Get free Notes

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Click Here

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान: कॉन्सेप्ट्स की गहराई

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान: कॉन्सेप्ट्स की गहराई

परिचय: प्रिय छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए सामान्य विज्ञान का गहन ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। चाहे SSC हो, रेलवे हो या विभिन्न राज्य स्तरीय PSCs, विज्ञान के प्रश्न आपकी मेरिट निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह अभ्यास सेट आपको भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को समझने और उन्हें परीक्षा-केंद्रित तरीके से लागू करने में मदद करेगा। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल न केवल आपको सही उत्तर बताएगा, बल्कि उसके पीछे के वैज्ञानिक तर्क को भी स्पष्ट करेगा। आइए, अपनी तैयारी को एक नई ऊँचाई दें!


सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)

  1. हीरे का अपवर्तनांक (Refractive Index) लगभग कितना होता है, जो उसकी असाधारण चमक का एक प्रमुख कारण है?

    • (a) 1.5
    • (b) 2.42
    • (c) 3.1
    • (d) 1.33

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): किसी पदार्थ का अपवर्तनांक (Refractive Index) उस पदार्थ में प्रकाश की गति को निर्धारित करता है। उच्च अपवर्तनांक का अर्थ है प्रकाश की गति में अधिक कमी और प्रकाश के मुड़ने की अधिक प्रवृत्ति। हीरे की चमक उसके उच्च अपवर्तनांक और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के कारण होती है।

    व्याख्या (Explanation): हीरा अपने असाधारण उच्च अपवर्तनांक 2.42 के लिए जाना जाता है। इसका अर्थ है कि हीरे में प्रवेश करने वाला प्रकाश बहुत अधिक मुड़ता है। यह उच्च अपवर्तनांक प्रकाश को हीरे के अंदर बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन करने में मदद करता है, जिससे प्रकाश बाहर निकलने से पहले कई बार परावर्तित होता है और हीरा बहुत चमकदार दिखाई देता है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि 1.5 आमतौर पर कांच का अपवर्तनांक होता है, और 1.33 पानी का अपवर्तनांक होता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  2. मोह्स स्केल (Mohs Scale) पर हीरे की कठोरता कितनी होती है?

    • (a) 7
    • (b) 8
    • (c) 9
    • (d) 10

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): मोह्स कठोरता स्केल खनिजों की सापेक्ष खरोंच प्रतिरोध को मापता है। यह 1 से 10 तक के पैमाने पर आधारित होता है, जिसमें 1 सबसे नरम और 10 सबसे कठोर होता है।

    व्याख्या (Explanation): हीरा, प्रकृति में पाया जाने वाला सबसे कठोर ज्ञात पदार्थ है, और यह मोह्स स्केल पर अधिकतम 10 की कठोरता प्राप्त करता है। इसका मतलब है कि कोई भी अन्य प्राकृतिक खनिज हीरे को खरोंच नहीं सकता। उसकी इस कठोरता के कारण इसका उपयोग कटिंग, ग्राइंडिंग और ड्रिलिंग उपकरणों में भी किया जाता है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  3. हीरे में प्रकाश का फैलाव (डिस्पर्शन) किस घटना के कारण होता है, जो उसकी “अग्नि” या रंगीन चमक का कारण बनती है?

    • (a) परावर्तन (Reflection)
    • (b) अपवर्तन (Refraction)
    • (c) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)
    • (d) वर्ण विक्षेपण (Dispersion)

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): वर्ण विक्षेपण वह घटना है जिसमें सफेद प्रकाश अपने घटक रंगों (जैसे इंद्रधनुष में) में विभाजित हो जाता है, क्योंकि विभिन्न तरंग दैर्ध्य (रंग) एक माध्यम में अलग-अलग गति से यात्रा करते हैं और अलग-अलग कोणों पर मुड़ते हैं।

    व्याख्या (Explanation): हीरे की चमक का एक महत्वपूर्ण पहलू उसकी “अग्नि” या रंगीन चमक है। यह वर्ण विक्षेपण की घटना के कारण होता है। जब सफेद प्रकाश हीरे में प्रवेश करता है, तो यह अपने घटक रंगों में विभाजित हो जाता है क्योंकि हीरे का अपवर्तनांक विभिन्न रंगों के लिए थोड़ा भिन्न होता है। यह विभाजित प्रकाश, पूर्ण आंतरिक परावर्तन के साथ मिलकर, हीरे से निकलने पर रंगीन स्पेक्ट्रम बनाता है, जिससे हीरे में रंगीन चमक दिखाई देती है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  4. निम्नलिखित में से कौन सी सामग्री कमरे के तापमान पर सबसे अच्छी ऊष्मा चालकता प्रदर्शित करती है?

    • (a) तांबा (Copper)
    • (b) चांदी (Silver)
    • (c) हीरा (Diamond)
    • (d) एल्यूमीनियम (Aluminum)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ऊष्मा चालकता किसी सामग्री की ऊष्मा को स्थानांतरित करने की क्षमता है। यह सामग्री की आणविक संरचना और बंधन पर निर्भर करता है।

    व्याख्या (Explanation): हीरा न केवल अपनी कठोरता के लिए, बल्कि अपनी असाधारण ऊष्मा चालकता के लिए भी जाना जाता है। कमरे के तापमान पर, हीरे की ऊष्मा चालकता चांदी और तांबे जैसे उच्च चालकता वाले धातुओं से भी अधिक होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हीरे में कार्बन परमाणुओं के बीच मजबूत सहसंयोजक बंधन और एक सुव्यवस्थित जाली संरचना होती है, जो फोनन (कंपन ऊर्जा) के कुशल परिवहन की अनुमति देती है। इस गुण के कारण हीरे का उपयोग उच्च शक्ति वाले इलेक्ट्रॉनिक्स में हीट सिंक के रूप में किया जाता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  5. ध्वनि तरंगें किस माध्यम में सबसे तेज़ी से यात्रा करती हैं?

    • (a) ठोस (Solids)
    • (b) तरल (Liquids)
    • (c) गैसें (Gases)
    • (d) निर्वात (Vacuum)

    उत्तर: (a)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे यात्रा करने के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है। ध्वनि की गति माध्यम की प्रत्यास्थता (elasticity) और घनत्व (density) पर निर्भर करती है। जिस माध्यम के कण अधिक कसकर पैक होते हैं और एक-दूसरे से दृढ़ता से जुड़े होते हैं, उसमें ध्वनि अधिक तेज़ी से यात्रा करती है।

    व्याख्या (Explanation): ठोस पदार्थों में कण बहुत कसकर पैक होते हैं और उनके बीच मजबूत अंतरा-आणविक बल होते हैं, जिससे कंपन ऊर्जा एक कण से दूसरे कण तक बहुत कुशलता से और तेज़ी से स्थानांतरित होती है। तरल पदार्थों में कण कम कसकर पैक होते हैं और गैसों में तो और भी कम। निर्वात में ध्वनि यात्रा नहीं कर सकती क्योंकि वहां कोई माध्यम नहीं होता।

    अतः, सही उत्तर (a) है।

  6. क्रिस्टल संरचनाओं के अध्ययन के लिए निम्नलिखित में से किस उपकरण या तकनीक का उपयोग किया जाता है?

    • (a) इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी (Electron Microscope)
    • (b) स्पेक्ट्रोमीटर (Spectrometer)
    • (c) एक्स-रे विवर्तन (X-ray Diffraction – XRD)
    • (d) क्रोमैटोग्राफी (Chromatography)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): एक्स-रे विवर्तन (XRD) एक भौतिक तकनीक है जिसका उपयोग क्रिस्टलीय सामग्री की परमाणु और आणविक संरचना को निर्धारित करने के लिए किया जाता है। जब एक्स-रे किरणें किसी क्रिस्टल से टकराती हैं, तो वे क्रिस्टल के भीतर परमाणुओं की नियमित व्यवस्था से विवर्तित होती हैं, जिससे एक विशिष्ट विवर्तन पैटर्न बनता है। यह पैटर्न क्रिस्टल की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी देता है।

    व्याख्या (Explanation): एक्स-रे विवर्तन (XRD) क्रिस्टलीय पदार्थों की क्रिस्टल संरचना, जाली स्थिरांक, और परमाणुओं की व्यवस्था का विश्लेषण करने के लिए एक मानक और शक्तिशाली तकनीक है। अन्य विकल्प गलत हैं: इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी बहुत छोटी वस्तुओं की छवि बनाने के लिए है, स्पेक्ट्रोमीटर प्रकाश के स्पेक्ट्रम का विश्लेषण करता है, और क्रोमैटोग्राफी मिश्रणों को अलग करने के लिए उपयोग की जाती है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  7. वायुमंडलीय दबाव को मापने के लिए किस इकाई का उपयोग किया जाता है?

    • (a) जूल (Joule)
    • (b) पास्कल (Pascal)
    • (c) वोल्ट (Volt)
    • (d) वाट (Watt)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): दबाव (Pressure) प्रति इकाई क्षेत्र पर लगाए गए बल (Force per unit Area) को परिभाषित करता है। इसकी SI इकाई पास्कल (Pa) है, जो न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (N/m²) के बराबर है।

    व्याख्या (Explanation): वायुमंडलीय दबाव सहित किसी भी प्रकार के दबाव को मापने के लिए पास्कल (Pa) SI इकाई है। अन्य विकल्प ऊर्जा (जूल), विद्युत क्षमता (वोल्ट), और शक्ति (वाट) की इकाइयाँ हैं। वायुमंडलीय दबाव को बैरोमीटर का उपयोग करके मापा जाता है और इसे अक्सर बार, एटमॉस्फीयर (atm) या मिलीमीटर ऑफ मर्करी (mmHg) जैसी इकाइयों में भी व्यक्त किया जाता है, लेकिन पास्कल अंतरराष्ट्रीय मानक इकाई है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  8. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर आधारित प्रकाशिकी का उपयोग निम्नलिखित में से किसमें किया जाता है?

    • (a) एंडोस्कोपी (Endoscopy)
    • (b) माइक्रोस्कोप (Microscope)
    • (c) दूरबीन (Telescope)
    • (d) सिनेमा प्रोजेक्टर (Cinema Projector)

    उत्तर: (a)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR) तब होता है जब प्रकाश एक सघन माध्यम से विरल माध्यम में क्रांतिक कोण (critical angle) से अधिक कोण पर आपतित होता है, जिससे प्रकाश वापस सघन माध्यम में ही परावर्तित हो जाता है। यह सिद्धांत ऑप्टिकल फाइबर के काम करने का आधार है।

    व्याख्या (Explanation): एंडोस्कोपी एक चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच के लिए एंडोस्कोप का उपयोग किया जाता है। एंडोस्कोप में ऑप्टिकल फाइबर होते हैं जो पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत का उपयोग करके प्रकाश को शरीर के अंदरूनी हिस्सों तक ले जाते हैं और वापस चित्र को बाहर लाते हैं। माइक्रोस्कोप, दूरबीन और सिनेमा प्रोजेक्टर मुख्य रूप से अपवर्तन और लेंस के गुणों पर आधारित होते हैं, न कि पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर।

    अतः, सही उत्तर (a) है।

  9. एक विद्युत मोटर किस ऊर्जा को किस ऊर्जा में परिवर्तित करती है?

    • (a) यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
    • (b) विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
    • (c) रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
    • (d) ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): विद्युत मोटर विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करती है, जहाँ एक चुंबकीय क्षेत्र में रखे एक धारा-वाहक चालक पर बल लगता है, जिससे घूर्णी गति उत्पन्न होती है।

    व्याख्या (Explanation): एक विद्युत मोटर का मुख्य कार्य विद्युत ऊर्जा (बिजली) को यांत्रिक ऊर्जा (गति या घूर्णन) में परिवर्तित करना है। इसका उपयोग पंखों, वाशिंग मशीनों, मिक्सर और कई अन्य उपकरणों में किया जाता है जहाँ बिजली का उपयोग करके कुछ घूमता या चलता है। इसके विपरीत, एक जनरेटर यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  10. हीरा और ग्रेफाइट किसके अपररूप (allotropes) हैं?

    • (a) सिलिकॉन (Silicon)
    • (b) कार्बन (Carbon)
    • (c) सल्फर (Sulfur)
    • (d) ऑक्सीजन (Oxygen)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): अपररूपता (Allotropy) वह गुण है जिसमें एक रासायनिक तत्व दो या दो से अधिक अलग-अलग रूपों में मौजूद होता है, जिनमें से प्रत्येक की भौतिक संरचना अलग होती है लेकिन रासायनिक रूप से वे समान होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): हीरा और ग्रेफाइट दोनों ही कार्बन तत्व के अपररूप हैं। इसका मतलब है कि वे दोनों केवल कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं, लेकिन इन परमाणुओं की व्यवस्था उनकी संरचना में भिन्न होती है। हीरे में कार्बन परमाणु एक टेट्राहेड्रल (चतुष्फलकीय) संरचना में दृढ़ता से बंधे होते हैं, जबकि ग्रेफाइट में वे षटकोणीय परतों में व्यवस्थित होते हैं। यह संरचनात्मक अंतर उनके विभिन्न गुणों, जैसे कठोरता और चालकता, के लिए जिम्मेदार है। फुलरीन और ग्राफीन भी कार्बन के अन्य अपररूप हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  11. हीरे में कार्बन परमाणु किस प्रकार के सहसंयोजक बंधन से जुड़े होते हैं?

    • (a) एकल बंधन (Single bond)
    • (b) दोहरा बंधन (Double bond)
    • (c) तिहरा बंधन (Triple bond)
    • (d) धात्विक बंधन (Metallic bond)

    उत्तर: (a)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): सहसंयोजक बंधन तब बनते हैं जब परमाणु इलेक्ट्रॉन युग्मों को साझा करते हैं। एकल बंधन में एक इलेक्ट्रॉन युग्म, दोहरा बंधन में दो, और तिहरा बंधन में तीन इलेक्ट्रॉन युग्म साझा होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): हीरे में, प्रत्येक कार्बन परमाणु sp3 संकरित होता है और अपने चार संयोजी इलेक्ट्रॉनों को अन्य चार कार्बन परमाणुओं के साथ साझा करता है, जिससे एक मजबूत 3D टेट्राहेड्रल (चतुष्फलकीय) नेटवर्क बनता है। ये सभी बंधन एकल सहसंयोजक बंधन होते हैं। इन मजबूत और नियमित एकल बंधनों की 3D व्यवस्था ही हीरे की असाधारण कठोरता और स्थायित्व के लिए जिम्मेदार है।

    अतः, सही उत्तर (a) है।

  12. निम्नलिखित में से कौन सा कार्बन का अपररूप विद्युत का सुचालक है?

    • (a) हीरा (Diamond)
    • (b) ग्रेफाइट (Graphite)
    • (c) फुलरीन (Fullerene)
    • (d) कार्बन ब्लैक (Carbon Black)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): पदार्थों में विद्युत चालकता मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति पर निर्भर करती है। यदि किसी पदार्थ में मुक्त या विस्थानित (delocalized) इलेक्ट्रॉन होते हैं, तो वह विद्युत का संचालन कर सकता है।

    व्याख्या (Explanation): ग्रेफाइट में, प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य तीन कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंधन से जुड़ा होता है, जिससे षटकोणीय परतों का निर्माण होता है। प्रत्येक कार्बन परमाणु का चौथा संयोजी इलेक्ट्रॉन विस्थानित (delocalized) होता है और परतों के बीच स्वतंत्र रूप से घूम सकता है। ये विस्थानित इलेक्ट्रॉन ही ग्रेफाइट को विद्युत का सुचालक बनाते हैं। हीरे में सभी संयोजी इलेक्ट्रॉन बंधनों में लगे होते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता, इसलिए यह विद्युत का कुचालक है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  13. कार्बनिक रसायन विज्ञान (Organic Chemistry) मुख्य रूप से किस तत्व के यौगिकों का अध्ययन करता है?

    • (a) नाइट्रोजन (Nitrogen)
    • (b) ऑक्सीजन (Oxygen)
    • (c) कार्बन (Carbon)
    • (d) हाइड्रोजन (Hydrogen)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कार्बनिक रसायन विज्ञान, कार्बन और हाइड्रोजन के साथ-साथ ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, फास्फोरस, हैलोजन आदि अन्य तत्वों से बने यौगिकों के गुणों, प्रतिक्रियाओं और संश्लेषण का अध्ययन है। कार्बन की अद्वितीय कैटेनेशन (श्रृंखलन) और सहसंयोजक बंधन बनाने की क्षमता के कारण लाखों कार्बनिक यौगिक मौजूद हैं।

    व्याख्या (Explanation): कार्बनिक रसायन विज्ञान अनिवार्य रूप से कार्बन के यौगिकों का अध्ययन है। कार्बन में एक अद्वितीय क्षमता होती है जिसे कैटेनेशन (श्रृंखलन) कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि यह स्वयं के परमाणुओं के साथ लंबी श्रृंखलाएँ या जटिल संरचनाएँ बना सकता है। यह क्षमता, अन्य तत्वों (विशेषकर हाइड्रोजन) के साथ मजबूत सहसंयोजक बंधन बनाने की क्षमता के साथ मिलकर, कार्बनिक यौगिकों की विशाल विविधता का आधार है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  14. कृत्रिम हीरे के निर्माण के लिए निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?

    • (a) फ्रॉग प्लवन (Froth Flotation)
    • (b) ऊष्मा उपचार (Heat Treatment)
    • (c) उच्च दबाव-उच्च तापमान (HPHT) विधि (High-Pressure High-Temperature method)
    • (d) विद्युत अपघटन (Electrolysis)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्राकृतिक हीरे पृथ्वी के भीतर अत्यधिक उच्च दबाव और उच्च तापमान की स्थितियों में बनते हैं। कृत्रिम हीरे बनाने की विधियाँ इन प्राकृतिक परिस्थितियों को प्रयोगशाला में दोहराने का प्रयास करती हैं।

    व्याख्या (Explanation): कृत्रिम हीरे बनाने की सबसे आम और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण विधि उच्च दबाव-उच्च तापमान (HPHT) विधि है। इस विधि में, कार्बन युक्त सामग्री (जैसे ग्रेफाइट) को उच्च दबाव (लगभग 5-6 GPa) और उच्च तापमान (लगभग 1300-1600 °C) पर रखा जाता है, अक्सर एक धातु उत्प्रेरक की उपस्थिति में, जिससे कार्बन हीरे की संरचना में क्रिस्टलीकृत होता है। एक अन्य विधि रासायनिक वाष्प जमाव (CVD) है। फ्रॉग प्लवन अयस्क सांद्रण की एक विधि है, ऊष्मा उपचार धातुओं के गुणों को बदलने के लिए है, और विद्युत अपघटन रासायनिक यौगिकों को तोड़ने के लिए विद्युत धारा का उपयोग करता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  15. आवर्त सारणी में कार्बन किस समूह (group) से संबंधित है?

    • (a) समूह 13
    • (b) समूह 14
    • (c) समूह 15
    • (d) समूह 16

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): आवर्त सारणी में समूह (Groups) ऊर्ध्वाधर कॉलम होते हैं जिनमें समान रासायनिक गुण वाले तत्व होते हैं, मुख्य रूप से उनके बाहरी कोश (valence shell) में इलेक्ट्रॉनों की संख्या के कारण।

    व्याख्या (Explanation): कार्बन आवर्त सारणी के समूह 14 में स्थित है। इस समूह को कार्बन परिवार भी कहा जाता है और इसमें सिलिकॉन, जर्मेनियम, टिन और लेड जैसे तत्व शामिल हैं। समूह 14 के तत्वों के बाहरी कोश में 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो उन्हें अन्य परमाणुओं के साथ सहसंयोजक बंधन बनाने में सक्षम बनाते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  16. अम्लीय वर्षा (Acid Rain) के लिए मुख्य रूप से कौन सी गैसें जिम्मेदार हैं?

    • (a) कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन
    • (b) सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड
    • (c) कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड
    • (d) क्लोरोफ्लोरोकार्बन और ओजोन

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): अम्लीय वर्षा वर्षा, बर्फ, कोहरा या धूल के रूप में वायुमंडल में सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक एसिड के जमाव को संदर्भित करती है। ये एसिड वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) गैसों के उत्सर्जन के परिणामस्वरूप बनते हैं, जो जल वाष्प के साथ प्रतिक्रिया करते हैं।

    व्याख्या (Explanation): सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) मुख्य रूप से बिजली संयंत्रों, उद्योगों और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषक हैं। ये गैसें वायुमंडल में जल वाष्प, ऑक्सीजन और अन्य रसायनों के साथ प्रतिक्रिया करके सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4) और नाइट्रिक एसिड (HNO3) बनाती हैं। ये अम्ल वर्षा के जल में घुल जाते हैं, जिससे उसका pH मान कम हो जाता है और वह अम्लीय हो जाता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  17. प्लास्टिक, नायलॉन और पॉलीथीन किस प्रकार के पदार्थ हैं?

    • (a) धातुएं (Metals)
    • (b) सिरेमिक (Ceramics)
    • (c) पॉलिमर (Polymers)
    • (d) मिश्र धातु (Alloys)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): पॉलिमर ऐसे बड़े अणु (मैक्रोमोलेक्यूल्स) होते हैं जो दोहराई जाने वाली छोटी इकाइयों (मोनोमर्स) के बार-बार जुड़ने से बनते हैं। यह प्रक्रिया पॉलीमराइज़ेशन कहलाती है।

    व्याख्या (Explanation): प्लास्टिक, नायलॉन और पॉलीथीन सभी पॉलिमर के उदाहरण हैं। ये कृत्रिम या अर्ध-कृत्रिम कार्बनिक यौगिक होते हैं जिनमें कार्बन की लंबी श्रृंखलाएँ मुख्य रूप से शामिल होती हैं। पॉलीथीन एथिलीन मोनोमर्स से बनता है, जबकि नायलॉन विभिन्न एमाइड मोनोमर्स से बनता है। पॉलिमर अपनी विविधता, लचीलेपन और स्थायित्व के कारण आधुनिक जीवन में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। धातुएं, सिरेमिक और मिश्र धातुएं विभिन्न रासायनिक और संरचनात्मक श्रेणियों से संबंधित हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  18. जीवित जीवों में (शुष्क भार के आधार पर) कौन सा तत्व सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो सभी जैविक अणुओं का आधार बनाता है?

    • (a) ऑक्सीजन (Oxygen)
    • (b) कार्बन (Carbon)
    • (c) हाइड्रोजन (Hydrogen)
    • (d) नाइट्रोजन (Nitrogen)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): जीवित जीवों में, कार्बन अद्वितीय है क्योंकि यह स्वयं के परमाणुओं और अन्य तत्वों के साथ मजबूत, स्थिर बंधन बना सकता है, जिससे जटिल और विविध जैविक अणुओं (जैसे कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, प्रोटीन, न्यूक्लिक एसिड) की एक विशाल श्रृंखला बन सकती है।

    व्याख्या (Explanation): यदि कुल द्रव्यमान की बात करें (जिसमें पानी भी शामिल है), तो ऑक्सीजन सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। हालांकि, यदि ‘शुष्क भार’ (पानी को हटाकर) या ‘जैविक अणुओं के आधार’ पर विचार करें, तो कार्बन जीवित जीवों में सबसे प्रचुर और मौलिक तत्व है। यह सभी जैविक मैक्रोमोलेक्यूल्स का ‘रीढ़’ बनाता है। कार्बन के बाद, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और नाइट्रोजन भी प्रमुख तत्व हैं जो जैविक संरचनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  19. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में हरे पौधे किस गैस का उपयोग करते हैं?

    • (a) ऑक्सीजन (Oxygen)
    • (b) नाइट्रोजन (Nitrogen)
    • (c) कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide)
    • (d) मीथेन (Methane)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को ग्लूकोज (एक चीनी) और ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं।

    व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में, पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और मिट्टी से पानी (H2O) को क्लोरोफिल की उपस्थिति में अवशोषित करते हैं। सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके, वे CO2 और H2O को ग्लूकोज (भोजन) और उप-उत्पाद के रूप में ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं। यह प्रक्रिया पृथ्वी पर अधिकांश जीवन के लिए ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  20. मानव शरीर की हड्डियों और दांतों में मुख्य रूप से कौन सा खनिज मौजूद होता है?

    • (a) सोडियम क्लोराइड (Sodium Chloride)
    • (b) पोटेशियम आयोडाइड (Potassium Iodide)
    • (c) कैल्शियम फॉस्फेट (Calcium Phosphate)
    • (d) मैग्नीशियम सल्फेट (Magnesium Sulfate)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): हड्डियों और दांतों की कठोरता और संरचनात्मक अखंडता मुख्य रूप से कैल्शियम और फास्फोरस के खनिजों द्वारा प्रदान की जाती है, जो क्रिस्टलीय रूप में जमा होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): मानव शरीर की हड्डियों और दांतों का प्राथमिक खनिज घटक कैल्शियम फॉस्फेट होता है, विशेष रूप से हाइड्रॉक्सीपेटाइट [Ca10(PO4)6(OH)2] के रूप में। यह क्रिस्टलीय पदार्थ हड्डियों और दांतों को उनकी कठोरता, शक्ति और संरचनात्मक सहायता प्रदान करता है। कैल्शियम और फास्फोरस दोनों हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, और इनकी कमी से संबंधित विकार हो सकते हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  21. कार्बन चक्र में, वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की वापसी किस प्रक्रिया के माध्यम से होती है?

    • (a) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
    • (b) श्वसन (Respiration)
    • (c) वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)
    • (d) नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कार्बन चक्र एक जैव-भू-रासायनिक चक्र है जिसमें कार्बन परमाणुओं का पृथ्वी के जीवमंडल, भूमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के बीच आदान-प्रदान होता है।

    व्याख्या (Explanation): श्वसन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीवित जीव ग्लूकोज जैसे कार्बनिक अणुओं को ऊर्जा में तोड़ने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं, और इस प्रक्रिया के उप-उत्पाद के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) छोड़ते हैं। यह CO2 वायुमंडल में वापस आ जाती है। इसके विपरीत, प्रकाश संश्लेषण वायुमंडल से CO2 को हटाता है। वाष्पोत्सर्जन पौधों से पानी का वाष्पीकरण है, और नाइट्रोजन स्थिरीकरण वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करना है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  22. अधिकांश एंजाइम रासायनिक रूप से क्या होते हैं?

    • (a) कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates)
    • (b) लिपिड (Lipids)
    • (c) प्रोटीन (Proteins)
    • (d) न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic Acids)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): एंजाइम जैविक उत्प्रेरक होते हैं जो जीवित कोशिकाओं में रासायनिक प्रतिक्रियाओं को गति देते हैं या नियंत्रित करते हैं। उनकी संरचना उनकी विशिष्ट कार्यक्षमता को निर्धारित करती है।

    व्याख्या (Explanation): अधिकांश एंजाइम रासायनिक रूप से प्रोटीन होते हैं। वे अमीनो एसिड की लंबी श्रृंखलाओं से बने होते हैं जो एक विशिष्ट त्रि-आयामी संरचना में मुड़ते हैं। यह विशिष्ट संरचना एक सक्रिय स्थल बनाती है जो एक विशिष्ट सब्सट्रेट से बंधता है और रासायनिक प्रतिक्रिया को उत्प्रेरित करता है। हालांकि कुछ राइबोन्यूक्लिक एसिड (RNA) अणु (राइबोजाइम) भी एंजाइमी गतिविधि प्रदर्शित करते हैं, लेकिन एंजाइमों का विशाल बहुमत प्रोटीन प्रकृति का होता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  23. रक्त समूह (Blood groups) की खोज किसने की थी?

    • (a) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (Alexander Fleming)
    • (b) कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner)
    • (c) रॉबर्ट कोच (Robert Koch)
    • (d) एडवर्ड जेनर (Edward Jenner)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): रक्त समूह लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर मौजूद एंटीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति से निर्धारित होते हैं। रक्त आधान (blood transfusion) के लिए रक्त समूहों का मिलान महत्वपूर्ण है।

    व्याख्या (Explanation): कार्ल लैंडस्टीनर ने 1901 में ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी खोज ने रक्त आधान को सुरक्षित बनाने में क्रांति ला दी। अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने पेनिसिलिन की खोज की, रॉबर्ट कोच ने विशिष्ट जीवाणुओं और बीमारियों के बीच संबंध स्थापित किए (कोच के अभिधारणाएं), और एडवर्ड जेनर ने चेचक के टीके का विकास किया।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  24. किस विटामिन की कमी से हड्डियों में कमजोरी (रिकेस/सूखा रोग) होती है, विशेषकर बच्चों में?

    • (a) विटामिन A
    • (b) विटामिन B
    • (c) विटामिन C
    • (d) विटामिन D

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): विटामिन D एक वसा में घुलनशील विटामिन है जो कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण और हड्डियों के खनिजकरण के लिए महत्वपूर्ण है।

    व्याख्या (Explanation): विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स (सूखा रोग) और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया (हड्डियों का नरम होना) होता है। विटामिन D शरीर को भोजन से कैल्शियम और फास्फोरस को अवशोषित करने में मदद करता है, जो मजबूत और स्वस्थ हड्डियों के निर्माण और रखरखाव के लिए आवश्यक हैं। सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर त्वचा में विटामिन D का संश्लेषण होता है, और यह कुछ खाद्य पदार्थों जैसे वसायुक्त मछली और गढ़वाले दूध में भी पाया जाता है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  25. पौधों की कोशिका भित्ति (cell wall) मुख्य रूप से किस पदार्थ से बनी होती है?

    • (a) पेप्टिडोग्लाइकन (Peptidoglycan)
    • (b) काइटिन (Chitin)
    • (c) सेलूलोज (Cellulose)
    • (d) ग्लाइकोजन (Glycogen)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कोशिका भित्ति पौधों, कवक, शैवाल और बैक्टीरिया की कोशिकाओं को एक कठोर बाहरी परत प्रदान करती है, जो उन्हें संरचनात्मक सहायता और सुरक्षा देती है।

    व्याख्या (Explanation): पौधों की कोशिका भित्ति मुख्य रूप से सेलूलोज से बनी होती है। सेलूलोज एक जटिल कार्बोहाइड्रेट (पॉलीसेकेराइड) है जो ग्लूकोज इकाइयों की लंबी, सीधी श्रृंखलाओं से बना होता है, जो मजबूत हाइड्रोजन बंधनों द्वारा एक साथ जुड़े होते हैं। यह पौधों को उनकी संरचनात्मक कठोरता और शक्ति प्रदान करता है। पेप्टिडोग्लाइकन बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति में पाया जाता है, काइटिन कवक और कीटों के बहिःकंकाल में पाया जाता है, जबकि ग्लाइकोजन जानवरों में ऊर्जा भंडारण के लिए एक पॉलीसेकेराइड है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
[कोर्स और फ्री नोट्स के लिए यहाँ क्लिक करें]

Leave a Comment