उत्तराखंड अपडेट: रोजगार और सामान्य ज्ञान
परिचय:** उत्तराखंड राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं, जैसे कि UKPSC और UKSSSC, में सफलता प्राप्त करने के लिए न केवल सामान्य ज्ञान (GK) पर मजबूत पकड़ आवश्यक है, बल्कि राज्य से संबंधित समसामयिक घटनाओं और रोजगार के अवसरों से भी अपडेट रहना उतना ही महत्वपूर्ण है। यह जानकारी आपको न केवल परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है, बल्कि राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की गहरी समझ भी प्रदान करती है। इस पोस्ट में, हम आपको उत्तराखंड के नवीनतम समाचारों और रोजगार अपडेट से परिचित कराएँगे, साथ ही आपकी तैयारी को परखने के लिए उत्तराखंड-विशिष्ट उच्च-गुणवत्ता वाले बहुविकल्पीय प्रश्न भी प्रस्तुत करेंगे।
उत्तराखंड: प्रमुख समाचार और रोजगार अपडेट
हाल की प्रमुख घटनाएं:
उत्तराखंड सरकार राज्य के विकास और नागरिकों के कल्याण के लिए विभिन्न पहलों पर लगातार काम कर रही है। हाल ही में, मुख्यमंत्री द्वारा ‘एक जिला, दो उत्पाद’ योजना को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है, जिसका लक्ष्य स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त, राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें साहसिक पर्यटन और होमस्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी, राज्य सरकार ने आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने और पूर्वानुमान क्षमताओं में सुधार के लिए कदम उठाए हैं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
रोजगार के अवसर:
उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों की तलाश कर रहे युवाओं के लिए समय-समय पर विभिन्न विभागों में भर्तियाँ निकलती रहती हैं। UKPSC (उत्तराखंड लोक सेवा आयोग) और UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) नियमित रूप से समूह ‘ग’ और अन्य उच्च पदों के लिए अधिसूचनाएँ जारी करते हैं। हाल ही में, विभिन्न विभागों में रिक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं, जिनमें पटवारी/लेखपाल, कनिष्ठ सहायक और विभिन्न तकनीकी पदों पर भर्ती शामिल है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे इन आयोगों की आधिकारिक वेबसाइट्स पर नवीनतम अपडेट्स और आगामी परीक्षाओं के कैलेंडर की जाँच करते रहें ताकि कोई भी अवसर न छूटे। सरकार का भी फोकस रोजगार सृजन और कौशल विकास पर बना हुआ है।
उत्तराखंड सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स (Uttarakhand GK & Current Affairs MCQs)
-
टेहरी रियासत के अंतिम शासक कौन थे?
- (a) प्रताप शाह
- (b) कीर्ति शाह
- (c) नरेंद्र शाह
- (d) मानवेन्द्र शाह
उत्तर: (d)
व्याख्या: मानवेन्द्र शाह टेहरी रियासत के अंतिम शासक थे। उनकी रियासत का विलय 1 अगस्त 1949 को भारतीय संघ में हुआ था, जिसके बाद यह उत्तर प्रदेश का एक जिला बन गया था।
-
उत्तराखंड में ‘गढ़वाल पेंटिंग’ का जन्मदाता किसे माना जाता है?
- (a) मोलाराम
- (b) मंगतराम
- (c) किशनलाल
- (d) श्याम दास
उत्तर: (a)
व्याख्या: मोलाराम तोमर (1743-1833 ई.) गढ़वाल शैली की चित्रकला के प्रमुख कलाकार थे। उन्होंने गढ़वाल शैली को एक नई पहचान दी और उनके चित्रों में गढ़वाल की सांस्कृतिक झलक मिलती है।
-
उत्तराखंड में “दून” शब्द किस प्रकार की भू-आकृति को संदर्भित करता है?
- (a) एक ऊँचा पर्वतीय शिखर
- (b) नदियों द्वारा निर्मित गहरी घाटी
- (c) शिवालिक और मध्य हिमालय के बीच स्थित अनुदैर्ध्य घाटी
- (d) एक प्रकार का ज्वालामुखी क्रेटर
उत्तर: (c)
व्याख्या: “दून” या “दुआर” शिवालिक श्रेणी और मध्य हिमालय के बीच स्थित समतल अनुदैर्ध्य घाटियों को कहा जाता है। देहरादून और हरिद्वार दून क्षेत्र के प्रसिद्ध उदाहरण हैं।
-
लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के किस जिले में स्थित है?
- (a) चमोली
- (b) पिथौरागढ़
- (c) उत्तरकाशी
- (d) बागेश्वर
उत्तर: (b)
व्याख्या: लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। यह भारत, चीन और नेपाल के ट्राई-जंक्शन पर स्थित एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दर्रा है और कैलाश मानसरोवर यात्रा का एक मार्ग भी है।
-
फूलों की घाटी (Valley of Flowers) को किस वर्ष यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया?
- (a) 1982
- (b) 1988
- (c) 2005
- (d) 2000
उत्तर: (c)
व्याख्या: फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को 1982 में स्थापित किया गया था, लेकिन इसे 2005 में यूनेस्को द्वारा नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के विस्तार के रूप में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।
-
उत्तराखंड उच्च न्यायालय की स्थापना कब हुई थी?
- (a) 9 नवंबर 2000
- (b) 1 जनवरी 2001
- (c) 15 अगस्त 2000
- (d) 26 जनवरी 2001
उत्तर: (a)
व्याख्या: उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवंबर 2000 को हुआ था, और इसी दिन उत्तराखंड उच्च न्यायालय की स्थापना नैनीताल में की गई थी।
-
उत्तराखंड में ग्राम पंचायतों की संख्या लगभग कितनी है?
- (a) 5,000-6,000
- (b) 7,000-7,500
- (c) 8,000-8,500
- (d) 9,000-9,500
उत्तर: (b)
व्याख्या: उत्तराखंड में ग्राम पंचायतों की संख्या लगभग 7,500 के आसपास है। यह संख्या समय-समय पर पुनर्गठन के कारण थोड़ी भिन्न हो सकती है, लेकिन विकल्प (b) सबसे उपयुक्त अनुमान है।
-
उत्तराखंड में रेशम कीट पालन (सेरीकल्चर) के विकास के लिए कौन सा जिला प्रमुख है?
- (a) हरिद्वार
- (b) देहरादून
- (c) ऊधम सिंह नगर
- (d) नैनीताल
उत्तर: (b)
व्याख्या: देहरादून जिले में सेरीकल्चर (रेशम कीट पालन) का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां रेशम कीट पालन के विकास के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
-
राज्य में स्थापित ‘पिरुल’ आधारित बिजली परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (a) जल विद्युत उत्पादन बढ़ाना
- (b) कृषि अपशिष्ट का निपटान करना
- (c) चीड़ की पत्तियों (पिरुल) से बिजली बनाना और वनाग्नि को नियंत्रित करना
- (d) सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना
उत्तर: (c)
व्याख्या: पिरुल (चीड़ की सूखी पत्तियां) वनाग्नि का एक प्रमुख कारण होती हैं। पिरुल आधारित बिजली परियोजना का उद्देश्य इन पत्तियों का उपयोग करके बिजली का उत्पादन करना है, जिससे न केवल ऊर्जा की आवश्यकता पूरी होगी बल्कि वनाग्नि के जोखिम को कम करने में भी मदद मिलेगी।
-
उत्तराखंड का प्रसिद्ध ‘नंदा देवी राजजात’ यात्रा कितने वर्षों के अंतराल पर आयोजित होती है?
- (a) 5 वर्ष
- (b) 8 वर्ष
- (c) 10 वर्ष
- (d) 12 वर्ष
उत्तर: (d)
व्याख्या: नंदा देवी राजजात यात्रा उत्तराखंड की सबसे लंबी और कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक है। यह यात्रा लगभग 12 वर्षों के अंतराल पर आयोजित होती है और नंदा देवी को समर्पित है।
-
‘छोलिया’ नृत्य उत्तराखंड के किस क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य है?
- (a) गढ़वाल
- (b) कुमाऊँ
- (c) जौनसार-बावर
- (d) भोटिया जनजाति क्षेत्र
उत्तर: (b)
व्याख्या: छोलिया नृत्य कुमाऊँ क्षेत्र का एक मार्शल लोक नृत्य है, जो तलवार और ढाल के साथ किया जाता है। यह मुख्यतः विवाह समारोहों और धार्मिक जुलूसों में प्रदर्शित किया जाता है।
-
उत्तराखंड की किस महिला को हाल ही में ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था? (संदर्भ 2022-2023)
- (a) तुलसी रावत
- (b) माधुरी बर्थवाल
- (c) वंदना कटारिया
- (d) बीना बिष्ट
उत्तर: (b)
व्याख्या: उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका और संगीतकार माधुरी बर्थवाल को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वर्ष 2021 के नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो मार्च 2022 में प्रदान किया गया। यह पुरस्कार महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है।
-
‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (a) राज्य की सभी महिलाओं को एक लाख रुपये का ऋण प्रदान करना।
- (b) स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को 2025 तक लखपति बनाना।
- (c) गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता देना।
- (d) महिला उद्यमियों को स्टार्ट-अप के लिए प्रोत्साहन देना।
उत्तर: (b)
व्याख्या: ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना’ का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 1.25 लाख महिलाओं को वर्ष 2025 तक लखपति बनाना है, यानी उनकी वार्षिक आय को 1 लाख रुपये या उससे अधिक करना है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
-
उत्तराखंड में ‘मोटे अनाजों’ (Millets) को बढ़ावा देने के लिए कौन सा वर्ष ‘मोटा अनाज वर्ष’ के रूप में मनाया गया/घोषित किया गया?
- (a) 2022
- (b) 2023
- (c) 2024
- (d) 2025
उत्तर: (b)
व्याख्या: भारत के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को ‘अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ (International Year of Millets) घोषित किया था। इसी कड़ी में उत्तराखंड ने भी मोटे अनाजों (जैसे मंडुआ, झंगोरा) के उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलें कीं।
-
उत्तराखंड राज्य का राजकीय पुष्प क्या है?
- (a) कमल
- (b) ब्रह्मकमल
- (c) बुरांश
- (d) गेंदा
उत्तर: (b)
व्याख्या: उत्तराखंड का राजकीय पुष्प ब्रह्मकमल (Saussurea obvallata) है। यह हिमालयी क्षेत्रों में उच्च ऊँचाई पर पाया जाने वाला एक दुर्लभ पुष्प है और इसे औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है।