प (A) यथास्थिति की बात करता है, जबकि (C) और (D) नकारात्मक सामाजिक स्थितियों को दर्शाते हैं।
- धर्म का गर्भपात के निर्णयों पर प्रभाव, समाजशास्त्र के किस परिप्रेक्ष्य के अंतर्गत आता है?
- (A) संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism)
- (B) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory)
- (C) धर्म का समाजशास्त्र (Sociology of Religion)
- (D) प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)
सही उत्तर: (C) धर्म का समाजशास्त्र
विस्तृत व्याख्या: यह अध्ययन इस बात पर केंद्रित है कि धार्मिक विश्वास और मूल्य व्यक्तिगत नैतिक निर्णयों और सामाजिक व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं। हालांकि कार्यात्मकता और संघर्ष सिद्धांत इसका विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन विषय वस्तु स्पष्ट रूप से ‘धर्म के समाजशास्त्र’ के दायरे में आती है।
- कार्ल मार्क्स द्वारा प्रतिपादित ‘अलगाव’ (Alienation) की अवधारणा का मुख्य कारण क्या है?
- (A) धार्मिक अंधविश्वास
- (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
- (C) शिक्षा का अभाव
- (D) पारिवारिक विघटन
सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपनी उत्पादित वस्तु, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं से अलग (Alienate) हो जाता है। विकल्प (A), (C) और (D) अलगाव के गौण परिणाम हो सकते हैं, लेकिन मुख्य कारण आर्थिक संरचना है।
- मैक्स वेबर के अनुसार, ‘आदर्श प्रकार’ (Ideal Type) क्या है?
- (A) एक नैतिक रूप से सही समाज का मॉडल
- (B) एक काल्पनिक समाज जिसकी प्राप्ति संभव है
- (C) विश्लेषण के लिए उपयोग किया जाने वाला एक मानसिक निर्माण या वैचारिक उपकरण
- (D) समाज का वास्तविक और सटीक विवरण
सही उत्तर: (C) विश्लेषण के लिए उपयोग किया जाने वाला एक मानसिक निर्माण या वैचारिक उपकरण
विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रकार’ कोई वास्तविक वास्तविकता नहीं है, बल्कि एक मानक है जिसका उपयोग समाजशास्त्री वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना और विश्लेषण करने के लिए करते हैं। विकल्प (A) और (B) इसे एक ‘नैतिक’ या ‘इच्छित’ लक्ष्य मानते हैं, जो गलत है।
- एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति को किस संदर्भ में समझाया है?
- (A) जब समाज में नियमों की अधिकता हो
- (B) जब सामाजिक मानदंडों में तेजी से बदलाव आए और व्यक्ति दिशाहीन महसूस करे
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाए
- (D) जब धर्म का प्रभाव समाप्त हो जाए
सही उत्तर: (B) जब सामाजिक मानदंडों में तेजी से बदलाव आए और व्यक्ति दिशाहीन महसूस करे
विस्तृत व्याख्या: एनोमी वह स्थिति है जहाँ समाज के नियामक मानक टूट जाते हैं, जिससे व्यक्ति में भ्रम और अवसाद पैदा होता है (विशेषकर तीव्र आर्थिक परिवर्तन के दौरान)। विकल्प (A) इसके विपरीत है, और (C) अलगाव (Alienation) के अधिक करीब है।
- टैल्कोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) अनुकूलन (Adaptation)
- (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
सही उत्तर: (D) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में L (Latency) का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से)। A = Adaptation, G = Goal Attainment, और I = Integration हैं।
- रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?
- (A) प्रकट कार्य अवांछित होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य वांछित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य ज्ञात और अपेक्षित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनजाने और अनपेक्षित होते हैं।
- (C) दोनों एक ही होते हैं।
- (D) प्रकट कार्य केवल धर्म में होते हैं और अप्रत्यक्ष कार्य राजनीति में।
सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य ज्ञात और अपेक्षित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनजाने और अनपेक्षित होते हैं।
विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, शिक्षा का प्रकट कार्य ज्ञान देना है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना या विवाह के लिए साथी ढूंढना हो सकता है। विकल्प (A) गलत है क्योंकि अप्रत्यक्ष कार्य सकारात्मक या नकारात्मक दोनों हो सकते हैं।
- जी.एच. मीड के ‘I’ और ‘Me’ के सिद्धांत में ‘Me’ क्या दर्शाता है?
- (A) व्यक्ति का जैविक और सहज स्वभाव
- (B) समाज द्वारा थोपा गया सामाजिक स्व (Socialized Self)
- (C) व्यक्ति की आंतरिक इच्छाएं
- (D) केवल शारीरिक अस्तित्व
सही उत्तर: (B) समाज द्वारा थोपा गया सामाजिक स्व (Socialized Self)
विस्तृत व्याख्या: ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज के मानदंडों और अपेक्षाओं को आत्मसात करता है, जबकि ‘I’ वह रचनात्मक और सहज प्रतिक्रिया है जो ‘Me’ के जवाब में आती है। विकल्प (A) और (C) ‘I’ की विशेषताएँ हैं।
- विलियम ओगबर्न द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) का क्या अर्थ है?
- (A) जब संस्कृति का विकास रुक जाता है।
- (B) जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है लेकिन अभौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास) धीमी गति से बदलती है।
- (C) जब प्राचीन संस्कृति पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
- (D) जब शिक्षा का स्तर गिर जाता है।
सही उत्तर: (B) जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बदलती है लेकिन अभौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास) धीमी गति से बदलती है।
विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, इंटरनेट (भौतिक संस्कृति) तेजी से आया, लेकिन साइबर कानूनों और डिजिटल शिष्टाचार (अभौतिक संस्कृति) को विकसित होने में समय लगा। विकल्प (A) और (C) इस अवधारणा का सही विवरण नहीं देते।
- अनुसंधान विधियों में ‘अनुदैर्ध्य अध्ययन’ (Longitudinal Study) की मुख्य विशेषता क्या है?
- (A) एक ही समय पर विभिन्न समूहों का अध्ययन करना।
- (B) एक ही नमूने (Sample) का लंबे समय तक बार-बार अध्ययन करना।
- (C) केवल पुस्तकालय के आंकड़ों का उपयोग करना।
- (D) केवल एक व्यक्ति का गहन अध्ययन करना।
सही उत्तर: (B) एक ही नमूने (Sample) का लंबे समय तक बार-बार अध्ययन करना।
विस्तृत व्याख्या: अनुदैर्ध्य अध्ययन समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को ट्रैक करने के लिए किया जाता है (जैसा कि हालिया यूरोपीय शिक्षा संबंधी एटलस अध्ययन में देखा गया)। विकल्प (A) ‘क्रॉस-सेक्शनल’ अध्ययन है, और (D) ‘केस स्टडी’ है।
- नृवंशविज्ञान (Ethnography) अनुसंधान की किस पद्धति का हिस्सा है?
- (A) मात्रात्मक पद्धति (Quantitative Method)
- (B) गुणात्मक पद्धति (Qualitative Method)
- (C) प्रयोगात्मक पद्धति (Experimental Method)
- (D) सांख्यिकीय पद्धति (Statistical Method)
सही उत्तर: (B) गुणात्मक पद्धति (Qualitative Method)
विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता किसी समूह के साथ गहराई से रहकर उनके व्यवहार और संस्कृति का अवलोकन करता है, जो संख्यात्मक आंकड़ों के बजाय गहन विवरणों पर आधारित होता है। अन्य सभी विकल्प संख्यात्मक या प्रयोगात्मक डेटा पर जोर देते हैं।
- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
- (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
- (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त होना।
- (D) विदेशी संस्कृति का भारतीय समाज में समावेश।
सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण के माध्यम से एक निम्न जाति अपनी सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाने का प्रयास करती है। विकल्प (A) प्रभुत्व (Dominance) से संबंधित है और (C) एक आदर्श स्थिति है, प्रक्रिया नहीं।
- जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जाति व्यवस्था के बारे में क्या विचार व्यक्त किए?
- (A) जाति केवल एक आर्थिक विभाजन है।
- (B) जाति व्यवस्था का आधार केवल नस्लीय अंतर है।
- (C) जाति एक जटिल संस्था है जिसमें पदानुक्रम और अंतर्विवाह (Endogamy) शामिल हैं।
- (D) जाति व्यवस्था का कोई प्रभाव नहीं है।
सही उत्तर: (C) जाति एक जटिल संस्था है जिसमें पदानुक्रम और अंतर्विवाह (Endogamy) शामिल हैं।
विस्तृत व्याख्या: घुर्ये ने जाति को उसकी विशेषताओं (जैसे शुद्धता और अशुद्धता, पदानुक्रम) के आधार पर परिभाषित किया। विकल्प (A) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है, और (B) केवल एक पहलू है, पूरी व्यवस्था नहीं।
- लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार ‘शहरीकरण’ (Urbanism) क्या है?
- (A) केवल जनसंख्या का बढ़ना।
- (B) एक जीवन जीने का तरीका (Way of Life) जिसमें सामाजिक संबंध औपचारिक और सतही होते हैं।
- (C) ग्रामीण क्षेत्रों का पूरी तरह नष्ट होना।
- (D) केवल गगनचुंबी इमारतों का निर्माण।
सही उत्तर: (B) एक जीवन जीने का तरीका (Way of Life) जिसमें सामाजिक संबंध औपचारिक और सतही होते हैं।
विस्तृत व्याख्या: विर्थ का तर्क था कि शहर की सघनता और विविधता लोगों के व्यवहार को बदल देती है, जिससे संबंधों में औपचारिकता आती है। विकल्प (A) और (D) केवल भौतिक परिवर्तनों की बात करते हैं।
- ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) की प्रक्रिया का क्या अर्थ है?
- (A) शहरी गरीब बस्तियों का विस्तार।
- (B) पुराने शहरी इलाकों का पुनर्निर्माण और उच्च आय वर्ग के लोगों का वहां बसना।
- (C) शहरों से गांवों की ओर पलायन।
- (D) ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण।
सही उत्तर: (B) पुराने शहरी इलाकों का पुनर्निर्माण और उच्च आय वर्ग के लोगों का वहां बसना।
विस्तृत व्याख्या: यह एक सामाजिक-आर्थिक प्रक्रिया है जहाँ निम्न-आय वाले क्षेत्रों को ‘सुधारा’ जाता है, जिससे वहां का किराया बढ़ता है और मूल निवासी विस्थापित हो जाते हैं। विकल्प (C) ‘काउंटर-अर्बनाइजेशन’ है।
- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) की अवधारणा क्या संकेत देती है?
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(A) इंटरनेट का उपयोग अब केवल उच्च जातियों तक सीमित है।
- (A) डिजिटल उपकरणों का उपयोग जाति के आधार पर पूरी तरह बंद हो गया है।
- (B) पारंपरिक सामाजिक असमानताएं और पूर्वाग्रह अब डिजिटल प्लेटफॉर्म और एल्गोरिदम के माध्यम से भी प्रकट हो रहे हैं।
- (C) इंटरनेट ने जाति व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
- (D) केवल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल divide मौजूद है।
- पियरे बोर्दियु (Pierre Bourdieu) के अनुसार ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) क्या है?
- (A) बैंक में जमा पैसा।
- (B) केवल भौतिक संपत्तियां जैसे जमीन और सोना।
- (C) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और व्यवहार जो सामाजिक प्रतिष्ठा और लाभ दिलाते हैं।
- (D) किसी व्यक्ति की शारीरिक शक्ति।
सही उत्तर: (C) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और व्यवहार जो सामाजिक प्रतिष्ठा और लाभ दिलाते हैं।
विस्तृत व्याख्या: सांस्कृतिक पूंजी यह बताती है कि कैसे उच्च वर्ग के बच्चों को उनके घरेलू वातावरण से ऐसी भाषा और शिष्टाचार मिलते हैं जो उन्हें शिक्षा प्रणाली में लाभ पहुंचाते हैं। विकल्प (A) और (B) आर्थिक पूंजी हैं।
- ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) के ‘लौह पिंजरे’ (Iron Cage) की अवधारणा किसने दी थी?
- (A) कार्ल मार्क्स
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) मैक्स वेबर
- (D) हरबर्ट स्पेंसर
सही उत्तर: (C) मैक्स वेबर
विस्तृत व्याख्या: वेबर का मानना था कि तर्कसंगतता (Rationality) और नौकरशाही इतनी हावी हो जाएगी कि मानवीय भावनाएं और स्वतंत्रता समाप्त हो जाएंगी, जिससे समाज एक ‘लौह पिंजरे’ में बदल जाएगा।
- ‘पारिवारिक विखंडन’ (Family Fragmentation) का मुख्य कारण समकालीन समाज में क्या माना जा रहा है?
- (A) केवल शिक्षा का बढ़ना।
- (B) वैयक्तिकता (Individualism) का बढ़ना और आर्थिक स्वतंत्रता।
- (C) जनसंख्या में कमी।
- (D) केवल धार्मिक कट्टरता।
सही उत्तर: (B) वैयक्तिकता (Individualism) का बढ़ना और आर्थिक स्वतंत्रता।
विस्तृत व्याख्या: आधुनिक समाज में व्यक्ति की अपनी पहचान और करियर को परिवार की सामूहिक जरूरतों से ऊपर रखने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे एकल परिवारों और तलाक की दर में वृद्धि हुई है।
- समाजशास्त्रीय शोध में ‘हाइपोथीसिस’ (Hypothesis) क्या है?
- (A) शोध का अंतिम निष्कर्ष।
- (B) दो या दो से अधिक चरों के बीच संबंधों का एक परीक्षण योग्य अनुमान।
- (C) शोध के लिए उपयोग किया गया उपकरण (जैसे प्रश्नावली)।
- (D) डेटा का सांख्यिकीय विश्लेषण।
सही उत्तर: (B) दो या दो से अधिक चरों के बीच संबंधों का एक परीक्षण योग्य अनुमान।
विस्तृत व्याख्या: परिकल्पना (Hypothesis) एक अस्थायी प्रस्ताव होता है जिसे शोध के माध्यम से सिद्ध या असिद्ध किया जाता है। विकल्प (A) निष्कर्ष है, और (C) शोध उपकरण है।
- ‘सेक्युलराइजेशन’ (Secularization) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?
- (A) धर्म का पूरी तरह से विनाश।
- (B) समाज और सार्वजनिक जीवन में धार्मिक प्रभाव और महत्व का कम होना।
- (C) एक धर्म का दूसरे धर्म में बदलना।
- (D) धर्म का राजनीति पर पूर्ण नियंत्रण।
सही उत्तर: (B) समाज और सार्वजनिक जीवन में धार्मिक प्रभाव और महत्व का कम होना।
विस्तृत व्याख्या: धर्म का विनिर्मक्तीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें तर्क और विज्ञान का प्रभाव बढ़ता है और धार्मिक संस्थाओं का सामाजिक नियंत्रण घटता है। विकल्प (A) गलत है क्योंकि धर्म व्यक्तिगत स्तर पर बना रहता है।
- ‘प्रभावी नेतृत्व’ और ‘करिश्माई सत्ता’ (Charismatic Authority) का सिद्धांत किसने दिया?
- (A) मैक्स वेबर
- (B) कार्ल मार्क्स
- (C) अगस्त कॉम्टे
- (D) हर्बर्ट स्पेंसर
सही उत्तर: (A) मैक्स वेबर
विस्तृत व्याख्या: वेबर ने सत्ता के तीन प्रकार बताए: पारंपरिक, कानूनी-तर्कसंगत और करिश्माई। करिश्माई सत्ता व्यक्ति के असाधारण व्यक्तित्व और गुणों पर आधारित होती है।
- ‘एआई-जनित खतरे’ (AI-driven threats) शैक्षणिक अखंडता के लिए किस प्रकार की सामाजिक चुनौती पेश करते हैं?
- (A) यह केवल तकनीकी समस्या है।
- (B) यह ज्ञान के उत्पादन और मूल्यांकन के पारंपरिक मानदंडों को चुनौती देता है।
- (C) इससे शिक्षा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
- (D) यह केवल ग्रामीण क्षेत्रों को प्रभावित करता है।
सही उत्तर: (B) यह ज्ञान के उत्पादन और मूल्यांकन के पारंपरिक मानदंडों को चुनौती देता है।
विस्तृत व्याख्या: एआई के कारण मौलिकता (Originality) और बौद्धिक ईमानदारी की परिभाषा बदल रही है, जो शिक्षा के समाजशास्त्र में एक नई बहस का विषय है। विकल्प (A) गलत है क्योंकि हर तकनीकी बदलाव का सामाजिक प्रभाव होता है।
- ‘सोशल स्ट्रैटिफिकेशन’ (Social Stratification) का सबसे कठोर रूप कौन सा माना जाता है?
- (A) वर्ग (Class)
- (B) जाति (Caste)
- (C) व्यवसाय (Occupation)
- (D) शिक्षा (Education)
सही उत्तर: (B) जाति (Caste)
विस्तृत व्याख्या: जाति एक ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) है क्योंकि यह जन्म पर आधारित होती है और इसमें गतिशीलता (Mobility) लगभग असंभव होती है, जबकि वर्ग (Class) एक ‘खुला स्तरीकरण’ है।
सही उत्तर: (B) पारंपरिक सामाजिक असमानताएं और पूर्वाग्रह अब डिजिटल प्लेटफॉर्म और एल्गोरिदम के माध्यम से भी प्रकट हो रहे हैं।
विस्तृत व्याख्या: यह समकालीन मुद्दे पर आधारित है कि कैसे तकनीकी पहुंच और डेटा का उपयोग सामाजिक स्तरीकरण को नए रूपों में दोहराता है। विकल्प (C) एक अतिशयोक्ति है।
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