Get free Notes

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Click Here

सामान्य विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी तैयारी को परखें

सामान्य विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी तैयारी को परखें

परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सामान्य विज्ञान एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। चाहे SSC हो, रेलवे हो या राज्य स्तरीय PSCs, विज्ञान के प्रश्न अक्सर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अवधारणाओं को गहराई से समझना और उन्हें MCQs के माध्यम से अभ्यास करना सफलता की कुंजी है। इस खंड में, हमने भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण और परीक्षा-केंद्रित प्रश्नों का संकलन किया है। प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत व्याख्या दी गई है ताकि आप न केवल सही उत्तर जानें, बल्कि उसके पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी समझ सकें। आइए, अपनी तैयारी को परखें और विज्ञान की अपनी समझ को मजबूत करें।


सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)

  1. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR) का उपयोग निम्नलिखित में से किसमें नहीं होता है?

    • (a) ऑप्टिकल फाइबर
    • (b) पेरिस्कोप
    • (c) एंडोस्कोप
    • (d) हीरे की चमक

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) वह घटना है जहाँ प्रकाश की किरण एक सघन माध्यम से एक विरल माध्यम में जाते समय, जब आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होता है, तो वह उसी सघन माध्यम में वापस परावर्तित हो जाती है।

    व्याख्या (Explanation): ऑप्टिकल फाइबर, एंडोस्कोप और हीरे की चमक में पूर्ण आंतरिक परावर्तन का सिद्धांत काम करता है। ऑप्टिकल फाइबर और एंडोस्कोप प्रकाश को लंबी दूरी तक कम नुकसान के साथ ले जाने के लिए TIR का उपयोग करते हैं, जबकि हीरे की अत्यधिक चमक उसके उच्च अपवर्तनांक और बार-बार होने वाले TIR के कारण होती है। इसके विपरीत, पेरिस्कोप मुख्य रूप से साधारण परावर्तन के सिद्धांत पर काम करता है, जिसमें दर्पण या प्रिज्म का उपयोग होता है, न कि पूर्ण आंतरिक परावर्तन का।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  2. कार्बन का कौन सा अपररूप (Allotrope) सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है?

    • (a) ग्रेफाइट
    • (b) फुलरीन
    • (c) हीरा
    • (d) ग्राफीन

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): अपररूपता (Allotropy) वह गुण है जहाँ एक ही तत्व विभिन्न भौतिक रूपों (अपररूपों) में मौजूद होता है, जिनकी रासायनिक संरचना समान रहती है लेकिन भौतिक गुण भिन्न होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): कार्बन एक अद्वितीय तत्व है जो कई अपररूपों में मौजूद है, जिनमें हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन और ग्राफीन शामिल हैं। हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य चार कार्बन परमाणुओं से एक त्रि-आयामी जालक (network) संरचना में मजबूत सहसंयोजक बंधों द्वारा जुड़ा होता है। यह अत्यधिक स्थिर और सममित संरचना हीरे को ज्ञात सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ बनाती है। ग्रेफाइट मुलायम होता है और ग्राफीन एक-परमाणु-मोटी शीट है, जबकि फुलरीन फुटबॉल जैसी संरचनाएं हैं, ये सभी हीरे जितने कठोर नहीं हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  3. सभी कार्बनिक यौगिकों का अनिवार्य तत्व कौन सा है?

    • (a) ऑक्सीजन
    • (b) नाइट्रोजन
    • (c) कार्बन
    • (d) हाइड्रोजन

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कार्बनिक रसायन विज्ञान (Organic Chemistry) मुख्य रूप से कार्बन परमाणुओं से बने यौगिकों का अध्ययन करता है। कार्बन की अद्वितीय बॉन्डिंग क्षमता उसे जटिल और विविध अणु बनाने की अनुमति देती है।

    व्याख्या (Explanation): जीव विज्ञान में, कार्बन को ‘जीवन का आधार’ माना जाता है क्योंकि सभी प्रमुख जैव-अणु जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड और न्यूक्लिक अम्ल (DNA, RNA) की रीढ़ की हड्डी कार्बन परमाणुओं से बनी होती है। कार्बन की अद्वितीय क्षमता, अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ-साथ विभिन्न तत्वों (जैसे हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन) के साथ मजबूत सहसंयोजक बंध बनाने की, जटिल और विविध संरचनाओं के निर्माण की अनुमति देती है जो जीवन के लिए आवश्यक हैं। अन्य विकल्प भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे कार्बनिक यौगिकों के लिए अनिवार्य नहीं हैं जिस तरह कार्बन है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  4. किसी पदार्थ की कठोरता को मापने के लिए किस पैमाने का उपयोग किया जाता है?

    • (a) रिक्टर पैमाना
    • (b) मोह्स पैमाना
    • (c) केल्विन पैमाना
    • (d) डेसिबल पैमाना

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कठोरता किसी सामग्री की खरोंच या घर्षण के प्रतिरोध का माप है। मोह्स कठोरता पैमाना खनिजों की कठोरता को मापने के लिए एक गुणात्मक पैमाना है।

    व्याख्या (Explanation): मोह्स कठोरता पैमाना खनिजों की खरोंच कठोरता को मापने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक पैमाना है। इस पैमाने पर 1 (टैल्क) से 10 (हीरा) तक मान होते हैं। हीरा इस पैमाने पर उच्चतम 10 अंक के साथ सबसे कठोर ज्ञात प्राकृतिक खनिज है। रिक्टर पैमाना भूकंप की तीव्रता को मापता है, केल्विन पैमाना तापमान को मापता है, और डेसिबल पैमाना ध्वनि की तीव्रता को मापता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  5. हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध (covalent bonds) द्वारा जुड़ा होता है?

    • (a) 2
    • (b) 3
    • (c) 4
    • (d) 5

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): सहसंयोजक बंध परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के साझाकरण से बनते हैं। कार्बन अपनी चार संयोजकता (valence) के कारण चार सहसंयोजक बंध बनाने में सक्षम है।

    व्याख्या (Explanation): हीरे की संरचना एक विशाल त्रि-आयामी नेटवर्क है। इसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य चार कार्बन परमाणुओं से मजबूत सहसंयोजक बंधों (sp3 संकरण) द्वारा चतुष्फलकीय (tetrahedral) रूप से जुड़ा होता है। यह कठोर, त्रि-आयामी जाली संरचना ही हीरे की असाधारण कठोरता और स्थायित्व का कारण है। ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है, जिससे षट्कोणीय परतें बनती हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  6. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में कौन सी गैस अवशोषित होती है?

    • (a) ऑक्सीजन
    • (b) नाइट्रोजन
    • (c) कार्बन डाइऑक्साइड
    • (d) मीथेन

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके जल और कार्बन डाइऑक्साइड को ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं।

    व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण के लिए मुख्य कच्चे माल जल (H2O) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) हैं। पौधे अपने पत्तियों में मौजूद क्लोरोफिल की मदद से सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और इसे ग्लूकोज में परिवर्तित करते हैं। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन एक उप-उत्पाद के रूप में मुक्त होती है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  7. हीरे का अपवर्तनांक (Refractive Index) कितना होता है?

    • (a) 1.33
    • (b) 1.52
    • (c) 2.42
    • (d) 1.00

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): अपवर्तनांक वह कारक है जो बताता है कि प्रकाश किसी माध्यम में कितनी धीमी गति से यात्रा करता है और उस माध्यम से गुजरते हुए कितना झुकता है। उच्च अपवर्तनांक का अर्थ है प्रकाश का अधिक झुकना।

    व्याख्या (Explanation): हीरे का अपवर्तनांक लगभग 2.42 होता है, जो अन्य कई पारदर्शी सामग्रियों की तुलना में काफी अधिक है (उदाहरण के लिए, पानी का अपवर्तनांक 1.33 और कांच का लगभग 1.52 होता है)। यह उच्च अपवर्तनांक प्रकाश को हीरे के भीतर अधिक बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन करने में मदद करता है, जिससे उसकी अद्भुत चमक (brilliance) और दमक (fire) पैदा होती है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  8. निम्नलिखित में से कौन कार्बन का एक अक्रिस्टलीय (Amorphous) अपररूप है?

    • (a) हीरा
    • (b) ग्रेफाइट
    • (c) कोक
    • (d) फुलरीन

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): अपररूपों को उनकी क्रिस्टलीय संरचना के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। क्रिस्टलीय अपररूपों में परमाणुओं की एक सुव्यवस्थित, दोहराई जाने वाली व्यवस्था होती है, जबकि अक्रिस्टलीय अपररूपों में ऐसी कोई निश्चित व्यवस्था नहीं होती है।

    व्याख्या (Explanation): हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन कार्बन के क्रिस्टलीय अपररूप हैं क्योंकि उनके परमाणुओं की एक निश्चित, सुव्यवस्थित जालक संरचना होती है। कोक (जो कोयले के विनाशकारी आसवन से प्राप्त होता है), चारकोल और लैम्पब्लैक कार्बन के अक्रिस्टलीय अपररूप हैं। इनमें कार्बन परमाणु अनियमित रूप से व्यवस्थित होते हैं, जिससे कोई निश्चित क्रिस्टलीय संरचना नहीं बनती।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  9. मानव शरीर में ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है?

    • (a) प्रोटीन
    • (b) विटामिन
    • (c) कार्बोहाइड्रेट
    • (d) वसा

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): मानव शरीर में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा) का पाचन करके ऊर्जा प्राप्त की जाती है।

    व्याख्या (Explanation): कार्बोहाइड्रेट मानव शरीर के लिए ऊर्जा का प्राथमिक और सबसे आसानी से उपलब्ध स्रोत हैं। वे पाचन के दौरान ग्लूकोज में टूट जाते हैं, जिसका उपयोग कोशिकाओं द्वारा तत्काल ऊर्जा के लिए किया जाता है या ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत किया जाता है। वसा भी ऊर्जा का एक सांद्रित स्रोत है, लेकिन आमतौर पर इसका उपयोग द्वितीयक स्रोत के रूप में किया जाता है जब कार्बोहाइड्रेट उपलब्ध नहीं होते। प्रोटीन मुख्य रूप से शरीर की वृद्धि, मरम्मत और रखरखाव के लिए उपयोग होते हैं, जबकि विटामिन और खनिज नियामक भूमिका निभाते हैं और ऊर्जा प्रदान नहीं करते।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  10. हीरे की चमक का मुख्य कारण क्या है?

    • (a) उच्च घनत्व
    • (b) उच्च अपवर्तनांक और पूर्ण आंतरिक परावर्तन
    • (c) इसकी क्रिस्टलीय संरचना
    • (d) इसमें कार्बन परमाणुओं की उपस्थिति

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): हीरे की चमक (Brilliance) और दमक (Fire) उसके उच्च अपवर्तनांक (Refractive Index) और कुशल कटिंग के कारण होने वाले पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR) का परिणाम है।

    व्याख्या (Explanation): हीरे का असाधारण अपवर्तनांक (लगभग 2.42) और इसका कुशल कट इसे अपने भीतर प्रवेश करने वाले अधिकांश प्रकाश को फंसाने और फिर उसे कई बार पूर्ण आंतरिक परावर्तित करने की अनुमति देता है। यह बार-बार परावर्तन हीरे के भीतर प्रकाश को “उछालता” है और फिर उसे दर्शक की आँखों में वापस भेजता है, जिससे उसकी प्रसिद्ध चमक और दमक पैदा होती है। जबकि इसकी क्रिस्टलीय संरचना और कार्बन परमाणुओं की उपस्थिति इसके गुणों में योगदान करती है, चमक का सीधा कारण उच्च अपवर्तनांक और TIR है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  11. वह प्रक्रिया जिसमें उच्च दाब और तापमान पर ग्रेफाइट को हीरे में बदला जाता है, क्या कहलाती है?

    • (a) वल्कनीकरण (Vulcanization)
    • (b) क्रिस्टलीकरण (Crystallization)
    • (c) कृत्रिम संश्लेषण (Artificial Synthesis)
    • (d) गैसीकरण (Gasification)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कृत्रिम संश्लेषण वह प्रक्रिया है जहाँ प्रयोगशाला में प्राकृतिक परिस्थितियों की नकल करके या नई रासायनिक प्रतिक्रियाओं का उपयोग करके किसी पदार्थ का निर्माण किया जाता है।

    व्याख्या (Explanation): ग्रेफाइट को कृत्रिम रूप से हीरे में बदलने की प्रक्रिया को उच्च दाब और उच्च तापमान (HPHT) संश्लेषण या रासायनिक वाष्प जमाव (CVD) जैसी तकनीकों का उपयोग करके कृत्रिम संश्लेषण कहा जाता है। इन प्रक्रियाओं में, ग्रेफाइट को अत्यधिक उच्च दाब (लगभग 5.5 GPa) और तापमान (लगभग 1500°C) पर उत्प्रेरक की उपस्थिति में रखा जाता है, जिससे कार्बन परमाणु हीरे की संरचना में पुनर्व्यवस्थित हो जाते हैं। वल्कनीकरण रबड़ को कठोर बनाने की प्रक्रिया है, क्रिस्टलीकरण विलयन से ठोस का निर्माण है, और गैसीकरण ठोस या तरल को गैस में बदलने की प्रक्रिया है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  12. डीएनए (DNA) का मूल निर्माण खंड (building block) क्या है?

    • (a) अमीनो अम्ल
    • (b) फैटी अम्ल
    • (c) न्यूक्लियोटाइड
    • (d) ग्लूकोज

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): डीएनए (Deoxyribonucleic Acid) एक बहुलक है जो आनुवंशिक जानकारी संग्रहीत करता है और यह छोटी, दोहराई जाने वाली इकाइयों से बना होता है जिन्हें मोनोमर कहा जाता है।

    व्याख्या (Explanation): डीएनए एक वृहद अणु है जो न्यूक्लियोटाइड नामक छोटी इकाइयों से मिलकर बनता है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड में तीन घटक होते हैं: एक फॉस्फेट समूह, एक पेंटोज शर्करा (डीऑक्सीराइबोज), और एक नाइट्रोजनस बेस (एडेनिन, गुआनिन, साइटोसिन, या थाइमिन)। न्यूक्लियोटाइड आपस में जुड़कर डीएनए की लंबी पॉलीमर श्रृंखला बनाते हैं। अमीनो अम्ल प्रोटीन के निर्माण खंड हैं, फैटी अम्ल लिपिड के घटक हैं, और ग्लूकोज एक साधारण शर्करा है जो कार्बोहाइड्रेट का निर्माण खंड है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  13. निम्नलिखित में से कौन ऊष्मा का सर्वोत्तम सुचालक है, भले ही वह विद्युत का कुचालक हो?

    • (a) तांबा
    • (b) एल्युमिनियम
    • (c) हीरा
    • (d) ग्रेफाइट

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ऊष्मा चालकता (Thermal Conductivity) पदार्थ की ऊष्मा को स्थानांतरित करने की क्षमता है, जबकि विद्युत चालकता (Electrical Conductivity) पदार्थ की विद्युत धारा को प्रवाहित करने की क्षमता है।

    व्याख्या (Explanation): हीरा ज्ञात प्राकृतिक पदार्थों में ऊष्मा का सबसे अच्छा सुचालक है, जो इसे थर्मल सिंक और इलेक्ट्रॉनिक्स में हीट स्प्रेडर के रूप में उपयोगी बनाता है। हालांकि, हीरे में कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं (सभी संयोजकता इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंधों में कसकर बंधे होते हैं), इसलिए यह विद्युत का कुचालक है। तांबा और एल्युमिनियम दोनों ऊष्मा और विद्युत के उत्कृष्ट सुचालक हैं। ग्रेफाइट ऊष्मा और विद्युत दोनों का सुचालक है क्योंकि इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  14. रासायनिक रूप से हीरा क्या है?

    • (a) कैल्शियम कार्बोनेट
    • (b) शुद्ध कार्बन
    • (c) सिलिकॉन डाइऑक्साइड
    • (d) एल्यूमीनियम ऑक्साइड

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): एक रासायनिक तत्व वह शुद्ध पदार्थ है जिसमें केवल एक प्रकार का परमाणु होता है।

    व्याख्या (Explanation): रासायनिक रूप से, हीरा शुद्ध कार्बन (C) का एक अपररूप है। यह किसी अन्य तत्व या यौगिक का मिश्रण नहीं है। इसकी अनूठी और अत्यधिक स्थिर त्रि-आयामी क्रिस्टलीय संरचना ही इसके विशिष्ट गुणों, जैसे अत्यधिक कठोरता और उच्च अपवर्तनांक, का कारण है। कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) चाक या संगमरमर का मुख्य घटक है, सिलिकॉन डाइऑक्साइड (SiO2) रेत और क्वार्ट्ज में पाया जाता है, और एल्यूमीनियम ऑक्साइड (Al2O3) कोरंडम और माणिक का मुख्य घटक है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  15. पौधों की कोशिका भित्ति (Cell wall) मुख्यतः किससे बनी होती है?

    • (a) प्रोटीन
    • (b) लिपिड
    • (c) सेलूलोज
    • (d) लिग्निन

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कोशिका भित्ति पौधों, कवक, शैवाल और कुछ जीवाणुओं की कोशिकाओं के बाहर एक कठोर, सुरक्षात्मक परत होती है, जो कोशिका को संरचनात्मक सहायता और सुरक्षा प्रदान करती है।

    व्याख्या (Explanation): पौधों की कोशिका भित्ति मुख्य रूप से सेलूलोज से बनी होती है। सेलूलोज एक जटिल कार्बोहाइड्रेट (पॉलिसैकेराइड) है जो ग्लूकोज इकाइयों की लंबी श्रृंखलाओं से बना होता है। यह पौधों को उनकी कठोरता, शक्ति और संरचनात्मक अखंडता प्रदान करता है। कवक में कोशिका भित्ति काइटिन की बनी होती है, जबकि जीवाणुओं में पेप्टिडोग्लाइकन की। प्रोटीन, लिपिड और लिग्निन भी पौधों की कोशिका भित्ति में पाए जा सकते हैं लेकिन सेलूलोज मुख्य घटक है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  16. X-किरण विवर्तन (X-ray diffraction) का उपयोग मुख्य रूप से किसके अध्ययन के लिए किया जाता है?

    • (a) तरल पदार्थों की चिपचिपाहट
    • (b) गैसों का दाब
    • (c) क्रिस्टलीय पदार्थों की आंतरिक संरचना
    • (d) ध्वनि तरंगों का संचरण

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): X-किरण विवर्तन एक ऐसी तकनीक है जो क्रिस्टल की संरचना को उजागर करने के लिए X-किरणों के विवर्तन पैटर्न का उपयोग करती है। यह ब्रैग के नियम (Bragg’s Law) पर आधारित है।

    व्याख्या (Explanation): X-किरण विवर्तन (XRD) एक शक्तिशाली गैर-विनाशकारी विश्लेषणात्मक तकनीक है जिसका उपयोग क्रिस्टलीय पदार्थों की आंतरिक परमाण्विक और आणविक संरचना को निर्धारित करने के लिए किया जाता है। X-किरणें जब क्रिस्टलीय जालक से टकराती हैं तो वे विवर्तित हो जाती हैं, और यह विवर्तन पैटर्न पदार्थ के परमाणुओं की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्रदान करता है, जिससे क्रिस्टल की विशिष्ट संरचना का पता चलता है। इस तकनीक का उपयोग हीरे जैसे क्रिस्टल की संरचना के अध्ययन में भी किया जाता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  17. कार्बन के परमाणु क्रमांक (Atomic number) और द्रव्यमान संख्या (Mass number) क्रमशः क्या हैं?

    • (a) 6, 12
    • (b) 8, 16
    • (c) 7, 14
    • (d) 1, 1

    उत्तर: (a)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): परमाणु क्रमांक (Z) किसी परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन की संख्या होती है और यह तत्व की पहचान करता है। द्रव्यमान संख्या (A) नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या होती है।

    व्याख्या (Explanation): कार्बन (C) का परमाणु क्रमांक 6 है, जिसका अर्थ है कि इसके नाभिक में 6 प्रोटॉन हैं। इसकी सामान्य द्रव्यमान संख्या 12 है (आइसोटोप कार्बन-12 के लिए), जिसका अर्थ है कि इसमें 6 प्रोटॉन और (12 – 6) = 6 न्यूट्रॉन हैं। अन्य विकल्प अन्य तत्वों के परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या के हैं: (b) ऑक्सीजन, (c) नाइट्रोजन, (d) हाइड्रोजन।

    अतः, सही उत्तर (a) है।

  18. श्वसन (Respiration) की प्रक्रिया में ग्लूकोज के पूर्ण ऑक्सीकरण के परिणामस्वरूप क्या बनता है?

    • (a) लैक्टिक अम्ल
    • (b) इथेनॉल
    • (c) कार्बन डाइऑक्साइड और जल
    • (d) ऑक्सीजन और जल

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोशिकाएं भोजन (मुख्यतः ग्लूकोज) को ऊर्जा (एटीपी) में परिवर्तित करती हैं। एरोबिक श्वसन में ऑक्सीजन का उपयोग होता है।

    व्याख्या (Explanation): एरोबिक श्वसन में, ग्लूकोज (C6H12O6) का ऑक्सीजन (O2) की उपस्थिति में पूर्ण ऑक्सीकरण होता है। इस प्रक्रिया में, ग्लूकोज पूरी तरह से टूटकर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और जल (H2O) बनाता है, और बड़ी मात्रा में ऊर्जा (ATP) मुक्त होती है। रासायनिक समीकरण इस प्रकार है: C6H12O6 + 6O2 → 6CO2 + 6H2O + ऊर्जा (ATP)। लैक्टिक अम्ल और इथेनॉल अवायवीय श्वसन के उत्पाद हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  19. प्रकाश का वर्ण विक्षेपण (Dispersion of light) किसके द्वारा होता है?

    • (a) दर्पण
    • (b) लेंस
    • (c) प्रिज्म
    • (d) इनमें से सभी

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): वर्ण विक्षेपण वह घटना है जहाँ श्वेत प्रकाश अपने घटक रंगों में (जैसे VIBGYOR) विभाजित हो जाता है, क्योंकि विभिन्न तरंग दैर्ध्य के लिए माध्यम का अपवर्तनांक भिन्न होता है।

    व्याख्या (Explanation): प्रिज्म वर्ण विक्षेपण के लिए सबसे प्रसिद्ध उपकरण है। जब श्वेत प्रकाश एक प्रिज्म से गुजरता है, तो यह अपने घटक रंगों (बैंगनी से लाल) में विभाजित हो जाता है क्योंकि प्रत्येक रंग (तरंग दैर्ध्य) के लिए कांच का अपवर्तनांक थोड़ा भिन्न होता है। बैंगनी प्रकाश का अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है (सबसे अधिक झुकता है), जबकि लाल प्रकाश का सबसे कम। दर्पण केवल प्रकाश को परावर्तित करते हैं, और लेंस प्रकाश को अपवर्तित करते हैं (मोड़ते हैं) लेकिन आमतौर पर वर्ण विक्षेपण नहीं दिखाते जब तक कि विशेष रूप से डिजाइन न किए गए हों।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  20. अणु जो केवल कार्बन और हाइड्रोजन परमाणुओं से बने होते हैं, क्या कहलाते हैं?

    • (a) अल्कोहल
    • (b) कार्बोहाइड्रेट
    • (c) हाइड्रोकार्बन
    • (d) एल्डिहाइड

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कार्बनिक यौगिकों को उनके घटक तत्वों और कार्यात्मक समूहों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

    व्याख्या (Explanation): हाइड्रोकार्बन वे कार्बनिक यौगिक होते हैं जो विशेष रूप से कार्बन (C) और हाइड्रोजन (H) परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं। उदाहरणों में मीथेन (CH4), ईथेन (C2H6), बेंजीन (C6H6) आदि शामिल हैं। अल्कोहल में -OH समूह होता है, कार्बोहाइड्रेट में कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन होते हैं (आमतौर पर Cx(H2O)y सूत्र के साथ), और एल्डिहाइड में -CHO कार्यात्मक समूह होता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  21. कौन सा विटामिन शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है?

    • (a) विटामिन A
    • (b) विटामिन B
    • (c) विटामिन C
    • (d) विटामिन D

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): विटामिन कार्बनिक यौगिक होते हैं जिनकी शरीर को सामान्य वृद्धि और चयापचय कार्यों के लिए थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है।

    व्याख्या (Explanation): विटामिन D एक वसा में घुलनशील विटामिन है जो कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण और हड्डियों के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक है। यह सूरज की रोशनी के संपर्क में आने पर त्वचा में संश्लेषित होता है और कुछ खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। विटामिन A दृष्टि, प्रतिरक्षा और कोशिका वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन B समूह चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन C एक एंटीऑक्सीडेंट है और प्रतिरक्षा कार्य के लिए महत्वपूर्ण है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  22. किस घटना के कारण आसमान नीला दिखाई देता है?

    • (a) परावर्तन
    • (b) अपवर्तन
    • (c) प्रकीर्णन
    • (d) व्यतिकरण

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्रकाश का प्रकीर्णन वह घटना है जहाँ प्रकाश की किरणें कणों द्वारा बिखेर दी जाती हैं। रेले का प्रकीर्णन (Rayleigh scattering) बताता है कि छोटी तरंग दैर्ध्य (जैसे नीला प्रकाश) बड़ी तरंग दैर्ध्य की तुलना में अधिक प्रकीर्णित होती हैं।

    व्याख्या (Explanation): आसमान का नीला दिखना प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण होता है। पृथ्वी के वायुमंडल में छोटे धूल कण और गैस अणु (मुख्यतः नाइट्रोजन और ऑक्सीजन) सूर्य के प्रकाश को सभी दिशाओं में बिखेरते हैं। नीले रंग की तरंग दैर्ध्य कम होने के कारण, यह अन्य रंगों (जैसे लाल और पीला) की तुलना में अधिक तीव्रता से प्रकीर्णित होता है। यही कारण है कि दिन के समय आसमान नीला दिखाई देता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  23. कौन सा बंध सबसे मजबूत होता है?

    • (a) आयनिक बंध
    • (b) सहसंयोजक बंध
    • (c) धात्विक बंध
    • (d) हाइड्रोजन बंध

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): रासायनिक बंध परमाणुओं को एक साथ जोड़ने वाले बल होते हैं, और उनकी ताकत विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है जैसे कि परमाणु आकार, वैद्युतीयऋणात्मकता और इलेक्ट्रॉन साझाकरण/स्थानांतरण का तरीका।

    व्याख्या (Explanation): सामान्य तौर पर, सहसंयोजक बंध (विशेषकर नेटवर्क सहसंयोजक बंध, जैसे हीरे में) सबसे मजबूत रासायनिक बंधों में से एक होते हैं। सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन साझा किए जाते हैं, जिससे मजबूत और दिशात्मक बंध बनते हैं। आयनिक बंध इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण हस्तांतरण से बनते हैं, जिससे विपरीत आवेशित आयनों के बीच मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण होता है। धात्विक बंध धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉनों के ‘समुद्र’ के कारण होते हैं। हाइड्रोजन बंध सबसे कमजोर अंतर-आणविक बलों में से एक हैं। हीरे की असाधारण कठोरता उसके मजबूत सहसंयोजक नेटवर्क के कारण है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  24. मानव शरीर में सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?

    • (a) अग्न्याशय
    • (b) थायराइड
    • (c) यकृत
    • (d) अधिवृक्क

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): मानव शरीर में ग्रंथियां विभिन्न कार्यों के लिए हार्मोन, एंजाइम या अन्य पदार्थ स्रावित करती हैं।

    व्याख्या (Explanation): यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है और यह कई महत्वपूर्ण कार्य करता है, जैसे पित्त का उत्पादन, प्रोटीन संश्लेषण, डिटॉक्सीफिकेशन, ग्लूकोज का भंडारण और चयापचय। अग्न्याशय एक मिश्रित ग्रंथि है जो पाचन एंजाइम और हार्मोन (जैसे इंसुलिन) दोनों का उत्पादन करती है। थायराइड ग्रंथि चयापचय को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। अधिवृक्क ग्रंथियां तनाव प्रतिक्रिया और अन्य कार्यों के लिए हार्मोन बनाती हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  25. किस रक्त समूह को ‘सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता’ (Universal Recipient) कहा जाता है?

    • (a) A+
    • (b) B+
    • (c) AB+
    • (d) O-

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): रक्त समूह ABO और Rh प्रणाली पर आधारित होते हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर एंटीजन (प्रतिजन) की उपस्थिति या अनुपस्थिति और रक्त प्लाज्मा में एंटीबॉडी (प्रतिपिंड) की उपस्थिति पर निर्भर करते हैं।

    व्याख्या (Explanation): AB+ रक्त समूह को ‘सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता’ कहा जाता है क्योंकि इसमें A और B दोनों एंटीजन होते हैं और कोई एंटी-A या एंटी-B एंटीबॉडी नहीं होती है। साथ ही, इसमें Rh कारक भी मौजूद होता है। इस वजह से, AB+ रक्त समूह वाले व्यक्ति को सैद्धांतिक रूप से किसी भी रक्त समूह से रक्त प्राप्त हो सकता है (हालांकि क्रॉस-मैचिंग हमेशा आवश्यक होती है)। O- रक्त समूह ‘सार्वभौमिक दाता’ होता है क्योंकि इसमें कोई A, B या Rh एंटीजन नहीं होता है, जिससे यह सभी रक्त समूहों के लिए सुरक्षित रूप से दान किया जा सकता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  26. विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत की खोज किसने की थी?

    • (a) अल्बर्ट आइंस्टीन
    • (b) माइकल फैराडे
    • (c) जेम्स क्लर्क मैक्सवेल
    • (d) निकोला टेस्ला

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): विद्युत चुम्बकीय प्रेरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक चालक में बदलते चुंबकीय क्षेत्र के कारण विद्युत धारा उत्पन्न होती है।

    व्याख्या (Explanation): माइकल फैराडे ने 1831 में विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज की, जो विद्युत जनरेटर, ट्रांसफार्मर और कई अन्य विद्युत उपकरणों के संचालन का आधार है। उन्होंने पाया कि एक बदलते चुंबकीय प्रवाह एक चालक में एक विद्युत वाहक बल (EMF) उत्पन्न करता है। आइंस्टीन सापेक्षता के सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं, मैक्सवेल ने विद्युत चुम्बकीय तरंगों को एकीकृत किया, और टेस्ला ने प्रत्यावर्ती धारा (AC) प्रणाली पर महत्वपूर्ण काम किया।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  27. रक्त का थक्का जमने में कौन सा विटामिन आवश्यक है?

    • (a) विटामिन A
    • (b) विटामिन K
    • (c) विटामिन E
    • (d) विटामिन B12

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): रक्त स्कंदन (Blood coagulation) एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न प्लाज्मा प्रोटीन (स्कंदन कारक) और प्लेटलेट्स शामिल होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप रक्त का थक्का बनता है।

    व्याख्या (Explanation): विटामिन K रक्त के थक्के जमने के लिए आवश्यक है। यह यकृत में कुछ महत्वपूर्ण स्कंदन कारकों (जैसे प्रोथ्रोम्बिन और कारक VII, IX, X) के संश्लेषण के लिए एक आवश्यक कोएंजाइम है। इसकी कमी से रक्तस्राव की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। विटामिन A दृष्टि और प्रतिरक्षा, विटामिन E एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, और विटामिन B12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका कार्य के लिए महत्वपूर्ण है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  28. निम्नलिखित में से कौन एक वायरस जनित रोग है?

    • (a) हैजा
    • (b) टाइफाइड
    • (c) खसरा
    • (d) क्षय रोग (Tuberculosis)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): संक्रामक रोग विभिन्न प्रकार के सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी के कारण होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): खसरा (Measles) एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो खसरा वायरस के कारण होता है। यह बुखार, खांसी, बहती नाक, लाल आँखें और एक विशिष्ट दाने का कारण बनता है। हैजा और टाइफाइड बैक्टीरिया जनित रोग हैं, जबकि क्षय रोग (टीबी) भी एक बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस) के कारण होता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  29. ध्वनि की तीव्रता को मापने के लिए किस इकाई का उपयोग किया जाता है?

    • (a) डेसिबल
    • (b) हर्ट्ज
    • (c) ओम
    • (d) वोल्ट

    उत्तर: (a)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ध्वनि एक तरंग है और इसकी विभिन्न विशेषताओं को मापने के लिए विशिष्ट इकाइयों का उपयोग किया जाता है, जैसे तीव्रता, आवृत्ति और पिच।

    व्याख्या (Explanation): ध्वनि की तीव्रता या प्रबलता को मापने के लिए डेसिबल (dB) इकाई का उपयोग किया जाता है। हर्ट्ज (Hz) आवृत्ति की इकाई है, जो प्रति सेकंड कंपन की संख्या को दर्शाती है। ओम (Ω) विद्युत प्रतिरोध की इकाई है, और वोल्ट (V) विद्युत विभव या विभव अंतर की इकाई है।

    अतः, सही उत्तर (a) है।

  30. कोशिका का ‘पावरहाउस’ किसे कहा जाता है?

    • (a) केंद्रक (Nucleus)
    • (b) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
    • (c) राइबोसोम (Ribosome)
    • (d) लाइसोसोम (Lysosome)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कोशिकाएं जीवन की मूलभूत संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाइयाँ हैं, जिनमें विभिन्न अंगक (organelles) विशिष्ट कार्य करते हैं।

    व्याख्या (Explanation): माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ‘पावरहाउस’ कहा जाता है क्योंकि वे कोशिकीय श्वसन की प्रक्रिया के माध्यम से एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) के रूप में अधिकांश कोशिका की ऊर्जा का उत्पादन करते हैं। एटीपी वह ऊर्जा मुद्रा है जिसका उपयोग कोशिकाएं अपनी विभिन्न गतिविधियों के लिए करती हैं। केंद्रक कोशिका की आनुवंशिक सामग्री को संग्रहीत करता है और कोशिका गतिविधियों को नियंत्रित करता है। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण के स्थल हैं। लाइसोसोम कोशिका के अपशिष्ट निपटान इकाइयों के रूप में कार्य करते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

Leave a Comment