इतिहास के पन्नों से: अपनी परीक्षा की परीक्षा
प्रिय उम्मीदवारों, इतिहास केवल तारीखों और नामों का संग्रह नहीं है; यह कहानियों, सभ्यताओं और उन निर्णयों का एक समृद्ध ताना-बाना है जिन्होंने हमारे वर्तमान को आकार दिया है। क्या आप समय में पीछे जाकर अपने ज्ञान की गहराई का परीक्षण करने के लिए तैयार हैं? यह दैनिक अभ्यास सेट आपको प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक की महत्वपूर्ण घटनाओं और व्यक्तित्वों से परिचित कराएगा, जो आपकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को एक नई दिशा देगा। अपनी क्षमता का आकलन करें और इतिहास की इस रोमांचक यात्रा पर हमारे साथ चलें!
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प्रश्न 1: सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल आलमगीरपुर किस नदी के किनारे स्थित है?
- (A) सिंधु
- (B) हिंडन
- (C) चेनाब
- (D) रावी
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
आलमगीरपुर, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है, सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल है। यह हिंडन नदी के किनारे स्थित है, जो यमुना नदी की एक सहायक नदी है। इस स्थल की खोज 1958 में यज्ञदत्त शर्मा ने की थी। यह स्थल सिंधु सभ्यता के भौगोलिक विस्तार को दर्शाता है, जो पश्चिम में सुत्कागेंडोर (बलूचिस्तान), उत्तर में मांडा (जम्मू-कश्मीर) और दक्षिण में दैमाबाद (महाराष्ट्र) तक फैला हुआ था।
- (A) सिंधु: यह सिंधु घाटी सभ्यता की प्रमुख नदी थी, जिसके नाम पर सभ्यता का नाम पड़ा। मोहनजोदड़ो और हड़प्पा इसके आसपास स्थित थे।
- (C) चेनाब: मांडा, सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे उत्तरी स्थल, चेनाब नदी के किनारे स्थित है।
- (D) रावी: हड़प्पा शहर रावी नदी के किनारे स्थित था।
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प्रश्न 2: ‘अष्टध्यायी’ नामक संस्कृत व्याकरण ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?
- (A) कालिदास
- (B) पाणिनि
- (C) पतंजलि
- (D) आर्यभट्ट
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
‘अष्टध्यायी’ संस्कृत भाषा का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध व्याकरण ग्रंथ है, जिसकी रचना प्रसिद्ध वैयाकरण पाणिनि ने लगभग 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व में की थी। यह ग्रंथ आठ अध्यायों में विभक्त है, जिसमें संस्कृत व्याकरण के नियमों को सूत्र शैली में प्रस्तुत किया गया है। यह भारतीय भाषा विज्ञान और व्याकरण के इतिहास में एक मील का पत्थर है।
- (A) कालिदास: गुप्त काल के महान कवि और नाटककार, जिन्होंने ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’, ‘मेघदूत’ जैसे कालजयी कृतियों की रचना की।
- (C) पतंजलि: योग सूत्र के रचयिता और पुष्यमित्र शुंग के समकालीन थे।
- (D) आर्यभट्ट: गुप्त काल के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री, जिन्होंने ‘आर्यभट्टीय’ की रचना की और शून्य तथा दशमलव प्रणाली में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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प्रश्न 3: गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश कहाँ दिया था, जिसे ‘धर्मचक्रप्रवर्तन’ के नाम से जाना जाता है?
- (A) बोधगया
- (B) लुम्बिनी
- (C) सारनाथ
- (D) कुशीनगर
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के बाद अपना प्रथम उपदेश सारनाथ (आधुनिक वाराणसी के निकट) में दिया था। इस घटना को बौद्ध धर्म में ‘धर्मचक्रप्रवर्तन’ (धर्म के पहिये को घुमाना) के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अपने पहले पांच शिष्यों को उपदेश दिया था।
- (A) बोधगया: यहीं पर गौतम बुद्ध को ज्ञान (निर्वाण) प्राप्त हुआ था, जिसके बाद वे बुद्ध कहलाए।
- (B) लुम्बिनी: यह नेपाल में स्थित वह स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।
- (D) कुशीनगर: यहीं पर गौतम बुद्ध ने महापरिनिर्वाण (देहांत) प्राप्त किया था।
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प्रश्न 4: मौर्य साम्राज्य में ‘सीता’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?
- (A) राजकीय भूमि
- (B) कर का एक प्रकार
- (C) देवताओं की एक देवी
- (D) बाजार अधीक्षक
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
मौर्य साम्राज्य के प्रशासन में, ‘सीता’ शब्द का प्रयोग राजकीय भूमि (राज्य के स्वामित्व वाली भूमि) से होने वाली आय या उस भूमि के लिए किया जाता था जिस पर राज्य सीधे खेती करवाता था। ‘सीताध्यक्ष’ नामक अधिकारी इस भूमि की देखरेख और कृषि का प्रबंधन करता था।
- (B) कर का एक प्रकार: मौर्य काल में विभिन्न प्रकार के कर थे, जैसे ‘भाग’ और ‘बलि’, लेकिन ‘सीता’ विशेष रूप से राजकीय भूमि से संबंधित थी।
- (C) देवताओं की एक देवी: ‘सीता’ रामायण में एक प्रमुख देवी हैं, लेकिन मौर्य प्रशासन के संदर्भ में इसका अर्थ अलग था।
- (D) बाजार अधीक्षक: बाजार अधीक्षक को ‘पण्याध्यक्ष’ या ‘संस्थाध्यक्ष’ कहा जाता था।
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प्रश्न 5: ‘मिनांडर’ (मिलिंद) और बौद्ध भिक्षु ‘नागसेन’ के बीच हुई दार्शनिक वार्ता किस ग्रंथ में संग्रहित है?
- (A) मिलिंदपन्हो
- (B) बुद्धचरित
- (C) महावंश
- (D) दीपवंश
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
‘मिलिंदपन्हो’ (जिसका अर्थ है ‘मिलिंद के प्रश्न’) एक महत्वपूर्ण पालि ग्रंथ है जिसमें इंडो-ग्रीक राजा मिनांडर (जिन्हें मिलिंद भी कहा जाता है) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच हुए संवादों का वर्णन है। इस संवाद में मिनांडर बौद्ध धर्म से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछते हैं और नागसेन उनका उत्तर देते हैं, जिससे बौद्ध दर्शन की गहरी समझ मिलती है।
- (B) बुद्धचरित: अश्वघोष द्वारा रचित, यह बुद्ध के जीवन पर एक महाकाव्य है।
- (C) महावंश और (D) दीपवंश: ये दोनों श्रीलंका के ऐतिहासिक पालि ग्रंथ हैं जो बौद्ध धर्म के इतिहास और श्रीलंका के राजाओं का वर्णन करते हैं।
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प्रश्न 6: मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से किस शहर में स्थानांतरित की थी?
- (A) लाहौर
- (B) दौलताबाद
- (C) आगरा
- (D) मुल्तान
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
मुहम्मद बिन तुगलक ने 1327 ई. में अपनी राजधानी दिल्ली से देवगिरी (जिसका नाम बदलकर दौलताबाद किया गया) स्थानांतरित करने का असफल प्रयास किया था। उसका उद्देश्य साम्राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी भागों पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना था, लेकिन पानी की कमी और लंबी दूरी के कारण यह योजना विफल रही और राजधानी को वापस दिल्ली स्थानांतरित करना पड़ा।
- (A) लाहौर: इल्तुतमिश ने इसे राजधानी नहीं बनाया था, बल्कि दिल्ली सल्तनत की राजधानी दिल्ली थी।
- (C) आगरा: सिकंदर लोदी ने आगरा शहर की स्थापना की और इसे अपनी राजधानी बनाया था।
- (D) मुल्तान: यह सल्तनत का एक महत्वपूर्ण प्रांतीय शहर था, राजधानी नहीं।
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प्रश्न 7: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना के समय दिल्ली सल्तनत का शासक कौन था?
- (A) गयासुद्दीन तुगलक
- (B) मुहम्मद बिन तुगलक
- (C) फिरोज शाह तुगलक
- (D) इब्राहिम लोदी
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम ने की थी। इस समय दिल्ली सल्तनत पर मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351 ई.) का शासन था। उसके शासनकाल में कई विद्रोह हुए, जिसके परिणामस्वरूप दक्कन में बहमनी और विजयनगर जैसे स्वतंत्र राज्यों का उदय हुआ।
- (A) गयासुद्दीन तुगलक: मुहम्मद बिन तुगलक से पहले का शासक।
- (C) फिरोज शाह तुगलक: मुहम्मद बिन तुगलक के बाद का शासक।
- (D) इब्राहिम लोदी: लोदी वंश का अंतिम शासक, जिसके समय में 1526 ई. में बाबर ने मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
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प्रश्न 8: किस मुगल शासक के शासनकाल को ‘स्थापत्य कला का स्वर्ण युग’ कहा जाता है?
- (A) अकबर
- (B) जहाँगीर
- (C) शाहजहाँ
- (D) औरंगज़ेब
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
मुगल शासक शाहजहाँ (1628-1658 ई.) के शासनकाल को भारतीय इतिहास में ‘स्थापत्य कला का स्वर्ण युग’ माना जाता है। उसके शासनकाल में ताजमहल, लाल किला (दिल्ली), जामा मस्जिद (दिल्ली) और लाहौर किले में मोती मस्जिद जैसी अनेक भव्य इमारतों का निर्माण हुआ। सफेद संगमरमर का अत्यधिक उपयोग और जटिल नक्काशी इसकी विशेषता थी।
- (A) अकबर: इनके काल में फतेहपुर सीकरी, आगरा का किला आदि बने, जो मिश्रित शैली के उदाहरण हैं।
- (B) जहाँगीर: इनके काल को ‘चित्रकला का स्वर्ण युग’ कहा जाता है।
- (D) औरंगज़ेब: इनके काल में स्थापत्य कला का पतन देखा गया, हालाँकि इन्होंने बीबी का मकबरा और लाहौर में बादशाही मस्जिद बनवाई।
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प्रश्न 9: ‘दीन-ए-इलाही’ नामक धर्म की शुरुआत किस मुगल सम्राट ने की थी?
- (A) बाबर
- (B) हुमायूँ
- (C) अकबर
- (D) औरंगज़ेब
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
‘दीन-ए-इलाही’ नामक एक नए धार्मिक मार्ग या नैतिक संहिता की शुरुआत मुगल सम्राट अकबर ने 1582 ई. में की थी। यह एक एकेश्वरवादी संप्रदाय था जिसमें विभिन्न धर्मों (इस्लाम, हिंदू धर्म, जैन धर्म, पारसी धर्म, ईसाई धर्म) के सर्वोत्तम सिद्धांतों को शामिल करने का प्रयास किया गया था। यह किसी नए धर्म से अधिक एक ‘नैतिक आचार संहिता’ थी, जिसमें सूर्य की पूजा, शाकाहार और सहिष्णुता पर जोर दिया गया था।
- (A) बाबर: मुगल साम्राज्य का संस्थापक।
- (B) हुमायूँ: बाबर का पुत्र और अकबर का पिता।
- (D) औरंगज़ेब: एक कट्टर सुन्नी मुसलमान शासक, जिसने इस्लामी कानून को कठोरता से लागू किया।
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प्रश्न 10: प्रसिद्ध यात्री इब्न बतूता किस शासक के शासनकाल में भारत आया था?
- (A) अलाउद्दीन खिलजी
- (B) मुहम्मद बिन तुगलक
- (C) शेरशाह सूरी
- (D) अकबर
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
प्रसिद्ध मोरक्को यात्री और विद्वान इब्न बतूता मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल (लगभग 1333 ई.) में भारत आया था। वह लगभग 14 वर्षों तक भारत में रहा और मुहम्मद बिन तुगलक ने उसे दिल्ली का काज़ी नियुक्त किया था। उसकी पुस्तक ‘किताब-उल-रेहला’ उस समय के भारत और तुगलक वंश के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।
- (A) अलाउद्दीन खिलजी: 1296-1316 ई. तक शासन किया।
- (C) शेरशाह सूरी: सूरी वंश का संस्थापक, जिसने हुमायूँ को हराया।
- (D) अकबर: मुगल सम्राट, इब्न बतूता के बहुत बाद आया।
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प्रश्न 11: 1757 के प्लासी के युद्ध में अंग्रेज़ सेना का नेतृत्व किसने किया था?
- (A) लॉर्ड डलहौज़ी
- (B) रॉबर्ट क्लाइव
- (C) वॉरेन हेस्टिंग्स
- (D) लॉर्ड कार्नवालिस
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
1757 का प्लासी का युद्ध ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में अंग्रेज़ सेना का नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव ने किया था। इस युद्ध ने भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी और ब्रिटिश प्रभुत्व का मार्ग प्रशस्त किया।
- (A) लॉर्ड डलहौज़ी: व्यपगत के सिद्धांत (Doctrine of Lapse) के लिए प्रसिद्ध।
- (C) वॉरेन हेस्टिंग्स: बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल।
- (D) लॉर्ड कार्नवालिस: स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) और सिविल सेवा के जनक के रूप में जाने जाते हैं।
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प्रश्न 12: ‘सहायक संधि’ प्रणाली का जनक कौन था, जिसने भारतीय राज्यों को ब्रिटिश नियंत्रण में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
- (A) लॉर्ड वेलेस्ली
- (B) लॉर्ड डलहौज़ी
- (C) लॉर्ड विलियम बेंटिंक
- (D) लॉर्ड हेस्टिंग्स
सही उत्तर: (A)
विस्तृत व्याख्या:
सहायक संधि प्रणाली की शुरुआत लॉर्ड वेलेस्ली (1798-1805 ई.) ने की थी, जिसका उद्देश्य भारतीय राज्यों को ब्रिटिश राजनीतिक और सैन्य नियंत्रण में लाना था। इस संधि के तहत भारतीय शासकों को अपनी संप्रभुता का त्याग करना पड़ता था और अपने क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना को स्थायी रूप से रखना होता था, जिसका खर्च भी उन्हें ही वहन करना पड़ता था। हैदराबाद पहला राज्य था जिसने इस संधि को स्वीकार किया।
- (B) लॉर्ड डलहौज़ी: व्यपगत के सिद्धांत (Doctrine of Lapse) के लिए प्रसिद्ध।
- (C) लॉर्ड विलियम बेंटिंक: सती प्रथा के उन्मूलन और ठगी प्रथा के दमन के लिए जाने जाते हैं।
- (D) लॉर्ड हेस्टिंग्स: पिंडारियों के दमन और मराठा शक्ति के अंतिम रूप से अंत के लिए जाने जाते हैं।
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प्रश्न 13: ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना किसने की थी?
- (A) स्वामी दयानंद सरस्वती
- (B) राजा राम मोहन राय
- (C) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
- (D) ज्योतिबा फुले
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 ई. में राजा राम मोहन राय ने की थी। यह भारत का पहला सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन था, जिसका उद्देश्य हिंदू धर्म में सुधार लाना और एकेश्वरवाद, तर्कवाद तथा मूर्ति पूजा, सती प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों का विरोध करना था।
- (A) स्वामी दयानंद सरस्वती: ‘आर्य समाज’ के संस्थापक और ‘वेदों की ओर लौटो’ का नारा दिया।
- (C) ईश्वरचंद्र विद्यासागर: विधवा पुनर्विवाह के प्रबल समर्थक थे।
- (D) ज्योतिबा फुले: महाराष्ट्र के एक समाज सुधारक, जिन्होंने ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की और दलितों व महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया।
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प्रश्न 14: 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
- (A) लॉर्ड डलहौज़ी
- (B) लॉर्ड कैनिंग
- (C) लॉर्ड एलेनबोरो
- (D) लॉर्ड रिपन
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
1857 के महान विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग (1856-1862 ई.) भारत का गवर्नर-जनरल था। उसके कार्यकाल में ही 1857 का विद्रोह हुआ और बाद में वह भारत का पहला वायसराय बना जब 1858 के भारत सरकार अधिनियम के तहत गवर्नर-जनरल के पद को वायसराय में बदल दिया गया।
- (A) लॉर्ड डलहौज़ी: 1848-1856 ई. तक गवर्नर-जनरल थे, उनके नीतियों ने विद्रोह के लिए जमीन तैयार की।
- (C) लॉर्ड एलेनबोरो: 1842-1844 ई. तक गवर्नर-जनरल थे।
- (D) लॉर्ड रिपन: ‘स्थानीय स्वशासन के जनक’ के रूप में जाने जाते हैं।
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प्रश्न 15: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष कौन थीं?
- (A) सरोजिनी नायडू
- (B) एनी बेसेंट
- (C) नलिनी सेनगुप्ता
- (D) कस्तूरबा गांधी
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थीं, जिन्होंने 1917 में कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की थी। वह एक आयरिश थियोसोफिस्ट थीं जिन्होंने भारत में होम रूल लीग आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- (A) सरोजिनी नायडू: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं, जिन्होंने 1925 में कानपुर अधिवेशन की अध्यक्षता की थी।
- (C) नलिनी सेनगुप्ता: 1933 में कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्ष थीं।
- (D) कस्तूरबा गांधी: महात्मा गांधी की पत्नी, उन्होंने कांग्रेस की अध्यक्षता नहीं की।
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प्रश्न 16: ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) किस वर्ष शुरू किया गया था?
- (A) 1919
- (B) 1920
- (C) 1922
- (D) 1930
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन 1920 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के साथ सभी प्रकार के सहयोग को समाप्त करके स्वराज प्राप्त करना था। यह आंदोलन खिलाफत आंदोलन के साथ मिलकर चलाया गया था। फरवरी 1922 में चौरी-चौरा की घटना के बाद गांधीजी ने इसे वापस ले लिया था।
- (A) 1919: जलियांवाला बाग हत्याकांड और रॉलेट एक्ट।
- (C) 1922: चौरी-चौरा घटना के बाद आंदोलन वापस लिया गया।
- (D) 1930: सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत।
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प्रश्न 17: ‘करो या मरो’ का नारा महात्मा गांधी ने किस आंदोलन के दौरान दिया था?
- (A) असहयोग आंदोलन
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (C) भारत छोड़ो आंदोलन
- (D) चंपारण सत्याग्रह
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ (Do or Die) का प्रसिद्ध नारा भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान दिया था। यह आंदोलन 8 अगस्त 1942 को मुंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन को तत्काल समाप्त करना था।
- (A) असहयोग आंदोलन: इस दौरान गांधीजी ने स्वराज की बात की थी, लेकिन ‘करो या मरो’ का नारा नहीं दिया।
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन: 1930 में दांडी मार्च से शुरू हुआ, जिसका मुख्य नारा ‘पूर्ण स्वराज’ था।
- (D) चंपारण सत्याग्रह: 1917 का पहला सविनय अवज्ञा आंदोलन।
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प्रश्न 18: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के समय ब्रिटेन का प्रधान मंत्री कौन था?
- (A) विंस्टन चर्चिल
- (B) क्लेमेंट एटली
- (C) नेविल चेम्बरलेन
- (D) हेरोल्ड विल्सन
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
जब भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिली, तब ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार थी और क्लेमेंट एटली वहाँ के प्रधान मंत्री थे। उन्होंने ही भारत को स्वतंत्रता देने के लिए पहल की और विभाजन की योजना को अंतिम रूप दिया।
- (A) विंस्टन चर्चिल: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान प्रधान मंत्री थे।
- (C) नेविल चेम्बरलेन: द्वितीय विश्व युद्ध से पहले के प्रधान मंत्री थे।
- (D) हेरोल्ड विल्सन: बहुत बाद के प्रधान मंत्री।
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प्रश्न 19: ‘बोस्टन टी पार्टी’ की घटना किस क्रांति से संबंधित है?
- (A) फ्रांसीसी क्रांति
- (B) अमेरिकी क्रांति
- (C) रूसी क्रांति
- (D) औद्योगिक क्रांति
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
‘बोस्टन टी पार्टी’ की घटना 16 दिसंबर 1773 को हुई थी, जहाँ अमेरिकी उपनिवेशवादियों ने ब्रिटिश चाय पर लगाए गए करों के विरोध में बोस्टन हार्बर में चाय के बक्सों को समुद्र में फेंक दिया था। यह घटना अमेरिकी क्रांति (स्वतंत्रता संग्राम) के प्रमुख कारणों में से एक थी।
- (A) फ्रांसीसी क्रांति: 1789 में हुई, ‘लिबर्टी, इक्वेलिटी, फ्रेटरनिटी’ के नारे के साथ।
- (C) रूसी क्रांति: 1917 में हुई, ज़ारशाही को समाप्त कर बोल्शेविक सरकार की स्थापना हुई।
- (D) औद्योगिक क्रांति: 18वीं सदी के अंत में ब्रिटेन में शुरू हुई, जिसने उत्पादन और समाज को बदल दिया।
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प्रश्न 20: ‘कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो’ (साम्यवादी घोषणापत्र) के लेखक कौन थे?
- (A) व्लादिमीर लेनिन
- (B) कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स
- (C) जोसेफ स्टालिन
- (D) माओ ज़ेडोंग
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
‘कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो’ का प्रकाशन 1848 में कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा किया गया था। यह समाजवादी आंदोलन के मूलभूत ग्रंथों में से एक है, जिसमें वर्ग संघर्ष और पूंजीवाद के पतन के बाद साम्यवादी समाज की स्थापना का आह्वान किया गया है।
- (A) व्लादिमीर लेनिन: रूसी क्रांति के नेता और सोवियत संघ के पहले प्रमुख।
- (C) जोसेफ स्टालिन: सोवियत संघ के दूसरे प्रमुख।
- (D) माओ ज़ेडोंग: चीनी कम्युनिस्ट क्रांति के नेता और चीनी जनवादी गणराज्य के संस्थापक।
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प्रश्न 21: निम्नलिखित में से कौन-सा दर्शन ‘नास्तिक’ दर्शन की श्रेणी में आता है?
- (A) न्याय
- (B) वैशेषिक
- (C) चार्वाक
- (D) योग
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय दर्शन में, जो दर्शन वेदों की प्रमाणिकता को स्वीकार नहीं करते, उन्हें ‘नास्तिक’ दर्शन कहा जाता है। चार्वाक दर्शन एक भौतिकवादी और नास्तिक दर्शन है जो वेदों के अधिकार और आत्मा, पुनर्जन्म या मोक्ष जैसे पारलौकिक विचारों को खारिज करता है। यह प्रत्यक्ष प्रमाण पर आधारित है।
- (A) न्याय, (B) वैशेषिक और (D) योग: ये तीनों ‘आस्तिक’ दर्शन की श्रेणी में आते हैं क्योंकि ये वेदों की प्रमाणिकता को स्वीकार करते हैं। न्याय तर्क पर, वैशेषिक परमाणु सिद्धांत पर और योग मन व शरीर के नियंत्रण पर केंद्रित है।
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प्रश्न 22: किस भक्ति संत ने ‘अद्वैत वेदांत’ के दर्शन को चुनौती दी और ‘विशिष्टाद्वैत’ का प्रतिपादन किया?
- (A) शंकराचार्य
- (B) रामानुजाचार्य
- (C) माधवाचार्य
- (D) चैतन्य महाप्रभु
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
रामानुजाचार्य (11वीं-12वीं शताब्दी) ने शंकराचार्य के ‘अद्वैत वेदांत’ (जिसमें ब्रह्म को निर्गुण और माया को मिथ्या माना गया) को चुनौती दी और ‘विशिष्टाद्वैत’ के दर्शन का प्रतिपादन किया। विशिष्टाद्वैत के अनुसार, ब्रह्म सगुण है और जीव तथा जगत उसी ब्रह्म के अंश हैं, जो उससे पृथक होते हुए भी उसी पर निर्भर करते हैं। यह भक्ति मार्ग पर जोर देता है।
- (A) शंकराचार्य: ‘अद्वैत वेदांत’ के प्रमुख प्रतिपादक।
- (C) माधवाचार्य: ‘द्वैत’ दर्शन के प्रतिपादक।
- (D) चैतन्य महाप्रभु: कृष्ण भक्ति के एक प्रमुख संत, जिन्होंने ‘अचिंत्य भेदाभेद’ का दर्शन दिया।
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प्रश्न 23: ‘इंडियन अनरेस्ट’ नामक पुस्तक के लेखक कौन थे, जिन्होंने बाल गंगाधर तिलक को ‘भारतीय अशांति का जनक’ कहा?
- (A) लॉर्ड कर्जन
- (B) वैलेंटाइन शिरोल
- (C) महात्मा गांधी
- (D) ए.ओ. ह्यूम
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
‘इंडियन अनरेस्ट’ (Indian Unrest) नामक पुस्तक ब्रिटिश पत्रकार वैलेंटाइन शिरोल ने लिखी थी। इस पुस्तक में उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद और क्रांतिकारी गतिविधियों का विश्लेषण किया और बाल गंगाधर तिलक को ‘भारतीय अशांति का जनक’ (Father of Indian Unrest) कहा था। इस कथन के लिए तिलक ने शिरोल पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
- (A) लॉर्ड कर्जन: भारत के वायसराय, जिन्होंने 1905 में बंगाल का विभाजन किया।
- (C) महात्मा गांधी: भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता।
- (D) ए.ओ. ह्यूम: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक।
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प्रश्न 24: गांधीजी ने किस गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था?
- (A) पहला गोलमेज सम्मेलन
- (B) दूसरा गोलमेज सम्मेलन
- (C) तीसरा गोलमेज सम्मेलन
- (D) किसी में नहीं
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
महात्मा गांधी ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन (सितंबर-दिसंबर 1931) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था। गांधी-इरविन समझौते के बाद वे लंदन गए थे। पहले और तीसरे गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया था।
- (A) पहला गोलमेज सम्मेलन: 1930 में आयोजित, कांग्रेस ने भाग नहीं लिया।
- (C) तीसरा गोलमेज सम्मेलन: 1932 में आयोजित, कांग्रेस ने भाग नहीं लिया।
- (D) किसी में नहीं: यह गलत है, उन्होंने दूसरे में भाग लिया था।
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प्रश्न 25: ‘वियना कांग्रेस’ (Vienna Congress) किस वर्ष आयोजित की गई थी?
- (A) 1789
- (B) 1815
- (C) 1848
- (D) 1919
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या:
वियना कांग्रेस 1814-1815 में वियना में आयोजित यूरोपीय शक्तियों के राजदूतों का एक सम्मेलन था। इसका मुख्य उद्देश्य नेपोलियन युद्धों के बाद यूरोप के राजनीतिक मानचित्र को पुनर्गठित करना और यूरोपीय राजशाही को बहाल करना था। इसका नेतृत्व ऑस्ट्रिया के मेटर्निच ने किया था।
- (A) 1789: फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत।
- (C) 1848: पूरे यूरोप में क्रांतियों का वर्ष।
- (D) 1919: प्रथम विश्व युद्ध के बाद पेरिस शांति सम्मेलन और वर्साय की संधि।
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