भारतीय राजव्यवस्था और संविधान: अपनी तैयारी को परखें और वैचारिक स्पष्टता प्राप्त करें
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। एक प्रतियोगी परीक्षार्थी के लिए संवैधानिक बारीकियों, अनुच्छेदों और न्यायिक निर्णयों की गहरी समझ होना अनिवार्य है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको आपकी वर्तमान तैयारी का आकलन करने और जटिल अवधारणाओं को सरल बनाने में मदद करेगा। क्या आप इस संवैधानिक चुनौती के लिए तैयार हैं?
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- भारतीय संविधान की ‘मूल संरचना’ (Basic Structure) का सिद्धांत किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया गया था?\n
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- (A) गोलकनाथ मामला
- (B) केशवानंद भारती मामला
- (C) मेनका गांधी मामला
- (D) मिनर्वा मिल्स मामला
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\nसही उत्तर: (B) केशवानंद भारती मामला\n
विस्तृत व्याख्या: 1973 के ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन वह इसके ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती। यह निर्णय न्यायिक समीक्षा की शक्ति को सुदृढ़ करता है। गोलकनाथ मामले में कहा गया था कि मौलिक अधिकारों को संशोधित नहीं किया जा सकता, जबकि मेनका गांधी मामले ने अनुच्छेद 21 के दायरे को विस्तृत किया।
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- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?\n
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- (A) 44वां संशोधन
- (B) 42वां संशोधन
- (C) 73वां संशोधन
- (D) 86वां संशोधन
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\nसही उत्तर: (B) 42वां संशोधन\n
विस्तृत व्याख्या: 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए: ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity)। इसे ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) भी कहा जाता है। 44वां संशोधन आपातकाल के बाद कुछ प्रावधानों को ठीक करने के लिए लाया गया था।
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- अनुच्छेद 14 के तहत ‘विधि के समक्ष समानता’ और ‘विधियों के समान संरक्षण’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) दोनों एक ही हैं, कोई अंतर नहीं है।
- (B) ‘विधि के समक्ष समानता’ ब्रिटिश अवधारणा है, जबकि ‘विधियों का समान संरक्षण’ अमेरिकी अवधारणा है।
- (C) ‘विधि के समक्ष समानता’ अमेरिकी अवधारणा है, जबकि ‘विधियों का समान संरक्षण’ ब्रिटिश अवधारणा है।
- (D) इनमें से कोई नहीं।
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\nसही उत्तर: (B) ‘विधि के समक्ष समानता’ ब्रिटिश अवधारणा है, जबकि ‘विधियों का समान संरक्षण’ अमेरिकी अवधारणा है।\n
विस्तृत व्याख्या: ‘विधि के समक्ष समानता’ (Equality before Law) एक नकारात्मक अवधारणा है जो किसी को विशेष विशेषाधिकार नहीं देती। ‘विधियों का समान संरक्षण’ (Equal Protection of Laws) एक सकारात्मक अवधारणा है जो समान परिस्थितियों वाले लोगों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करती है।
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- पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (2017) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किसे मौलिक अधिकार घोषित किया?\n
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- (A) शिक्षा का अधिकार
- (B) संपत्ति का अधिकार
- (C) निजता का अधिकार (Right to Privacy)
- (D) स्वास्थ्य का अधिकार
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\nसही उत्तर: (C) निजता का अधिकार (Right to Privacy)\n
विस्तृत व्याख्या: जस्टिस के.एस. पुट्टास्वामी मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मति से निर्णय दिया कि निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत एक मौलिक अधिकार है।
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- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) और मौलिक अधिकारों के बीच संघर्ष की स्थिति में क्या होगा?\n
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- (A) हमेशा मौलिक अधिकार प्रभावी होंगे।
- (B) हमेशा DPSP प्रभावी होंगे।
- (C) यह मामले की परिस्थितियों और संविधान के सामंजस्यपूर्ण निर्माण पर निर्भर करता है।
- (D) संसद इसे तय करती है।
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\nसही उत्तर: (C) यह मामले की परिस्थितियों और संविधान के सामंजस्यपूर्ण निर्माण पर निर्भर करता है।\n
विस्तृत व्याख्या: मिनर्वा मिल्स मामले (1980) में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों के बीच संतुलन की नींव पर टिका है। हालांकि मौलिक अधिकार कानूनी रूप से प्रवर्तनीय (justiciable) हैं, लेकिन DPSP शासन के लिए मूलभूत हैं।
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- मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) स्वर्ण सिंह समिति
- (C) सरकारिया आयोग
- (D) Sarkaria Commission
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\nसही उत्तर: (B) स्वर्ण सिंह समिति\n
विस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा भाग IV-A और अनुच्छेद 51A के तहत मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा गया। यह स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर आधारित था। वर्तमान में 11 मौलिक कर्तव्य हैं (11वां 86वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।
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- राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद में वर्णित है?\n
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- (A) अनुच्छेद 110
- (B) अनुच्छेद 123
- (C) अनुच्छेद 213
- (D) अनुच्छेद 72
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 123\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को तब अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों और तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो। अनुच्छेद 213 राज्यपाल को यही शक्ति प्रदान करता है।
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- भारत के राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 71
- (B) अनुच्छेद 72
- (C) अनुच्छेद 74
- (D) अनुच्छेद 75
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 72\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, कम करने या निलंबित करने की शक्ति देता है। यह शक्ति न्यायिक नहीं बल्कि कार्यकारी है।
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- मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?\n
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- (A) राष्ट्रपति के प्रति
- (B) प्रधानमंत्री के प्रति
- (C) लोकसभा के प्रति
- (D) संसद के दोनों सदनों के प्रति
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\nसही उत्तर: (C) लोकसभा के प्रति\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।
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- भारत के उपराष्ट्रपति का मुख्य कार्य क्या है?\n
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- (A) देश का मुख्य कार्यकारी होना
- (B) राज्यसभा का पदेन सभापति होना
- (C) लोकसभा के सत्र बुलाना
- (D) न्यायिक समीक्षा करना
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\nसही उत्तर: (B) राज्यसभा का पदेन सभापति होना\n
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है। वह राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन करता है और राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनके कार्यों का निर्वहन करता है।
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- धन विधेयक (Money Bill) को परिभाषित करने वाला अनुच्छेद कौन सा है?\n
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- (A) अनुच्छेद 108
- (B) अनुच्छेद 110
- (C) अनुच्छेद 112
- (D) अनुच्छेद 123
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 110\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा देता है। धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और इस पर राज्यसभा के पास सीमित शक्तियां होती हैं (वह इसे अधिकतम 14 दिनों तक रोक सकती है)।
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- संसद के दोनों सदनों की ‘संयुक्त बैठक’ (Joint Sitting) का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 105
- (B) अनुच्छेद 108
- (C) अनुच्छेद 110
- (D) अनुच्छेद 115
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 108\n
विस्तृत व्याख्या: जब किसी साधारण विधेयक पर लोकसभा और राज्यसभा के बीच गतिरोध हो, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त बैठक बुला सकता है। इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है।
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- राज्यसभा को किस अनुच्छेद के तहत नई अखिल भारतीय सेवाएँ (All India Services) बनाने की सिफारिश करने की विशेष शक्ति प्राप्त है?\n
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- (A) अनुच्छेद 249
- (B) अनुच्छेद 312
- (C) अनुच्छेद 300
- (D) अनुच्छेद 324
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 312\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 312 के तहत राज्यसभा एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से नई अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन का अनुरोध कर सकती है। यह राज्यसभा की एक विशेष शक्ति है जो लोकसभा के पास नहीं है।
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- लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) अपना इस्तीफा किसे सौंपता है?\n
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- (A) राष्ट्रपति को
- (B) प्रधानमंत्री को
- (C) लोकसभा उपाध्यक्ष को
- (D) भारत के मुख्य न्यायाधीश को
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\nसही उत्तर: (C) लोकसभा उपाध्यक्ष को\n
विस्तृत व्याख्या: लोकसभा अध्यक्ष अपना इस्तीफा लोकसभा के उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) को देता है, और उपाध्यक्ष अपना इस्तीफा अध्यक्ष को देता है।
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- ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) का अर्थ क्या है?\n
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- (A) न्यायाधीशों द्वारा कानूनों का निर्माण करना।
- (B) कार्यपालिका के निर्णयों को रद्द करना।
- (C) न्यायपालिका द्वारा विधायी अधिनियमों और कार्यकारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच करना।
- (D) केवल सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश।
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\nसही उत्तर: (C) न्यायपालिका द्वारा विधायी अधिनियमों और कार्यकारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच करना।\n
विस्तृत व्याख्या: न्यायिक समीक्षा वह शक्ति है जिसके माध्यम से न्यायालय यह जांचता है कि संसद द्वारा बनाया गया कानून या सरकार का आदेश संविधान का उल्लंघन तो नहीं करता। यदि ऐसा होता है, तो न्यायालय उसे ‘शून्य’ (void) घोषित कर सकता है।
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- भारत में ‘कॉलेजियम प्रणाली’ (Collegium System) का संबंध किससे है?\n
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- (A) चुनाव आयोग की नियुक्तियों से
- (B) उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति से
- (C) यूपीएससी के सदस्यों के चयन से
- (D) वित्त आयोग के गठन से
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\nसही उत्तर: (B) उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति से\n
विस्तृत व्याख्या: कॉलेजियम प्रणाली न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण की एक प्रणाली है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं। यह प्रणाली सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों (जैसे Second and Third Judges Cases) के माध्यम से विकसित हुई है।
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- सुप्रीम कोर्ट के ‘मूल क्षेत्राधिकार’ (Original Jurisdiction) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 131
- (B) अनुच्छेद 136
- (C) अनुच्छेद 141
- (D) अनुच्छेद 143
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\nसही उत्तर: (A) अनुच्छेद 131\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 131 के तहत सुप्रीम कोर्ट के पास मूल क्षेत्राधिकार होता है, जिसका अर्थ है कि कुछ मामले (जैसे केंद्र और राज्यों के बीच विवाद) सीधे सुप्रीम कोर्ट में लाए जा सकते हैं।
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- अनुच्छेद 32 और अनुच्छेद 226 के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) अनुच्छेद 32 केवल हाई कोर्ट के लिए है।
- (B) अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है, जबकि 226 हाई कोर्ट को रिट जारी करने की शक्ति देता है।
- (C) दोनों बिल्कुल समान हैं।
- (D) अनुच्छेद 226 केवल मौलिक अधिकारों के लिए है।
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है, जबकि 226 हाई कोर्ट को रिट जारी करने की शक्ति देता है।\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने ‘संविधान की आत्मा’ कहा था। महत्वपूर्ण बात यह है कि हाई कोर्ट (Art 226) का रिट क्षेत्राधिकार सुप्रीम कोर्ट (Art 32) से व्यापक है क्योंकि हाई कोर्ट मौलिक अधिकारों के अलावा अन्य कानूनी अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
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- संविधान की सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) का संबंध किससे है?\n
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- (A) भाषाओं से
- (B) केंद्र-राज्य शक्तियों के विभाजन (सूचियों) से
- (C) पंचायती राज से
- (D) राष्ट्रपति के निर्वाचन से
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\nसही उत्तर: (B) केंद्र-राज्य शक्तियों के विभाजन (सूचियों) से\n
विस्तृत व्याख्या: सातवीं अनुसूची में तीन सूचियाँ हैं: संघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List), जो केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का बंटवारा करती हैं।
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- GST परिषद (GST Council) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया गया है?\n
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- (A) अनुच्छेद 246A
- (B) अनुच्छेद 279A
- (C) अनुच्छेद 280
- (D) अनुच्छेद 265
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 279A\n
विस्तृत व्याख्या: 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया, जिसके तहत GST परिषद का गठन किया गया। यह एक संवैधानिक निकाय है जो जीएसटी दरों और नियमों पर निर्णय लेता है।
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- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत होती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 148
- (B) अनुच्छेद 151
- (C) अनुच्छेद 110
- (D) अनुच्छेद 124
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\nसही उत्तर: (A) अनुच्छेद 148\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 के तहत CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG भारत की सार्वजनिक वित्त व्यवस्था का संरक्षक होता है और सरकार के खर्चों का ऑडिट करता है।
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- चुनाव आयोग (Election Commission) के कार्यों का वर्णन किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 320
- (B) अनुच्छेद 324
- (C) अनुच्छेद 326
- (D) अनुच्छेद 330
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\nसही उत्तर: (B) अनुच्छेद 324\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति देता है। अनुच्छेद 326 वयस्क मताधिकार (Adult Suffrage) से संबंधित है।
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- वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन हर कितने वर्ष बाद राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है?\n
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- (A) 3 वर्ष
- (B) 4 वर्ष
- (C) 5 वर्ष
- (D) 6 वर्ष
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\nसही उत्तर: (C) 5 वर्ष\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति प्रत्येक 5 वर्ष में (या आवश्यकता पड़ने पर पहले) एक वित्त आयोग का गठन करता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण की सिफारिश करता है।
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- 73वां संविधान संशोधन अधिनियम (1992) किससे संबंधित है?\n
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- (A) नगर पालिकाओं से
- (B) पंचायती राज संस्थाओं से
- (C) दलबदल विरोधी कानून से
- (D) मौलिक कर्तव्यों से
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\nसही उत्तर: (B) पंचायती राज संस्थाओं से\n
विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन ने पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया और संविधान में भाग IX तथा 11वीं अनुसूची जोड़ी। नगर पालिकाओं का प्रावधान 74वें संशोधन द्वारा किया गया था।
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- राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 368
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\nसही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352\n
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकता है। अनुच्छेद 356 ‘राष्ट्रपति शासन’ और अनुच्छेद 360 ‘वित्तीय आपातकाल’ से संबंधित है।
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