सामान्य विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी तैयारी को परखें
परिचय:** प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य विज्ञान का खंड सफलता की कुंजी होता है। भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के सिद्धांतों की गहरी समझ न केवल आपको उच्च अंक दिलाती है, बल्कि आपकी तार्किक क्षमता को भी निखारती है। इस खंड में, हमने आपके लिए 25 उच्च-गुणवत्ता वाले बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) तैयार किए हैं, जो आपकी परीक्षा की तैयारी को परखने और उसे मजबूत करने में मदद करेंगे। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल और वैज्ञानिक स्पष्टीकरण दिया गया है, ताकि आप अवधारणाओं को गहराई से समझ सकें। अपनी तैयारी को परखने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इन प्रश्नों को हल करें!
सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)
-
निम्नलिखित में से कौन-सी भौतिक राशि की SI इकाई ‘कैंडेला’ है?
- (a) बल (Force)
- (b) द्रव्यमान (Mass)
- (c) ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity)
- (d) विद्युत धारा (Electric Current)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली की इकाइयाँ (SI Units) मूलभूत भौतिक राशियों को मापने के लिए मानक इकाइयाँ हैं।
व्याख्या (Explanation): कैंडेला (cd) अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (SI) में ज्योति तीव्रता की मूल इकाई है। यह किसी निश्चित दिशा में एक प्रकाश स्रोत द्वारा उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता को मापती है। बल की इकाई न्यूटन (N), द्रव्यमान की किलोग्राम (kg) और विद्युत धारा की एम्पीयर (A) है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
रॉकेट किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
- (a) ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy)
- (b) संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum)
- (c) द्रव्यमान संरक्षण (Conservation of Mass)
- (d) बर्नौली का सिद्धांत (Bernoulli’s Principle)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): न्यूटन का तीसरा गति का नियम (प्रत्येक क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है) और संवेग संरक्षण का सिद्धांत।
व्याख्या (Explanation): रॉकेट संवेग संरक्षण के सिद्धांत पर कार्य करता है। रॉकेट से तीव्र गति से गर्म गैसें नीचे की ओर निकलती हैं (क्रिया), जिसके परिणामस्वरूप रॉकेट पर ऊपर की ओर एक समान और विपरीत बल (प्रतिक्रिया) लगता है, जिससे रॉकेट गति करता है। कुल संवेग (रॉकेट + निष्कासित गैसों का) संरक्षित रहता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
विद्युत परिपथों में ‘फ्यूज’ का क्या कार्य है?
- (a) वोल्टेज बढ़ाना (To increase voltage)
- (b) धारा को नियंत्रित करना (To control current)
- (c) अतिभारण और लघु-परिपथन से सुरक्षा (Protection from overloading and short-circuiting)
- (d) विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा ऊर्जा में बदलना (To convert electrical energy to heat energy)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण है जो विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर काम करता है।
व्याख्या (Explanation): फ्यूज विद्युत परिपथों में एक सुरक्षा उपकरण के रूप में कार्य करता है। जब परिपथ में अत्यधिक विद्युत धारा प्रवाहित होती है (अतिभारण या लघु-परिपथन के कारण), तो फ्यूज तार पिघल जाता है और परिपथ को तोड़ देता है, जिससे उपकरणों को क्षति होने या आग लगने से बचाया जा सके।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण (rear-view mirror) के रूप में किस दर्पण का उपयोग किया जाता है?
- (a) समतल दर्पण (Plane mirror)
- (b) उत्तल दर्पण (Convex mirror)
- (c) अवतल दर्पण (Concave mirror)
- (d) परवलयिक दर्पण (Parabolic mirror)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): उत्तल दर्पण हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, साथ ही इसका दृष्टि क्षेत्र (field of view) भी बहुत बड़ा होता है।
व्याख्या (Explanation): उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किया जाता है क्योंकि यह हमेशा सीधा, छोटा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ड्राइवर को अपने पीछे के बड़े क्षेत्र को देखने में मदद करता है, जिससे सुरक्षित ड्राइविंग संभव होती है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
तारों के टिमटिमाते हुए दिखाई देने का क्या कारण है?
- (a) प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of light)
- (b) प्रकाश का परावर्तन (Reflection of light)
- (c) प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of light)
- (d) प्रकाश का विवर्तन (Diffraction of light)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): वायुमंडल की विभिन्न घनत्व वाली परतों द्वारा प्रकाश का लगातार मुड़ना।
व्याख्या (Explanation): तारे वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं। पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतें अलग-अलग घनत्व की होती हैं और लगातार बदलती रहती हैं। जब तारों से प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो यह लगातार अपवर्तित होता रहता है, जिससे तारे की आभासी स्थिति बदलती रहती है और वे टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
शक्ति (Power) की SI इकाई क्या है?
- (a) जूल (Joule)
- (b) वाट (Watt)
- (c) पास्कल (Pascal)
- (d) न्यूटन (Newton)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): शक्ति कार्य करने की दर या ऊर्जा हस्तांतरण की दर है।
व्याख्या (Explanation): शक्ति (P) को कार्य (W) प्रति इकाई समय (t) के रूप में परिभाषित किया जाता है (P = W/t)। इसकी SI इकाई वाट (W) है, जो 1 जूल प्रति सेकंड के बराबर है। जूल कार्य या ऊर्जा की इकाई है, पास्कल दबाव की इकाई है, और न्यूटन बल की इकाई है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
एक पनबिजली संयंत्र (hydroelectric power plant) किस ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है?
- (a) रासायनिक ऊर्जा (Chemical energy)
- (b) तापीय ऊर्जा (Thermal energy)
- (c) यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical energy)
- (d) ध्वनि ऊर्जा (Sound energy)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ऊर्जा संरक्षण का नियम और ऊर्जा के रूपान्तरण का सिद्धांत।
व्याख्या (Explanation): एक पनबिजली संयंत्र में, ऊँचाई पर जमा पानी की स्थितिज ऊर्जा को टर्बाइनों के माध्यम से गतिज ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। यह गतिज ऊर्जा टर्बाइन को घुमाती है, जिससे यांत्रिक ऊर्जा उत्पन्न होती है। यह यांत्रिक ऊर्जा फिर जनरेटर द्वारा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित की जाती है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
यदि किसी वस्तु के वेग को दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा (kinetic energy) में क्या परिवर्तन होगा?
- (a) दोगुनी हो जाएगी (Doubles)
- (b) आधी हो जाएगी (Halves)
- (c) चौगुनी हो जाएगी (Quadruples)
- (d) एक-चौथाई हो जाएगी (Becomes one-fourth)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): गतिज ऊर्जा का सूत्र KE = 1/2 mv² होता है।
व्याख्या (Explanation): गतिज ऊर्जा का सूत्र KE = 1/2 mv² होता है, जहाँ ‘m’ द्रव्यमान है और ‘v’ वेग है। यदि वेग (v) को दोगुना (2v) कर दिया जाए, तो नई गतिज ऊर्जा KE’ = 1/2 m(2v)² = 1/2 m(4v²) = 4 * (1/2 mv²) = 4 * KE हो जाएगी। इस प्रकार, गतिज ऊर्जा चौगुनी हो जाएगी।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
ध्वनि तरंगें किस प्रकार की तरंगों का उदाहरण हैं?
- (a) अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse waves)
- (b) अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal waves)
- (c) विद्युतचुंबकीय तरंगें (Electromagnetic waves)
- (d) रेडियो तरंगें (Radio waves)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): तरंगों का वर्गीकरण माध्यम के कणों के दोलन की दिशा के आधार पर।
व्याख्या (Explanation): ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं। अनुदैर्ध्य तरंगों में, माध्यम के कण तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर दोलन करते हैं, जिससे संपीड़न और विरलन उत्पन्न होते हैं। अनुप्रस्थ तरंगों में, कण संचरण की दिशा के लंबवत दोलन करते हैं (जैसे प्रकाश तरंगें)।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
ओजोन परत के क्षरण के लिए मुख्य रूप से कौन-सी गैस जिम्मेदार है?
- (a) कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide)
- (b) मीथेन (Methane)
- (c) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (Chlorofluorocarbons – CFCs)
- (d) नाइट्रोजन ऑक्साइड (Nitrogen Oxides)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ओजोन परत समताप मंडल में मौजूद एक सुरक्षात्मक परत है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरणों को अवशोषित करती है।
व्याख्या (Explanation): क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) ओजोन परत के क्षरण के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार रासायनिक यौगिक हैं। ये यौगिक रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और एयरोसोल स्प्रे में उपयोग किए जाते थे। जब ये ऊपरी वायुमंडल में पहुँचते हैं, तो UV प्रकाश द्वारा टूट जाते हैं और क्लोरीन परमाणु छोड़ते हैं, जो ओजोन अणुओं को नष्ट कर देते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
जल शुद्धिकरण के लिए आमतौर पर उपयोग किया जाने वाला कीटाणुनाशक कौन सा है?
- (a) फ्लोरीन (Fluorine)
- (b) आयोडीन (Iodine)
- (c) क्लोरीन (Chlorine)
- (d) ब्रोमीन (Bromine)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): क्लोरीन एक प्रभावी ऑक्सीकरण एजेंट है जो सूक्ष्मजीवों को मारता है।
व्याख्या (Explanation): क्लोरीन का उपयोग व्यापक रूप से जल शुद्धिकरण के लिए कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है। यह पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को प्रभावी ढंग से मारता है, जिससे पानी पीने योग्य बनता है। क्लोरीन गैस, सोडियम हाइपोक्लोराइट या कैल्शियम हाइपोक्लोराइट के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
धावन सोड़ा (Washing Soda) का रासायनिक सूत्र क्या है?
- (a) NaOH
- (b) NaHCO₃
- (c) Na₂CO₃·10H₂O
- (d) NaCl
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रासायनिक यौगिकों के सामान्य नाम और उनके रासायनिक सूत्र।
व्याख्या (Explanation): धावन सोड़ा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है और इसका सूत्र Na₂CO₃·10H₂O है। यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक रसायन है जिसका उपयोग सफाई एजेंट के रूप में, काँच और कागज उद्योग में किया जाता है। NaOH कास्टिक सोड़ा है, NaHCO₃ बेकिंग सोड़ा है, और NaCl साधारण नमक है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
चींटी के डंक में कौन सा अम्ल मौजूद होता है?
- (a) साइट्रिक अम्ल (Citric Acid)
- (b) लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid)
- (c) फॉर्मिक अम्ल (Formic Acid)
- (d) टार्टरिक अम्ल (Tartaric Acid)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों में पाए जाने वाले कार्बनिक अम्ल।
व्याख्या (Explanation): चींटी के डंक में फॉर्मिक अम्ल (मेथनोइक अम्ल) होता है। जब चींटी काटती है, तो यह अम्ल त्वचा में छोड़ती है, जिससे जलन और दर्द होता है। साइट्रिक अम्ल खट्टे फलों में, लैक्टिक अम्ल दही में और टार्टरिक अम्ल इमली में पाया जाता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में किसी पदार्थ के परिवर्तन की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
- (a) वाष्पीकरण (Evaporation)
- (b) संघनन (Condensation)
- (c) ऊर्ध्वपातन (Sublimation)
- (d) गलन (Melting)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पदार्थ की अवस्थाओं में परिवर्तन की प्रक्रियाएँ।
व्याख्या (Explanation): ऊर्ध्वपातन (Sublimation) वह प्रक्रिया है जिसमें एक पदार्थ ठोस अवस्था से सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है, बिना तरल अवस्था से गुजरे। इसके सामान्य उदाहरणों में शुष्क बर्फ (ठोस CO₂) और कपूर शामिल हैं। वाष्पीकरण तरल से गैस में, संघनन गैस से तरल में और गलन ठोस से तरल में परिवर्तन है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
पृथ्वी की भूपर्पटी (अर्थ क्रस्ट) में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व कौन सा है?
- (a) सिलिकॉन (Silicon)
- (b) एल्युमीनियम (Aluminium)
- (c) ऑक्सीजन (Oxygen)
- (d) लोहा (Iron)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पृथ्वी की संरचना और उसमें तत्वों की सापेक्षिक प्रचुरता।
व्याख्या (Explanation): पृथ्वी की भूपर्पटी में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व ऑक्सीजन है, जो लगभग 46.6% भार से मौजूद है। इसके बाद सिलिकॉन (27.7%), एल्युमीनियम (8.1%) और लोहा (5%) का स्थान आता है। ऑक्सीजन मुख्य रूप से सिलिकेट खनिजों के रूप में मौजूद है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
कमरे के तापमान पर कौन सी धातु द्रव अवस्था में पाई जाती है?
- (a) सोडियम (Sodium)
- (b) पारा (Mercury)
- (c) तांबा (Copper)
- (d) चांदी (Silver)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): धातुओं के भौतिक गुण, विशेष रूप से गलनांक।
व्याख्या (Explanation): पारा (Mercury), जिसका रासायनिक प्रतीक Hg है, एकमात्र ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान (लगभग 25°C) पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। इसका गलनांक बहुत कम होता है (-38.83°C)। इसी कारण इसका उपयोग थर्मामीटर और बैरोमीटर में किया जाता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
- (a) क्रोमीकरण (Chromium plating)
- (b) गैल्वनीकरण (Galvanization)
- (c) एनोडीकरण (Anodizing)
- (d) विद्युत लेपन (Electroplating)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): धातुओं के संक्षारण को रोकने के तरीके।
व्याख्या (Explanation): लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को गैल्वनीकरण कहते हैं। जिंक लोहे की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होता है, और यह ऑक्सीजन व नमी के संपर्क में आकर खुद का बलिदान करके लोहे को जंग लगने से बचाता है (बलिदानी सुरक्षा)।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
निम्नलिखित में से कौन एक प्रबल अम्ल (Strong Acid) का उदाहरण है?
- (a) एसिटिक अम्ल (Acetic Acid)
- (b) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Hydrochloric Acid)
- (c) कार्बोनिक अम्ल (Carbonic Acid)
- (d) साइट्रिक अम्ल (Citric Acid)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अम्लों को उनकी जल में आयनीकरण की सीमा के आधार पर प्रबल या दुर्बल के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): प्रबल अम्ल वे होते हैं जो जलीय विलयन में लगभग पूरी तरह से आयनीकृत हो जाते हैं, जिससे उच्च सांद्रता में हाइड्रोजन आयन (H⁺) उत्पन्न होते हैं। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl), सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄), और नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) प्रबल अम्लों के उदाहरण हैं। एसिटिक अम्ल, कार्बोनिक अम्ल और साइट्रिक अम्ल दुर्बल अम्ल हैं क्योंकि वे जल में पूरी तरह से आयनीकृत नहीं होते।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
कोशिका का ‘पावरहाउस’ (Powerhouse of the Cell) किसे कहा जाता है?
- (a) नाभिक (Nucleus)
- (b) राइबोसोम (Ribosome)
- (c) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
- (d) लाइसोसोम (Lysosome)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कोशिकांगों के विशिष्ट कार्य।
व्याख्या (Explanation): माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ‘पावरहाउस’ कहा जाता है क्योंकि ये कोशिकीय श्वसन की प्रक्रिया के माध्यम से एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) के रूप में अधिकांश ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। ATP कोशिका की विभिन्न गतिविधियों के लिए ऊर्जा मुद्रा है। नाभिक आनुवंशिक सामग्री को संग्रहीत करता है, राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण करते हैं, और लाइसोसोम अपशिष्ट निपटान में शामिल होते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
किस विटामिन की कमी से रिकेट्स (Rickets) रोग होता है?
- (a) विटामिन A (Vitamin A)
- (b) विटामिन B (Vitamin B)
- (c) विटामिन C (Vitamin C)
- (d) विटामिन D (Vitamin D)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विभिन्न विटामिनों की कमी से होने वाले रोग।
व्याख्या (Explanation): रिकेट्स बच्चों में होने वाला एक रोग है जो विटामिन D की कमी के कारण होता है। यह हड्डियों को कमजोर और नरम कर देता है, जिससे हड्डियां मुड़ सकती हैं या आसानी से टूट सकती हैं। विटामिन D कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण के लिए आवश्यक है, जो स्वस्थ हड्डियों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अतः, सही उत्तर (d) है।
-
पौधे का वह कौन सा भाग है जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है?
- (a) जड़ (Root)
- (b) तना (Stem)
- (c) पत्तियां (Leaves)
- (d) फूल (Flower)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके अपना भोजन बनाते हैं।
व्याख्या (Explanation): पत्तियां पौधे का मुख्य भाग हैं जहाँ प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया होती है। पत्तियों में क्लोरोप्लास्ट नामक संरचनाएं होती हैं जिनमें क्लोरोफिल नामक हरा वर्णक होता है। क्लोरोफिल सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को अवशोषित करता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन में बदलने के लिए उपयोग किया जाता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
मानव रक्त में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) का मुख्य कार्य क्या है?
- (a) रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करना (Providing immunity)
- (b) रक्त का थक्का जमाना (Blood clotting)
- (c) ऑक्सीजन का परिवहन करना (Transporting oxygen)
- (d) हार्मोन का उत्पादन करना (Producing hormones)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रक्त के घटकों और उनके कार्य।
व्याख्या (Explanation): हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) में पाया जाने वाला एक लौह-युक्त प्रोटीन है। इसका मुख्य कार्य फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न ऊतकों तक पहुँचाना और ऊतकों से कार्बन डाइऑक्साइड को वापस फेफड़ों तक ले जाना है ताकि उसे बाहर निकाला जा सके।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
निम्नलिखित में से कौन सा रोग वायरस (Virus) के कारण होता है?
- (a) हैजा (Cholera)
- (b) टाइफाइड (Typhoid)
- (c) सामान्य जुकाम (Common Cold)
- (d) तपेदिक (Tuberculosis)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रोगों का वर्गीकरण उनके कारक एजेंट (बैक्टीरिया, वायरस, कवक आदि) के आधार पर।
व्याख्या (Explanation): सामान्य जुकाम (Common Cold) राइनोवायरस जैसे विभिन्न प्रकार के वायरस के कारण होता है। हैजा और टाइफाइड बैक्टीरिया (विब्रियो कोलेरी और साल्मोनेला टाइफी) के कारण होते हैं, जबकि तपेदिक भी बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस) के कारण होता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
फूल का कौन सा भाग निषेचन (fertilization) के बाद फल में विकसित होता है?
- (a) अंडाशय (Ovary)
- (b) वर्तिकाग्र (Stigma)
- (c) परागकोश (Anther)
- (d) पंखुड़ी (Petal)
उत्तर: (a)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पौधों में लैंगिक प्रजनन और फल का विकास।
व्याख्या (Explanation): निषेचन के बाद, फूल का अंडाशय (Ovary) परिपक्व होकर फल में विकसित होता है। अंडाशय के अंदर के बीजांड (Ovules) बीज में विकसित होते हैं। वर्तिकाग्र पराग प्राप्त करता है, परागकोश पराग कणों का उत्पादन करता है, और पंखुड़ियाँ परागणकों को आकर्षित करती हैं।
अतः, सही उत्तर (a) है।
-
किस रक्त समूह को ‘सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता’ (Universal Recipient) के रूप में जाना जाता है?
- (a) A+
- (b) B+
- (c) AB+
- (d) O-
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ABO और Rh रक्त समूह प्रणाली।
व्याख्या (Explanation): रक्त समूह AB+ को ‘सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता’ कहा जाता है क्योंकि इसमें लाल रक्त कोशिकाओं पर A और B दोनों एंटीजन होते हैं और प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती है। इसका मतलब है कि AB+ व्यक्ति A, B, AB, और O सभी रक्त समूहों से रक्त प्राप्त कर सकता है (Rh कारक के अनुकूलता के साथ)। O- को ‘सार्वभौमिक दाता’ कहा जाता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।