समय की यात्रा: इतिहास के अनछुए पहलुओं को पहचानें
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समय की यात्रा पर निकलने के लिए तैयार हो जाइए! अतीत की घटनाओं को समझना केवल तथ्यों को याद करना नहीं, बल्कि वर्तमान की नींव को समझना है। आइए, अपनी तैयारी को धार दें और इन चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से इतिहास के गौरवशाली और जटिल पन्नों को फिर से पलटें। यह अभ्यास सेट आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता और स्मृति दोनों की परीक्षा लेगा।
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- सिंधु घाटी सभ्यता का ‘लोथल’ शहर किस नदी के तट पर स्थित था?\n
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- (A) सिंधु नदी
- (B) भोगवा नदी
- (C) घग्गर नदी
- (D) रावी नदी
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\nसही उत्तर: (B) भोगवा नदी\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल गुजरात के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के तट पर स्थित था। यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण पत्तन शहर (Dockyard) था, जो समुद्री व्यापार के लिए जाना जाता था।\n
अन्य विकल्प: सिंधु नदी मुख्य सभ्यता का केंद्र थी, घग्गर नदी का संबंध कालीबंगा से है और रावी नदी के तट पर हड़प्पा स्थित था।\n
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- ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का वर्णन मिलता है, जिसमें चार वर्णों की उत्पत्ति बताई गई है?\n
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- (A) तीसरा मंडल
- (B) सातवां मंडल
- (C) नौवां मंडल
- (D) दसवां मंडल
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\nसही उत्तर: (D) दसवां मंडल\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार समाज के चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) का उल्लेख मिलता है, जिन्हें एक विराट पुरुष के विभिन्न अंगों से उत्पन्न माना गया है।\n
अन्य विकल्प: तीसरे मंडल में प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ है और नौवां मंडल पूरी तरह से ‘सोम’ देव को समर्पित है।\n
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- चौथी बौद्ध संगीति (Fourth Buddhist Council) किसके शासनकाल में आयोजित की गई थी?\n
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- (A) अशोक
- (B) कालाशोक
- (C) कनिष्क
- (D) अजातशत्रु
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\nसही उत्तर: (C) कनिष्क\n
विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण राजा कनिष्क के समय कश्मीर (कुंडलवन) में हुई थी। इसी संगीति के बाद बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो संप्रदायों में विभाजित हो गया।\n
अन्य विकल्प: पहली संगीति अजातशत्रु के समय, दूसरी कालाशोक के समय और तीसरी सम्राट अशोक के समय राजगृह/पाटलिपुत्र में हुई थी।\n
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- मौर्य काल में ‘एग्रोनोमोई’ (Agronomoi) नामक अधिकारी का मुख्य कार्य क्या था?\n
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- (A) कर संग्रहण
- (B) सड़कों का रखरखाव
- (C) सैन्य प्रशासन
- (D) न्यायिक कार्य
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\nसही उत्तर: (B) सड़कों का रखरखाव\n
विस्तृत व्याख्या: मौर्य प्रशासन में ‘एग्रोनोमोई’ वे अधिकारी होते थे जो सड़कों के निर्माण, रखरखाव और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते थे ताकि व्यापार और सेना की आवाजाही सुगम रहे।\n
अन्य विकल्प: कर संग्रहण का कार्य ‘समाहर्ता’ और ‘शौल्खिक’ देखते थे।\n
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- किस गुप्त शासक को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है?\n
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- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय
- (D) स्कंदगुप्त
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\nसही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त\n
विस्तृत व्याख्या: इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने समुद्रगुप्त को उसकी सैन्य विजयों और अजेय रणनीति के कारण ‘भारत का नेपोलियन’ कहा है। प्रयाग प्रशस्ति में उसकी इन विजयों का विस्तृत वर्णन है।\n
अन्य विकल्प: चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) अपनी सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध थे, जबकि स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण को रोका था।\n
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- चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) किसके शासनकाल में भारत आया था?\n
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- (A) चंद्रगुप्त मौर्य
- (B) कनिष्क
- (C) हर्षवर्धन
- (D) पुलकेशिन द्वितीय
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\nसही उत्तर: (C) हर्षवर्धन\n
विस्तृत व्याख्या: ह्वेनसांग 7वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान भारत आया था। उसने ‘सी-यू-की’ नामक पुस्तक लिखी, जिसमें तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का वर्णन है।\n
अन्य विकल्प: फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय के समय आया था। पुलकेशिन द्वितीय हर्षवर्धन का प्रतिद्वंद्वी था।\n
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- संगम युग के दौरान ‘मदुरै’ किस राजवंश की राजधानी थी?\n
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- (A) चोल
- (B) चेर
- (C) पांड्य
- (D) पल्लव
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\nसही उत्तर: (C) पांड्य\n
विस्तृत व्याख्या: दक्षिण भारत के संगम युग में पांड्य राजवंश की राजधानी मदुरै थी, जो तमिल साहित्य और कला का एक महान केंद्र था।\n
अन्य विकल्प: चोलों की प्रारंभिक राजधानी उरैयूर थी और पल्लवों की कांचीपुरम।\n
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- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लागू की गई ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) व्यापारियों को लाभ पहुँचाना
- (B) किसानों की आय बढ़ाना
- (C) विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- (D) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना
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\nसही उत्तर: (C) विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना\n
विस्तृत व्याख्या: मंगोल आक्रमणों से बचने के लिए अलाउद्दीन खिलजी को एक बड़ी स्थायी सेना की आवश्यकता थी। सैनिकों को कम वेतन में गुजारा कराने के लिए उसने वस्तुओं की कीमतें तय कीं और सख्त बाजार नियंत्रण लागू किया।\n
अन्य विकल्प: इस प्रणाली ने व्यापारियों और किसानों को काफी कष्ट दिए, लाभ नहीं पहुँचाया।\n
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘टोकन करेंसी’ (सांकेतिक मुद्रा) शुरू की थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) मोहम्मद बिन तुगलक
- (D) फिरोज शाह तुगलक
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\nसही उत्तर: (C) मोहम्मद बिन तुगलक\n
विस्तृत व्याख्या: मोहम्मद बिन तुगलक ने चांदी की कमी को देखते हुए तांबे और पीतल के सिक्के चलाए, जिन्हें चांदी के सिक्कों के बराबर मूल्य दिया गया। हालांकि, जालसाजी के कारण यह प्रयोग असफल रहा।\n
अन्य विकल्प: इल्तुतमिश ने चांदी का ‘टंका’ और तांबे का ‘जीतल’ चलाया था, लेकिन वे सांकेतिक मुद्रा नहीं थे।\n
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- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक तेलुगु ग्रंथ की रचना की?\n
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- (A) हरिहर I
- (B) कृष्णदेव राय
- (C) देवराय II
- (D) अच्युत राय
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\nसही उत्तर: (B) कृष्णदेव राय\n
विस्तृत व्याख्या: तुलुव राजवंश के महान शासक कृष्णदेव राय एक महान विद्वान थे। उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की, जो शासन कला और भक्ति पर आधारित है। उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) रहते थे।\n
अन्य विकल्प: हरिहर और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी।\n
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- मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू किए गए ‘दीन-ए-इलाही’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) इस्लाम का प्रसार करना
- (B) एक नया कट्टर धर्म बनाना
- (C) सभी धर्मों के अच्छे सिद्धांतों को मिलाकर एक साझा नैतिक संहिता बनाना
- (D) केवल हिंदुओं को परिवर्तित करना
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\nसही उत्तर: (C) सभी धर्मों के अच्छे सिद्धांतों को मिलाकर एक साझा नैतिक संहिता बनाना\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने 1582 में ‘दीन-ए-इलाही’ (तौहीद-ए-इलाही) शुरू किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों के बीच सामंजस्य स्थापित करना और साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देना था।\n
अन्य विकल्प: यह कोई औपचारिक धर्म नहीं था, बल्कि एक दार्शनिक दृष्टिकोण था।\n
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- औरंगजेब ने किस सिख गुरु को मृत्युदंड दिया था?\n
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- (A) गुरु अर्जुन देव
- (B) गुरु तेग बहादुर
- (C) गुरु हरगोबिंद
- (D) गुरु गोबिंद सिंह
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\nसही उत्तर: (B) गुरु तेग बहादुर\n
विस्तृत व्याख्या: नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा और अपने धर्म की गरिमा के लिए औरंगजेब के अत्याचारों का विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप 1675 में उन्हें शहीद कर दिया गया।\n
अन्य विकल्प: गुरु अर्जुन देव को जहांगीर ने मृत्युदंड दिया था।\n
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- छत्रपति शिवाजी महाराज की परिषद में ‘अष्टप्रधान’ का कौन सा सदस्य विदेश मंत्री के रूप में कार्य करता था?\n
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- (A) पेशवा
- (B) अमात्य
- (C) सुमंत
- (D) सचिव
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\nसही उत्तर: (C) सुमंत\n
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज के अष्टप्रधान मंडल में ‘सुमंत’ का कार्य विदेशी मामलों को संभालना और राजनयिक संबंध बनाना था।\n
अन्य विकल्प: पेशवा प्रधानमंत्री थे, अमात्य वित्त मंत्री और सचिव राजकीय पत्राचार देखते थे।\n
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- भक्ति आंदोलन के किस संत ने ‘बीजक’ नामक ग्रंथ की रचना की?\n
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- (A) गुरु नानक
- (B) कबीर दास
- (C) रविदास
- (D) तुकाराम
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\nसही उत्तर: (B) कबीर दास\n
विस्तृत व्याख्या: संत कबीर दास के उपदेशों और कविताओं का संग्रह ‘बीजक’ कहलाता है, जिसके तीन मुख्य भाग हैं: साखी, सबद और रमैनी। उन्होंने मूर्तिपूजा और बाहरी आडंबरों का कड़ा विरोध किया।\n
अन्य विकल्प: गुरु नानक की शिक्षाएं ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ में संकलित हैं।\n
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- प्लासी के युद्ध (1757) के बाद अंग्रेजों ने बंगाल के किस व्यक्ति को ‘कठपुतली नवाब’ बनाया था?\n
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- (A) सिराज-उद-दौला
- (B) मीर जाफर
- (C) मीर कासिम
- (D) अलीवर्दी खान
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\nसही उत्तर: (B) मीर जाफर\n
विस्तृत व्याख्या: प्लासी के युद्ध में विश्वासघात करने के बाद, अंग्रेजों ने मीर जाफर को बंगाल का नवाब बना दिया, लेकिन वास्तविक शक्ति रॉबर्ट क्लाइव और ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों में थी।\n
अन्य विकल्प: सिराज-उद-दौला युद्ध में हार गया था और मीर कासिम बाद में नवाब बना जिसने अंग्रेजों का विरोध किया।\n
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- 1857 के विद्रोह के दौरान बिहार में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) नाना साहब
- (B) कुंवर सिंह
- (C) तांत्या टोपे
- (D) बेगम हजरत महल
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\nसही उत्तर: (B) कुंवर सिंह\n
विस्तृत व्याख्या: जगदीशपुर के जमींदार कुंवर सिंह ने बिहार में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया। उन्होंने अपनी वृद्ध आयु के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ वीरतापूर्वक लड़ाई लड़ी।\n
अन्य विकल्प: नाना साहब और तांत्या टोपे ने कानपुर/झांसी क्षेत्र में और बेगम हजरत महल ने लखनऊ में नेतृत्व किया था।\n
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- ‘सती प्रथा’ के उन्मूलन में किस समाज सुधारक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी?\n
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- (A) स्वामी दयानंद सरस्वती
- (B) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
- (C) राजा राममोहन राय
- (D) ज्योतिबा फुले
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\nसही उत्तर: (C) राजा राममोहन राय\n
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय के अथक प्रयासों के कारण लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 1829 में सती प्रथा को अवैध घोषित कर दिया। उन्हें ‘आधुनिक भारत का जनक’ भी कहा जाता है।\n
अन्य विकल्प: ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने ‘विधवा पुनर्विवाह’ के लिए संघर्ष किया था।\n
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (C) दादाभाई नौरोजी
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
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\nसही उत्तर: (B) डब्ल्यू.सी. बनर्जी\n
विस्तृत व्याख्या: कांग्रेस का पहला सत्र दिसंबर 1885 में बंबई (मुंबई) के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।\n
अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम संस्थापक थे, अध्यक्ष नहीं।\n
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- ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ यह नारा किसने दिया था?\n
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- (A) लाला लाजपत राय
- (B) बाल गंगाधर तिलक
- (C) बिपिन चंद्र पाल
- (D) महात्मा गांधी
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\nसही उत्तर: (B) बाल गंगाधर तिलक\n
विस्तृत व्याख्या: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने भारतीय जनता में राष्ट्रवाद जगाने के लिए यह नारा दिया था। उन्होंने ‘केसरी’ और ‘मराठा’ समाचार पत्रों के माध्यम से जागरूकता फैलाई।\n
अन्य विकल्प: लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल तिलक के साथ ‘लाल-बाल-पाल’ की तिकड़ी का हिस्सा थे।\n
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- महात्मा गांधी ने ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत किस घटना से की थी?\n
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- (A) चंपारण सत्याग्रह
- (B) खेड़ा सत्याग्रह
- (C) दांडी मार्च
- (D) असहयोग आंदोलन
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\nसही उत्तर: (C) दांडी मार्च\n
विस्तृत व्याख्या: 12 मार्च 1930 को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक पैदल यात्रा की और नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की।\n
अन्य विकल्प: चंपारण और खेड़ा उनके शुरुआती स्थानीय सत्याग्रह थे, जबकि असहयोग आंदोलन (1920) सविनय अवज्ञा से पहले आया था।\n
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- ‘आजाद हिंद फौज’ (INA) की कमान सुभाष चंद्र बोस ने कब संभाली थी?\n
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- (A) 1940
- (B) 1942
- (C) 1943
- (D) 1945
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\nसही उत्तर: (C) 1943\n
विस्तृत व्याख्या: रासबिहारी बोस ने INA की स्थापना की थी, लेकिन 1943 में जब सुभाष चंद्र बोस सिंगापुर पहुंचे, तब उन्होंने इसकी कमान संभाली और ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया।\n
अन्य विकल्प: 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ था।\n
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- भारत शासन अधिनियम 1935 (Government of India Act 1935) की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?\n
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- (A) दलीय प्रणाली की शुरुआत
- (B) प्रांतों में स्वायत्तता (Provincial Autonomy)
- (C) महिलाओं को मतदान का अधिकार
- (D) पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा
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\nसही उत्तर: (B) प्रांतों में स्वायत्तता (Provincial Autonomy)\n
विस्तृत व्याख्या: 1935 के अधिनियम ने प्रांतों में ‘द्वैध शासन’ को समाप्त कर उन्हें स्वायत्तता प्रदान की और केंद्र में द्वैध शासन लागू किया। भारतीय संविधान का एक बड़ा हिस्सा इसी अधिनियम से लिया गया है।\n
अन्य विकल्प: पूर्ण स्वतंत्रता 1947 में मिली।\n
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- फ्रांसीसी क्रांति (French Revolution) की शुरुआत किस प्रसिद्ध घटना से हुई थी?\n
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- (A) टेनिस कोर्ट की शपथ
- (B) बास्टिल के किले का पतन
- (C) लुई XVI का निष्कासन
- (D) नेपोलियन का उदय
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\nसही उत्तर: (B) बास्टिल के किले का पतन\n
विस्तृत व्याख्या: 14 जुलाई 1789 को पेरिस की भीड़ ने बास्टिल के किले (जेल) पर हमला कर उसे ढहा दिया, जिसे निरंकुश शासन के प्रतीक के रूप में देखा जाता था। यही फ्रांसीसी क्रांति की औपचारिक शुरुआत थी।\n
अन्य विकल्प: टेनिस कोर्ट की शपथ क्रांति से ठीक पहले की एक राजनीतिक घटना थी।\n
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- रूसी क्रांति (1917) का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) ट्रॉट्स्की
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\nसही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन\n
विस्तृत व्याख्या: अक्टूबर क्रांति 1917 का नेतृत्व व्लादिमीर लेनिन और उनकी बोल्शेविक पार्टी ने किया था, जिससे रूस में दुनिया की पहली समाजवादी सरकार की स्थापना हुई।\n
अन्य विकल्प: कार्ल मार्क्स ने साम्यवाद का सिद्धांत दिया था, लेकिन क्रांति का नेतृत्व लेनिन ने किया।\n
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- प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी पर कौन सी संधि थोपी गई थी?\n
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- (A) पेरिस संधि
- (B) वर्साय की संधि (Treaty of Versailles)
- (C) वियना कांग्रेस
- (D) लोकार्नो संधि
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\nसही उत्तर: (B) वर्साय की संधि (Treaty of Versailles)\n
विस्तृत व्याख्या: 1919 में हुई वर्साय की संधि के तहत जर्मनी पर भारी जुर्माना लगाया गया और उसके कई क्षेत्र छीन लिए गए। इस संधि के अपमान ने ही द्वितीय विश्व युद्ध के बीज बोए।\n
अन्य विकल्प: वियना कांग्रेस 1815 में नेपोलियन के पतन के बाद हुई थी।\n
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