सामान्य विज्ञान: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यास सेट
परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य विज्ञान खंड अक्सर उम्मीदवारों के लिए एक निर्णायक कारक साबित होता है। भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के मौलिक सिद्धांतों की गहरी समझ न केवल आपको उच्च अंक प्राप्त करने में मदद करती है, बल्कि यह आपके आसपास की दुनिया को समझने का एक आधार भी प्रदान करती है। इस अभ्यास सेट में, मैंने “Doubling Down on Diamond” जैसे सामयिक संकेत से प्रेरणा लेते हुए, आपके लिए 25 उच्च-गुणवत्ता वाले बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार किए हैं। ये प्रश्न आपको महत्वपूर्ण अवधारणाओं को दोहराने और अपनी तैयारी का स्तर जांचने में मदद करेंगे। प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत व्याख्या दी गई है ताकि आप उत्तर के पीछे के वैज्ञानिक तर्क को पूरी तरह से समझ सकें। आइए, अपनी तैयारी को एक नई धार दें!
सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)
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निम्नलिखित में से कौन सा कार्बन का अपररूप (allotrope) नहीं है?
- (a) ग्रेफाइट
- (b) हीरा
- (c) फ्लोरीन
- (d) बकमिनस्टरफुलरीन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अपररूपता (Allotropy) किसी तत्व के विभिन्न संरचनात्मक रूपों में मौजूद होने की घटना है, जिसमें परमाणु अलग-अलग तरीकों से व्यवस्थित होते हैं। ये अपररूप भौतिक गुणों में भिन्न होते हैं लेकिन रासायनिक गुण समान होते हैं।
व्याख्या (Explanation): कार्बन के प्रमुख अपररूपों में हीरा (diamond), ग्रेफाइट (graphite), और बकमिनस्टरफुलरीन (buckminsterfullerene, C60) या अन्य फुलरीन (fullerenes) शामिल हैं। फ्लोरीन (Fluorine) एक रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक F है और यह आवर्त सारणी में हैलोजन समूह का सदस्य है; यह कार्बन का अपररूप नहीं है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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हीरे की कठोरता का मुख्य कारण क्या है?
- (a) इसकी आयनिक बंध संरचना
- (b) इसकी मजबूत सहसंयोजक बंध संरचना
- (c) इसके अणुओं के बीच कमजोर वैन डेर वाल्स बल
- (d) इसमें धातु बंध की उपस्थिति
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): सहसंयोजक बंध (Covalent bonds) परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के साझाकरण से बनते हैं और ये अत्यंत मजबूत होते हैं, खासकर जब एक त्रि-आयामी नेटवर्क बनाते हैं।
व्याख्या (Explanation): हीरा कार्बन परमाणुओं से बना होता है, जहाँ प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ sp3 संकरित होता है और मजबूत सहसंयोजक बंधों द्वारा एक त्रि-आयामी टेट्राहेड्रल संरचना में जुड़ा होता है। यह अत्यधिक व्यवस्थित और मजबूत सहसंयोजक नेटवर्क हीरे को ज्ञात सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ बनाता है। आयनिक बंध, वैन डेर वाल्स बल या धातु बंध इसमें मौजूद नहीं होते हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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हीरे का अपवर्तनांक (refractive index) कितना होता है, जिसके कारण वह अधिक चमकता है?
- (a) 1.52
- (b) 1.33
- (c) 2.42
- (d) 1.00
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अपवर्तनांक वह गुण है जो यह निर्धारित करता है कि प्रकाश किसी पदार्थ में कितनी धीमी गति से यात्रा करता है और उस माध्यम से गुजरने पर वह कितना मुड़ता है। उच्च अपवर्तनांक का अर्थ है प्रकाश का अधिक झुकना और क्रांतिक कोण का कम होना, जिससे कुल आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR) की संभावना बढ़ जाती है।
व्याख्या (Explanation): हीरे का अपवर्तनांक लगभग 2.42 होता है, जो अन्य कई पदार्थों की तुलना में बहुत अधिक है। यह उच्च अपवर्तनांक हीरे के क्रांतिक कोण (critical angle) को बहुत कम (लगभग 24.4 डिग्री) कर देता है। जब प्रकाश हीरे में प्रवेश करता है, तो यह बार-बार आंतरिक रूप से परावर्तित होता है और फिर बाहर निकलता है, जिससे हीरा अत्यधिक चमकदार दिखाई देता है, जिसे “फायर” के रूप में जाना जाता है। 1.33 पानी का अपवर्तनांक है, और 1.52 कांच का सामान्य अपवर्तनांक है। 1.00 हवा या निर्वात का अपवर्तनांक है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मानव शरीर में कार्बन का प्रतिशत लगभग कितना होता है?
- (a) 3%
- (b) 10%
- (c) 18%
- (d) 25%
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मानव शरीर मुख्य रूप से कुछ तत्वों से बना होता है, जिनमें ऑक्सीजन, कार्बन, हाइड्रोजन और नाइट्रोजन शामिल हैं। कार्बन जैविक अणुओं (जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, न्यूक्लिक एसिड) का मूल आधार है।
व्याख्या (Explanation): मानव शरीर में द्रव्यमान के अनुसार सबसे प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन (लगभग 65%), उसके बाद कार्बन (लगभग 18%), हाइड्रोजन (लगभग 10%), और नाइट्रोजन (लगभग 3%) होते हैं। ये तत्व जैविक यौगिकों के प्रमुख घटक हैं जो जीवन के लिए आवश्यक हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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हीरे को काटने और पॉलिश करने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
- (a) एमेरी
- (b) कोरंडम
- (c) बोरोन नाइट्राइड
- (d) हीरा स्वयं
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): किसी भी पदार्थ को केवल उससे अधिक कठोर पदार्थ से ही काटा या खरोंचा जा सकता है।
व्या व्याख्या (Explanation): हीरा ज्ञात सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है। इसलिए, इसे काटने, आकार देने या पॉलिश करने के लिए केवल हीरा ही उपयोग किया जा सकता है। हीरे के औजारों में सूक्ष्म हीरे के कण लगे होते हैं जो अन्य हीरे को सटीक रूप से काट सकते हैं। एमेरी और कोरंडम (एल्यूमीनियम ऑक्साइड) कठोर खनिज हैं लेकिन हीरे से कम कठोर हैं। बोरोन नाइट्राइड का एक कठोर रूप, क्यूबिक बोरोन नाइट्राइड (cBN), हीरे के बाद दूसरा सबसे कठोर पदार्थ है और इसका उपयोग कुछ औद्योगिक कटिंग अनुप्रयोगों में किया जाता है, लेकिन हीरे को काटने के लिए हीरा ही सर्वोत्तम है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन कार्बन डेटिंग के बारे में सही है?
- (a) यह प्राचीन चट्टानों की आयु निर्धारित करने के लिए उपयोग की जाती है।
- (b) यह एक रेडियोधर्मी समस्थानिक, कार्बन-14 (C-14) का उपयोग करती है।
- (c) यह केवल जीवित जीवों की आयु निर्धारित कर सकती है।
- (d) यह मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन की आयु निर्धारित करने के लिए उपयोग की जाती है।
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कार्बन डेटिंग एक रेडियोमेट्रिक डेटिंग विधि है जो कार्बन के रेडियोधर्मी समस्थानिक, कार्बन-14 (C-14) के क्षय का उपयोग करके जैविक कलाकृतियों और जीवाश्मों की आयु का अनुमान लगाती है।
व्याख्या (Explanation): कार्बन डेटिंग, जिसे रेडियोकार्बन डेटिंग भी कहा जाता है, कार्बन-14 (C-14) के रेडियोधर्मी क्षय पर आधारित है, जो वातावरण में लगातार बनता रहता है और जीवित जीवों द्वारा अवशोषित होता है। जब एक जीव मर जाता है, तो वह C-14 का अवशोषण बंद कर देता है, और उसके शरीर में मौजूद C-14 की मात्रा क्षय होना शुरू हो जाती है। C-14 की ज्ञात अर्ध-आयु (लगभग 5,730 वर्ष) का उपयोग करके, वैज्ञानिक एक बार जीवित सामग्री की मृत्यु के बाद से बीते हुए समय की गणना कर सकते हैं। इसका उपयोग आमतौर पर लगभग 50,000 वर्ष तक पुरानी जैविक सामग्री (जैसे लकड़ी, हड्डी, कपड़ा) की आयु निर्धारित करने के लिए किया जाता है, न कि प्राचीन चट्टानों या जीवाश्म ईंधन की।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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यदि किसी व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई न दें, तो उसे कौन सा दृष्टि दोष है?
- (a) दूरदृष्टि दोष (Hypermetropia)
- (b) निकटदृष्टि दोष (Myopia)
- (c) जरादूरदृष्टि (Presbyopia)
- (d) अबिंदुकता (Astigmatism)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मानव आँख में दृष्टि दोष तब होते हैं जब आँख के प्रकाश-केंद्रित घटक (कॉर्निया और लेंस) प्रकाश को रेटिना पर ठीक से केंद्रित नहीं कर पाते हैं।
व्याख्या (Explanation): निकटदृष्टि दोष (Myopia), जिसे मायोपिया भी कहते हैं, वह स्थिति है जिसमें दूर की वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं जबकि पास की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। यह तब होता है जब प्रकाश रेटिना के सामने केंद्रित होता है, अक्सर एक अत्यधिक घुमावदार कॉर्निया या एक लंबे नेत्रगोलक के कारण। दूरदृष्टि दोष (Hypermetropia) में पास की वस्तुएँ धुंधली दिखती हैं। जरादूरदृष्टि बढ़ती उम्र के साथ पास की वस्तुओं को देखने में कठिनाई है, और अबिंदुकता कॉर्निया के अनियमित आकार के कारण होता है जिससे किसी भी दूरी पर दृष्टि धुंधली हो जाती है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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सौर ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है?
- (a) नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission)
- (b) नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion)
- (c) रासायनिक अभिक्रियाएँ (Chemical Reactions)
- (d) गुरुत्वाकर्षण संपीड़न (Gravitational Compression)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): सूर्य जैसे तारों में, हल्के परमाणुओं (विशेषकर हाइड्रोजन) के नाभिक भारी नाभिक (जैसे हीलियम) बनाने के लिए एक साथ जुड़ते हैं, इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है।
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प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया में कौन सी गैस अवशोषित होती है?
- (a) ऑक्सीजन
- (b) नाइट्रोजन
- (c) कार्बन डाइऑक्साइड
- (d) हाइड्रोजन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके जल और कार्बन डाइऑक्साइड को ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं।
व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण के लिए मुख्य सामग्री कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और पानी (H2O) हैं। पौधे वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं और जड़ों से पानी लेते हैं। सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा की उपस्थिति में, वे इन सामग्रियों को ग्लूकोज (एक प्रकार की चीनी) और ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं। ऑक्सीजन एक उपोत्पाद के रूप में मुक्त होती है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा विटामिन जल में घुलनशील है?
- (a) विटामिन A
- (b) विटामिन D
- (c) विटामिन C
- (d) विटामिन K
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विटामिन को उनकी घुलनशीलता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है: वसा में घुलनशील (A, D, E, K) और जल में घुलनशील (B-कॉम्प्लेक्स और C)।
व्याख्या (Explanation): विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) और सभी B-कॉम्प्लेक्स विटामिन जल में घुलनशील होते हैं। इसका अर्थ है कि ये शरीर में जमा नहीं होते और अतिरिक्त मात्रा मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाती है। विटामिन A, D, E, और K वसा में घुलनशील होते हैं और शरीर के वसा ऊतकों में जमा हो सकते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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ध्वनि की तीव्रता को मापने के लिए किस इकाई का उपयोग किया जाता है?
- (a) हर्ट्ज़ (Hz)
- (b) डेसीबल (dB)
- (c) ओम (Ω)
- (d) वोल्ट (V)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ध्वनि की तीव्रता ध्वनि तरंगों के आयाम (amplitude) से संबंधित है, जो एक इकाई क्षेत्र से प्रति सेकंड गुजरने वाली ऊर्जा की मात्रा का माप है।
व्याख्या (Explanation): ध्वनि की तीव्रता को डेसीबल (dB) में मापा जाता है। हर्ट्ज़ (Hz) आवृत्ति की इकाई है। ओम (Ω) विद्युत प्रतिरोध की इकाई है, और वोल्ट (V) विद्युत विभव (potential) की इकाई है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से किस धातु को चाकू से आसानी से काटा जा सकता है?
- (a) लोहा
- (b) ताँबा
- (c) सोडियम
- (d) सोना
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): धातुओं की कठोरता उनके परमाणु संरचना और बंधों की मजबूती पर निर्भर करती है। कुछ क्षार धातुएँ इतनी नरम होती हैं कि उन्हें चाकू से काटा जा सकता है।
व्याख्या (Explanation): सोडियम (Na) एक क्षार धातु है जो इतनी नरम होती है कि इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है। यह अत्यधिक अभिक्रियाशील भी होती है और हवा तथा पानी के साथ तेज़ी से अभिक्रिया करती है, इसलिए इसे आमतौर पर मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबो कर रखा जाता है। लोहा, ताँबा और सोना अपेक्षाकृत कठोर धातुएँ हैं जिन्हें चाकू से नहीं काटा जा सकता।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मानव शरीर की सबसे लंबी हड्डी कौन सी है?
- (a) रेडियस (Radius)
- (b) टिबिया (Tibia)
- (c) फीमर (Femur)
- (d) ह्यूमरस (Humerus)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कंकाल प्रणाली शरीर को सहारा, सुरक्षा और गति प्रदान करती है। इसमें विभिन्न आकार और कार्यों की हड्डियाँ होती हैं।
व्याख्या (Explanation): फीमर, जिसे जाँघ की हड्डी भी कहते हैं, मानव शरीर की सबसे लंबी और सबसे मजबूत हड्डी है। यह कूल्हे से घुटने तक फैली होती है। रेडियस अग्रबाहु की हड्डियों में से एक है, टिबिया पिंडली की हड्डी है, और ह्यूमरस ऊपरी बांह की हड्डी है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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विद्युत धारा को मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- (a) वोल्टमीटर (Voltmeter)
- (b) एमीटर (Ammeter)
- (c) गैल्वेनोमीटर (Galvanometer)
- (d) ओडोमीटर (Odometer)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विद्युत धारा आवेश के प्रवाह की दर है और इसे परिपथ में एक विशेष उपकरण का उपयोग करके मापा जाता है।
व्याख्या (Explanation): विद्युत धारा (करंट) को एमीटर का उपयोग करके मापा जाता है, जिसे परिपथ में हमेशा श्रेणी क्रम (series) में जोड़ा जाता है। वोल्टमीटर का उपयोग वोल्टेज (विभवांतर) मापने के लिए किया जाता है और इसे समानांतर क्रम (parallel) में जोड़ा जाता है। गैल्वेनोमीटर का उपयोग परिपथ में छोटी धाराओं या उनके अस्तित्व का पता लगाने के लिए किया जाता है। ओडोमीटर वाहनों द्वारा तय की गई दूरी को मापता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा एक ऊष्मागतिकी (Thermodynamic) का नियम नहीं है?
- (a) ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy)
- (b) एन्ट्रापी का नियम (Law of Entropy)
- (c) चार्ल्स का नियम (Charles’s Law)
- (d) निरपेक्ष शून्य का नियम (Law of Absolute Zero)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ऊष्मागतिकी के चार नियम हैं (शून्यवाँ, पहला, दूसरा और तीसरा नियम) जो ऊर्जा और ऊष्मा के व्यवहार का वर्णन करते हैं। आदर्श गैस नियम गैसों के व्यवहार का वर्णन करते हैं।
व्याख्या (Explanation): ऊष्मागतिकी के चार नियम हैं: शून्यवाँ नियम (तापमान की अवधारणा), पहला नियम (ऊर्जा संरक्षण), दूसरा नियम (एन्ट्रापी में वृद्धि), और तीसरा नियम (निरपेक्ष शून्य पर एन्ट्रापी)। चार्ल्स का नियम गैसों के व्यवहार से संबंधित है, यह बताता है कि स्थिर दबाव पर, गैस का आयतन उसके निरपेक्ष तापमान के सीधे आनुपातिक होता है। यह एक आदर्श गैस नियम है, न कि ऊष्मागतिकी का नियम।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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रक्त का थक्का जमने में कौन सा विटामिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
- (a) विटामिन A
- (b) विटामिन B12
- (c) विटामिन K
- (d) विटामिन E
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रक्त स्कंदन (Blood Coagulation) एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई कारक (प्रोटीन) शामिल होते हैं, जिनमें से कुछ के संश्लेषण के लिए कुछ विटामिन आवश्यक होते हैं।
व्याख्या (Explanation): विटामिन K रक्त के थक्के बनाने वाले कुछ प्रोटीन (जैसे प्रोथ्रोम्बिन) के संश्लेषण के लिए आवश्यक है। विटामिन K की कमी से रक्त के थक्के जमने में देरी हो सकती है और अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। विटामिन A आँखों की रोशनी के लिए महत्वपूर्ण है, विटामिन B12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के कार्य के लिए आवश्यक है, और विटामिन E एक एंटीऑक्सीडेंट है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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वायुमंडल में ओजोन परत का क्या कार्य है?
- (a) ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनना
- (b) ग्रीनहाउस गैसों को अवशोषित करना
- (c) हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण को अवशोषित करना
- (d) बादलों के निर्माण में सहायता करना
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ओजोन (O3) गैस का एक रूप है जो समताप मंडल में एक परत बनाता है और सूर्य से आने वाले कुछ प्रकार के विकिरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकता है।
व्याख्या (Explanation): ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल के समताप मंडल में स्थित है और सूर्य से आने वाली अधिकांश हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण (विशेषकर UV-B और UV-C) को अवशोषित करती है। यह विकिरण मनुष्यों में त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और पौधों तथा समुद्री जीवन को नुकसान पहुँचा सकती है। ओजोन परत का क्षरण CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) जैसे रसायनों के कारण होता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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पीतल किन धातुओं का मिश्रण है?
- (a) ताँबा और टिन
- (b) ताँबा और जस्ता
- (c) ताँबा और निकल
- (d) टिन और जस्ता
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मिश्र धातु (Alloy) दो या दो से अधिक धातुओं का या एक धातु और एक अधातु का मिश्रण होता है, जिसके परिणामस्वरूप मूल धातुओं की तुलना में बेहतर गुण होते हैं।
व्याख्या (Explanation): पीतल (Brass) एक मिश्र धातु है जो मुख्य रूप से ताँबा (Copper) और जस्ता (Zinc) से बनी होती है। इसकी सटीक संरचना उपयोग के आधार पर भिन्न हो सकती है, लेकिन जस्ता की मात्रा आमतौर पर 5% से 45% तक होती है। पीतल अपनी मजबूती, संक्षारण प्रतिरोध और machinability के लिए जाना जाता है। ताँबा और टिन का मिश्रण काँसा (Bronze) बनाता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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मानव शरीर में इंसुलिन का मुख्य कार्य क्या है?
- (a) रक्तचाप को नियंत्रित करना
- (b) रक्त शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित करना
- (c) हड्डियों को मजबूत करना
- (d) प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): इंसुलिन अग्न्याशय द्वारा उत्पादित एक हार्मोन है जो शरीर की कोशिकाओं को रक्त से ग्लूकोज लेने में मदद करके ऊर्जा के लिए उपयोग करने या संग्रहीत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
व्याख्या (Explanation): इंसुलिन एक हार्मोन है जो अग्न्याशय (pancreas) द्वारा स्रावित होता है। इसका प्राथमिक कार्य रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करना है। यह कोशिकाओं को ग्लूकोज को अवशोषित करने और इसका उपयोग ऊर्जा के लिए या ग्लाइकोजन के रूप में यकृत और मांसपेशियों में संग्रहीत करने के लिए संकेत देता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर कम होता है। इसकी कमी या प्रतिरोध से मधुमेह (diabetes) होता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा बल सबसे कमजोर है?
- (a) मजबूत नाभिकीय बल (Strong Nuclear Force)
- (b) विद्युत चुम्बकीय बल (Electromagnetic Force)
- (c) कमजोर नाभिकीय बल (Weak Nuclear Force)
- (d) गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकृति में चार मूलभूत बल हैं जो ब्रह्मांड में सभी अंतःक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। इन बलों की सापेक्ष शक्ति और सीमाएँ भिन्न होती हैं।
व्याख्या (Explanation): चार मूलभूत बल हैं: मजबूत नाभिकीय बल (परमाणु नाभिक को एक साथ बांधे रखता है, सबसे मजबूत), विद्युत चुम्बकीय बल (आवेशित कणों के बीच, दूसरा सबसे मजबूत), कमजोर नाभिकीय बल (रेडियोधर्मी क्षय में शामिल), और गुरुत्वाकर्षण बल (द्रव्यमान वाली वस्तुओं के बीच, सबसे कमजोर)। यद्यपि गुरुत्वाकर्षण बल सबसे कमजोर है, इसकी असीमित सीमा और सार्वभौमिक प्रकृति के कारण यह बड़े पैमाने पर संरचनाओं (जैसे ग्रहों, तारों, आकाशगंगाओं) पर हावी होता है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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जंग लगने (Rusting) की प्रक्रिया में लोहे के साथ कौन सी गैस अभिक्रिया करती है?
- (a) नाइट्रोजन
- (b) ऑक्सीजन
- (c) हाइड्रोजन
- (d) कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): जंग लगना एक ऑक्सीकरण-अपचयन (Redox) अभिक्रिया है जिसे संक्षारण (corrosion) का एक रूप माना जाता है, जहाँ लोहा ऑक्सीजन और पानी की उपस्थिति में आयरन ऑक्साइड बनाता है।
व्याख्या (Explanation): लोहे पर जंग लगना एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें लोहा (Fe) ऑक्सीजन (O2) और पानी (H2O) की उपस्थिति में अभिक्रिया करके हाइड्रेटेड आयरन (III) ऑक्साइड (Fe2O3·nH2O) बनाता है, जिसे आमतौर पर जंग के रूप में जाना जाता है। इस प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन और पानी दोनों आवश्यक हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा कोशिका का ‘पावरहाउस’ कहलाता है?
- (a) नाभिक (Nucleus)
- (b) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
- (c) राइबोसोम (Ribosome)
- (d) क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कोशिका के विभिन्न अंग (organelles) विशिष्ट कार्य करते हैं जो कोशिका के अस्तित्व और कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक होते हैं।
व्याख्या (Explanation): माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का “पावरहाउस” कहा जाता है क्योंकि वे कोशिकीय श्वसन (cellular respiration) की प्रक्रिया के माध्यम से एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) के रूप में अधिकांश रासायनिक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, जिसका उपयोग कोशिका की चयापचय गतिविधियों को शक्ति प्रदान करने के लिए किया जाता है। नाभिक कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ को संग्रहीत करता है, राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण करते हैं, और क्लोरोप्लास्ट (पौधे कोशिकाओं में) प्रकाश संश्लेषण करते हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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परमाणु रिएक्टरों में मंदक (moderator) के रूप में उपयोग किया जाने वाला पदार्थ कौन सा है?
- (a) भारी जल (Heavy Water)
- (b) तरल सोडियम (Liquid Sodium)
- (c) ग्रेफाइट (Graphite)
- (d) (a) और (c) दोनों
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): परमाणु रिएक्टरों में, मंदक का उपयोग तेज गति वाले न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए किया जाता है ताकि वे यूरेनियम-235 जैसे विखंडनीय ईंधन द्वारा अधिक कुशलता से अवशोषित हो सकें, जिससे श्रृंखला अभिक्रिया बनी रहे।
व्याख्या (Explanation): भारी जल (ड्यूटेरियम ऑक्साइड, D2O) और ग्रेफाइट दोनों परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन मंदक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। ये पदार्थ न्यूट्रॉन को अवशोषित किए बिना उनकी गतिज ऊर्जा को प्रभावी ढंग से कम कर देते हैं, जिससे विखंडन की संभावना बढ़ जाती है। तरल सोडियम का उपयोग आमतौर पर शीतलक (coolant) के रूप में किया जाता है, मंदक के रूप में नहीं।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा एक सदिश राशि (Vector Quantity) का उदाहरण है?
- (a) द्रव्यमान (Mass)
- (b) समय (Time)
- (c) वेग (Velocity)
- (d) तापमान (Temperature)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): भौतिक राशियों को सदिश (परिमाण और दिशा दोनों) और अदिश (केवल परिमाण) में वर्गीकृत किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): सदिश राशियाँ वे होती हैं जिनकी माप के लिए परिमाण (magnitude) और दिशा (direction) दोनों की आवश्यकता होती है। वेग (Velocity) एक सदिश राशि है क्योंकि यह गति (speed) और गति की दिशा दोनों का वर्णन करती है। द्रव्यमान, समय और तापमान अदिश राशियाँ हैं, क्योंकि उनकी माप के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है, दिशा की नहीं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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कौन सा एंजाइम लार में मौजूद होता है और स्टार्च को पचाने में मदद करता है?
- (a) पेप्सिन (Pepsin)
- (b) लाइपेज (Lipase)
- (c) एमाइलेज (Amylase)
- (d) ट्रिप्सिन (Trypsin)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): एंजाइम जैविक उत्प्रेरक होते हैं जो शरीर में रासायनिक अभिक्रियाओं की दर को बढ़ाते हैं, जिनमें पाचन भी शामिल है।
व्याख्या (Explanation): लार में लार एमाइलेज (जिसे पटायलीन भी कहा जाता है) नामक एंजाइम होता है, जो कार्बोहाइड्रेट (विशेषकर स्टार्च) के पाचन की शुरुआत करता है, उन्हें माल्टोज जैसे सरल शर्करा में तोड़ता है। पेप्सिन पेट में प्रोटीन का पाचन करता है, लाइपेज वसा का पाचन करता है (मुख्यतः अग्न्याशय और छोटी आंत में), और ट्रिप्सिन छोटी आंत में प्रोटीन का पाचन करता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति (frequency) बढ़ने पर उसकी पिच (pitch) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (a) पिच घट जाती है
- (b) पिच बढ़ जाती है
- (c) पिच अपरिवर्तित रहती है
- (d) पिच अनियमित हो जाती है
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ध्वनि की पिच, जिसे मानव कान द्वारा उच्च या निम्न के रूप में माना जाता है, सीधे ध्वनि तरंग की आवृत्ति से संबंधित होती है।
-
रेडियोधर्मिता (Radioactivity) की खोज किसने की थी?
- (a) मैरी क्यूरी (Marie Curie)
- (b) अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford)
- (c) हेनरी बेकरेल (Henri Becquerel)
- (d) अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रेडियोधर्मिता वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक अस्थिर परमाणु नाभिक ऊर्जा जारी करके विकिरण उत्सर्जित करता है और अधिक स्थिर अवस्था में परिवर्तित होता है।
व्याख्या (Explanation): हेनरी बेकरेल ने 1896 में यूरेनियम लवणों के साथ काम करते समय रेडियोधर्मिता की खोज की थी। उन्होंने देखा कि यूरेनियम के यौगिक बिना किसी बाहरी ऊर्जा स्रोत के फोटोग्राफिक प्लेटों को काला कर देते हैं। मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी ने बाद में इस घटना पर आगे शोध किया और पोलोनियम और रेडियम जैसे नए रेडियोधर्मी तत्वों की खोज की। रदरफोर्ड ने अल्फा, बीटा और गामा विकिरणों की पहचान की। आइंस्टीन ने सापेक्षता का सिद्धांत दिया।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
निम्नलिखित में से कौन सा एक जीवाणु रोग (Bacterial Disease) है?
- (a) खसरा (Measles)
- (b) पोलियो (Polio)
- (c) क्षय रोग (Tuberculosis – TB)
- (d) इन्फ्लूएंजा (Influenza – Flu)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रोग विभिन्न रोगजनकों (pathogens) जैसे वायरस, बैक्टीरिया, कवक या प्रोटोजोआ के कारण हो सकते हैं, प्रत्येक की अपनी विशिष्ट विशेषताएँ होती हैं।
व्याख्या (Explanation): क्षय रोग (TB) एक गंभीर संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium tuberculosis) नामक जीवाणु के कारण होता है। खसरा, पोलियो और इन्फ्लूएंजा (फ्लू) सभी वायरल रोग हैं, जो वायरस के कारण होते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
पानी का अधिकतम घनत्व (maximum density) किस तापमान पर होता है?
- (a) 0°C
- (b) 4°C
- (c) 100°C
- (d) -4°C
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अधिकांश पदार्थों के विपरीत, पानी जमने पर फैलता है और 4°C पर इसका घनत्व अधिकतम होता है, जो जलीय जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
व्याख्या (Explanation): पानी का एक असामान्य गुण है कि यह 4°C (या 39.2°F) पर अपने अधिकतम घनत्व तक पहुँचता है। इस तापमान के ऊपर या नीचे, पानी का घनत्व कम होता जाता है। यही कारण है कि ठंडे मौसम में झीलों और तालाबों की सतह पर बर्फ जमती है, जबकि नीचे का पानी 4°C पर रहता है, जिससे जलीय जीवों को जीवित रहने में मदद मिलती है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
कौन सी ग्रंथि ‘मास्टर ग्रंथि’ के रूप में जानी जाती है?
- (a) थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid Gland)
- (b) अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland)
- (c) पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland)
- (d) अग्न्याशय (Pancreas)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अंतःस्रावी तंत्र में ग्रंथियाँ होती हैं जो हार्मोन का उत्पादन करती हैं, और कुछ ग्रंथियाँ अन्य ग्रंथियों के कार्य को नियंत्रित करती हैं।
व्याख्या (Explanation): पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को ‘मास्टर ग्रंथि’ के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह कई अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों (जैसे थायरॉयड, अधिवृक्क और प्रजनन ग्रंथियां) के कार्यों को नियंत्रित करने वाले हार्मोन का स्राव करती है। यह मस्तिष्क के आधार पर स्थित होती है। थायरॉयड ग्रंथि चयापचय को नियंत्रित करती है, अधिवृक्क ग्रंथि तनाव प्रतिक्रिया में शामिल है, और अग्न्याशय रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है और पाचन एंजाइम का उत्पादन करता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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परमाणु का नाभिक (Nucleus) किसका बना होता है?
- (a) इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन
- (b) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
- (c) न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन
- (d) केवल प्रोटॉन
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): एक परमाणु की संरचना में एक केंद्रीय नाभिक होता है जिसमें अधिकांश द्रव्यमान केंद्रित होता है, और इलेक्ट्रॉन इस नाभिक के चारों ओर परिक्रमा करते हैं।
व्याख्या (Explanation): परमाणु का नाभिक प्रोटॉन (धनावेशित कण) और न्यूट्रॉन (उदासीन कण) से मिलकर बना होता है। इलेक्ट्रॉन (ऋणावेशित कण) नाभिक के चारों ओर विभिन्न ऊर्जा स्तरों या कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं। प्रोटॉन की संख्या परमाणु संख्या (Atomic Number) निर्धारित करती है, और प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन की कुल संख्या द्रव्यमान संख्या (Mass Number) बनाती है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
- (a) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
- (b) मीथेन (CH4)
- (c) नाइट्रस ऑक्साइड (N2O)
- (d) ऑक्सीजन (O2)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ग्रीनहाउस गैसें वे गैसें होती हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में ऊष्मा को रोकती हैं, जिससे ग्रह का तापमान बढ़ता है (ग्रीनहाउस प्रभाव)।
व्याख्या (Explanation): कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मीथेन (CH4), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O), जल वाष्प (H2O), और क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) कुछ प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें हैं। ये गैसें पृथ्वी से निकलने वाली अवरक्त विकिरण (ऊष्मा) को अवशोषित और पुनः उत्सर्जित करती हैं। ऑक्सीजन (O2) वायुमंडल का एक प्रमुख घटक है लेकिन यह ग्रीनहाउस गैस नहीं है क्योंकि यह अवरक्त विकिरण को अवशोषित नहीं करती है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
व्याख्या (Explanation): सूर्य अपनी ऊर्जा नाभिकीय संलयन के माध्यम से उत्पन्न करता है, जहाँ अत्यधिक उच्च तापमान और दबाव पर हाइड्रोजन नाभिक मिलकर हीलियम नाभिक बनाते हैं। यह प्रक्रिया आइंस्टीन के प्रसिद्ध समीकरण E=mc² के अनुसार द्रव्यमान को ऊर्जा में परिवर्तित करती है। नाभिकीय विखंडन परमाणु रिएक्टरों में होता है, जहाँ भारी नाभिक टूटते हैं। रासायनिक अभिक्रियाएँ ऊर्जा के स्रोत हो सकती हैं लेकिन सूर्य की विशाल ऊर्जा का कारण नहीं हैं। गुरुत्वाकर्षण संपीड़न तारों के निर्माण में प्रारंभिक ऊर्जा प्रदान कर सकता है लेकिन स्थिर तारों के लिए मुख्य ऊर्जा स्रोत नहीं है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
व्याख्या (Explanation): ध्वनि की पिच उसकी आवृत्ति द्वारा निर्धारित होती है। उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि तरंग की पिच अधिक होती है, और कम आवृत्ति वाली ध्वनि तरंग की पिच कम होती है। उदाहरण के लिए, एक उच्च-नोट वाला वाद्य यंत्र एक उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि एक निम्न-नोट वाला वाद्य यंत्र एक कम आवृत्ति वाली ध्वनि उत्पन्न करता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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