समय की गहराइयों में उतरकर अतीत के रहस्यों को खोजने का समय आ गया है। क्या आप तैयार हैं प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक क्रांतियों तक के सफर पर चलने के लिए? आइए, इस विशेष मॉक टेस्ट के माध्यम से अपनी ऐतिहासिक समझ को परखें और सफलता की ओर एक और कदम बढ़ाएं।
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से ‘विशाल स्नानागार’ (Great Bath) के प्रमाण मिले हैं?\n
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- (A) हड़प्पा
- (B) लोथल
- (C) मोहनजोदड़ो
- (D) कालीबंगा
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सही उत्तर: (C) मोहनजोदड़ो
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\nविस्तृत व्याख्या: मोहनजोदड़ो में पाया गया ‘विशाल स्नानागार’ सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण संरचनाओं में से एक है, जिसका उपयोग संभवतः धार्मिक अनुष्ठानिक स्नान के लिए किया जाता था। यह नगर नियोजन और जल निकासी प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है। हड़प्पा में अन्न भंडार मिले हैं, लोथल एक बंदरगाह था और कालीबंगा में जूते हुए खेतों के प्रमाण मिले हैं।\n
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- ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का उल्लेख है, जिसमें चार वर्णों की उत्पत्ति बताई गई है?\n
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- (A) सातवें मंडल
- (B) नौवें मंडल
- (C) दसवें मंडल
- (D) तीसरे मंडल
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सही उत्तर: (C) दसवें मंडल
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\nविस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार सामाजिक विभाजन और चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) का उल्लेख मिलता है। तीसरा मंडल ‘गायत्री मंत्र’ के लिए प्रसिद्ध है, जबकि नौवां मंडल पूरी तरह से सोम देव को समर्पित है।\n
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- चौथी बौद्ध संगीति (Fourth Buddhist Council) किसके शासनकाल में आयोजित की गई थी?\n
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- (A) अशोक
- (B) कनिष्क
- (C) कालशोक
- (D) अजातशत्रु
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सही उत्तर: (B) कनिष्क
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\nविस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण राजा कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी। इसी संगीति के बाद बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो शाखाओं में विभाजित हो गया था। पहली संगीति अजातशत्रु और तीसरी अशोक के समय हुई थी।\n
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- मौर्य सम्राट अशोक के ‘धम्म’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) एक नए धर्म की स्थापना करना
- (B) बौद्ध धर्म को राजकीय धर्म बनाना
- (C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना
- (D) साम्राज्य का विस्तार करना
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सही उत्तर: (C) सामाजिक सद्भाव और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना
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\nविस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई नया धर्म या संप्रदाय नहीं था, बल्कि यह नैतिक नियमों का एक समूह था जिसका उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच शांति, सहिष्णुता और आपसी सम्मान स्थापित करना था। यह किसी विशिष्ट देवता की पूजा के बजाय मानवीय मूल्यों पर आधारित था।\n
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- गुप्त काल के दौरान किस चीनी यात्री ने भारत की यात्रा की और चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में समय बिताया?\n
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- (A) ह्वेनसांग
- (B) इत्सिंग
- (C) फाह्यान
- (D) अल-बरूनी
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सही उत्तर: (C) फाह्यान
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\nविस्तृत व्याख्या: फाह्यान (Faxian) 399-412 ईस्वी के बीच चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’ के शासनकाल में भारत आया था। उसने गुप्त साम्राज्य की समृद्धि और बौद्ध धर्म की स्थिति का वर्णन किया है। ह्वेनसांग हर्षवर्धन के समय आया था और अल-बरूनी महमूद गजनवी के साथ भारत आया था।\n
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- हर्षवर्धन के शासनकाल में किस विश्वविद्यालय का सबसे अधिक विकास हुआ, जिसे बाद में बख्तियार खिलजी ने नष्ट कर दिया?\n
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- (A) तक्षशिला
- (B) नालंदा
- (C) विक्रमशिला
- (D) वल्लभी
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सही उत्तर: (B) नालंदा
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\nविस्तृत व्याख्या: नालंदा विश्वविद्यालय प्राचीन भारत का एक वैश्विक शिक्षा केंद्र था, जिसे हर्ष और उससे पहले गुप्त शासकों का संरक्षण प्राप्त था। 12वीं शताब्दी के अंत में तुर्क आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया। तक्षशिला दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक था, लेकिन नालंदा हर्ष के समय शिखर पर था।\n
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘तुर्कान-ए-चहलगाणी’ (चालीस गुलामों का दल) की स्थापना की थी?\n
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- (A) कुतुबुद्दीन ऐबक
- (B) इल्तुतमिश
- (C) बलबन
- (D) अलाउद्दीन खिलजी
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सही उत्तर: (B) इल्तुतमिश
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\nविस्तृत व्याख्या: इल्तुतमिश ने अपने प्रशासन को मजबूत करने के लिए 40 वफादार तुर्क गुलामों का एक समूह बनाया था जिसे ‘तुर्कान-ए-चहलगाणी’ कहा जाता था। बाद में सुल्तान बलबन ने इसी समूह का सदस्य होने के नाते सत्ता हासिल की और फिर अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए इसी संगठन को समाप्त कर दिया।\n
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- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लागू की गई ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) व्यापारियों को लाभ पहुँचाना
- (B) आम जनता के लिए वस्तुओं की कीमतें कम करना
- (C) एक विशाल स्थायी सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- (D) कृषि उत्पादन में वृद्धि करना
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सही उत्तर: (C) एक विशाल स्थायी सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
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\nविस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी को मंगोल आक्रमणों से निपटने के लिए एक बड़ी और शक्तिशाली सेना की आवश्यकता थी। सैनिकों को कम वेतन में गुजारा कराने के लिए उसने आवश्यक वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और कड़े नियंत्रण लागू किए। यद्यपि इससे कीमतें कम हुईं, लेकिन मुख्य उद्देश्य सैन्य आवश्यकताएं थीं।\n
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- मोहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से बदलकर कहाँ स्थानांतरित की थी?\n
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- (A) लाहौर
- (B) देवगिरि (दौलताबाद)
- (C) मुल्तान
- (D) अजमेर
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सही उत्तर: (B) देवगिरि (दौलताबाद)
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\nविस्तृत व्याख्या: 1327 ईस्वी में मोहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित की ताकि वह दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण रख सके। हालांकि, यह निर्णय असफल रहा क्योंकि दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई और अंततः उसे फिर से दिल्ली लौटना पड़ा।\n
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- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू किए गए ‘दीन-ए-इलाही’ का प्राथमिक उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) इस्लाम का प्रसार करना
- (B) एक नया राजनीतिक कानून बनाना
- (C) सभी धर्मों के साझा नैतिक मूल्यों को एकीकृत करना
- (D) केवल राजपूतों को धर्म परिवर्तन कराना
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सही उत्तर: (C) सभी धर्मों के साझा नैतिक मूल्यों को एकीकृत करना
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\nविस्तृत व्याख्या: ‘दीन-ए-इलाही’ (ईश्वरीय धर्म) अकबर का एक सामाजिक-धार्मिक प्रयोग था, जिसका लक्ष्य विभिन्न धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, पारसी) के बीच संघर्ष को समाप्त कर एक साझा नैतिक संहिता बनाना था। यह किसी औपचारिक धर्म के बजाय एक जीवन पद्धति थी।\n
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- मुगल काल में ‘मनसबदारी प्रथा’ का मुख्य आधार क्या था?\n
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- (A) केवल सैन्य सेवा
- (B) जाति और धर्म
- (C) जात और सवार (रैंक और घुड़सवारों की संख्या)
- (D) भूमि स्वामित्व का अधिकार
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सही उत्तर: (C) जात और सवार (रैंक और घुड़सवारों की संख्या)
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\nविस्तृत व्याख्या: अकबर ने मनसबदारी प्रणाली लागू की जिसमें ‘जात’ अधिकारी की व्यक्तिगत रैंक और वेतन निर्धारित करता था, जबकि ‘सवार’ यह तय करता था कि उसे कितने घुड़सवारों का रखरखाव करना है। यह प्रशासन और सेना का एक एकीकृत ढांचा था।\n
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- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘आंध्र भोज’ कहा जाता है और जिसके काल में साम्राज्य अपनी चरम सीमा पर था?\n
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- (A) हरिहर I
- (B) देवराय II
- (C) कृष्णदेव राय
- (D) अच्युत राय
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सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय
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\nविस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे। उन्हें उनकी साहित्यिक रुचि और प्रशासनिक कौशल के कारण ‘आंध्र भोज’ कहा जाता है। उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) रहते थे।\n
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- छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ परिषद का क्या कार्य था?\n
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- (A) केवल सैन्य रणनीति बनाना
- (B) राजस्व संग्रह करना
- (C) राजा को शासन के विभिन्न विभागों में सलाह देना
- (D) विदेशी राजदूतों का स्वागत करना
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सही उत्तर: (C) राजा को शासन के विभिन्न विभागों में सलाह देना
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\nविस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज ने प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के लिए आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी, जिसे ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था। इसमें पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त मंत्री), और सुमंत (विदेश मंत्री) जैसे पद शामिल थे।\n
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- 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) नाना साहब
- (B) बेगम हजरत महल
- (C) कुंवर सिंह
- (D) रानी लक्ष्मीबाई
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सही उत्तर: (B) बेगम हजरत महल
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\nविस्तृत व्याख्या: लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हजरत महल ने किया था, जिन्होंने अपने बेटे बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। नाना साहब ने कानपुर, रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी और कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) का नेतृत्व किया था।\n
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- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य लक्ष्य क्या था?\n
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- (A) वैदिक धर्म की पूरी तरह बहाली
- (B) मूर्ति पूजा, सती प्रथा और अंधविश्वासों का विरोध
- (C) केवल अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार
- (D) हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित करना
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सही उत्तर: (B) मूर्ति पूजा, सती प्रथा और अंधविश्वासों का विरोध
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\nविस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की। उन्होंने एकेश्वरवाद का प्रचार किया और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिसके परिणामस्वरूप 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाया।\n
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
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सही उत्तर: (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
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\nविस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला सत्र दिसंबर 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी। ए.ओ. ह्यूम इसके संस्थापक सचिव थे।\n
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- 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुए ‘स्वदेशी आंदोलन’ की मुख्य विशेषता क्या थी?\n
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- (A) ब्रिटिश वस्तुओं का पूर्ण बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं का उपयोग
- (B) केवल राजनीतिक प्रदर्शन करना
- (C) अंग्रेजों के साथ समझौता करना
- (D) केवल किसानों का समर्थन करना
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सही उत्तर: (A) ब्रिटिश वस्तुओं का पूर्ण बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं का उपयोग
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\nविस्तृत व्याख्या: लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से अंग्रेजों पर निर्भरता कम करना और भारतीय उद्योगों को बढ़ावा देना था। विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी गई।\n
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- महात्मा गांधी ने ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को किस घटना के बाद वापस ले लिया था?\n
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- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (B) चौरी-चौरा कांड
- (C) काकोरी कांड
- (D) रॉलेट एक्ट
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सही उत्तर: (B) चौरी-चौरा कांड
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\nविस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में एक हिंसक घटना हुई जिसमें भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन को आग लगा दी और 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा के कट्टर समर्थक थे, इसलिए उन्होंने इस हिंसा के विरोध में असहयोग आंदोलन को तुरंत वापस ले लिया।\n
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- 1930 में शुरू हुए ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत किस घटना से हुई थी?\n
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- (A) चंपारण सत्याग्रह
- (B) खेड़ा सत्याग्रह
- (C) दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह)
- (D) गांधी-इरविन समझौता
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सही उत्तर: (C) दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह)
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\nविस्तृत व्याख्या: गांधीजी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक यात्रा की और 6 अप्रैल को समुद्र तट पर नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून को तोड़ा। यह सविनय अवज्ञा आंदोलन की औपचारिक शुरुआत थी, जिसने पूरे देश में ब्रिटिश कानूनों के शांतिपूर्ण उल्लंघन को प्रेरित किया।\n
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- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (Quit India Movement) के दौरान ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा किसने दिया था?\n
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- (A) जवाहरलाल नेहरू
- (B) सरदार पटेल
- (C) महात्मा गांधी
- (D) सुभाष चंद्र बोस
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सही उत्तर: (C) महात्मा गांधी
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\nविस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का आह्वान किया और देशवासियों को ‘करो या मरो’ का नारा दिया। यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ अंतिम और सबसे तीव्र जन आंदोलन था।\n
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- आजाद हिंद फौज (INA) के गठन में मुख्य भूमिका निभाने वाले नेता कौन थे, जिन्होंने ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया?\n
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- (A) रास बिहारी बोस
- (B) सुभाष चंद्र बोस
- (C) कैप्टन मोहन सिंह
- (D) जयप्रकाश नारायण
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सही उत्तर: (B) सुभाष चंद्र बोस
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\nविस्तृत व्याख्या: सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का पुनर्गठन किया और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान की मदद से भारत को स्वतंत्र कराने का प्रयास किया। उन्होंने ‘दिल्ली चलो’ और ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ जैसे प्रेरणादायक नारे दिए।\n
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- हालिया पुरातात्विक खोजों के संदर्भ में, दूसरी शताब्दी ईस्वी (2nd Century CE) के दौरान भूमध्यसागरीय व्यापार नेटवर्क को समझने में किस खोज ने मदद की है?\n
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- (A) मिस्र के पिरामिडों की नई खोज
- (B) दक्षिणी स्पेन के तट पर मिले एक रोमन व्यापारिक जहाज की खोज
- (C) रोम के कोलोसियम का पुनर्निर्माण
- (D) यूनान में मिले नए मंदिर
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सही उत्तर: (B) दक्षिणी स्पेन के तट पर मिले एक रोमन व्यापारिक जहाज की खोज
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\nविस्तृत व्याख्या: हाल ही में दक्षिणी स्पेन के तट पर एक अत्यंत सुरक्षित रोमन व्यापारिक जहाज मिला है। यह जहाज 2nd शताब्दी ईस्वी का है, जो प्राचीन रोमन साम्राज्य के समुद्री व्यापार मार्गों, वस्तुओं के परिवहन और भूमध्यसागरीय आर्थिक संबंधों पर महत्वपूर्ण नई रोशनी डालता है।\n
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- महिला मताधिकार आंदोलन (Women’s Suffrage Movement) की अग्रणी नेता एमिलिन पांखर्स्ट (Emmeline Pankhurst) किस देश से संबंधित थीं?\n
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- (A) संयुक्त राज्य अमेरिका
- (B) फ्रांस
- (C) यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)
- (D) कनाडा
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सही उत्तर: (C) यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)
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\nविस्तृत व्याख्या: एमिलिन पांखर्स्ट ब्रिटेन में महिला मताधिकार आंदोलन की एक प्रमुख नेता थीं। उन्होंने ‘विमेंस सोशल एंड पॉलिटिकल यूनियन’ (WSPU) की स्थापना की और महिलाओं को वोट देने के अधिकार के लिए कड़े संघर्ष किए। हाल ही में उनके सम्मान में लंदन की सड़कों के नाम बदलने की पहल की गई है।\n
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) नेपोलियन का उदय
- (B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
- (C) औद्योगिक क्रांति का प्रभाव
- (D) बाहरी देशों का आक्रमण
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सही उत्तर: (B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
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\nविस्तृत व्याख्या: फ्रांस लंबे समय से कर्ज में था और फसल खराब होने के कारण अकाल पड़ा था। जब राजा लुई XVI ने तीसरे वर्ग (Third Estate) पर करों का बोझ बढ़ाने का प्रयास किया, तो जनता का आक्रोश बढ़ गया, जिससे बास्तियल के किले के पतन और क्रांति की शुरुआत हुई।\n
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- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ‘कुर्स्क की लड़ाई’ (Battle of Kursk) किन दो शक्तियों के बीच लड़ी गई थी?\n
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- (A) अमेरिका और जापान
- (B) ब्रिटेन और इटली
- (C) सोवियत संघ और नाजी जर्मनी
- (D) फ्रांस और जर्मनी
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सही उत्तर: (C) सोवियत संघ और नाजी जर्मनी
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\nविस्तृत व्याख्या: कुर्स्क की लड़ाई इतिहास की सबसे बड़ी टैंक लड़ाइयों में से एक थी, जो 1943 में सोवियत संघ और नाजी जर्मनी के बीच लड़ी गई थी। इस लड़ाई में सोवियत जीत ने पूर्वी मोर्चे पर जर्मन सेना की कमर तोड़ दी और युद्ध का रुख सोवियत संघ के पक्ष में मोड़ दिया।\n
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- 1960 के दशक के अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन (Civil Rights Movement) का मुख्य लक्ष्य क्या था?\n
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- (A) साम्यवाद को रोकना
- (B) नस्लीय भेदभाव को समाप्त करना और समान अधिकार प्राप्त करना
- (C) वियतनाम युद्ध का समर्थन करना
- (D) केवल महिला शिक्षा को बढ़ावा देना
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सही उत्तर: (B) नस्लीय भेदभाव को समाप्त करना और समान अधिकार प्राप्त करना
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\nविस्तृत व्याख्या: 1960 के दशक में मार्टिन लूथर किंग जूनियर जैसे नेताओं के नेतृत्व में अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों ने नस्लीय अलगाव (Segregation) और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। इस आंदोलन का उद्देश्य वोट देने का समान अधिकार और सार्वजनिक स्थानों पर समानता प्राप्त करना था।\n
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