भारतीय संविधान और राजव्यवस्था की गहराई को समझें
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भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। UPSC, SSC और राज्य PSC जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों और न्यायिक व्याख्याओं की सटीक समझ होना अनिवार्य है। यह अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करने और आपको परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी तैयारी को परखें!
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- भारतीय संविधान की ‘प्रस्तावना’ (Preamble) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?\n
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- (A) प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है।
- (B) प्रस्तावना में केवल एक बार संशोधन किया गया है।
- (C) प्रस्तावना न्यायालय में प्रवर्तनीय (Enforceable) है।
- (D) प्रस्तावना संविधान की शक्ति का स्रोत है।
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए थे।
\n अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: (A) केशवानंद भारती मामले (1973) में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावना संविधान का अभिन्न अंग है। (C) प्रस्तावना गैर-न्यायिक (Non-justiciable) है, यानी इसे न्यायालय में चुनौती देकर लागू नहीं करवाया जा सकता। (D) संविधान की शक्ति का स्रोत ‘भारत की जनता’ है, न कि प्रस्तावना।\n\n
- अनुच्छेद 21 के तहत ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार’ में निम्नलिखित में से क्या शामिल नहीं है?\n
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- (A) गोपनीयता का अधिकार (Right to Privacy)
- (B) विदेश यात्रा का अधिकार
- (C) त्वरित सुनवाई का अधिकार
- (D) संपत्ति का अधिकार
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सही उत्तर: (D)
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\n विस्तृत व्याख्या: संपत्ति का अधिकार अब एक मौलिक अधिकार नहीं है। इसे 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर अनुच्छेद 300A के तहत एक कानूनी अधिकार बना दिया गया है।
\n अन्य विकल्प: गोपनीयता का अधिकार (पुट्टस्वामी मामला), विदेश यात्रा का अधिकार (मेनका गांधी मामला) और त्वरित सुनवाई का अधिकार, सभी को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के विस्तृत दायरे में शामिल किया है।\n\n
- भारत के राष्ट्रपति के चुनाव मंडल (Electoral College) में कौन शामिल नहीं होता है?\n
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- (A) संसद के निर्वाचित सदस्य
- (B) राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- (C) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी) के मनोनीत सदस्य
- (D) विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 54 के अनुसार, राष्ट्रपति के चुनाव में केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते हैं। इसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
\n भ्रम निवारण: मनोनीत सदस्य (Nominated Members) राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं दे सकते, हालांकि वे राष्ट्रपति के महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया में भाग लेते हैं।\n\n
- संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की अध्यक्षता कौन करता है?\n
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- (A) भारत का राष्ट्रपति
- (B) भारत का उपराष्ट्रपति
- (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)
- (D) राज्यसभा का सभापति
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 108 के तहत जब किसी साधारण विधेयक पर दोनों सदनों में गतिरोध होता है, तो राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाता है, लेकिन उसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है।
\n विशेष नोट: यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित हो, तो उपाध्यक्ष अध्यक्षता करता है, और यदि वह भी न हो, तो राज्यसभा का उपसभापति अध्यक्षता करता है। राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता।\n\n
- निम्नलिखित में से कौन सा एक ‘संवैधानिक निकाय’ (Constitutional Body) नहीं है?\n
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- (A) भारत का चुनाव आयोग (ECI)
- (B) भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
- (C) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
- (D) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है, जिसे मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत बनाया गया है, न कि सीधे संविधान के किसी अनुच्छेद द्वारा।
\n संवैधानिक निकाय: ECI (अनुच्छेद 324), CAG (अनुच्छेद 148) और UPSC (अनुच्छेद 315-323) का उल्लेख सीधे संविधान में है, इसलिए ये संवैधानिक निकाय हैं।\n\n
- ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ (Procedure Established by Law) और ‘विधि की उचित प्रक्रिया’ (Due Process of Law) के बीच अंतर किस मामले में चर्चा में आया?\n
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- (A) ए.के. गोपालन मामला
- (B) मेनका गांधी मामला
- (C) गोलकनाथ मामला
- (D) मिनर्वा मिल्स मामला
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 21 की व्याख्या करते हुए कहा कि कानून केवल ‘स्थापित प्रक्रिया’ वाला नहीं होना चाहिए, बल्कि वह ‘उचित, निष्पक्ष और तर्कसंगत’ (Fair, Just and Reasonable) भी होना चाहिए।
\n तुलना: ए.के. गोपालन मामले में न्यायालय ने केवल ‘विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ को मान्यता दी थी, जो एक संकीर्ण दृष्टिकोण था।\n\n
- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) राजनीतिक लोकतंत्र की स्थापना करना
- (B) सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र की स्थापना करना
- (C) नागरिकों को कानूनी अधिकार प्रदान करना
- (D) केंद्र सरकार की शक्तियों को बढ़ाना
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: भाग IV (अनुच्छेद 36-51) में वर्णित DPSP का लक्ष्य भारत में एक ‘कल्याणकारी राज्य’ (Welfare State) की स्थापना करना है, जो सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित करे।
\n अंतर: मौलिक अधिकार ‘राजनीतिक लोकतंत्र’ सुनिश्चित करते हैं, जबकि DPSP ‘सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र’ की बात करते हैं।\n\n
- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?\n
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- (A) संसद
- (B) प्रधानमंत्री
- (C) राष्ट्रपति
- (D) मुख्य न्यायाधीश
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 के तहत CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। CAG को भारत के सार्वजनिक वित्तों का संरक्षक (Guardian of Public Purse) कहा जाता है।
\n सुरक्षा: CAG को उनके पद से उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है (संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से)।\n\n
- 73वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) द्वारा संविधान में कौन सा नया भाग जोड़ा गया?\n
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- (A) भाग IV-A
- (B) भाग IX
- (C) भाग IX-A
- (D) भाग X
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया और भाग IX जोड़ा। इसके साथ ही 11वीं अनुसूची भी जोड़ी गई जिसमें पंचायतों के लिए 29 विषय निर्धारित किए गए।
\n नोट: भाग IV-A मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है और भाग IX-A नगरपालिकाओं (74वां संशोधन) से संबंधित है।\n\n
- निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद ‘संवैधानिक उपचारों के अधिकार’ (Right to Constitutional Remedies) से संबंधित है?\n
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- (A) अनुच्छेद 14
- (B) अनुच्छेद 19
- (C) अनुच्छेद 32
- (D) अनुच्छेद 226
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 32 नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने इसे ‘संविधान का हृदय और आत्मा’ कहा था।
\n अंतर: अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों (High Courts) को रिट जारी करने की शक्ति देता है, जबकि अनुच्छेद 32 केवल सुप्रीम कोर्ट के लिए है।\n\n
- राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में वर्णित है?\n
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- (A) अनुच्छेद 52
- (B) अनुच्छेद 61
- (C) अनुच्छेद 72
- (D) अनुच्छेद 74
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 61 के तहत राष्ट्रपति को ‘संविधान के उल्लंघन’ के आधार पर महाभियोग द्वारा हटाया जा सकता है। यह प्रक्रिया संसद के किसी भी सदन से शुरू हो सकती है।
\n अन्य विकल्प: अनुच्छेद 52 राष्ट्रपति के पद के बारे में है और अनुच्छेद 72 उनकी क्षमादान शक्ति से संबंधित है।\n\n
- ‘बेसिक स्ट्रक्चर’ (मूल संरचना) का सिद्धांत सुप्रीम कोर्ट ने किस ऐतिहासिक मामले में प्रतिपादित किया?\n
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- (A) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
- (B) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
- (C) इंदिरा गांधी बनाम राजनारायण
- (D) एस.आर. बोम्मई मामला
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: 1973 के केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन वह संविधान की ‘मूल संरचना’ (Basic Structure) को नष्ट नहीं कर सकती।
\n महत्व: इस सिद्धांत ने संसद की संविधान संशोधन शक्ति (अनुच्छेद 368) पर एक न्यायिक सीमा लगा दी।\n\n
- वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 249
- (B) अनुच्छेद 263
- (C) अनुच्छेद 280
- (D) अनुच्छेद 300
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति हर पांच साल में एक वित्त आयोग का गठन करता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच करों (Taxes) के वितरण की सिफारिश करता है।
\n कार्य: यह केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों को संतुलित करने वाला एक महत्वपूर्ण संवैधानिक निकाय है।\n\n
- भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव किस पद्धति से किया जाता है?\n
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- (A) प्रत्यक्ष चुनाव
- (B) आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत
- (C) केवल लोकसभा सदस्यों द्वारा चुनाव
- (D) राष्ट्रपति द्वारा नामांकन
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत दोनों) शामिल होते हैं। मतदान ‘एकल संक्रमणीय मत’ (Single Transferable Vote) प्रणाली से होता है।
\n अंतर: राष्ट्रपति चुनाव में राज्य विधानसभाओं के सदस्य होते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में वे शामिल नहीं होते।\n\n
- अनुच्छेद 352 के तहत ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ की घोषणा के लिए कौन सी शर्त अनिवार्य है?\n
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- (A) केवल युद्ध की स्थिति
- (B) केवल बाहरी आक्रमण
- (C) युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह
- (D) केवल आंतरिक अशांति
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल तीन आधारों पर लगाया जा सकता है: युद्ध, बाहरी आक्रमण, या सशस्त्र विद्रोह।
\n संशोधन: मूल संविधान में ‘आंतरिक अशांति’ (Internal Disturbance) शब्द था, जिसे 44वें संशोधन (1978) द्वारा बदलकर ‘सशस्त्र विद्रोह’ (Armed Rebellion) कर दिया गया ताकि आपातकाल का दुरुपयोग रोका जा सके।\n\n
- किस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल को राज्य में राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) लगाने की सिफारिश करने का अधिकार है?\n
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- (A) अनुच्छेद 352
- (B) अनुच्छेद 356
- (C) अनुच्छेद 360
- (D) अनुच्छेद 365
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 356 के तहत यदि राष्ट्रपति को राज्यपाल की रिपोर्ट से या अन्यथा यह संतोष हो जाए कि राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल रहा है, तो राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।
\n चेतावनी: एस.आर. बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 356 का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।\n\n
- संसद के ‘धन विधेयक’ (Money Bill) के संबंध में कौन सा कथन सही है?\n
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- (A) इसे केवल राज्यसभा में पेश किया जा सकता है।
- (B) इसे राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जा सकता।
- (C) राज्यसभा इसे संशोधित कर सकती है और उसे लागू कर सकती है।
- (D) इसे केवल उपराष्ट्रपति द्वारा प्रमाणित किया जाता है।
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और इसे राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Recommendation) की आवश्यकता होती है।
\n राज्यसभा की शक्ति: राज्यसभा धन विधेयक को केवल 14 दिनों तक रोक सकती है, वह इसमें संशोधन नहीं कर सकती, केवल सुझाव दे सकती है। इसे प्रमाणित करने का अधिकार लोकसभा अध्यक्ष को है।\n\n
- ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code – UCC) का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है?\n
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- (A) अनुच्छेद 40
- (B) अनुच्छेद 44
- (C) अनुच्छेद 48
- (D) अनुच्छेद 50
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य को यह निर्देश देता है कि वह पूरे भारत के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करे। यह DPSP का हिस्सा है, इसलिए यह न्यायालय द्वारा अनिवार्य नहीं कराया जा सकता।
\n अन्य विकल्प: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है और अनुच्छेद 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका के पृथक्करण से संबंधित है।\n\n
- भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘अस्पृश्यता के अंत’ (Abolition of Untouchability) का प्रावधान करता है?\n
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- (A) अनुच्छेद 14
- (B) अनुच्छेद 15
- (C) अनुच्छेद 17
- (D) अनुच्छेद 18
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 17 स्पष्ट रूप से अस्पृश्यता को समाप्त करता है और किसी भी रूप में इसका अभ्यास निषिद्ध करता है। यह एक निरपेक्ष (Absolute) अधिकार है।
\n अन्य विकल्प: अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता, अनुच्छेद 15 भेदभाव का निषेध और अनुच्छेद 18 उपाधियों के अंत से संबंधित है।\n\n
- भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) की नियुक्ति कौन करता है?\n
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- (A) मुख्य न्यायाधीश
- (B) संसद
- (C) राष्ट्रपति
- (D) विधि मंत्री
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 76 के तहत भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। वह भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है और उसे संसद के दोनों सदनों में बोलने और भाग लेने का अधिकार है, लेकिन वह वोट नहीं दे सकता।
\n कार्यकाल: महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of President) पद धारण करता है।\n\n
- लोकसभा अध्यक्ष अपना इस्तीफा किसे सौंपता है?\n
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- (A) राष्ट्रपति को
- (B) प्रधानमंत्री को
- (C) लोकसभा के उपाध्यक्ष को
- (D) मुख्य न्यायाधीश को
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) अपना इस्तीफा लोकसभा के उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) को सौंपता है। इसी तरह, उपाध्यक्ष अपना इस्तीफा अध्यक्ष को सौंपता है।
\n भ्रम: कई छात्र सोचते हैं कि इस्तीफा राष्ट्रपति को दिया जाता है, लेकिन संसदीय परंपरा के अनुसार यह सदन के भीतर ही होता है।\n\n
- संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ‘अवशिष्ट शक्तियाँ’ (Residuary Powers) केंद्र सरकार के पास हैं?\n
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- (A) अनुच्छेद 245
- (B) अनुच्छेद 248
- (C) अनुच्छेद 250
- (D) अनुच्छेद 252
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 248 के अनुसार, ऐसी कोई भी विषय जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में नहीं है, उस पर कानून बनाने की शक्ति केवल संसद (केंद्र) के पास है।
\n तुलना: अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों के पास होती हैं, लेकिन भारत ने केंद्र को मजबूत बनाने के लिए इन्हें केंद्र को दिया है।\n\n
- ‘नगरपालिकाओं’ के गठन का प्रावधान किस संविधान संशोधन द्वारा किया गया?\n
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- (A) 72वां संशोधन
- (B) 73वां संशोधन
- (C) 74वां संशोधन
- (D) 75वां संशोधन
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सही उत्तर: (C)
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\n विस्तृत व्याख्या: 74वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) द्वारा शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक मान्यता दी गई और भाग IX-A तथा 12वीं अनुसूची जोड़ी गई।
\n अंतर: 73वां संशोधन ग्रामीण स्थानीय निकायों (पंचायतों) के लिए था।\n\n
- भारत के संविधान में ‘मौलिक कर्तव्यों’ को किस समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया था?\n
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- (A) वर्मा समिति
- (B) स्वर्ण सिंह समिति
- (C) सरकारिया आयोग
- (D) बलवंत राय मेहता समिति
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सही उत्तर: (B)
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\n विस्तृत व्याख्या: स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन (1976) के माध्यम से मौलिक कर्तव्यों को भाग IV-A (अनुच्छेद 51A) में जोड़ा गया। प्रारंभ में 10 कर्तव्य थे, 11वां कर्तव्य (शिक्षा का अधिकार) 86वें संशोधन (2002) द्वारा जोड़ा गया।
\n अन्य विकल्प: सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज पर।\n\n
- संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन की शक्ति किसके पास है?\n
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- (A) केवल राष्ट्रपति के पास
- (B) केवल सुप्रीम कोर्ट के पास
- (C) केवल संसद के पास
- (D) संसद और राज्य विधानसभाओं दोनों के पास (कुछ मामलों में)
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सही उत्तर: (D)
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\n विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 368 संसद को संविधान संशोधित करने की शक्ति देता है। हालांकि, यदि संशोधन ‘संघीय ढांचे’ (Federal Structure) को प्रभावित करता है, तो संसद के विशेष बहुमत के अलावा कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन (Ratification) भी आवश्यक होता है।
\n महत्व: यह सुनिश्चित करता है कि केंद्र अकेले राज्यों के अधिकारों को नहीं छीन सकता।\n\n
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