भारतीय संविधान की गहरी समझ: राजव्यवस्था अभ्यास सेट
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा और शासन का आधार स्तंभ है। यूपीएससी, एसएससी और राज्य पीसीएस जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए अनुच्छेदों की रटंत विद्या के बजाय उनकी गहरी वैचारिक समझ और व्यावहारिक अनुप्रयोग होना अनिवार्य है। आइए, इस उच्च-स्तरीय चुनौतीपूर्ण क्विज़ के माध्यम से अपनी संवैधानिक स्पष्टता का परीक्षण करें और अपनी तैयारी को एक नई धार दें।
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- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द किस संवैधानिक संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?\n
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- (A) 42वां संशोधन अधिनियम, 1976
- (B) 44वां संशोधन अधिनियम, 1978
- (C) 73वां संशोधन अधिनियम, 1992
- (D) 86वां संशोधन अधिनियम, 2002
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\n सही उत्तर: (A) 42वां संशोधन अधिनियम, 1976\n
विस्तृत व्याख्या: 1976 के 42वें संवैधानिक संशोधन द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity) जोड़े गए थे। इस संशोधन को इसके व्यापक बदलावों के कारण ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) भी कहा जाता है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि 44वां संशोधन संपत्ति के अधिकार को हटाने से संबंधित था, 73वां पंचायती राज से और 86वां शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।\n\n
- निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद ‘निजता के अधिकार’ (Right to Privacy) को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता देता है, जैसा कि न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टास्वामी मामले में निर्धारित किया गया था?\n
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- (A) अनुच्छेद 14
- (B) अनुच्छेद 19
- (C) अनुच्छेद 21
- (D) अनुच्छेद 25
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\n सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 21\n
विस्तृत व्याख्या: सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के ‘पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ’ मामले में यह ऐतिहासिक निर्णय दिया कि निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण) के तहत एक मौलिक अधिकार है। अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार है, अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता से संबंधित है।\n\n
- ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 44
- (C) अनुच्छेद 48
- (D) अनुच्छेद 50
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\n सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 44\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के अंतर्गत आता है, जो राज्य को पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश देता है। अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के गठन, अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन, तथा अनुच्छेद 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका के पृथक्करण से संबंधित है।\n\n
- मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) सरकारिया आयोग
- (C) स्वर्ण सिंह समिति
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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\n सही उत्तर: (C) स्वर्ण सिंह समिति\n
विस्तृत व्याख्या: 1976 में स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया, जिसमें मौलिक कर्तव्यों का वर्णन है। सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज व्यवस्था पर आधारित थी।\n\n
- भारत के राष्ट्रपति के महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 52
- (B) अनुच्छेद 61
- (C) अनुच्छेद 72
- (D) अनुच्छेद 123
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\n सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 61\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 61 राष्ट्रपति पर ‘संविधान के उल्लंघन’ के आधार पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया का वर्णन करता है। अनुच्छेद 52 राष्ट्रपति के पद का प्रावधान करता है, अनुच्छेद 72 क्षमादान शक्ति प्रदान करता है, और अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है।\n\n
- राज्यसभा के संदर्भ में, ‘उपराष्ट्रपति’ की भूमिका क्या होती है?\n
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- (A) वे राज्यसभा के सदस्य होते हैं।
- (B) वे राज्यसभा के पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होते हैं।
- (C) वे राज्यसभा के केवल सलाहकार होते हैं।
- (D) वे राज्यसभा के सदस्य होते हुए भी सभापति नहीं हो सकते।
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\n सही उत्तर: (B) वे राज्यसभा के पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होते हैं।\n
विस्तृत व्याख्या: भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है और वह सदन की कार्यवाही का संचालन करता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि वह राज्यसभा का सदस्य नहीं होता, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में उसे वोट देने का अधिकार नहीं होता (केवल निर्णायक मत/Casting Vote के समय वोट दे सकता है)।\n\n
- मंत्री परिषद (Council of Ministers) सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?\n
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- (A) राष्ट्रपति के प्रति
- (B) प्रधानमंत्री के प्रति
- (C) लोकसभा के प्रति
- (D) संसद के दोनों सदनों के प्रति
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\n सही उत्तर: (C) लोकसभा के प्रति\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्री परिषद सामूहिक रूप से लोकसभा (निचले सदन) के प्रति उत्तरदायी होती है। यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है। यह संसदीय लोकतंत्र की मूल विशेषता है।\n\n
- लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) द्वारा किसी सदस्य को ‘दलबदल’ के आधार पर अयोग्य घोषित करने की शक्ति किस अनुसूची के तहत आती है?\n
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- (A) आठवीं अनुसूची
- (B) नौवीं अनुसूची
- (C) दसवीं अनुसूची
- (D) ग्यारहवीं अनुसूची
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\n सही उत्तर: (C) दसवीं अनुसूची\n
विस्तृत व्याख्या: 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा दसवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसे ‘दलबदल विरोधी कानून’ (Anti-Defection Law) कहा जाता है। इसके तहत यदि कोई सदस्य अपनी पार्टी छोड़ता है या पार्टी के निर्देश के विरुद्ध वोट करता है, तो उसे अयोग्य ठहराया जा सकता है।\n\n
- संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्यसभा को यह शक्ति प्राप्त है कि वह राज्य सूची के किसी विषय पर संसद को कानून बनाने के लिए अधिकृत कर सके?\n
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- (A) अनुच्छेद 248
- (B) अनुच्छेद 249
- (C) अनुच्छेद 250
- (D) अनुच्छेद 252
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\n सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 249\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्यों के बहुमत से यह प्रस्ताव पारित करती है कि राज्य सूची का कोई विषय ‘राष्ट्रीय हित’ में है, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।\n\n
- सुप्रीम कोर्ट के ‘मूल क्षेत्राधिकार’ (Original Jurisdiction) में निम्नलिखित में से कौन सा मामला शामिल नहीं है?\n
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- (A) केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच विवाद
- (B) दो या दो से अधिक राज्यों के बीच विवाद
- (C) मौलिक अधिकारों का प्रवर्तन (Writ)
- (D) किसी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील
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\n सही उत्तर: (D) किसी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील\n
विस्तृत व्याख्या: मूल क्षेत्राधिकार का अर्थ है वे मामले जो सीधे सुप्रीम कोर्ट में शुरू होते हैं (अनुच्छेद 131)। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील ‘अपीलीय क्षेत्राधिकार’ (Appellate Jurisdiction) के अंतर्गत आती है, न कि मूल क्षेत्राधिकार के।\n\n
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय (High Court) की रिट अधिकारिता, सुप्रीम कोर्ट की रिट अधिकारिता (अनुच्छेद 32) से किस प्रकार भिन्न है?\n
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- (A) उच्च न्यायालय के पास कम शक्तियां हैं।
- (B) उच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के लिए रिट जारी कर सकता है।
- (C) उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य कानूनी उद्देश्यों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
- (D) सुप्रीम कोर्ट केवल कानूनी उद्देश्यों के लिए रिट जारी करता है।
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\n सही उत्तर: (C) उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य कानूनी उद्देश्यों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 केवल मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर रिट जारी करने की अनुमति देता है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों और ‘किसी अन्य उद्देश्य’ (Any other purpose) के लिए भी रिट जारी कर सकता है। इसलिए, रिट क्षेत्राधिकार के मामले में उच्च न्यायालय का दायरा व्यापक है।\n\n
- ‘संविधान के बुनियादी ढांचे’ (Basic Structure Doctrine) का सिद्धांत सुप्रीम कोर्ट ने किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया था?\n
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- (A) गोलकनाथ मामला
- (B) केशवानंद भारती मामला
- (C) मिनर्वा मिल्स मामला
- (D) एस.आर. बोम्मई मामला
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\n सही उत्तर: (B) केशवानंद भारती मामला (1973)\n
विस्तृत व्याख्या: 1973 के इस ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन वह इसके ‘बुनियादी ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती।\n\n
- जीएसटी परिषद (GST Council) का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 279A
- (B) अनुच्छेद 280
- (C) अनुच्छेद 268A
- (D) अनुच्छेद 246A
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\n सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 279A\n
विस्तृत व्याख्या: 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया, जो जीएसटी परिषद के गठन का प्रावधान करता है। यह एक संयुक्त मंच है जिसमें केंद्र और राज्य दोनों शामिल होते हैं। अनुच्छेद 280 वित्त आयोग से संबंधित है।\n\n
- राज्यपाल (Governor) की विवेकाधीन शक्तियों के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?\n
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- (A) राज्यपाल के पास कोई विवेकाधीन शक्ति नहीं होती।
- (B) राज्यपाल केवल मुख्यमंत्री की सलाह पर कार्य करता है।
- (C) राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकता है।
- (D) राज्यपाल अपनी शक्तियों का उपयोग केवल सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से करता है।
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\n सही उत्तर: (C) राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकता है।\n
विस्तृत व्याख्या: राज्यपाल के पास कुछ विवेकाधीन शक्तियां (Discretionary Powers) होती हैं, जैसे कि राज्य में संवैधानिक मशीनरी विफल होने पर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करना या किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित करना।\n\n
- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?\n
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- (A) भारत के प्रधानमंत्री
- (B) भारत के राष्ट्रपति
- (C) भारत के मुख्य न्यायाधीश
- (D) संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति
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\n सही उत्तर: (B) भारत के राष्ट्रपति\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग का प्रावधान है। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। हालिया कानूनी बदलावों के बावजूद, औपचारिक नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ही होती है।\n\n
- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति और कार्यकाल का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 148
- (B) अनुच्छेद 151
- (C) अनुच्छेद 110
- (D) अनुच्छेद 280
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\n सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 148\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 CAG की नियुक्ति, शपथ और सेवा शर्तों का वर्णन करता है। CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ कहा जाता है। अनुच्छेद 151 CAG की ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने से संबंधित है।\n\n
- वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन हर कितने वर्ष बाद राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है?\n
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- (A) 3 वर्ष
- (B) 4 वर्ष
- (C) 5 वर्ष
- (D) 6 वर्ष
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\n सही उत्तर: (C) 5 वर्ष\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति हर 5 वर्ष में (या आवश्यकता पड़ने पर उससे पहले) एक वित्त आयोग का गठन करते हैं। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण की सिफारिश करना है।\n\n
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्यों को हटाने की शक्ति किसके पास है?\n
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- (A) केवल प्रधानमंत्री
- (B) केवल संसद
- (C) भारत के राष्ट्रपति
- (D) मुख्य न्यायाधीश
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\n सही उत्तर: (C) भारत के राष्ट्रपति\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 317 के तहत UPSC के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की शक्ति राष्ट्रपति के पास होती है, लेकिन यह प्रक्रिया ‘दुराचार’ या ‘अक्षमता’ के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की जांच के बाद ही पूरी की जाती है।\n\n
- 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने ग्रामीण स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा दिया। इसके तहत कौन सी अनुसूची जोड़ी गई?\n
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- (A) 9वीं अनुसूची
- (B) 10वीं अनुसूची
- (C) 11वीं अनुसूची
- (D) 12वीं अनुसूची
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\n सही उत्तर: (C) 11वीं अनुसूची\n
विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन द्वारा 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषयों की सूची दी गई है। 12वीं अनुसूची 74वें संशोधन (नगर पालिकाओं) से संबंधित है।\n\n
- नगर पालिकाओं के गठन और शक्तियों का प्रावधान किस संवैधानिक संशोधन द्वारा किया गया?\n
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- (A) 72वां संशोधन
- (B) 73वां संशोधन
- (C) 74वां संशोधन
- (D) 75वां संशोधन
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\n सही उत्तर: (C) 74वां संशोधन\n
विस्तृत व्याख्या: 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से शहरी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं) को संवैधानिक मान्यता दी गई और संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया।\n\n
- राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा के लिए किस अनुच्छेद का उपयोग किया जाता है और इसे राष्ट्रपति द्वारा कब घोषित किया जा सकता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352; युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर
- (B) अनुच्छेद 356; राज्य में संवैधानिक विफलता के आधार पर
- (C) अनुच्छेद 360; वित्तीय अस्थिरता के आधार पर
- (D) अनुच्छेद 352; केवल बाहरी आक्रमण के आधार पर
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\n सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352; युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं। ‘सशस्त्र विद्रोह’ शब्द 44वें संशोधन द्वारा ‘आंतरिक अशांति’ शब्द के स्थान पर लाया गया था। अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन और 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है।\n\n
- ‘राष्ट्रपति शासन’ (President’s Rule) के लागू होने पर राज्य की विधायी शक्तियां किसके पास चली जाती हैं?\n
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- (A) राज्यपाल के पास
- (B) प्रधानमंत्री के पास
- (C) संसद के पास
- (D) सुप्रीम कोर्ट के पास
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\n सही उत्तर: (C) संसद के पास\n
विस्तृत व्याख्या: जब अनुच्छेद 356 के तहत किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है, तो उस राज्य की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित हो जाती है और विधायी शक्तियां संसद के पास चली जाती हैं।\n\n
- भारतीय इतिहास में अब तक कितनी बार ‘वित्तीय आपातकाल’ (Financial Emergency) लागू किया गया है?\n
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- (A) एक बार
- (B) दो बार
- (C) तीन बार
- (D) एक बार भी नहीं
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\n सही उत्तर: (D) एक बार भी नहीं\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है, लेकिन भारत के इतिहास में अब तक एक बार भी वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है।\n\n
- 42वें संविधान संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्यों को जोड़ने के साथ-साथ प्रस्तावना में कौन से शब्द नहीं जोड़े गए थे?\n
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- (A) समाजवादी
- (B) धर्मनिरपेक्ष
- (C) अखंडता
- (D) लोकतांत्रिक
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\n सही उत्तर: (D) लोकतांत्रिक\n
विस्तृत व्याख्या: ‘लोकतांत्रिक’ (Democratic) शब्द संविधान की मूल प्रस्तावना में शुरू से ही मौजूद था। 42वें संशोधन द्वारा केवल ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए थे।\n\n
- 101वें संविधान संशोधन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) शिक्षा का अधिकार प्रदान करना
- (B) वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करना
- (C) ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण देना
- (D) राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) बनाना
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\n सही उत्तर: (B) वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करना\n
विस्तृत व्याख्या: 101वें संशोधन अधिनियम, 2016 ने भारत में एक अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के रूप में GST को लागू किया, जिससे ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की अवधारणा साकार हुई। ईडब्ल्यूएस आरक्षण 103वें संशोधन से संबंधित है और शिक्षा का अधिकार 86वें संशोधन से।\n\n
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टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय हमेशा संबंधित अनुच्छेदों की एक सूची अपने पास रखें और उनके बीच के अंतर को समझने का प्रयास करें। निरंतर पुनरीक्षण ही सफलता की कुंजी है!
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