सामान्य विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी तैयारी को परखें
परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, Railways, और State PSCs में सामान्य विज्ञान एक महत्वपूर्ण खंड है। यह न केवल आपके वैज्ञानिक ज्ञान का परीक्षण करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि आप अपने आस-पास की दुनिया को कितनी अच्छी तरह समझते हैं। इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के सिद्धांतों की गहरी समझ और उनका निरंतर अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। इस पोस्ट में, हमने आपके अभ्यास के लिए 25 उच्च-गुणवत्ता वाले बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) संकलित किए हैं, जो आपको अपनी तैयारी का आकलन करने और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को मजबूत करने में मदद करेंगे। इन प्रश्नों का अभ्यास करें और अपनी विज्ञान यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं!
सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)
-
हीरे की असाधारण चमक किस प्रकाशीय घटना के कारण होती है?
- (a) परावर्तन (Reflection)
- (b) अपवर्तन (Refraction)
- (c) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)
- (d) विवर्तन (Diffraction)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR) एक प्रकाशीय घटना है जो तब घटित होती है जब प्रकाश एक सघन माध्यम (जैसे हीरा) से एक विरल माध्यम (जैसे हवा) में जाता है और आपतन कोण (angle of incidence) क्रांतिक कोण (critical angle) से अधिक होता है। इस स्थिति में, प्रकाश परावर्तित होकर उसी सघन माध्यम में वापस लौट आता है, जिससे अत्यधिक चमक उत्पन्न होती है।
व्याख्या (Explanation): हीरे का अपवर्तनांक (refractive index) बहुत अधिक (लगभग 2.42) होता है, जिसके कारण इसका क्रांतिक कोण (लगभग 24.4 डिग्री) बहुत छोटा होता है। जब हीरे को विशेष कोणों पर काटा जाता है, तो प्रकाश इसके अंदर कई बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन करता है, जिससे यह बाहर निकलने से पहले कई बार परावर्तित होता है और इसकी असाधारण चमक और जगमगाहट (sparkle) बढ़ जाती है। अन्य विकल्प जैसे परावर्तन, अपवर्तन या विवर्तन हीरे की चमक में योगदान करते हैं, लेकिन प्राथमिक कारण पूर्ण आंतरिक परावर्तन ही है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
निम्नलिखित में से कौन-सा एक कार्बन का अपररूप (allotrope) नहीं है?
- (a) हीरा (Diamond)
- (b) ग्रेफाइट (Graphite)
- (c) फुलरिन (Fullerene)
- (d) सिलिकॉन कार्बाइड (Silicon Carbide)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) कार्बन का अपररूप नहीं है। यह सिलिकॉन और कार्बन का एक यौगिक है। अपररूप किसी तत्व के विभिन्न रूप होते हैं जो भौतिक रूप से भिन्न होते हैं लेकिन रासायनिक रूप से समान होते हैं। हीरा, ग्रेफाइट और फुलरिन (जैसे बकमिंस्टरफुलरिन, C60) सभी कार्बन के ज्ञात अपररूप हैं, जिनमें कार्बन परमाणु विभिन्न संरचनाओं में व्यवस्थित होते हैं।
-
मानव शरीर में कौन-सा तत्व सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और सभी जैविक अणुओं का मूल आधार है?
- (a) ऑक्सीजन (Oxygen)
- (b) कार्बन (Carbon)
- (c) हाइड्रोजन (Hydrogen)
- (d) नाइट्रोजन (Nitrogen)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
कार्बन वह तत्व है जो सभी जैविक अणुओं जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड और न्यूक्लिक एसिड का मूल आधार बनाता है। इसकी विशिष्ट श्रृंखलन (catenation) क्षमता और चार सहसंयोजक बंध बनाने की क्षमता इसे जटिल और स्थिर कार्बनिक यौगिकों के निर्माण के लिए आदर्श बनाती है। ऑक्सीजन भी प्रचुर मात्रा में होता है, लेकिन कार्बन को ‘जीवन का तत्व’ माना जाता है क्योंकि यह सभी कार्बनिक पदार्थों की संरचना में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
-
मोहली स्केल (Mohs scale) पर हीरे की कठोरता का मान क्या है?
- (a) 7
- (b) 8
- (c) 9
- (d) 10
उत्तर: (d)
हल (Solution):
मोहली कठोरता स्केल (Mohs scale of hardness) खनिजों की कठोरता को मापने का एक गुणात्मक स्केल है। इस स्केल पर हीरा सबसे कठोर ज्ञात प्राकृतिक खनिज है, और इसे 10 का मान दिया गया है। इसका मतलब है कि हीरा स्केल पर किसी भी अन्य खनिज को खरोंच सकता है।
-
हीरे को विद्युत का कुचालक क्यों माना जाता है?
- (a) इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- (b) इसके सभी संयोजी इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंधों में बंधे होते हैं।
- (c) इसकी क्रिस्टल जालक संरचना होती है।
- (d) यह बहुत कठोर होता है।
उत्तर: (b)
हल (Solution):
हीरे में, प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से मजबूत सहसंयोजक बंधों द्वारा जुड़ा होता है, जो एक टेट्राहेड्रल (चतुष्फलकीय) संरचना बनाते हैं। इस व्यवस्था में, कार्बन के सभी संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में भाग लेते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होता है। मुक्त इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति के कारण, हीरा विद्युत धारा का संचालन नहीं कर पाता और एक कुचालक (इंसुलेटर) के रूप में कार्य करता है। इसके विपरीत, ग्रेफाइट में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे वह विद्युत का सुचालक होता है।
-
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में पौधे वायुमंडल से किस कार्बन-युक्त गैस का उपयोग करते हैं?
- (a) कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide)
- (b) कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide)
- (c) मीथेन (Methane)
- (d) ईथेन (Ethane)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और पानी (H2O) से ग्लूकोज (एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट) और ऑक्सीजन (O2) का निर्माण करते हैं। इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड पौधों द्वारा ग्रहण की जाने वाली प्रमुख कार्बन-युक्त गैस है, जो उनके विकास और ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक है।
-
निम्नलिखित में से कौन-सा गुण हीरे में उच्च अपवर्तनांक का परिणाम है?
- (a) इसकी उच्च कठोरता
- (b) इसकी उत्कृष्ट तापीय चालकता
- (c) इसकी चमक और “आग” (अनेक रंगों में चमकना)
- (d) इसका विद्युत कुचालक होना
उत्तर: (c)
हल (Solution):
हीरे का उच्च अपवर्तनांक (Refractive Index) और उच्च प्रकीर्णन (Dispersion) क्षमता ही उसकी अद्वितीय चमक और “आग” (fire) या “इंद्रधनुषी प्रभाव” का मुख्य कारण है। उच्च अपवर्तनांक के कारण प्रकाश हीरे में प्रवेश करते ही बहुत अधिक मुड़ता है (अपवर्तित होता है)। साथ ही, विभिन्न तरंग दैर्ध्य (रंगों) के प्रकाश के लिए इसका अपवर्तनांक थोड़ा भिन्न होता है (प्रकीर्णन), जिससे सफेद प्रकाश अपने घटक रंगों में टूट जाता है, जिससे हमें अनेक रंग दिखाई देते हैं। यह घटना ही हीरे की चमक और रंगों की छटा प्रदान करती है।
-
कार्बन का कौन-सा अपररूप सबसे अधिक स्थिर है और उच्च दाब व तापमान पर हीरे में परिवर्तित हो सकता है?
- (a) ग्रेफाइट (Graphite)
- (b) फुलरिन (Fullerene)
- (c) कार्बन नैनोट्यूब (Carbon Nanotubes)
- (d) एमोर्फस कार्बन (Amorphous Carbon)
उत्तर: (a)
हल (Solution):
ग्रेफाइट कार्बन का सबसे स्थिर अपररूप है जो सामान्य परिस्थितियों में पाया जाता है। उच्च दाब (लगभग 5.5 गीगापास्कल या 55000 वायुमंडलीय दाब) और उच्च तापमान (लगभग 1500°C) की स्थितियों में, ग्रेफाइट को उत्प्रेरक (catalyst) की उपस्थिति में हीरे में परिवर्तित किया जा सकता है। यह प्रक्रिया ही सिंथेटिक हीरे बनाने का आधार है।
-
निम्नलिखित में से कौन-सा जीव विज्ञान में कार्बन चक्र का हिस्सा नहीं है?
- (a) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
- (b) श्वसन (Respiration)
- (c) वाष्पीकरण (Evaporation)
- (d) अपघटन (Decomposition)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
कार्बन चक्र वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कार्बन पृथ्वी के वायुमंडल, महासागरों, जीवित जीवों और भूगर्भिक भंडार के बीच घूमता है। प्रकाश संश्लेषण, श्वसन और अपघटन सभी जैविक प्रक्रियाएं हैं जो कार्बन चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वाष्पीकरण (पानी का गैसीय अवस्था में बदलना) जल चक्र का हिस्सा है, न कि कार्बन चक्र का।
-
हीरे का उपयोग काटने और पीसने वाले औजारों में क्यों किया जाता है?
- (a) इसकी पारदर्शिता के कारण
- (b) इसकी रासायनिक निष्क्रियता के कारण
- (c) इसकी अत्यधिक कठोरता के कारण
- (d) इसकी उच्च अपवर्तनांक के कारण
उत्तर: (c)
हल (Solution):
हीरा पृथ्वी पर सबसे कठोर ज्ञात प्राकृतिक पदार्थ है। इसकी असाधारण कठोरता के कारण, यह अन्य सामग्रियों को आसानी से काट और पीस सकता है। इसलिए, इसका व्यापक रूप से औद्योगिक अनुप्रयोगों जैसे ड्रिल बिट्स, कटिंग टूल्स और पॉलिशिंग एजेंटों में उपयोग किया जाता है।
-
जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है तो उसकी चाल में परिवर्तन के कारण क्या होता है?
- (a) परावर्तन (Reflection)
- (b) अपवर्तन (Refraction)
- (c) विवर्तन (Diffraction)
- (d) प्रकीर्णन (Scattering)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है जहाँ उसकी चाल बदल जाती है, तो वह अपने पथ से मुड़ जाता है। प्रकाश के इस मुड़ने की घटना को अपवर्तन (Refraction) कहते हैं। यह घटना अपवर्तनांक (refractive index) से संबंधित है, जो बताता है कि प्रकाश किसी दिए गए माध्यम में कितनी धीमी गति से यात्रा करता है।
-
कोशिका के स्तर पर, कार्बोहाइड्रेट, लिपिड और प्रोटीन जैसे मैक्रोमोलेक्यूल्स के निर्माण के लिए कौन-सा तत्व महत्वपूर्ण है?
- (a) कैल्शियम (Calcium)
- (b) फास्फोरस (Phosphorus)
- (c) कार्बन (Carbon)
- (d) सल्फर (Sulfur)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
कार्बन जैविक मैक्रोमोलेक्यूल्स (जैसे कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, प्रोटीन और न्यूक्लिक एसिड) के लिए मुख्य संरचनात्मक तत्व है। कार्बन परमाणु एक लंबी और स्थिर श्रृंखला बनाने की अद्वितीय क्षमता रखते हैं, जिससे जीवन के लिए आवश्यक विविध और जटिल अणु बन पाते हैं। इन मैक्रोमोलेक्यूल्स का “कार्बन कंकाल” ही उनकी संरचना और कार्य का आधार होता है।
-
निम्नलिखित में से कौन-सा गुण हीरे को उत्कृष्ट ऊष्मा चालक (good thermal conductor) बनाता है?
- (a) इसकी पारदर्शी प्रकृति
- (b) इसकी अत्यधिक कठोरता
- (c) इसकी मजबूत सहसंयोजक बंध संरचना
- (d) इसका उच्च अपवर्तनांक
उत्तर: (c)
हल (Solution):
हीरा अपने परमाणु जालक में परमाणुओं के बीच मजबूत सहसंयोजक बंधों के कारण एक उत्कृष्ट ऊष्मा चालक है। यह कठोर, सुव्यवस्थित जालक संरचना फोनन (phonons) नामक कंपन ऊर्जा के कुशल संचरण की अनुमति देती है, जो ऊष्मा ऊर्जा को ले जाते हैं। यही कारण है कि हीरे का उपयोग कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ऊष्मा सिंक (heat sinks) के रूप में भी किया जाता है।
-
मानव श्वसन प्रक्रिया में, कौन-सा कार्बन-युक्त यौगिक एक अपशिष्ट उत्पाद के रूप में निष्कासित होता है?
- (a) मीथेन (Methane)
- (b) कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide)
- (c) कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide)
- (d) एसिटिक एसिड (Acetic Acid)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
कोशिकीय श्वसन (cellular respiration) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीवित जीव ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ग्लूकोज जैसे कार्बनिक पदार्थों को तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया के अंत में, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और पानी (H2O) अपशिष्ट उत्पादों के रूप में उत्पन्न होते हैं। CO2 रक्तप्रवाह में अवशोषित हो जाती है और फेफड़ों के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल दी जाती है।
-
सिंथेटिक हीरे आमतौर पर किस विधि द्वारा बनाए जाते हैं?
- (a) विलेय पृथक्करण (Solvent Extraction)
- (b) उच्च दाब उच्च तापमान (High-Pressure High-Temperature – HPHT)
- (c) वैद्युत अपघटन (Electrolysis)
- (d) आसवन (Distillation)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिंथेटिक हीरे बनाने के लिए दो मुख्य विधियाँ हैं: HPHT (High-Pressure High-Temperature) और CVD (Chemical Vapor Deposition)। HPHT विधि प्राकृतिक हीरे के बनने की परिस्थितियों की नकल करती है, जिसमें ग्रेफाइट जैसे कार्बन स्रोत को अत्यंत उच्च दाब और तापमान पर उत्प्रेरक के साथ संसाधित किया जाता है ताकि इसे हीरे में परिवर्तित किया जा सके। CVD विधि में कार्बन-युक्त गैसों का उपयोग करके एक परत पर हीरा जमाया जाता है।
-
किस प्रकाशीय घटना के कारण एक पानी की बूंद में या प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का उसके घटक रंगों में विभाजन होता है?
- (a) परावर्तन (Reflection)
- (b) प्रकीर्णन (Dispersion)
- (c) व्यतिकरण (Interference)
- (d) ध्रुवीकरण (Polarization)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
श्वेत प्रकाश का उसके घटक रंगों (जैसे इंद्रधनुष में) में विभाजन प्रकीर्णन (Dispersion) नामक घटना के कारण होता है। यह तब होता है जब एक माध्यम (जैसे पानी की बूंद या प्रिज्म) का अपवर्तनांक प्रकाश की तरंग दैर्ध्य (या रंग) पर निर्भर करता है। नीले प्रकाश का अपवर्तनांक लाल प्रकाश की तुलना में थोड़ा अधिक होता है, जिससे यह अधिक मुड़ता है और इस प्रकार विभिन्न रंग अलग-अलग हो जाते हैं। हीरे की “आग” भी इसी सिद्धांत पर काम करती है।
-
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व आवर्त सारणी के समूह 14 से संबंधित है और अक्सर अपनी श्रृंखलन (catenation) क्षमता के लिए जाना जाता है?
- (a) नाइट्रोजन (Nitrogen)
- (b) ऑक्सीजन (Oxygen)
- (c) सिलिकॉन (Silicon)
- (d) कार्बन (Carbon)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
कार्बन आवर्त सारणी के समूह 14 (कार्बन परिवार) से संबंधित है। यह अपनी अद्वितीय श्रृंखलन (catenation) क्षमता के लिए जाना जाता है, जिसका अर्थ है कि कार्बन परमाणु अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ लंबी और स्थिर श्रृंखलाएं, शाखाएं या रिंग संरचनाएं बना सकते हैं। यही गुण कार्बनिक रसायन विज्ञान के विशाल क्षेत्र का आधार है, जो जीवन के सभी रूपों के लिए आवश्यक है। हालांकि सिलिकॉन भी श्रृंखलन प्रदर्शित करता है, लेकिन कार्बन की क्षमता कहीं अधिक व्यापक और स्थिर होती है।
-
DNA और RNA में, न्यूक्लियोटाइड्स के किस घटक में कार्बन-युक्त पेंटोस शुगर (ribose या deoxyribose) होता है?
- (a) नाइट्रोजनी आधार (Nitrogenous Base)
- (b) फॉस्फेट समूह (Phosphate Group)
- (c) शुगर (Sugar)
- (d) हाइड्रोजन बंध (Hydrogen Bond)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
DNA और RNA न्यूक्लियोटाइड्स से बने होते हैं, जिनमें तीन मुख्य घटक होते हैं: एक नाइट्रोजनी आधार, एक फॉस्फेट समूह और एक पेंटोस शुगर (DNA में डीऑक्सीराइबोज और RNA में राइबोज)। यह पेंटोस शुगर कार्बन परमाणुओं से बनी होती है और न्यूक्लिक एसिड की रीढ़ बनाती है।
-
हीरे को काँच से अधिक चमकने का मुख्य कारण क्या है?
- (a) काँच की तुलना में इसका उच्च घनत्व।
- (b) काँच की तुलना में इसका उच्च अपवर्तनांक।
- (c) काँच की तुलना में इसकी कम तापीय चालकता।
- (d) काँच की तुलना में इसकी नरम सतह।
उत्तर: (b)
हल (Solution):
हीरे का अपवर्तनांक (लगभग 2.42) काँच (लगभग 1.5) की तुलना में बहुत अधिक होता है। उच्च अपवर्तनांक का अर्थ है कि प्रकाश हीरे में प्रवेश करते ही अधिक मुड़ता है। साथ ही, इसका क्रांतिक कोण छोटा होता है, जिससे पूर्ण आंतरिक परावर्तन की संभावना बढ़ जाती है। इन दोनों कारकों के कारण हीरा काँच की तुलना में अधिक चमकता है और ‘आग’ (प्रकीर्णन) प्रभाव अधिक स्पष्ट होता है।
-
पृथ्वी के कार्बनिक पदार्थों और वायुमंडल में कार्बन के संचलन को क्या कहते हैं?
- (a) जल चक्र (Water Cycle)
- (b) नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle)
- (c) ऑक्सीजन चक्र (Oxygen Cycle)
- (d) कार्बन चक्र (Carbon Cycle)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
कार्बन चक्र वह जैव-भू-रासायनिक चक्र है जिसके द्वारा कार्बन परमाणु वायुमंडल, महासागरों, मिट्टी, जीवित जीवों और तलछट के बीच विभिन्न रूपों में घूमते हैं। इसमें प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, अपघटन और जीवाश्म ईंधन के दहन जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
-
ग्रेफाइट और हीरे के बीच मुख्य अंतर क्या है जिसके कारण ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक होता है, जबकि हीरा कुचालक?
- (a) ग्रेफाइट में sp3 संकरण होता है, जबकि हीरे में sp2 संकरण होता है।
- (b) ग्रेफाइट में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं, जबकि हीरे में नहीं होते।
- (c) ग्रेफाइट नरम होता है, जबकि हीरा कठोर होता है।
- (d) ग्रेफाइट की परतदार संरचना होती है, जबकि हीरे की टेट्राहेड्रल।
उत्तर: (b)
हल (Solution):
मुख्य अंतर मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति है। ग्रेफाइट में, प्रत्येक कार्बन परमाणु तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से sp2 संकरण द्वारा जुड़ा होता है, जिससे एक षटकोणीय परतदार संरचना बनती है। प्रत्येक कार्बन परमाणु में एक अतिरिक्त (चौथा) वैलेंस इलेक्ट्रॉन होता है जो इन परतों के ऊपर और नीचे विस्थानीकृत (delocalized) होता है। ये विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन विद्युत धारा का संचालन करने के लिए स्वतंत्र होते हैं, जिससे ग्रेफाइट एक अच्छा कंडक्टर बन जाता है। हीरे में, सभी चार वैलेंस इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंधों में बंधे होते हैं (sp3 संकरण), कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता, इसलिए यह कुचालक होता है। विकल्प (d) भी सही है लेकिन यह सीधे विद्युत चालकता के अंतर का कारण नहीं बताता है, बल्कि संरचना का वर्णन करता है जो चालकता को प्रभावित करता है।
-
कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़ते स्तर से पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि किस पर्यावरणीय घटना को जन्म देती है?
- (a) ओजोन परत का क्षरण (Ozone Layer Depletion)
- (b) अम्लीय वर्षा (Acid Rain)
- (c) ग्रीनहाउस प्रभाव (Greenhouse Effect)
- (d) यूट्रोफिकेशन (Eutrophication)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) एक प्रमुख ग्रीनहाउस गैस है। वायुमंडल में इसकी बढ़ती सांद्रता सूर्य से आने वाली ऊष्मा को पृथ्वी से बाहर निकलने से रोकती है, जिससे पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ जाता है। इस घटना को ग्रीनहाउस प्रभाव या ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं।
-
पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए आवश्यक शर्त क्या है?
- (a) प्रकाश को सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना चाहिए।
- (b) प्रकाश को विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाना चाहिए।
- (c) आपतन कोण क्रांतिक कोण से कम होना चाहिए।
- (d) प्रकाश सीधे सतह पर आपतित होना चाहिए।
उत्तर: (a)
हल (Solution):
पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) के लिए दो मुख्य शर्तें हैं: 1. प्रकाश को एक सघन प्रकाशीय माध्यम (जैसे पानी, कांच, हीरा) से एक विरल प्रकाशीय माध्यम (जैसे हवा) में जाना चाहिए। 2. आपतन कोण (angle of incidence) क्रांतिक कोण (critical angle) से अधिक होना चाहिए। जब ये दोनों शर्तें पूरी होती हैं, तो प्रकाश दूसरे माध्यम में अपवर्तित होने के बजाय पहले माध्यम में ही पूरी तरह से परावर्तित हो जाता है।
-
हीरे की चतुष्फलकीय (tetrahedral) संरचना में, प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक रूप से बंधा होता है?
- (a) दो
- (b) तीन
- (c) चार
- (d) पाँच
उत्तर: (c)
हल (Solution):
हीरे की क्रिस्टल संरचना में, प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से मजबूत एकल सहसंयोजक बंधों द्वारा बंधा होता है, जो एक कठोर और स्थायी त्रि-आयामी चतुष्फलकीय जालक बनाते हैं। यही संरचना हीरे को उसकी असाधारण कठोरता और स्थिरता प्रदान करती है।
-
जैव-अणुओं में से कौन सा कार्बन-आधारित अणुओं की लंबी श्रृंखलाओं से बना होता है, जिन्हें एमिनो एसिड कहते हैं?
- (a) कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates)
- (b) लिपिड (Lipids)
- (c) प्रोटीन (Proteins)
- (d) न्यूक्लिक एसिड (Nucleic Acids)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
प्रोटीन कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से बने जटिल जैव-अणु होते हैं। वे एमिनो एसिड नामक छोटे कार्बन-आधारित बिल्डिंग ब्लॉक्स की लंबी श्रृंखलाओं से बने होते हैं, जो पेप्टाइड बंधों द्वारा एक साथ जुड़े होते हैं। प्रोटीन शरीर में विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं, जिनमें संरचनात्मक समर्थन, एंजाइमैटिक प्रतिक्रियाएं और परिवहन शामिल हैं।