प्रतियोगी परीक्षा विज्ञान: अपनी तैयारी को परखें
परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य विज्ञान खंड अक्सर उम्मीदवारों के लिए एक चुनौती होता है। भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों की गहरी समझ और उन्हें प्रश्नों पर लागू करने की क्षमता सफलता की कुंजी है। आज हम आपके लिए ऐसे ही 25 बहुविकल्पीय प्रश्न लेकर आए हैं जो न केवल आपकी अवधारणाओं को मजबूत करेंगे, बल्कि आपकी परीक्षा की तैयारी को एक नई दिशा भी देंगे। इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप अपनी वैज्ञानिक सोच और समस्या-समाधान कौशल को निखार सकते हैं।
सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)
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निम्नलिखित में से कौन-सा बहुलक (polymer) आमतौर पर ‘थर्मोप्लास्टिक’ की श्रेणी में आता है?
- (a) बेकेलाइट
- (b) मेलामाइन
- (c) पॉलीइथिलीन
- (d) यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): बहुलक (पॉलीमर) को उनके तापीय व्यवहार के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक। थर्मोप्लास्टिक ऐसे बहुलक होते हैं जिन्हें गर्म करने पर नरम किया जा सकता है और ठंडा करने पर कठोर किया जा सकता है, इस प्रक्रिया को कई बार दोहराया जा सकता है। थर्मोसेटिंग प्लास्टिक एक बार कठोर होने के बाद फिर से नरम नहीं हो सकते, क्योंकि उनमें मजबूत क्रॉस-लिंक बन जाते हैं।
व्याख्या (Explanation): पॉलीइथिलीन एक ऐसा बहुलक है जिसे गर्म करने पर नरम किया जा सकता है और ठंडा करने पर यह अपनी मूल कठोर अवस्था में आ जाता है। इसका उपयोग आमतौर पर प्लास्टिक की थैलियों, बोतलों और कंटेनरों में किया जाता है। बेकेलाइट, मेलामाइन और यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के उदाहरण हैं, जो एक बार सेट होने के बाद दोबारा नरम नहीं हो सकते।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा गुण धातुओं में आमतौर पर नहीं पाया जाता है?
- (a) उच्च तन्यता (High ductility)
- (b) उच्च आघातवर्धनीयता (High malleability)
- (c) विद्युत चालकता (Electrical conductivity)
- (d) भंगुरता (Brittleness)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): धातुओं में विशिष्ट भौतिक गुण होते हैं जो उन्हें अन्य पदार्थों, जैसे अधातुओं, से अलग करते हैं। इन गुणों में तन्यता, आघातवर्धनीयता, विद्युत और ऊष्मा चालकता, धात्विक चमक और उच्च गलनांक शामिल हैं। भंगुरता (यानी, आसानी से टूटना) आमतौर पर अधातुओं या सिरेमिक जैसे पदार्थों का गुण है।
व्याख्या (Explanation): धातुएँ आमतौर पर तन्य (तारों में खींची जा सकने वाली), आघातवर्ध्य (पतली चादरों में पीटी जा सकने वाली), विद्युत की अच्छी चालक और चमकीली होती हैं। भंगुरता का अर्थ है कि सामग्री पर बल लगाने पर वह टूट जाए या बिखर जाए, जो धातुओं का सामान्य गुण नहीं है। भंगुरता सामान्यतः अधातुओं (जैसे सल्फर) या कुछ मिश्र धातुओं (जैसे कच्चा लोहा) में पाई जाती है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति (frequency) 50 Hz है और उसकी तरंग दैर्ध्य (wavelength) 4 m है। ध्वनि तरंग की चाल क्या होगी?
- (a) 200 m/s
- (b) 50 m/s
- (c) 4 m/s
- (d) 12.5 m/s
उत्तर: (a)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): तरंग की चाल (v), उसकी आवृत्ति (f) और तरंग दैर्ध्य (λ) के गुणनफल के बराबर होती है। सूत्र है: v = f × λ।
व्याख्या (Explanation): दिए गए मानों के अनुसार:
आवृत्ति (f) = 50 Hz
तरंग दैर्ध्य (λ) = 4 m
ध्वनि तरंग की चाल (v) = f × λ = 50 Hz × 4 m = 200 m/s।अतः, सही उत्तर (a) है।
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प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया में पौधों द्वारा किस गैस का उपयोग किया जाता है?
- (a) ऑक्सीजन
- (b) नाइट्रोजन
- (c) कार्बन डाइऑक्साइड
- (d) हाइड्रोजन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ जीवाणु सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके पानी और कार्बन डाइऑक्साइड से ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन का निर्माण करते हैं। यह प्रक्रिया क्लोरोफिल की उपस्थिति में होती है।
व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक मुख्य घटक कार्बन डाइऑक्साइड (वायुमंडल से प्राप्त), पानी (मिट्टी से जड़ों द्वारा अवशोषित), और सूर्य का प्रकाश (ऊर्जा स्रोत) हैं। इस प्रक्रिया के उप-उत्पाद के रूप में ऑक्सीजन मुक्त होती है। नाइट्रोजन और हाइड्रोजन सीधे तौर पर इस प्रक्रिया में उपयोग नहीं होते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मानव शरीर में ‘मास्टर ग्रंथि’ के नाम से किसे जाना जाता है?
- (a) थायराइड ग्रंथि
- (b) एड्रेनल ग्रंथि
- (c) पिट्यूटरी ग्रंथि
- (d) अग्नाशय
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अंतःस्रावी तंत्र में, विभिन्न ग्रंथियाँ हार्मोन का स्राव करती हैं जो शरीर के कई कार्यों को नियंत्रित करते हैं। कुछ ग्रंथियाँ अन्य ग्रंथियों के कार्य को भी नियंत्रित करती हैं।
व्याख्या (Explanation): पिट्यूटरी ग्रंथि (पीयूष ग्रंथि) को ‘मास्टर ग्रंथि’ कहा जाता है क्योंकि यह कई अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों (जैसे थायराइड ग्रंथि, एड्रेनल ग्रंथि, और जनन ग्रंथियाँ) के हार्मोन स्राव को नियंत्रित करती है। यह शरीर के विकास, चयापचय और प्रजनन कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा एक अम्लीय लवण (acidic salt) का उदाहरण है?
- (a) सोडियम क्लोराइड (NaCl)
- (b) सोडियम बाईसल्फेट (NaHSO₄)
- (c) सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃)
- (d) पोटेशियम हाइड्रोक्साइड (KOH)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): लवण तब बनते हैं जब एक अम्ल और एक क्षार प्रतिक्रिया करते हैं। अम्लीय लवण वे होते हैं जिनमें हाइड्रोजन आयन (H⁺) होते हैं जो पूरी तरह से विस्थापित नहीं हुए हैं, या वे लवण जो एक प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के संयोजन से बनते हैं।
व्याख्या (Explanation): सोडियम बाईसल्फेट (NaHSO₄) एक अम्लीय लवण है क्योंकि इसमें विस्थापनीय हाइड्रोजन परमाणु (H) होता है, और यह सल्फ्यूरिक एसिड (प्रबल अम्ल) और सोडियम हाइड्रोक्साइड (प्रबल क्षार) के बीच अपूर्ण उदासीनीकरण से बनता है। जलीय घोल में यह H⁺ आयन देता है, जिससे घोल अम्लीय हो जाता है। सोडियम क्लोराइड एक उदासीन लवण है, सोडियम कार्बोनेट एक क्षारीय लवण है, और पोटेशियम हाइड्रोक्साइड एक क्षार है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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वाहनों में पश्च दृश्य दर्पण (rear-view mirror) के रूप में किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है?
- (a) समतल दर्पण
- (b) अवतल दर्पण
- (c) उत्तल दर्पण
- (d) परवलयिक दर्पण
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): दर्पण प्रकाश के परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करते हैं। उत्तल दर्पण, अवतल दर्पण और समतल दर्पण विभिन्न प्रकार के प्रतिबिंब बनाते हैं, जो उनके उपयोग को निर्धारित करते हैं। उत्तल दर्पण हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जिससे व्यापक दृश्य क्षेत्र प्राप्त होता है।
व्याख्या (Explanation): उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों में पश्च दृश्य दर्पण के रूप में किया जाता है क्योंकि यह चालक को अपने पीछे के वाहनों और वस्तुओं का एक व्यापक दृश्य क्षेत्र प्रदान करता है। यद्यपि प्रतिबिंब छोटा होता है, यह सीधा और आभासी होता है, जिससे ड्राइवर को पीछे के यातायात का स्पष्ट परिप्रेक्ष्य मिलता है। अवतल दर्पण वस्तुओं का बड़ा और उलटा प्रतिबिंब बना सकते हैं, जबकि समतल दर्पण समान आकार का सीधा प्रतिबिंब बनाते हैं लेकिन व्यापक क्षेत्र नहीं देते।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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पृथ्वी पर किसी वस्तु का द्रव्यमान (mass) 60 kg है। चंद्रमा पर उसका द्रव्यमान कितना होगा? (चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की तुलना में 1/6 है)
- (a) 10 kg
- (b) 60 kg
- (c) 360 kg
- (d) 0 kg
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): द्रव्यमान (mass) किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा का माप है और यह स्थान के साथ नहीं बदलता है। वजन (weight) वह बल है जिससे गुरुत्वाकर्षण किसी वस्तु को खींचता है, और यह गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र की तीव्रता के आधार पर बदलता है।
व्याख्या (Explanation): द्रव्यमान एक स्थिर राशि है जो स्थान या गुरुत्वाकर्षण बल में परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती है। यदि पृथ्वी पर वस्तु का द्रव्यमान 60 kg है, तो चंद्रमा पर भी उसका द्रव्यमान 60 kg ही रहेगा। हालाँकि, उसका वजन (जो द्रव्यमान और गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण का गुणनफल है) चंद्रमा पर पृथ्वी की तुलना में 1/6 गुना हो जाएगा। यहां प्रश्न द्रव्यमान के बारे में है, वजन के बारे में नहीं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है?
- (a) पानी का उबलना
- (b) बर्फ का पिघलना
- (c) लोहे पर जंग लगना
- (d) चीनी का पानी में घुलना
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): भौतिक परिवर्तन वे होते हैं जिनमें पदार्थ की रासायनिक पहचान अपरिवर्तित रहती है, केवल उसकी भौतिक अवस्था या रूप बदलता है। रासायनिक परिवर्तन वे होते हैं जिनमें पदार्थ की रासायनिक संरचना बदल जाती है और एक या अधिक नए पदार्थ बनते हैं।
व्याख्या (Explanation): लोहे पर जंग लगना (Fe₂O₃.xH₂O) लोहे का ऑक्सीजन और पानी के साथ प्रतिक्रिया करके आयरन ऑक्साइड (जंग) बनाना है। यह एक नया पदार्थ है जिसकी रासायनिक संरचना लोहे से भिन्न है, इसलिए यह एक रासायनिक परिवर्तन है। पानी का उबलना, बर्फ का पिघलना और चीनी का पानी में घुलना भौतिक परिवर्तन हैं क्योंकि इन प्रक्रियाओं में पदार्थ की रासायनिक पहचान नहीं बदलती है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मानव रक्त का pH मान सामान्यतः कितना होता है?
- (a) 6.4 – 6.8
- (b) 7.0
- (c) 7.35 – 7.45
- (d) 8.0 – 8.5
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): pH स्केल किसी घोल की अम्लता या क्षारीयता को मापता है। pH 7 उदासीन होता है, 7 से कम अम्लीय होता है, और 7 से अधिक क्षारीय होता है। शरीर के सामान्य कार्यों के लिए रक्त का pH मान एक संकीर्ण सीमा में बनाए रखना आवश्यक है।
व्याख्या (Explanation): मानव रक्त का pH मान अत्यंत कठोरता से 7.35 से 7.45 की सीमा में बनाए रखा जाता है। यह सीमा शरीर के लिए इष्टतम शारीरिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। इस सीमा से किसी भी महत्वपूर्ण विचलन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यह दर्शाता है कि रक्त थोड़ा क्षारीय प्रकृति का होता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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पादप कोशिका भित्ति (Plant cell wall) मुख्य रूप से किससे बनी होती है?
- (a) प्रोटीन
- (b) लिपिड
- (c) सेल्यूलोज
- (d) काइटिन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कोशिका भित्ति पौधों, कवक, शैवाल और कुछ जीवाणुओं में पाई जाने वाली एक सुरक्षात्मक और संरचनात्मक परत होती है जो कोशिका झिल्ली के बाहर स्थित होती है। विभिन्न जीवों में इसकी रासायनिक संरचना भिन्न होती है।
व्याख्या (Explanation): पादप कोशिका भित्ति मुख्य रूप से सेल्यूलोज नामक एक जटिल कार्बोहाइड्रेट से बनी होती है। सेल्यूलोज पौधों को संरचनात्मक समर्थन और यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है। काइटिन कवक की कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, जबकि प्रोटीन और लिपिड कोशिका झिल्ली के मुख्य घटक हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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विद्युत धारा को मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
- (a) वोल्टमीटर
- (b) अमीटर
- (c) गैल्वेनोमीटर
- (d) पोटेंशियोमीटर
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विद्युत परिपथ में विभिन्न राशियों जैसे धारा, वोल्टेज और प्रतिरोध को मापने के लिए विशिष्ट उपकरणों का उपयोग किया जाता है। अमीटर, वोल्टमीटर और गैल्वेनोमीटर ऐसे ही उपकरण हैं।
व्याख्या (Explanation): अमीटर (Ammeter) एक उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत परिपथ में विद्युत धारा (एम्पीयर में) को मापने के लिए किया जाता है। इसे हमेशा परिपथ में श्रृंखला (series) में जोड़ा जाता है ताकि इसमें से पूरी धारा प्रवाहित हो सके। वोल्टमीटर का उपयोग विभवांतर (voltage) मापने के लिए, गैल्वेनोमीटर का उपयोग परिपथ में छोटी धाराओं या धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए, और पोटेंशियोमीटर का उपयोग विद्युत वाहक बल (EMF) या अज्ञात वोल्टेज को मापने के लिए किया जाता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन ‘रक्त के थक्के’ (blood clotting) के लिए आवश्यक है?
- (a) विटामिन A
- (b) विटामिन C
- (c) विटामिन D
- (d) विटामिन K
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विटामिन कार्बनिक यौगिक होते हैं जिनकी शरीर को सामान्य वृद्धि और कार्यप्रणाली के लिए छोटी मात्रा में आवश्यकता होती है। प्रत्येक विटामिन एक विशिष्ट कार्य करता है, और उसकी कमी से विशिष्ट रोग हो सकते हैं।
व्याख्या (Explanation): विटामिन K रक्त जमावट (coagulation) या रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कुछ प्रोटीनों, जैसे प्रोथ्रोम्बिन, के संश्लेषण के लिए आवश्यक है जो रक्त के थक्के बनने में शामिल होते हैं। विटामिन A आँखों की रोशनी, विटामिन C प्रतिरक्षा और कोलेजन निर्माण, और विटामिन D हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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ओजोन परत (Ozone layer) वायुमंडल के किस परत में पाई जाती है?
- (a) क्षोभमंडल (Troposphere)
- (b) समतापमंडल (Stratosphere)
- (c) मध्यमंडल (Mesosphere)
- (d) आयनमंडल (Ionosphere)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पृथ्वी का वायुमंडल कई परतों में विभाजित है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशिष्ट विशेषताएं और संरचना है। ओजोन परत एक महत्वपूर्ण परत है जो पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण से बचाती है।
व्याख्या (Explanation): ओजोन परत वायुमंडल के समतापमंडल (Stratosphere) में पाई जाती है, जो पृथ्वी की सतह से लगभग 10 से 50 किलोमीटर ऊपर तक फैली हुई है। यह परत सूर्य से आने वाली अधिकांश हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। क्षोभमंडल सबसे निचली परत है जहाँ मौसम संबंधी घटनाएँ होती हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा मिश्र धातु (alloy) नहीं है?
- (a) पीतल
- (b) कांसा
- (c) इस्पात
- (d) पारा
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मिश्र धातु दो या दो से अधिक धातुओं या एक धातु और एक अधातु का समांगी मिश्रण होता है, जिसे अक्सर मूल धातुओं की तुलना में बेहतर गुण प्राप्त करने के लिए बनाया जाता है।
व्याख्या (Explanation): पीतल (कॉपर और जिंक), कांसा (कॉपर और टिन), और इस्पात (लोहा और कार्बन) सभी मिश्र धातुएं हैं। पारा (Mercury) एक रासायनिक तत्व है और सामान्य तापमान पर एकमात्र धातु है जो तरल अवस्था में पाई जाती है। यह एक शुद्ध तत्व है, मिश्र धातु नहीं।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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मानव शरीर की सबसे लंबी हड्डी कौन सी है?
- (a) टिबिया
- (b) फीमर
- (c) रेडियस
- (d) पटेला
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मानव कंकाल प्रणाली शरीर को सहारा, सुरक्षा और गति प्रदान करती है। इसमें विभिन्न आकार और आकृति की हड्डियाँ होती हैं, जिनमें से प्रत्येक का एक विशिष्ट कार्य होता है।
व्याख्या (Explanation): फीमर, जिसे जांघ की हड्डी भी कहा जाता है, मानव शरीर की सबसे लंबी, सबसे मजबूत और सबसे भारी हड्डी है। यह कूल्हे से घुटने तक फैली हुई होती है। टिबिया (पिंडली की हड्डी), रेडियस (हाथ की हड्डी) और पटेला (घुटने की टोपी) भी महत्वपूर्ण हड्डियां हैं, लेकिन फीमर से छोटी हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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प्रकाश वर्ष (Light-year) किसका मात्रक है?
- (a) समय
- (b) दूरी
- (c) प्रकाश की तीव्रता
- (d) द्रव्यमान
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मात्रक (units) भौतिक राशियों को मापने के लिए उपयोग किए जाते हैं। प्रकाश वर्ष एक विशिष्ट मात्रक है जो खगोलीय दूरियों को मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश एक वर्ष में निर्वात में तय करता है। इसका उपयोग खगोल विज्ञान में ग्रहों, तारों और आकाशगंगाओं के बीच की विशाल दूरियों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह समय का नहीं, बल्कि दूरी का मात्रक है। लगभग 9.46 ट्रिलियन किलोमीटर के बराबर होता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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रेफ्रिजरेटर में खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए किस रसायन का उपयोग किया जाता है?
- (a) अमोनिया
- (b) फ्रिऑन
- (c) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)
- (d) टेट्राफ्लोरोइथेन (HFC-134a)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रेफ्रिजरेशन की प्रक्रिया में, एक रेफ्रिजरेंट नामक पदार्थ का उपयोग ऊष्मा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। विभिन्न प्रकार के रेफ्रिजरेंट का उपयोग उनकी दक्षता, सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव के आधार पर किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): पुराने रेफ्रिजरेटर में CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) का उपयोग किया जाता था, लेकिन ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने के कारण उनके उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वर्तमान में, रेफ्रिजरेटर में आमतौर पर टेट्राफ्लोरोइथेन (HFC-134a) जैसे हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) का उपयोग किया जाता है, जो ओजोन परत के लिए हानिकारक नहीं हैं, हालांकि ये ग्रीनहाउस गैसें हैं। अमोनिया का उपयोग बड़े औद्योगिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम में होता है, जबकि फ्रिऑन एक ब्रांड नाम है जो कई रेफ्रिजरेंट को संदर्भित करता है, जिनमें CFCs और HCFCs शामिल हैं।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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मानव पाचन तंत्र में ‘पित्त’ (Bile) कहाँ उत्पन्न होता है?
- (a) आमाशय
- (b) अग्नाशय
- (c) यकृत
- (d) पित्ताशय
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पाचन तंत्र भोजन को तोड़ने और पोषक तत्वों को अवशोषित करने के लिए विभिन्न अंगों और ग्रंथियों के साथ मिलकर काम करता है। पित्त वसा के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
व्याख्या (Explanation): पित्त (Bile) का उत्पादन यकृत (Liver) द्वारा होता है। पित्त रस वसा के पाचन और अवशोषण में मदद करता है। यद्यपि पित्त पित्ताशय (Gallbladder) में जमा होता है और केंद्रित होता है, यह वहां उत्पन्न नहीं होता है। आमाशय (Stomach) में गैस्ट्रिक जूस का उत्पादन होता है, और अग्नाशय (Pancreas) में पाचक एंजाइम और हार्मोन का उत्पादन होता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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किस विटामिन की कमी से ‘स्कर्वी’ रोग होता है?
- (a) विटामिन A
- (b) विटामिन B1
- (c) विटामिन C
- (d) विटामिन D
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विटामिन शरीर के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं जिनकी कमी से विभिन्न रोग हो सकते हैं। इन रोगों को ‘कमी से होने वाले रोग’ (deficiency diseases) कहा जाता है।
व्याख्या (Explanation): स्कर्वी विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) की गंभीर कमी के कारण होने वाला रोग है। इसके लक्षणों में मसूड़ों से खून आना, थकान, त्वचा पर चकत्ते और घावों का धीरे भरना शामिल है। विटामिन A की कमी से रतौंधी, विटामिन B1 की कमी से बेरी-बेरी और विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया होता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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पानी का अधिकतम घनत्व (maximum density) किस तापमान पर होता है?
- (a) 0°C
- (b) 4°C
- (c) 100°C
- (d) -4°C
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अधिकांश पदार्थ ठंडा करने पर सिकुड़ते हैं और गर्म करने पर फैलते हैं। हालाँकि, पानी एक असामान्य व्यवहार दिखाता है जिसे ‘पानी का असंगत फैलाव’ (anomalous expansion of water) कहा जाता है, जो 4°C पर अधिकतम घनत्व की ओर ले जाता है।
व्याख्या (Explanation): पानी का घनत्व 4°C पर अधिकतम होता है। जब पानी को 0°C से 4°C तक गर्म किया जाता है, तो यह सिकुड़ता है (घनत्व बढ़ता है)। 4°C के बाद, यह अन्य तरल पदार्थों की तरह फैलना शुरू कर देता है (घनत्व कम होता है)। इस असामान्य व्यवहार का जलीय जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, क्योंकि झीलें और तालाब ऊपर से जमना शुरू करते हैं, जिससे नीचे 4°C पर तरल पानी बना रहता है, जिससे जलीय जीवों का जीवित रहना संभव होता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक रूप से ‘शुष्क बर्फ’ (Dry Ice) कहलाता है?
- (a) ठोस पानी
- (b) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
- (c) ठोस अमोनिया
- (d) ठोस सल्फर डाइऑक्साइड
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कुछ पदार्थ सीधे ठोस से गैस में परिवर्तित हो सकते हैं (ऊर्ध्वपातन या sublimation)। ‘शुष्क बर्फ’ एक ऐसा उदाहरण है, जो अपने ठंडे तापमान और ऊर्ध्वपातन गुणों के कारण विभिन्न अनुप्रयोगों में उपयोगी है।
व्याख्या (Explanation): शुष्क बर्फ ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का ही एक रूप है। यह सामान्य वायुमंडलीय दाब पर गर्म होने पर सीधे गैस में परिवर्तित हो जाती है (ऊर्ध्वपातन), तरल अवस्था में नहीं आती। इसकी अत्यंत कम तापमान और बिना अवशेष छोड़े ऊर्ध्वपातन की क्षमता के कारण इसका उपयोग शीतलक के रूप में, खाद्य पदार्थों को ठंडा रखने और नाट्य धुंध प्रभाव पैदा करने के लिए किया जाता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने के लिए किस युक्ति का उपयोग किया जाता है?
- (a) डायनेमो
- (b) सौर सेल (फोटोवोल्टिक सेल)
- (c) विद्युत मोटर
- (d) ट्रांसफार्मर
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। सौर सेल फोटोवोल्टिक प्रभाव के सिद्धांत पर काम करते हैं, जिसमें प्रकाश ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): सौर सेल, जिन्हें फोटोवोल्टिक सेल भी कहा जाता है, अर्धचालक पदार्थों (जैसे सिलिकॉन) से बने होते हैं जो सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। डायनेमो या जनरेटर यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करती है, और ट्रांसफार्मर प्रत्यावर्ती धारा (AC) वोल्टेज को बढ़ाते या घटाते हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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मानव में गुणसूत्रों (chromosomes) की कुल संख्या कितनी होती है?
- (a) 23
- (b) 46
- (c) 24
- (d) 48
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): गुणसूत्र आनुवंशिक जानकारी (DNA) को ले जाने वाली संरचनाएँ हैं जो कोशिका विभाजन के दौरान दिखाई देती हैं। प्रत्येक प्रजाति में गुणसूत्रों की एक निश्चित संख्या होती है।
व्याख्या (Explanation): सामान्य मानव दैहिक कोशिकाओं (somatic cells) में 23 जोड़े गुणसूत्र होते हैं, अर्थात कुल 46 गुणसूत्र। इनमें से 22 जोड़े अलिंगसूत्र (autosomes) होते हैं और 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र (sex chromosomes – XX या XY) होता है। युग्मक (gametes) में गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है, यानी 23।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘नवीकरणीय ऊर्जा’ (Renewable Energy) के बारे में सही है?
- (a) ये सीमित स्रोत हैं और समाप्त हो सकते हैं।
- (b) ये पर्यावरण के लिए हानिकारक ग्रीनहाउस गैसें उत्पन्न करते हैं।
- (c) ये प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा लगातार फिर से भरे जाते हैं।
- (d) ये मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन से प्राप्त होते हैं।
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ऊर्जा स्रोतों को मोटे तौर पर नवीकरणीय (जो प्राकृतिक रूप से फिर से भर जाते हैं) और गैर-नवीकरणीय (जो सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और लाखों वर्षों में बनते हैं) में वर्गीकृत किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत वे हैं जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा लगातार फिर से भरे जाते हैं, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, भूतापीय ऊर्जा और बायोमास ऊर्जा। ये सीमित नहीं होते और इनके उपयोग से पर्यावरण को कम नुकसान होता है, क्योंकि ये तुलनात्मक रूप से कम ग्रीनहाउस गैसें उत्पन्न करते हैं। जीवाश्म ईंधन गैर-नवीकरणीय स्रोत हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
पानी में हवा का बुलबुला किस लेंस की तरह व्यवहार करता है?
- (a) उत्तल लेंस
- (b) अवतल लेंस
- (c) समतल लेंस
- (d) बेलनाकार लेंस
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): लेंस का व्यवहार उसके आकार और उसके चारों ओर के माध्यम के सापेक्ष अपवर्तक सूचकांक पर निर्भर करता है। यदि लेंस का अपवर्तक सूचकांक आसपास के माध्यम से कम है, तो उत्तल आकार का लेंस अवतल लेंस की तरह व्यवहार कर सकता है और इसके विपरीत।
व्याख्या (Explanation): पानी (सघन माध्यम) में हवा का बुलबुला (विरल माध्यम) भले ही उत्तल आकार का होता है, लेकिन क्योंकि हवा का अपवर्तक सूचकांक पानी से कम होता है, यह प्रकाश किरणों को अपसरित (diverge) करता है, ठीक उसी तरह जैसे एक अवतल लेंस करता है। इसलिए, यह एक अवतल लेंस की तरह व्यवहार करता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
पृथ्वी के वायुमंडल में सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली गैस कौन सी है?
- (a) ऑक्सीजन
- (b) कार्बन डाइऑक्साइड
- (c) नाइट्रोजन
- (d) आर्गन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पृथ्वी का वायुमंडल विभिन्न गैसों का एक मिश्रण है, जिनकी प्रतिशत मात्रा अलग-अलग होती है। प्रत्येक गैस की अपनी भूमिका होती है।
व्याख्या (Explanation): पृथ्वी के वायुमंडल में नाइट्रोजन (N₂) सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली गैस है, जो कुल वायुमंडल का लगभग 78% है। इसके बाद ऑक्सीजन (O₂) लगभग 21% और फिर आर्गन (Ar), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और अन्य गैसें कम मात्रा में होती हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
वह प्रक्रिया जिसके द्वारा पौधे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, क्या कहलाती है?
- (a) श्वसन
- (b) वाष्पोत्सर्जन
- (c) प्रकाश संश्लेषण
- (d) परागण
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): स्वपोषी जीव वे होते हैं जो अपना भोजन स्वयं संश्लेषित कर सकते हैं, आमतौर पर प्रकाश ऊर्जा या रासायनिक ऊर्जा का उपयोग करके। पौधे प्राथमिक स्वपोषी हैं।
व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ जीवाणु सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी से अपना भोजन (ग्लूकोज) संश्लेषित करते हैं और ऑक्सीजन को उप-उत्पाद के रूप में छोड़ते हैं। श्वसन ऊर्जा जारी करने के लिए भोजन को तोड़ने की प्रक्रिया है। वाष्पोत्सर्जन पत्तियों से पानी के वाष्पीकरण को संदर्भित करता है। परागण पौधों में प्रजनन से संबंधित है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
इलेक्ट्रॉन पर आवेश (charge) किस प्रकार का होता है?
- (a) धनात्मक
- (b) ऋणात्मक
- (c) उदासीन
- (d) कभी धनात्मक, कभी ऋणात्मक
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): परमाणु तीन मूलभूत कणों – प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन – से बने होते हैं। इन कणों के विशिष्ट आवेश और द्रव्यमान होते हैं।
व्याख्या (Explanation): इलेक्ट्रॉन एक मूलभूत कण है जिसका आवेश ऋणात्मक होता है। प्रोटॉन पर धनात्मक आवेश होता है, और न्यूट्रॉन उदासीन होते हैं (कोई आवेश नहीं होता)। परमाणु में, इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है, जिससे परमाणु समग्र रूप से उदासीन होता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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गुर्दे (Kidneys) का मुख्य कार्य क्या है?
- (a) रक्त परिसंचरण
- (b) रक्त का शुद्धिकरण और अपशिष्ट उत्पादों को निकालना
- (c) भोजन का पाचन
- (d) श्वसन
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मानव शरीर में विभिन्न अंग प्रणालियाँ विशिष्ट शारीरिक कार्य करती हैं। गुर्दे उत्सर्जन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
व्याख्या (Explanation): गुर्दे का मुख्य कार्य रक्त को छानना (शुद्धिकरण) और मूत्र के रूप में शरीर से अपशिष्ट उत्पादों (जैसे यूरिया, अतिरिक्त लवण और पानी) को निकालना है। वे शरीर में पानी, लवण और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्त परिसंचरण हृदय का कार्य है, भोजन का पाचन पाचन तंत्र का कार्य है, और श्वसन फेफड़ों का कार्य है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table) किस वैज्ञानिक के सिद्धांत पर आधारित है?
- (a) दिमित्री मेंडेलीव
- (b) जॉन न्यूलैंड्स
- (c) हेनरी मोसले
- (d) जोहान डोबेराइनर
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): तत्वों को उनके गुणों के आधार पर व्यवस्थित करने के विभिन्न प्रयासों के परिणामस्वरूप आवर्त सारणी का विकास हुआ। आधुनिक आवर्त सारणी एक विशिष्ट मौलिक गुण पर आधारित है।
व्याख्या (Explanation): आधुनिक आवर्त सारणी हेनरी मोसले के सिद्धांत पर आधारित है, जिन्होंने 1913 में दिखाया कि तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक (atomic number) पर अधिक निर्भर करते हैं, न कि परमाणु द्रव्यमान पर। मेंडेलीव ने अपनी आवर्त सारणी परमाणु द्रव्यमान के आधार पर बनाई थी, जो कई मायनों में सफल थी लेकिन कुछ विसंगतियां थीं। न्यूलैंड्स ने ‘अष्टक का नियम’ दिया, और डोबेराइनर ने ‘त्रिक’ की अवधारणा दी।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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